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राजस्थान का पहला एयरपोर्ट, जल संरक्षण में जयपुर इंटरनेशनल ने रचा इतिहास

जयपुर जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने 'वॉटर पॉजिटिव' का दर्जा हासिल किया है, जो सतत (सस्टेनेबल) संचालन की दिशा में एक बड़ा कदम है.  इस उपलब्धि के साथ जयपुर एयरपोर्ट भारत के चुनिंदा एयरपोर्ट्स में शामिल हो गया है, और राजस्थान का पहला एयरपोर्ट बन गया है, जिसने यह मान्यता प्राप्त की है. यह प्रमाण ग्लोबल कंसल्टिंग कंपनी ब्यूरो वेरिटास ने एयरपोर्ट की जल प्रबंधन प्रणाली के विस्तृत मूल्यांकन के बाद दिया है. वॉटर पॉजिटिव एयरपोर्ट के रूप में, जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपनी प्रभावी जल प्रबंधन व्यवस्था के जरिए जितना पानी उपयोग करता है, उससे अधिक पानी का संरक्षण रीसायक्लिंग एवं पुनर्भरण के माध्यम से करता है. 18 गहरे एक्वीफर रिचार्ज पिट्स स्थापित   जल संकट वाले क्षेत्र में स्थित जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा हमेशा से ही जिम्मेदार प्रबंधन, परिचालन स्थिरता और दीर्घकालिक स्थिरता के माध्यम से जल के कुशल प्रबंधन के लिए प्रतिबद्ध रहा है. पिछले कुछ वर्षों में, हवाई अड्डे ने जल के विवेकपूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं. इसी दिशा में वर्षा जल संचयन और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए 18 गहरे एक्वीफर रिचार्ज पिट्स भी स्थापित किए गए हैं. 100% ट्रीटेड पानी का रीसायकल इस उपलब्धि पर जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रवक्ता ने कहा, "यह उपलब्धि एयरपोर्ट के लगातार प्रयासों का परिणाम है, जो वॉटर पॉजिटिव बनने की दिशा में किए गए हैं.  इस प्रमाणन के पीछे तीन मुख्य आधार है, 100% ट्रीटेड पानी का रीसायकल और पुनः उपयोग, ताजे पानी की खपत में कमी करना, और प्रभावी  वर्षा जल संचयन व्यवस्था." एयरपोर्ट ने सेंसर आधारित नल लगाए जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट 100% अपशिष्ट पानी (wastewater) को रीसायकल कर उसे बागवानी और हरियाली में उपयोग करता है. पानी की खपत कम करने के लिए एयरपोर्ट ने सेंसर आधारित नल लगाए हैं, और वॉटरलेस यूरिनल जैसी तकनीकों को अपनाने पर काम कर रहा है. इसके अलावा, पानी के उपयोग की निगरानी के लिए डिजिटल वॉटर फ्लो मीटर भी लगाए गए हैं, जिससे जल प्रबंधन और अधिक प्रभावी हो सके.

