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डीएम को कॉल कर मांगी थी धमकी भरी कार्रवाई, नागेश्वर कॉलोनी से आरोपी गिरफ्तार

पटना 2022 में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश के नाम से तत्कालीन डीजीपी एसके सिंघल को फोन करके झांसा देने वाला अभिषेक अग्रवाल फिर से सुर्खियों में है। चार साल बाद उसे बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स की टीम ने पटना के कोतवाली थाना इलाके से गिरफ्तार किया है। इस बार आरोप लगा है कि अभिषेक लंबे समय से प्रवर्तन निदेशालय का फर्जी अधिकारी बनकर पटना समेत कई जिलों के लोगों को फर्जी कॉल कर ठगी कर रहा था। वह अपना शिकार सरकार कर्मचारियों को भी बना रहा था। इस मामले को लेकर 28 अप्रैल को भोजपुर के नवादा थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई। 27 अप्रैल को डीएम को फर्जी ईडी अधिकारी बनकर किया था कॉल पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान किया तो कॉल करने वाले का टॉवर लोकेशन पटना के नागेश्वर कॉलोनी का मिला। इसके बाद भोजपुर पुलिस ने एसटीएफ की मदद से छापेमारी की तो आरेपी अभिषेक अग्रवाल पकड़ा गया। एसटीएफ ने उसे नवादा थाने की पुलिस को सुपुर्द कर दिया है। उसके खिलाफ आर्थिक अपराध इका, पटना के खाजेकलां में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस की मानें तो अभिषेक अग्रवाल फर्जी अधिकारी बनकर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को कॉल करता था। 27 अप्रैल को उसने जब डीएम तनय सुल्तानिया को फर्जी ईडी अधिकारी बनकर कॉल किया तो डीएम कार्यालय की ओर से नवादा थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई। इसके बाद पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी और आरोपी अभिषेक अग्रवाल को गिरफ्तार किया। 2022 में पटना हाईकोर्ट के जज के नाम से तत्कालीन डीजीपी को किया था कॉल वर्ष 2022 में टाइल्स व्यवसायी अभिषेक अग्रवाल ने पटना हाई कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस संजय करोल के नाम से तत्कालीन डीजीपी एसके सिंघल को कॉल किया था। उसने एक केस में गया के पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार के हित में फैसला देने का दबाव बनाया था। एसके सिंघल के आदेश पर अभिषेक अग्रवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 387, 149, 420, 467, 468, 120 (बी) तथा आई टी एक्ट की धारा 66 (सी), 66 (डी) के अंतर्गत आर्थिक अपराध थाना (पटना) कांड संख्या 33/2022 दर्ज किया गया था। आर्थिक अपराध इकाई भी इसकी जांच कर रही थी। जांच में पता चला कि अभिषेक के संबंध के बिहार के कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के साथ। वह आसानी से अधिकारियों के साथ घुल मिल जाता था। उसकी कई तस्वीरे भी अधिकारियों के साथ सामने आई। डीजीपी को जज बनकर कॉल करने के आरोप में वह जेल भी गया था। इसके बाद कोर्ट ने उसे जमानत दे दी। 

पावापुरी से युवती गिरफ्तार, प्रेमजाल में फंसाकर युवक का कराया गया अपहरण

नालंदा बिहार के पावापुरी(नालंदा) से पुलिस ने एक ऐसी युवती को गिरफ्तार किया है जो हूस्न का जाल फैलाकर युवाओं को फंसाती है और फिर अगवा करवाकर फिरौती वसूलती है। पुलिस ने युवती को गिरफ्तार कर कर लिया है। अब गिरोह के अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है। युवती सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती और प्यार के बहाने युवाओं को हनीट्रैप करती है। बुधवार को शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के पांची गांव निवासी सागर रविदास के पुत्र विक्रम कुमार के अपहरण का मामला चर्चा में रहा था। पुलिस ने अपहृत को बरामद कर लिया है। एक युवती को गिरफ्तार किया गया है। उसकी पहचान पावापुरी ओपी क्षेत्र के चोरसुआ गांव निवासी रामधीन की पुत्री संध्या कुमारी के रूप में की गयी है। उससे पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। संध्या ने बताया कि उसने सोशल मीडिया के माध्यम से युवक से दोस्ती की। धीरे धीरे उसे प्यार का पाठ पढ़ाने लगी। युवक जब उसकी जाल में फंस गया तो उसे धोखे से पावापुरी बुलाया और अपने दोस्तों की मदद से उसका अपहरण कर लिया। उसके बाद गैंग ने युवक के परिजनों से छह लाख रुपये फिरौती की मांग की। बार बार फोन करने पर पिता ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कांड दर्ज करके कार्रवाई की तो यह चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। ग्रामीणों की मानें तो मंगलवार की रात से ही पुलिस कार्रवाई में जुटी थी। हालांकि, नालंदा पुलिस ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि पुलिस को बुधवार की रात सूचना मिली। इसके बाद कार्रवाई की गयी। पुलिस मात्र छह घंटे में अपहृत को बरामद करने का दावा भी कर रही है। राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि बुधवार की रात पावापुरी ओपी को फोन से अपहरण और छह लाख फिरौती मांगने की सूचना मिली। उनके निर्देश पर स्थानीय पुलिस व डीआईयू की टीम कार्रवाई में जुट गयी। अपहरणकर्ताओं ने दोबारा की फिरौती की मांग अपहरणकर्ताओं ने दोबारा युवक के पिता को फोन कर फिरौती की मांग की। पुलिस ने लोकेशन के आधार पर पावापुरी फ्लाईओवर के पास से अपहृत युवक को बरामद किया। हालांकि, अपहरणकर्ता भाग निकले। अपहृत से पूछताछ में पता चला कि वह संध्या से सोशल मीडिया के माध्यम से बात करता था। इसके बाद संध्या से पूछताछ की गयी। उसने बताया कि उसके ब्यॉयफ्रेंड मानपुर थाना क्षेत्र के तेतरावां गांव निवासी राजा गोप ने अपने सहयोगी चोरसुआ गांव निवासी सोनू उर्फ नट्टू व अन्य की मदद से युवक का अपहरण किया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की डीएम-एसपी बैठक, सुशासन और पारदर्शिता पर जोर

 पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य में कानून का राज हर हाल में कायम रहेगा। क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से साफ तौर पर कहा कि किसी भी आपराधिक या हत्या की घटना में दोषियों को 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार करें। 12 से 13 दिनों के अंदर ऐसी सख्त कार्रवाई हो, जो लोगों को दिखे। लोगों के बीच सुशासन की अवधारणा स्थापित करनी है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को पटना के अधिवेशन भवन में सभी डीएम-एसपी के साथ अपनी पहली बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की और कई अहम निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने नई सरकार की प्राथमिकताएं बतायीं। बैठक में मुख्य सचिव और डीजी समेत प्रशासन और पुलिस के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को दो टूक कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाएं। कानून और योजनाएं को जमीन पर ठीक ढंग से लागू करें। अपराधी किसी तरह का दुस्साहस न करें, इसको लेकर मुस्तैदी से कार्य करें। अधिकारियों से दो-टूक कहा कि लटकाने भटकाने की प्रवृत्ति नहीं रखें, बल्कि जनता के सहयोगी की भूमिका में रहें। पुलिस दीदी कॉन्सेप्ट को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करें। बच्चियां सुरक्षित स्कूल आएं-जाएं, इसे सुनिश्चित करें। डीएम-एसपी जनता से मिलें मुख्यमंत्री ने सभी डीएम-एसपी को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यालय में निश्चित रूप से सुबह 10 से दिन में एक बजे तक बैठकर लोगों से मिलें। उनकी समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा, आप जितने लोगों से मिलेंगे, जिले के बारे में उतनी अधिक जानकारी होगी और क्षेत्र का विकास करने में सुविधा होगी। पंचायतों में महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को अधिकारी ‘सहयोग शिविर’ लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के अंदर करें। घुसपैठिये बाहर किए जाएंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में हमलोगों की सरकार ने जाति आधारित गणना कराई थी। अब जनगणना का कार्य केंद्र सरकार के द्वारा कराया जा रहा है उसमें सभी हाऊस होल्ड को ठीक से चिह्नित करें। कौन कहां से आया है, यहां का निवासी कैसे है, इन सब चीजों की जानकारी प्राप्त करें। किसी भी धर्म के लोग हों, वे भारत के निवासी हैं तो उन्हें सुविधाएं मिलेंगी। वहीं, किसी भी धर्म के हों, अगर घुसपैठिया है तो उन्हें बिहार से बाहर किया जाएगा। हर जिले में 50 डेस्टिनेशन स्पॉट मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में कम-से-कम 50 डेस्टिनेशन स्पॉट को चिह्नित कर उसे और विकसित करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कई अप्रासंगिक कानूनों को रद्द किया गया। प्रशासन को पारदर्शी एवं सुलभ बनाया गया है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में पिछले 20 वर्षों में बिहार विकास के पथ पर आगे बढ़ा है। कानून-व्यवस्था, बिजली, सड़क सहित सभी क्षेत्रों में प्रगति हुई। राज्य में सुशासन स्थापित रहने से इसका लाभ राज्यवासियों को मिला है। शराबबंदी को सफल करें सम्राट चौधरी ने कहा कि पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून लागू किया है। शराबबंदी पूरी तरह सफल हो, इसको लेकर बेहतर ढंग से कार्य करें। शराब बेचनेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर इस अवैध धंधे को ध्वस्त करें। शराब और मादक पदार्थों की तस्करी में पुलिस और प्रशासन के जो लोग संरक्षण प्रदान कर रहे हैं, उन्हें चिह्नित कर सख्त कार्रवाई करें। प्रखंड, अंचल और थाना का सीएम कार्यालय प्रतिदिन रियल मॉनीटरिंग करेगा। प्रखंड, अंचल और थाने में सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगाएं। मुख्यमंत्री के निर्देश ● क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म से कोई समझौता नहीं ● बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा पर कोताही नहीं होनी चाहिए ● दोषियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार करें ● अपराधी किसी तरह का दुस्साहस न करें, इसको लेकर पुलिस मुस्तैद रहे ● पंचायतों में माह के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर लगेगा सीएम का बयान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अगर अच्छा काम करते हैं तो जनप्रतिनिधियों के पास लोगों की समस्याओं से जुड़े मामले कम आते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि सभी अधिकारी संवेदनशीलता, तत्परता और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा सुनिश्चित करेंगे। -सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री

