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भीषण गर्मी में राहत देगा सौंफ का शरबत, शरीर को रखेगा ठंडा और हाइड्रेटेड

 पिछले कुछ दिनों से भारत के ज्यादातर शहरों में चिलचिलाती तपती गर्मी और लू चल रही है. लू और गर्मी में जब शरीर का तापमान बढ़ने लगता है तो उसे हाइड्रेटेड और ठंडा रखना बेहद जरूरी होता है. गर्मी में नींबू का शरबत तो सभी पीते हैं लेकिन क्या आपने कभी सौंफ का शरबत ट्राई किया है. बाजार में मिलने वाले शरबत अक्सर चीनी और प्रिजर्वेटिव्स से भरे होते हैं. ऐसे में सौफ का शरबत एक बेहतरीन प्राकृतिक विकल्प है. सौंफ की तासीर बेहद ठंडी होती है. ऐसे में बिना चीनी और बिना किसी आर्टिफिशियल मसाले वाला यह शरबत न केवल आपके शरीर को अंदर से ठंडा रखेगा बल्कि पाचन को दुरुस्त कर एसिडिटी और जलन जैसी समस्याओं को भी दूर भगाएगा. शरबत के लिए तैयार कर लें ये चीजें 1/2 कप मोटी सौंफ 2 कप पानी (भिगोने के लिए) 1/2 कप धागे वाली मिश्री मिश्री चीनी के विकल्प के रूप में जो प्रकृति में ठंडी होती है. आप चाहें तो शहद भी यूज कर सकते हैं. 8-10 ताजा पुदीने के पत्ते बर्फ के टुकड़े बिना चीनी-मसाले वाला सौंफ का शरबत कैसे बनाएं सबसे पहले सौंफ को अच्छी तरह साफ कर लें और इसे रात भर या कम से कम 4-5 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें. अब भीगी हुई सौंफ को उसी पानी के साथ मिक्सी जार में डालें. इसमें धागे वाली मिश्री और पुदीने के पत्ते डालकर एक महीन पेस्ट बना लें. तैयार पेस्ट को एक बारीक छलनी या सूती कपड़े की मदद से छान लें ताकि सौंफ के रेशे अलग हो जाएं. एक गिलास में बर्फ के टुकड़े डालें, तैयार सौंफ का अर्क डालें और ऊपर से ठंडा पानी मिलाएं. इसे अच्छी तरह चलाएं और ताजा पुदीने से सजाकर परोसें.

वैशाली में 12 केसों में अनुसंधानकर्ताओं की गलती, डिफॉल्ट बेल से बाहर आए आरोपी

पटना बिहार में आपराधिक मामलों की जांच में गंभीर लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। बीते तीन माह के भीतर राज्यभर में संगीन मामलों के 75 आरोपितों को सिर्फ इस वजह से जमानत मिल गई क्योंकि पुलिस तय समय सीमा के भीतर आरोप पत्र (चार्जशीट) न्यायालय में दाखिल नहीं कर सकी। चार्जशीट दाखिल करने में हुई देरी के कारण अदालतों ने इन आरोपितों को डिफॉल्ट बेल दे दी। चार्जशीट में देरी बनी राहत की वजह जांच में सामने आया है कि अधिकांश मामलों में अनुसंधानकर्ताओं ने समय पर केस डायरी और आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167(2) (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 187(2)) के तहत यदि तय समय में चार्जशीट दाखिल नहीं होती है तो अभियुक्त को डिफॉल्ट बेल का अधिकार मिल जाता है। इसी प्रावधान का लाभ उठाकर कई कुख्यात अपराधी जेल से बाहर आ गए। वैशाली के 12 अनुसंधानकर्ता चिन्हित राज्य स्तर पर समीक्षा के दौरान सामने आए 75 मामलों में वैशाली जिले के 12 मामले भी शामिल हैं, जहां अनुसंधानकर्ताओं की लापरवाही के कारण आरोपितों को राहत मिली। इनमें से 11 पुलिस अधिकारी अभी भी वैशाली जिले के विभिन्न थानों में पदस्थापित हैं, जबकि एक अधिकारी का तबादला सीतामढ़ी कर दिया गया है। इस संबंध में संबंधित एसपी को भी जानकारी भेज दी गई है और सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई वैशाली में ही चलाई जाएगी। लापरवाह अधिकारियों के जवाब असंतोषजनक मुख्यालय डीएसपी अबू जफर इमाम ने सभी मामलों की जांच कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है। अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन अधिकांश ने वर्कलोड का हवाला देते हुए एक जैसा जवाब दिया, जिसे संतोषजनक नहीं माना गया। इसके बाद विभागीय कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।   एसपी का बयान: 10 पर होगी कार्रवाई वैशाली के एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि मामले में सभी अनुसंधानकर्ताओं से जवाब मांगा गया था। इनमें से 2 अधिकारियों का जवाब संतोषजनक पाया गया, जबकि 10 के जवाब असंतोषजनक रहे। ऐसे में इन 10 अनुसंधानकर्ताओं के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले ने पुलिस जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आगे से इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने को लेकर सख्ती बरती जाएगी।  

