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रेलवे स्टेशनों के पास सक्रिय लुटेरा गिरोह, यात्रियों में दहशत

 पटना बिहार की राजधानी पटना में सफर करना अब खतरे से खाली नहीं रह गया है। शहर में एक बार फिर 'ऑटो गैंग' का खौफनाक साया मंडराने लगा है। अपराधियों का यह गिरोह इतना शातिर है कि यात्री बनकर आपके बगल में बैठता है और मौका मिलते ही सबकुछ लूटकर फरार हो जाता है। पिछले एक महीने के भीतर पटना के विभिन्न इलाकों में इस गैंग ने आधा दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। खासकर रेलवे स्टेशनों के आसपास इनकी सक्रियता सबसे अधिक देखी जा रही है। यात्री बनकर बैठते हैं लुटेरे इस गैंग के काम करने का तरीका बेहद चौंकाने वाला है। ये लुटेरे पहले से ही ऑटो में सवारी बनकर बैठे रहते हैं। जब कोई अकेला यात्री, खासकर महिला, ऑटो में बैठती है, तो उसे भनक भी नहीं लगती कि उसके बगल में बैठा शख्स एक अपराधी है। हालिया घटना में, पटना रेलवे स्टेशन से राजाबाजार जा रही एक महिला इसका शिकार बनी। शेखपुरा फ्लाईओवर के पास पहुँचते ही बदमाशों ने ऑटो रुकवाया और महिला के गले से सोने की चेन झपटकर भाग निकले। हैरान करने वाली बात यह है कि वारदात के बाद ऑटो चालक भी महिला से किराया लिए बगैर लुटेरों के पीछे या दूसरी दिशा में भाग निकलता है, जिससे ऑटो चालक की मिलीभगत की आशंका भी प्रबल हो जाती है। रेलवे स्टेशनों के पास बना रखा है अड्डा पटना जंक्शन, राजेंद्रनगर और पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन के पास इस गैंग ने अपना जाल बिछा रखा है। बांका के एक व्यक्ति के साथ भी ऐसी ही वारदात हुई, जो इंटरमीडिएट काउंसिल में पेपर जमा करने आए थे। राजेंद्रनगर स्टेशन के पास बदमाशों ने उनका बैग लूट लिया। पुलिस का कहना है कि ये अपराधी अक्सर देर शाम या तड़के सुबह सक्रिय होते हैं, जब सड़कों पर भीड़ कम होती है। हालांकि, जक्कनपुर थाना क्षेत्र से पिछले महीने कुछ गिरफ्तारियां हुई थीं, लेकिन गैंग के नए सदस्यों ने फिर से वारदातों का सिलसिला शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खोजबीन जारी है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यात्री दहशत में हैं। पिछले साल दिसंबर और इस साल जनवरी में भी यह गैंग काफी सक्रिय था। पुलिस अब स्टेशनों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है और यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे शेयरिंग ऑटो में बैठने से पहले सावधानी बरतें।

