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राजस्थान में साइबर क्राइम और एंटी नारकोटिक्स के DSPs की नई पोस्टिंग

जयपुर राजस्थान में पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है. बुधवार को प्रदेशभर में 52 उप पुलिस अधीक्षक (DSP) को ट्रांसफर का आदेश थमा दिया गया है. पुलिस निरीक्षक के पद से पदोन्नत हुए 52 उप पुलिस अधीक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का आदेश जारी किया गया है. यह आदेश डीजीपी ऑफिस, जयपुर की तरफ से जारी किया गया है. डीजीपी ऑफिस के आदेश में कहा गया कि पुलिस निरीक्षक से पदोन्नत अधिकारियों का तत्काल प्रभाव ट्रांसफर और पोस्टिंग किया जाता है. रामनिवास मीणा का साइबर क्राइम, अलवर की जिम्मेदारी अजयकांत राठौड़ को पुलिस आयुक्तालय जयपुर से पदोन्नत कर उप पुलिस अधीक्षक, सीआईडी (एसएसबी), मुख्यमंत्री सुरक्षा प्रकोष्ठ, जयपुर लगाया गया है. वहीं, नरेन्द्र कुमार को उप पुलिस अधीक्षक, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, जयपुर नियुक्त किया गया है. इसके अलावा रामनिवास मीणा को अलवर में साइबर क्राइम के उप पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है. नरपत सिंह ACB जयपुर में बने डिप्टी एसपी रविन्द्र कुमार को उप पुलिस अधीक्षक, राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में पोस्टिंग दी गई है. DSP के ट्रांसफर लिस्ट में नरपत सिंह चारण को जयपुर एसीबी में डिप्टी एसपी के पद पर लगाया गया है. वहीं, मुकेश शर्मा को भी राजस्थान पुलिस अकादमी के उप पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात किया गया है. महावीर सिंह यादव को उप पुलिस अधीक्षक, एसओजी, जयपुर पद पर जिम्मेदारी सौंपी गई है. मदन लाल को प्रतापगढ़ जिले में साइबर क्राइम का डिप्टी एसपी बनाया गया है. इसके अशोक चौधरी को भी डिप्टी एसपी बनाकर जयपुर एसआईटी में भेजा गया है. आनंद कुमार को श्रीगंगानगर जिले में साइबर क्राइम में डिप्टी एसपी के पद पर ट्रांसफर हुआ है. बुद्धराम को बाड़मेर साइबर क्राइम, पुरुषोत्तम महरिया को भरतपुर जिले में साइबर क्राइम और निरंजन प्रताप सिंह को जालोर जिले में साइबर क्राइम का उप पुलिस अधीक्षक बनाया गया है.

पत्थर और व्यक्ति: बुद्ध की कहानी जो बताती है, अपनी कीमत खुद पहचानो

बुद्ध पूर्णिमा इस साल 1 मई, शुक्रवार को मनाई जाएगी. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल यह वैशाख महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है, इसलिए इसे वैशाखी पूर्णिमा भी कहा जाता है. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, यह दिन भगवान गौतम बुद्ध को समर्पित है क्योंकि इनका जन्म इसी तिथि पर हुआ था. गौतम बुद्ध ने अपने पूरे जीवन में अहिंसा, सत्य, करुणा और शांति का संदेश दिया, जो आज भी लोगों को सही राह दिखाता है. गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़ी कई कहानियां व कथाएं भी हमें गहरी सीख देती हैं. उनकी ऐसी ही एक कथा आत्म-मूल्य को समझाने वाली है. आइए पढ़ते हैं वह कथा. जब अपनी कीमत जानने की खोज में बुद्ध के पास पहुंचा एक व्यक्ति कहानी के अनुसार, एक व्यक्ति गौतम बुद्ध के पास पहुंचा और उनसे पूछा कि, 'मेरे जीवन का उद्देश्य क्या है और मेरी असली कीमत क्या है?'  गौतम बुद्ध ने सीधे जवाब देने के बजाय उसे एक पत्थर दिया और कहा कि, 'जाओ, इसकी कीमत बाजार में पूछकर आओ, लेकिन इसे बेचना मत चाहे कितना भी महंगा क्यों न हो.' वह व्यक्ति सबसे पहले एक फल बेचने वाले के पास गया. फलवाले ने पत्थर को देखकर कहा कि यह उसके ज्यादा काम का नहीं है, लेकिन इसकी चमक अच्छी है, इसलिए वह इसके बदले 10 आम दे सकता है. इसके बाद वह एक सब्जी वाले के पास गया, जिसने कहा कि इसके बदले एक बोरी आलू मिल सकते हैं. एक ही पत्थर, लेकिन हर जगह अलग कीमत क्यों? अब वह और हैरान हो गया कि एक ही पत्थर की अलग-अलग कीमत क्यों लग रही है. आखिर में वह एक जौहरी के पास पहुंचा. जौहरी ने पत्थर को ध्यान से देखा और कहा, 'यह तो बहुत कीमती रत्न है, मैं इसके लाखों रुपये देने को तैयार हूं.' जब व्यक्ति वहां से जाने लगा, तो जौहरी ने कीमत और बढ़ा-चढ़ाकर देने की बात कही. इसके बाद वह व्यक्ति वापस गौतम बुद्ध के पास आया और पूरी बात बताकर फिर वही सवाल पूछा. गौतम बुद्ध मुस्कुराए और बोले, 'तुमने देखा, हर किसी ने अपनी समझ के हिसाब से उस पत्थर की कीमत लगाई. लेकिन उसकी असली पहचान सिर्फ वही कर पाया, जिसे उसकी सही परख थी.' खुद को पहचानना है सबसे बड़ी ताकत गौतम बुद्ध ने समझाया कि इंसान की कीमत भी कुछ ऐसी ही होती है. हर कोई आपके गुणों को नहीं समझ पाएगा. असली बात यह है कि आप खुद को पहचानें और अपने अंदर छिपी खूबियों को निखारें. किसी भी व्यक्ति की असली कीमत दूसरों के विचारों से नहीं, बल्कि उसके आत्मविश्वास और उसकी पहचान से तय होती है.

