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एचएसवीपी की 1.67 लाख एकड़ जमीन योजना, गुरुग्राम-फरीदाबाद समेत कई जिलों में सेक्टर विकसित होंगे

गुरुग्राम हरियाणा में नए सेक्टर विकसित करने का पहला चरण शुरू कर दिया है। हरियाणा के 69 शहरों में रिहायशी, व्यावसायिक और संस्थागत सेक्टर विकसित करने के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकार की इस पहल को आम लोगों के हित से जोड़ कर देखा जा रहा है, क्योंकि इससे ना सिर्फ आवासीय विकल्प बढ़ेंगे वरन रोजगार, व्यापार और बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार होगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने इसके लिए 1 लाख 67 हजार एकड़ जमीन खरीदने की योजना बनाई है। ई-भूमि पोर्टल खोला गया जमीन खरीदने के लिए ई-भूमि पोर्टल भी खोल दिया गया है, जहां किसान और भूमि मालिकों से आवेदन मांगे गए हैं। हरियाणा के शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नए सेक्टरों का विकास प्लान्ड अर्बन एक्सपेंशन के तहत किया जाएगा। इससे अवैध कालोनियों पर रोक लगेगी, लोगों को रैगुलेटेड और बेसिक सुविधाओं वाले प्लॉट/सेक्टर मिलेंगे। सरकार बड़ी जमीन चिन्हित करके फेज वाइज सैक्टर डिवैल्प करेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर, सडक़, सीवर, बिजली के साथ सेक्टर बसाए जाएंगे। गुरुग्राम में खरीदी जाएगी जमीन, फरीदाबाद पर भी प्लान गुरुग्राम में 36 गांवों से 17,358 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी, फरीदाबाद के 19 गांवों से 4500 एकड़ और होडल क्षेत्र के 3 गांवों से 1729 एकड़ जमीन ली जाएगी। पंचकूला-अंबाला क्षेत्र में कोट-कैहला के 8 गांवों से 2804 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी। इन जिलों में भी खरीदी जाएगी जमीन कुरुक्षेत्र के लाडवा में 3 गांवों से 459 एकड़, करनाल के घरौंडा में 329 एकड़, अंबाला के 24 गांवों में 3668 एकड़, नारायणगढ़ में 7 गांवों से 512 एकड़, फतेहाबाद के पिहोवा में 3 गांवों से 687 एकड़, पानीपत के समालखा में 3 गांवों से 499 एकड़, हांसी (नया जिला) में 5 गांवों से 1495 एकड़, जींद के नरवाना में 2172 एकड़, पिंजौर-कालका के चंडी मंदिर क्षेत्र में 3914 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी। पहले चरण में 13 शहरों में कटेंगे सेक्टर पहले चरण में 13 शहरों में करीब 40 हजार एकड़ जमीन खरीदी जाएगी, जिसके लिए 104 गांवों के किसान शामिल होंगे। इनमें पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, हिसार, पानीपत, सिरसा और यमुनानगर जैसे शहरों में सेक्टर विकसित किए जाएंगे। हिसार, पानीपत, सिरसा और यमुनानगर समेत कई जिलों में जमीन की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस नीलामी में बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहेगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। एक ही जगह मिलेंगी जरूरी सुविधाएं नए सेक्टरों के विकास से अनियोजित कालोनियों पर अंकुश लगेगा। साथ ही, नए व्यावसायिक क्षेत्रों में एक ही स्थान पर खुदरा बाजार, कार्यालय, सेवाएं, स्कूल, अस्पताल और सरकारी इमारतें जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इससे लोगों को बेहतर शहरी जीवन मिलेगा और शहरों का संतुलित विकास होगा। इन सेक्टरों में बिल्डिंग कोड में बदलाव के तहत, नए आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्वाइंट अनिवार्य होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक सुविधाएं होंगी इसके अलावा बिजली, सीवरेज, पानी की आधुनिक व्यवस्था और स्मार्ट सड़कों का प्रावधान होगा। सैक्टरों में रहने के लिए आधुनिक आवासीय प्लॉट के साथ-साथ व्यावसायिक (कमर्शियल) और औद्योगिक इकाइयां भी विकसित की जाएंगी। औद्योगिक मॉडल टाऊनशिप (आईएमटी) को बढ़ावा देने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक सुविधाएं होंगी। सेक्टरों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए पार्क और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।