पटना में नशे के कफ सिरप का बड़ा नेटवर्क उजागर, 40 हजार बोतलें जब्त

पटना पटना शहर के चार इलाकों में गुरुवार रात पुलिस ने छापेमारी कर एक करोड़ 80 लाख का प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया। यह कफ सिरप चोरी-छिपे प्रदेश के कई इलाकों में सप्लाई की जाती थी। मामले में एक ऑटो चालक और पटना सिटी में एक मकान मालिक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कुल 40 हजार बोतल कफ सिरप जब्त किया है। वहीं तीन धंधेबाज मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। ऑटो में लाई जा रही थी प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि चित्रगुप्त नगर थाना को सूचना मिली थी कि एक ऑटो से प्रतिबंधित कफ सिरप ले जाया जा रहा है। इसके बाद चित्रगुप्तनगर और बहादुरपुर थाने की पुलिस ने घेराबंदी कर ऑटो को पकड़ा। बहादुरपुर से ऑटो चालक सुरेश महतो को गिरफ्तार किया गया। ऑटो से पांच कार्टन कोडीन कफ सिरप बरामद किया गया। पूछताछ में चालक ने बताया कि वह रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र के खेमनीचक से कफ सिरप ला रहा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने खेमनीचक और दीदारगंज में छापेमारी की, जहां से 119 कार्टन कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद किया गया। इनमें कुल 16,130 बोतलें थीं। पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने खुलासा किया है कि इस अवैध धंधे में मनजीत कुमार, नीरज कुमार, रवि समेत अन्य लोग शामिल हैं, जो कफ सिरप के परिवहन, भंडारण और बिक्री का काम करते हैं। पुलिस अब इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। पकड़े गए आरोपियों के दूसरे लिंकेज खंगाले जा रहे हैं। पूर्णिया में भी 1035 लीटर कोडिनयुक्त कफ सिरप बरामद वहीं दूसरी तरफ पूर्णिया के जलालगढ़ पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध नशीले पदार्थ के कारोबार का खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 1035 लीटर कोडिनयुक्त कफ सिरप बरामद किया है। मौके से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया जबकि दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। गुप्त सूचना पर पुलिस का ऐक्शन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने अनुमंडल पदाधिकारी सदर पूर्णिया द्वारा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी की मौजूदगी में यह कार्रवाई की। अभियान का नेतृत्व जलालगढ़ थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने किया। जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में कोडिनयुक्त कफ सिरप बरामद किया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

बयानबाजी पर बढ़ा विवाद, पूर्व मंत्री ने विधायक पर लगाए गंभीर आरोप

 गढ़वा झारखंड के गढ़वा जिले में राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है. सूबे के पूर्व मंत्री और झामुमो के केंद्रीय महासचिव मिथिलेश ठाकुर ने भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी एफआईआर दर्ज कराई है. इसके बाद जिले की राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है. विधायक पर गंभीर आरोप पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने गढ़वा शहर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने सार्वजनिक मंच से उनके खिलाफ अपमानजनक और अमर्यादित टिप्पणी की है. उनके अनुसार, विधायक ने उन्हें “डकैती करने वाला”, “जमीन लूटने वाला” और “कमीशन खाने वाला” जैसे शब्दों से संबोधित किया. साथ ही, उनके पैतृक गांव और पिता को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कही गईं. प्रेस वार्ता के दौरान दिया गया बयान आवेदन में बताया गया है कि यह घटना 22 अप्रैल 2026 की है, जब विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी गढ़वा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. आरोप है कि इसी प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जानबूझकर पूर्व मंत्री की छवि खराब करने के उद्देश्य से ऐसे बयान दिए. मिथिलेश ठाकुर का कहना है कि यह केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की साजिश है. पुलिस को सौंपा गया वीडियो फुटेज शिकायत के समर्थन में पूर्व मंत्री की ओर से पुलिस को वीडियो फुटेज भी सौंपा गया है. इस वीडियो में कथित तौर पर विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी विवादित बयान देते हुए नजर आ रहे हैं. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. अमर्यादित भाषा स्वीकार्य नहीं: मिथिलेश ठाकुर मिथिलेश ठाकुर ने स्पष्ट कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी भी नेता को इस तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनकी छवि को जानबूझकर धूमिल करने का प्रयास किया गया है, जिसे वह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया के जरिए सच्चाई सामने लाने की बात कही. बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव इस मामले के बाद गढ़वा की राजनीति में टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं. झामुमो और भाजपा के बीच पहले से मौजूद राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अब व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप में बदलती दिख रही है. आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, जिससे स्थानीय राजनीति पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है.