दिल्ली महापौर चुनाव: भाजपा ने 156 वोटों से दर्ज किया शानदार जीत

नई दिल्ली भाजपा के उम्मीदवार प्रवेश वाही दिल्ली नगर निगम के नए महापौर निर्वाचित हुए हैं। प्रवेश वाही तीन बार से पार्षद रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने महापौर और उपमहापौर पद पर उम्मीदवार नहीं उतारा है जबकि भाजपा ने आनंद विहार से पार्षद मोनिका पंत ने उपमहापौर पद के लिए उम्मीदवार उतारा है। कांग्रेस ने कबीर नगर से पार्षद जरीफ को महापौर पद और मुबारकपुर से पार्षद राजेश कुमार गुप्ता ने उपमहापौर पद उम्मीदवार बनाया है। प्रवेश वाही तीन बार से पार्षद रहे हैं। इसके साथ ही अब उपमहापौर और सदन से स्थायी समिति के सदस्यों का भी चयन होगा। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने महापौर चुनाव के लिए कार्यवाही को लेकर पूर्व महापौर एवं मुखर्जी नगर से पार्षद राजा इकबाल सिंह को पीठासीन अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया। महापौर चुनाव में सभी सांसदों और भाजपा में शामिल राज्य सदस्य स्वाति मालीवाल और भाजपा के 11 मनोनीत विधायक और सभी पार्षदों ने मतदान किए। भाजपा ने आनंद विहार से पार्षद मोनिका पंत ने उपमहापौर पद के लिए उम्मीदवार उतारा है। कांग्रेस ने कबीर नगर से पार्षद जरीफ को महापौर पद और मुबारकपुर से पार्षद राजेश कुमार गुप्ता ने उपमहापौर पद उम्मीदवार बनाया है। ये है बहुमत महापौर चुनाव गुप्त मतदान द्वारा होता है। इसमें पार्षदों पर दल बदल विरोधी कानून लागू नहीं होता है। कुल 249 पार्षद, सात सांसद व तीन राज्य सभा सदस्य व 14 मनोनीत विधायक के तहत कुल 273 वोट हैं। इसके तहत 137 वोटों का बहुमत होता है। ग्रीन पार्क से पार्षद सरिता फोगाट का कुछ महीने पहले कैंसर से मृत्यु हो जाने के कारण यह वार्ड खाली है। इसके तहत कुल 249 पार्षद हैं। AAP के ये है सदस्य आप के पास 100 पार्षद, तीन मनोनीत विधायक और दो राज्य सभा सदस्य संजय सिंह और एन डी गुप्ता हैं। कुल मतदान हुए – महापौर चुनाव के लिए कुल 165 मतदान हुए – महापौर के लिए भाजपा को 156 मतदान मिले – कांग्रेस को 9 मतदान मिले – इनवेलिड वोट शून्य पड़े प्रवेश वाही का सफर – पूर्वी उत्तरी दिल्ली नगर निगम में – तीन बार जोन के चेयरमैन, स्थाई समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, रोहिनी बी वार्ड से अभी पार्षद है। BJP के पक्ष में 142 वोट, बहुमत से पांच ज्यादा भाजपा के 123 पार्षद हैं। जबकि आम आदमी पार्टी के 100 पार्षद हैं। इसके अतिरिक्त इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (आईवीपी) के 15 पार्षद, कांग्रेस के नौ पार्षद, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक से एक पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद हैं। भाजपा के सभी 123 पार्षदों, सातों सांसद व 11 विधायकों को मिलाकर स्वाति मालीवाल के हाल ही भाजपा में शामिल होने से कुल 142 वोट हैं। जिसके तहत भाजपा द्वारा बहुमत का आंकड़ा आराम से छुआ जा रहा हैं।

