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वास्तु शास्त्र: घर का फर्श भी तय करता है भाग्य, गलत रंग से बढ़ सकता है वास्तु दोष

रसोई, किचन, बेडरूम, ड्रॉइंग रूम और यहां तक कि मकान का फर्श भी वास्तु दोष के लिए बहुत रिस्पॉन्सिबल होता है. (Photo: ITG) वास्तु के शुभ और अशुभ परिणामों का असर उसमें रहने वाले लोगों पर ही पड़ता है. फिर चाहे मकान अपना हो या फिर किराए का. घर की हर दिशा में वास्तु मौजूद है. रसोई, किचन, बेडरूम, ड्रॉइंग रूम और यहां तक कि मकान का फर्श भी वास्तु दोष के लिए बहुत रिस्पॉन्सिबल होता है. आचार्य कमल नंदलाल कहते हैं कि घर का फर्श इंसान की तरक्की और बर्बादी दोनों के लिए जिम्मेदार हो सकता है. इसलिए घर के फर्श को कभी इग्नोर नहीं करना चाहिए. ज्योतिषविद ने बताया कि आजकल लोग घरों में फ्लोर बनाने के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं. लोग फ्लोर बनाने के लिए सेरेमिक टाइल्स या ग्रेनाइट मार्बल का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि फ्लोर पर मार्बल का इस्तेमाल आदमी को नुकसान दे सकता है. दरअसल, मार्बल को फर्श पर लगाने से चंद्रमा छठे भाव में प्रभाव छोड़ने लगता है जो अपने आप में वास्तु दोष क्रिएट करता है. इस तरह का वास्तु दोष आपके जीवन में न्यूरो से जुड़ी समस्याओं को ट्रिगर कर सकता है. डार्क कलर के फर्श का जादू ज्योतिषविद ने बताया कि घर के फर्श पर कभी भी सफेद रंग का फ्लोर न बिछाएं. इस तरह का फर्श इंसान को आसमान से जमीन पर ला सकता है. वास्तु के दृष्टिकोण से गहरे हरे रंग का फर्श सबसे उत्तम होता है. यह बुध ग्रह का प्रतीक होता है. काल पुरुष सिद्धांत के अनुसार छठे भाव का कारक ही बुध है. इसके अलावा आप काले, नीले या भूरे रंग का फर्श भी बनवा सकते हैं. किस दिशा में बनवाएं कौन सा फर्श? वास्तु के अनुसार, घर की उत्तर-पूर्व दिशा में भूरे रंग का फर्श बनवाना चाहिए. यहां बृहस्पति स्थिति को बैलेंस रखते हैं. घर की पूर्व दिशा में हमेशा काले रंग का फर्श बनवाना चाहिए. क्योंकि यह शनि को छठे या सातवें भाव में रखकर सूर्य को बलवान बनाता है. दक्षिण-पूर्व दिशा की बात करें तो यहां गहरे नीले रंग का फर्श बनवाना चाहिए. दक्षिण दिशा में काले रंग का फर्श बनवाना चाहिए. इससे शनि और मंगल की स्थिति ठीक रहती है. दक्षिण-पश्चिम दिशा में नीले या भूरे रंग का फर्श बनवाना चाहिए. पश्चिम दिशा में ग्रे या हल्के ब्राउन कलर का फर्श बनवाना चाहिए. जबकि उत्तर दिशा में डार्क ग्रीन कलर का फर्श बनवाना चाहिए. इससे इंसान के लाइफस्टाइल में सुधार बना रहता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार रहता है. छत पर हमेशा ग्रे और तह खानों में डार्क ब्राउन या नीले रंग का फ्लोर बनवाना चाहिए.

