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गैस उपभोक्ताओं के लिए नई गाइडलाइन: OTP डिलीवरी और eKYC अनिवार्य होने के संकेत

 जयपुर LPG गैस को लेकर आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है. कुछ परेशानी इसलिए भी हुई की लोगों को गैस बुकिंग और डिलिवरी के नियमों की जानकारी नहीं थी. ऐसे में अब 1 मई 2026 से LPG गैस सिलेंडर से जुड़े बदलाव होने वाले हैं तो आपको इसके बारे में जानकारी जरूर होनी चाहिए. इसके तहत LPG की बुकिंग से लेकर डिलिवरी तक कई नियम बदल रहे हैं. अगर आप इसे समझ लेगें तो आपको परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. बता दें घरेलू गैस की कीमतों में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. वहीं 1 मई 2026 को गैस के कीमतों में बदलाव किया जा सकता है. साथ ही कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी लगातार बढ़े हैं तो इसकी कीमत भी बदल सकती है. बदलेगा बुकिंग का नियम नए नियम के तहत LPG सिलेंडर बुक करने का समय अंतराल 25 दिन कर दिया गया है. जो पहले 21 दिन था. जबकि ग्रामीण इलाकों में 45 दिन का समय होगा. यानी 45 दिन बाद ही गैस की बुकिंग की जा सकेगी. ऐसे में अगर आप गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको बुकिंग के समय को ध्यान रखना होगा. आप गैस सिलेंडर कई तरीकों से बुक कर सकते हैं. व्हाट्सऐप, मिस्ड कॉल, SMS, मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए आसानी से बुकिंग की जा सकती है. बस ध्यान रखें कि बुकिंग हमेशा अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ही करें. साथ ही ध्यान रखें कि किसी अनजान लिंक या नंबर से बुकिंग न करें और पेमेंट करने से पहले डिटेल्स जरूर चेक करें. बदलेगा डिलिवरी का नियम गैस की होम डिलिवरी का नियम भी बदला गया है. गैस की डिलिवरी सुरक्षित तरीके से हो इसके लिए OTP सिस्टम लागू किया गया है. यानी अगर आपके घर पर सिलेंडर आता है तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा जिसे आपको डिलिवरी बॉय को बताना होगा. OTP के जरिए डिलिवरी होने से गैस सिलेंडर सही व्यक्ति को मिलेगा और इसमें गड़बड़ी नहीं होगी. PNG हो सकता अनिवार्य सरकार लगातार PNG कनेक्शन को बढ़ावा दे रही है. ऐसे में जिन क्षेत्रों में PNG पाइपलाइन उपलब्ध है वहां लोगों को तय समय में कनेक्शन लेना अनिवार्य किया जा सकता है. ऐसा नहीं करने पर LPG गैस सिलेंडर की डिलिवरी बंद की जा सकती है. अब गैस सिलेंडर के लिए eKYC जरूरी होगा. ऐसा नहीं करने पर सिलेंडर की डिलिवरी रूक सकती है, जबकि सब्सिडी का लाभ भी मिलना बंद हो सकता है. यह एक वित्त वर्ष में एक बार करना जरूरी होता है.

