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50 से ज्यादा महिलाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग का खुलासा, स्क्रीन रिकॉर्डर ऐप से बनाता था अश्लील वीडियो

ग्वालियर शहर के सिटी सेंटर इलाके के न्यू सारिका नगर में पानी का प्लांट चलाने वाले एक युवक के मोबाइल की जांच में 40 से ज्यादा महिलाओं के अश्लील वीडियो मिलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आरोप है कि वह महिलाओं से दोस्ती करता था और संपर्क बढ़ने के बाद उनके निजी वीडियो रिकॉर्ड कर लेता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन वीडियो का इस्तेमाल महिलाओं को ब्लैकमेल करने या किसी अन्य तरीके से परेशान करने के लिए किया गया था या नहीं। मोबाइल में मिले नंबरों के आधार पर संबंधित महिलाओं से भी संपर्क किया जा रहा है। आरोपी की पहचान योगेश गुप्ता के रूप में आरोपी सिटी सेंटर के सारिका नगर निवासी 40 वर्षीय योगेश गुप्ता है। वह पानी का प्लांट चलाता है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं से संपर्क बनाता था। सनातन सेना की सूचना पर पकड़ा गया सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला और सदस्य मुकेश शर्मा को एक महिला कार्यकर्ता ने योगेश की गतिविधियों की जानकारी दी थी। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने उसे मुलाकात के बहाने बुलाकर पकड़ लिया। मोबाइल की जांच के दौरान वीडियो मिलने पर उसे विश्वविद्यालय पुलिस को सौंपा गया। रिकॉर्डिंग के लिए स्क्रीन रिकॉर्डर और स्पाई कैमरा वीडियो कॉल के दौरान आरोपी स्क्रीन रिकॉर्डर ऐप का इस्तेमाल करता था। पुलिस को स्पाई कैमरे से रिकॉर्डिंग किए जाने की जानकारी भी मिली है। वह इन रिकॉर्डिंग को अपने पास सुरक्षित रखता था। पुलिस को उसके मोबाइल में एक वीडियो मिला है, जिसमें वह अपनी एक महिला मित्र के साथ वीडियो शूट करता नजर आ रहा है। पुलिस मोबाइल में मिले रिकॉर्ड की जांच कर रही है। संपर्क नंबरों से महिलाओं तक पहुंचेगी पुलिस पुलिस मोबाइल से मिले संपर्क नंबरों के आधार पर संबंधित महिलाओं से संपर्क कर रही है। आरोपी के लैपटॉप में मिले डेटा को भी खंगाला जा रहा है। जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि रिकॉर्डिंग के बाद महिलाओं पर दबाव बनाया गया या उनसे पैसे मांगे गए। झांसी की महिला देगी शिकायत झांसी की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराने की सहमति दी है। उसके रविवार रात ग्वालियर पहुंचने के बाद पुलिस एफआईआर दर्ज कर सकती है। सीएसपी रवि भदौरिया ने बताया- सनातन सेना की सूचना पर युवक को पकड़ा गया है। मामले में पूछताछ की जा रही है। संपर्क नंबरों के आधार पर महिलाओं से बात कर ब्लैकमेलिंग और दबाव के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।  पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया पुलिस के अनुसार, योगेश गुप्ता के खिलाफ सनातन सेना संगठन के कार्यकर्ताओं ने ग्वालियर विश्वविद्यालय थाना पुलिस से शिकायत की थी। शिकायत में एक महिला के हवाले से आरोप लगाया गया था कि युवक महिलाओं से दोस्ती करने के बाद उनके अश्लील वीडियो बनाता है और बाद में उन्हें ब्लैकमेल करता है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने शनिवार देर शाम योगेश गुप्ता को हिरासत में लिया। मोबाइल की जांच के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं से जुड़े अश्लील वीडियो मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई। 40 से 50 वर्ष की महिलाओं के वीडियो मिलने की बात पुलिस के मुताबिक, मोबाइल में मिले वीडियो करीब 40 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं से संबंधित बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में इनमें अधिकांश महिलाओं के तलाकशुदा होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि पुलिस अभी यह स्पष्ट करने में जुटी है कि वीडियो किस परिस्थिति में बनाए गए। नगर पुलिस अधीक्षक रवि भदौरिया के अनुसार युवक के मोबाइल में मिले नंबरों के आधार पर संबंधित महिलाओं से संपर्क किया जा रहा है। उनसे बातचीत के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।  