गौतम बुद्ध के संन्यास के बाद यशोधरा का जीवन, सादगी और धैर्य की मिसाल

 बुद्ध पूर्णिमा का पर्व आज मनाया जा रहा है. इस दिन भगवान गौतम बुद्ध की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है. कहते हैं कि गौतम बुद्ध ने गृहस्थ जीवन छोड़कर संन्यास ले लिया था. तो आइए जानते हैं कि गौतम बुद्ध के गृहस्थ जीवन छोड़ने के बाद उनकी पत्नी यशोधरा का जीवन कैसा हो गया था. जानते हैं पूरी कथा. कथा के मुताबिक, कोलिय वंश के राजा सुप्पाबुद्ध और रानी पामिता की पुत्री यशोधरा अपनी सुंदरता और दयालु स्वभाव के लिए जानी जाती थीं. उसी समय दूसरी ओर, शाक्य वंश के राजा शुद्धोधन और महारानी मायादेवी के घर लुंबिनी वन में एक पुत्र का जन्म हुआ था, जिसका नाम सिद्धार्थ रखा गया. यही सिद्धार्थ आगे चलकर ज्ञान प्राप्त कर महात्मा बुद्ध के रूप में प्रसिद्ध हुए. कैसे हुआ था यशोधरा-सिद्धार्थ का विवाह? कहते हैं कि जब महारानी मायादेवी सिद्धार्थ को गर्भ में धारण किए हुए थीं, तब उन्होंने एक अद्भुत सपना देखा था- एक सफेद हाथी, जिसके छह दांत थे, उनके गर्भ में प्रवेश करता हुआ दिखाई दिया था. उस समय शाक्य और कोलिय वंश के समान स्तर का कोई अन्य राजघराना नहीं था, इसलिए इन दोनों वंशों के बीच ही रिश्ते तय होते थे. इसी परंपरा के चलते आगे चलकर यशोधरा का विवाह सिद्धार्थ से हुआ, जो उनके रिश्ते में भी थे. उस समय दोनों की उम्र लगभग 16 वर्ष बताई जाती है. विवाह के बाद यशोधरा ने एक आदर्श पत्नी की तरह सिद्धार्थ का पूरा साथ निभाया. वह उनके काम और मन की स्थिति को अच्छे से समझती थीं. जब भी सिद्धार्थ जीवन के सच और लोगों के दुख-दर्द को जानने के लिए बाहर जाते, तो यशोधरा उनका सहयोग करती थीं. दोनों अक्सर समाज और लोगों की परेशानियों को लेकर बातचीत भी करते थे, जिससे उनके बीच गहरा समझ और जुड़ाव बना रहता था. सिद्धार्थ का संन्यास और यशोधरा की समझ धीरे धीरे समय के साथ यशोधरा को यह एहसास होने लगा था कि सिद्धार्थ का मन सांसारिक जीवन में पूरी तरह नहीं लग रहा है. उन्हें कई बार संकेत मिल चुके थे कि सिद्धार्थ एक दिन राजसी सुखों को छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग चुन सकते हैं. यहां तक कि उनके पिता ने भी इस बात को लेकर पहले ही आगाह कर दिया था. सिद्धार्थ के मन में जीवन के दुख, बीमारी, बुढ़ापा और मृत्यु- को लेकर गहरी चिंता थी, जो उन्हें भीतर से बेचैन करती रहती थी. राहुल का जन्म और बड़ा फैसला विवाह के करीब 13 साल बाद यशोधरा ने एक पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम राहुल रखा गया. लेकिन इस समय तक सिद्धार्थ अपने जीवन का सबसे बड़ा निर्णय ले चुके थे. उन्हें लगा कि परिवार का यह बंधन उनकी आत्मज्ञान की खोज में रुकावट बन सकता है. इसलिए उन्होंने एक दिन सब कुछ छोड़कर सत्य की तलाश में निकलने का रास्ता चुन लिया. यशोधरा का धैर्य और त्याग जब यशोधरा को यह पता चला कि सिद्धार्थ घर छोड़ चुके हैं, तो वह स्वाभाविक रूप से दुखी हुईं. लेकिन उन्होंने इस सच्चाई को स्वीकार कर लिया था. उन्होंने खुद को मजबूत बनाया और दूसरों की सहानुभूति के बजाय अपने आत्मबल पर भरोसा किया. उनका मानना था कि जीवन में बड़े लक्ष्य पाने के लिए कुछ त्याग करना जरूरी होता है. पति के जाने के बाद यशोधरा ने भी शाही जीवन से दूरी बना ली थी. उन्होंने महंगे कपड़े और आभूषण छोड़ दिए और बेहद साधारण जीवन जीना शुरू कर दिया था. वह महल की बजाय एक साधारण स्थान पर रहने लगीं, जमीन पर सोतीं और दिन में सिर्फ एक बार भोजन करती थीं. अपने बेटे राहुल को भी वह सादगी, संयम और उनके पिता के आदर्शों के बारे में सिखाती रहती थीं. गौतम बुद्ध की वापसी कई सालों बाद जब सिद्धार्थ ज्ञान प्राप्त कर गौतम बुद्ध बन चुके थे, तब वे अपने पिता के कहने पर वापस लौटे. उनके साथ कई साधु भी आए थे. उनके साधारण रूप और भिक्षा पात्र को देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए. जब बुद्ध लौटे, तो यशोधरा उनसे मिलने के लिए महल के द्वार पर नहीं गईं, बल्कि अपने स्थान पर ही उनका इंतजार किया. वह जानती थीं कि अब सिद्धार्थ सब कुछ समझ चुके होंगे. जब बुद्ध स्वयं उनके पास पहुंचे, तो यह देखकर सभी चकित रह गए. यशोधरा ने उनका सम्मान किया और शांति के साथ उनसे मुलाकात की. इसके बाद यशोधरा अपने पुत्र राहुल को लेकर बुद्ध के पास गईं. धीरे-धीरे उन्होंने भी उसी मार्ग को अपनाने का निर्णय लिया, जिस पर सिद्धार्थ चले थे. अंततः यशोधरा ने भी भिक्षुणी का जीवन अपनाया और आत्मज्ञान की दिशा में आगे बढ़ गई थीं.