बक्सर से दरभंगा तक फैला फर्जी आधार नेटवर्क, सीएसपी संचालक गिरफ्तार

भोजपुर भोजपुर में फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने के मामले में हुई कार्रवाई का तार अब दरभंगा से जुड़ गया है। बक्सर पुलिस ने बिरौल थाना के सहयोग से सीएसपी सेंटर चलाकर फर्जी आधार बनाने वाले आरोपी फूलहसन को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े साइबर गिरोह का खुलासा हुआ है। लैपटॉप, प्रिंटर और बायोमेट्रिक मशीन बरामद गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से लैपटॉप, प्रिंटर, फिंगरप्रिंट मशीन, स्कैनर सहित कई उपकरण बरामद किए हैं। इसके अलावा जन्मतिथि, नाम और पता बदलने से जुड़े फर्जी दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार फूलहसन पूरे साइबर गिरोह का मास्टरमाइंड है। बक्सर से मिली थी अहम जानकारी इससे पहले बक्सर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उन्होंने फूलहसन का नाम बताया, जिसके बाद बक्सर पुलिस दरभंगा पहुंची और बिरौल थाना की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया। 2024 में भी हो चुकी है गिरफ्तारी बताया जा रहा है कि वर्ष 2024 में बिरौल के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी उमेश भारती के समय भी आरोपी के कोठी पुल स्थित सीएसपी सेंटर पर फर्जी आधार कार्ड बनाने और जन्मतिथि में बदलाव की शिकायत मिली थी। उस समय कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया था।   अधिकृत आईडी का दुरुपयोग कर बनाते थे फर्जी आधार जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य अधिकृत आधार पंजीकरण केंद्र के लॉगिन आईडी, ऑपरेटर आईडी और बायोमेट्रिक पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बना रहे थे। इसके साथ ही जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक अपडेट भी अवैध रूप से किया जाता था। इस काम के एवज में सीएसपी संचालक गरीब लोगों से 5,000 से लेकर 25,000 रुपये तक वसूलते थे। इस तरह यह गिरोह लंबे समय से लोगों को ठग रहा था। पुलिस की अपील और जांच जारी बिरौल के इंस्पेक्टर अमृत लाल वर्मन ने बताया कि बक्सर पुलिस के साथ मिलकर फूलहसन को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि आधार से जुड़े किसी भी काम के लिए केवल अधिकृत केंद्रों पर ही जाएं। पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन परिवारों के भरोसे पर हमला है जो आधार कार्ड को अपने जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं। फिलहाल जांच जारी है कि इस गिरोह का असली मास्टरमाइंड कौन है और कहां से इस नेटवर्क को संचालित किया जा रहा है।  

खिड़कियों के शीशे तोड़ने वाला बच्चा बना वर्ल्ड क्रिकेट का बादशाह—रोहित शर्मा का सफर