UP राज्यसभा चुनाव में बढ़ी सियासी हलचल, BJP-सपा के उम्मीदवारों का आज हो सकता है ऐलान

  लखनऊ उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. नामांकन की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है और इससे पहले आज बीजेपी और एनडीए अपने राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर सकते हैं. वहीं, समाजवादी पार्टी भी अपने तीसरे उम्मीदवार को लेकर पत्ते खोल सकती है।  राज्यसभा चुनाव को लेकर दोनों खेमों की तैयारियों का अंदाजा नामांकन पत्रों की खरीद से भी लगाया जा सकता है. समाजवादी पार्टी ने चार नामांकन पत्र खरीदे हैं, जबकि बीजेपी की तरफ से नौ पर्चे खरीदे गए हैं. ऐसे में अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में उतारे जाने की स्थिति में राज्यसभा चुनाव में मुकाबला देखने को मिल सकता है।  तीसरे उम्मीदवार को लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं समाजवादी पार्टी पहले ही रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी है और दोनों अपना नामांकन भी दाखिल कर चुके हैं. हालांकि, तीसरे उम्मीदवार को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हुई है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले कह चुके हैं कि अगर पार्टी पर्याप्त संख्या का इंतजाम कर लेती है तो तीसरा उम्मीदवार भी मैदान में उतारा जाएगा।  तीसरे उम्मीदवार के लिए सपा को अपने मौजूदा संख्याबल से करीब आधा दर्जन अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है. ताजा रिपोर्टों में भी तीसरे उम्मीदवार को लेकर सपा की तैयारियों का जिक्र है।  दूसरी तरफ बीजेपी ने भी उत्तर प्रदेश से अपने उम्मीदवारों के नामों का अभी ऐलान नहीं किया है. पार्टी की तरफ से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम प्रमुखता से चर्चा में है. पुरी का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल भी समाप्त होने वाला है. उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है।  9 अक्टूबर तक नाम लिए जा सकेंगे वापस नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. ऐसे में आज बीजेपी के उम्मीदवारों और सपा के संभावित तीसरे प्रत्याशी के नाम सामने आने के बाद यह तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है कि राज्यसभा की अतिरिक्त सीट के लिए सीधा मुकाबला होगा या नहीं।  बता दें कि विधानसभा में विधायकों के मौजूदा आंकड़ों के हिसाब से बीजेपी सात सीटें आसानी से जीत लेगी और सपा की दो सीटों पर जीत तय मानी जा रही है. असली मुकाबला 10वीं राज्यसभा सीट को लेकर है, जिस पर काबिज होने के लिए सपा और बीजेपी के बीच शह-मात का खेल शुरू हो गया है।  क्या है सीटों का गुणा-गणित? यूपी विधानसभा के कुल 403 सदस्यों में से वर्तमान में 397 विधायक हैं. ऐसे में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 38 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत है. बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास कुल 292 विधायक हैं, जबकि सपा गठबंधन के पास 103 विधायक हैं. एनडीए में बीजेपी के 256, अपना दल (एस) के 13, आरएलडी के 9, सुभासपा के 6 और निषाद पार्टी के 5 विधायक हैं. दो विधायक राजा भैया की पार्टी के हैं. इन्हें मिलाकर यह आंकड़ा 291 विधायकों का होता है।  वहीं, सपा और कांग्रेस को मिलाकर कुल 103 विधायक हैं. राज्यसभा की एक सीट के लिए 38 विधायकों की जरूरत के आधार पर बीजेपी को सात सीटें जीतने के लिए 266 विधायक चाहिए होंगे, जिसके बाद उसके पास 26 सरप्लस (अतिरिक्त) वोट बचेंगे. इसके बाद बीजेपी को आठवीं सीट जीतने के लिए 12 अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी।  वहीं, राज्यसभा की 2 सीटों को जिताने के लिए सपा को 76 वोटों की जरूरत है, जिसके बाद सपा के पास भी करीब 27 सरप्लस वोट बचते हैं. सपा को तीसरी सीट जीतने के लिए 11 एक्स्ट्रा वोटों की जरूरत है. यही 11-12 वोटों का अंतर इस चुनाव को बेहद दिलचस्प और कांटे की टक्कर बना रहा है।  