पेड़ और पोल गिरने से जनजीवन प्रभावित, बिजली-ट्रेन सेवाएं बाधित

 पटना बिहार में बुधवार रात और गुरुवार की आई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने व्यापक तबाही मचाई। मुजफ्फरपुर, मधुबनी, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, समस्तीपुर और दरभंगा, हाजीपुर, छपरा, हाजीपुर और बेगूसराय में 13 लोगों की मौत हो गई। अलग-अलग हादसों में दर्जनभर से अधिक घायल हुए हैं। पेड़, बिजली के पोल और तार गिरने से शहर से गांव तक पूरी रात बिजली आपूर्ति बाधित रही। सड़कों पर पेड़ गिरने से घंटों आवागमन प्रभावित हुआ। कई रेलखंडों पर ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित रहा। आम और लीची की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बेगूसराय के रतनपुर थाना के मियाचक गाछीटोल में नवनिर्मित भवन के तीसरे तल्ले से गिरी दीवार में दबने से एक युवक की मौत हो गई। वहीं हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र स्थित सुभई दक्षिणी टोला में पेड़ गिरने से छह वर्षीय बच्चे की मौत। मढ़ौरा के गौरा थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। उधर, गुरुवार की सुबह वज्रपात से औरंगाबाद जिले के माली थाना क्षेत्र के गम्हरिया गांव में आई बारात में दूल्हे के चाचा 50 वर्षीय अक्षय राम की मौत हो गई। मधुबनी जिले के बाबूबरही के परसा गांव में ठनका गिरने से छह लोग घायल हो गए। घोघरडीहा के नौवाबाखर पंचायत के धावघट गांव में बरगद का पेड़ फूस के घर पर गिर गया। इससे घर में मौजूद 55 वर्षीय कलावती देवी की दबकर मौत हो गई। जिरौल नवटोली में बुजुर्ग महिला पंची देवी की ठनका की चपेट में आने से मौत हो गई। पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड में दो लोगों की मौत हो गई। मलाही बलुआ निवासी 25 वर्षीय युवक की पेड़ से दबकर जान चली गई, जबकि एक अन्य युवक की ई-रिक्शा पलटने से मौत हो गई। दरभंगा में पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई। केवटी प्रखंड के रैयाम गांव में 52 वर्षीय महिला पेड़ के नीचे दब गई। मुजफ्फरपुर के सरैया नगर पंचायत के वार्ड 12 में बरगद का पेड़ घर पर गिरने से बुजुर्ग महिला फूलमती देवी की मौत हो गई। समस्तीपुर के दलसिंहसराय में घर पर पेड़ गिरने से 50 वर्षीय घाटो सहनी की मौत हो गई। समस्तीपुर के साथ पूर्वी चंपारण के कई क्षेत्रों में पेड़, पोल और तार गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि से आम और लीची की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सीतामढ़ी में आंधी, बारिश और वज्रपात से भारी नुकसान हुआ। चोरौत और परसौनी में वज्रपात से घरों में आग लग गई। कई प्रखंडों में पेड़ गिरने से सड़कें जाम रहीं, जिससे आवागमन बाधित हुआ। अधिकांश इलाकों में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रही। आम-लीची व अन्य फसलों को व्यापक नुकसान बारिश से हरी सब्जी, मिर्च, मूंग और गन्ना फसल को कुछ लाभ भी हुआ है, लेकिन ओलावृष्टि और तेज हवा से आम, लीची, गेहूं और मक्का की फसलों को व्यापक क्षति पहुंची है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है।

IPL 2026: मुंबई इंडियंस ने सेंटनर की जगह केशव महराज को टीम में लिया

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के सीमित ओवरों के कप्तान मिचेल सेंटनर को बड़ा झटका लगा है. कंधे की गंभीर चोट के चलते वह कम से कम एक महीने तक क्रिकेट से दूर रहेंगे. आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस  (Mumbai Indians) का हिस्सा रहे सेंटनर इस हफ्ते की शुरुआत में स्वदेश लौटे, जहां स्कैन में उनके बाएं कंधे में ग्रेड-3 एसीएल (AC joint ligament) इंजरी की पुष्टि हुई. न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच के बाद सेंटनर को कम से कम एक महीने आराम और रिहैबिलिटेशन की सलाह दी गई है. यह चोट उन्हें 23 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) के खिलाफ मुकाबले में फील्डिंग के दौरान लगी थी. 34 साल के सेंटनर आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए चौथा मैच खेल रहे थे. उन्होंने टूर्नामेंट में 5 विकेट लिए और उपयोगी रन भी जोड़े. इससे पहले वह निजी कारणों से टीम से थोड़ा ब्रेक लेकर देर से स्क्वॉड में जुड़े थे. मिचेल सेंटनर  को आईपीएल 2025 से पहले Mumbai Indians ने 2 करोड़ रुपये में खरीदा था और इस सीजन के लिए रिटेन भी किया. उन्होंने IPL 2025 में 13 मैच खेले, जिसमें 7.92 की इकॉनमी से 10 विकेट झटके. Mumbai Indians ने बड़ा फैसला लेते हुए सेंटनर की जगह साउथ अफ्रीका के अनुभवी लेफ्ट आर्म स्पिनर केशव महराज को टीम में शामिल कर लिया है. इस चोट का असर न्यूजीलैंड के आगामी इंटरनेशनल शेड्यूल पर भी पड़ेगा. सेंटनर अब मई के अंत में आयरलैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट और जून की शुरुआत में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट से बाहर हो गए हैं. दूसरे और तीसरे टेस्ट में उनकी वापसी को लेकर फैसला बाद में लिया जाएगा. गौरतलब है कि सेंटनर ने हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड की कप्तानी करते हुए टीम को फाइनल तक पहुंचाया था, जहां उन्हें भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा. टूर्नामेंट में उन्होंने 120 रन बनाए और गेंद से भी योगदान दिया. हालांकि राहत की बात यह है कि अगर रिकवरी तय समय पर होती है, तो जुलाई में वेस्टइंडीज दौरे पर होने वाली वनडे और टी20 सीरीज में सेंटनर की कप्तान के तौर पर वापसी की उम्मीद जताई जा रही है.  