पटना समेत 20 जिलों में तेज बारिश, कई जगह 70 मिमी तक वर्षा दर्ज

 पटना बिहार के अलग-अलग भागों में पांच दिनों तक मेघ गर्जन, वज्रपात संग आंधी-बारिश होगी। 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन डिग्री तक की गिरावट से मौसम सामान्य रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पटना सहित राज्य के ज्यादातर भागों में तेज हवा के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। आज सूर्योदय का वक्त 05:15 AM बजे है, जबकि सूर्यास्त शाम 06:26 PM बजे होगा। वातावरण में नमी का स्तर 47 % है, वहीं वायुमंडलीय दबाव 1008 के स्तर पर है। आंधी-बारिश के बाद गुरुवार को पटना सहित बिहार के 20 जिलों के अधिकतम तापमान में भारी कमी आई है। पटना में अधिकतम पारा 29.7 डिग्री और न्यूनतम 19.7 डिग्री रहा। पटना में कुल 25.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई। सुपौल के परपतगंज में 72.6 मिमी, पूर्णिया में 60.2 मिमी, मधुबनी के लखनपुर में 58 मिमी , बक्सर में 54.4 मिमी, पूर्णिया के श्रीनगर में 52.8 मिमी, अररिया के सिकटी में 52.2 मिमी, मधुबनी के झंझारपुर में 50 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस बीच, कृषि विभाग ने जिलों से राज्य भर में हुई आंधी-बारिश से फसल, फल-सब्जी के नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। आंधी-बारिश से सब्जियों की फसल को क्षति पटना जिले में बुधवार की रात आई आंधी और बारिश से आम और सब्जियों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। आंधी से लौकी, तरोई, करेला, परवल जैसी सब्जियों के लत्तर टूट गए हैं। कुछ जगहों पर लत्तर चढ़ाने वाली रस्सियां और चार्ली टूटने-बिखरने से तैयार फसल को नुकसान पहुंचा है। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक प्रवीण कुमार द्विवेदी बताते हैं कि तेज बारिश से खेत में पानी लगने से भी नुकसान हुआ है। खीरा, ककड़ी, नेनुआ, झिंगुनी में पानी लगने से पीलापन की शिकायत हो सकती है। खीरा और तरबूज की फसल को भी नुकसान हुआ है। दूसरी तरफ रबी की फसल कटने के बाद खेतों में जमा भूसा 50 किलोमीटर की आई तेज आंधी में उड़ गई। इससे मवेशियों के भोजन जमा करने वाले किसानों को क्षति हुई। आम की डालियां टूटीं, लीची को भी नुकसान कृषि वैज्ञानिक पीके द्विवेदी बताते हैं कि तेज आंधी और बारिश के कारण आम और लीची को भी हानि पहुंची है। आम की डालियां टूट गई हैं। डालियों पर लटके अधपके आम भी काफी मात्रा में टूट कर गिर गये हैं। लीची का पौधा आम की तुलना में सख्त होने के बावजूद टूटे हैं। आंशिक रूप से मकई की बाहरी दीवार के पौधे गिर गए है। जानवरों की शेड, छपरी उड़ गई है। पटना जिला कृषक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार बताते हैं कि पटना जिला में टमाटर की 90 प्रतिशत फसल खेत से निकल चुकी है। बची हुई 10 प्रतिशत फसल को बीते बुधवार की रात हुई बारिश और आंधी से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होगी।