डोनाल्ड ट्रंप का बयान: ईरान के मामले को युद्ध नहीं कहूंगा, फिर खुद की सराहना की

वाशिंगटन दुनियाभर में आठ युद्ध रुकवाने का दावा करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान मामले को युद्ध मानने से ही इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका के अभियान के बाद ईरान की नौसेना और थल सेना कमजोर हो गई है और अब वे समझौता करने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं। ईरान की सैन्य क्षमता पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनकी ड्रोन फैक्ट्रियों को भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा ईरान की परमाणु क्षमता को भी धराशायी कर दिया गया है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाने का भी दावा किया था। उन्होंने कहा था कि टैरिफ का दबाव बनाकर उन्होंने युद्ध रुकवाया था। युद्ध रुकवाने के दावे करके वह कई बार नोबेल पुरस्कार की भी इच्छा जता चुके हैं। इस बार का शांति का नोबेल पुरस्कार उन्हें नहीं मिला तो वह काफी भड़के हुए थे। युद्ध को लेकर क्या कह रहे डोनाल्ड ट्रंप डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जब तक ईरान परमाणु समझौते की शर्तें मानने को तैयार नहीं होता तब तक नाकेबंदी जारी रहेगी। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान परमाणु हथियार बनाना जारी रखता है, तो उसके साथ 'कभी कोई समझौता नहीं' होगा। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उद्देश्यों के लिए है। अमेरिकी राष्ट्रपति और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान के ताजा प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है, जिसमें ईरान ने पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और नाकेबंदी हटाने का सुझाव दिया है, जबकि परमाणु वार्ता को स्थगित करने की बात कही है। नाकेबंदी जारी रखने के श्री ट्रंप के फैसले से वैश्विक तेल बेंचमार्क 'ब्रेंट क्रूड' की कीमतें गुरुवार को 125 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस रणनीति का बचाव करते हुए कहा कि नाकेबंदी प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई से अधिक प्रभावी हो सकती है। उन्होंने ईरान से जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया और कहा कि अधिकारी जरूरत पड़ने पर महीनों तक नाकेबंदी जारी रखने के तरीके खोज रहे हैं। अमेरिकी नीति निर्माताओं का मानना है कि लंबे समय तक लगे प्रतिबंध अंततः ईरान को तेल उत्पादन रोकने के लिए मजबूर कर सकते हैं। यह संघर्ष अब दसवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, जबकि इसके चार से छह सप्ताह में सुलझने की उम्मीद थी। होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रतिबंधित रहने से वैश्विक आपूर्ति से प्रतिदिन लगभग दो करोड़ बैरल तेल कम हो रहा है। अमेरिका की इस लंबी नाकेबंदी की तैयारी से एशियाई अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। क्षेत्र के कई देश ऊर्जा आपूर्ति के लिए इस जलडमरूमध्य पर निर्भर हैं और कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, प्लास्टिक तथा उर्वरकों की आपूर्ति में कमी महसूस की जा रही है।