बुद्ध पूर्णिमा 2026: घर में बुद्ध की मूर्ति रखने का सही तरीका और महत्व

 आज बुद्ध पूर्णिमा का बड़ा ही पावन दिन है. आज ही के दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ, उन्हें ज्ञान मिला और आज ही उन्होंने निर्वाण भी प्राप्त किया. दुनिया भर में लोग आज के दिन को शांति और भाईचारे के प्रतीक के रूप में मनाते हैं. ऐसे में बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर घर में बुद्ध की मूर्ति लाना बहुत शुभ माना जाता है. लेकिन घर में बुद्ध की मूर्ति लगाते वक्त ध्यान रखना जरूरी है कि यह सिर्फ सजावट की चीज़ नहीं है, बल्कि घर में एक सकारात्मक ऊर्जा और सुकून लेकर आती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बुद्ध की हर मूर्ति का अपना एक खास मतलब होता है? आज इस खास मौके पर चलिए जानते हैं कि आपको अपने घर के लिए कौन सी बुद्ध प्रतिमा चुननी चाहिए और उसे रखने का सही तरीका क्या है. बुद्ध की अलग-अलग मुद्राएं: किसका क्या है मतलब? बुद्ध की हर प्रतिमा में उनके हाथों की स्थिति (मुद्रा) एक अलग संदेश देती है. इसलिए अपनी जरूरत के हिसाब से सही मूर्ति चुनना बेहद जरूरी है. ध्यान बुद्ध (Meditating Buddha): अगर आप चाहते हैं कि घर में शांति रहे और आपका मन काम में लगे, तो पद्मासन में बैठे बुद्ध की यह मूर्ति बेस्ट है. इसे घर के किसी शांत कोने या पूजा घर में रखें. अभय बुद्ध (Protection Buddha): इस मूर्ति में बुद्ध का दाहिना हाथ उठा हुआ होता है. यह आशीर्वाद और सुरक्षा का प्रतीक है.  अगर आपको डर लगता है या आत्मविश्वास की कमी महसूस होती है, तो इसे घर के मुख्य द्वार के पास रखें. भूमिस्पर्श बुद्ध (Earth Touching Buddha): इसमें बुद्ध का हाथ ज़मीन को छू रहा होता है. यह मुद्रा अटूट विश्वास और सच्चाई को दर्शाती है. यह ज्ञान की तलाश करने वालों के लिए बहुत शुभ है. लेटे हुए बुद्ध (Reclining Buddha): यह मूर्ति बुद्ध के निर्वाण काल को दर्शाती है. यह आंतरिक शांति और सद्भाव का प्रतीक है.  इसे अपने लिविंग रूम में इस तरह रखें कि उनका चेहरा दाईं  ओर हो. वरद मुद्रा (Medicine Buddha): इसमें बुद्ध का हाथ नीचे की ओर खुला होता है. अगर घर में कोई बीमार रहता है या आप अच्छी सेहत चाहते हैं, तो यह प्रतिमा उपचार और करुणा का प्रतीक मानी जाती है. बुद्ध सिर या बुद्ध प्रतिमा (Buddha Bust/Head Statue): बुद्ध का सिर या बस्ट प्रतिमा उनके अपार ज्ञान और बुद्धत्व  को दर्शाती है.  यह हमें हमेशा याद दिलाती है कि शांति की शुरुआत हमारे दिमाग और सोच से होती है. कहाँ रखें: अगर आपके पास छोटी बुद्ध हेड प्रतिमा है, तो इसे किसी मेज या वेदी पर रख सकते हैं.  वहीं, अगर आप बड़ी प्रतिमा ला रहे हैं, तो इसे अपने घर या ऑफिस के हॉल के बीचों-बीच एक सेंटरपीस के तौर पर लगाएं. यह न केवल माहौल को सुंदर बनाती है, बल्कि वहाँ आने-जाने वालों को शांति का अहसास भी कराती है.  कैसी होनी चाहिए मूर्ति की बनावट ? आप मूर्ति कहाँ रख रहे हैं, उसके हिसाब से सही धातु या चीज़ का चुनाव करें. धातु : घर के अंदर के लिए पीतल या तांबे की मूर्तियाँ सबसे शुभ मानी जाती हैं. पत्थर : अगर आप बालकनी या बगीचे  में बुद्ध को स्थापित करना चाहते हैं, तो पत्थर की मूर्ति ही चुनें. लकड़ी : प्राकृतिक अहसास और घर के माहौल को हल्का रखने के लिए लकड़ी की मूर्तियाँ बेहतरीन होती हैं. वास्तु का रखें ध्यान: कहाँ रखें और कहाँ नहीं? मूर्ति को घर में स्थापित करते समय इन 3 बातों का गांठ बांध लें. ऊंचाई पर रखें: बुद्ध को कभी भी सीधे ज़मीन पर न रखें.  उन्हें हमेशा आंखों के स्तर पर किसी ऊंची टेबल, स्टैंड या वेदी पर ही जगह दें. सही दिशा: मूर्ति का चेहरा हमेशा पूर्व  दिशा की ओर होना चाहिए.  अगर संभव न हो, तो इसे घर के मुख्य द्वार की तरफ रखें ताकि सकारात्मक ऊर्जा अंदर आए. इन जगहों से बचें: भूलकर भी बुद्ध की प्रतिमा को बेडरूम, बाथरूम या किचन में न रखें.  उन्हें हमेशा साफ-सुथरी और शांत जगह पर ही रखें.

