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प्रदूषण रोकने के लिए पटना प्रशासन सख्त, बड़े संस्थानों पर नई जिम्मेदारी

 पटना बिहार की राजधानी पटना में बढ़ते वायु प्रदूषण और गंदगी को कंट्रोल करने के लिए प्रशासन ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अगर आप भी अब तक घर या मोहल्ले का कचरा सड़क किनारे, किसी खाली प्लॉट में खुले में फेंक देते थे या फिर उसे एक जगह इकट्ठा कर आग लगा देते थे, तो अब आपको सावधान होने की जरूरत है। पटना में अब खुले में कचरा फेंकने और उसे जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने इस संबंध में कड़े निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि इन नियमों की अनदेखी करने वालों पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ सीधे FIR भी दर्ज किया जाएगा। बड़े संस्थानों, मॉल और अपार्टमेंट्स पर कसेगा शिकंजा प्रदूषण नियंत्रण पर्षद का यह नया आदेश विशेष रूप से बड़े कचरा उत्पादकों को ध्यान में रखकर लागू किया गया है। नए नियमों के तहत शहर के बड़े शॉपिंग मॉल, व्यावसायिक संस्थान, और बड़े आवासीय अपार्टमेंट्स अब अपना कचरा यूं ही खुले में या केवल नगर निगम के भरोसे नहीं छोड़ सकेंगे। इन सभी बड़े संस्थानों को अनिवार्य रूप से अपने स्तर पर ही कचरे का वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोज करना होगा। कचरे को अलग-अलग कर उसे डिस्पोज करने की पूरी जिम्मेदारी अब खुद संस्थानों की होगी, जिससे शहर की सड़कों पर कचरे का अंबार न लगे। ईपीआर प्रमाण पत्र लेना जरूरी इस नई और सख्त व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए पर्षद ने सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को भी अनिवार्य कर दिया है। अब कचरा प्रबंधन के तहत सभी बड़े संस्थानों, मॉल्स और अपार्टमेंट्स को संबंधित स्थानीय निकाय (जैसे- पटना नगर निगम) से ईपीआर (Extended Producer Responsibility) प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। जिन संस्थानों के पास कचरा निस्तारण का उचित प्रबंध और यह ईपीआर सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त पटना की दिशा में बड़ा कदम बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारियों ने इसे 'स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त पटना' बनाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम बताया है। अक्सर देखा जाता है कि ठंड के मौसम में लोग जगह-जगह कचरा जलाते हैं, जिससे निकलने वाला जहरीला धुआं शहर के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को खतरनाक स्तर पर पहुंचा देता है। इस नई सख्ती से शहर की आबोहवा में सुधार होने की पूरी उम्मीद है।

