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चेन्नई से दिल्ली तक बवाल: के. वेंकट नारायण की नियुक्ति पर विपक्ष ने उठाए सवाल

चेन्नई तमिलनाडु सरकार के एक फैसले ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कारोबारी और फिल्म प्रोड्यूसर के. वेंकट नारायण को नई दिल्ली में तमिलनाडु का विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया है। इस पद को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। विपक्ष ने इस नियुक्ति को लेकर सरकार पर सवालों की बौछार कर दी है। एक साल के लिए बनाया गया नया पद राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, यह पद फिलहाल एक साल के लिए बनाया गया है। मुख्य सचिव एम. साई कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किया। नियुक्ति की बाकी शर्तों की घोषणा बाद में की जाएगी। क्या होता है स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव का काम? नई दिल्ली में तमिलनाडु के स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव की जिम्मेदारी केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच तालमेल बनाने की होती है। इस पद पर बैठा व्यक्ति मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों की बैठकों का समन्वय करता है, केंद्र की योजनाओं और फंडिंग पर नजर रखता है, नीति से जुड़े मामलों की निगरानी करता है और संसद सत्र के दौरान राज्य के सांसदों के साथ समन्वय बनाने में मदद करता है। अब तक इस अहम पद पर आमतौर पर अनुभवी राजनेताओं की नियुक्ति होती रही है। कौन हैं के. वेंकट नारायण? के. वेंकट नारायण बेंगलुरु स्थित KVN ग्रुप के चेयरमैन हैं। उनकी कंपनी रियल एस्टेट और एंटरटेनमेंट सेक्टर में काम करती है। वह पहले प्रेस्टीज ग्रुप के CEO भी रह चुके हैं। साल 2020 में उन्होंने KVN प्रोडक्शंस की शुरुआत की और अब वही कंपनी मुख्यमंत्री विजय की आखिरी फिल्म 'जना नायकन' को प्रोड्यूस कर रही है। माना जा रहा है कि राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले यह विजय की अंतिम फिल्म होगी। विपक्ष ने उठाए सवाल इस नियुक्ति को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है। DMK के राज्यसभा सांसद पी. विल्सन ने कहा कि तमिलनाडु के हितों की रक्षा करने वाले इतने अहम पद पर एक फिल्म प्रोड्यूसर की नियुक्ति करना उस पद की गरिमा को कम करता है। वहीं BJP के तमिलनाडु अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने सवाल उठाया कि कर्नाटक से करीबी संबंध रखने वाला व्यक्ति दिल्ली में तमिलनाडु का प्रभावी प्रतिनिधित्व कैसे करेगा। उन्होंने इसे राज्य के लोगों के साथ "बड़ा विश्वासघात" बताया। AIADMK ने आरोप लगाया कि सरकार कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के इशारों पर काम कर रही है, जबकि AMMK प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने कहा कि सरकार प्रशासनिक योग्यता के बजाय निजी करीबी लोगों को बड़े पद दे रही है। TVK ने किया बचाव विजय की पार्टी TVK ने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया। पार्टी नेताओं का कहना है कि वेंकट नारायण ने फिल्म 'जना नायकन' के निर्माण के दौरान विजय का मुश्किल समय में साथ दिया था और यह नियुक्ति उसी सहयोग के प्रति आभार जताने का तरीका है। पार्टी का यह भी कहना है कि वेंकट नारायण को बड़े कॉर्पोरेट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट संभालने का लंबा अनुभव है, इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहले ज्योतिषी, अब प्रोड्यूसर… बढ़ा विवाद यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री विजय अपने करीबी लोगों की नियुक्तियों को लेकर विवादों में आए हैं। इससे पहले उनके लंबे समय से मैनेजर रहे जगदीश पलानीस्वामी को प्राइवेट सेक्रेटरी (पॉलिटिकल) बनाया गया था। वहीं ज्योतिषी रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (पॉलिटिकल) (OSD) नियुक्त किया गया था, लेकिन भारी आलोचना के बाद सरकार को वह फैसला वापस लेना पड़ा।