मई मासिक राशिफल: मेष से मीन तक कई राशियों के लिए रहेगा शुभ समय

 साल 2026 का पांचवां यानी मई का महीना आज से शुरू हो गया है. ज्योतिषियों के मुताबिक, मई का महीना कई अहम व्रत, त्योहार और ग्रह गोचर लेकर आ रहा है. इस महीने की शुरुआत पूर्णिमा व्रत से होगी और अंत भी पूर्णिमा के साथ ही होगा. मई के इस महीने में बुद्ध पूर्णिमा, अपरा एकादशी, अमावस्या, वट सावित्री व्रत, शनि जयंती, गंगा दशहरा और पद्मिनी एकादशी जैसे व्रत त्योहार आएंगे. वहीं, इस महीने में कई बड़े ग्रह गोचर व चाल में बदलाव करने जा रहे हैं, जिसका असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा. तो आइए पंडित प्रवीण मिश्र से जानते हैं कि मई का महीना किन राशियों के लिए शुभ रहने वाला है. मेष राशि मेष राशि वालों के लिए मई 2026 का महीना सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा. इस दौरान आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी और आप अपने काम को बेहतर तरीके से पूरा कर पाएंगे. कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे प्रगति होगी और सीनियर्स का सहयोग भी मिल सकता है. आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और पुराने अटके काम पूरे हो सकते हैं. ध्यान रखें: सेहत को लेकर लापरवाही न करें, खासकर दवाइयों का समय पर सेवन करें. गुस्से पर नियंत्रण रखें, नहीं तो रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है. उपाय: जरूरतमंद लोगों को ठंडा पानी पिलाएं या प्याऊ की व्यवस्था करें. वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए यह महीना आय और करियर के लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकता है. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. व्यापार करने वालों के लिए भी समय अच्छा है, खासकर ऑनलाइन काम में सफलता मिल सकती है. ध्यान रखें: खर्चों पर नियंत्रण बनाए रखें, नहीं तो बजट बिगड़ सकता है. परिवार में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद न होने दें. उपाय: हर शुक्रवार को मौसमी फल गरीबों को दान करें. मिथुन राशि मिथुन राशि के लोगों के लिए मई का महीना नई संभावनाएं लेकर आएगा. इस समय आप अपनी स्किल और नॉलेज को बढ़ाने पर ध्यान दें, जिससे भविष्य में आपको बड़ा लाभ मिल सकता है. करियर में स्थिरता बनी रहेगी और नए मौके भी मिल सकते हैं. ध्यान रखें: खान-पान का विशेष ध्यान रखें और अनावश्यक दोस्तों के साथ समय बर्बाद करने से बचें. उपाय: बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं और सेवा करें. कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए यह महीना करियर में उन्नति दिलाने वाला रहेगा. आपकी मेहनत रंग लाएगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. परिवार और दोस्तों का सहयोग भी मिलेगा, जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा. ध्यान रखें: नकारात्मक सोच से दूर रहें और खर्चों पर नियंत्रण रखें. स्वास्थ्य को लेकर भी सावधानी बरतें. उपाय: ठंडे पानी का दान करें या सार्वजनिक स्थानों पर पानी की व्यवस्था कराएं. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए मई का महीना धन लाभ और सफलता लेकर आएगा. नौकरी में प्रमोशन के योग हैं और व्यापार में भी अच्छा मुनाफा हो सकता है. रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है. ध्यान रखें: आलस्य से बचें और गुस्से में कोई बड़ा निर्णय न लें. उपाय: रविवार के दिन गरीबों को फल दान करें. कन्या राशि कन्या राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का साथ मिलने वाला रहेगा. करियर में स्थिरता आएगी और आपके प्रयास सफल होंगे. निवेश करने या प्रॉपर्टी से जुड़े फैसले लेने के लिए समय अनुकूल है. ध्यान रखें: जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें और कटु वाणी से बचें. उपाय: बुधवार को हरे फल या हरी सब्जियां दान करें. तुला राशि तुला राशि वालों के लिए यह महीना मान-सम्मान बढ़ाने वाला रहेगा. परिवार में प्रेम और सामंजस्य बना रहेगा. छात्रों के लिए यह समय प्लानिंग करने का है, जिससे आगे सफलता मिल सके. ध्यान रखें: पेट से जुड़ी समस्याओं से बचाव करें और लंबी यात्रा से बचें. उपाय: शुक्रवार के दिन गरीबों को फल दान करें. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए यह महीना सफलता और उपलब्धियों से भरा रहेगा. कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत होगी और शत्रुओं पर विजय मिलेगी. प्रॉपर्टी से जुड़े काम भी बन सकते हैं. ध्यान रखें: गुस्से और विवाद से बचें और परिवार को समय दें. उपाय: मंगलवार को ठंडा पानी दान करें. धनु राशि धनु राशि वालों के लिए मई का महीना शुभ संकेत दे रहा है. आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी. मान-सम्मान में भी वृद्धि होगी. ध्यान रखें: स्वास्थ्य का ध्यान रखें और लंबी दूरी की यात्रा से बचें. उपाय: गुरुवार के दिन पीली खिचड़ी का दान करें. मकर राशि मकर राशि वालों के लिए यह महीना सावधानी से काम लेने का है. मेहनत का फल जरूर मिलेगा, लेकिन जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है. करियर पर फोकस बनाए रखें. ध्यान रखें: सेहत और खान-पान का विशेष ध्यान रखें और बड़े फैसले सोच-समझकर लें. उपाय: शनिवार के दिन गरीबों को फल दान करें. कुंभ राशि कुंभ राशि वालों के लिए यह समय आय बढ़ाने और स्किल सुधारने का है. आपके प्रयास सफल होंगे और आत्मविश्वास बढ़ेगा. ध्यान रखें: खर्चों को कंट्रोल में रखें और सेहत के मामले में लापरवाही न करें. उपाय: शनिवार के दिन शीतल जल का दान करें. मीन राशि मीन राशि वालों के लिए मई 2026 का महीना करियर में प्रगति और नए अवसर लेकर आएगा. परिवार का सहयोग मिलेगा और मानसिक तनाव कम होगा. ध्यान रखें: खान-पान का ध्यान रखें और नकारात्मक सोच से दूर रहें. उपाय: गुरुवार के दिन पीले फल दान करें.