खगड़िया में महिला दारोगा पर गिरी गाज, वर्दी में रील बनाना पड़ा भारी

पटना बिहार पुलिस में सोशल मीडिया और रील बनाने का क्रेज रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला खगड़िया जिले से सामने आया है, जहाँ एक महिला सब-इंस्पेक्टर को पुलिस मुख्यालय के सख्त आदेशों की धज्जियां उड़ाना भारी पड़ गया है। परबत्ता थाने में तैनात महिला दरोगा निशा कुमारी का वर्दी पहनकर फिल्मी गानों पर रील बनाना अब उनके करियर के लिए मुसीबत बन गया है। वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और अब उन पर निलंबन की नौबत आ गई है। मुख्यालय के आदेश को दिखाया ठेंगा बता दें कि बिहार पुलिस मुख्यालय ने हाल ही में एक लिखित आदेश जारी किया था, जिसमें स्पष्ट कहा गया था कि कोई भी पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान या वर्दी पहनकर रील, वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करेगा। इसके पीछे का मकसद पुलिस की छवि को गंभीर बनाना और अनुशासन बनाए रखना था। लेकिन दरोगा निशा कुमारी पर इन आदेशों का कोई असर नहीं दिखा। उन्होंने न केवल रील बनाई, बल्कि उन्होंने फिल्मी गानों पर टशन दिखाते हुए कई वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘इंस्टाग्राम’ अकाउंट पर शेयर किए। सोशल मीडिया से वीडियो डिलीट किया जैसे ही दरोगा साहिबा की रील सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हुई, इसकी भनक गोगरी एसडीपीओ साक्षी कुमारी को लग गई। अधिकारियों के तेवर देख निशा कुमारी ने आनन-फानन में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से सभी वीडियो डिलीट कर दिए। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और वीडियो के स्क्रीनशॉट्स व क्लिप्स अधिकारियों तक पहुँच चुके थे। एसडीपीओ साक्षी कुमारी ने इस मामले को अनुशासनहीनता का गंभीर मामला मानते हुए दरोगा से जवाब-तलब किया है। एसपी की रिपोर्ट के बाद बढ़ेगी मुश्किलें गोगरी एसडीपीओ साक्षी कुमारी ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पुलिस की वर्दी की एक गरिमा होती है और उसे ठेस पहुँचाने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने बताया कि महिला सब-इंस्पेक्टर निशा कुमारी को कड़ी हिदायत दी गई है। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि जिले के एसपी के वापस लौटते ही उन्हें विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी और जिसके बाद विभागीय कार्रवाई के तहत सस्पेंशन या अन्य बड़ी सजा मिल सकती है।