पटना समेत कई जिलों में गर्मी का असर, उत्तर बिहार में भारी बारिश की संभावना

 पटना बिहार में इन दिनों मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। राज्य के एक हिस्से में आंधी-बारिश हो रही है, तो दूसरे हिस्से में लू और भीषण गर्मी पड़ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार में बादल छाए रहने की संभावना है। वहीं बाकी हिस्सों में भीषण गर्मी और हीट वेव का असर बना रहेगा। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, सुपौल, अररिया, कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया, सहरसा और मधेपुरा जिलों के अनेक स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इन इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानी की स्थिति बन सकती है। वहीं उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार में मेघ गर्जन, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। जबकि दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार में भी गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है। इन जिलों में लू का प्रकोप बारिश के बीच दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी भी लोगों को परेशान करेगी। मौसम विभाग ने भभुआ (कैमूर), बक्सर और रोहतास जिलों में हीट वेव चलने की चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में लू के प्रकोप से बचने के लिए इन क्षेत्रों के लोगों अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई है। मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, पश्चिम चंपारण, सीवान, मुजफ्फरपुर, दरभंगा जिले में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 से 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं उत्तर-पूर्व बिहार के अररिया, पूर्णिया, सुपौल अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के पटना, गया, बक्सर, भोजपुर यहां गर्मी का असर अधिक रहेगा और अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।  

हाथरस से सियासी वार: सीएम योगी ने अखिलेश को मथुरा पर खुली चुनौती दी

लखनऊ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने  दावा किया था कि उनकी सरकार आई तो अयोध्या को धार्मिक सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। अखिलेश के इसी दावे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार की तीखा हमला किया। सीएम योगी ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि अयोध्या की पहचान बन चुकी है। अगर हिम्मत है तो यही बात मथुरा के लिए बोलकर दिखाइए। यह बोलकर दिखाइए कि जैसे अयोध्या के लिए श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन चला उसी तरह श्रीकृष्ण मुक्ति के लिए आंदोलन चलना चाहिए। सीएम योगी हाथरस में करोड़ों की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कल अखिलेश यादव का एक बयान पढ़ रहा था। वह कह रहे थे कि उनकी सरकार आएगी तो अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे, रामभक्तों पर गोली तो समाजवादी पार्टी की ही सरकार ने चलवाई थी। राम भक्तों की मेहनत से अब जब अयोध्या त्रेता युग का स्मरण करा रही है तो आपके मुंह में भी पानी आने लगा है। अयोध्या के लिए पश्चाताप, रामलला का जाकर दर्शन कीजिए योगी ने कहा कि अखिलेश जी अयोध्या को तो रामभक्तों ने सजा औऱ संवार दिया है। आप उसकी चिंता मत कीजिए, पश्चाताप कीजिए। एक बार कम से कम रामलला का दर्शन कर लीजिए, उसी से सद्बुद्धि आएगी। अब तैयारी कीजिए कि हम कृष्ण कन्हैया के लिए भी कुछ कर सकें। अब मथुरा की बात कीजिए। अगर सचमुच अपने को धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हैं तो मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोल दीजिए। अखिलेश को चुनौती देते हुए कहा कि यह बोलकर दिखाइए कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का भी अभियान चलना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण की भूमि को भी सम्मान मिलना चाहिए। मुल्ला-मौलवियों के आगे घुटने टेकने का ही एजेंडा सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम कर रही है। युद्धस्तर पर हम प्रयास कर रहे हैं लेकिन आप में हिम्मत नहीं है क्योंकि आप पर मुल्ला और मौलवियों के सामने घुटने टेकने के अलावा कोई एजेंडा नहीं है जिससे प्रदेश का विकास हो सके। कोई ऐसा एजेंडा नहीं है जिससे अयोध्या, मथुरा या काशी का उत्थान हो और उनकी पौराणिक पहचान स्थापित हो। कब्रिस्तान के पैसों को मंदिरों की ओर डायवर्ट किया कहा कि आंखों में धूल झोंकने का प्रयास मत कीजिए। अयोध्या पहचान की मोहताज नहीं है, अयोध्या ने दुनिया के सामने अपनी पहचान को बनाया हुआ है। आपने तो थानों में और जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर भी रोक लगा दी थी। कांवर यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। समाजवादी सरकार में पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री की तरफ जाता था, हमने उसे मंदिरों की तरफ डायवर्ट किया है। अखिलेश ने क्या कहा था अखिलेश यादव ने शनिवार को अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की चर्चा करते हुए कहा था कि हम धर्मनिष्ठता और सत्यनिष्ठता के साथ ये संकल्प लेते हैं कि नई सरकार बनाकर ‘अयोध्या’ को एक ऐसी अनुपम-अनुकरणीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करेंगे, जहां विश्व भर से आए श्रद्धालु सच्ची आध्यात्मिकता की अद्वितीय अनुभूति करेंगे। अखिलेश ने एक्स पर लिखा था कि प्रभु के आशीर्वाद के साथ, हम अयोध्या के सनातन मान को आस्था-श्रद्धा, अखंड विश्वास और सच्ची भावना के ‘सियाराम-धाम’ के रूप में पुनर्स्थापित और पल्लवित करेंगे। इससे अयोध्यावासियों के भी परंपरागत गौरवभान और अधिकारों को पुन: स्थापित करेंगे।