रामनगरी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, वाल्मीकि आश्रम सहित प्रमुख स्थलों का विकास

अयोध्या  रामनगरी अयोध्या और आसपास के जिलों में धार्मिक पर्यटन को एक नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। रामायणकालीन विरासत को संरक्षित करते हुए सरकार अब ऐसे व्यापक धार्मिक पर्यटन सर्किट पर काम कर रही है, जिसमें 41 पौराणिक तीर्थ स्थलों को एक साथ जोड़ा जाएगा। इस योजना का उद्देश्य न केवल श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को अधिक सुविधाजनक और अनुभवात्मक बनाना है, बल्कि लंबे समय से उपेक्षित प्राचीन स्थलों को पुनर्जीवित कर उन्हें पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाना भी है। यह सर्किट अयोध्या के साथ गोंडा, बस्ती और अंबेडकरनगर के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ते हुए एक संगठित आध्यात्मिक मार्ग तैयार करेगा। रामायणकालीन विरासत को मिलेगा नया स्वरूप 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित इन 41 पौराणिक स्थलों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की दिशा में काम शुरू हो गया है। सरकार की मंशा है कि श्रद्धालु केवल राम मंदिर तक सीमित न रहकर पूरे रामायणकालीन भूगोल का अनुभव करें और उन स्थलों से भी जुड़ें जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित विकास से वंचित रहे हैं। 41 तीर्थ स्थलों का होगा व्यापक विकास और सौंदर्यीकरण परियोजना के तहत इन सभी स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कुंडों और पवित्र स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा, साथ ही श्रद्धालुओं के लिए शेड, पेयजल व्यवस्था, चेंजिंग रूम, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सड़क संपर्क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य तीर्थ यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुव्यवस्थित बनाना है। रामायण से जुड़े प्रमुख स्थलों को किया गया शामिल इस धार्मिक पर्यटन सर्किट में वाल्मीकि आश्रम, अंगी ऋषि आश्रम, विभीषण कुंड, सुग्रीव कुंड, राम कुंड, सीता कुंड, भरत कुंड, नंदीग्राम, तमसा नदी, श्रवण क्षेत्र और पाराशर आश्रम जैसे प्रमुख स्थल शामिल किए गए हैं। ये सभी स्थान रामायण काल की कथाओं और परंपराओं से गहराई से जुड़े हुए हैं और इनका ऐतिहासिक महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार यह परियोजना केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, छोटे व्यापारों को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। होटल, परिवहन और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। श्रद्धालुओं के लिए समग्र आध्यात्मिक अनुभव की तैयारी सरकार का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को एक ही यात्रा में संपूर्ण रामायणकालीन विरासत का अनुभव मिल सके। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान मिलेगी।  

स्मार्टफोन खरीदते समय 89% लोग AI फीचर्स को दे रहे हैं सबसे ज्यादा अहमियत

स्मार्टफोन खरीदते समय आप किन बातों या कहें कि किन फीचर्स का ध्यान रखते हैं. एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया है कि 89 परसेंट लोग स्मार्टफोन खरीदते समय आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (AI) फीचर्स पर ध्यान दे रहे हैं. पहले भले ही कैमरे, बैटरी, प्रोसेसर और डिस्प्ले पर ध्यान दिया जाता हो, लेकिन अब लोगों का फोकस AI पर है. काउंटरप्वाइंट रिसर्च ने फ्लिपकार्ट के साथ मिलकर एक रिपोर्ट तैयार की है. इस रिपोर्ट का नाम स्मार्टफोन इनसाइट रिपोर्ट 2026 है. भारतीय मार्केट में कंज्यूमर की बदलती आदत को दिखाया गया है. साथ ही बताया है कि अब यूजर्स स्पेसिपिकेशन्स से आगे बढ़कर AI पर ध्यान दे रहे हैं, जिसमे Gen-z भी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक स्मार्टफोन चुनने में अब सबसे अहम भूमिका AI निभा रहा है. रिपोर्ट में बताया है कि 89 परसेंट यूजर्स ने बताया है कि AI फीचर्स उनके हैंडसेट खरीदने के फैसले को प्रभावित करता है. AI की मदद से यूजर्स अपने डेली के टास्क को आसान बना रहे हैं. सर्चिंग से लेकर वॉयस असिस्टेंट तक को AI बेहतर बना रहा है. कई मोबाइल कंपनियां खुद का AI मॉडल दे रहे हैं. सैमसंग से गूगल तक मार्केट में कई AI मॉडल मार्केट में गूगल के AI फीचर्स के अलावा भी कई मॉडल मौजूद हैं. जहां सैमसंग का Galaxy AI है. वहीं वीवो और शाओमी के भी AI मॉडल हैं. मोटोरोला का Moto AI नाम है. सैमसंग ने गूगल जेमिनी के कई फीचर्स को ऑप्टीमाइज करके अपने हैंडसेट को दिया है, जिससे उनकी उपयोगिता और बेहतर हो गई है. ये स्पीड 15-20 हजार रुपये के सेगमेंट में भी फैल रही है, जहां आमतौर पर प्रीमियम फीचर्स बहुत ही कम देखने को मिलते हैं. 33 परसेंट लोग EMI पर स्मार्टफोन खरीद रहे- रिपोर्ट रिपोर्ट में एक अन्य खुलासा ये भी किया है कि 33 परसेंट लोग ऐसे हैं, जो आसान किस्तों (EMI) का ऑप्शन लेकर प्रीमियम हैंडसेट को खरीद रहे हैं.