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट के 'हिटमैन' रोहित शर्मा आज (30 अप्रैल)  39 साल के हो गए. रिकॉर्ड्स की चमक, कप्तानी की ठसक और बल्लेबाजी की सहजता… रोहित का करियर कई रंगों से बना है. लेकिन इस कहानी की सबसे दिलचस्प शुरुआत किसी स्टेडियम से नहीं, बल्कि एक बिल्डिंग की खिड़कियों से होती है. 2017 में टीवी होस्ट गौरव कपूर के शो Breakfast with Champions में रोहित ने अपने बचपन का एक किस्सा सुनाया था, जो आज भी उतना ही जीवंत लगता है. मुंबई की उस बिल्डिंग में, जहां रोहित बड़े हुए, क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, रोजमर्रा की आदत थी. खुद रोहित के शब्दों में, '24 घंटे नहीं, तो कम से कम 16 घंटे हम क्रिकेट देखते थे.' परिवार में चाचा-बुआ तक क्रिकेट खेल चुके थे और चाचा उनकी बल्लेबाजी पर इतनी बारीकी से नजर रखते थे कि छत पर खड़े होकर उनकी हर शॉट को परखते थे. …लेकिन यह जुनून कभी-कभी मुसीबत भी बन जाता था. बिल्डिंग के अंदर खेलते हुए रोहित और उनके दोस्तों ने कई बार पड़ोसियों की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए. शिकायतें बढ़ीं, नाराजगी भी. आखिरकार मामला पुलिस तक पहुंचा. एक दिन पुलिस आई और सख्त लहजे में चेतावनी दे गई, 'अगर दोबारा ऐसा किया, तो जेल में डाल देंगे.' उस चेतावनी के बाद मैदान का रुख जरूर किया गया, लेकिन बिल्डिंग क्रिकेट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ. यही जिद, यही लगन उस बच्चे को आगे बढ़ाती रही, जो आगे चलकर दुनिया के सबसे खतरनाक ओपनरों में गिना गया. रोहित शर्मा का नाम आते ही जो आंकड़ा सबसे पहले याद आता है, वह है- 264. 2014 में श्रीलंका के खिलाफ खेली गई यह पारी आज भी वनडे क्रिकेट की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है. इससे पहले 209 और बाद में एक और दोहरा शतक (208*)…रोहित ने तीन डबल सेंचुरी जड़कर उस मुकाम को छुआ, जहां पहुंचना आज भी किसी भी बल्लेबाज के लिए सपना है. उनकी बल्लेबाजी की खासियत सिर्फ बड़े स्कोर नहीं, बल्कि उसे हासिल करने का अंदाज है- सहज, संतुलित और समय पर आधारित. रोहित की टाइमिंग को अक्सर 'कला' कहा जाता है और 264 उस कला की सबसे बड़ी मिसाल है. धीमी शुरुआत, लेकिन ठोस वापसी आज भले ही रोहित का नाम महान बल्लेबाजों में लिया जाता हो, लेकिन शुरुआत आसान नहीं थी. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने पहले दो मैचों में शतक जरूर जड़े, लेकिन इसके बाद लंबा संघर्ष चला. अगली 16 पारियों में सिर्फ दो बार 50+ का स्कोर- यह आंकड़ा बताता है कि उन्हें खुद को साबित करने में कितना वक्त लगा. असल मोड़ 2013 में आया, जब उन्हें वनडे में ओपनिंग का मौका मिला. चैम्पियंस ट्रॉफी में लगातार अर्धशतक और फिर उसी साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 209…यह वह दौर था, जब रोहित ने खुद को नए रूप में स्थापित किया.यहीं से 'हिटमैन' की कहानी ने रफ्तार पकड़ी. व्हाइट-बॉल का बादशाह, टेस्ट में भी चमक रोहित शर्मा को अक्सर सीमित ओवरों का दिग्गज कहा जाता है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने कई यादगार पारियां खेलीं. साउथ अफ्रीका के खिलाफ 176, 127 और 212 जैसे स्कोर उनके टेस्ट करियर के सुनहरे पन्ने हैं. वहीं 2021 में चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ 161 रनों की पारी ने दिखाया कि मुश्किल परिस्थितियों में भी वह कितने भरोसेमंद हैं. हालांकि 2024 के बाद उनका टेस्ट करियर ढलान पर गया और उसी साल उन्होंने इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया. लेकिन जो छाप उन्होंने छोड़ी, वह लंबे समय तक याद रखी जाएगी. वर्ल्ड कप: बल्लेबाज और कप्तान- दो अलग कहानियां 2019 वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा ने पांच शतक जड़कर 600 से ज्यादा रन बनाए.यह किसी भी बल्लेबाज के लिए सपना जैसा प्रदर्शन है. लेकिन 2023 में उनका रोल बदल चुका था. इस बार वह सिर्फ रन बनाने वाले खिलाड़ी नहीं, बल्कि टीम के कप्तान थे. 597 रनों के साथ उन्होंने भारत को फाइनल तक पहुंचाया. 2024 में भारत का टी20 वर्ल्ड कप खिताब उन्हीं की कप्तानी में और 2025 की चैम्पियंस ट्रॉफी भी उन्हीं के रहते मिली. यहां रोहित का दूसरा रूप सामने आया- एक ऐसा कप्तान, जो टीम को आगे रखता है और खुद उदाहरण बनकर नेतृत्व करता है. आईपीएल में ‘मास्टरमाइंड’ कप्तान अगर फ्रेंचाइजी क्रिकेट की बात करें, तो Mumbai Indians के साथ रोहित शर्मा का नाम एक सफल कप्तान के रूप में दर्ज है. 2013 से 2020 के बीच टीम को पांच बार खिताब दिलाना- यह सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि उनकी रणनीतिक समझ का प्रमाण है. रोहित ने न सिर्फ बल्लेबाज के रूप में, बल्कि कप्तान के तौर पर भी टीम को ऊंचाइयों तक पहुंचाया. रोहित शर्मा की कहानी सीधी नहीं है. इसमें संघर्ष है, ठहराव है और फिर विस्फोट है. बिल्डिंग में क्रिकेट खेलते हुए खिड़कियों के शीशे तोड़ने वाला बच्चा… आज क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े स्कोर का मालिक है. 39 साल की उम्र में भी रोहित की विरासत सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि उस अंदाज में है, जिससे उन्होंने खेल को खूबसूरत बनाया. और यही वजह है कि 'हिटमैन' सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक अनुभव है.  