दिल्ली को मिलेगा नया मेडिकल कॉलेज, 250 MBBS सीटों के साथ बढ़ेगी सुविधा

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने राजधानी के हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए द्वारका में नया सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल परिसर में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और हॉस्टल निर्माण परियोजना को मंजूरी दे दी गई। इस महत्वाकांक्षी योजना पर 805.99 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मेडिकल कॉलेज के निर्माण को वर्ष 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। सीएम रेखा गुप्ता के मुताबिक मेडिकल कॉलेज को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके बनने से हर साल 250 एमबीबीएस सीटों पर दाखिले बढ़ेंगे। 150 छात्रों के साथ शुरू की जाएगी पढ़ाई उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में 150 छात्रों के साथ पढ़ाई शुरू की जाएगी। परियोजना के पहले चरण में अकैडमिक ब्लॉक, स्टूडेंट्स के अलग हॉस्टल और फैकल्टी के लिए रेजिडेंशल ब्लॉक बनाए जाएंगे। इसके निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली को मेडिकल एजुकेशन का प्रमुख केंद्र बनाना है। 1.17 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में किया जाएगा निर्माण सीएम ने बताया कि मेडिकल कॉलेज, हॉस्टल और रेजिडेंशल ब्लॉक का निर्माण करीब 1.17 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में होगा, जिसमें बेसमेंट पार्किंग और अन्य सुविधाएं भी रहेंगी। प्रोजेक्ट में ग्रीन बिल्डिंग मानकों का पालन किया जाएगा।     परिसर में सोलर पावर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, वॉटर रीसाइक्लिंग, प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बिल्डिंग को भूकंपरोधी और दिव्यांगों के अनुकूल बनाया जाएगा।  सरकार के मुताबिक, निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। लोक निर्माण विभाग (PWD) निर्माण कार्य करेगा, जबकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग परियोजना की मॉनिटरिंग करेगा। दिल्ली को एक नया मेडिकल कॉलेज मिलने से बड़ा फायदा होगा। पहला, छात्रों के लिए MBBS की सीटों में इजाफा होगा। दूसरा, दिल्ली सरकार के अस्पतालो में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने में भी मदद मिलेगी। द्वारका के जिस इंदिरा गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल परिसर में यह कॉलेज बनेगा, वहां भी डॉक्टर्स की कमी है। इसके चलते अस्पताल पूरी क्षमता से काम नही कर रहा है। मेडिकल कॉलेज बनने, एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई शुरू होने के साथ अस्पताल को भी पूरी क्षमता के साथ चलाने में भी मदद मिलेगी। द्वारका के साथ-साथ दिल्ली के आसपास के इलाकों, बाहरी दिल्ली के इलाकों से आने वाले लोगों के लिए मेडिकल सुविधाएं बढ़ेगी।  

जशपुर का ‘वेस्ट टू बेस्ट’ इको पार्क: कबाड़ को नवाचार और संरक्षण में बदलकर बना छत्तीसगढ़ में मॉडल

​कबाड़ में जान फूंक दी जशपुर के 'वेस्ट टू बेस्ट' इको पार्क ने, नवाचार और संरक्षण का बना छत्तीसगढ़ में मॉडल ​रायपुर      ​छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले ने स्वच्छता और नवाचार की दिशा में एक अनूठी मिसाल पेश की है। जिले के दुलदुला जनपद पंचायत के समीप विकसित किया गया "इको पार्क" आज न केवल स्थानीय पर्यटन का केंद्र बना हुआ है, बल्कि "वेस्ट टू बेस्ट" (कबाड़ से जुगाड़) की अवधारणा को धरातल पर उतारने वाला एक उत्कृष्ट मॉडल भी बन गया है। अनुपयोगी और बेकार समझी जाने वाली सामग्रियों से सजी इस सुंदर संरचना ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक नई सोच जागृत की है। ​कबाड़ से तैयार हुई कलाकृतियां     ​इस पार्क की सबसे बड़ी विशेषता इसका निर्माण है। यहाँ फेंके गए पुराने टायरों, लोहे के कबाड़ और अन्य बेकार वस्तुओं का इस्तेमाल कर अत्यंत आकर्षक कलाकृतियां बनाई गई हैं। लोहे के बेकार पार्ट्स से घोड़ा, मयूर और तितली जैसी सजीव आकृतियां गढ़ी गई हैं। इसी तरह पुराने टायरों को रंग-बिरंगे झूलों में तब्दील कर दिया गया है, जो बच्चों के आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं। ​स्वास्थ्य और मनोरंजन का संगम      ​इको पार्क को केवल सजावट तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे एक संपूर्ण सामुदायिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। युवाओं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिकों के लिए आधुनिक ओपन जिम की सुविधा दी गई है। इसी तरह बच्चों के लिए झूलों और विभिन्न खेल सामग्रियों का प्रबंधन किया गया है। यह स्थान परिवारों के लिए शाम बिताने और मनोरंजन का पसंदीदा स्पॉट बनकर उभरा है। ​प्रशासन ने सराहा नवाचार, दिए हरियाली बढ़ाने के निर्देश    ​   हाल ही में जिला प्रशासन ने पार्क का बारीकी से निरीक्षण किया। कबाड़ के इस रचनात्मक उपयोग की प्रशंसा करते हुए ​परिसर में व्यापक पौधरोपण कर इसे और अधिक हरित बनाने का निर्णय लिया गया। ​नियमित साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ​आमजन के लिए सुविधाओं में निरंतर विस्तार करने के साथ यह पार्क समाज को स्वच्छता, पुनर्चक्रण (Recycling) और पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी बनने की प्रेरणा देता है।       ​स्थानीय निवासियों और विशेषज्ञों का मानना है कि दुलदुला का यह इको पार्क राज्य के अन्य विकासखंडों के लिए एक पथप्रदर्शक का कार्य करेगा। यह साबित करता है कि कम लागत और रचनात्मक सोच के साथ हम पर्यावरण संरक्षण और जन-सुविधाओं का बेहतर समन्वय कैसे कर सकते हैं।

IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस की टक्कर, प्लेइंग XI और पिच रिपोर्ट

जयपुर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का 52वां मुकाबला राजस्थान रॉयल्स (RR) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेला जाएगा। RR ने इस संस्करण 10 मुकाबले खेले हैं। 6 मैच में उसे जीत और 4 मुकाबलों में हार मिली है। GT को भी 6 मैच में जीत और 4 मुकाबलों में हार मिली है। अंक-तालिका के लिहाज से दोनों टीमों के लिए ये मैच काफी अहम है। ऐसे में आइए मुकाबले से जुड़ी सभी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। RR के खिलाफ GT का पलड़ा रहा है भारी IPL के इतिहास में दोनों टीमों के बीच 9 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान GT की टीम को 6 मैचों में जीत मिली है। RR की टीम सिर्फ 3 मैच ही अपने नाम कर पाई है। इस संस्करण दोनों टीमों के बीच दूसरी भिड़ंत होगी। पहले मैच में RR को 6 रन से जीत मिली थी। IPL 2025 में एक मैच GT ने 58 रन से जीता था। वहीं, दूसरे मैच में RR को 8 विकेट से जीत मिली थी। इस संयोजन के साथ नजर आ सकती है RR RR को अपने पिछले मैच में दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। मैच में टीम के गेंदबाजों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। ऐसे में GT के खिलाफ संदीप शर्मा की वापसी हो सकती है। वैभव सूर्यवंशी से एक और ताबड़तोड़ पारी की उम्मीद होगी। संभावित एकादश: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवन फरेरा, रविंद्र जडेजा, शुभम दुबे, जोफ्रा आर्चर, रवि बिश्नोई, नांद्रे बर्गर और संदीप शर्मा। इस प्लेइंग इलेवन के साथ नजर आ सकती है GT GT की टीम को पिछले 3 मैच में जीत मिली है। ऐसे में वह अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बड़ा बदलाव करने को नहीं देखेगी। हालांकि, टीम की बल्लेबाजी अभी भी समस्या बनी हुई है। मध्यक्रम के बल्लेबाजों का प्रदर्शन अब तक कुछ खास नहीं रहा है। संभावित एकादश: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और मानव सुथार। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर RR: लुआन-ड्रे प्रीटोरियस, रवि सिंह, रवि बिश्नोई, शुभम दुबे और तुषार देशपांडे। GT: राहुल तेवतिया, ग्लेन फिलिप्स, अनुज रावत, कुलवंत खेजरोलिया और कुमार कुशाग्र। कैसा रहेगा पिच का मिजाज? सवाई मानसिंह स्टेडियम की पिच काली मिट्‌टी से बनी है, जो आमतौर पर बल्लेबाज और गेंदबाजों दोनों को मदद करती है। यहां मैचों में टीमों ने कई बड़े स्कोर बनाए हैं। मैच के शुरुआती ओवरों से तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद है। चूंकि, मैदान की बाउंड्री बड़ी है, इसलिए बल्लेबाजों को रन बनाना चुनौतीपूर्ण होता है। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम बड़ा स्कोर लगाने के इरादे से उतरेगी। ऐसा रहेगा जयपुर का मौसम एक्यूवेदर के मुताबिक, 9 मई को जयपुर में अच्छी गर्मी होगी। दिन का अधिकतम तापमान 38 डिग्री तक जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री तक रहने की उम्मीद है। मैच की शुरुआत रात 7:30 बजे होगी। बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजर RR के लिए वैभव ने पिछले 10 मैचों में 237.64 की स्ट्राइक रेट से 404 रन बनाए हैं। यशस्वी के बल्ले से पिछले 10 मैचों में 312 रन निकले हैं। GT के लिए सुदर्शन ने पिछले 10 मैच में 158.43 की स्ट्राइक रेट से 385 रन बनाए हैं। गेंदबाजों में आर्चर ने पिछले 9 मैच में 8.62 की इकॉनमी से 15 विकेट लिए हैं। GT से रबाडा ने पिछले 10 मैचों में 9.23 की इकॉनमी से 16 विकेट चटकाए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? RR और GT के बीच यह मुकाबला 9 मई को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