बड़ा मंगल 2026: सुंदरकांड की 5 शक्तिशाली चौपाइयां और उनका महत्व

4 मई 2026 को पहला बड़ा मंगल है। ज्येष्ठ माह के मंगलवार पर हनुमान जी की विशेष पूजा- अर्चना की जाती है। बड़ा मंगल पर आप सुंदरकांड की कुछ शक्तिशाली चौपाइयों का पाठ कर हनुमान जी के साथ भगवान राम की भी कृपा पा सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से। बड़ा मंगल हिंदू धर्म में हनुमान जी की विशेष उपासना का दिन है। ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को मनाए जाने वाले इस व्रत में भक्त हनुमान जी के साथ-साथ भगवान राम की कृपा भी प्राप्त करते हैं। साल 2026 में पहला बड़ा मंगल 4 मई 2026 को है। इस दिन सुंदरकांड का पाठ करने से हनुमान जी की कृपा के साथ राम जी की विशेष अनुकंपा प्राप्त होती है। सुंदरकांड में कुछ खास चौपाइयां ऐसी हैं, जिनका पाठ करने से भक्तों के संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। बड़ा मंगल का महत्व बड़ा मंगल सामान्य मंगलवार से ज्यादा शक्तिशाली माना जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा के साथ राम-सीता और लक्ष्मण जी की भी आराधना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन सुंदरकांड पढ़ने या सुनने से भक्त को राम जी की कृपा सीधे प्राप्त होती है। खासकर पहला बड़ा मंगल संकल्प और नई शुरुआत के लिए बहुत शुभ होता है। सुंदरकांड क्यों पढ़ा जाता है? सुंदरकांड रामायण का वह हिस्सा है, जिसमें हनुमान जी की वीरता, भक्ति और शक्ति का अद्भुत वर्णन है। यह कांड भक्तों को संकट से मुक्ति, साहस और विश्वास प्रदान करता है। बड़े मंगल के दिन सुंदरकांड का पाठ करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और भक्त की मनोकामना पूरी करते हैं। हनुमान जी की कृपा पाने वाली 5 खास चौपाइयां यहां 5 महत्वपूर्ण चौपाइयां दी गई हैं, जिनका पाठ बड़े मंगल के दिन विशेष रूप से फलदायी माना जाता है: 1. कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहिं होइ तात तुम पाहीं।। यह चौपाई हनुमान जी की असीम शक्ति को दर्शाती है। सीता माता का पता लगाने के लिए समुद्र लांघकर लंका जाने के लिए हनुमान जी को जब उनके बल की याद जामवंत जी दिला रहे थे, तो उन्होंने बजरंबली से बोला था कि आपके लिए इस संसार में कोई भी कार्य कठिन नहीं है। मान्यता है कि हनुमान जी को उनकी वीरता याद दिलाने वाले इस चौपाई का पाठ करने से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। 2. प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदय राखि कोसलपुर राजा।। यह चौपाई हनुमान जी के लंका प्रवेश की है। इसमें भक्ति और सावधानी का सुंदर मेल दिखता है। हनुमान जी कहते हैं कि राम नाम को हृदय में रखकर कोई भी कार्य किया जाए, तो जहर अमृत बन जाता है, शत्रु मित्र बन जाते हैं और छोटा सा गोपद भी समुद्र के समान हो जाता है। मान्यता है कि इस चौपाई का पाठ करने से कार्य में सफलता और सुरक्षा मिलती है। 3. हनुमान तेहि परसा कर पुनि कीन्ह प्रनाम। राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम।। यह चौपाई हनुमान जी के समर्पण को दर्शाती है। जब हनुमान जी समुद्र पार कर रहे थे, तब मैनाक पर्वत ने उन्हें विश्राम करने का आमंत्रण दिया था। हनुमान जी मैनाक पर्वत से कहते हैं कि राम का काम पूरा किए बिना उन्हें विश्राम नहीं है। इसका पाठ करने से लक्ष्य के प्रति समर्पण बढ़ता है। 4. धरइ जो बिबिध देह सुरत्राता। तुम्ह से सठन्ह सिखावनु दाता॥ हर कोदंड कठिन जेहिं भंजा। तेहि समेत नृप दल मद गंजा॥ यह चौपाई हनुमान जी की राम भक्ति का सार है। रावण से श्रीराम जी का गुणगान करते हुए हनुमान जी कहते हैं कि जो अच्छे लोगों की रक्षा के लिए शरीर लेते हैं और अज्ञानियों को शिक्षा देते हैं। जिन्होंने शिवजी के कठोर धनुष को तोड़ डाला और उसी के साथ राजाओं के समूह का घमंड भी चूर कर दिया। वो भगवान हमेशा सच्चे और अच्छे लोगों का साथ देते हैं और बुरे काम करने वालो को सजा देते हैं। पाठ से भक्ति, विश्वास और शुद्धता बढ़ती है। 5. दीन दयाल बिरिदु संभारी। हरहु नाथ मम संकट भारी।। लंका दहन करने के बाद जब हनुमान जी वापस आने लगे, तो उस समय माता सीता नुमान जी से कहती हैं कि वे प्रभु श्रीराम को यह संदेश दें कि हे दुखियों पर दया करने वाले प्रभु! आप अपने दयालु स्वभाव की मर्यादा को याद रखें और मेरे इस भारी संकट को दूर कर दीजिए। यह चौपाई संकट मोचन हनुमान जी से सीधे प्रार्थना है। संकट के समय इसका पाठ करने से बहुत जल्दी राहत मिलती है। बड़े मंगल पर इन चौपाइयों का पाठ कैसे करें? 4 मई 2026 को सुबह स्नान के बाद लाल या केसरिया वस्त्र धारण करें। हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं। सुंदरकांड का पूरा पाठ करने के बाद ऊपर दी गई 5 चौपाइयों का 11, 21 या 108 बार जाप करें। अंत में हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें। प्रसाद में बूंदी के लड्डू या केला चढ़ाएं। बड़े मंगल के लाभ     हनुमान जी और राम जी दोनों की कृपा प्राप्त होती है।     संकटों से मुक्ति मिलती है।     साहस, आत्मविश्वास और शक्ति बढ़ती है।     नौकरी, व्यापार और विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं।     मन में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अगर आप बड़े मंगल पर सुंदरकांड की इन 5 चौपाइयों का श्रद्धा से पाठ करेंगे, तो हनुमान जी की कृपा के साथ भगवान राम की विशेष अनुकंपा प्राप्त होगी। संकटों से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यह सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी उपाय है।