Aadhaar में DOB अपडेट रिक्वेक्ट हो गया? ऐसे करें सही और सफल अपडेट

Aadhaar कार्ड आज हर भारतीय के लिए एक जरूरी दस्तावेज है। बैंक, मोबाइल सिम हर जगह इसकी जरूरत पड़ती है। ऐसे में अगर Aadhaar में आपकी जन्मतिथि (Date of Birth) गलत हो, तो कई काम अटक सकते हैं। लोग अक्सर इसे ठीक कराने के लिए अपडेट रिक्वेस्ट डालते हैं, लेकिन कई बार यह रिक्वेस्ट रिजेक्ट भी हो जाती है। ऐसे में क्या करें यहां जानें: DOB अपडेट रिक्वेस्ट रिजेक्ट होने पर करें ये काम UIDAI ने साफ किया है कि अगर आपकी DOB अपडेट रिक्वेस्ट रिजेक्ट हो जाती है, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। आप सीधे UIDAI की हेल्पलाइन 1947 पर कॉल कर सकते हैं या help@uidai.gov.in पर ईमेल भेजकर मदद ले सकते हैं। आगे आपको बताते हैं DOB अपडेट रिजेक्ट होने पर क्या करें, क्यों रिजेक्ट होता है और सही तरीका क्या है। क्यों होता है DOB अपडेट रिजेक्ट Aadhaar में जन्मतिथि अपडेट कराने के लिए सही डॉक्यूमेंट देना जरूरी होता है। अगर आपके द्वारा दिए गए दस्तावेज सही नहीं हैं या उनमें जानकारी मेल नहीं खाती, तो रिक्वेस्ट रिजेक्ट हो सकती है। कई बार डॉक्यूमेंट क्लियर नहीं होता, नाम और DOB में मिसमैच होता है या आपने गलत कैटेगरी में अपडेट डाल दिया होता है। ऐसे में सिस्टम रिक्वेस्ट को रिजेक्ट कर देता है। ईमेल करते समय किन बातों का रखें ध्यान जब आप UIDAI को ईमेल करें तो अपनी समस्या साफ-साफ लिखें। आपको अपनी Aadhaar संख्या (पूरी या masked), नाम, और समस्या का विवरण देना चाहिए। साथ ही जरूरी डॉक्यूमेंट भी अटैच करें, ताकि आपकी समस्या जल्दी समझी जा सके और समाधान मिल सके। घर बैठे Aadhaar में डेट ऑफ बर्थ बदलने का पूरा तरीका Step 1: सबसे पहले UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं और “My Aadhaar” सेक्शन में जाएं। वहां आपको “Update Your Aadhaar” का ऑप्शन मिलेगा। अब अपना 12-digit Aadhaar नंबर डालें और कैप्चा भरें। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा, जिसे डालकर लॉगिन करना होगा। Step 2: लॉगिन करने के बाद “Update Aadhaar Online” पर क्लिक करें। यहां आपको अलग-अलग डिटेल्स अपडेट करने का ऑप्शन मिलेगा, जिसमें Date of Birth (DOB) भी शामिल है। अब अपनी सही जन्मतिथि (DOB) भरें। ध्यान रखें कि जो DOB आप डाल रहे हैं, वही आपके डॉक्यूमेंट में भी होना चाहिए। Step 3: DOB अपडेट करने के लिए आपको वैध डॉक्यूमेंट अपलोड करना होगा, जैसे: Birth Certificate, 10th Marksheet, Passport डॉक्यूमेंट साफ और readable होना चाहिए, वरना रिक्वेस्ट रिजेक्ट हो सकती है। अब आपको अपडेट के लिए छोटी-सी फीस (आमतौर पर ₹50) ऑनलाइन पे करनी होती है। पेमेंट आप UPI, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग से कर सकते हैं।