सुल्तानपुर हादसे में मृतकों के परिवारों को राहत, मुख्यमंत्री ने ₹2 लाख मुआवजे की घोषणा की

सुल्तानपुर हादसा: मुख्यमंत्री ने मुआवजे का किया ऐलान मृतकों के परिजनों को दी जाएगी 2-2 लाख रुपये की आर्थिक मदद मुख्यमंत्री ने सुल्तानपुर/देवरिया के अधिकारियों को दिया निर्देश- मृतकों के परिवारों से बात कर उन्हें हरसंभव मदद उपलब्ध कराएं  लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पूर्वांचल एक्सप्रेस पर हुए एम्बुलेंस हादसे में शोक जताया। इस दुःखद घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन/पुलिस के आलाधिकारियों से समुचित जानकारी भी हासिल की। उन्होंने ईश्वर से चारों मृतकों के परिजनों के संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।  सड़क हादसे के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। सीएम ने सुल्तानपुर/देवरिया के अधिकारियों से मृतकों के परिवारों से बात कर उन्हें हरसंभव मदद देने के भी निर्देश दिए हैं।  बता दें कि एम्बुलेंस चंडीगढ़ से शहीद सूबेदार का शव लेकर देवरिया जा रहा था। इसमें शहीद के परिजन भी मौजूद थे। पूर्वांचल एक्सप्रेस पर एम्बुलेंस की एक वाहन से टक्कर हो गई, जिसमें ड्राइवर समेत चार लोगों के मौत की सूचना प्राप्त हुई है।

सीतामढ़ी-धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर 1.32 किमी लंबे सेतु का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री योगी ने पूरी की तीन दशक पुरानी मांग, गंगा पर सेतु से सीधे जुड़ेंगे भदोही-प्रयागराज   सीतामढ़ी-धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर 1.32 किमी लंबे सेतु का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया शिलान्यास   ₹300 करोड़ से अधिक की परियोजना से पांच जिलों की राह होगी आसान, मध्य प्रदेश की ओर भी सफर होगा सुगम   पीपा पुल और नाव पर निर्भरता होगी खत्म, कोनिया और मांडा क्षेत्र की सवा लाख से अधिक आबादी को मिलेगी राहत   सीतामढ़ी आने वाले श्रद्धालुओं को होगी सहूलियत, कालीन कारोबार के लिए भी खुलेगा बेहतर रास्ता-मुख्यमंत्री योगी   संत रविदास नगर भदोही  गंगा पर पक्के पुल के लिए तीन दशक से अधिक समय से इंतजार कर रहे कोनिया क्षेत्र के लोगों की बड़ी मांग रविवार को पूरी हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीतामढ़ी-धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर ₹300 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले 1.32 किमी लंबे सेतु का शिलान्यास किया। इसके साथ पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य भी कराए जाएंगे। पुल तैयार होने पर भदोही के धनतुलसी से प्रयागराज के मांडा क्षेत्र स्थित डेंगुरपुर तक सीधा सड़क संपर्क हो जाएगा।   इस पुल से भदोही और प्रयागराज के साथ मिर्जापुर, वाराणसी और जौनपुर की राह भी आसान होगी। इस तरह उत्तर प्रदेश के पांच जिलों को इसका लाभ मिलेगा। मिर्जापुर के रास्ते मध्य प्रदेश की ओर जाने वालों को भी सहूलियत होगी।   बरसात में खत्म होगी बड़ी परेशानी धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर अभी गंगा पार करने के लिए पीपा पुल और नाव का सहारा लेना पड़ता है। बरसात में गंगा का जलस्तर बढ़ते ही पीपा पुल हटा दिया जाता है। ऐसे में लोगों की मुश्किल बढ़ जाती है। पक्का पुल बनने के बाद कोनिया और मांडा क्षेत्र की सवा लाख से अधिक आबादी को पूरे साल गंगा पार करने का रास्ता मिलेगा। पढ़ाई, इलाज, बाजार और रोजमर्रा के दूसरे कामों के लिए भी लोगों को राहत मिलेगी।   सीतामढ़ी आने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत गंगा किनारे स्थित सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी पुल अहम होगा। प्रयागराज की ओर से आने वालों को सीधा रास्ता मिलेगा। इसका फायदा आसपास के बाजार और छोटे कारोबारियों को भी होगा।   कालीन कारोबार की राह भी होगी आसान भदोही के कालीन कारोबार के लिए भी यह पुल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रयागराज की ओर सीधा सड़क संपर्क होने से माल लाने-ले जाने में आसानी होगी। कारोबारियों का कहना है कि पुल से व्यापार के लिए नए क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी।   अंजनी कारपेट, खमरिया के पीयूष कुमार बरनवाल ने कहा, “इस पुल का बहुत लंबे समय से इंतजार था। अब काम शुरू होने जा रहा है तो क्षेत्र के लोगों में खुशी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बहुत-बहुत धन्यवाद।”   त्रिवेणी रग इंडस्ट्रीज, छतमी गोपीगंज के शाश्वत पांडेय ने कहा, “पुल हमारे कालीन कारोबार के लिए काफी काम आएगा। प्रयागराज की तरफ संपर्क बेहतर होने से व्यापार को भी फायदा होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार।”   कालीन निर्यात संवर्धन परिषद की प्रशासनिक समिति के पूर्व सदस्य राजेंद्र कुमार मिश्र ने कहा, “भदोही का कालीन दुनिया भर में जाता है। यह पुल कारोबार के लिए नए रास्ते खोलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्र की बड़ी जरूरत पूरी की है।”   पुल बनने से परिवारों की परेशानी होगी कम गृहिणी एवं समाजसेवी सरिता गुप्ता ने कहा, “बरसात के दिनों में गंगा पार करना बड़ी परेशानी बन जाता है। पक्का पुल बनने से बच्चों की पढ़ाई से लेकर इलाज और रोजमर्रा के काम तक आसान होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद।”