डीएम को कॉल कर मांगी थी धमकी भरी कार्रवाई, नागेश्वर कॉलोनी से आरोपी गिरफ्तार

पटना 2022 में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश के नाम से तत्कालीन डीजीपी एसके सिंघल को फोन करके झांसा देने वाला अभिषेक अग्रवाल फिर से सुर्खियों में है। चार साल बाद उसे बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स की टीम ने पटना के कोतवाली थाना इलाके से गिरफ्तार किया है। इस बार आरोप लगा है कि अभिषेक लंबे समय से प्रवर्तन निदेशालय का फर्जी अधिकारी बनकर पटना समेत कई जिलों के लोगों को फर्जी कॉल कर ठगी कर रहा था। वह अपना शिकार सरकार कर्मचारियों को भी बना रहा था। इस मामले को लेकर 28 अप्रैल को भोजपुर के नवादा थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई। 27 अप्रैल को डीएम को फर्जी ईडी अधिकारी बनकर किया था कॉल पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान किया तो कॉल करने वाले का टॉवर लोकेशन पटना के नागेश्वर कॉलोनी का मिला। इसके बाद भोजपुर पुलिस ने एसटीएफ की मदद से छापेमारी की तो आरेपी अभिषेक अग्रवाल पकड़ा गया। एसटीएफ ने उसे नवादा थाने की पुलिस को सुपुर्द कर दिया है। उसके खिलाफ आर्थिक अपराध इका, पटना के खाजेकलां में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस की मानें तो अभिषेक अग्रवाल फर्जी अधिकारी बनकर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को कॉल करता था। 27 अप्रैल को उसने जब डीएम तनय सुल्तानिया को फर्जी ईडी अधिकारी बनकर कॉल किया तो डीएम कार्यालय की ओर से नवादा थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई। इसके बाद पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी और आरोपी अभिषेक अग्रवाल को गिरफ्तार किया। 2022 में पटना हाईकोर्ट के जज के नाम से तत्कालीन डीजीपी को किया था कॉल वर्ष 2022 में टाइल्स व्यवसायी अभिषेक अग्रवाल ने पटना हाई कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस संजय करोल के नाम से तत्कालीन डीजीपी एसके सिंघल को कॉल किया था। उसने एक केस में गया के पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार के हित में फैसला देने का दबाव बनाया था। एसके सिंघल के आदेश पर अभिषेक अग्रवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 387, 149, 420, 467, 468, 120 (बी) तथा आई टी एक्ट की धारा 66 (सी), 66 (डी) के अंतर्गत आर्थिक अपराध थाना (पटना) कांड संख्या 33/2022 दर्ज किया गया था। आर्थिक अपराध इकाई भी इसकी जांच कर रही थी। जांच में पता चला कि अभिषेक के संबंध के बिहार के कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के साथ। वह आसानी से अधिकारियों के साथ घुल मिल जाता था। उसकी कई तस्वीरे भी अधिकारियों के साथ सामने आई। डीजीपी को जज बनकर कॉल करने के आरोप में वह जेल भी गया था। इसके बाद कोर्ट ने उसे जमानत दे दी। 