बुद्ध पूर्णिमा 2026: वैशाख पूर्णिमा पर 1 मई को होगा स्नान-दान और पूजा का विशेष महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा मनाई जाती है, जिसका संबंध चंद्रमा से होता है. इन्हीं पूर्णिमाओं में वैशाख मास की पूर्णिमा, जिसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है, बेहद खास मानी जाती है. साल 2026 में यह पर्व 1 मई को मनाया जाएगा. तिथि की बात करें तो पूर्णिमा 30 अप्रैल की रात 9:12 बजे से शुरू होकर 1 मई की रात 10:52 बजे तक रहेगी. इसलिए पूजा-पाठ और दान का महत्व 1 मई को अधिक रहेगा. स्नान-दान का शुभ समय इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और दान करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है. स्नान-दान का शुभ मुहूर्त सुबह 4:15 बजे से 4:58 बजे तक रहेगा. वहीं शाम को लगभग 6:52 बजे चंद्रमा के दर्शन होंगे. क्यों खास है वैशाख पूर्णिमा? बुद्ध पूर्णिमा को वैशाख पूर्णिमा भी कहते हैं. वैशाख पूर्णिमा को चंद्रमा अपनी पूर्ण अवस्था में होता है, जिससे उसकी ऊर्जा सबसे ज्यादा प्रभावशाली मानी जाती है. ज्योतिष के अनुसार, चंद्रमा मन और भावनाओं को नियंत्रित करता है, इसलिए इस दिन किए गए उपाय जल्दी असर दिखाते हैं. धार्मिक मान्यता यह भी है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने कूर्म अवतार लिया था, इसलिए इसे कूर्म जयंती के रूप में भी मनाया जाता है. चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें? इस दिन सुबह स्नान के बाद व्रत रखें और शाम को चंद्रमा निकलने पर उन्हें जल अर्पित करें. अर्घ्य देते समय सफेद फूल, चावल और कुमकुम का उपयोग करें. मन में अपनी इच्छा बोलकर प्रार्थना करें. अगर आपकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, तो इस दिन पूजा करने से विशेष लाभ मिल सकता है. इन उपायों से मिलेगा लाभ – इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा सुनना या करवाना शुभ होता है. – गरीबों को भोजन या कपड़े दान करने से पुण्य बढ़ता है. – भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं. – हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने से मानसिक तनाव और नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं. इन बातों का रखें ध्यान पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की पूजा में बासी फूल या टूटे चावल इस्तेमाल न करें. इस दिन क्रोध और नकारात्मक सोच से दूर रहें. तामसिक भोजन से बचना भी जरूरी माना गया है. रात में चांदनी में बैठकर 'ऊं सोमाय नमः’ मंत्र का जाप करना मन को शांति देता है और भविष्य में अच्छे परिणाम दिला सकता है.