केंद्र सरकार की नई योजना, दलहन खेती पर ₹4500 प्रति क्विंटल तक प्रोत्साहन

साहिबगंज  केंद्र सरकार दलहन की खेती को बढ़ावा देगी। इसके तहत खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। यह 1800 रुपये प्रति क्विंटल से लेकर 4500 रुपये प्रति क्विंटल तक होगी। केंद्र सरकार ने दाल की आयात पर निर्भरता को देखते हुए दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया है। यह अभियान 2030-2031 तक चलेगा। इन छह वर्षो में केंद्र सरकार 11440 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस दौरान किसानों को उच्च उत्पादन के लिए आधार बीज दिए जाएंगे। किसानों को जागरूक व प्रशिक्षण देकर अधिक से अधिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला कृषि विभाग, केवीके, बीज मुहैया कराने वाली कंपनी ने बैठक कर लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अभियान के तहत केंद्र सरकार प्रति हैक्टेयर दलहन के लिए तीन हजार से लेकर 4500 रुपये तक प्रोत्साहन राशि देगी। सरकार किसान के बीज पर टैग लगाकर खरीदेगी या किसान चाहें सरकार का टैग मिलने के बाद बाजार में बेच सकते हैं। मॉनिटरिंग टीम जांच करेगी: किसानों को आधार बीज (फाउंडेशन सीड) उपलब्ध कराने के बाद कृषि विभाग की मॉनिटरिंग टीम किसानों के खेत में जाकर जांच करेगी। इस दौरान फसल की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। यदि किसान का बीज मानक के अनुरूप हुआ तो विभाग किसान को मदद करेगी। साथी पोर्टल पर निबंधन कराना होगा। गुणवत्तापूर्ण बीज होने पर सरकार भी उसे खरीद लेगी। खरीदे हुए दलहन का एमएसपी के दरों पर भुगतान भी करेगी साथ ही अलग से प्रोत्साहन राशि भी देगी। किसान चाहे तो खुले बाजार में अपनी फसल को बेच भी सकते हैं। किस दाल में कितना लक्ष्य: जिले में अरहर, केलाई, मूंग, चना, मसूर आदि की खेती होती है। कृषि विभाग ने 2026-2027 में 40 क्विंटल अरहर उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रति क्विंटल किसान को 4500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए चार हेक्टेयर भूमि की जरूरत पड़ेगी। इसी तरह 20 हेक्टेयर में उड़द या केलाई को लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें प्रति क्विंटल तीन हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। 10 हेक्टेयर में मूंग की खेती का लक्ष्य है। इसमें प्रति क्विंटल तीन हजार रुपये दिया जाएगा। 220 क्विंटल चना के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें प्रति क्विंटल 1800 रुपये सरकार प्रोत्साहन राशि देगी। 90 क्विंटल मसूर के उत्पादन का लक्ष्य है। इसमें प्रति क्विंटल तीन हजार रुपये दिया जाएगा। 28 क्विंटल रागी उत्पादन का लक्ष्य है। प्रति क्विंटल तीन हजार रुपये दिया जाएगा   दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ केंद्र सरकार ने किया है। पल्स मिशन कृषि निदेशालय, झारखंड रांची के आदेशानुसार दलहन के क्षेत्र में झारखंड भी आत्मनिर्भर बने इस दिशा में लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों को अधिक से अधिक जागरूक कर उत्पादन कराया जाएगा। सरकार दो तरह से किसान की आय बढ़ाने जा रही है। 50 फीसद अनुदान पर आधार बीज मुहैया कराएगी साथ ही किसान का बीज भी खरीदेगी और अलग से प्रोत्साहन राशि भी देगी। किसान भाईयों से अनुरोध है कि कृषि कार्यालय आकर संपर्क करे और दलहन की खेती करें। – प्रमोद एक्का, जिला कृषि पदाधिकारी, साहिबगंज  