संत रविदास के नाम से दलित समाज को सम्मान, ‘भदोही’ बरकरार रख भार राज से जुड़ी ऐतिहासिक पहचान को भी दिया स्थान

‘संत रविदास नगर भदोही’ से दलित-राजभर दोनों को संदेश, योगी ने एक नाम में जोड़ी दो विरासत   संत रविदास के नाम से दलित समाज को सम्मान, ‘भदोही’ बरकरार रख भार राज से जुड़ी ऐतिहासिक पहचान को भी दिया स्थान   29 जुलाई को वाराणसी में पहली बार किया था नाम बदलने का ऐलान, अब भदोही की धरती से फिर बोले मुख्यमंत्री योगी   मुलायम ने 30 जून 1994 को वाराणसी से अलग कर बनाया भदोही जिला, मुख्यमंत्री मायावती ने 4 दिसंबर 1997 को किया संत रविदास नगर   अखिलेश ने 6 दिसंबर 2014 को कैबिनेट के जरिए फिर किया भदोही, योगी ने अब दोनों नामों को एक साथ जोड़ा   भदोही को अपनी राजधानी बनाने वाले भार राज्य से निकला जिले का नाम, सरकारी इतिहास में भी दर्ज है उल्लेख   2027 से पहले पूर्वांचल के अहम दलित और राजभर समाज तक जाएगा नामकरण का राजनीतिक संदेश भदोही  संत रविदास नगर भदोही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही को ‘संत रविदास नगर भदोही’ नाम देने की बात दोहराकर इतिहास के साथ राजनीतिक संदेश भी दिया है। संत रविदास का नाम जिले की पहचान में वापस लाने से दलित समाज की आस्था और सम्मान जुड़ा है, वहीं ‘भदोही’ को बरकरार रखने से भार राज से जुड़ी ऐतिहासिक पहचान भी कायम रहेगी। पूर्वांचल के सामाजिक समीकरण में अहम दलित और राजभर समाज के लिहाज से भी इस फैसले के मायने हैं।   मुख्यमंत्री योगी ने पहली बार 29 जुलाई 2026 को वाराणसी में भदोही का नाम बदलने की घोषणा की थी। रविवार को भदोही की धरती से उन्होंने एक बार फिर स्पष्ट किया कि जनपद ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ₹1,340 करोड़ से अधिक की 112 परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।   मुलायम ने बनाया जिला, मायावती ने बदला नाम तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 30 जून 1994 को वाराणसी से अलग कर भदोही को नया जनपद बनाया। इसके तीन साल बाद 4 दिसंबर 1997 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने संत शिरोमणि गुरु रविदास के सम्मान में भदोही का नाम बदलकर ‘संत रविदास नगर’ करने का नोटिफिकेशन जारी किया।   करीब 17 साल बाद 6 दिसंबर 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कैबिनेट की बैठक के माध्यम से ‘संत रविदास नगर’ का नाम बदलकर फिर ‘भदोही’ कर दिया। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘संत रविदास नगर’ और ‘भदोही’ दोनों को जिले के नाम में स्थान दिया है।   भार राज्य की राजधानी से जुड़ा भदोही भदोही का इतिहास जिला बनने से सदियों पुराना है। जिला प्रशासन के आधिकारिक इतिहास के अनुसार इसका नाम यहां के ‘भार राज्य’ से पड़ा, जिसने भदोही को अपनी राजधानी बनाया था। क्षेत्र में भार शासकों से जुड़े पुराने टीले और तालाब भी बताए गए हैं।   अकबर के शासनकाल में भदोही को दस्तुर बनाकर इलाहाबाद (प्रयागराज) सरकार में शामिल किया गया। बाद में यह अलग-अलग शासकों के अधीन रहा। वर्ष 1911 में बनारस रियासत का हिस्सा बना और आजादी के बाद वाराणसी जिले में शामिल रहा।   नामकरण में सामाजिक समीकरण का भी संदेश संत रविदास दलित समाज के बड़े आराध्य और सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। उनका नाम जिले से दोबारा जुड़ना दलित समाज के लिए सम्मान के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं भार राज से जुड़े ‘भदोही’ नाम को कायम रखना राजभर समाज की ऐतिहासिक विरासत को भी स्थान देता है।   मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में संत रविदास के उस संदेश का भी उल्लेख किया, जिसमें सभी को अन्न मिलने और छोटे-बड़े के बिना भेदभाव साथ रहने की कल्पना की गई है। इसे उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की बिना भेदभाव योजनाओं से जोड़ा।   इस तरह करीब तीन दशक में जिले के नाम की यह चौथी महत्वपूर्ण कड़ी है। मुलायम सिंह यादव ने भदोही को अलग जिला बनाया, मायावती ने इसे संत रविदास नगर किया और अखिलेश यादव ने फिर भदोही कर दिया। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों नामों को जोड़कर ‘संत रविदास नगर भदोही’ की पहचान सामने रखी है।

बरेला में सड़क किनारे चाय की दुकान पर रुके CM डॉ. यादव, सास-बहू के ढाबे पर भी पहुंचे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरेला में सड़क किनारे लगी दुकान पर पी चाय सास-बहु द्वारा संचालित ढाबे पर भी रुके मुख्यमंत्री बच्चों को फ्री कोचिंग दे रहे युवा का किया सम्मान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज जबलपुर प्रवास के दौरान अनोखा अंदाज देखने मिला। मंडला में तेंदुपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कार से डुमना विमानतल आ रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव बरेला में शारदा माता मंदिर के सामने सड़क किनारे लगी चाय की दुकान अग्रवाल होटल पर रुके और यहाँ बैठकर चाय पी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चाय दुकान के संचालक से बात की। उन्होंने चाय के पैसे भी खुद चुकाये। मंडला से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सड़क मार्ग से जबलपुर आने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय जन उनके स्वागत के लिए बरेला में शारदा माता मंदिर मंदिर के सामने एकत्र हो गए थे। मुख्यमंत्री ने लोगों को देख अपना काफिला रोका और चाय की दुकान पहुँच गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का काफिला बरेला में सन राइज फेमिली ढाबे पर भी रुका। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सास-बहु द्वारा संचालित इस ढाबे पर भी चाय पी। उन्होंने ढाबा संचालक श्रीमती आरती दुबे और उनकी बहु श्रीमती सुरभि दुबे से परिवार के सदस्यों के हालचाल जाने। डॉ. यादव ने यहाँ बरेला के बच्चों को निःशुल्क कोचिंग दे रहे युवा मयंक साहू का शाल ओढ़ाकर सम्मान भी किया उसके इस नेक कार्य की तारीफ की।  

हवाई के पास खतरनाक हुआ चक्रवात नोलो, समुद्री लहरों से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा

 होनोलूलू प्रशांत महासागर में उठा चक्रवात नोलो तेजी से मजबूत होकर कैटेगरी 3 का तूफान बन गया। यह तूफान हवाई के मुख्य द्वीपों और आबादी वाले इलाकों से दूर पश्चिम में बना हुआ है। मियामी स्थित राष्ट्रीय तूफान केंद्र के मुताबिक, नोलो की अधिकतम लगातार हवा की रफ्तार 115 मील प्रति घंटे यानी करीब 185 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। शाम तक तूफान लिसियांस्की द्वीप से करीब 200 मील यानी 320 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था और 20 मील प्रति घंटे यानी करीब 31 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा में बढ़ रहा था। चक्रवात नोलो के चलते अमेरिका के पापाहानाउमोकुआकेआ समुद्री राष्ट्रीय स्मारक क्षेत्र में चेतावनी जारी की गई है। यह बहुत बड़ा और दूर-दराज का संघीय संरक्षित क्षेत्र है, जिसमें द्वीप, एटोल, समुद्र के नीचे स्थित पहाड़, उथले समुद्री इलाके और प्रवाल भित्तियां शामिल हैं। चेतावनी मारो रीफ से लेकर लिसियांस्की द्वीप तक के इलाके के लिए जारी की गई है। राष्ट्रीय तूफान केंद्र ने बताया कि नोलो के कारण उठने वाली बड़ी समुद्री लहरें कुछ निचले इलाकों वाले एटोल में पानी भर सकती हैं। हालांकि, फिलहाल किसी भी आबादी वाले द्वीप के लिए खतरे का अनुमान नहीं जताया गया है। किन इलाकों में तूफान का असर राष्ट्रीय तूफान केंद्र के अनुसार नोलो के रविवार को अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा को पार करने की उम्मीद है। यह तूफान करीब एक सप्ताह पहले हवाई के पास से तूफान के रूप में गुजरा था। इसके बाद इसकी ताकत कुछ कम हो गई और यह उष्णकटिबंधीय तूफान में बदल गया। हालांकि, शुक्रवार को नोलो ने दोबारा तूफान की ताकत हासिल कर ली और शनिवार को श्रेणी 3 तक पहुंच गया। फिलहाल इसका असर हवाई के आबादी वाले द्वीपों पर पड़ने का अनुमान नहीं है। सावधानी बरतने की चेतावनी जारी इस बीच प्रशांत महासागर में एक और तूफान रेचल भी पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। कैटेगरी 1 का यह तूफान मैक्सिको के पश्चिमी तट से दूर जाने वाले रास्ते पर है। राष्ट्रीय तूफान केंद्र ने बताया कि पश्चिम-मध्य मैक्सिको के तट पर वीकेंड तक खतरनाक समुद्री लहरें उठ सकती हैं। कैलिफोर्निया प्रायद्वीप के लिए भी सोमवार तक ऊंची और खतरनाक लहरों का अनुमान है। अधिकारियों ने समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए तटीय इलाकों में सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।

पिता के नक्शेकदम पर बेटा! आर्यवीर सहवाग को दिल्ली U-19 की कप्तानी, 297 रन की पारी से मचा चुके हैं धमाल