घर में पानी के मटके रखने के वास्तु नियम: सुख-समृद्धि और धन की बढ़ोतरी के लिए

गर्मी के मौसम में भारतीय घरों में सदियों से पानी के मटकों का इस्तेमाल होता रहा है। मिट्टी के घड़े में रखा हुआ पानी सेहत के लिए अमृत के समान माना जाता है। वास्तु शास्त्र में भी पानी के मटके को घर में रखना अत्यंत शुभ माना जाता है। मिट्टी का घड़ा घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को कम करने में मदद करता है। अगर वास्तु के अनुसार पानी का मटका रखा जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और आर्थिक परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। आइए वास्तु गुरु मान्या जी से जानते हैं कि पानी के मटकों के घर में रखना के क्या वास्तु नियम हैं। घर में पानी का मटका रखने की सही दिशा वास्तु शास्त्र के अनुसार, पानी का मटका हमेशा घर की उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। घर के ईशान कोण को सबसे शुभ माना जाता है। ईशान कोण को धन के देवता कुबेर का स्थान माना जाता है। ऐसे में घर की इस दिसा में पानी का मटका रखना सुख-समृद्धि लाता है और आर्थिक परेशानियों को दूर करता है। इस दिशा में न रखें पानी का मटका पानी के मटके को कभी घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में नहीं रखना चाहिए। इसे वास्तु दोष माना जाता है और यह आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है। इसके अलावा पानी के मटके को बाथरूम के पास या सीढ़ियों के नीचे रखना भी अशुभ माना जाता है। मटका कभी भी खाली न रखें वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, पानी के मटके को कभी भी खाली नहीं रखना चाहिए। इसे हमेशा पानी से भरा रखना चाहिए। पानी से भरा हुआ मटका घर में सुख-समृद्धि का कारक माना जाता है और घर में कभी धन की कमी नहीं होती है। मटके के आस-पास साफ सफाई बनाए रखनी चाहिए। घर में टूटा हुआ घड़ा न रखें घर में टूटा हुआ या चटका हुआ मटका रखना अशुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार, खंडित मटका नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और घर में आर्थिक परेशानियां बढ़ने लगती है। ऐसे में इसे तुरंत हटा देना चाहिए। मटके से पानी का टपकना धन की बर्बादी का कारण माना जाता है। मटका खरीदने का शुभ दिन वास्तु के अनुसार, मिट्टी का घड़ा घर में सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। बुधवार और गुरुवार को पानी का मटका खरीदना सबसे शुभ फल देने वाला होता है। इसके अलावा मंगलवार को शनिवार के दिन मटका नहीं खरीदना चाहिए। वहीं, वैशाख मास में घड़ा खरीदना और दान करना दोनों ही शुभ माने जाते हैं। सबसे जरूरी बात सबसे जरूरी बात नया मटका घर लाने के बाद उसको साफ करने बेहद जरूरी है। सबसे पहले उसपर गंगा जल का छिड़काव करें और साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद पीने का पानी भरें। ध्यान रखें की मटके में पहली बार भरा हुआ पानी पौधों में डाल दें। इसके बाद मटके को भरकर पीने के लिए इस्तेमाल करें।

अहमदाबाद के पास हाईवे हादसा: तेज रफ्तार बस ने वैन को टक्कर मारी, राहत कार्य जारी

अहमदाबाद  गुजरात के साबरकांठा जिले में बुधवार को एक तेज रफ्तार निजी बस ने यात्री वैन को टक्कर मार दी। इस हादसे में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। यह दुर्घटना हिम्मतनगर के पास जसवंतगढ़ पाटिया के निकट शामलाजी-अहमदाबाद हाईवे पर हुई। पुलिस ने बताया कि यात्री वैन शामलाजी से हिम्मतनगर की ओर जा रही थी, तभी पीछे से आ रही एक निजी बस ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। गांभोई पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर अल्पेश चौधरी ने बताया कि वैन में सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने कहा, "वैन में सवार छह यात्रियों ने घटनास्थल पर दम तोड़ दिया, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं।" टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि बस तेज रफ्तार में थी। इंस्पेक्टर चौधरी ने कहा, "हादसा बस की अधिक गति के कारण हुआ प्रतीत होता है। हमने मामले का संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है।" सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं। वैन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया। हादसे के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा और वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सही कारणों की जांच की जा रही है। बस चालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान अभी आधिकारिक तौर पर जारी नहीं की गई है।  