जीवन में आगे बढ़ने के लिए MS धोनी की 10 सबसे असरदार बातें

महेंद्र सिंह धोनी बेशक भारत के सबसे सफल क्रिकेट कप्तान हो। लेकिन वह दुनिया के सबसे सफल क्रिकेट कप्तानों की लिस्ट में भी शामिल है। अपनी कड़ी मेहनत और लगन से उन्होंने जो उपलब्धियां कमाई हैं, उससे देश का नाम तो रोशन हुआ ही है। लेकिन उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस और पोस्ट मैच टॉक्स में जो बातें कही है, वह भी आज की जनरेशन के लिए किसी प्रेरणा (Inspiration) से कम नहीं है। अगर आप जीवन में हताश, परेशान और हारा हुआ महसूस कर रहे हैं, तो आपको धोनी को सुनना चाहिए। क्योंकि रांची से आए उस लड़के का जीवन भी उतना आसान नहीं रहा है। जितना आज बाहर-बाहर से देखकर लगता है। आइए पढ़ते है, धोनी के 10 सबसे असरदार, प्रेरित करने वाले ऐसे मोटिवेशनल कोट्स जो आपको अपने गोल अचीव करने के लिए हमेशा जगाए रखेंगे। 1. आप भीड़ के लिए नहीं, देश के लिए खेलते हैं! धोनी के इस कोट का मतलब समझे? आप नहीं समझें! MS के इस कोट को आप इस तरह समझिए कि आप उन 4 लोगों के लिए अपना जीवन नहीं जी रहे। बल्कि आप अपना जीवन उनके लिए जी रहे हैं, जो आपसे प्यार करते हैं। फिर चाहे, वो आपके घर वाले हो या फिर आपके दोस्त! इसलिए अपने जीवन को हमेशा दूर का सोचकर जीना चाहिए। 2. अगर आप लगातार जीतते है, तो आपको अपनी उन कमियों के बारे में पता नहीं चलता, जिसे सुधारने की जरूरत है! कई बार लोग हारते ही निराश होकर टूट जाते हैं। लेकिन सच्चाई तो ये है कि हार हमें मजबूत बनकर ठोस वापसी करना सिखाती है। 3. फैसला शांति से लो, सफलता शोर मचाएगी! धोनी का ये कोट भले ही कहीं से प्रेरित लगे। लेकिन सच्चाई तो ये है कि आपको अपने जीवन के अहम और बड़े फैसले शांति से लेने है। बाकी सफलता अपने आप शोर मचा देगी। 4. मैं फील्ड पर अपना 100 प्रतिशत देने में विश्वास रखता हूं! बिल्कुल धोनी की तरह ही आप भी अपने जीवन में जो भी हासिल करना चाहते, उसके लिए 100 प्रतिशत दें। फिर नतीजा जो होगा, उससे निराशा नहीं होगी! 5. खुद पर विश्वास और हार्ड वर्क ही सफलता दिलाता है! धोनी का ये कोट हमें सिखाता है कि आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत ही हमेशा सफलता दिलाते हैं। 6. जब तक फुल स्टॉप नहीं आता, वाक्य (Sentence) खत्म नहीं होता! ये लाइन भले ही छोटी-सी हो। लेकिन इसका मतलब बहुत बड़ा है। लोगों के बोल भर देने से इंसान का करियर खत्म नहीं होता। याद रखें कि आप अपनी कहानी खुद लिख रहे हैं और अब जब चाहेंगे, तब उसका अंत होगा! 7. सीखकर, वहीं गलती दोबारा नहीं करनी है! गलती करना जिंदगी का हिस्सा है! लेकिन उससे सीखकर हमें उसे दोहराना नहीं। बल्कि ठीक करना है। 8. जीतने से ज्यादा हम हारने पर सीखते हैं! एमएस धोनी का ये कोट अगर आपने अपने जीवन में उतार लिया, तो आप हारने से भी नहीं डरेंगे और जीत आपके कदम चूमेगी! 9. हार को तब तक फेस करो, जब तक हार तुम्हें फेस करने में हार न जाए हार का तब तक सामना करिए, जब तक हार आपका सामना करते हुए हार न जाए। इस सिंपल-सी लाइन का मतलब हार से डरना नहीं है, बल्कि उससे सीखकर उसे हराना है। 10 अपने आप को कभी प्रेशर में मत आने दो! धोनी के इस कोट का मतलब है कि आपको कभी भी खुद को प्रेशर में नहीं आने देना। उल्टा हर हालात में खुद को शांत और धैर्यवान बनाए रखना है।

युवा खिलाड़ियों को मिलेगा विदेश में ट्रेनिंग का मौका, RCA की नई पहल

जयपुर  राजस्थान के उभरते हुए क्रिकेट सितारों के लिए एक सुनहरा दौर शुरू होने वाला है. अब हमारे प्रदेश के बच्चे न सिर्फ देश की पिचों पर अपना जलवा बिखेरेंगे, बल्कि सात समंदर पार जाकर विदेशी जमीन पर क्रिकेट के गुर भी सीखेंगे. राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) ने डेनमार्क के साथ एक ऐसी 'ऐतिहासिक डील' की है, जो आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के भविष्य को बदल सकती है. डेनमार्क और राजस्थान के बीच 'क्रिकेट दोस्ती' मंगलवार शाम डेनमार्क के राजदूत रासमस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन और RCA एडहॉक कमेटी के बीच एक बेहद खास मुलाकात हुई. इस बैठक का नतीजा यह निकला कि अब राजस्थान और डेनमार्क के बीच क्रिकेट एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू होने जा रहा है. यह संभवतः भारत के क्रिकेट इतिहास में अपनी तरह की पहली पहल है, जहां एक राज्य की क्रिकेट बॉडी सीधे किसी दूसरे देश के साथ इस स्तर का करार कर रही है. इस समझौते की 3 बड़ी बातें आसान शब्दों में समझें राजस्थान के नन्हे क्रिकेट खिलाड़ी (विशेषकर अंडर-19 पुरुष और महिला टीम) ट्रेनिंग और मैच खेलने के लिए डेनमार्क जाएंगे. इतना ही नहीं, डेनमार्क के खिलाड़ी भी राजस्थान आएंगे, जिससे दोनों तरफ के बच्चों को अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने का अनुभव मिलेगा. इससे खिलाड़ियों को विदेशी कोचिंग और खेल की नई तकनीकों को समझने का मौका मिलेगा. क्यों खास है यह पहल? RCA एडहॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव और सदस्य आशीष तिवाड़ी के प्रयासों से यह डील मुमकिन हुई है. आशीष तिवाड़ी ने बताया कि डेनमार्क के राजदूत सवाई मान सिंह स्टेडियम (SMS Stadium) की सुविधाओं को देखकर काफी प्रभावित हुए. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही डेनमार्क क्रिकेट एसोसिएशन (DCA) के साथ मिलकर इसे एक औपचारिक समझौते का रूप देंगे.