गर्मी में ककड़ी खाने के फायदे, शरीर को रखे ठंडा और हाइड्रेटेड

 गर्मियों के मौसम में शरीर को ऐसे फूड्स की जरूरत होती है जो पेट को ठंडा रखें, आसानी से पच जाएं और शरीर को हाइड्रेट रखें. ककड़ी यानी लंबा खीरा एक ऐसा ही आसान और हेल्दी ऑप्शन है जो न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है बल्कि कई तरह से फायदा भी पहुंचाता है. यह सड़क किनारे मार्केट में आसानी से मिल जाती है और सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होती है. आप इसे ऐसे ही खा सकते हैं या सलाद में मिलाकर भी खा सकते हैं. आइए जानते हैं कि गर्मी के इस मौसम में ककड़ी खाना आपकी सेहत के लिए कितना फायदेमंद हो सकता है. शरीर को रखे हाइड्रेट गर्मियों में शरीर में पानी की कमी जल्दी हो जाती है लेकिन ककड़ी खाने से यह समस्या कम हो सकती है. इसमें लगभग 96% पानी होता है जो शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखने में मदद करता है. धूप में बाहर रहने पर इसे खाना बहुत फायदेमंद होता है. स्किन के लिए फायदेमंद गर्मी में धूप, पसीना और प्रदूषण का असर सबसे ज्यादा हमारी स्किन पर पड़ता है. ऐसे में ककड़ी स्किन को अंदर से ठंडक देती है और उसे फ्रेश बनाए रखने में मदद करती है. इसमें मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन को ग्लोइंग बनाते हैं और झुर्रियों को कम करने में भी मदद करते हैं. शरीर को ठंडक देता है जब गर्मी बहुत ज्यादा होती है तो ऐसे खाने की जरूरत होती है जो शरीर को ठंडा रखे. ककड़ी में नेचुरल ठंडक होती है, इसलिए यह बॉडी टेंपरेचर कम करने में मदद करती है. इसमें पानी की मात्रा ज्यादा होने के कारण यह गर्मियों में शरीर को ठंडा और तरोताजा बनाए रखती है. वजन कम करने में मददगार अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो ककड़ी एक बेहतर ऑप्शन है. इसमें कैलोरी बहुत कम होती है और पानी ज्यादा होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है. इससे बार-बार खाने की आदत कम होती है और वजन कंट्रोल में रहता है. डाइजेशन को बेहतर बनाती है अगर आपको पेट भारी लग रहा है या ब्लोटिंग की समस्या है तो ककड़ी खाना फायदेमंद हो सकता है. इसमें फाइबर होता है जो डाइजेशन को बेहतर बनाता है और पेट को हल्का रखता है. यह आसानी से पच जाती है, इसलिए भारी खाना खाने के बाद भी इसे खाया जा सकता है.  