ICC की चेतावनी के बीच श्रीलंका सरकार कर सकती है क्रिकेट बोर्ड में अंतरिम नियुक्ति

श्रीलंका श्रीलंका क्रिकेट में बड़ा भूचाल आ गया है. श्रीलंका क्रिकेट (SLC) के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके साथ ही पूरी एग्जीक्यूटिव कमेटी ने भी सामूहिक रूप से पद छोड़ दिया है. बताया जा रहा है कि यह फैसला श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के दबाव के बाद लिया गया. सरकार और जनता लगातार क्रिकेट बोर्ड में बदलाव की मांग कर रहे थे. बोर्ड पर वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप भी लगे हैं. सूत्रों के मुताबिक, अब सरकार जल्द ही एक अंतरिम समिति (इंटरिम कमेटी) नियुक्त कर सकती है, जो फिलहाल क्रिकेट संचालन संभालेगी. हालांकि, यह फैसला श्रीलंका के लिए मुश्किलें भी बढ़ा सकता है. ICC पहले भी साफ कर चुका है कि वह सरकारी दखल को स्वीकार नहीं करता. ICC सिर्फ चुनी हुई (इलेक्टेड) क्रिकेट बॉडी को ही मान्यता देता है. आईसीसी बन सकता है मुसीबत पहले भी जब श्रीलंका में अंतरिम व्यवस्था लागू की गई थी, तब ICC ने कड़ा रुख अपनाया था. साल 2023 में तो श्रीलंका को ICC से सस्पेंड तक कर दिया गया था, जिससे फंडिंग रोक दी गई और टूर्नामेंट भी छीन लिए गए थे. अगर इस बार भी सरकार ने सीधे नियंत्रण लिया, तो श्रीलंका क्रिकेट को फिर से ICC के एक्शन का सामना करना पड़ सकता है. वहीं, मैदान पर भी टीम का प्रदर्शन खास नहीं रहा है. 2023 वनडे वर्ल्ड कप में टीम 9वें स्थान पर रही थी और हाल के T20 वर्ल्ड कप में भी निराशाजनक प्रदर्शन किया. कोच Gary Kirsten की नियुक्ति के बाद भी हालात में ज्यादा सुधार नहीं हुआ. कुल मिलाकर, श्रीलंका क्रिकेट इस वक्त बड़े बदलाव और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है.  