FD भुगतान में 11 साल की देरी पर बैंक को झटका, उपभोक्ता को मिला पूरा मुआवजा

नई दिल्ली अगर आपने भी बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करा रखा है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कई लोग मानते हैं कि FD सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प है, लेकिन अगर बैंक ही मैच्योरिटी के बाद आपकी रकम लौटाने में आनाकानी करे तो क्या होगा? ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसमें एक व्यक्ति को अपनी 5 लाख रुपये की FD की रकम पाने के लिए लगभग 11 साल तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। आखिरकार, अदालत ने बैंक को कड़ी फटकार लगाते हुए न केवल पूरी रकम लौटाने, बल्कि 12% ब्याज और 10,000 रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया। यह मामला केरल के त्रिशूर निवासी सेतुमाधवन का है। उन्होंने बैंक में 5 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट कराई थी, जिसकी मैच्योरिटी 2 जून 2015 को पूरी हो गई थी। जब वे अपनी जमा राशि लेने बैंक पहुंचे, तो बैंक ने तकनीकी कारणों का हवाला देकर भुगतान करने से इनकार कर दिया। काफी प्रयासों के बावजूद जब पैसा नहीं मिला, तो उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाया। उपभोक्ता आयोग ने सभी की जांच के बाद 31 दिसंबर 2021 को बैंक को आदेश दिया कि वह सेतुमाधवन को 5 लाख रुपये के साथ 12% सालाना ब्याज और 10,000 रुपये मुआवजा व मुकदमे का खर्च भी अदा करे। लेकिन, बैंक ने इस आदेश का पालन करने के बजाय अदालत में चुनौती देने का फैसला किया। बैंक ने पहले केरल हाईकोर्ट में अपील दायर की, लेकिन वह भी 825 दिन की देरी से। बैंक का तर्क था कि उस दौरान उसका प्रबंधन एक प्रशासक के अधीन था, इसलिए समय पर अपील नहीं की जा सकी। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने इस दलील को खारिज कर दिया और उपभोक्ता आयोग के फैसले को सही ठहराया। इसके बाद भी बैंक पीछे नहीं हटा और मामले को हाईकोर्ट की बड़ी बेंच के सामने ले गया। इस बार बैंक ने दलील दी कि वह एक सहकारी बैंक है और इसलिए इस विवाद का निपटारा उपभोक्ता आयोग नहीं, बल्कि सहकारी समिति कानून के तहत होना चाहिए। हालांकि, 2 जून 2026 को केरल हाईकोर्ट की बड़ी बेंच ने भी बैंक की सभी दलीलों को खारिज कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि उपभोक्ता संरक्षण कानून लोगों के हितों की रक्षा के लिए बनाया गया खास कानून है और यह अन्य कानूनों के अतिरिक्त लागू होता है। इसलिए कोई भी बैंक या संस्था उपभोक्ता आयोग के अधिकार क्षेत्र से बच नहीं सकती। कोर्ट ने यह भी कहा कि जनता का पैसा रखने वाले बैंक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी समय पर ग्राहकों को उनका पैसा लौटाना है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में बैंक के रवैये पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब बैंक खुद यह नहीं नकार रहा कि जमा राशि लौटानी है, तब केवल तकनीकी बहानों के आधार पर ग्राहक को परेशान करना बेहद निंदनीय है। अदालत ने कहा कि बैंक जैसे संस्थानों को जनता का विश्वास बनाए रखना चाहिए, न कि ग्राहकों को सालों तक न्याय के लिए भटकाना चाहिए। हालांकि, सुनवाई के दौरान बैंक की ओर से 6 महीने का समय मांगा गया, ताकि वह भुगतान कर सके। अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए बैंक को 6 महीने के भीतर पूरी राशि, 12% ब्याज और 10,000 रुपये मुआवजा देने का अंतिम मौका दिया। यह फैसला देशभर के करोड़ों FD निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। अगर किसी बैंक या वित्तीय संस्था द्वारा मैच्योरिटी के बाद भी आपकी जमा राशि नहीं लौटाई जाती है, तो आप उपभोक्ता आयोग या अदालत का सहारा ले सकते हैं। अदालतों ने कई बार स्पष्ट किया है कि ग्राहकों के साथ लापरवाही करने वाले बैंकों को कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाएगा। एक्सपर्ट का मानना है कि यह फैसला बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करेगा। साथ ही यह भी साबित करता है कि उपभोक्ता अपने अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़कर न्याय प्राप्त कर सकते हैं, भले ही उसमें थोड़ा समय क्यों न लगे।  