अंगिका और अन्य स्थानीय भाषाओं को परीक्षा में जगह देने पर मंथन शुरू

 महगामा  झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में अंगिका सहित क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं को शामिल करने की मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। महागामा विधायक और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पहल पर राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। 13 अप्रैल को मंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर अंगिका, संथाली, मगही, मैथिली, भोजपुरी, कुड़माली और खोरठा जैसी स्थानीय भाषाओं को परीक्षा में विकल्प के रूप में शामिल करने की मांग की थी। मंत्री ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन में बताया कि संथालपरगना समेत राज्य के कई क्षेत्रों में अंगिका और अन्य क्षेत्रीय भाषाएं व्यापक रूप से बोली जाती हैं। परीक्षा व्यवस्था में इन भाषाओं का अभाव स्थानीय युवाओं को अवसरों से वंचित कर रहा है। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में अंगिका को शामिल नहीं किए जाने पर छात्रों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी बढ़ी थी। इसके बाद, राज्य सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने 5 मई 2026 को अधिसूचना जारी कर उच्च स्तरीय समिति का गठन किया। यह समिति राज्य के विभिन्न जिलों में भाषाई स्थिति, जनभावनाओं और व्यावहारिक पक्षों का अध्ययन कर सरकार को अनुशंसा सौंपेगी। समिति में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को समन्वयक बनाया गया है, जबकि श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, पेयजल मंत्री योगेन्द्र प्रसाद और नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सदस्य हैं। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं का शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में समावेश झारखंड की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है। अंगिका साहित्य कला मंच और अन्य सामाजिक संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है। अब छात्रों और भाषा प्रेमियों की नजर समिति की रिपोर्ट और सरकार के अगले निर्णय पर है।  

विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए नियम में बदलाव की तैयारी

रांची  राज्य में सेवा देने वाले दूसरे राज्यों के चिकित्सकों को झारखंड में निबंधन से छूट मिलेगी। इसके लिए झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल रूल के संबंधित प्रविधानों में संशोधन किया जाएगा। झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए यह छूट प्रदान करने पर विचार किया जा रहा है स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव सह नोडल पदाधिकारी छवि रंजन की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में यह निर्णय लेते हुए झारखंड में निबंधन से छूट की अनुशंसा राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में झारखंड मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. साहिर पाल, रजिस्ट्रार सह सचिव डॉ. विमलेश कुमार सिंह तथा आईएमए, झारखंड के प्रतिनिधि डॉ. शंभू प्रसाद उपस्थित थे। बैठक में झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल रूल, 2023 के नियम 55 की विस्तार से समीक्षा की गई। वर्तमान नियम के अनुसार, झारखंड में चिकित्सा सेवा देने वाले सभी चिकित्सकों के लिए राज्य में निबंधन अनिवार्य है। इसके तहत दूसरे राज्यों से आनेवाले चिकित्सकों को भी झारखंड में निबंधन अनिवार्य है। भले ही वे पहले से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग या किसी अन्य राज्य मेडिकल काउंसिल में निबंधित हों। झारखंड में बिना निबंधन वे राज्य में प्रैक्टिस नहीं कर सकते। बैठक में इस नियम से उत्पन्न व्यावहारिक कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा हुई। सदस्यों ने कहा कि बाहर से आनेवाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को अतिरिक्त औपचारिकताओं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिससे राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता भी प्रभावित होती है। विमर्श के बाद नियम में आवश्यक संशोधन को लेकर राज्य सरकार को अनुशंसा भेजे जाने पर सहमति बनी।  

आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, 2.50 लाख के 6 मोबाइल बरामद

मुजफ्फरपुर रेल पुलिस की आरपीएफ टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर जंक्शन से यात्रियों के मोबाइल चोरी करने वाले एक बड़े गैंग का पर्दाफाश किया है। रेल पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ अभियान के दौरान दो शातिरों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों में एक अररिया और दूसरा पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। आरपीएफ टीम ने इनके पास से करीब 2.50 लाख रुपये कीमत के 6 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस दौरान मुख्य आरोपी रिंकू कुमार को गिरफ्तार किया गया, जिसके खिलाफ कई जिलों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर हुई संयुक्त कार्रवाई दरअसल, यह कार्रवाई आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने मुजफ्फरपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर की। टीम ने एक शातिर अपराधी और उसके साथ एक किशोर को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से कुल 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनमें 5 महंगे टचस्क्रीन मोबाइल और 1 कीपैड फोन शामिल है। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 2.50 लाख रुपये आंकी गई है। भीड़ का फायदा उठाकर उड़ाते थे मोबाइल पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे जंक्शन पर भीड़ का फायदा उठाकर यात्रियों के मोबाइल चोरी करते थे। पुलिस को आशंका है कि यह गैंग लंबे समय से रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में सक्रिय था और यात्रियों को निशाना बना रहा था। कई जिलों में दर्ज हैं मुख्य आरोपी पर मामले पूरे मामले को लेकर आरपीएफ मुजफ्फरपुर के इंचार्ज मनीष कुमार ने बताया कि रेल पुलिस की टीम ने यात्रियों के मोबाइल चोरी करने वाले गैंग के दो सदस्यों को पकड़ा है। जांच और पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार अररिया निवासी रिंकू कुमार एक शातिर पेशेवर अपराधी है। उसके खिलाफ बेगूसराय, कटिहार और पटना जीआरपी में चोरी के अलावा एनडीपीएस एक्ट के तहत कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी रेल पुलिस की टीम अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राजेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधाएं

 आगरा आगरा के राजपुर चुंगी स्थित प्राचीन राजेश्वर महादेव मंदिर में प्रदेश सरकार 1.42 करोड़ रुपये की लागत से काम कराएगी। इसमें मुख्य मार्ग पर भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण होने के साथ मंदिर परिसर में फ्लोरिंग और स्टोन क्लैडिंग का काम किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेंच, पानी की सुविधाएं होंगी तथा मंदिर परिसर में ड्रेनेज की व्यवस्था की जाएगी। राजेश्वर महादेव मंदिर शहर के चार प्रमुख शिवालयों में से एक माना जाता है। यहां सावन में और महाशिवरात्रि पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। सौंदर्यीकरण के तहत मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बेंच, दिशा-निर्देश के लिए साइनेज, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, विश्राम स्थल और बेहतर प्रकाश व्यवस्था की जा रही है, ताकि दर्शनार्थियों को कोई परेशानी न हो। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि राजेश्वर महादेव मंदिर का पर्यटन विकास क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देगा। जो काम होंगे, उससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रदेश सरकार का उद्देश्य धार्मिक स्थलों को केवल आस्था तक सीमित न रखकर उन्हें स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार से भी जोड़ना है। इससे स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प, छोटे व्यवसाय और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। दिन में तीन बार रंग बदलता है शिवलिंग राजेश्वर मंदिर के बारे में मान्यता है कि शिवलिंग दिन में तीन बार अपना रंग बदलता है। सुबह मंगला आरती के दौरान सफेद रंग, दोपहर की आरती के दौरान हल्का नीला और शाम की आरती के दौरान गुलाबी नजर आता है। 900 साल पुराने मंदिर की स्थापना के बारे मेंं किंवदंती प्रचलित है, जिसके अनुसार राजाखेड़ा निवासी सेठ नर्मदा नदी के पास से बैलगाड़ी से शिवलिंग स्थापित करने के लिए ले जा रहे थे। मंदिर के नजदीक ही एक कुआं था, आराम करने के दौरान सेठ को शिवजी ने स्वप्न दिया कि शिवलिंग को यहीं स्थापित कर दिया जाए। सेठ ने इसकी अनदेखी की और शिवलिंग को ले जाने की कोशिश करने लगे, लेकिन शिवलिंग वहीं स्थिर हो गया। तभी से यहां शिवलिंग स्थापित है।  

ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर झांसा, युवक से करीब 2 लाख की साइबर ठगी

 रांची  शहर में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। एक मामले में लिंक ओपन करते ही युवक के दो बैंक खातों से 1.93 लाख रुपये की निकासी कर ली गई, जबकि दूसरे मामले में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करीब दो लाख रुपये की ठगी कर ली गई। दोनों मामलों में साइबर अपराध थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पहला मामला ओरमांझी निवासी बबन वर्मा से जुड़ा है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर आरटीओ के नाम से एक लिंक आया था। गलती से लिंक ओपन करते ही उनके एक्सिस बैंक और पंजाब नेशनल बैंक खाते से कुल 1 लाख 93 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। वहीं दूसरा मामला गुमला निवासी चंदन कुमार से संबंधित है, जो वर्तमान में सीआरपीएफ झारखंड सेक्टर कार्यालय, धुर्वा में कार्यरत हैं। चंदन कुमार ने पुलिस को बताया कि उन्हें टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेडिंग का ऑफर दिया गया था। इसके बाद उन्हें एक व्हाट्सएप नंबर से जोड़कर मोटे मुनाफे का लालच दिया गया। पीड़ित के अनुसार उन्होंने पहले 50 हजार रुपये भेजे। बाद में अधिक मुनाफा दिखाकर अलग-अलग चरणों में 70 हजार और फिर 80 हजार रुपये जमा कराए गए। आरोपितों ने ट्रेडिंग फीस और प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर रुपये लिए, लेकिन रकम वापस नहीं की। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं।

बिहार पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने का मंत्री का संकल्प

पटना बिहार सरकार के नवनियुक्त पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने शुक्रवार को मुख्य सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में पर्यटन विभाग का कार्यभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने बिहार को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन राज्यों में शामिल करने की प्रतिबद्धता जताई। इस दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यभार ग्रहण समारोह में पर्यटन विभाग के सचिव (अतिरिक्त प्रभार) अभय कुमार सिंह, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक नंद किशोर, पर्यटन निदेशक उदयन मिश्रा, संयुक्त सचिव इंदु कुमारी, संयुक्त निदेशक राजेश रौशन समेत विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। बिहार की सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर लाने की बात पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि यह उनके जीवन का बेहद महत्वपूर्ण और भावुक क्षण है। उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालना केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की सेवा का बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि बिहार भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का केंद्र रहा है। भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति, गुरु गोविंद सिंह का जन्म, भगवान महावीर की तपोभूमि और माता जानकी की पावन स्मृतियां बिहार को विशेष पहचान देती हैं। बिहार की मिट्टी में इतिहास, संस्कृति और अध्यात्म की ऐसी शक्ति है, जो दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करती है। पर्यटन स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण पर जोर पर्यटन मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में राज्य के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों का व्यापक विकास कराया जाएगा। प्रमुख पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण के साथ वहां आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सड़क, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगा प्रचार-प्रसार उन्होंने कहा कि बिहार के पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक देशी और विदेशी पर्यटक बिहार आएं। सरकार का उद्देश्य है कि बिहार की पहचान केवल इतिहास तक सीमित न रहे, बल्कि आधुनिक पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य नई मिसाल कायम करे। पर्यटन से रोजगार और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार, व्यापार और आर्थिक विकास का मजबूत आधार भी है। पर्यटन को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। साथ ही स्थानीय कलाकारों, हस्तशिल्प से जुड़े लोगों, संस्कृतिकर्मियों और छोटे व्यापारियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। अधिकारियों से टीम भावना के साथ काम करने की अपील मंत्री ने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी को पूरी प्रतिबद्धता के साथ बिहार के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए काम करना होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पर्यटन विभाग जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करेगा और हर निर्णय में जनता का हित सर्वोपरि रखा जाएगा।