डायमंड हार्बर के कई बूथों पर EVM विवाद, चुनाव आयोग दोबारा मतदान पर विचार में

कोलकाता बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग के बीच ईवीएम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कई पोलिंग बूथों पर ईवीएम मशीनों में उसके चुनाव चिह्न ‘कमल’ वाले बटन को टेप लगाकर ढक दिया गया, जिससे मतदाता अपनी पसंद का वोट नहीं दे सके। इस आरोप को लेकर सियासत तेज हो गई है और चुनावी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख व बंगाल के सह प्रभारी अमित मालवीय ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि दक्षिण 24 परगना के फलता क्षेत्र के कई बूथों पर यह गड़बड़ी हुई। उनके अनुसार, हरिणडांगा हाई स्कूल स्थित बूथ संख्या 144 (भाग 170) और बूथ 189 सहित कई जगहों पर भाजपा के विकल्प को टेप से ब्लॉक कर दिया गया। भाजपा ने इसे “डायमंड हार्बर मॉडल” बताते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया। शाह और सुवेंदु में हुई बात इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस है, जबकि भाजपा नेताओं ने आरोपों के जरिए सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी के प्रभाव वाले क्षेत्र डायमंड हार्बर की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, फलता से तृणमूल प्रत्याशी जहांगीर खान का नाम भी विवादों में घिरा है। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी दो विशिष्ट बूथों का जिक्र करते हुए पुनर्मतदान की मांग की और इस मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचाने का दावा किया। खबर है कि शाह और सुवेंदु के बीच टेलीफोन पर काफी देर बात हुई है जिसमें उन्होंने अधिकारी से पूरी स्थिति की जानकारी ली। सुवेंदु ने दावा किया कि यह अभिषेक बनर्जी और उनके करीबी जहांगीर खान का पुराना तरीका है, जिसे इस विधानसभा चुनाव में भी दोहराने की कोशिश की गई है। आयोग की चेतावनीः सीसीटीवी से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर होगी कार्रवाई इधर, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि आयोग इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने कहा कि जहां भी ईवीएम के बटन पर टेप लगाए जाने की पुष्टि होगी, वहां अनिवार्य रूप से पुनर्मतदान कराया जाएगा। उन्होंने “जीरो टालरेंस” नीति का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि यदि किसी विधानसभा क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं अधिक पाई गईं, तो पूरे क्षेत्र में भी री-पोल कराया जा सकता है। आयोग के अनुसार, मॉक पोल के दौरान ऐसी कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई थी, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि वोटिंग के दौरान ही शरारती तत्वों ने मशीनों से छेड़छाड़ की। सीसीटीवी फुटेज के जरिए संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर कार्रवाई की बात भी कही गई है। छिटपुट चुनावी हिंसा और तनाव के बीच भवानीपुर सहित कुछ अन्य इलाकों में भी झड़प और विरोध प्रदर्शन की खबरें आई हैं। कुल मिलाकर, दूसरे चरण की वोटिंग ने जहां राजनीतिक तापमान बढ़ाया है, वहीं बटन पर टेप विवाद ने नई बहस को जन्म दे दिया है।  

बोकारो डिपो की तकनीकी खराबी से प्रभावित हुई सप्लाई, धीरे-धीरे हालात सामान्य

 रांची राजधानी में मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की अचानक किल्लत से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर या तो तेल सीमित मात्रा में दिया गया या फिर पूरी तरह स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन गई। हालांकि कुछ पंपों पर स्थिति सामान्य भी रही, लेकिन कई इलाकों में उपभोक्ताओं को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा। कोकर स्थित चड्डा पेट्रोल पंप में पेट्रोल और डीजल कटौती कर दिया जा रहा है। पंप प्रबंधन के अनुसार, डिपो से पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलने के कारण सीमित मात्रा में ही तेल उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं डोरंडा के तिवारी बेचर पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खत्म होने के कारण ‘पेट्रोल नहीं है’ का बोर्ड लगा दिया गया। खुखरी पेट्रोल पंप में भी दोपहर 12 बजे के बाद पेट्रोल खत्म हो गया, जिससे लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ा। डीजल पर भी लगाई गई सीमा कुछ पेट्रोल पंपों पर डीजल की आपूर्ति भी सीमित कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, कई जगहों पर एक बार में अधिकतम 300 लीटर तक ही डीजल दिया जा रहा है। इससे खासकर ट्रांसपोर्ट और व्यवसाय से जुड़े लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। शहर के साथ-साथ हाईवे पर स्थित कई पेट्रोल पंप भी मंगलवार को ड्राई नजर आए। पेट्रोल नहीं होने के कारण कुछ पंपों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, जिससे लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। क्या है वजह, क्या कहते हैं डीलर्स पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन झारखंड के प्रवक्ता प्रमोद कुमार ने बताया कि रविवार को बोकारो स्थित डिपो में तकनीकी खराबी आने के कारण सप्लाई प्रभावित हुई थी। इसी वजह से कुछ पेट्रोल पंपों पर कुछ घंटों के लिए किल्लत देखने को मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कोई बड़ी कमी नहीं है और स्थिति सामान्य हो रही है। डीलर्स का कहना है कि जल्द ही सभी पंपों पर आपूर्ति पूरी तरह बहाल हो जाएगी। हालांकि, इस अस्थायी किल्लत ने एक बार फिर आपूर्ति व्यवस्था की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