बीडीए की बड़ी परियोजना: पीलीभीत बाइपास रोड सिक्सलेन और आठ लेन विस्तार की तैयारी तेज

बरेली  शहर के पीलीभीत बाइपास रोड पर प्रस्तावित सिक्स लेन का कार्य 50 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो गया है। परियोजना के अगले दो माह में पूर्ण होने और आमजन को सौंपने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए बीडीए की ओर से 60 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है। परियोजना के तहत बैरियर-टू से बड़ा बाईपास तक मार्ग को सिक्सलेन में बदला जा रहा है। वहीं, बैरियर टू से सेटेलाइट तक मार्ग को आठ लेन बनाने के लिए मंगलवार को निविदा टेक्निकल बिड खोली जाएगी। बीडीए अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में सड़क व फुटपाथ पर गिट्टी का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। माना जा रहा है कि अब डीबीएम और वीसी का कार्य भी अगले दो माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। पीलीभीत बाइपास सिक्सलेन मार्ग बना रहा बीडीए उल्लेखनीय है कि, शहर के सबसे व्यस्ततम मार्गों में एक पीलीभीत बाईपास मार्ग (बरेली एयरपोर्ट स्थित बैरियर-टू से बड़ा बाईपास तक) अब तक सिर्फ दो लेन होने की वजह से आए दिन जाम की समस्या बनी रहती थी। साथ ही दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। सड़क को चौड़ी करने के लिए पूर्व मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी ने बीते वर्ष बैरियर-टू से बड़ा बाईपास तक 4.86 किमी. मार्ग के फोरलेन निर्माण के लिए 136 करोड़ की कार्ययोजना शासन को प्रेषित की थी। अब तक 50 प्रतिशत से अधिक प्रगति का दावा इसके लिए कुछ धनराशि बीडीए से भी मांगी गई थी। मगर, परियोजना की स्वीकृति में लग रहे समय को देखते हुए अब बीडीए ने खुद मार्ग को चौड़ीकरण करने का निर्णय लिया। इस मार्ग पर एयरपोर्ट भी स्थित है। मार्ग के महज दो लेन होने के कारण एयरपोर्ट जाने वाले लोगों और दिल्ली, मुंबई व अन्य महानगरों से आने वाले यात्रियों को जाम के चलने परेशानी का सामना करना पड़ता था। 30 जून को खोली जाएगी निविदा इसी मार्ग पर ही सेटेलाइट से बड़ा बाईपास तक कई बड़े मैरिज हाल, होटल-रेस्टोरेंट व अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हैं। अब इस मार्ग चौड़ीकरण के बीच ही वर्तमान मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी ने बीडीए को सेटेलाइट से बैरियर-टू तक आठ लेन व दो सर्विस लेन बनाने के लिए निर्देश दिए हैं, इसके लिए बीडीए की ओर से आमंत्रित निविदा 30 जून को खोली जाएगी। इस मार्ग के बनने के बाद शहर की तस्वीर बदलने की बात कही जा रही।  