पीएचईडी की बड़ी कार्रवाई की चेतावनी, असफल अभियंताओं पर CRS की गाज गिरने के संकेत

पटना   बिहार में ‘हर घर नल का जल’ योजना में काम कर रहे अभियंता सरकार के दिए गए टारगेट को पूरा करने में अयोग्य निकले तो लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) इंजीनियर को जबरन रिटायर करके उनकी नौकरी का कनेक्शन ही काट देगा। मंगलवार को विभाग के मुंगेर, लखीसराय और जमुई प्रमंडल में हर घर नल का जल योजना की प्रगति और संचालन की पीएचईडी विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने पटना में गहन समीक्षा की। बैठक में सचिव पंकज पाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिव ने लापरवाह अफसरों को चेतावनी देते हुए दो टूक कह दिया कि जो अभियंता कार्य निष्पादन में असमर्थ या उदासीन पाए जाएंगे, उनको अनिवार्य सेवानिवृत्ति (सीआरएस) दे दी जाएगी। इससे विभाग में हड़कंप मच गया है। सचिव पंकज पाल ने मुंगेर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को विशेष रूप से निर्देशित किया कि काम में तेजी लाते हुए लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता से पूर्ण करें। साथ ही CGRC (केंद्रीकृत शिकायत निवारण केंद्र) पर लंबित शिकायतों का त्वरित निष्पादन भी सुनिश्चित करने को कहा गया है। सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि जिन योजनाओं में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न हो रही है, उसे अविलंब दूर कर कार्य को सुचारू रूप से संचालित करें, ताकि आम लोगों को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताते हुए आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। समीक्षा बैठक के दौरान यह बात भी सामने आई कि मुख्यालय से निरीक्षण के लिए नामित सहायक अभियंता फील्ड विजिट पर गए ही नहीं। इस पर विभागीय सचिव ने गंभीर असंतोष व्यक्त करते हुए ऐसे सहायक अभियंता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। लखीसराय और मुंगेर के कार्यपालक अभियंता को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी स्थिति की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। सचिव ने स्पष्ट किया कि जो अभियंता कार्य निष्पादन में असमर्थ या उदासीन पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध CRS (अनिवार्य सेवानिवृत) की कार्रवाई हो जाएगी। सचिव ने कहा कि सभी पदाधिकारी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं और सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाएं। अभियंताओं को निदेशित किया गया कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन, लीकेज आदि को तुरंत ठीक कराया जाए। अधीक्षण अभियंता को भी नियमित रूप से फील्ड विजिट पर जाने का निदेश दिया गया है। बैठक में मुख्यालय के वरीय पदाधिकारी एवं संबंधित प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से की अपील: सही जानकारी दें, बनाएँ ‘विकसित राजस्थान’

 जयपुर राजस्थान में 1 मई से जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू होने जा रहा है. इससे पहले, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रदेशवासियों से एक खास अपील की है. साथ ही, उन्होंने एक लिंक भी शेयर किया है, जिससे आप घर बैठे आसानी से अपनी जनगणना खुद कर सकते हैं. सीएम ने शेयर किया स्व-गणना का लिंक सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने संदेश में लिखा है कि 1 मई से 15 मई 2026 तक नागरिक खुद अपनी गणना कर सकेंगे. इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक कर्मचारी घर-घर जाकर मकानों की गणना करेंगे. उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि राजस्थान की अतिथि सत्कार की परंपरा को निभाते हुए कर्मचारियों को सही जानकारी दें, क्योंकि आज की सही जानकारी ही कल के 'विकसित राजस्थान' और 'विकसित भारत' का सपना पूरा करेगी. स्व-गणना के लिए आप इस ऑफिशियल लिंक पर जा सकते हैं: https://se.census.gov.in     पहली बार घर बैठे खुद करें अपनी गणना यह पहली बार है जब भारत में लोगों को वेब पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद भरने का मौका मिल रहा है. अगर आप दिए गए लिंक पर जाकर अपनी डिटेल खुद भर देते हैं, तो जब कर्मचारी आपके घर आएंगे, तो आपका बहुत सारा समय बचेगा. ध्यान रहे, ऑनलाइन स्व-गणना का ऑप्शन चुनने के बाद भी कर्मचारी वेरिफिकेशन के लिए आपके घर जरूर आएंगे, लेकिन तब आपको फॉर्म भरने की लंबी कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. जनगणना के नाम पर साइबर फ्रॉड से बचें पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने की वजह से साइबर ठग भी इसका फायदा उठा सकते हैं. इसलिए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. आपके घर आने वाले जनगणना कर्मचारी आपसे सिर्फ आपका मोबाइल नंबर और ऑनलाइन स्व-गणना करने पर मिली SE ID ही मांगेंगे. कर्मचारी आपसे कोई भी OTP नहीं मांगेंगे. अगर कोई आपसे ओटीपी मांगता है, तो समझ लीजिए वह फ्रॉड है. किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी शेयर न करें. तैयार रखें इन 33 सवालों के जवाब पहले चरण के लिए विभाग ने 33 सवालों की एक लिस्ट तैयार की है. कर्मचारी आपके घर की स्थिति और सुख-सुविधाओं से जुड़े ये अहम सवाल पूछेंगे:-     मकान का नंबर, फर्श, दीवार और छत किस सामग्री से बनी है?     परिवार के मुखिया का नाम, जेंडर और क्या वे एससी/एसटी वर्ग से हैं?     मकान अपना है या किराए का? परिवार के पास रहने के लिए कितने कमरे हैं?     पीने के पानी और रोशनी का मुख्य स्रोत क्या है?     शौचालय की सुविधा, गंदे पानी की निकासी और रसोईघर की क्या व्यवस्था है?     खाना पकाने के लिए कौन सा ईंधन (LPG/PNG) इस्तेमाल होता है?     घर में टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप, स्मार्टफोन, साइकिल, कार या बाइक जैसी कितनी सुविधाएं मौजूद हैं?     परिवार मुख्य रूप से खाने में किस अनाज का इस्तेमाल करता है? शिक्षकों के तबादलों पर लग सकता है लंबा ब्रेक इस बड़े राष्ट्रीय अभियान को पूरा करने के लिए राजस्थान में करीब 1 लाख 60 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें सबसे बड़ी संख्या शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की है. ऐसे में लंबे समय से अपने ट्रांसफर का इंतजार कर रहे शिक्षकों को तगड़ा झटका लग सकता है. जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक के मुताबिक, जो कर्मचारी अभी पहले चरण में ड्यूटी कर रहे हैं, वही फरवरी 2027 में शुरू होने वाले दूसरे चरण में भी काम करेंगे.