‘द डेविल वियर्स प्राडा 2’: 20 साल बाद लौटेगी मिरांडा प्रीस्टली और एंडी सैक्स

सिनेमा और इंटरनेट की दुनिया से जरा भी वास्‍ता रखते हैं, तो बीते कुछ दिनों में आपने 'द डेविल वियर्स प्राडा 2' को लेकर खूब शोर सुना होगा। यह फिल्‍म 01 मई 2026 को रिलीज हो रही है। जाहिर है, मन में सवाल उठ रहे होंगे कि आख‍िर ये क्‍या है, और आख‍िर 20 साल बाद इसके सीक्‍वल को बनाने की जरूरत क्‍यों पड़ी? आख‍िर मिरांडा प्रीस्टली कौन है? चल‍िए, एक-एक कर इन सवालों के जवाब ढूंढ़ते हैं। सबसे पहली बात तो The Devil Wears Prada 2 एक अमेरिकी कॉमेडी-ड्रामा फ‍िल्म है, जिसका डायरेक्‍शन डेविड फ्रैंकल ने किया है। इसका स्‍क्रीनप्‍ले एलीन ब्रॉश मैककेना ने तैयार किया है। यह 2006 की फ‍िल्म 'द डेविल वियर्स प्राडा' का सीक्‍वल है। फिल्‍म में मेरिल स्ट्रीप, ऐनी हैथवे, एमिली ब्लंट और स्टेनली टुची जैसे दिग्‍गज हॉलीवुड सितारे हैं, जो अपनी पुरानी भूमिकाओं में फिर से नजर आएंगे। पहले बात पहली फिल्‍म की करते हैं। साल 2026 में रिलीज हुई 'द डेविल वियर्स प्राडा' को भी डेविड फ्रैंकल ने ही डायरेक्‍ट किया था। एलीन ब्रॉश मैककेना ने ही तब भी स्‍क्रीनप्‍ले तैयार किया था। यह लॉरेन वीसबर्गर के 2003 के इसी नाम के बेस्‍टसेलर उपन्यास पर आधारित है। फ‍िल्म का बेसिक प्‍लॉट ये है कि कहानी के केंद्र में एंडी सैक्स (ऐनी हैथवे) है, जो एक पत्रकार बनने की चाह रखने वाली लड़की है। उसे एक फैशन मैगजीन में नौकरी मिलती है, लेकिन वहां उसे अपनी सख्‍त एडिटर मिरांडा प्रीस्टली (मेरिल स्ट्रीप) की मर्जी से काम करना पड़ता है। बजट से 8 गुना अध‍िक कमाई और अवॉर्ड साल 2006 में रिलीज 'द डेविल व‍ियर्स प्राडा' बॉक्‍स ऑफिस पर जबरदस्‍त रूप से सफल हुई थी। उस दौर में 41 म‍िल‍ियन डॉलर के बजट में बनी इस फिल्‍म ने 326 मिलियन डॉलर की वर्ल्‍डवाइड कमाई की थी। यही नहीं, मेरिल स्ट्रीप के की काफी तारीफ हुई। उन्हें 'बेस्ट एक्ट्रेस – मोशन पिक्चर म्यूजिकल या कॉमेडी' कैटेगरी में गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड मिला। इसके अलावा, उन्हें 'बेस्ट लीड एक्ट्रेस' के लिए एकेडमी अवॉर्ड, BAFTA अवॉर्ड, SAG और क्रिटिक्स चॉइस अवॉर्ड के लिए भी नॉमिनेट किया गया। 'द डेविल वियर्स प्राडा' की कहानी फिल्‍म की कहानी में, पत्रकार बनने की चाह रखने वाली एंड्रिया 'एंडी' सैक्स (ऐनी हैथवे) नई-नई नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट कर नौकरी तलाश रही है। फैशन इंडस्ट्री के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने के बावजूद, उसे न्यूयॉर्क शहर की 'रनवे' मैगजीन में नौकरी मिलती है। इस मैगजीन की एडिटर मिरांडा प्रीस्टली (मेरिल स्ट्रीप) अपनी सख्‍ती के लिए कुख्‍यात है। एंडी को उसकी जूनियर पर्सनल असिस्टेंट बनने का मौका मिलता है। एंडी सोचती है कि वह मिरांडा के बुरे बर्ताव को तब तक बर्दाश्त करेगी, जब तक कि वह 'रनवे' में बने अपने कॉन्‍टैक्‍ट्स का इस्तेमाल एक बेहतर नौकरी ढूंढ़ने के लिए नहीं कर लेती। 