बंगाल में दूसरे फेज में रिकॉर्ड मतदान, 90 फीसदी वोटिंग; हुगली बना सबसे आगे

 पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में शाम पांच बजे तक 89.99 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ था और वोटिंग का समय शाम छह बजे तक है। राज्य के पूर्वी बर्धमान जिले में शुरूआती दस घंटों (शाम पांच बजे तक) में सबसे अधिक 92.46 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण जिला में सबसे कम 86.11 प्रतिशत मतदान हुआ। इस बीच कुछ इलाकों में मतदान के दौरान झड़पों और तनाव की रिपोर्ट भी मिली है। राज्य के अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। मतदान केन्द्रों में मतदाताओं की लम्बी-लम्बी कतारें देखी गई हैं। बंगाल के मतदाता लोकतंत्र के इस पर्व पर बढ़-चढ़ कर मतदान कर रहे हैं। चुनाव आयोग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, हुगली जिले में 90.34 प्रतिशत, हावड़ा में 89.44, कोलकाता उत्तर में 87.77, नदिया में 90.28, उत्तर 24 परगना में 89.74, दक्षिण 24 परगना में 89.57 प्रतिशत मतदान हुआ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में शाम पांच बजे तक 85.51 प्रतिशत मतदान हुआ। इस सीट पर उनके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी चुनाव मैदान में है। अधिकारी को बुधवार को कालीघाट इलाके में विरोध का सामना करना पड़ा। मतदान के बीच जैसे ही अधिकारी क्षेत्र में पहुंचे, तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए 'जय बंगला' के नारे लगाए। इस दौरान अधिकारी ने कहा, "मुस्लिम 'जय बंगला' के नारे लगा रहे हैं, हिंदू भाजपा के साथ हैं।" दूसरे चरण में कुल 142 सीटों पर मतदान राज्य में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में कुल 142 विधानसभा सीटों के लिए 1448 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में 41001 मतदान केन्द्र (39301 मुख्य और 1700 सहायक मतदान केन्द्र) बनाये गये हैं, जिसमें ग्रामीण मतदान केन्द्रों की संख्या 25083 और शहरी मतदान केन्द्रों की संख्या 14218 तथा 258 मॉडल मतदान केन्द्र हैं। इस चरण में 8845 मतदान केन्द्रों का प्रबंध पूरी तरह महिलाएं कर रही हैं। केंद्रीय बलों की तैनाती आयोग ने मतदान को हिंसा और भय से मुक्त रखने तथा स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं और संवेदनशील इलाकों में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की सघन तैनाती की गई है। चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों की 2,407 कंपनियों को तैनात किया है। सभी मतदान केन्द्रों पर सुबह से मतदाता मतदान के लिए पहुंच रहे हैं । दूसरे चरण में कुल 1,448 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चरण में सर्विस मतदाता सहित कुल 3.22 करोड से अधिक मतदाता हैं, जिनमें 1.64 करोड़ पुरुष, 1.57 करोड़ महिलाएं और 792 उभयलिंगी शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में कुल 6.44 करोड़ मतदाता हैं। TMC-BJP में कौन जीतेगा? राज्य में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच है तथा कांग्रेस और वामपंथी दल भी पुरजोर से अपनी ताकत आजमा रहे हैं। भवानीपुर सीट इस बार के चुनाव में सबसे चर्चित सीट बनी हुई है, जहां मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता एवं भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के बीच है। बांग्ला फिल्म जगत की मशहूर हस्तियों ने बढ़-चढ़कर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया और जनता से भी मतदान करने की अपील की। दिग्गज अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती भी काशीपुर-बेलगाछिया निर्वाचन क्षेत्र में मतदान करने पहुंचे। काले रंग की टी-शर्ट, टोपी और चश्मे के साथ गले में नारंगी रंग का स्कार्फ पहने मिथुन ने मतदान के बाद मीडिया से कहा कि उन्होंने किसी विशेष व्यवस्था की मांग नहीं की थी। उन्होंने विश्वास जताया कि पूरी प्रक्रिया सुचारू और शांतिपूर्ण रहेगी। पहले फेज में 93.19 फीसदी मतदान मतदान केंद्रों पर पहुंचने वाले प्रमुख नामों में अभिनेता-निर्देशक जोड़ी सुभाश्री गांगुली और राज चक्रवर्ती (बैरकपुर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी उम्मीदवार) शामिल थे। वे कस्बा स्थित पोलिंग बूथ पर रोजमर्रा के परिधानों में नजर आए। मतदान के बाद इस जोड़े ने इंस्टाग्राम पर अपनी उंगलियों पर लगी स्याही दिखाते हुए एक सेल्फी साझा की और नागरिकों को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हुआ था जिसमें 93.19 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला था।दोनों चरणों की मतगणना चार मई को होगी। लेखक के बारे में