लखनऊ हादसे के बाद बड़ा फैसला, 200 स्कूलों में होगी फायर सेफ्टी जांच और प्रशिक्षण

लखनऊ  लखनऊ में पिछले सोमवार को कोचिंग सेंटर में लगी आग की घटना के बाद सभी जिलों में स्कूलों की अग्निसुरक्षा के लिए 10 सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित होने वाली समिति में एडीएम, पुलिस आयुक्त या एसएसपी द्वारा नामित पुलिस अधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, मुख्य कोषाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, राज्य आपदा मोचन बल द्वारा नामित अधिकारी के अलावा एनसीसी द्वारा नामित अधिकारी को समिति का सदस्य बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत गठित की जाने वाली समिति अपने-अपने जिलों में 200-200 स्कूलों को चिह्नित करेगी। इनमें माध्यमिक शिक्षा विभाग के 100 विद्यालय, 60 निजी विद्यालय व 40 सरकारी व गैर सरकारी महाविद्यालय शामिल होंगे। चिह्नित स्कूलों में अग्निसुरक्षा के उपायों की जांच की जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों को अग्निसुरक्षा व आपदा से बचाव को लेकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। आपदा की स्थिति में सुरक्षा को लेकर होंगे काम इसके लिए एसडीआरएफ, पीएसी, एनडीआरएफ, अग्निसुरक्षा विभाग, एनसीसी, एनएसएस, सीआइएसएफ, सिविल डिफेंस विभागों के साथ समन्वय बनाकर विद्यार्थियों को मास्टर ट्रेनर के जरिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा इस संदर्भ में जारी आदेश के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रमों में विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों व स्कूलों के स्टाफ को भी प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे आपदा की स्थिति में सभी मिलकर सुरक्षा के उपायों पर काम कर सकें। मास्टर ट्रेनर विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार, अग्निशमन यंत्रों का उपयोग, आपदा को लेकर विद्यालय या महाविद्यालय में सुरक्षित स्थल की पहचान, प्रवेश व निकासी की जानकारी देंगे। साथ ही बाढ़, आंधी, तूफान व बज्रपात से बचाव की भी जानकारी विद्यार्थियों को दी जाएगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद हर जिले में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने के भी निर्देश आपदा प्राधिकरण ने दिए हैं। इस योजना के क्रिन्यावयन की जिम्मेदारी राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सौंपी गई है।