'द डेव‍िल व‍ियर्स प्राडा' (2006) में मेरिल स्ट्रीप एंडी अपने दिखावटी और फैशन-परस्त ऑफिस कलिग्‍स के साथ ठीक से घुल-मिल नहीं पाती। खासकर मिरांडा की सीनियर असिस्टेंट एमिली चार्ल्टन (एमिली ब्लंट) के साथ। उसे मिरांडा की बेतुकी मांगों को पूरा करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। एक दिन मिरांडा अपनी असिस्‍टेंट एंडी को जमकर फटकार लगाती है। दरअसल, एंडी एक तूफान के दौरान मिरांडा को मियामी से वापस लाने का इंतजाम नहीं कर पाती है। एंडी इन हालात को सुधारने के लिए खुद को ट्रांसफॉर्म करने का फैसला लेती है। वह सलाह लेने के लिए 'रनवे' के आर्ट डायरेक्टर नाइजेल (स्टेनली टुची) के पास जाती है, जो उसे स्टाइलिश कपड़े चुनने में मदद करता है। 'द डेव‍िल व‍ियर्स प्राडा' में ऐनी हैथवे एंडी की काम के प्रति बढ़ती लगन को देखते हुए मिरांडा उसे ज्यादा जरूरी काम भी सौंपने लगती है। अब जैसे-जैसे 'रनवे' में एंडी को सफलता मिलती है, वह अपनी निजी जिंदगी को भूलने या यह कहें कि खोने लगती है। वह अपने उसूलों से समझौता करती है। आखिरकार, एक ऐसा दिन भी आता है, जब एंडी पेरिस फैशन वीक में शामिल होने के लिए ऑफिस की सबसे होनहार सहकर्मी एमिली को भी पीछे छोड़ देती है। 'द डेविल वियर्स प्राडा' में एमिली ब्लंट पिछली फिल्‍म के क्‍लाइमेक्‍स में पेरिस है। एंडी को यह एहसास होने लगता है कि ना चाहते हुए भी वह धीरे-धीरे अपनी अक्‍खड़ बॉस मिरांडा जैसी बनती जा रही है। एंडी इस एहसास के बाद बिखर जाती है। वह अपना फोन एक फव्वारे में फेंककर नौकरी छोड़ देती है। वह फैशन की दुनिया छोड़कर एक अखबार में नौकरी करने लगती है। हालांकि, यह नौकरी भी उसे मिरांडा की सिफारिश पर ही मिलती है, जो मन ही मन अब एंडी का सम्मान करने लगी है। 20 साल बाद 'द डेविल वियर्स प्राडा 2' में क्‍या होगा सीक्‍वल फिल्‍म में एंडी सैक्स 'रनवे' मैगजीन में वापस लौटती है। ठीक उस समय जब मिरांडा प्रीस्टली मीडिया के बदलते रूप के बीच 'रनवे' को बचाने की कोश‍िशों में जुटी है। वह 'रनवे', जिसमें काम करना कभी मीडिया में बड़ी बात होती थी। एंडी यहां आकर अपनी पूर्व साथी एमिली से फिर से कनेक्‍शन बनाती है। एमिली अब एक ऐसे लग्‍जरी ब्रांड की हेड है, जिसके पास इतनी फंडिंग है कि वो 'रनवे' को डूबने से बचाने में मदद सकती है। कहानी में आगे क्‍या होता है, यह जानने के लिए आपको फिल्‍म देखनी होगी। 'द डेविल वियर्स प्राडा' OTT पर कहां देखें वैसे अगर सीक्‍वल फिल्‍म से पहले आपकी दिलचस्‍पी 2006 की 'द डेविल वियर्स प्राडा' देखने की है, तो आप इसे OTT पर Jio Hotstar पर भी देख सकते हैं।