चिलुआताल में हंगामा, अपहरण केस के बाद फिर प्रेमी से मिलने पर अड़ी किशोरी

गोरखपुर गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र के एक गांव में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक किशोरी प्रेमी के घर जाने की जिद में हाईटेंशन पोल पर चढ़ गई। घटना की सूचना फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिसवालों ने किसी तरह से समझा-बुझाकर ढाई घंटे बाद उसे नीचे उतारवाया। इससे पहले किशोरी की मां ने युवक पर अपहरण का केस दर्ज कराया था, जिसमें पुलिस ने बेटी को बरामद कर आरोपी युवक को जेल भेज दिया था। अब किशोरी फिर उसी के साथ जाना चाहती है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को किशोरी चिलुआताल इलाके में स्थित हाईटेंशन बिजली पोल पर चढ़ गई। देखते ही देखते आसपास के ग्रामीणों की भीड़ लग गई। पुलिस ने किशोरी को समझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन वह जिद पर अड़ी रही। इससे पहले इलाके के एक गांव की रहने वाली महिला ने 26 मार्च 2026 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि बालापार निवासी शिवम उर्फ गणेश उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किशोरी को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया था, जबकि आरोपी को जेल भेज दिया गया था। गुरुवार को किशोरी दोबारा प्रेमी के पास जाने की जिद पर अड़ गई और हाईटेंशन पोल पर चढ़ गई। पुलिस ने काफी देर तक उसे फोन के माध्यम से समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे आश्वासन दिया, जिसके बाद वह नीचे उतरने को तैयार हुई। पुलिस किशोरी को थाने ले गई, जहां समझाने-बुझाने के बाद उसे उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। दुष्कर्म के आरोपी प्रेमी को जेल, 24 घंटे में चार्जशीट पीपीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी प्रेमी विपिन विश्वकर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। उधर, पुलिस ने पीड़िता का कोर्ट में बयान दर्ज कराने के साथ ही मेडिकल परीक्षण भी करा दिया है। इस प्रकरण में 24 घंटे में ही पुलिस ने चार्जशीट भी लगा दी। घटना 28 अप्रैल की है। किशोरी के परिजन एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। घर पर केवल महिलाएं थीं, जो विवाह समारोह में व्यस्त थीं। इसी दौरान कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम गजरहिया निवासी विपिन विश्वकर्मा ने किशोरी को बहला फुसलाकर गांव में स्थित अपने मामा के घर ले जाकर कमरे में बंद कर दुष्कर्म किया। किशोरी इसके बाद घर चली गई और बुधवार को इसकी भनक भाई को लग गई। वह किशोरी को लेकर थाने पहुंच गया और सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया। लेकिन बाद में किशोरी की मां थाने पहुंच गई और प्रेमी विपिन विश्वकर्मा पर आरोप लगाते हुए तहरीर दी। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया था। एसओ अरुण कुमार सिंह के मुताबिक, आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया गया। किशोरी का मेडिकल परीक्षण व मजिस्ट्रेट बयान दर्ज कराकर चार्जशीट लगा दिया गया। एसपी नार्थ, ज्ञानेंद्र ने कहा कि पुलिस महिला अपराध के प्रति संवेदनशील है। किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को जेल भिजवाने के साथ ही 24 घंटे में चार्जशीट लगा दी गई। पुलिस सजा दिलाने के लिए कोर्ट में भी मजबूत पैरवी करेगी।

वास्तु शास्त्र: घर का फर्श भी तय करता है भाग्य, गलत रंग से बढ़ सकता है वास्तु दोष

रसोई, किचन, बेडरूम, ड्रॉइंग रूम और यहां तक कि मकान का फर्श भी वास्तु दोष के लिए बहुत रिस्पॉन्सिबल होता है. (Photo: ITG) वास्तु के शुभ और अशुभ परिणामों का असर उसमें रहने वाले लोगों पर ही पड़ता है. फिर चाहे मकान अपना हो या फिर किराए का. घर की हर दिशा में वास्तु मौजूद है. रसोई, किचन, बेडरूम, ड्रॉइंग रूम और यहां तक कि मकान का फर्श भी वास्तु दोष के लिए बहुत रिस्पॉन्सिबल होता है. आचार्य कमल नंदलाल कहते हैं कि घर का फर्श इंसान की तरक्की और बर्बादी दोनों के लिए जिम्मेदार हो सकता है. इसलिए घर के फर्श को कभी इग्नोर नहीं करना चाहिए. ज्योतिषविद ने बताया कि आजकल लोग घरों में फ्लोर बनाने के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं. लोग फ्लोर बनाने के लिए सेरेमिक टाइल्स या ग्रेनाइट मार्बल का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि फ्लोर पर मार्बल का इस्तेमाल आदमी को नुकसान दे सकता है. दरअसल, मार्बल को फर्श पर लगाने से चंद्रमा छठे भाव में प्रभाव छोड़ने लगता है जो अपने आप में वास्तु दोष क्रिएट करता है. इस तरह का वास्तु दोष आपके जीवन में न्यूरो से जुड़ी समस्याओं को ट्रिगर कर सकता है. डार्क कलर के फर्श का जादू ज्योतिषविद ने बताया कि घर के फर्श पर कभी भी सफेद रंग का फ्लोर न बिछाएं. इस तरह का फर्श इंसान को आसमान से जमीन पर ला सकता है. वास्तु के दृष्टिकोण से गहरे हरे रंग का फर्श सबसे उत्तम होता है. यह बुध ग्रह का प्रतीक होता है. काल पुरुष सिद्धांत के अनुसार छठे भाव का कारक ही बुध है. इसके अलावा आप काले, नीले या भूरे रंग का फर्श भी बनवा सकते हैं. किस दिशा में बनवाएं कौन सा फर्श? वास्तु के अनुसार, घर की उत्तर-पूर्व दिशा में भूरे रंग का फर्श बनवाना चाहिए. यहां बृहस्पति स्थिति को बैलेंस रखते हैं. घर की पूर्व दिशा में हमेशा काले रंग का फर्श बनवाना चाहिए. क्योंकि यह शनि को छठे या सातवें भाव में रखकर सूर्य को बलवान बनाता है. दक्षिण-पूर्व दिशा की बात करें तो यहां गहरे नीले रंग का फर्श बनवाना चाहिए. दक्षिण दिशा में काले रंग का फर्श बनवाना चाहिए. इससे शनि और मंगल की स्थिति ठीक रहती है. दक्षिण-पश्चिम दिशा में नीले या भूरे रंग का फर्श बनवाना चाहिए. पश्चिम दिशा में ग्रे या हल्के ब्राउन कलर का फर्श बनवाना चाहिए. जबकि उत्तर दिशा में डार्क ग्रीन कलर का फर्श बनवाना चाहिए. इससे इंसान के लाइफस्टाइल में सुधार बना रहता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार रहता है. छत पर हमेशा ग्रे और तह खानों में डार्क ब्राउन या नीले रंग का फ्लोर बनवाना चाहिए.