गर्मी में राहत देने वाला एसी कब बन सकता है सेहत के लिए खतरा

 ऑफिस हो या घर, बिना एसी के गर्मी में समय काटना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में गर्मी और उमस से बचने के लिए लोग अपना अधिकतर समय एयर कंडीशनर (AC) में बिताते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एसी धीरे-धीरे आपको बीमार कर सकती है. डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, AC का गलत इस्तेमाल शरीर के मेटाबॉलिज्म से लेकर फेफड़ों तक समस्या पैदा कर सकता है. एयर कंडीशनिंग खुद बीमारी नहीं बनाती, लेकिन बहुत तेज़ ठंड, ड्राय हवा और गंदे फिल्टर शरीर पर असर डाल सकते हैं. तो आइए वो कौन सी बीमारियां हैं जो लंबे समय तक एसी में रहने से होती हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है, इस बारे में जान लीजिए. AC से कैसे बढ़ती हैं परेशानियां? एसी की ठंडी हवा न केवल नमी सोख लेती है बल्कि यह हमारे गले और नाक की म्यूकस मेम्ब्रेन को भी सुखा देती है. इससे सर्दी-खांसी और साइनस जैसी समस्याएं होने लगती हैं. मीडिया  के पल्मोनरी एक्सपर्ट के हवाले से कहा गया है कि अधिक सूखी हवा सांस की नली में जलन पैदा कर सकती है और खांसी, गले में खराश, नाक बंद होने जैसी दिक्कतें बढ़ा सकती है. वहीं डॉक्टरों का भी कहना है कि AC कमरे की नमी कम कर देता है, जिससे सांस की नली और गला सूखने लगते हैं. हेल्थलाइन के मुताबिक, गंदे एसी से निकलने वाली हवा सिक बिल्डिंग सिंड्रोम का कारण बनती है, जिससे सिरदर्द और थकान महसूस होती है. इसलिए अगर एसी की सर्विस समय पर न हो तो उसके फिल्टर में बैक्टीरिया और मोल्ड पनपने लगते हैं.  यदि किसी रूप में खराब वेंटिलेशन है तो उस रूम में सिक बिल्डिंग सिंड्रोम (Sick building syndrome) का जोखिम बढ़ सकता है जिससे सिरदर्द, चक्कर, थकान, नाक और सांस की तकलीफ हो सकती हैं. CDC भी साफ कहता है कि कम वेंटिलेशन और कमजोर एयर सर्कुलेशन इनडोर एयर क्वालिटी को बिगाड़ सकते हैं. जोड़ों का दर्द और ड्राई स्किन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लंबे समय तक कम तापमान में बैठने से मसल्स में खिंचाव और जोड़ों में अकड़न की समस्या देखी जाती है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें पहले से ही अर्थराइटिस है. इसके अलावा एसी हवा की नमी पूरी तरह खत्म कर देता है जिससे स्किन और आंखों में सूखापन आ जाता है. मेडिकल न्यूज टुडे की रिपोर्ट बताती है कि एयर कंडीशनिंग से त्वचा की प्राकृतिक नमी छिन जाती है जिससे खुजली और डर्मेटाइटिस की समस्या बढ़ सकती है. थर्मल शॉक और थकान जब हम तपती धूप से सीधे बेहद ठंडे कमरे में आते हैं तो शरीर के तापमान में अचानक बदलाव आता है. इसे थर्मल शॉक कहा जा सकता है. तापमान में यह अचानक उतार-चढ़ाव शरीर में थकान पैदा कर देता है और कमजोरी महसूस कराता है. एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि एसी का तापमान हमेशा 24 से 26 डिग्री के बीच रखना चाहिए ताकि बैलेंस बना रहे. गंदा AC भी बनता है वजह  पुराने या ठीक से साफ न किए गए एसी, मोल्ड और एलर्जी को हवा में फैला सकते हैं जिससे एलर्जी और सांस की समस्या बढ़ सकती है. एक्सपर्ट चेतावनी देते हैं कि गंदे फिल्टर, कॉइल और डक्ट्स में धूल, फफूंद और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं. साफ AC एलर्जी कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन खराब रखरखाव वाला HVAC सिस्टम माइक्रोबियल एलर्जन का घर बन सकता है इसलिए फिल्टर समय पर बदलना और साल में एक बार सर्विस कराना जरूरी माना गया है.