व्हाट्सएप कोड शेयर कर रची साजिश, समीर खान गिरफ्तार

मेरठ आतंकी घटनाओं को अंजाम देने और बाकी देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारत के नंबर पर व्हाट्सएप एक्टिव कर इन्हें पाकिस्तान में आईएसआई के जासूस और हैंडलर चला रहे हैं। यूपी एटीएस ने जिस समीर खान को गिरफ्तार किया है, उसने फर्जी आईडी पर कुछ सिम कार्ड एक्टिव किए और इनका कोड पाकिस्तान में शहजाद भट्टी को दिया था। इसके बाद से इन नंबरों का इस्तेमाल पाकिस्तान में किया जा रहा है। पूर्व में गाजियाबाद में पकड़े गए मॉड्यूल ने भी इरम ने इसी तरह से कुछ नंबर को व्हाट्सएप पर एक्टिव कराकर पाकिस्तान में शहजाद भट्टी और सरदार को कोड दिए थे। आईएसआई और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के लिए काम करने वाले आरोपी समीर खान और तुषार उर्फ हिजबुल्लाह अली से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि समीर ने शहजाद भट्टी और आईएसआई के मेजर के कहने पर दो मोबाइल सिम लिए थे। इन्हें एक्टिव कराया था। इन मोबाइल नंबर से पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट ने अपने यहां व्हाट्सएप शुरू किया। व्हाट्सएप एक्टिव करने के लिए कोड समीर के पास मौजूद मोबाइल नंबर पर आये, जो पाकिस्तान में बैठे साथियों को दे दिए थे। इसके बाद से इन मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप का इस्तेमाल पाकिस्तान में ही किया जा रहा है। यह पहला मामला नहीं है, जब ये काम किया गया है। शहजाद भट्टी ने रची थी पूरी साजिश पूर्व में गाजियाबाद में जिस टेरर मॉड्यूल का खुलासा एटीएस और आईबी ने किया था, उनके साथ मिलकर भी शहजाद भट्टी ने इसी तरह से साजिश की थी। दरअसल, इरम उर्फ महक निवासी संभल को आरोपी शहजाद ने अपने साथ मिलाया था। इसके बाद इरम से कुछ युवतियों के नंबर मांगे थे, ताकि इनकी मदद से हनीट्रैप और जासूसी का नेटवर्क बनाया जा सके। दूसरी ओर, इरम से उनके ही कुछ परिचित के ऐसे नंबर पता किए, जो की-पैड फोन इस्तेमाल करते हैं। इन नंबरों पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप शुरू किया गया, जिसे चलाने के लिए कोड इन्हीं नंबर पर आया। इसी कोड को इरम ने शहजाद भट्टी को बताया था। इसके बाद से इन मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप पाकिस्तान में चलाया जा रहा है। इसलिए चलाते हैं भारत के नंबर पर व्हाट्सएप पाकिस्तान के मोबाइल नंबरों को कंट्री कोड +92 है। ऐसे में पाकिस्तान के नंबर से आने वाली कॉल का पता चल जाता है। भारत में एक्टिव नंबर पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चलाकर वहां से कॉल की जाती है तो पता चला नहीं चलता कि नंबर पाकिस्तान में चलाया जा रहा है। इन नंबरों का इस्तेमाल खुफिया एजेंसी से बचने के लिए भी किया जाता है। यह पहला मामला नहीं, जब इस तरह से भारत के नंबरों पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चलाए जा रहे हैं। पूर्व में शामली में गिरफ्तार आतंकी ने भी दो मोबाइल फोन पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप एक्टिव कराया था।

जेपीएससी JET परीक्षा में सख्त सुरक्षा व्यवस्था, बायोमेट्रिक और आईरिस वेरिफिकेशन लागू

 रांची  राज्य में झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) लगभग 18 वर्ष बाद रविवार को आयोजित होगी। झारखंड लोक सेवा आयोग ने इस परीक्षा के लिए छह जिलों रांची, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग तथा देवघर में कुल 435 केंद्र बनाए हैं। साथ ही परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी व कदाचार रोकने के लिए पुख्ता तैयारी की है। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक तथा आइआरआइएस वेरिफिकेशन की भी व्यवस्था की गई है। इस परीक्षा के माध्यम से राजकीय विश्वविद्यालयों व उसके अंगीभूत कालेजों में सहायक प्राध्यापक के पदों पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति की पात्रता तय होगी तथा पीएचडी में नामांकन होगा। यह परीक्षा एक पाली में सुबह 10 बजे से अपराह्न एक बजे तक आयोजित होगी। दो पत्रों की यह परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी, जिसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। पहले पत्र में शिक्षण व शोध क्षमता पर 50 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। इसी तरह, दूसरा पत्र संबंधित विषय का होगा, जिसमें 100 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें भी प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। इस तरह पहला पत्र 100 तथा दूसरा पत्र 200 अंकों का होगा। इसमें निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। यह परीक्षा कुल 43 विषयों में आयोजित होगी। बताते चलें कि आयोग ने इस परीक्षा के लिए सात मार्च 2024 को ही इसके शीघ्र विज्ञापन जारी होने की सूचना प्रकाशित की थी। इसके लगभग डेढ़ वर्ष बाद इसका विज्ञापन निकला तथा 16 सितंबर 2025 से आनलाइन आवेदन लिए गए थे। राज्य में इससे पहले झारखंड पात्रता परीक्षा वर्ष 2007-08 में आयोजित हुई थी, जो काफी विवादित हुई थी। कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश आयोग ने परीक्षार्थियों को कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। साथ ही परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र, उपस्थिति पत्रक, वैध फोटोयुक्त पहचान पत्र तथा दो पासपोर्ट साइज का रंगीन फोटो अनिवार्य रूप से लाने को कहा गया है।  