पावापुरी से युवती गिरफ्तार, प्रेमजाल में फंसाकर युवक का कराया गया अपहरण

नालंदा बिहार के पावापुरी(नालंदा) से पुलिस ने एक ऐसी युवती को गिरफ्तार किया है जो हूस्न का जाल फैलाकर युवाओं को फंसाती है और फिर अगवा करवाकर फिरौती वसूलती है। पुलिस ने युवती को गिरफ्तार कर कर लिया है। अब गिरोह के अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है। युवती सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती और प्यार के बहाने युवाओं को हनीट्रैप करती है। बुधवार को शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के पांची गांव निवासी सागर रविदास के पुत्र विक्रम कुमार के अपहरण का मामला चर्चा में रहा था। पुलिस ने अपहृत को बरामद कर लिया है। एक युवती को गिरफ्तार किया गया है। उसकी पहचान पावापुरी ओपी क्षेत्र के चोरसुआ गांव निवासी रामधीन की पुत्री संध्या कुमारी के रूप में की गयी है। उससे पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। संध्या ने बताया कि उसने सोशल मीडिया के माध्यम से युवक से दोस्ती की। धीरे धीरे उसे प्यार का पाठ पढ़ाने लगी। युवक जब उसकी जाल में फंस गया तो उसे धोखे से पावापुरी बुलाया और अपने दोस्तों की मदद से उसका अपहरण कर लिया। उसके बाद गैंग ने युवक के परिजनों से छह लाख रुपये फिरौती की मांग की। बार बार फोन करने पर पिता ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कांड दर्ज करके कार्रवाई की तो यह चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। ग्रामीणों की मानें तो मंगलवार की रात से ही पुलिस कार्रवाई में जुटी थी। हालांकि, नालंदा पुलिस ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि पुलिस को बुधवार की रात सूचना मिली। इसके बाद कार्रवाई की गयी। पुलिस मात्र छह घंटे में अपहृत को बरामद करने का दावा भी कर रही है। राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि बुधवार की रात पावापुरी ओपी को फोन से अपहरण और छह लाख फिरौती मांगने की सूचना मिली। उनके निर्देश पर स्थानीय पुलिस व डीआईयू की टीम कार्रवाई में जुट गयी। अपहरणकर्ताओं ने दोबारा की फिरौती की मांग अपहरणकर्ताओं ने दोबारा युवक के पिता को फोन कर फिरौती की मांग की। पुलिस ने लोकेशन के आधार पर पावापुरी फ्लाईओवर के पास से अपहृत युवक को बरामद किया। हालांकि, अपहरणकर्ता भाग निकले। अपहृत से पूछताछ में पता चला कि वह संध्या से सोशल मीडिया के माध्यम से बात करता था। इसके बाद संध्या से पूछताछ की गयी। उसने बताया कि उसके ब्यॉयफ्रेंड मानपुर थाना क्षेत्र के तेतरावां गांव निवासी राजा गोप ने अपने सहयोगी चोरसुआ गांव निवासी सोनू उर्फ नट्टू व अन्य की मदद से युवक का अपहरण किया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की डीएम-एसपी बैठक, सुशासन और पारदर्शिता पर जोर

 पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य में कानून का राज हर हाल में कायम रहेगा। क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से साफ तौर पर कहा कि किसी भी आपराधिक या हत्या की घटना में दोषियों को 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार करें। 12 से 13 दिनों के अंदर ऐसी सख्त कार्रवाई हो, जो लोगों को दिखे। लोगों के बीच सुशासन की अवधारणा स्थापित करनी है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को पटना के अधिवेशन भवन में सभी डीएम-एसपी के साथ अपनी पहली बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की और कई अहम निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने नई सरकार की प्राथमिकताएं बतायीं। बैठक में मुख्य सचिव और डीजी समेत प्रशासन और पुलिस के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को दो टूक कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाएं। कानून और योजनाएं को जमीन पर ठीक ढंग से लागू करें। अपराधी किसी तरह का दुस्साहस न करें, इसको लेकर मुस्तैदी से कार्य करें। अधिकारियों से दो-टूक कहा कि लटकाने भटकाने की प्रवृत्ति नहीं रखें, बल्कि जनता के सहयोगी की भूमिका में रहें। पुलिस दीदी कॉन्सेप्ट को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करें। बच्चियां सुरक्षित स्कूल आएं-जाएं, इसे सुनिश्चित करें। डीएम-एसपी जनता से मिलें मुख्यमंत्री ने सभी डीएम-एसपी को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यालय में निश्चित रूप से सुबह 10 से दिन में एक बजे तक बैठकर लोगों से मिलें। उनकी समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा, आप जितने लोगों से मिलेंगे, जिले के बारे में उतनी अधिक जानकारी होगी और क्षेत्र का विकास करने में सुविधा होगी। पंचायतों में महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को अधिकारी ‘सहयोग शिविर’ लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के अंदर करें। घुसपैठिये बाहर किए जाएंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में हमलोगों की सरकार ने जाति आधारित गणना कराई थी। अब जनगणना का कार्य केंद्र सरकार के द्वारा कराया जा रहा है उसमें सभी हाऊस होल्ड को ठीक से चिह्नित करें। कौन कहां से आया है, यहां का निवासी कैसे है, इन सब चीजों की जानकारी प्राप्त करें। किसी भी धर्म के लोग हों, वे भारत के निवासी हैं तो उन्हें सुविधाएं मिलेंगी। वहीं, किसी भी धर्म के हों, अगर घुसपैठिया है तो उन्हें बिहार से बाहर किया जाएगा। हर जिले में 50 डेस्टिनेशन स्पॉट मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में कम-से-कम 50 डेस्टिनेशन स्पॉट को चिह्नित कर उसे और विकसित करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कई अप्रासंगिक कानूनों को रद्द किया गया। प्रशासन को पारदर्शी एवं सुलभ बनाया गया है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में पिछले 20 वर्षों में बिहार विकास के पथ पर आगे बढ़ा है। कानून-व्यवस्था, बिजली, सड़क सहित सभी क्षेत्रों में प्रगति हुई। राज्य में सुशासन स्थापित रहने से इसका लाभ राज्यवासियों को मिला है। शराबबंदी को सफल करें सम्राट चौधरी ने कहा कि पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून लागू किया है। शराबबंदी पूरी तरह सफल हो, इसको लेकर बेहतर ढंग से कार्य करें। शराब बेचनेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर इस अवैध धंधे को ध्वस्त करें। शराब और मादक पदार्थों की तस्करी में पुलिस और प्रशासन के जो लोग संरक्षण प्रदान कर रहे हैं, उन्हें चिह्नित कर सख्त कार्रवाई करें। प्रखंड, अंचल और थाना का सीएम कार्यालय प्रतिदिन रियल मॉनीटरिंग करेगा। प्रखंड, अंचल और थाने में सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगाएं। मुख्यमंत्री के निर्देश ● क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म से कोई समझौता नहीं ● बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा पर कोताही नहीं होनी चाहिए ● दोषियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार करें ● अपराधी किसी तरह का दुस्साहस न करें, इसको लेकर पुलिस मुस्तैद रहे ● पंचायतों में माह के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर लगेगा सीएम का बयान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अगर अच्छा काम करते हैं तो जनप्रतिनिधियों के पास लोगों की समस्याओं से जुड़े मामले कम आते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि सभी अधिकारी संवेदनशीलता, तत्परता और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा सुनिश्चित करेंगे। -सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री