लोनी में प्रशासन का बुलडोजर ऐक्शन: 70 लाख की सरकारी जमीन से हटाया गया अतिक्रमण

गाजियाबाद उत्तर प्रदेश में सरकारी जमीनों से अवैध अतिक्रमण हटाने का सिलसिला लगातार जारी है. इसी कड़ी में गाजियाबाद के लोनी इलाके के ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. जिला प्रशासन ने ट्रॉनिका सिटी के सेक्टर सी-8 में सरकारी भूमि पर बनी करीब 25 से 30 वर्ष पुरानी पीर बाबा की मजार को ध्वस्त कर दिया है. भारी सुरक्षा घेरे के बीच हुई इस कार्रवाई से प्रशासन ने लाखों रुपये मूल्य की सरकारी जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त करा लिया है. मिली जानकारी के मुताबिक, यह मजार पिछले लगभग तीन दशकों (30 साल) से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके बनाई गई थी. यहां एक खादिम (मुल्तवी) बैठकर मजार की देखरेख करता था. स्थानीय लोगों के अनुसार, मजार पर आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान-दक्षिणा से ही उसका घर चलता था. इसके साथ ही वहां टोने-टोटके और झाड़-फूंक का काम भी किया जाता था. चौंकाने वाली बात यह है कि इस मजार पर आस्था जताने वालों में सबसे बड़ी संख्या हिंदू समाज के लोगों की थी, जो यहां मन्नत मांगने आते थे. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई शांतिपूर्ण कार्रवाई अवैध मजार को हटाने की इस संवेनदशील कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन पूरी तैयारी के साथ पहुंचा था. डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी और स्थानीय एसडीएम की सीधी निगरानी में पूरी ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया. मौके पर किसी भी तरह के विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया था. प्रशासन की मुस्तैदी के चलते पूरी कार्रवाई बिना किसी विरोध के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई. 70 लाख की जमीन मुक्त, आगे भी जारी रहेगा अभियान प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई के जरिए करीब 70 लाख रुपये मूल्य की बेशकीमती सरकारी भूमि को भू-माफियाओं और अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है. जिला प्रशासन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा. यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण या अतिक्रमण करने की कोशिश की गई, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में जहां-जहां भी सरकारी जमीनों पर अवैध धार्मिक स्थल या अन्य अतिक्रमण किए गए हैं, उन्हें चिन्हित कर लगातार हटाने की कार्रवाई की जा रही है.  

मुंगेर से बड़ा ऐलान: पंचायत विकास दिवस पर सम्राट चौधरी का प्रशासनिक अल्टीमेटम

पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बार फिर काम में लापरवाही बरतने वाले अफसरों को सख्त लहजे में चेताया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुंगेर पहुंचे और मौका था पंचायत विकास दिवस का। इस कार्यक्रम में सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि अगर अफसर 30 दिनों में जनता काम पूरा नहीं करेंगे तो कोई भी आगे उन्हें बचा नहीं पाएगा। बिहार के गांवों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए रविवार को मुंगेर का टेटिया बंबर एक ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बना। जगन्नाथ उच्च विद्यालय के मैदान में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूरे राज्य के लिए महत्वाकांक्षी 'पंचायत विकास दिवस' और 'जनसहयोग शिविर' अभियान का शंखनाद किया। उन्होंने करोड़ों की विकास योजनाओं की सौगात देते हुए बिहार को अग्रणी राज्य बनाने का ब्लूप्रिंट पेश किया। लापरवाही पर कड़ा प्रहार, 31वें दिन निलंबन ​भ्रष्टाचार और लालफीताशाही पर कड़ा प्रहार करते हुए सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'अगर जनता के काम को 30 दिनों के भीतर निष्पादित नहीं किया गया, तो दोषी पदाधिकारी को 31वें दिन सस्पेंड होने से कोई नहीं बचा पाएगा।' इसकी मॉनिटरिंग खुद मुख्य सचिव और डीजीपी स्तर पर की जा रही है। ​ हर महीने का आखिरी रविवार पंचायत दिवस ​घोषणा के मुताबिक, अब हर महीने के आखिरी रविवार को राज्य की सभी 8.5 हजार पंचायतों में 'पंचायत विकास दिवस' मनेगा। इसमें सांसद, विधायक और त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधि एक साथ बैठकर गरीबी मुक्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेंशन जैसे मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई करेंगे। ​ बजट ढाई गुना बढ़ा, सोलर और रोजगार क्रांति ​17वें वित्त आयोग के माध्यम से बिहार की पंचायतों का बजट 20,000 करोड़ से बढ़ाकर 52,000 करोड़ कर दिया गया है। मनरेगा की जगह 'विकसित भारत जी-राम-जी' अभियान से बिहार को 70,000 करोड़ तक मिलेंगे। बिजली क्षेत्र में नई नीति के तहत, सोलर पैनल से 125 यूनिट से अधिक उत्पादन करने वाले गरीबों के खाते में सरकार सीधे पैसे भेजेगी। महिला सशक्तिकरण के तहत जीविका दीदियों को गौ-पालन के लिए मुफ्त गाय दी जाएगी और दूध सरकार खुद खरीदेगी। ​ अंगिका में पूछा- 'तोय सब ठीक छो न?' ​भाषण के अंत में उन्होंने तारापुर की जनता का आभार जताया और स्थानीय अंगिका लहजे में पूछा— "तो तोय सब ठीक छो न? ठीक छो न कि?…" तो पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस मौके पर मुख्य सचिव, डीजीपी सहित कई आला अधिकारी और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