GT और RCB के बीच IPL 2026 का मुकाबला – संभावित प्लेइंग इलेवन और इम्पैक्ट प्लेयर

अहमदाबाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 42वें मैच में गुजरात टाइटंस (GT) का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से 30 अप्रैल को होगा। रजत पाटीदार की कप्तानी वाली RCB ने अब तक 6 मैच जीते हैं और 2 में शिकस्त झेली है। वहीं, शुभमन गिल के नेतृत्व वाली GT ने 4 मुकाबले जीते हैं और 4 में ही हार झेली है। आइए मैच से जुड़ी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। दोनों टीमों के बीच रहा है लगभग बराबरी का मुकाबला IPL के इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक 7 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान RCB को 4 मैच में जीत मिली है। GT ने भी 3 मुकाबले अपने नाम किए हैं। IPL 2026 की पहली भिड़ंत में RCB ने GT को 5 विकेट से हराया था। IPL 2025 में दोनों टीमों के बीच एक मैच हुआ था। उस मुकाबले को GT ने 8 विकेट से अपने नाम किया था। ऐसी हो सकती है GT की प्लेइंग इलेवन GT ने अपने पिछले मैच में चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) को हराया था। उस मैच में साई सुदर्शन ने 87 रन की पारी खेली थी। वह कप्तान गिल के साथ मिलकर एक बार फिर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने की कोशिश करेंगे। संभावित एकादश: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शाहरुख खान, राशिद खान, जेसन होल्डर, मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा और अशोक शर्मा। इस संयोजन के साथ उतर सकती है RCB की टीम RCB ने अपने पिछले मैच में DC को 9 विकेट से हराया था। उस मैच में DC की टीम सिर्फ 75 रन पर सिमट गई थी। RCB से जोश हेजलवुड ने 4 और भुवनेश्वर कुमार ने 3 विकेट लिए थे। तेज गेंदबाजों की ये जोड़ी अगले मैच में भी कहर बरपाना चाहेगी। संभावित एकादश: जैकब बेथल, विराट कोहली, देवदत्त पडीक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, और सुयश शर्मा। ये हो सकते हैं दोनों टीमों के इम्पैक्ट प्लेयर GT: राहुल तेवतिया, ग्लेन फिलिप्स, मानव सुथार, कुलवंत खेजरोलिया और अनुज रावत। RCB: रसिख सलाम डार, वेंकटेश अय्यर, जैकब डफी, और अभिनंदन सिंह। कैसा है नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच का मिजाज? नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में काली और लाल मिट्टी की अलग-अलग पिचें हैं। लाल मिट्टी की पिचें काली मिट्टी की तुलना में तेज गेंदबाजों को अधिक सहायता प्रदान करती हैं। यहां बल्लेबाजों को आमतौर पर रन बनाना आसान रहता है। हालांकि, शुरुआती कुछ ओवर चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। काली मिट्‌टी की पिच पर उछाल सामान्य होता है, लेकिन स्पिनरों को ज्यादा मदद मिलती है। हाउस्टेट के मुताबिक, IPL में यहां पहली पारी का औसत स्कोर 179 रन है। कैसा रहेगा मौसम का हाल? एक्यूवेदर के मुताबिक, 30 अप्रैल को अहमदाबाद में अच्छी गर्मी होगी। दिन का अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री तक रहने की उम्मीद है। मैच की शुरुआत शाम 7:30 बजे होगी। बारिश की कोई संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर होंगी नजरें कोहली इस सीजन में भी निरंतर रन बना रहे हैं। उन्होंने 8 पारियों में 58.50 की औसत और 162.50 की स्ट्राइक रेट के साथ 351 रन बनाए हैं। GT के कप्तान गिल ने 7 पारियों में 47 की औसत और 148.64 की स्ट्राइक रेट के साथ 330 रन अपने नाम किए हैं। गेंदबाजी में भुवनेश्वर इस सीजन में अब तक 16.85 की औसत और 7.61 की इकॉनमी रेट से 14 विकेट लिए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? RCB और GT के बीच यह मुकाबला 30 अप्रैल को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक और महिला आरक्षण पर यूपी विधानसभा का हंगामेदार सत्र