मध्यम और निम्न आय वर्ग को राहत, 8 लाख रुपये से शुरू होंगे फ्लैट

लखनऊ  राजधानी लखनऊ में किफायती आवास की बढ़ती मांग को देखते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण ने मध्यम और अल्प आय वर्ग के लिए बड़ी योजना तैयार की है। इसके तहत शहर के पांच प्रमुख स्थानों पर एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 3000 से अधिक फ्लैट बनाए जाएंगे। अधिकारियों ने इन सभी स्थानों का निरीक्षण कर जमीन को अंतिम रूप दे दिया है। अब परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इन मकानों की शुरुआती कीमत 8 लाख रुपये होगी। 30 लाख रुपये की कीमत तक के फ्लैट बनाए जाएंगे। इससे मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। आवासीय संकट से मिलेगी राहत: शहर में लगातार बढ़ती आबादी और महंगे रियल एस्टेट के कारण मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए घर खरीदना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में एलडीए की यह आवासीय योजना लोगों की पहुंच में होगी। खास बात यह है कि परियोजना को ऐसी लोकेशन पर विकसित किया जा रहा है जहां बुनियादी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं या आसानी से विकसित की जा सकती हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण की इस योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को राहत देना है जो सीमित आय के चलते महंगे फ्लैट खरीदने में सक्षम नहीं हैं। इन पांच स्थानों पर बनेंगे आवास 1-अनंत नगर योजना, मोहन रोड में मध्यम वर्ग के लिए आवासीय फ्लैट बनाए जाएंगे। स्थल चयन पूरा हो चुका है और निर्माण के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। 2-सीतापुर रोड शिया डिग्री कॉलेज के सामने खाली पड़ी जमीन पर भी मध्यम वर्ग के लिए फ्लैट बनाने की मंजूरी मिली। 3-वसंत कुंज योजना, सेक्टर-एच यहां भी मध्यम आय वर्ग के लिए बहुमंजिला फ्लैट बनेंगे। 4-शारदा नगर विस्तार में एलआईजी और ईडब्ल्यूएस दोनों श्रेणियों के लिए मकान बनाए जाएंगे, जिससे कमजोर वर्ग के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। 5-ऐशबाग में मदरसे के पीछे की जमीन पर भी मध्यम वर्ग के लिए एलआईजी फ्लैट बनेंगे। एलडीए इसे पहली ही मंजूरी दे चुका है। तीन योजनाओं में उपकेंद्र शहर के विस्तार के साथ एलडीए ने बिजली ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण अपनी तीन प्रमुख योजनाओं आईटी सिटी, वरुण विहार और नैमिष नगर में बड़े बिजली उपकेंद्र (सब स्टेशन) बनाने जा रहा है। इनमें सबसे बड़ा उपकेंद्र आईटी सिटी में स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए 53 एकड़ जमीन चिन्हित की जा चुकी है। ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ने जमीन को दी मंजूरी: एलडीए के प्रस्ताव पर उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड की मंडलीय भूमि चयन समिति ने 3 अप्रैल 2026 को आईटी सिटी क्षेत्र का निरीक्षण किया। जांच के बाद जमीन को उपयुक्त माना। अब एलडीए जल्द ही यह भूमि कॉरपोरेशन को हस्तांतरित करेगा, ताकि निर्माण शुरू हो सके। नैमिष नगर व वरुण विहार भी योजना में: नैमिष नगर में भी 9 अप्रैल 2026 को स्थलीय निरीक्षण किया गया, जहां चयन समिति ने जमीन को उपयुक्त पाया। यहां भी जल्द जमीन ट्रांसफर की जाएगी। तीसरा उपकेंद्र आगरा रोड स्थित वरुण विहार योजना में प्रस्तावित है, जो बिजली आपूर्ति को मजबूत करेगा। बिजली व्यवस्था में आएगा बड़ा सुधार एलडीए के अनुसार, इन मेगा उपकेंद्रों के बनने से क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता व गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा। बढ़ती आबादी और औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन्हें अगले 50 वर्ष के लोड को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जिससे शहर और ग्रामीण क्षेत्र दोनों को समान रूप से लाभ मिल सके। पहली बार इन योजना के प्रभावित गांवों को भी फायदा इस बार की योजना में खास बदलाव है। पहले एलडीए की कॉलोनियों में 24 घंटे बिजली मिलती थी, जबकि आसपास के गांवों को अलग लाइन से सीमित सप्लाई मिलती थी। पर अब बनने वाले उपकेंद्रों से न सिर्फ प्राधिकरण की कॉलोनियों बल्कि उन गांवों को भी सीधे बिजली मिलेगी, जिनकी जमीन अधिग्रहित कर योजनाएं विकसित की जा रही हैं। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण किया गया है। कुछ जगहों पर जमीन को अंतिम रूप दे दिया गया है। अब डीपीआर तैयार होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जल्द ही निर्माण शुरू होगा। एलडीए हजारों परिवारों का सस्ते व अपने घर का सपना साकार करेगा।