डोनाल्ड ट्रंप का बयान: ईरान के मामले को युद्ध नहीं कहूंगा, फिर खुद की सराहना की

वाशिंगटन दुनियाभर में आठ युद्ध रुकवाने का दावा करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान मामले को युद्ध मानने से ही इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका के अभियान के बाद ईरान की नौसेना और थल सेना कमजोर हो गई है और अब वे समझौता करने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं। ईरान की सैन्य क्षमता पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनकी ड्रोन फैक्ट्रियों को भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा ईरान की परमाणु क्षमता को भी धराशायी कर दिया गया है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाने का भी दावा किया था। उन्होंने कहा था कि टैरिफ का दबाव बनाकर उन्होंने युद्ध रुकवाया था। युद्ध रुकवाने के दावे करके वह कई बार नोबेल पुरस्कार की भी इच्छा जता चुके हैं। इस बार का शांति का नोबेल पुरस्कार उन्हें नहीं मिला तो वह काफी भड़के हुए थे। युद्ध को लेकर क्या कह रहे डोनाल्ड ट्रंप डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जब तक ईरान परमाणु समझौते की शर्तें मानने को तैयार नहीं होता तब तक नाकेबंदी जारी रहेगी। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान परमाणु हथियार बनाना जारी रखता है, तो उसके साथ 'कभी कोई समझौता नहीं' होगा। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उद्देश्यों के लिए है। अमेरिकी राष्ट्रपति और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान के ताजा प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है, जिसमें ईरान ने पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और नाकेबंदी हटाने का सुझाव दिया है, जबकि परमाणु वार्ता को स्थगित करने की बात कही है। नाकेबंदी जारी रखने के श्री ट्रंप के फैसले से वैश्विक तेल बेंचमार्क 'ब्रेंट क्रूड' की कीमतें गुरुवार को 125 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस रणनीति का बचाव करते हुए कहा कि नाकेबंदी प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई से अधिक प्रभावी हो सकती है। उन्होंने ईरान से जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया और कहा कि अधिकारी जरूरत पड़ने पर महीनों तक नाकेबंदी जारी रखने के तरीके खोज रहे हैं। अमेरिकी नीति निर्माताओं का मानना है कि लंबे समय तक लगे प्रतिबंध अंततः ईरान को तेल उत्पादन रोकने के लिए मजबूर कर सकते हैं। यह संघर्ष अब दसवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, जबकि इसके चार से छह सप्ताह में सुलझने की उम्मीद थी। होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रतिबंधित रहने से वैश्विक आपूर्ति से प्रतिदिन लगभग दो करोड़ बैरल तेल कम हो रहा है। अमेरिका की इस लंबी नाकेबंदी की तैयारी से एशियाई अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। क्षेत्र के कई देश ऊर्जा आपूर्ति के लिए इस जलडमरूमध्य पर निर्भर हैं और कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, प्लास्टिक तथा उर्वरकों की आपूर्ति में कमी महसूस की जा रही है।