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसा, वैष्णो देवी से लौट रहा परिवार खत्म

अलवर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ पुलिस थाना अंतर्गत मौजपुर के चैनल नंबर 115/300 के पास चलती कार में सीएनजी लीकेज होने से लगी आग में एक ही परिवार के 5 लोग जिंदा जलकर राख हो गए. इस घटना में चालक भी बुरी तरह झुलस गया, जिसे जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज कराया गया है. यह घटना रात देर रात करीब 11 बजे हुई. सूचना पर मौके पर पहुंची लक्ष्मणगढ़ पुलिस और दमकल गाड़ी से आग पर काबू पाने की प्रयास किए गए. आग कि सूचना के बाद अलवर से पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी और डीएसपी कैलाश जिंदल मौके पर पहुंचे.  वैष्णो देवी से लौट रहा था परिवार पुलिस ने बताया कि मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव निवासी एक परिवार वैष्णो देवी के दर्शन करके वापस अपने घर लौट रहे थे. परिवार इस गाड़ी को किराए पर लेकर आया था, जैसे ही यह अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के मौजपुर में पहुंचे. वहां अचानक सीएनजी गैस का रिसाव हो गया और रिसाव इतना तेज था कि तुरंत ही आग लग गई और आग के चलते गाड़ी में सवार सभी लोग जिंदा जल गए. घटना के समय सभी सो रहे थे आग का गोला बनने के बाद किसी भी सवार को बचाने का मौका नहीं दिया. बताया जा रहा है गाड़ी में सवार परिवार नींद में थे. अगर जगे हुए होते तो शायद चालक की तरह वो बाहर निकल पाते. श्योपुर निवासी चालक विनोद कुमार बड़ी मुश्किल से उसमें निकाल पाया. वो भी काफी जल गया. जिसे पुलिस द्वारा एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर के लिए रेफर किया गया. जहां उसका इलाज चल रहा है. रात 11 बजे हुआ हादसा लक्ष्मणगढ़ की थाना प्रभारी नेकी राम ने बताया कि यह बीती रात करीब 11 बजे के आसपास हुई. टैक्सी पर यह परिवार गाड़ी लेकर आया था. ये श्योपुर के चैनपुर निवासी हैं. सीएनजी और पेट्रोल से चलने वाली इस गाड़ी में गैस रिसाव के कारण यह आग लगी. आग इतनी भयानक थी कि इसमें किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला. इस हादसे में दो महिलाए, एक पुरुष और दो बच्ची जिंदा जलकर राख हो गए. उनके कंकाल भी नहीं बचे हैं. चालक गरीब 80 फ़ीसदी झुलस गया है, उसे पहले पिनान के अस्पताल ले लाया गया. जहां से हालत खराब होने पर उसे तुरंत जयपुर के लिए रेफर कर दिया गया. मौके पर ही मेडिकल टीम को बुलाया गया है, जिससे डीएनए सैंपल ले लिया गया. उनकी पहचान की गई. DNA टेस्ट में शवों की होगी पहचान मृतकों में परिवार का मुखिया संतोष ( 35 साल) उसकी पत्नी शशि, सास पार्वती और पुत्री रागिनी पुत्री संतोष व साक्षी पुत्री संतोष के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि परिवार जनों को सूचना दे दी गई है. रात को ही दो दमकल मौके पर बुलाई गई थी. जिसे आग पर काबू पाया आग बुझाने से पहले ही चालक को छोड़कर सभी सवार आग की भेंट चढ़ गए. लक्ष्मणगढ़ सीएचसी के डॉक्टर अमित गुप्ता ने बताया कि डीएनए टेस्ट से मृतकों की पहचान होगी. शव पूरी तरह से राख़ बन चुके हैं. मेडिकल बोर्ड से परिजनों के आने के बाद उनके पोस्टमार्टम में आगे की प्रक्रिया की जाएगी.