गौतम बुद्ध के संन्यास के बाद यशोधरा का जीवन, सादगी और धैर्य की मिसाल

 बुद्ध पूर्णिमा का पर्व आज मनाया जा रहा है. इस दिन भगवान गौतम बुद्ध की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है. कहते हैं कि गौतम बुद्ध ने गृहस्थ जीवन छोड़कर संन्यास ले लिया था. तो आइए जानते हैं कि गौतम बुद्ध के गृहस्थ जीवन छोड़ने के बाद उनकी पत्नी यशोधरा का जीवन कैसा हो गया था. जानते हैं पूरी कथा. कथा के मुताबिक, कोलिय वंश के राजा सुप्पाबुद्ध और रानी पामिता की पुत्री यशोधरा अपनी सुंदरता और दयालु स्वभाव के लिए जानी जाती थीं. उसी समय दूसरी ओर, शाक्य वंश के राजा शुद्धोधन और महारानी मायादेवी के घर लुंबिनी वन में एक पुत्र का जन्म हुआ था, जिसका नाम सिद्धार्थ रखा गया. यही सिद्धार्थ आगे चलकर ज्ञान प्राप्त कर महात्मा बुद्ध के रूप में प्रसिद्ध हुए. कैसे हुआ था यशोधरा-सिद्धार्थ का विवाह? कहते हैं कि जब महारानी मायादेवी सिद्धार्थ को गर्भ में धारण किए हुए थीं, तब उन्होंने एक अद्भुत सपना देखा था- एक सफेद हाथी, जिसके छह दांत थे, उनके गर्भ में प्रवेश करता हुआ दिखाई दिया था. उस समय शाक्य और कोलिय वंश के समान स्तर का कोई अन्य राजघराना नहीं था, इसलिए इन दोनों वंशों के बीच ही रिश्ते तय होते थे. इसी परंपरा के चलते आगे चलकर यशोधरा का विवाह सिद्धार्थ से हुआ, जो उनके रिश्ते में भी थे. उस समय दोनों की उम्र लगभग 16 वर्ष बताई जाती है. विवाह के बाद यशोधरा ने एक आदर्श पत्नी की तरह सिद्धार्थ का पूरा साथ निभाया. वह उनके काम और मन की स्थिति को अच्छे से समझती थीं. जब भी सिद्धार्थ जीवन के सच और लोगों के दुख-दर्द को जानने के लिए बाहर जाते, तो यशोधरा उनका सहयोग करती थीं. दोनों अक्सर समाज और लोगों की परेशानियों को लेकर बातचीत भी करते थे, जिससे उनके बीच गहरा समझ और जुड़ाव बना रहता था. सिद्धार्थ का संन्यास और यशोधरा की समझ धीरे धीरे समय के साथ यशोधरा को यह एहसास होने लगा था कि सिद्धार्थ का मन सांसारिक जीवन में पूरी तरह नहीं लग रहा है. उन्हें कई बार संकेत मिल चुके थे कि सिद्धार्थ एक दिन राजसी सुखों को छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग चुन सकते हैं. यहां तक कि उनके पिता ने भी इस बात को लेकर पहले ही आगाह कर दिया था. सिद्धार्थ के मन में जीवन के दुख, बीमारी, बुढ़ापा और मृत्यु- को लेकर गहरी चिंता थी, जो उन्हें भीतर से बेचैन करती रहती थी. राहुल का जन्म और बड़ा फैसला विवाह के करीब 13 साल बाद यशोधरा ने एक पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम राहुल रखा गया. लेकिन इस समय तक सिद्धार्थ अपने जीवन का सबसे बड़ा निर्णय ले चुके थे. उन्हें लगा कि परिवार का यह बंधन उनकी आत्मज्ञान की खोज में रुकावट बन सकता है. इसलिए उन्होंने एक दिन सब कुछ छोड़कर सत्य की तलाश में निकलने का रास्ता चुन लिया. यशोधरा का धैर्य और त्याग जब यशोधरा को यह पता चला कि सिद्धार्थ घर छोड़ चुके हैं, तो वह स्वाभाविक रूप से दुखी हुईं. लेकिन उन्होंने इस सच्चाई को स्वीकार कर लिया था. उन्होंने खुद को मजबूत बनाया और दूसरों की सहानुभूति के बजाय अपने आत्मबल पर भरोसा किया. उनका मानना था कि जीवन में बड़े लक्ष्य पाने के लिए कुछ त्याग करना जरूरी होता है. पति के जाने के बाद यशोधरा ने भी शाही जीवन से दूरी बना ली थी. उन्होंने महंगे कपड़े और आभूषण छोड़ दिए और बेहद साधारण जीवन जीना शुरू कर दिया था. वह महल की बजाय एक साधारण स्थान पर रहने लगीं, जमीन पर सोतीं और दिन में सिर्फ एक बार भोजन करती थीं. अपने बेटे राहुल को भी वह सादगी, संयम और उनके पिता के आदर्शों के बारे में सिखाती रहती थीं. गौतम बुद्ध की वापसी कई सालों बाद जब सिद्धार्थ ज्ञान प्राप्त कर गौतम बुद्ध बन चुके थे, तब वे अपने पिता के कहने पर वापस लौटे. उनके साथ कई साधु भी आए थे. उनके साधारण रूप और भिक्षा पात्र को देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए. जब बुद्ध लौटे, तो यशोधरा उनसे मिलने के लिए महल के द्वार पर नहीं गईं, बल्कि अपने स्थान पर ही उनका इंतजार किया. वह जानती थीं कि अब सिद्धार्थ सब कुछ समझ चुके होंगे. जब बुद्ध स्वयं उनके पास पहुंचे, तो यह देखकर सभी चकित रह गए. यशोधरा ने उनका सम्मान किया और शांति के साथ उनसे मुलाकात की. इसके बाद यशोधरा अपने पुत्र राहुल को लेकर बुद्ध के पास गईं. धीरे-धीरे उन्होंने भी उसी मार्ग को अपनाने का निर्णय लिया, जिस पर सिद्धार्थ चले थे. अंततः यशोधरा ने भी भिक्षुणी का जीवन अपनाया और आत्मज्ञान की दिशा में आगे बढ़ गई थीं.