बड़ा मंगल 2026: सुंदरकांड की 5 शक्तिशाली चौपाइयां और उनका महत्व

4 मई 2026 को पहला बड़ा मंगल है। ज्येष्ठ माह के मंगलवार पर हनुमान जी की विशेष पूजा- अर्चना की जाती है। बड़ा मंगल पर आप सुंदरकांड की कुछ शक्तिशाली चौपाइयों का पाठ कर हनुमान जी के साथ भगवान राम की भी कृपा पा सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से। बड़ा मंगल हिंदू धर्म में हनुमान जी की विशेष उपासना का दिन है। ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को मनाए जाने वाले इस व्रत में भक्त हनुमान जी के साथ-साथ भगवान राम की कृपा भी प्राप्त करते हैं। साल 2026 में पहला बड़ा मंगल 4 मई 2026 को है। इस दिन सुंदरकांड का पाठ करने से हनुमान जी की कृपा के साथ राम जी की विशेष अनुकंपा प्राप्त होती है। सुंदरकांड में कुछ खास चौपाइयां ऐसी हैं, जिनका पाठ करने से भक्तों के संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। बड़ा मंगल का महत्व बड़ा मंगल सामान्य मंगलवार से ज्यादा शक्तिशाली माना जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा के साथ राम-सीता और लक्ष्मण जी की भी आराधना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन सुंदरकांड पढ़ने या सुनने से भक्त को राम जी की कृपा सीधे प्राप्त होती है। खासकर पहला बड़ा मंगल संकल्प और नई शुरुआत के लिए बहुत शुभ होता है। सुंदरकांड क्यों पढ़ा जाता है? सुंदरकांड रामायण का वह हिस्सा है, जिसमें हनुमान जी की वीरता, भक्ति और शक्ति का अद्भुत वर्णन है। यह कांड भक्तों को संकट से मुक्ति, साहस और विश्वास प्रदान करता है। बड़े मंगल के दिन सुंदरकांड का पाठ करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और भक्त की मनोकामना पूरी करते हैं। हनुमान जी की कृपा पाने वाली 5 खास चौपाइयां यहां 5 महत्वपूर्ण चौपाइयां दी गई हैं, जिनका पाठ बड़े मंगल के दिन विशेष रूप से फलदायी माना जाता है: 1. कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहिं होइ तात तुम पाहीं।। यह चौपाई हनुमान जी की असीम शक्ति को दर्शाती है। सीता माता का पता लगाने के लिए समुद्र लांघकर लंका जाने के लिए हनुमान जी को जब उनके बल की याद जामवंत जी दिला रहे थे, तो उन्होंने बजरंबली से बोला था कि आपके लिए इस संसार में कोई भी कार्य कठिन नहीं है। मान्यता है कि हनुमान जी को उनकी वीरता याद दिलाने वाले इस चौपाई का पाठ करने से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। 2. प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदय राखि कोसलपुर राजा।। यह चौपाई हनुमान जी के लंका प्रवेश की है। इसमें भक्ति और सावधानी का सुंदर मेल दिखता है। हनुमान जी कहते हैं कि राम नाम को हृदय में रखकर कोई भी कार्य किया जाए, तो जहर अमृत बन जाता है, शत्रु मित्र बन जाते हैं और छोटा सा गोपद भी समुद्र के समान हो जाता है। मान्यता है कि इस चौपाई का पाठ करने से कार्य में सफलता और सुरक्षा मिलती है। 3. हनुमान तेहि परसा कर पुनि कीन्ह प्रनाम। राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम।। यह चौपाई हनुमान जी के समर्पण को दर्शाती है। जब हनुमान जी समुद्र पार कर रहे थे, तब मैनाक पर्वत ने उन्हें विश्राम करने का आमंत्रण दिया था। हनुमान जी मैनाक पर्वत से कहते हैं कि राम का काम पूरा किए बिना उन्हें विश्राम नहीं है। इसका पाठ करने से लक्ष्य के प्रति समर्पण बढ़ता है। 4. धरइ जो बिबिध देह सुरत्राता। तुम्ह से सठन्ह सिखावनु दाता॥ हर कोदंड कठिन जेहिं भंजा। तेहि समेत नृप दल मद गंजा॥ यह चौपाई हनुमान जी की राम भक्ति का सार है। रावण से श्रीराम जी का गुणगान करते हुए हनुमान जी कहते हैं कि जो अच्छे लोगों की रक्षा के लिए शरीर लेते हैं और अज्ञानियों को शिक्षा देते हैं। जिन्होंने शिवजी के कठोर धनुष को तोड़ डाला और उसी के साथ राजाओं के समूह का घमंड भी चूर कर दिया। वो भगवान हमेशा सच्चे और अच्छे लोगों का साथ देते हैं और बुरे काम करने वालो को सजा देते हैं। पाठ से भक्ति, विश्वास और शुद्धता बढ़ती है। 5. दीन दयाल बिरिदु संभारी। हरहु नाथ मम संकट भारी।। लंका दहन करने के बाद जब हनुमान जी वापस आने लगे, तो उस समय माता सीता नुमान जी से कहती हैं कि वे प्रभु श्रीराम को यह संदेश दें कि हे दुखियों पर दया करने वाले प्रभु! आप अपने दयालु स्वभाव की मर्यादा को याद रखें और मेरे इस भारी संकट को दूर कर दीजिए। यह चौपाई संकट मोचन हनुमान जी से सीधे प्रार्थना है। संकट के समय इसका पाठ करने से बहुत जल्दी राहत मिलती है। बड़े मंगल पर इन चौपाइयों का पाठ कैसे करें? 4 मई 2026 को सुबह स्नान के बाद लाल या केसरिया वस्त्र धारण करें। हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं। सुंदरकांड का पूरा पाठ करने के बाद ऊपर दी गई 5 चौपाइयों का 11, 21 या 108 बार जाप करें। अंत में हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें। प्रसाद में बूंदी के लड्डू या केला चढ़ाएं। बड़े मंगल के लाभ     हनुमान जी और राम जी दोनों की कृपा प्राप्त होती है।     संकटों से मुक्ति मिलती है।     साहस, आत्मविश्वास और शक्ति बढ़ती है।     नौकरी, व्यापार और विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं।     मन में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अगर आप बड़े मंगल पर सुंदरकांड की इन 5 चौपाइयों का श्रद्धा से पाठ करेंगे, तो हनुमान जी की कृपा के साथ भगवान राम की विशेष अनुकंपा प्राप्त होगी। संकटों से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यह सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी उपाय है।