मैजेंटा लाइन पर ट्रेनों में देरी, ऑटोमैटिक गेट नहीं खुल रहे, यात्री फंसे

नई दिल्ली दिल्ली मेट्रो के इलेक्ट्रिक सिग्नल फेल होने की खबर सामने आ रही है। इसके चलते हौज खास से बोटेनिकल गार्डन की ओर जाने वाली ट्रेन आधा घंटे से रुकी हुई है। बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रिक बोर्ड पर अगली मेट्रो के आने का समय 129 मिनट दिखाई दे रहा है। DMRC ने बताया मैजेंटा लाइन पर है समस्या DMRC ने भी अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से इसकी जानकारी दी है। DMRC ने सर्विस अपडेट जारी करते हुए लिखा- “सिग्नलिंग की समस्या के कारण कालकाजी मंदिर और बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशनों के बीच मैजेंटा लाइन पर ट्रेन सर्विस में देरी हुई। बाकी सभी लाइनों पर सर्विस नॉर्मल हैं।” मेट्रो गेट खुल रहे, लेकिन ऑटोमैटिक बैरियर बंद अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, मेट्रो के गेट स्टेशन पर मेट्रो के गेट खुल रहे हैं। लेकिन, गेट के सामने लगे ऑटोमैटिक बैरियर नहीं खुल रहे, इस कारण कोई यात्री न ही मेट्रो से उतर पा रहा है और न ही चढ़ पा रहा है। इसके साथ ही पता चला है कि मेजेंटा लाइन पर करीब 40 मिनट में मेट्रो ने केवल 2 स्टेशन तय किए हैं।      मेट्रो कोच के स्क्रीन बोर्ड में दिखा- स्टेशन होल्ड दानिश रहमान नामक एक्स यूजर ने DMRC के ट्वीट पर जवाब में एक फोटो शेयर की हैं। फोटो मेट्रो के कोच की है। भीड़-भाड़ के बीच स्क्रीन बोर्ड पर लिखा दिखाई दे रहा है- "डिले" स्टेशन होल्ड। इस यात्रा सेवा में थोड़ा विलंब होगा। इस असुविधा के लिए खेद है। यूजर ने लिखा- कोई ट्रेन नहीं चल रही DMRC के ट्वीट पर मोहन कुमार नामक यूजर ने भी जवाब दिया। उन्होंने कई तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने लिखा- कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो सर्विस में देरी हो रही है। कोई ट्रेन नहीं चल रही है। यात्री प्लेटफॉर्म पर इंतजार कर रहे हैं। DMRC इस समस्या को ठीक करने के लिए काम कर रहा है।  

960 मीटर लंबा फ्लाईओवर जाम से छुटकारा दिलाएगा, अयोध्या रोड-सीतापुर रोड की राह आसान