पटना समेत 20 जिलों में तेज बारिश, कई जगह 70 मिमी तक वर्षा दर्ज

 पटना बिहार के अलग-अलग भागों में पांच दिनों तक मेघ गर्जन, वज्रपात संग आंधी-बारिश होगी। 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन डिग्री तक की गिरावट से मौसम सामान्य रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पटना सहित राज्य के ज्यादातर भागों में तेज हवा के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। आज सूर्योदय का वक्त 05:15 AM बजे है, जबकि सूर्यास्त शाम 06:26 PM बजे होगा। वातावरण में नमी का स्तर 47 % है, वहीं वायुमंडलीय दबाव 1008 के स्तर पर है। आंधी-बारिश के बाद गुरुवार को पटना सहित बिहार के 20 जिलों के अधिकतम तापमान में भारी कमी आई है। पटना में अधिकतम पारा 29.7 डिग्री और न्यूनतम 19.7 डिग्री रहा। पटना में कुल 25.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई। सुपौल के परपतगंज में 72.6 मिमी, पूर्णिया में 60.2 मिमी, मधुबनी के लखनपुर में 58 मिमी , बक्सर में 54.4 मिमी, पूर्णिया के श्रीनगर में 52.8 मिमी, अररिया के सिकटी में 52.2 मिमी, मधुबनी के झंझारपुर में 50 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस बीच, कृषि विभाग ने जिलों से राज्य भर में हुई आंधी-बारिश से फसल, फल-सब्जी के नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। आंधी-बारिश से सब्जियों की फसल को क्षति पटना जिले में बुधवार की रात आई आंधी और बारिश से आम और सब्जियों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। आंधी से लौकी, तरोई, करेला, परवल जैसी सब्जियों के लत्तर टूट गए हैं। कुछ जगहों पर लत्तर चढ़ाने वाली रस्सियां और चार्ली टूटने-बिखरने से तैयार फसल को नुकसान पहुंचा है। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक प्रवीण कुमार द्विवेदी बताते हैं कि तेज बारिश से खेत में पानी लगने से भी नुकसान हुआ है। खीरा, ककड़ी, नेनुआ, झिंगुनी में पानी लगने से पीलापन की शिकायत हो सकती है। खीरा और तरबूज की फसल को भी नुकसान हुआ है। दूसरी तरफ रबी की फसल कटने के बाद खेतों में जमा भूसा 50 किलोमीटर की आई तेज आंधी में उड़ गई। इससे मवेशियों के भोजन जमा करने वाले किसानों को क्षति हुई। आम की डालियां टूटीं, लीची को भी नुकसान कृषि वैज्ञानिक पीके द्विवेदी बताते हैं कि तेज आंधी और बारिश के कारण आम और लीची को भी हानि पहुंची है। आम की डालियां टूट गई हैं। डालियों पर लटके अधपके आम भी काफी मात्रा में टूट कर गिर गये हैं। लीची का पौधा आम की तुलना में सख्त होने के बावजूद टूटे हैं। आंशिक रूप से मकई की बाहरी दीवार के पौधे गिर गए है। जानवरों की शेड, छपरी उड़ गई है। पटना जिला कृषक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार बताते हैं कि पटना जिला में टमाटर की 90 प्रतिशत फसल खेत से निकल चुकी है। बची हुई 10 प्रतिशत फसल को बीते बुधवार की रात हुई बारिश और आंधी से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होगी।