दिल्ली के द्वारका में तीन बच्चों की मौत, गोल्फ कोर्स तालाब में डूबने से हुआ हादसा

नईदिल्ली  राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ है। द्वारका के सेक्‍टर 24 गोल्फ कोर्स डीडीए के तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। इस मामले की सूचना दमकल को सुबह 7:07 बजे मिली। घटना के बाद से इलाके में कोहराम मचा हुआ है। 8 से 10 साल के बीच थी बच्चो की उम्र पुलिस के अनुसार, द्वारका के सेक्टर 23 पुलिस स्टेशन में सुबह लगभग 7:07 बजे एक पीसीआर कॉल आई, जिसमें गोल्फ कोर्स परिसर में स्थित एक तालाब में तीन बच्चों के डूबने की जानकारी दी गई थी। इसपर तुरंत कार्रवाई करते हुए, स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) पुलिस कर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अन्य आपातकालीन एजेंसियों को भी तत्काल सूचित किया गया। मौके पर पहुंचने पर अधिकारियों ने तालाब में डूबे हुए 8 से 10 वर्ष की आयु के तीन बच्चों को पाया। दमकल कर्मियों की सहायता से तीनों को पानी से बाहर निकाला गया। हालांकि, उन्हें घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया। तालाब में नहाने गए थे बच्चे प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि बच्चे शाम को देर से चारदीवारी फांदकर परिसर में दाखिल हुए होंगे। उनके कपड़े तालाब के बाहर मिले, जिससे पुलिस को संदेह है कि वे वहां नहाने गए थे और गलती से डूब गए। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकलेगा। बच्चों की पहचान में जुटी पुलिस बच्चों की पहचान का काम फिलहाल जारी है, और इस रिपोर्ट को लिखे जाने तक उनके विवरण से मेल खाने वाली किसी भी गुमशुदा व्यक्ति की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।

UP Transport Data Leak? निजी DBA पर गंभीर सवाल, वर्षों से एक ही जगह जमे कर्मचारी निशाने पर

लखनऊ परिवहन विभाग का संवेदनशील डेटा निजी डाटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर (डीबीए) के हाथों में है। प्रदेश के कई जिलों में अफसरों के खास डीबीए वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, ये डीबीए दलालों को वाहनों और ड्राइविंग लाइसेंसों से संबंधित विवरण उपलब्ध करा रहे हैं। इससे विभाग का पूरा डेटा गंभीर खतरे में है और दलालों से इनकी मिलीभगत उजागर हुई है।   करीब बीस वर्ष पहले परिवहन विभाग को ऑनलाइन डेटा रखरखाव के लिए ऐसे कर्मचारियों की आवश्यकता महसूस हुई थी। आरटीओ-एआरटीओ को डेटा निकासी के लिए अधिकृत किया गया था, लेकिन डीबीए ही उनकी यूजर आईडी से डेटा निकालते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ियों की फिटनेस, परमिट और उनकी संख्या सहित पूरा डेटा डीबीए की आसान पहुंच में है। वर्षों से एक ही जिले में तैनात डीबीए की दलालों से सांठगांठ हो गई है। वे दलालों को डीएल, परमिट और फिटनेस जैसी महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस मिलीभगत की जानकारी वरिष्ठ अफसरों को भी है। प्रदेशभर में कुल 80 डीबीए कार्यरत हैं, जिनमें से दो लखनऊ में तैनात हैं। बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, अमरोहा, वाराणसी, मुरादाबाद, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी और कानपुर में कई डीबीए वर्षों से एक ही जगह पर हैं। भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर सवाल ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ प्रशासन संजय तिवारी ने डीएल बनाने वाले निजीकर्मियों की शिकायत की थी। उन्होंने दलालों से मिलीभगत का हवाला देते हुए पूर्व परिवहन आयुक्त किंजल सिंह से शिकायत की। इसके बाद बिना किसी जांच के निजी डीएलकर्मियों का प्रदेशभर में स्थानांतरण और हटाने का सिलसिला शुरू हुआ। सूत्रों के अनुसार, पूर्व अपर परिवहन आयुक्त, आईटी पर निजीकर्मियों से वसूली के आरोप भी लगे थे। किंजल सिंह ने इन मामलों में कोई जांच नहीं करवाई। सवाल उठता है कि जब निजी डीएलकर्मियों का स्थानांतरण हो सकता है, तो डीबीए को क्यों बचाया जा रहा है। डीबीए के स्थानांतरण में विफलता ऐसा नहीं है कि डीबीए के स्थानांतरण की कोशिशें नहीं हुईं। तीन साल पहले परिवहन विभाग के आला अफसरों ने स्थानांतरण की कवायद शुरू की थी। हालांकि, अफसरों के खास और जुगाड़ी डीबीए इस प्रक्रिया से बच निकलने में सफल रहे। उन पर किसी भी तरह की आंच नहीं आई और वे अपनी जगह पर बने रहे। सूत्र बताते हैं कि ये डीबीए दलालों के साथ मिलकर अफसरों के लिए भी काम करते हैं। इसी कारण अफसरों ने उन्हें बचाने के लिए पूरा जोर लगा दिया। डाटा सुरक्षा और मिलीभगत का खतरा डीबीए की आसान पहुंच के कारण विभाग का संवेदनशील डाटा लगातार खतरे में है। दलालों को गोपनीय जानकारी मिलने से भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को बढ़ावा मिल रहा है। यह स्थिति परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अफसरों की मिलीभगत या उदासीनता के कारण यह समस्या वर्षों से बनी हुई है। डाटा सुरक्षा सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई आवश्यक है। डीबीए की तैनाती और स्थानांतरण नीतियों की समीक्षा करना महत्वपूर्ण है।  