लखनऊ महिला आरक्षण मुद्दे पर उत्तर विधानसभा का 30 अप्रैल से शुरू होने सत्र खास होगा। सरकार ने सार्थक चर्चा की तैयारी की है। इसमें महिलाओं को ही अधिक बोलने का मौका दिया जाएगा। वहीं समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्ष ने जहां सदन और उसके बाहर सरकार को घेरने की योजना तैयार की है। सपा के तीखे तेवर से विधानसभा सत्र हंगामेदार होने का आसार हैं। गुरुवार को होने वाला विधानसभा सत्रपरिसीमन के साथ नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं होने के मामले पर महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर दोनों ही सदनों में अनवरत चर्चा होगी। 18वीं विधान सभा में कुल 51 महिला सदस्य हैं, इनमें सर्वाधिक 30 सदस्य भाजपा की हैं। सपा की 15, अपना दल की चार, कांग्रेस व रालोद की एक-एक महिला सदस्य हैं। वहीं, 100 सीटों वाली विधान परिषद में मात्र चार महिला सदस्य हैं। इनमें तीन भाजपा व एक निर्दलीय हैं। बुधवार 29 अप्रैल को विधानसभा व विधान परिषद की कार्यमंत्रणा समिति की अलग-अलग बैठक में विशेष सत्र का कार्यक्रम तय होगा, लेकिन यह माना जा रहा है कि महिला सदस्यों को ही ज्यादा बोलने का अधिक मौका दिया जाएगा। सबसे पहले संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना सदन में महिला सशक्तीकरण पर चर्चा का प्रस्ताव रखेंगे। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष व दलीय नेता भी इस पर अपने विचार रखेंगे। अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस विषय पर अपनी बात रखेंगे और महिलाओं के लिए डबल इंजन की सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को गिनाएंगे। भाजपा महिला आरक्षण पर विपक्ष खासकर कांग्रेस व सपा को घेरेगी। विधान परिषद कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक गुरुवार 30 अप्रैल को होने जा रहे विधान परिषद के एकदिवसीय विशेष सत्र को लेकर सदन की कार्य परामर्शदात्री समिति की बुधवार को बैठक बुलाई गई है। विधान परिषद के विशेष सचिव संजय मेहरोत्रा ने इस संबंध में समिति के सदस्यों के नाम पत्र भेजा है। श्री मेहरोत्रा के अनुसार समिति की बैठक की अध्यक्षता सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह करेंगे जबकि बैठक में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य व नेता विरोधी दल लाल बिहारी यादव सहित नेता अपना दल (सोनेलाल) आशीष पटेल, नेता निषाद पार्टी, नेता जनत्तता दल लोकतांत्रिक, अक्षय प्रताप सिंह, नेता राष्ट्रीय लोकदल योगेश चौधरी, नेता सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, बिच्छे लाल राम, नेता शिक्षक दल (गैर राजनीतिक) ध्रुव कुमार त्रिपाठी तथा नेता निर्दल समूह राज बहादुर चन्देल मौजूद रहेंगे। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, सदन में उप नेता समाजवादी पार्टी, मो. जासमीन अंसारी, मुख्य सचेतक भारतीय जनता पार्टी अश्विनी त्यागी, समेत विधान परिषद सदस्य राजेन्द्र चौधरी, डा. महेन्द्र कुमार सिंह, सलिल विश्नोई और डा. जयपाल सिंह व्यस्त को भी आमंत्रित किया गया है।

राजस्थान ATS की बड़ी कार्रवाई: फर्जी आधार सेंटर से राष्ट्र विरोधी नेटवर्क का खुलासा