मई मासिक राशिफल: मेष से मीन तक कई राशियों के लिए रहेगा शुभ समय

 साल 2026 का पांचवां यानी मई का महीना आज से शुरू हो गया है. ज्योतिषियों के मुताबिक, मई का महीना कई अहम व्रत, त्योहार और ग्रह गोचर लेकर आ रहा है. इस महीने की शुरुआत पूर्णिमा व्रत से होगी और अंत भी पूर्णिमा के साथ ही होगा. मई के इस महीने में बुद्ध पूर्णिमा, अपरा एकादशी, अमावस्या, वट सावित्री व्रत, शनि जयंती, गंगा दशहरा और पद्मिनी एकादशी जैसे व्रत त्योहार आएंगे. वहीं, इस महीने में कई बड़े ग्रह गोचर व चाल में बदलाव करने जा रहे हैं, जिसका असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा. तो आइए पंडित प्रवीण मिश्र से जानते हैं कि मई का महीना किन राशियों के लिए शुभ रहने वाला है. मेष राशि मेष राशि वालों के लिए मई 2026 का महीना सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा. इस दौरान आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी और आप अपने काम को बेहतर तरीके से पूरा कर पाएंगे. कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे प्रगति होगी और सीनियर्स का सहयोग भी मिल सकता है. आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और पुराने अटके काम पूरे हो सकते हैं. ध्यान रखें: सेहत को लेकर लापरवाही न करें, खासकर दवाइयों का समय पर सेवन करें. गुस्से पर नियंत्रण रखें, नहीं तो रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है. उपाय: जरूरतमंद लोगों को ठंडा पानी पिलाएं या प्याऊ की व्यवस्था करें. वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए यह महीना आय और करियर के लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकता है. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. व्यापार करने वालों के लिए भी समय अच्छा है, खासकर ऑनलाइन काम में सफलता मिल सकती है. ध्यान रखें: खर्चों पर नियंत्रण बनाए रखें, नहीं तो बजट बिगड़ सकता है. परिवार में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद न होने दें. उपाय: हर शुक्रवार को मौसमी फल गरीबों को दान करें. मिथुन राशि मिथुन राशि के लोगों के लिए मई का महीना नई संभावनाएं लेकर आएगा. इस समय आप अपनी स्किल और नॉलेज को बढ़ाने पर ध्यान दें, जिससे भविष्य में आपको बड़ा लाभ मिल सकता है. करियर में स्थिरता बनी रहेगी और नए मौके भी मिल सकते हैं. ध्यान रखें: खान-पान का विशेष ध्यान रखें और अनावश्यक दोस्तों के साथ समय बर्बाद करने से बचें. उपाय: बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं और सेवा करें. कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए यह महीना करियर में उन्नति दिलाने वाला रहेगा. आपकी मेहनत रंग लाएगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. परिवार और दोस्तों का सहयोग भी मिलेगा, जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा. ध्यान रखें: नकारात्मक सोच से दूर रहें और खर्चों पर नियंत्रण रखें. स्वास्थ्य को लेकर भी सावधानी बरतें. उपाय: ठंडे पानी का दान करें या सार्वजनिक स्थानों पर पानी की व्यवस्था कराएं. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए मई का महीना धन लाभ और सफलता लेकर आएगा. नौकरी में प्रमोशन के योग हैं और व्यापार में भी अच्छा मुनाफा हो सकता है. रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है. ध्यान रखें: आलस्य से बचें और गुस्से में कोई बड़ा निर्णय न लें. उपाय: रविवार के दिन गरीबों को फल दान करें. कन्या राशि कन्या राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का साथ मिलने वाला रहेगा. करियर में स्थिरता आएगी और आपके प्रयास सफल होंगे. निवेश करने या प्रॉपर्टी से जुड़े फैसले लेने के लिए समय अनुकूल है. ध्यान रखें: जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें और कटु वाणी से बचें. उपाय: बुधवार को हरे फल या हरी सब्जियां दान करें. तुला राशि तुला राशि वालों के लिए यह महीना मान-सम्मान बढ़ाने वाला रहेगा. परिवार में प्रेम और सामंजस्य बना रहेगा. छात्रों के लिए यह समय प्लानिंग करने का है, जिससे आगे सफलता मिल सके. ध्यान रखें: पेट से जुड़ी समस्याओं से बचाव करें और लंबी यात्रा से बचें. उपाय: शुक्रवार के दिन गरीबों को फल दान करें. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए यह महीना सफलता और उपलब्धियों से भरा रहेगा. कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत होगी और शत्रुओं पर विजय मिलेगी. प्रॉपर्टी से जुड़े काम भी बन सकते हैं. ध्यान रखें: गुस्से और विवाद से बचें और परिवार को समय दें. उपाय: मंगलवार को ठंडा पानी दान करें. धनु राशि धनु राशि वालों के लिए मई का महीना शुभ संकेत दे रहा है. आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी. मान-सम्मान में भी वृद्धि होगी. ध्यान रखें: स्वास्थ्य का ध्यान रखें और लंबी दूरी की यात्रा से बचें. उपाय: गुरुवार के दिन पीली खिचड़ी का दान करें. मकर राशि मकर राशि वालों के लिए यह महीना सावधानी से काम लेने का है. मेहनत का फल जरूर मिलेगा, लेकिन जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है. करियर पर फोकस बनाए रखें. ध्यान रखें: सेहत और खान-पान का विशेष ध्यान रखें और बड़े फैसले सोच-समझकर लें. उपाय: शनिवार के दिन गरीबों को फल दान करें. कुंभ राशि कुंभ राशि वालों के लिए यह समय आय बढ़ाने और स्किल सुधारने का है. आपके प्रयास सफल होंगे और आत्मविश्वास बढ़ेगा. ध्यान रखें: खर्चों को कंट्रोल में रखें और सेहत के मामले में लापरवाही न करें. उपाय: शनिवार के दिन शीतल जल का दान करें. मीन राशि मीन राशि वालों के लिए मई 2026 का महीना करियर में प्रगति और नए अवसर लेकर आएगा. परिवार का सहयोग मिलेगा और मानसिक तनाव कम होगा. ध्यान रखें: खान-पान का ध्यान रखें और नकारात्मक सोच से दूर रहें. उपाय: गुरुवार के दिन पीले फल दान करें.