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के लिए लंबे समय तक बल्ले से धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले वीरेंद्र सहवाग की कमी आज भी फैन्स खलती है. वीरेंद्र सहवाग पारी का आगाज ताबड़तोड़ अंदाज में करने के लिए जाने जाते रहे हैं. अब वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. 18 साल के युवा बल्लेबाज आर्यवीर को वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए दिल्ली अंडर-19 टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है. यह पहला मौका है जब आर्यवीर को किसी बड़ी टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने शनिवार को इस 16 सदस्यीय स्क्वाड का ऐलान किया है. वीनू मांकड़ ट्रॉफी का आयोजन इस बार विशाखापत्तनम में 8 अक्टूबर से होने जा रहा है. आर्यवीर के लिए पिछले कुछ महीने बेहद शानदार रहे हैं. हाल ही में उन्होंने राजकोट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई यूथ वनडे सीरीज में भारत अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व किया था. शानदार फॉर्म में हैं आर्यवीर इस सीरीज के पहले मैच में बारिश से बाधित मुकाबले में आर्यवीर ने 26 गेंदों पर 28 रन बनाए थे. इसके बाद दूसरे मैच में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 47 रनों की दमदार पारी खेली, हालांकि बदकिस्मती से वे महज 3 रन से अर्धशतक से चूक गए थे. तीसरे मैच में भी उन्होंने 34 रनों की उपयोगी पारी खेली थी. 297 रन जड़ किया था कमाल हाल ही में उन्होंने दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में वेस्ट दिल्ली लायंस के लिए भी हाथ आजमाए थे. इसके अलावा साल 2024 में कूच बिहार ट्रॉफी के दौरान मेघालय के खिलाफ उनके बल्ले से 297 रनों की ऐतिहासिक पारी भी निकल चुकी है, जिसने सभी का ध्यान खींचा था. दिल्ली अंडर-19 टीम का पूरा स्क्वाड आर्यवीर सहवाग (कप्तान), तन्मय चौधरी, अर्णव बुग्गा (उप-कप्तान), धन्या नकरा, उदय चावला, गर्व कुमार, अभिराज गगन सिंह (विकेटकीपर), तरुण सिंह (विकेटकीपर), आर्यन शर्मा, ओजसदीप सिंह, किरीत कौशिक, वरुण वंजानी, रुद्र देव यादव, प्रद्युमन सनन, पार्थ राज, शांतनु यादव.

118 पासपोर्ट और फर्जी दस्तावेज बरामद, खाड़ी देशों में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार

 पटना  गांधी मैदान थाने की पुलिस ने विदेश में नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं से मोटी रकम ऐंठने और फर्जी दस्तावेज के आधार खाड़ी देशों में भेजने वाले वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। एग्जीबिशन रोड स्थित चांदी व्यापार भवन की पांचवीं मंजिल पर वैशाली ट्रेवल्स कंसल्टेंसी सर्विस के नाम से चल रहे कार्यालय में छापेमारी के दौरान पुलिस को फर्जीवाड़े का पूरा नेटवर्क चलने के संकेत मिले। कार्यालय से बिहार, असम सहित अन्य राज्यों के अलग-अलग लोगों के नाम के 118 पासपोर्ट, विभिन्न संस्थाओं को फर्जी अनुभव सर्टिफिकेट, पैथाेलाजी जांच का बुकलेट, फर्जी इंटरव्यू लेटर दस्तावेज बरामद किए गए