35 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस,ईडी की गवाही पर तेज हुई ट्रायल प्रक्रिया

रांची झारखंड टेंडर कमीशन घोटाले की करीब 35 करोड़ राशि की मनी लाउंड्रिंग में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम समेत अन्य से जुड़े मामले में डे-टू-डे सुनवाई शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आलोक में मामले की डे-टू-डे ट्रायल शुरू हो चुका है। 21 अप्रैल से जारी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाहों का बयान दर्ज किया जा रहा है। साथ ही गवाह ईडी द्वारा जब्त कई महत्वपूर्ण दस्तावेज की पहचान साक्ष्य के रूप में करवायी जा रही है। एग्रीमेंट, बैंक खाते का स्टेटमेंट, रजिस्ट्री डीड समेत अन्य दस्तावेज शामिल हैं। सुनवाई के दौरान जेल में बंद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, संजीव लाल और जहांगीर आलम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाता है। अन्य आरोपियों की ओर से वकील उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। यह मामला उस चर्चित 35 करोड़ रुपये की नकद बरामदगी से जुड़ा है, जो ईडी की छापेमारी के दौरान सामने आई थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में कमीशनखोरी के जरिए अवैध धन अर्जित कर उसे ठिकाने लगाया गया। बता दें कि इस मामले में ईडी ने पूछताछ के दौरान 15 मई 2024 को गिरफ्तार किया था, तब से वह जेल में है। मामले में ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम समेत अन्य ट्रायल फेस कर रहे हैं। 11 तक महत्वपूर्ण गवाहों की करानी है गवाही सुप्रीम कोर्ट में पिछले दिनों आलमगीर आलम और संजीव लाल की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दोनों को जमानत देने से इनकार किया गया। साथ ही ईडी को निर्देश दिया गया कि चार सप्ताह के अंदर महत्वपूर्ण गवाहों की जांच पूरी करें। इसी आदेश के आलोक में त्वरित सुनवाई प्रारंभ की गई है।

नोट बरसाने’ का ड्रामा, तांत्रिक बनकर गिरोह ने ऐसे लूटा शिकार

अजमेर तत्र-मंत्र से नोट बरसाने का पाखंड और भोले-भाले लोगों से पैसे ऐंठने के बाद मौत का ड्रामा, यह मामला किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लगता. डीग में ऐसी ही ठगी का भंडाफोड़ हुआ है, जहां आरोपी खुद को तांत्रिक बताते हुए पैसा दोगुना करने का झांसा देता था. इस एवज में उसने कई लोगों से ठगी कर ली. पुलिस ने शातिर और संगठित गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है. कामां थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने इनके पास से ठगी गई पूरी राशि  4 लाख 35 हजाररुपए बरामद कर ली है. सुनसान जगह ले गया आरोपी डीग एसपी शरण कांबले ने बताया कि अजमेर निवासी राजेंद्र सिंह सोलंकी को गिरोह ने फोन कर झांसे में लिया था. उसे खेडली जल्लो क्षेत्र के एक सुनसान जगह पर बुलाया गया. वहां गिरोह ने पहले से ही एक पटकथा तैयार कर रखी था. एक छोटे कद का व्यक्ति 'तांत्रिक' बनकर बैठा था, जिसने तंत्र-मंत्र और कंबल से नोट बरसाने का पाखंड किया. इसके बाद पैसे ठगने का खेल शुरू होता था. पैसे हड़पने के बाद 'नाटक' शुरू जैसे ही पीड़ित राजेंद्र ने 4 लाख 35 हजार रुपए आरोपियों को सौंपे, तांत्रिक ने अचानक 'मौत' का नाटक शुरू कर दिया. गिरोह के अन्य सदस्यों ने वहां डर का माहौल पैदा कर दिया और पीड़ित को पुलिस केस और मौत के डर से वहां से भागने पर मजबूर कर दिया. जांच में सामने आया है कि गिरोह का मुख्य सरगना पिछले 10 वर्षों के दौरान कई लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है. आरोपियों से पूछताछ कर गिरोही के अन्य साथियों और पीड़ित के बारे में भी पता लगाया जा रहा है.