भारत-नेपाल रिश्तों को नई मजबूती, पूर्णिया प्रशासन ने शुरू की विशेष नागरिकता सुविधा

 पूर्णिया भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों को प्रशासनिक स्तर पर नई मजबूती मिलने जा रही है। पूर्णिया के जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए उन नेपाली मूल की महिलाओं के लिए नागरिकता की राह आसान कर दी है, जिन्होंने भारतीय नागरिकों से विवाह किया है। जिले के सीमावर्ती इलाकों में रोटी-बेटी के इस रिश्ते को अब कानूनी जामा पहनाने के लिए प्रशासन खुद जनता के द्वार तक पहुंचेगा। जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नागरिकता पंजीकरण की प्रक्रिया को सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति की कमान अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) को सौंपी गई है। समिति में अपर पुलिस अधीक्षक, उप निर्वाचन पदाधिकारी और सभी संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। यह टीम जिले के सभी प्रखंडों में विशेष कैंप लगाकर नेपाली महिलाओं को पंजीकरण प्रक्रिया में तकनीकी और कानूनी सहयोग प्रदान करेगी। पूर्णिया जिला नेपाल की सीमा के काफी करीब है। अमौर, बायसी, कसबा, बनमनखी और धमदाहा जैसे प्रखंडों में बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं रहती हैं, जो नेपाल से विवाह कर यहां आई हैं। दशकों से यहां रहने और परिवार बसाने के बावजूद, दस्तावेजों की कमी और जटिल प्रक्रिया के कारण ये महिलाएं भारतीय नागरिकता से वंचित रही हैं। नागरिकता न होने के कारण उन्हें न तो मतदान का अधिकार मिल पाता है और न ही वे सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ उठा पाती हैं। डीएम की इस पहल से ऐसी हजारों महिलाओं के जीवन में स्थायित्व आएगा।