 लखनऊ  इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर अब जाम नहीं लगेगा, क्योंकि यहां फ्लाईओवर मई माह से बनने जा रहा है। कार्यदायी संस्था ने अपनी मशीनें जहां शहर के बाहर स्थित यार्ड में पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है। वहीं कर्मचारियों ने इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे के आसपास नाप जोख भी शुरू कर दी है। लोक निर्माण विभाग की एनएच शाखा इस फ्लाईओवर का निर्माण करवाने जा रही है। इसे डेढ़ साल से पौने दो साल में बनाकर तैयार कर लिया जाएगा। यह 960 मीटर लंबा होगा और इसके निर्माण पर करीब 108 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस फ्लाईओवर को बनवाने के लिए क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा पिछले कई सालों से प्रयासरत थे। रक्षामंत्री व सांसद राजनाथ सिंह द्वारा खुर्रमनगर फ्लाईओवर के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के सामने ही रक्षामंत्री ने इंजीनियरिंग कालेज चौराहे का प्रस्ताव रखा था, विधायक ने भी नितिन गडकरी को पत्र लिखकर मांग की थी। अब यह बनने जा रहा है। इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर बनने वाले फ्लाईओवर के मार्ग में यहां बना फुटओवर ब्रिज बाधा बना हुआ था, अब इसे भी लोक निर्माण विभाग स्थायी रूप से हटा देगा। फ्लाईओवर बनने से अयोध्या रोड से सीतापुर रोड के बीच वाहनों की रफ्तार और बेहतर होगी। लोक निर्माण विभाग की एनएच शाखा ने सभी प्रकार की औपचारिकताएं अपने स्तर से पूरी कर ली हैं। बिजली विभाग, जलकल की लाइनों को शिफ्ट करने के लिए संबंधित विभागों को भी निर्देशित कर दिया गया है। उद्देश्य है कि निर्माण के दौरान कोई टूट फूट न हो, जिससे आम नागरिकों को परेशानी उठनी पड़े। स्थानीय लोगों के मुताबिक चार लेन का फ्लाईओवर आईआईएम रोड फ्लाईओवर से मडियांव फ्लाइओवर, इंजीनियरिंग कालेज फ्लाइओवर, टेढ़ी पुलिया फ्लाईओवर, खुर्रमनगर फ्लाइओवर, मुंशी पुलिया फ्लाइओवर और पालीटेक्निक फ्लाइओवर होते हुए अयोध्या रोड पर सीधे पहुंच सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक इस सुविधा से हाईकोर्ट से लेकर सीतापुर रोड तक लगने वाला ट्रैफिक जहां काफी हद तक कम हो जाएगा, वहीं वाहनों को रफ्तार मिलेगी। इन क्षेत्रों को सबसे ज्यादा मिलेगा लाभ इंजीनियरिंग कालेज चौराहे पर फ्लाइओवर बनने से विकास नगर, खुर्रमनगर, गुडंबा, जानकीपुरम व जानकीपुरम विस्तार के आसपास बसी पांच लाख आबादी को राहत मिलेगी और सर्विस लेन पर जो जाम लगता था, उस पर नियंत्रण काफी हद तक होगा।     मई 2026 से इंजीनियरिंग कालेज चौराहे पर बनने वाले फ्लाइओवर का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है।- राज कुमार पिथौरिया, अधिशसाी अभियंता, एनएच (शाखा) पीडब्ल्यूडी  