बुद्ध पूर्णिमा 2026: आज बन रहे कई शुभ योग, ज्योतिष अनुसार दिन रहेगा खास

 आज बुद्ध पूर्णिमा मनाई जा रही है. द्रिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हर वर्ष बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है. बुद्ध पूर्णिमा को ही वैशाख पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. कहते हैं कि इसी दिन गौतम बुद्ध का जन्म, उन्हें ज्ञान और महानिर्वाण की प्राप्ति हुई थी. इस दिन श्रीहरि और माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है. इस बार की बुद्ध पूर्णिमा सिर्फ धार्मिक लिहाज से ही नहीं, बल्कि ज्योतिष नजरिए से भी बहुत ही खास मानी जी रही है. दरअसल, आज कई ग्रह अपनी चाल में परिवर्तन करेंगे और कुछ राजयोगों का भी निर्माण होगा. द्रिक पंचांग के अनुसार, बुद्धि के देवता बुध आज मेष राशि में अस्त हो रहे हैं. इसके अलावा, आज मेष राशि में सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य राजयोग का निर्माण होने जा रहा है. आज सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है. तो चलिए जानते हैं कि बुद्धि पूर्णिमा इन सभी शुभ योगों के बनने से किन राशियों को लाभ होगा. मेष राशि बुधादित्य राजयोग का असर मेष राशि के लोगों के लिए काफी फायदेमंद रहने वाला है. इस समय पुराने अटके काम धीरे-धीरे पूरे हो सकते हैं. पैसों से जुड़ी परेशानियों में कमी आएगी. कर्ज से राहत मिलने के संकेत हैं. करियर में भी नई संभावनाएं बनेंगी, जिससे तरक्की के रास्ते खुल सकते हैं. वृषभ राशि इस राजयोग के चलते वृषभ राशि वालों के जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ सकती हैं. आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं. धन लाभ के योग बन रहे हैं. अगर कहीं निवेश करने का विचार है, तो समय आपके पक्ष में रह सकता है. आगे चलकर अच्छा फायदा दे सकता है. मिथुन राशि मिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है. आत्मविश्वास बढ़ेगा. फैसले लेने में आसानी होगी. हालांकि इस दौरान खर्चों पर ध्यान देना जरूरी है, वरना बजट बिगड़ सकता है. सही योजना बनाकर चलेंगे तो अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. मीन राशि मीन राशि वालों के लिए यह समय मिला-जुला रह सकता है. कोई भी बड़ा आर्थिक फैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करना जरूरी होगा. जल्दबाजी में उठाया गया कदम नुकसान दे सकता है, लेकिन समझदारी से लिए गए निर्णय लाभ दिला सकते हैं. इस दौरान सोच में सकारात्मकता भी बढ़ेगी.  

अब 18 से 40 वर्ष तक के युवाओं को मिलेगा लाभ, 10 लाख रुपये तक लोन की तैयारी

लखनऊ  यूपी की योगी सरकार जल्द ही युवाओं को बड़ी सौगात देने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना की सफलता को देखते हुए जल्द इसका विस्तार होगा। युवा उद्यमियों के लिए अच्छी खबर यह है कि आवेदन पात्रता की आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दिए जाने की तैयारी है। इसका प्रस्ताव तैयार हो गया है। अब तक 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के 1.68 लाख युवा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक बिना बैंक गारंटी के ब्याज मुक्त लोन हासिल कर चुके हैं। अब न्यूनतम आयु सीमा को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किया जाएगा जबकि अधिकतम आयु सीमा 40 ही रहेगी। इसके साथ ही पांच लाख को डबल कर 10 लाख करने की भी तैयारी है। सीमा युवा उद्यमी योजना के तहत युवा सर्विस व मैनुफैक्चरिंग सेक्टर से लेकर इनोवेटिव बिजनेस में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। योजना के तहत पांच लाख रुपये तक लिए गए लोन को चार वर्ष में चुकाने के बाद दूसरे चरण में साढ़े सात लाख रुपये तक ब्याज मुक्त लोन प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। ताकि भविष्य में पहले चरण को पूरा करने के उपरांत युवा उद्यमी अपने कारोबार को और आगे बढ़ाने के लिए बड़ी राशि हासिल कर सकें। इसके चलते राशि को दोगुना किए जाने का भी प्रस्ताव है यानी पांच लाख के स्थान पर युवा 10 लाख रुपये तक और साढ़े सात लाख रुपये के स्थान पर 15 लाख रुपये तक लोन हासिल कर सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर युवा उद्यमी योजना की शुरुआत 24 जनवरी 2024 को यूपी दिवस के अवसर पर हुई थी। शुरुआत में इस योजना के तहत डेढ़ लाख युवाओं को विभिन्न बैंकों के माध्यम से बिना गारंटी के ब्याज मुक्त लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। आंकड़ों की नजर में योजना कुल आवेदन – 530487 – परियोजना लागत – 24964.7 करोड़ रुपये बैंक से स्वीकृत आवेदन – 180756 – परियोजना लागत – 6142.97 करोड़ रुपये बैंक द्वारा वितरित – 168516 – परियोजना लागत – 5913.15 करोड़ रुपये महिलाओं की 28 प्रतिशत भागीदारी योजना के तहत अब तक कुल लोन हासिल करने वालों में 28 प्रतिशत महिलाएं और 72 प्रतिशत पुरुष हैं। ओबीसी युवाओं की भागीदारी 50 फीसदी लोन हासिल करने वालों में सर्वाधिक 49.9 लाभार्थी ओबीसी वर्ग के हैं। इनके अलावा 34.3 प्रतिशत सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति के 15.5 और अनुसूचित जनजाति के 0.3 प्रतिशत युवाओं ने लोन लिया है। किस क्षेत्र में कितना लोन सर्विस सेक्टर – 62 प्रतिशत मैनुफैक्चरिंग सेक्टर 38 प्रतिशत