सामुद्रिक शास्त्र: हाथ-पैर के चिन्ह बताते हैं जीवन का भाग्य और भविष्य के संकेत

 सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक, हाथ और पैर हमारी कुंडली की तरह होते हैं. उनमें पाए जाने वाले चिह्न योगों को बताते हैं. हाथ पैरों में बनने वाले चिह्न दो तरह के होते हैं. एक जो हमेशा रहते हैं और दूसरे जो आते जाते रहते हैं. जो चिह्न आते जाते रहते हैं वो एक समय की विशेष दशा बताते हैं. वहीं, जो चिह्न हमेशा रहते हैं वो सारी विशेषताएं बताते हैं. इन चिह्नों की महत्वपूर्ण बात है कि इन चिह्नों का स्वतंत्र होना जरूरी है. आइए पंडित शैलेंद्र पांडेय से जानते हैं कि शरीर के इन विशेष चिह्नों के बारे में. हाथ-पांव पर वर्ग के होने का अर्थ? सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक, वर्ग रेखाओं पर भी पाए जाते हैं और पर्वतों पर भी पाए जाते हैं. हाथ में यह चिह्न कहीं पर भी हों सुरक्षा ही प्रदान करते हैं. लेकिन, वर्ग चिह्न अगर अंगूठे के नीचे शुक्र के पर्वत पर हैं तो जेल यात्रा का कारण बन सकता है. हाथ-पांव में सामान्य चिह्न होना हाथ या पैरों में पाए जाने वाले सामान्य चिह्नों में त्रिभुज, तारा, वलय और तिल शामिल हैं. त्रिभुज जिस स्थान पर होता है, उसकी शक्ति को बढ़ाता है. तारा सामान्यतः अशुभ माना जाता है, लेकिन सूर्य पर्वत पर हो तो प्रसिद्धि दिलाता है. वलय शुभ प्रभाव को रोकने वाला माना जाता है, जबकि तिल का स्थान उसके प्रभाव को निर्धारित करता है. विशेष और दुर्लभ चिह्न सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक, कुछ चिह्न बेहद खास और दुर्लभ माने जाते हैं, जैसे शंख, चक्र, त्रिशूल, मंदिर, मछली और कमल. ये चिन्ह व्यक्ति के जीवन में विशेष उपलब्धियों, आध्यात्मिक उन्नति और धन-संपत्ति का संकेत देते हैं. उदाहरण के लिए, चक्र धन लाभ का प्रतीक होता है, जबकि कमल का चिन्ह अत्यंत दुर्लभ और उच्च सफलता का सूचक माना जाता है. ऐसे चिन्ह जीवन में बड़े बदलाव और विशेष कृपा का संकेत देते हैं. शंख (Conch)- उंगलियों के पोरों पर हो तो ज्ञान और आध्यात्मिक शक्ति. चक्र (Chakra)- धन-संपत्ति का संकेत और आर्थिक समृद्धि देता है. त्रिशूल (Trident)- शक्ति, सफलता और यश का प्रतीक होना. मंदिर (Temple)- दैवीय कृपा और धार्मिक झुकाव होना. मछली (Fish)- यात्रा से लाभ और जीवन में गतिशीलता होना. कमल (Lotus)- बहुत दुर्लभ और अत्यंत शुभ है यह चिह्न, इस चिन्ह से बड़ी सफलता, ऊंचा स्थान और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है. अशुभ चिन्हों के उपाय अगर हाथ या पैरों में कोई अशुभ चिह्न दिखाई देता है, तो उसके प्रभाव को कम करने के लिए कुछ पारंपरिक उपाय बताए गए हैं. जैसे शनिवार को काला धागा पहनना, रोजाना पौधों को जल देना, सुबह उठकर अपनी हथेलियों को देखना और माता-पिता का आशीर्वाद लेना. इन उपायों को नियमित रूप से करने से नकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं और जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है.

वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में विंड चाइम लगाने के सही तरीके और दिशा

वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर में विंड चाइम्स लगाना बहुत शुभ होता है। इसे घर में पॉजिटिव एनर्जी बढ़ाने और नेगेटिविटी को दूर करने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। जिसके प्रभाव से घर में सुख और उन्नति को बढ़ावा मिलता है। अगर विंड चाइम्स को वास्तु अनुसार, सही तरीके से लगाया जाए तो इससे घर में बरकत और शांति बनी रहती है। वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, विंड चाइम घर में लगाने से पहले इसके धातु, सही दिशा, स्थान, आवाज और रॉड की संख्या पर भी ध्यान देना आवश्यक होता है। आइए विस्तार से जानें विंड चाइम लगाने के वास्तु टिप्स। विंड चाइम की दिशा और धातु का रखें ख्याल वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, घर में विंड चाइम्स लगाने से पहले इस बात पर ध्यान अवश्य देना चाहिए की वह किस धातु का है। फिर, उसी के अनुसार सही दिशा में विंड चाइम लगाना चाहिए।     माना जाता है कि अगर विंड चाइम लोहे या पीतल का हो, तो उसे पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में लगाना शुभ होता है। इसे भाग्य में वृद्धि और करियर के लिए अच्छा माना जाता है।     अगर आप घर में लकड़ी या बांस से बने विंड चाइम्स लगाने के बारे में सोच रहे हैं, तो इसे पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। ऐसा करने से घर में स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहती है।     वास्तुशास्त्र के अनुसार, सिरेमिक वाले विंड चाइम्स को घर की दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से आसपास का माहौल भी सुखद रहता है। विंड चाइम में लगी रॉड की संख्या पर भी दें ध्यान वास्तु गुरु मान्यता बताती हैं कि विंड चाइम्स में लगी रॉड की संख्या का घर और आसपास के माहौल पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। अगर विंड चाइम में 6 या 8 रॉड हों तो इसे शुभ माना जाता है। यह करियर में उन्नति और भाग्य में वृद्धि करने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। वहीं, 5 रॉड होने पर इसे घर से नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष को दूर करने में प्रभावशाली माना जाता है। अगर विंड चाइम में 9 रॉड हों, तो इससे परिवार के बीच आपसी तालमेल, प्रेम और खुशियां बनी रहती हैं। विंड चाइम कहां लगाएं और कहां न लगाएं?     ​वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर में विंड चाइम लगाते समय स्थान पर ध्यान देना भी बेहद आवश्यक होता है। इसे हमेशा ऐसे स्थान पर लगाना चाहिए जहां हवा का फ्लो अच्छा बना रहता हो। ऐसे में आप विंड चाइम को घर की बालकनी, खिड़की या मेन दरवाजे के आसपास लगा सकते हैं।     कहां न लगाएं : माना जाता है कि भूलकर भी विंड चाइम को घर के मंदिर या किचन में नहीं लगाना चाहिए। साथ ही, इसके आसपास वाले स्थान पर भी विंड चाइम नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से घर की ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। विंड चाइम लगाते वक्त इन बातों का भी रखें ध्यान     वास्तु के अनुसार, विंड चाइम को कभी भी अपने बेड के ऊपर वाले स्थान पर नहीं लगाना चाहिए। साथ ही, इसके नीचे बैठना भी शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से मानसिक तनाव बढ़ सकता है।     विंड चाइम खरीदते समय इस बात का ख्याल जरूर रखें की इसकी आवाज मधुर और कानों को सुकून देने वाली होनी चाहिए। कभी भी तेज और कानों को चुभने वाले आवाज का विंड चाइम नहीं लेना चाहिए।     अगर आप घर में गृह क्लेश या नेगेटिविटी महसूस करते हैं, तो इसके लिए मुख्य द्वार के पास 5 रॉड वाला विंड चाइम लगाना चाहिए। ऐसा करना उत्तम माना जाता है और साथ ही, यह बरकत भी बढ़ाता है।  