स्मार्ट सिटी से खेल सुविधाओं तक: सोनीपत के लिए भाजपा का बड़ा विकास एजेंडा

सोनीपत भारतीय जनता पार्टी ने आगामी निकाय चुनाव के लिए सोनीपत नगर निगम का विशेष 'संकल्प पत्र' जारी कर दिया है। 'समर्पित सेवा-सशक्त सुशासन' के वादे के साथ पार्टी ने शहर के बुनियादी ढांचे, खेल सुविधाओं और महिला सुरक्षा के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं।   सोनीपत के लिए बड़े विकास प्रोजेक्ट्स     जल प्रबंधन: शहर में लगभग 390 करोड़ की लागत से आधुनिक जल निकासी प्रणाली का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, गांव राठधना (90 करोड़) और गांव देवडू (20 करोड़) में नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। जल आपूर्ति के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹50 करोड़ खर्च होंगे।     स्मार्ट सिटी और सुरक्षा: शहर की निगरानी के लिए 200 करोड़ की लागत से 'एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र' (ICCC) बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रमुख स्थानों पर व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया जाएगा।     सड़कें और पार्किंग: नगर निगम क्षेत्र के सभी सेक्टरों में 50 किमी मुख्य सड़कों और ग्रीन बेल्ट के कार्यों पर ₹190 करोड़ खर्च किए जाएंगे। जाम की समस्या से निपटने के लिए ₹80 करोड़ की लागत से मल्टी-लेवल पार्किंग बनाई जाएगी।   खेल और सामुदायिक सुविधाएं     खेलों को बढ़ावा: सेक्टर-4 स्पोर्ट्स स्टेडियम में ₹50 करोड़ की लागत से अतिरिक्त खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा, गांव लहराडा (20 करोड़) और ऋषि कॉलोनी (10 करोड़) में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे।       जनसुविधाएं: शहर में 40 करोड़ की लागत से 520 सीटों वाला सभागार और सेक्टर-23 में 10 करोड़ की लागत से आधुनिक डिस्पेंसरी का निर्माण होगा। ड्रेन नंबर 6 के सौंदर्यीकरण और शॉपिंग एरिया के लिए ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है।   महिलाओं और नागरिकों के लिए विशेष पहल     पिंक टॉयलेट: महिलाओं के लिए सभी निकायों में पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे, जहाँ सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और शिशु आहार कक्ष जैसी सुविधाएं मिलेंगी।       मालिकाना हक और टैक्स राहत: 20 वर्षों से अधिक समय से रह रहे परिवारों को मकानों का वैध मालिकाना हक (रजिस्ट्री) दिया जाएगा। महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड मकानों पर 25% हाउस टैक्स छूट दी जाएगी।       डिजिटलीकरण: प्रॉपर्टी टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और बिल्डिंग प्लान अप्रूवल जैसी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा।  

टोंटो-गोइलकेरा जंगल में ऑपरेशन तेज, हथियार और संदिग्ध सामग्री बरामद

 चाईबासा  पश्चिम सिंहभूम जिला के टोंटो-गोइलकेरा क्षेत्र के घने जंगलों में चल रहे अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। CoBRA 209 बटालियन के साथ हुई मुठभेड़ में एक माओवादी मारा गया है। फिलहाल उसकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। घटनास्थल से शव के साथ हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्री भी बरामद की गई है, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित किया गया है। जानकारी के अनुसार, रूटुगुटू, बोरोई और तूनबेड़ा के आसपास के जंगलों में पिछले दो दिनों से लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा था। यह अभियान विशेष रूप से एक करोड़ के इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा की तलाश में तेज किया गया था। बुधवार तड़के करीब साढ़े चार बजे सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों का माओवादियों से आमना-सामना हो गया, जिसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। अजय महतो के दल का सदस्य मारा गया सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती मुठभेड़ के बाद भी इलाके में रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रही। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने एक माओवादी को मार गिराया। अधिकारियों के अनुसार, मारा गया माओवादी कमांडर अजय महतो के दस्ते का सदस्य बताया जा रहा है, हालांकि उसकी आधिकारिक पहचान की पुष्टि अभी की जा रही है। पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेनू ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि ऑपरेशन अभी जारी है और सुरक्षा बल हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि बरामद हथियार और अन्य सामग्री की गहन जांच की जा रही है, जिससे माओवादी संगठन के नेटवर्क, मूवमेंट और भविष्य की योजनाओं के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। एक माओवादी की हत्या के बाद बढ़ी थी गतिविधि गौरतलब है कि हाल ही में गोइलकेरा थाना क्षेत्र में एक पूर्व माओवादी की हत्या की घटना सामने आई थी। इसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिल रहे थे कि माओवादी सारंडा के जंगलों से निकलकर कोल्हान और आसपास के क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही संकेत दिए थे कि माओवादियों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। ताजा मुठभेड़ इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है और जंगल इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।