जयपुर राजस्थान में फर्जी आधार कार्ड के रैकेट मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. ATS की सूचना पर फर्जी आधार सेंटर चलाने में मदद करने वाले DOIT और आधार के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है. पकड़े गए लोगों में प्रोग्रामर, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के सहायक प्रोग्रामर और एक संविदाकर्मी शामिल है. ये सभी कर्मचारी अपनी आईडी और तकनीकी पहुंच का इस्तेमाल कर फर्जी बायोमेट्रिक्स के जरिए आधार कार्ड बनाने में गिरोह की मदद कर रहे थे. इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों को दबोचा जा चुका है. जानकारी के मुताबिक, फर्जी तरीके से बनाए गए आधार साइबर क्राइम और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा था. आरोपी के पास मिले थे कई उपकरण दरअसल, एटीएस ने कुछ दिन पहले भादरा में फर्जी आधार सेंटर पकड़ा था, जिसमें आरोपी कुलदीप शर्मा को गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से लैपटॉप, प्रिटंर, आईरिस डिवाइस, जीपीएस डिवाइस, फिंगरप्रिंट डाई, कैमरा, मोबाइल फोन सहित कई अन्य उपकरण बरामद हुए थे. इसके अलावा जसवन्त, बलराम व अमीर खान को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. आधार सेंटर जसवंत और आमिर ख़ान के नाम से ही अलॉट था और ये दोनों अपनी फिंगर प्रिंट और आंखों की Retina से कुलदीप से फर्जी आधार सेंटर हनुमानगढ़ में चलवा रहे थे. एटीएस के मुताबिक, गिरोह द्वारा फर्जी तरीके से बनाए गए आधार कार्ड का उपयोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों, फर्जी सिम कार्ड जारी करने, साइबर अपराधों के लिए और फर्जी बैंक खाते खुलवाने में किया जा रहा था. एटीएस के एडीजी एमएन दिनेश ने बताया कि भादरा के ही फर्जी आधार सेंटर से हरियाणा निवासी एक युवक का पासपोर्ट बना था. जब राजस्थान एटीएस ने जांच आगे बढ़ाया तो पता चला कि इस मामले में आधार doit के कुछ कर्मचारी भी मिले हुए हैं. उसके बाद हनुमानगढ़ में ब्लॉक भादरा के दिनेश कुमार (प्रोग्रामर) और रामनिवास सोनी (सहायक प्रोग्रामर) सहित एक संविदाकर्मी रवि शीला (आर-स्वान इंजीनियर) को पकड़ा गया. गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की हो रही जांच आरपियों द्वारा अब तक इस प्रकार फर्जी तरीके से कितने आधार तैयार किए गए हैं. इस बारे में UIDAI & DOIT से समन्वय स्थापित कर जानकारी जुटाई जा रही है. वहीं गिरोह के द्वारा चलाए जा रहे इस धोखाधडी के नेटवर्क मे जुड़े अन्य साथियों के संबध में गहनता से जांच-पड़ताल जारी है. ATS के पास इनपुट है कि इस तरह से फ़र्ज़ी आधार सेंटर राजस्थान में और भी कई शहरों में चल रहे हैं. इस फ़र्ज़ी आधार सेंटर की सहायता से ग़लत लोग फ़र्ज़ी आधार कार्ड बनवा रहे हैं. इससे मोबाइल नंबर लिए जा रहे हैं और ये मोबाइल नंबर साइबर ठगी में उपयोग किया जा रहा है. वहीं, बैंक खाते खुलवाए जा रहे, उसमें साइबर अपराध से जुड़े पैसे मंगवाए जा रहे हैं. इसके अलावा पासपोर्ट बनवाकर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल में लिया जा रहा है. बता दें कि हाल ही में जयपुर से एक मामला सामने आया था, जिसमें पाकिस्तान का आतंकी खरगोश जयपुर आया और फ़र्ज़ी आधार के इस्तेमाल कर वह पासपोर्ट बनवाकर वापस इंडोनेशिया से खाड़ी देश में फ़रार हो गया. इस तरह से आधार कार्ड का बड़ा रैकेट पूरे राजस्थान में चल रहा है.

जनसेवा और सादगी की मिसाल रामेश्वर पासवान अब नहीं रहे

 सिकंदरा सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र की राजनीति के मजबूत स्तंभ और सात बार विधायक रहे रामेश्वर पासवान का बुधवार सुबह हृदयाघात से निधन हो गया। 92 वर्षीय पासवान ने पटना स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन के साथ ही बिहार की राजनीति में सादगी, सौम्यता और जनसेवा की एक लंबी परंपरा का अंत हो गया। स्वजनों के अनुसार, वे रोज की तरह अपने दैनिक कार्यों के बाद विश्राम कर रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और दिल की धड़कन अनियंत्रित हो गई। परिवार के लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक उनका निधन हो चुका था। उनके बड़े पुत्र जयप्रकाश पासवान ने बताया कि गुरुवार को जमुई जिले के पैतृक गांव नौआडीह में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। जनसेवा और सादगी की मिसाल रामेश्वर पासवान सात बार सिकंदरा से विधायक चुने गए और उन्होंने समाज कल्याण मंत्री व पीडब्ल्यूडी मंत्री जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली। उनका पूरा राजनीतिक जीवन आम लोगों, खासकर गरीबों और किसानों के हितों के लिए समर्पित रहा। वे अपनी सादगी, शालीनता और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे, जिसने उन्हें हर वर्ग के लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया। शोक की लहर, नेताओं ने दी श्रद्धांजलि उनके निधन की खबर मिलते ही सिकंदरा, जमुई और पटना सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक दलों, बुद्धिजीवियों और आम लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सर्वदलीय नेताओं ने उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया। स्थानीय लोगों द्वारा शोक सभा आयोजित कर उनके राजनीतिक जीवन और योगदान को याद किया गया। बताया कि रामेश्वर पासवान हमेशा अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहते थे। उनके निधन से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।