सैफ अली खान की नई OTT फिल्म ‘कर्तव्य’ 15 मई को Netflix पर होगी रिलीज

बॉलीवुड स्टार सैफ अली खान एक बार फिर OTT पर वर्दी में नजर आने वाले हैं। जी हां, 'सेक्रेड गेम्‍स' में सरजात सिंह का रोल निभाकर हर किसी के दिल में उतरने वाले 'छोटे नवाब' की क्राइम ड्रामा फिल्‍म 'कर्तव्‍य' मई महीने में ओटीटी पर रिलीज होने वाली है। 'भक्षक' और 'बोस: डेड/अलाइव' से सुर्ख‍ियां बटोर चुके डायरेक्‍टर पुलकित की इस फिल्‍म का लंबे समय से इंतजार है। करीब तीन साल पहले मेकर्स ने इसका ऐलान किया था। फिल्‍म का निर्माण शाहरुख खान और गौरी खान की कंपनी 'रेड चिलीज एंटरटेनमेंट' के बैनर तले हुआ है। सैफ अली खान ने साल 2018 में 'सेक्रेड गेम्स' वेब सीरीज से OTT पर डेब्‍यू किया था। यही वह शो है, जिसने सही मायने में भारतीय दर्शकों को डिजिटल स्‍क्रीन से जोड़ने का काम किया। अब सात साल बाद एक बार फिर से सैफ पुलिसवाले के रूप में OTT प्‍लेटफॉर्म Netflix पर आ रहे हैं। यह भी दिलचस्‍प है कि एक्‍टर की पिछली रिलीज 'ज्वेल थीफ' भी नेटफ्ल‍िक्‍स पर ही रिलीज हुई थी। 'कर्तव्य' OTT रिलीज डेट 'वैरायटी इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, 'कर्तव्य' की प्रीमियर डेट तय हो गई है। यह फिल्‍म 15 मई 2026 को रिलीज होगी। हालांकि, अभी तक इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। इससे पहले जब 'कर्तव्‍य' का फर्स्‍ट लुक लॉन्‍च हुआ था, तब सैफ अली खान ने कहा था, 'यह डायरेक्‍टर पुलकित का एक बेहतरीन क्रिएशन है और मुझे सच में बहुत खुशी है कि यह Netflix पर रिलीज हो रही है।' 'कर्तव्य' फ‍िल्म की कहानी ओटीटी प्‍लेटफॉर्म पर लिस्‍ट‍िंग के मुताबिक, 'कर्तव्‍य' देश के सुदूर इलाकों में सेट एक ऐसे पुलिस अध‍िकारी की कहानी है, जो कानून, परिवार और सच्चाई के साथ खड़ा है। लीड रोल में सैफ अली खान हैं, जो एक ऐसे पुलिसवाले बने हैं, जो एक गहरे नैतिक द्वंद्व में फंसा हुआ है। काम के मोर्चे पर बढ़ते खतरे ने उसके परिवार को भी संकट में डाल दिया है। जैसे-जैसे उसकी निजी जिंदगी पर दांव बढ़ता है, वह अपने कर्तव्य को निभाने के लिए किसी पर हद तक जाने की तैयारी करता है। 'कर्तव्‍य' की कास्‍ट 'कर्तव्य' की कास्ट भी बड़ी दिलचस्‍प है। इसमें सैफ अली खान के साथ रस‍िका दुग्गल, संजय मिश्रा, जाकिर हुसैन और मनीष चौधरी के अलावा पत्रकार से एक्‍टर बने सौरभ द्विवेदी भी हैं। सौरभ इससे पहले अनिल कपूर की ओटीटी रिलीज फिल्‍म 'सूबेदार' के लिए डायलॉग्‍स भी लिख चुके हैं। सैफ अली खान और अक्षय की 'हैवान' वर्कफ्रंट पर सैफ अली खान इन दिनों एकसाथ दो-दो फिल्‍मों की तैयारी में जुटे हैं। इसी साल 2026 में उनकी हिंदी एक्शन-थ्रिलर 'हैवान' रिलीज होने वाली है, जिसे प्रियदर्शन डायरेक्‍ट कर रहे हैं। इसमें वह अक्षय कुमार के साथ नजर आएंगे। यह फ‍िल्म 2016 की मलयालम थ्रिलर 'ओप्पम' का रीमेक है। कहानी एक ऐसे नेत्रहीन मार्शल आर्टिस्ट के इर्द-गिर्द घूमती है जो एक बच्चे को एक साइकोपैथ से बचाता है। इस फिल्‍म में अक्षय और सैफ 17 साल बाद साथ काम कर रहे हैं। सैफ की 'हम हिंदुस्‍तानी' सीरीज भी होगी रिलीज इसके अलावा सैफ नेटफ्ल‍िक्‍स की ही पीरियड ड्रामा सीरीज 'हम हिंदुस्तानी' में भी नजर आएंगे। यह भी 2026 में रिलीज होनी है। इसमें उनके साथ प्रतीक गांधी मुख्य भूमिका में हैं। राहुल ढोलकिया के डायरेक्‍शन में बनी यह सीरीज भारत के पहले आम चुनाव (1951-1952) की कहानी बताती है, जिसमें उन अधिकारियों पर खास ध्यान दिया गया है, जिन्हें इस ऐतिहासिक चुनाव को आयोजित करने का जिम्मा सौंपा गया था।