चिलुआताल में हंगामा, अपहरण केस के बाद फिर प्रेमी से मिलने पर अड़ी किशोरी

गोरखपुर गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र के एक गांव में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक किशोरी प्रेमी के घर जाने की जिद में हाईटेंशन पोल पर चढ़ गई। घटना की सूचना फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिसवालों ने किसी तरह से समझा-बुझाकर ढाई घंटे बाद उसे नीचे उतारवाया। इससे पहले किशोरी की मां ने युवक पर अपहरण का केस दर्ज कराया था, जिसमें पुलिस ने बेटी को बरामद कर आरोपी युवक को जेल भेज दिया था। अब किशोरी फिर उसी के साथ जाना चाहती है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को किशोरी चिलुआताल इलाके में स्थित हाईटेंशन बिजली पोल पर चढ़ गई। देखते ही देखते आसपास के ग्रामीणों की भीड़ लग गई। पुलिस ने किशोरी को समझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन वह जिद पर अड़ी रही। इससे पहले इलाके के एक गांव की रहने वाली महिला ने 26 मार्च 2026 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि बालापार निवासी शिवम उर्फ गणेश उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किशोरी को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया था, जबकि आरोपी को जेल भेज दिया गया था। गुरुवार को किशोरी दोबारा प्रेमी के पास जाने की जिद पर अड़ गई और हाईटेंशन पोल पर चढ़ गई। पुलिस ने काफी देर तक उसे फोन के माध्यम से समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे आश्वासन दिया, जिसके बाद वह नीचे उतरने को तैयार हुई। पुलिस किशोरी को थाने ले गई, जहां समझाने-बुझाने के बाद उसे उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। दुष्कर्म के आरोपी प्रेमी को जेल, 24 घंटे में चार्जशीट पीपीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी प्रेमी विपिन विश्वकर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। उधर, पुलिस ने पीड़िता का कोर्ट में बयान दर्ज कराने के साथ ही मेडिकल परीक्षण भी करा दिया है। इस प्रकरण में 24 घंटे में ही पुलिस ने चार्जशीट भी लगा दी। घटना 28 अप्रैल की है। किशोरी के परिजन एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। घर पर केवल महिलाएं थीं, जो विवाह समारोह में व्यस्त थीं। इसी दौरान कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम गजरहिया निवासी विपिन विश्वकर्मा ने किशोरी को बहला फुसलाकर गांव में स्थित अपने मामा के घर ले जाकर कमरे में बंद कर दुष्कर्म किया। किशोरी इसके बाद घर चली गई और बुधवार को इसकी भनक भाई को लग गई। वह किशोरी को लेकर थाने पहुंच गया और सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया। लेकिन बाद में किशोरी की मां थाने पहुंच गई और प्रेमी विपिन विश्वकर्मा पर आरोप लगाते हुए तहरीर दी। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया था। एसओ अरुण कुमार सिंह के मुताबिक, आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया गया। किशोरी का मेडिकल परीक्षण व मजिस्ट्रेट बयान दर्ज कराकर चार्जशीट लगा दिया गया। एसपी नार्थ, ज्ञानेंद्र ने कहा कि पुलिस महिला अपराध के प्रति संवेदनशील है। किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को जेल भिजवाने के साथ ही 24 घंटे में चार्जशीट लगा दी गई। पुलिस सजा दिलाने के लिए कोर्ट में भी मजबूत पैरवी करेगी।