हैं। एग्जीबिशन रोड में वैशाली ट्रेवल्स कंसल्टेंसी पर छापामारी बरामद पासपोर्ट का सत्यापन कराया जा रहा है। मौके से गिरोह के तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें वैशाली के महनार निवासी तनवीर आलम, जहानाबाद के मकदुमपुर निवासी शाहिद अनवर और गर्दनीबाग निवासी तौसिफ आलम शामिल हैं। साथ ही कार्यालय से विभिन्न संस्थाओं के अनुभव प्रमाणपत्र, पैथोलाजी जांच पर्चियों की बुकलेट, फर्जी इंटरव्यू लेटर, तीन लैपटाप, एक सीपीयू, पांच मोबाइल और 1.44 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। साथ ही ओमान की सात रियाल, दुबई की 210 दिरहम और सऊदी अरब की 1000 रियाल विदेशी मुद्रा भी मिली है। गांधी मैदान थानाध्यक्ष ने बताया कि बरामद पासपोर्ट का सत्यापन कराया जा रहा है। इनके पास से कई फर्जी सर्टिफिकेट मिले हैं। छानबीन में पता चला कि यह गिरोह विदेश भेजने के नाम पर बिहार सहित दूसरे राज्यों के लोगों से मोटी रकम लेकर फर्जीवाड़ा कर रहा था। गिरोह में कई लोगों की संलिप्तता सामने आ रही है। दस्तावेजों का खेल कर अलग से वसूलते थे रकम प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह विदेश में नौकरी की तलाश करने वाले लोगों को अपने जाल में फंसाता था। उन्हें विदेश में नौकरी, बेहतर वेतन और जल्द वीजा दिलाने का भरोसा दिया जाता था। गिरोह के सदस्य खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर प्रत्येक व्यक्ति से दो से तीन लाख रुपये लेते थे। पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज तैयार कराने के नाम पर अलग से रुपये वसूल रहे थे। छानबीन में चार सौ से अधिक लोगों को विदेश भेजने की बात सामने आ रही है। अनुभव की जरूरत पड़ने पर फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र तैयार किए जाते थे। कार्यालय से पैथालाजी जांच के बुकलेट मिलने से आशंका है कि अभ्यर्थियों की मेडिकल प्रक्रिया से जुड़े कागजात भी फर्जी तरीके से तैयार किए जाते थे। इसके बाद फर्जी इंटरव्यू लेटर के जरिए अभ्यर्थियों को यह भरोसा दिलाया जाता था कि विदेश में नौकरी की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। ऐसे जुड़ी थी गिरोह की कड़ियां पुलिस अब गिरोह की पूरी चेन खंगाल रही है। यह भी पता किया जा रहा है कि अभ्यर्थियों को गिरोह तक कौन पहुंचाता था, पासपोर्ट कौन जमा करता था, फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र और मेडिकल दस्तावेज कौन तैयार करता था और विदेश में नौकरी या वीजा के नाम पर रकम लेने के बाद पैसा किन लोगों तक पहुंचता था? बरामद तीन लैपटाप और पांच मोबाइल पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हो सकते हैं। इनके जरिए अभ्यर्थियों की सूची, रकम के लेन-देन, एजेंटों से बातचीत और गिरोह के दूसरे सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। बरामद लैपटाप और सीपीयू की जांच से भी यह जानकारी मिलने की उम्मीद है कि कितने लोगों से नौकरी के नाम पर रकम ली गई थी और कितने लोगों को विदेश भेजने की प्रक्रिया के नाम पर फर्जी दस्तावेज दिए गए।  

शेयर बाजार में गिरावट के बीच FD बनी सहारा, स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहे 8.25% तक ब्याज

नई दिल्ली शेयर बाजार की स्थिति इस समय खस्ता हाल है। वहीं, गोल्ड मार्केट में भी उठा-पटक देखने को मिल रहा है। बीते सप्ताह सोने का रेट 150000 रुपये के नीचे आ गया था। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि कहां इनवेस्टमेंट करना बेहतर रहेगा। मौजूदा परिस्थितियों में एफडी एक बेहतर विकल्प हो सकता है। जहां रिटर्न की पूरी गारंटी है। एक स्मॉल फाइनेंस बैंक है जो एफडी पर 8.25 प्रतिशत तक का रिटर्न दे रहा है। स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी रेट्स सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक की तरफ से 5 साल की एफडी पर 8.25 प्रतिशत का ब्याज दिया जा रहा है। वहीं, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक ने 8.10 प्रतिशत ब्याज 666 दिन की एफडी पर ऑफर किया जा रहा है। इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक 3 साल 1 दिन और ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक 800 दिन की एफडी पर 8 प्रतिशत का ब्याज दे रहा है। प्राइवेट बैंकों में कितना मिल रहा रिटर्न एसबीएम बैंक इंडिया 18 महीने से अधिक और 2 साल से कम की एफडी पर 7.65 प्रतिशत का ब्याज दे रहा है। डीसीबी बैंक की तरफ से 24 महीने से 25 महीने से कम की एफडी पर 7.50 प्रतिशत ब्याज ऑफर कर रहा है। दिग्गज बैंक एचडीएफसी की बात करें तो 3 साल 1 दिन से 4 साल 7 महीने से कम की एफडी पर 6.50 प्रतिशत का ब्याज दे रहा है। आईसीआईसीआई बैंक 3 साल 1 दिन से 10 साल की एफडी पर 6.50 प्रतिशत ब्याज दे रहा है। एक्सिस बैंक की तरफ से भी अधिकतम 6.50 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। बैंक 3 साल की एफडी पर इतना ब्याज दे रहा है। सरकारी बैंकों का क्या है हाल बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से 999 दिन की एफडी पर 6.85 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। पंजाब एंड सिंड बैंक की तरफ से 666 दिन की फिक्सड डिपॉजिट पर 6.85 प्रतिशत और बैंक ऑफ बड़ौदा की तरफ से 555 दिन की फिक्सड डिपॉजिट पर 6.75 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 444 दिन की फिक्सड डिपॉजिट पर 6.45 प्रतिशत और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 555 दिन की एफडी 6.55 प्रतिशत तक ब्याज दे रहा है