LSG और KKR आमने-सामने, इकाना में कौन मारेगा बाजी? जानें पिच और प्लेइंग XI

लखनऊ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 38वें मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से होगा। दोनों टीमें अंक-तालिका में सबसे नीचे हैं। LSG ने 7 मैच खेले हैं और उसे 2 मैच में जीत मिली है। 5 मुकाबलों में टीम को हार मिली है। KKR ने भी 7 मैच खेले हैं। 5 मैच वो हारे हैं और सिर्फ एक मैच जीत पाए हैं। आइए मुकाबले से जुड़ी सभी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। KKR के खिलाफ LSG का पलड़ा रहा है भारी IPL में दोनों टीमों के बीच 7 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान KKR 2 मैच ही जीत पाई है। LSG ने 5 मैच अपने नाम किए हैं। ये इस संस्करण दोनों टीमों के बीच दूसरा मुकाबला होगा। पहले मैच में LSG ने 3 विकेट से जीत दर्ज की थी। IPL 2025 में LSG और KKR के बीच एक मैच हुआ था, जिसे LSG ने 4 विकेट से जीता था। KKR ने LSG को आखिरी बार IPL 2024 में हराया था। ऐसी हो सकती है KKR की प्लेइंग इलेवन KKR को अपने पिछले मैच में राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ 4 विकेट से जीत मिली थी। ऐसे में वह उसी फॉर्म को LSG के खिलाफ भी जारी रखना चाहेंगे। रिंकू सिंह ने पिछले मैच में अर्धशतकीय पारी खेली थी। उनसे एक और जोरदार पारी की उम्मीद होगी। संभावित एकादश: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), टिम साइफर्ट (विकेटकीपर), कैमरून ग्रीन, रोवमैन पॉवेल, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, रामदीप सिंह, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी और वरुण चक्रवर्ती। इस संयोजन के साथ नजर आ सकती है LSG LSG अपने पिछले मैच में RR के खिलाफ 160 रन का लक्ष्य भी हासिल नहीं कर पाई थी। टीम के कप्तान ऋषभ पंत तो खाता भी नहीं खोल पाए थे। ऐसे में KKR के खिलाफ उनसे एक बड़ी पारी की उम्मीद होगी। टीम के अन्य बल्लेबाज भी अच्छी पारी खेलना चाहेंगे। संभावित एकादश: मिचेल मार्श, आयुष बदोनी, ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), निकोलस पूरन, एडेन मार्करम, मुकुल चौधरी, मोहम्मद शमी, मोहसिन खान, प्रिंस यादव, दिग्वेश राठी और मयंक यादव। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर LSG: हिम्मत सिंह, जॉर्ज लिंडे, एम सिद्धार्थ, मैथ्यू ब्रीट्जके और अब्दुल समद। KKR: मनीष पांडे, फिन एलन, अंगकृष रघुवंशी, तेजस्वी दहिया और नवदीप सैनी। कैसा है इकाना स्टेडियम की पिच का मिजाज? इकाना स्टेडियम की पिच का निर्माण काली मिट्टी से किया गया है। इस पर स्पिन गेंदबाजों को काफी मदद मिलती है। यहां शुरुआत में तेज गेंदबाजों को भी मदद मिलती है, लेकिन समय निकलने के साथ-साथ स्पिनर्स हावी होने लगते हैं। पिछले संस्करण में यहां बल्लेबाजी भी काफी अच्छी हुई थी। पहले 200+ के स्कोर बनने मुश्किल होते थे, लेकिन अब यहां खूब रन भी बनते हैं। हाउस्टेट के मुताबिक, मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 173 रन है। ऐसा रहेगा लखनऊ का मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, 26 अप्रैल को लखनऊ का मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश की संभावना एकदम नहीं है। ऐसे में एक अच्छा मैच देखने मिल सकता है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें मार्श ने पिछले 10 मुकाबलों में 155.06 की स्ट्राइक रेट से 459 रन बनाए हैं। LSG के लिए पंत ने पिछले 10 मैचों में 156.52 की स्ट्राइक रेट से 288 रन बनाए हैं। रघुवंशी के बल्ले से पिछले 10 मैच में 259 रन निकले हैं। गेंदबाजी में प्रिंस ने पिछले 7 मैच में 13 विकेट चटकाए हैं। आवेश के नाम 9 मैच में 12 विकेट है। KKR के लिए वरुण ने पिछले 8 मैच में 9 विकेट लिए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? LSG और KKR के बीच यह मुकाबला 26 अप्रैल को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