हाथरस में योगी का बड़ा ऐलान: ₹548 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण, विकास पर जोर

लखनऊ उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार (28 जून) को हाथरस में 548 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने जनता को संबोधित किया. उन्होंने खासतौर पर मुहर्रम का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस बार राज्य में करीब 12 हजार मोहर्रम जुलूस निकले, लेकिन कहीं भी दंगा, पथराव या कर्फ्यू जैसे हालात नहीं बने. उन्होंने कहा कि पहले कुछ लोग दूसरों के घरों के सामने ढोल-ताशे बजाकर माहौल बिगाड़ते थे, लेकिन अब यह सब बंद हो गया है और सभी धार्मिक आयोजन शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हो रहे हैं. सीएम ने कहा कि 2017 के पहले राज्य के हर जिले में दंगे होते थे, महीनों महीनों कर्फ्यू होता था जिससे आमजन त्रस्त होता था. लेकिन आज हालात बदल गए हैं. उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश दंगों और कर्फ्यू के कारण बदनाम था, लेकिन पिछले 9 सालों में प्रदेश में न कोई दंगा हुआ, न कर्फ्यू लगा और न ही गुंडागर्दी होने दी गई. ‘मोहर्रम का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ’ उन्होंने कहा कि हाल ही में मोहर्रम का आयोजन भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. उन्होंने कहा कि पहले मोहर्रम के नाम पर सड़कों पर हथियारों का प्रदर्शन होता था, तलवारबाजी के दौरान राहगीरों पर हमले हो जाते थे. ताजिया निकालने के नाम पर गरीबों की झोपड़ियां हटाई जाती थीं, मकानों के छज्जे तोड़े जाते थे और हाईटेंशन बिजली की लाइनों को हटाने का दबाव बनाया जाता था. सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने स्पष्ट व्यवस्था बनाई है कि किसी गरीब की झोपड़ी या मकान नहीं हटेगा और न ही हाईटेंशन लाइनें हटाई जाएंगी. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ताजिया की ऊंचाई कम करनी होगी. उन्होंने कहा कि अगर ताजिया ज्यादा ऊंचा होगा तो हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने का खतरा रहेगा, इसलिए सुरक्षा सर्वोपरि है. ‘ताजिए की ऊंचाई सीमित रखनी होगी’ उन्होंने कहा कि मुहर्रम के नाम पर अब राज्य में कोई हंगामा नहीं होता. अब न किसी की झोपड़ी तोड़ी जाती है और न ही किसी को किसी तरह की परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि आप ताजिए को सजाइए, लेकिन किसी गरीब का घर तोड़ने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि ताजिए की ऊंचाई सीमित रखनी होगी. अगर ताजिया बहुत ऊंचा होगा, तो बिजली के तारों की चपेट में आने का खतरा रहेगा . विकास तभी संभव है, जब सुरक्षा का बेहतर माहौल हो’ मुख्यमंत्री ने कहा कि वह हाथरस की तीनों विधानसभा क्षेत्रों—हाथरस, सादाबाद और सिकंदराराऊ—के लिए करीब 550 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उपहार देने के लिए विशेष रूप से आए हैं. उन्होंने इसके लिए हाथरस जनपद के सभी नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि विकास तभी संभव है, जब सुरक्षा का बेहतर माहौल हो. उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण में ही विकास की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि जहां सुरक्षा नहीं होती, जहां दंगे और अराजकता का माहौल होता है, वहां विकास और उज्ज्वल भविष्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती. ‘पहले प्रदेश के हर जिले में दंगे होते थे’ उन्होंने कहा कि साल 2017 से पहले प्रदेश का ऐसा कौन-सा जिला था, जो दंगों से अछूता रहा हो. उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग की घटना, कोसीकलां के दंगे, मेरठ और अलीगढ़ के दंगे तथा मुजफ्फरनगर की हिंसा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय आए दिन कर्फ्यू लगते थे. इससे आम जनता का व्यापार चौपट हो जाता था, नौजवानों की नौकरियां प्रभावित होती थीं, जनजीवन अस्त-व्यस्त रहता था और प्रदेश की छवि पूरे देश में खराब होती थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में व्यापारी, किसान और आम नागरिक असुरक्षित महसूस करते थे. जगह-जगह लूटपाट होती थी और बेटियों की सुरक्षा पर खतरा बना रहता था. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने अपराधियों और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है. उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश माफिया मुक्त और विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है एवं देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहा है. समाजवादी पार्टी पर बोला हमला अपने संबोधन में सीएम ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने अखिलेश यादव का बयान पढ़ा, जिसमें अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा कि आप क्या अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएंगे, पहले आप अपना इतिहास देखिए. उन्होंने कहा कि रामभक्तों पर गोली आपकी ही सरकार ने चलवाई थी. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या आज अपनी गौरवशाली पहचान वापस प्राप्त कर रही है. योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान कृष्ण जन्माष्टमी जैसे आयोजनों को भी रोका गया और कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया था. उन्होंने कहा कि आज प्रदेश सरकार धार्मिक परंपराओं और आस्था के आयोजनों को सम्मान के साथ आगे बढ़ा रही है. उन्होंने कहा कि हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सुंदरीकरण कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि पहले जो धनराशि कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल के निर्माण पर खर्च की जाती थी, उसी धन का उपयोग अब मंदिरों के विकास और सुंदरीकरण के लिए किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बिना भेदभाव विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है और प्रदेश में सुशासन एवं सुरक्षा का वातावरण स्थापित किया गया है. कांग्रेस पर भी जमकर बरसे मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी हमेशा जनता को गुमराह करने का काम करती रही हैं. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों दल संविधान बचाने की बात कर रहे थे, जबकि 25 जून 1975 को आपातकाल लगाकर संविधान की हत्या कांग्रेस ने ही की . उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का सबसे बड़ा अपमान कांग्रेस ने किया.

केंद्रीय सम्मेलन में झारखंड की मांग: कैंसर दवाएं सस्ती हों, मेडिकल शिक्षा को मिले बढ़ावा

 रांची  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों का सम्मेलन 29 जून से एक जुलाई तक आयोजित होगा। इस सम्मेलन में झारखंड से स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सम्मिलित होंगे। इसमें झारखंड की ओर से कैंसर मरीजों को रियायती दर पर दवा उपलब्ध कराने की मांग केंद्र से की जाएगी। साथ ही नए मेडिकल कालेज, आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय, डिजिटल हेल्थ सिस्टम में भी आर्थिक सहायता की मांग स्वास्थ्य मंत्री करेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड़्डा की अध्यक्षता में होनेवाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देशभर में डिजिटल हेल्थ सिस्टम, स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण, मेडिकल शिक्षा के विस्तार, स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने तथा आम जनता तक बेहतर, पारदर्शी और हाईटेक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर व्यापक मंथन करना है। इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें एवं प्रस्ताव रखेंगे। इरफान अंसारी के अनुसार, झारखंड के सभी जिलों में मेडिकल कालेज की स्थापना एवं दो जिलों में लंबित प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध केंद्र से किया जाएगा। डिजिटल हेल्थ सिस्टम को जिला स्तर से लेकर राज्य मुख्यालय तक पूरी तरह लागू करने के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग करने का भी केंद्र से अनुरोध किया जाएगा ताकि लोगों को पारदर्शी, त्वरित एवं हाईटेक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। राज्य के सरकारी अस्पतालों में माड्यूलर हाईटेक आपरेशन थिएटर के लिए भी आर्थिक सहायता की मांग की जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा विकसित डिजिटल हेल्थ प्लेटफार्म एवं हेल्थ ऐप को झारखंड में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं संसाधन उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया जाएगा। मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में लिए जाने वाले निर्णयों से झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा और नई गति मिलेगी तथा राज्य के लोगों को अत्याधुनिक, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त होगा।