यूपी में मौसम बना आफत: तेज आंधी, बारिश और वज्रपात से 18 लोगों की जान गई

लखनऊ  प्रदेश में जारी भीषण गर्मी और लू के दौर के बीच बुधवार को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश कुछ जिलों के लिए आफत बनकर बरसी। इस दौरान आंधी-बारिश के कारण दीवार ढहने, पेड़ गिरने और बिजली गिरने से हुए हादसों में प्रदेश में 18 लोगों की मौत हो गई। सुल्तानपुर में 7, अमेठी व अयोध्या में 3-3 लोगों की जान चली गई। पूर्वांचल के जिलों में पांच लोगों की मौत हुई है। लखनऊ में शहर से गांव तक की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। 100 खंभे और बिजली के तार टूट गए। मौसम की मार ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ी। उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल की कई ट्रेनें प्रभावित हुईं। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को भी प्रदेश के करीब 35 जिलों में गरज-चमक और बूंदाबांदी की संभावना जताई है। प्रदेश के करीब 20 जिलों में बुधवार को गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश का दौर चला। वाराणसी में 109 किमी प्रति घंटे, अयोध्या में 87 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। हालांकि, इन सबके बीच 45.8 डिग्री सेल्सियस के साथ बांदा बुधवार को भी प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सीतापुर में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। गोरखपुर में 19.2 मिमी, प्रयागराज में 11.2 मिमी और वाराणसी में 9 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अमेठी और आजमगढ़ में 5 मिमी बारिश हुई। लखनऊ में जगह-जगह तार पर पेड़ों के गिरने से 400 गांवों व कस्बों की बिजली व्यवस्था तीन से सात घंटे तक ध्वस्त रही। 24 घंटे तक रहेगा ऐसा ही मौसम मध्य क्षोभमंडल में उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से पूरे प्रदेश में यह बदलाव देखने को मिला। अगले 24 घंटे तक मौसम का यही रुख बने रहने के संकेत हैं। अतुल कुमार सिंह, आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक   यहां है गरज चमक के साथ वज्रपात की संभावना बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर महोबा, झांसी, ललितपुर व आस पास के क्षेत्र। यहां है झोंकेदार हवा (गति 40-50 किमी/घंटा) की आशंका बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही, कन्नीज, कानपुर देहात, कानपुर नगर व आस पास के क्षेत्र।