OPS को लेकर बढ़ी सख्त,CAG ने राजस्थान सरकार से वित्तीय डेटा मांगा

जयपुर  राजस्थान में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) एक बार फिर चर्चा में है. इस बार मामला सरकारी फाइलों और आर्थिक गणित से जुड़ा है. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने शनिवार को राजस्थान सरकार को एक अहम नोटिस जारी किया है, जिसमें राज्य के खजाने पर पड़ने वाले आर्थिक असर का ब्यौरा मांगा गया है. आइए, आसान शब्दों में समझते हैं कि इस नोटिस के पीछे की कहानी क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है. क्या मांग रहा है CAG? CAG ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया है कि वह OPS से जुड़ी एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे. इस रिपोर्ट के जरिए सरकार को यह बताना होगा कि अगले 10 वर्षों में पेंशन स्कीम के कारण सरकारी खजाने पर कितना आर्थिक दबाव पड़ेगा. रिपोर्ट में मुख्य रूप से ये जानकारी देनी होगी CAG की इस विस्तृत रिपोर्ट में राजस्थान सरकार को तीन प्रमुख पहलुओं पर फोकस करना होगा. सबसे पहले, अगले 10 सालों में OPS के कारण सरकारी खजाने पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ का अनुमान लगाना अनिवार्य है. इसके साथ ही, राज्य की मौजूदा बजट स्थिति और वित्तीय हालात का सटीक खाका पेश करना होगा, ताकि पेंशन भुगतान और राजस्व आय के बीच के संतुलन को स्पष्ट रूप से समझा जा सके. क्यों जरूरी है यह रिपोर्ट? यह कोई सामान्य सवाल-जवाब नहीं है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है. CAG ने यह जानकारी वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन अधिनियम (FRBM Act) के तहत मांगी है. क्या होता है FRBM Act? यह एक्ट एक तरह का 'रूलबुक' है, जो राज्य सरकारों को अनुशासन में रखता है. इसके तहत किसी भी राज्य को यह स्पष्ट करना अनिवार्य है कि वह अपने खर्चों का प्रबंधन कैसे कर रहा है और भविष्य में उसके वित्तीय दायित्व (Financial Obligations) क्या होंगे. यह एक्ट सुनिश्चित करता है कि राज्य सरकार कर्ज के जाल में न फंसे और विकास के लिए पर्याप्त फंड बचा रहे. रिपोर्ट जमा करने की डेडलाइन राजस्थान सरकार को यह पूरी जानकारी 15 जून तक जमा करानी है. सरकार को अपनी वित्तीय स्थिति का स्पष्ट आईना पेश करना होगा, जिससे यह पता चल सके कि भविष्य में पेंशन का बोझ राज्य के विकास कार्यों या अन्य योजनाओं को प्रभावित तो नहीं करेगा. मामला क्या है? याद दिला दें कि राजस्थान में साल 2022 में तत्कालीन सरकार ने नई पेंशन योजना (NPS) को हटाकर वापस ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू की थी. तभी से यह मुद्दा देशभर में बहस का विषय बना हुआ है कि लंबे समय में यह स्कीम राज्य की अर्थव्यवस्था पर क्या असर डालेगी. अब CAG की इस रिपोर्ट से वित्तीय स्थिति की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी.