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यूरोपियन टूरिस्ट्स के लिए जैसलमेर बना पसंदीदा डेस्टिनेशन, होटल और कारोबारियों में उम्मीद

 जैसलमेर रेगिस्तान की भीषण गर्मी के बीच जैसलमेर एक बार फिर विदेशी पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है. इस ऑफ-सीजन रहने में भी शहर यूरोपियन पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है. 15 जुलाई से पर्यटकों की आवाजाही शुरू होने की संभावना है. यूरोप में समर वेकेशन के चलते फ्रांस, इटली, स्पेन और जर्मनी समेत कई देशों से बड़ी संख्या में लॉन्ग-स्टे टूरिस्ट जैसलमेर पहुंचेंगे. इसे देखते हुए होटल, रिसॉर्ट, ट्रैवल एजेंसियां और टूर ऑपरेटर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं. भीड़भाड़ के बचने के लिए इन महीनों में आते हैं पर्यटक पर्यटन व्यवसायियों के अनुसार, यूरोपीय पर्यटक भीड़भाड़ वाले पीक सीजन के बजाय जुलाई-अगस्त में जैसलमेर आना पसंद करते हैं. वे यहां की संस्कृति, लोकजीवन, विरासत और रेगिस्तानी परिवेश को करीब से समझने के लिए लंबे समय तक ठहरते हैं. इससे होटल उद्योग के साथ टैक्सी संचालकों, गाइड, हस्तशिल्प कारोबारियों और लोक कलाकारों को भी अच्छा रोजगार मिलता है. टूरिज्म सेक्टर से जुड़े जितेंद्र कुमार होटल कारोबारी जितेंद्र कुमार बिस्सा ने बताया कि जैसलमेर में पर्यटन सीजन की शुरुआत जुलाई से मानी जाती है. 15 जुलाई के बाद यूरोप से पर्यटकों का आगमन बढ़ जाता है और जुलाई से सितंबर तक का समय पर्यटन के लिए काफी महत्वपूर्ण रहता है. उन्होंने कहा कि वैश्विक हालात सामान्य होने से इस बार पर्यटन कारोबार के बेहतर रहने की उम्मीद है. 'स्लो टूरिज्म' पसंद करते हैं यूरोपीय पर्यटक वहीं, फ्रेंच भाषी पर्यटन व्यवसायी कौशल के मुताबिक, शुरुआती दौर में अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण बुकिंग को लेकर चिंता थी. अब यूरोप से लगातार बुकिंग मिल रही है. यूरोपीय पर्यटक 'स्लो टूरिज्म' को प्राथमिकता देते हैं और जैसलमेर की विरासत व संस्कृति को आराम से अनुभव करना चाहते हैं. टूरिज्म सेक्टर से जुड़े नरेंद्र छंगानी बताते हैं कि इस सीजन में होटलों के किराए अपेक्षाकृत कम रहते हैं. इससे पर्यटक लंबे समय तक रुकते हैं. सितंबर के बाद होटल दरें बढ़ने से पहले उन्हें बेहतर सुविधाएं और विशेष डिस्काउंट का लाभ मिलता है. यूरोप में गर्मियों की छुट्टियां होने के चलते पर्यटक जैसलमेर पहुंचेंगे. ऑफ-सीजन में टूरिज्म से जगी उम्मीद पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को बड़ी उम्मीद है. उनका मानना है कि अगर हर साल की तरह इस बार भी यूरोपियन पर्यटकों का सिलसिला शुरू होता है तो ऑफ-सीजन में भी जैसलमेर का पर्यटन उद्योग गुलजार रहेगा. भीषण गर्मी के बावजूद स्वर्णनगरी की गलियां एक बार फिर विदेशी मेहमानों की चहल-पहल से आबाद नजर आएंगी.

न्यू बिलिंग सिस्टम लागू होने से डिजिटल बिजली सेवाओं पर अस्थायी रोक, उपभोक्ताओं को राहत भी मिली

 पटना बिहार के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा विभाग की ओर से एक बेहद जरूरी सूचना जारी की गई है। अगर आप भी अपने घर या दुकान का बिजली बिल ऑनलाइन जमा करते हैं या स्मार्ट मीटर रिचार्ज करने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। प्राप्त आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, पूरे राज्य में बिजली उपभोक्ताओं को आज रात से अगले 24 घंटे तक किसी भी प्रकार की ऑनलाइन डिजिटल सेवाएं नहीं मिल सकेंगी। बिजली कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को भविष्य में अधिक सुरक्षित, सुगम और आधुनिक डिजिटल सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक न्यू बिलिंग सिस्टम को लागू किया जा रहा है। इसी तकनीकी अपग्रेडेशन और मेंटेनेंस कार्य के चलते बिजली से जुड़ी तमाम डिजिटल सुविधाओं को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया गया है। शनिवार की रात 8 बजे से 28 जून की रात 8 बजे तक बंद रहेगा पूरा पोर्टल इस तकनीकी बदलाव के कारण राज्य के उत्तर और दक्षिण दोनों बिजली डिस्कॉम के उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। इस वजह से शनिवार की रात 8 बजे से लेकर अगले दिन यानी 28 जून की रात 8 बजे तक बिजली उपभोक्ताओं से संबंधित सभी ऑनलाइन सेवाएं पूरी तरह और अस्थायी रूप से बंद कर दी जाएंगी। इस 24 घंटे की अवधि के दौरान उपभोक्ता न तो आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपना नया बिल देख पाएंगे और न ही पुराने बकाए बिल का भुगतान डिजिटल माध्यम से कर सकेंगे। इसके साथ ही नए कनेक्शन के आवेदन या लोड बढ़ाने जैसे ऑनलाइन काम भी इस दौरान पूरी तरह से रुके रहेंगे। रीचार्ज खत्म होने पर भी नहीं कटेगी बत्ती हालांकि, इस तकनीकी शटडाउन के बीच ऊर्जा विभाग ने राज्य के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को एक बहुतबड़ी राहत दी है, जिससे आम जनता को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस मेंटेनेंस अवधि के दौरान यदि किसी स्मार्ट मीटर उपभोक्ता का बैलेंस खत्म हो जाता है और रिचार्ज नहीं हो पाता है, तो भी उस स्थिति में उनके घर या प्रतिष्ठान की बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी। यानी बैलेंस शून्य या माइनस में जाने के बावजूद उपभोक्ताओं की बत्ती गुल नहीं होगी। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस अवधि में धैर्य बनाए रखें, क्योंकि रविवार रात 8 बजे के बाद नई बिलिंग प्रणाली शुरू होते ही सभी सेवाएं पहले से अधिक तेज और बेहतर तरीके से काम करने लगेंगी।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सब्सिडी से बढ़ा उत्साह, नए एक्सपोर्टर्स को मौका

 नोएडा ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में आयोजित होने वाले चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2026) में हिस्सा लेने के इच्छुक यूपी के नए निर्यातकों के लिए राहत भरी खबर है। एक अप्रैल 2022 के बाद कारोबार शुरू करने वाले निर्यातकों को प्रदेश सरकार विशेष सब्सिडी के तहत बेहद रियायती दर पर स्टॉल उपलब्ध कराएगी। इसके तहत उन्हें नौ वर्गमीटर का स्टाल एक लाख रुपए से भी अधिक कीमत के बजाय सिर्फ 17 हजार रुपये में मिलेगा। उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के बाद नए निर्यातकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस व्यवस्था से मुरादाबाद के करीब ढाई सौ नए निर्यातकों को लाभ मिल सकेगा। मुरादाबाद से कई देशों को मेटल के हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का एक्सपोर्ट कर रहे निर्यातक मो.नाजिम का कहना है कि नए निर्यातकों को सब्सिडाइज्ड दर पर मात्र 17 हजार रुपये के स्टाल हाल संख्या 14 में उपलब्ध होना उत्साहजनक है। एक निर्यातक अधिकतम दो स्टाल प्राप्त कर सकेगा। इस प्रावधान ने कारोबार को लेकर नए निर्यातकों का हौसला फलक पर पहुंचा दिया है। हाल संख्या 15 में नियमित श्रेणी के निर्यातकों को स्टाल लगाने का मौका मिलेगा, उन्हें सीधे तौर पर सब्सिडी देय नहीं होगी। उन्हें साढ़े सात हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से स्टाल मिल सकेगा। इसे लेकर उद्योग के संयुक्त आयुक्त योगेश कुमार ने बताया कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो हर साल सफलता की नई ऊंचाइयां छू रहा है। नए निर्यातकों को काफी कम कीमत पर स्टाल की उपलब्धता से अपने कारोबार को काफी आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। नए निर्यातकों को आगे बढ़ने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा सुनहरा मौका दिया गया है। स्टालों की उपलब्धता होने पर ही एक निर्यातक को दो स्टाल मिल सकेंगे। तीसरे शो ने हजार करोड़ से अधिक का कारोबार दिया पिछले वर्ष प्रदेश सरकार के तत्वावधान में ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का तीसरा संस्करण आयोजित हुआ था, जिसमें मुरादाबाद के प्रतिभागियों को हाथोंहाथ छह सौ करोड़ से अधिक का कारोबार मिला था। कई निर्यातकों को विदेशी खरीदारों की तरफ से बिजनेस ऑर्डर मिले जिसके चलते मेले की वजह से कारोबार एक हजार करोड़ के पार पहुंच गया। संयुक्त निदेशक उद्योग योगेश कुमार ने बताया कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कारोबार की संभावनाएं जितनी तेजी से बढ़ी हैं उन्हें देखते हुए इस बार निर्यातकों में प्रतिभाग के लिए काफी ज्यादा मारामारी देखने को मिल सकती है। भाग लेने के इच्छुक निर्यातकों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है।

खान सर मामले में नई केस डायरी दाखिल, अदालत ने बहस के लिए दी तारीख

पटना बिहार के हाई-प्रोफाइल मामलों में से एक, खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर और उनके सहकर्मियों से जुड़ी एक बड़ी खबर पटना सिविल कोर्ट से सामने आई है। शनिवार को अदालत में इस मामले को लेकर बेहद सरगर्मी तेज रही। कोर्ट के पिछले आदेश का पालन करते हुए कदमकुआं थाना पुलिस और जांच अधिकारी ने आखिरकार मामले की पूरी तरह से 'अपडेटेड केस डायरी' अदालत के समक्ष सबमिट कर दी है। पुलिस द्वारा नई डायरी पेश किए जाने के बाद अदालत ने इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका पर अंतिम बहस और अगली सुनवाई के लिए 30 जून मंगलवार की तारीख दी है। अदालत ने केस डायरी का लिया संज्ञान शनिवार को हुई इस विशेष अदालती कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों के बीच कानूनी दांव-पेंच देखने को मिले। रौशन आनंद के वकील सत्यम झा ने कोर्ट परिसर में मीडिया से बात करते हुए बताया कि पुलिस द्वारा पहले जमा की गई डायरी अधूरी थी, जो सिर्फ 19 तारीख तक की ही थी। आज पुलिस ने जब नई अपडेटेड डायरी कोर्ट में पेश की, तो उसे रिकॉर्ड पर ले लिया गया। इसके तुरंत बाद रौशन आनंद के पक्ष के वकीलों ने इस नई और विस्तृत डायरी का गहराई से अध्ययन करने के लिए अदालत से कुछ समय की मांग की। अदालत ने इस व्यावहारिक मांग को स्वीकार करते हुए दोनों पक्षों को डायरी के नए पन्नों को पढ़ने और समझने के लिए तीन दिन का पर्याप्त समय दे दिया है। खान सर को 30 जून तक मिली बड़ी राहत इस सुनवाई के दौरान अदालत ने फैजल खान की गिरफ्तारी पर लगी रोक की अंतरिम सुरक्षा को आगामी 30 जून तक के लिए बरकरार रखा है। खान सर के वरिष्ठ वकील अरविंद कुमार महुआ ने स्पष्ट किया कि कोर्ट में खान सर के साथ-साथ उनके स्टाफ और कलीग्स की एंटिसिपेटरी और रेगुलर बेल दोनों याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। चूंकि शनिवार की सुबह ही पुलिस ने अपडेटेड डायरी सौंपी है, इसलिए अब मंगलवार को इस मामले पर कोर्ट में आमने-सामने बहस होगी।

पाकिस्तान को मेजबानी का फायदा, खराब प्रदर्शन के बावजूद वर्ल्ड कप 2028 में एंट्री पक्की

नई दिल्ली महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 की धूम के बीच अगले संस्करण को लेकर भी बड़ा अपडेट आ गया है। बीते शुक्रवार यानि 26 जून को श्रीलंका बनाम स्कॉटलैंड मुकाबले के बाद उन 9 टीमों के नाम सामने आ गए हैं जिन्होंने साल 2028 में होने वाले टूर्नामेंट में सीधे एंट्री कर ली है। इसमें भारत और पाकिस्तान का नाम भी शामिल है। बता दें कि पाक टीम को मेजबान होने की वजह से महिला टी20 वर्ल्ड कप 2028 में सीधे जगह मिली है। पाकिस्तान को मिला मेजबान होने का फायदा पाकिस्तान का महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। 4 मैच खेलने के बावजूद उनके खाते में एक भी जीत नहीं आई है। महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कुल 12 टीमों ने हिस्सा लिया है। जिन्हें 6-6 के ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप की टॉप-4 टीमों के लिए अगले संस्करण के दरवाजे खुलने हैं। पाकिस्तान फिलहाल अपने ग्रुप में 5वें स्थान की टीम है। लेकिन मेजबान होने के चलते उनकी सीट पक्की है। इन 8 टीमों को मिली जगह ग्रुप-ए में से भारत, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, और दक्षिण अफ्रीका ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में प्रदर्शन के आधार पर अपनी जगह बनाई है। जबकि ग्रुप-बी से इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और श्रीलंका टॉप-4 में पहुंची हैं। 10वीं टीम का फैसला 6 जुलाई तक आईसीसी की रैंकिंग का आधार पर किया जाएगा। आयरलैंड फिलहाल इस रेस में सबसे आगे मानी जा सकती है। 201 रेटिंग पॉइंट्स के साथ यह टीम 9वें पायदान पर काबिज है। स्कॉटलैंड ने गंवाया मौका श्रीलंका को मात देकर स्कॉटलैंड के पास महिला टी20 वर्ल्ड कप 2028 में सीधे क्वालीफाई करने का सुनहरा मौका था। जिसको उन्होंने अपनी गलती से गंवा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कॉटलैंड ने 152 रन का लक्ष्य दिया था। जिसका पीछा करते हुए लंकाई टीम ने 118 के स्कोर पर 6 विकेट गंवा दिए थे। इस मौके पर स्कॉटलैंड की जीत तय मानी जा रही थी। लेकिन फिर आखिरी 3 ओवर में खेल का पासा पलटा। श्रीलंका ने धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए 1 गेंद और 3 विकेट शेष रहते जीत अपने नाम कर ली।  

दोबारा घर बसाने का सपना पड़ा महंगा, सागर में शादी के 3 दिन बाद दुल्हन नकदी-जेवर लेकर गायब

सागर/ जैसीनगर  जैसीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम महुआखेड़ा पेगवार में शादी के तीसरे ही दिन दुल्हन घर से 30 हजार रुपये नकद व जेवर लेकर भाग गई। पीड़ित की शिकायत पर जैसीनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार महुआखेड़ा पेगवार निवासी 36 वर्षीय नोनीराम पटेल ने बताया कि पत्नी के निधन के बाद वह दोबारा विवाह करना चाहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कंदेला निवासी रामनारायण दुबे से हुई, जिसने छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी निवासी रुक्मणी चतुर्वेदी से विवाह कराने का भरोसा दिलाया। महिला को विधवा बताकर की ठगी पुलिस के अनुसार पीड़ित को बताया गया कि रुक्मणी के पति की भी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो चुकी है। रिश्ता तय कराने के एवज में रामनारायण दुबे को एक लाख 20 हजार रुपये दिए गए। नोनीराम के अनुसार ने बताया कि 19 जून को सागर में दोनों की कोर्ट मैरिज और अगले दिन मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ। विवाह के दौरान रुक्मणी के साथ ओडिशा निवासी अरविंद विभार भी मौजूद था, जिसे उसने अपना जीजा बताया था। सुबह नींद खुली तो महिला फरार हो चुकी थी नोनीराम ने बताया कि 21 जून की रात रुक्मणी घर की अलमारी से 30 हजार रुपये नकद, करीब आधा किलो चांदी की करधोनी, लगभग 250 ग्राम चांदी की पायल और एक मंगलसूत्र लेकर फरार हो गई। सुबह परिवार की नींद खुली तो वह घर में नहीं मिली। तलाश के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि देर रात एक कार गांव में आई थी और उसमें सवार युवक घर का पता पूछ रहा था। फोटो दिखाने पर ग्रामीणों ने उसकी पहचान शादी में आए अरविंद विभार के रूप में की। बिचौलिए से की जा रही पूछताछ पीड़ित ने जैसीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शुक्रवार को वह दोबारा थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने बताया कि मामले में रिश्ता तय कराने वाले कंदेला निवासी रामनारायण दुबे से पूछताछ की जा रही है। वहीं फरार महिला और उसके सहयोगी की तलाश जारी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।  

प्रियदर्शन की फिल्म ‘हैवान’ का ऐलान, अक्षय कुमार–सैफ अली खान की जोड़ी 11 सितंबर 2026 को मचाएगी धमाल

प्रियदर्शन की अपकमिंग क्राइम थ्रिलर फिल्म हैवाल की रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। फिल्म के लिए फैंस को 11 सितंबर, 2026 तक का इंतजार करना होगा। हैवान में एक बार फिर अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी दमदार वापसी करेगी। फिल्म को लेकर फैंस काफी उत्साहित हैं। फिल्म के प्रोडक्शन हाउस ने अपने इंस्टाग्राम पर फिल्म का एक पोस्टर शेयर करते हुए रिलीज डेट का ऐलान किया है। कब रिलीज होगी अक्षय कुमार की हैवान? केवीएन प्रोडक्शन ने हैवान को प्रोड्यूस किया है। जो पोस्टर शेयर किया गया है उसपर लिखा है- सिनेमाघरों में 11 सितंबर, 2026 को। 60 ब्लॉकबस्टर्स , एक मास्टर स्टोरीटेलर। फिल्म बाय प्रियदर्शन- हैवान। हैवान पोस्टर पर बड़े-बड़े लाल रंग के अक्षरों से लिखा गया है। हैवान की रिलीज डेट के ऐलान पर क्या बोले सोशल मीडिया यूजर्स इस पोस्टर के साथ कैप्शन लिखा गया है – एक ऑब्सेशन। एक अटूट लगन। एक ऐसी तारीख जो आप याद रखना चाहेंगे। हैवान- प्रियदर्शन की फिल्म जिसमें सैफ अली खान और अक्षय कुमार नजर आएंगे। सिनेमाघरों में 11 सितंबर, 2026 को। अपने कैलेंडर में तारीख मार्क कर लीजिए। इस पोस्टर पर तमाम लोगों के कमेंट्स आए हैं। एक ने लिखा- खिलाड़ी कुमार। अब इंतजार नहीं होता। एक ने लिखा- ये फिल्म अच्छी होगी। एक ने लिखा जेलर 2 से होगी क्लैश। बहुत सारे यूजर्स ने पोस्ट पर हार्ट और फायर इमोजी बनाकर रिएक्ट किया है। नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी सैफ अली खान की कर्तव्य सैफ अली खान की बात करें तो हाल ही में उनकी फिल्म कर्तव्य नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है। सैफ अली खान की कर्तव्य एक क्राइम थ्रिलर फिल्म है। इस फिल्म में जर्नलिस्ट सौरभ द्विवेदी विलेन के रोल में नजर आए हैं। सैफ अली खान ये क्राइम थ्रिलर लोगों पर अपना कमाल दिखा पाने से चूक गई है। अक्षय कुमार की वेलकम टू द जंगल का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अक्षय कुमार की बात करें तो उनकी फिल्म वेलकम बैक टू द जंगल 26 जून को ही सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। वेलकम बैक टू जंगल एक मल्टी-स्टारर फिल्म है। फिल्म लोगों को पसंद भी आ रही है। सोशल मीडिया पर फिल्म को पॉजिटिव रिव्यूज मिले हैं। बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म का असर देखने को मिला है। sacnilk.com के मुताबिक, अक्षय कुमार की फिल्म ने अब तक (27 जून, दोपहर 2 बजे) 22.48 करोड़ की कमाई कर ली है। अक्षय कुमार की वेलकम बैक टू द जंगल अहमद खान ने डायरेक्ट की है।

अब ऑफलाइन नहीं होगी रजिस्ट्री: बिहार सरकार की नई डिजिटल व्यवस्था से मिलेगी बड़ी राहत

पटना  बिहार में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया जल्‍द ही पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। राज्य सरकार ने 15 जुलाई से सभी जिला निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद आवेदन से लेकर दस्तावेजों की जांच, सत्यापन और रजिस्ट्री पूरी होने के बाद डीड उपलब्ध कराने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही होगी जानकारी के अनुसार, 15 जुलाई के बाद रजिस्ट्री के लिए किसी भी प्रकार के ऑफलाइन दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सबकुछ हो जाएगा ऑनलाइन आवेदकों को सभी आवश्यक प्रमाणपत्र और दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। दस्तावेजों का सत्यापन भी डिजिटल माध्यम से किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और पारदर्शी होगी। नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री पूरी होने के बाद आवेदकों को डीड की हार्ड कॉपी के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे उन्‍हें राहत मिलेगी। विभाग की ओर से पंजीकृत डीड का पीडीएफ लिंक सीधे आवेदक के मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसे कभी भी डाउनलोड कर सुरक्षित रखा जा सकेगा। सभी निबंधन कार्यालयों में ट्रायल हुआ पूरा विभाग ने राज्य के सभी जिला निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस सिस्टम का ट्रायल पूरा कर लिया है। ट्रायल सफल रहने के बाद अब इसे पूरे बिहार में लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। बताया जाता है कि नई व्यवस्था से रजिस्ट्री प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और रिकॉर्ड के रखरखाव में भी आसानी होगी। पेपरलेस सिस्टम लागू होने के बाद लोगों को दस्तावेजों की फोटो कॉपी बार-बार जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे उन्‍हें काफी सहुलियत होगी। ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल रिकॉर्ड के कारण भविष्य में दस्तावेजों की खोज, सत्यापन और रिकॉर्ड प्रबंधन भी अधिक आसान हो जाएगा। साथ ही कागजी कार्रवाई कम होने से पारदर्शिता बढ़ने और अनावश्यक विलंब में कमी आने की उम्मीद है। राज्य सरकार इसे ई-गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है।    

15 जिलों में छापेमारी कर पुलिस ने भारी मात्रा में ड्रग्स और नकदी बरामद की

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में दिल्ली पुलिस को ऑपरेशन कवच 14.0 के तहत नशे का व्यापार करने वालों को शिकंजा कसने में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 48 घंटे चले इस अभियान में ऑपरेशन कवच 14.0 के तहत शहर भर में ड्रग्स और अन्य अपराधों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई की। पुलिस की 15 जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी दिल्ली पुलिस के अनुसार सभी 15 जिलों में पुलिस की 1,474 टीमों ने राजधानी में ताबड़तोड़ छापेमारी कर 255 लोगों को गिरफ्तार किया और 212 मामले दर्ज किए। पुलिस ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए, जिसमें 237.46 किलोग्राम गांजा, 5.18 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक कैनबिस, 1.1 किलोग्राम हेरोइन, कोकीन, एमडीएमए (MDMA) और चरस शामिल हैं। आरोपियों से 23 लाख से ज्यादा रकम बरामद पुलिस ने आगे बताया कि साथ ही ड्रग्स के कारोबार से कमाई गई 23.27 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी भी बरामद की गई। कश्मीरी गेट और नरेला जैसे इलाकों से कई शातिर तस्करों को भारी मात्रा में हेरोइन और कोकीन के साथ दबोचा गया। ड्रग्स के अलावा पुलिस ने अवैध शराब और हथियारों के सिंडिकेट पर भी तगड़ा एक्शन लिया। इन अपराधियों पर भी पुलिस का एक्शन इलके अलावा पुलिस ने दिल्ली एक्साइज एक्ट के तहत 398 मामले दर्ज कर 405 लोगों को पकड़ा और 53,448 क्वार्टर अवैध शराब बरामद की गई। वहीं, आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 329 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 6 पिस्तौल, 90 देसी हथियार, 147 जिंदा कारतूस और 242 चाकू जब्त किए। जुए के खिलाफ की गई कार्रवाई में भी 600 लोग पुलिस की गिरफ्त में आए और 7.16 लाख रुपये कैश बरामद हुआ। करोड़ों के गहने लेकर गायब हुए बंदर!, यूपी के लखीमपुर का ये मामला सुनकर माथा घुम जाएगा पुलिस से बचने के लिए दूसरे राज्य भाग रहे ड्रग सप्लायर अधिकारियों के अनुसार, इस महा-ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में सक्रिय अपराधियों पर नकेल कसना और ड्रग्स की सप्लाई चेन को पूरी तरह से ध्वस्त करना था। इस कार्रवाई का असर यह हुआ है कि दिल्ली के कई बड़े ड्रग तस्कर भूमिगत हो गए हैं और वे अपना स्टॉक लेकर नोएडा जैसे पड़ोसी इलाकों में भागने को मजबूर हुए हैं।  

गोयल स्वीट्स गोलीकांड के मुख्य आरोपी से घटनास्थल पर ले जाकर सीआइए ने कराई निशानदेही

नारायणगढ़  करीब 13 महीने पहले गोयल स्वीट्स पर दिनदहाड़े हुई फायरिंग से दहशत फैलाने वाले मामले में शुक्रवार को एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। जिस बाजार में 24 मई 2025 को गोलियां चलवाई थीं, उसी बाजार की गलियां बरसवाने वाले मुख्य आरोपित वेंकट गर्ग को पुलिस ने हथकड़ी पहनाकर घुमाया। सीआइए टीम ने उसे मौके पर ले जाकर घटनास्थल और उससे जुड़े स्थानों की निशानदेही कराई। चार दिन के पुलिस रिमांड पर चल रहे वेंकट गर्ग से सीआइए लगातार पूछताछ कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस उसे नारायणगढ़ के मुख्य बाजार में लेकर पहुंची, जहां लोगों की नजरें उस पर टिक गईं। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल से जुड़े कई बिंदुओं पर उससे पूछताछ की और वारदात के घटनाक्रम को दोबारा समझा। वेंकट गर्ग के खिलाफ अंबाला और यमुनानगर सहित विभिन्न जिलों में 28 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इससे पहले उसे स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 12 दिन के रिमांड पर लेकर गुरुग्राम में सामने आए फर्जी वीजा प्रकरण में पूछताछ की थी। अभी आरोपित की और बढ़ेंगी मुश्किलें अब सीआइए की पूछताछ पूरी होने के बाद वेंकट गर्ग की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। नारायणगढ़ थाना पुलिस उसे हरबिलास हत्याकांड में प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करेगी। इसके बाद अदालत से रिमांड लेकर उससे इस चर्चित हत्या मामले में भी पूछताछ की जाएगी। गौरतलब है कि 24 मई 2025 को नारायणगढ़ के व्यस्त बाजार स्थित गोयल स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट पर दिनदहाड़े बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। उस घटना ने पूरे क्षेत्र के व्यापारियों में दहशत फैला दी थी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए थे। क्या था पूरा मामला? बस अड्डे के नजदीक गोयल स्वीट्स रेस्टोरेंट पर शनिवार 24 मई 2025 को दिनदहाड़े बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। एक के बाद एक कुल सात गोलियां बदमाशों ने दागी थी। गोलियां चलने की आवाज सुनकर गोयल स्वीट्स के मालिक के लिए तैनात किया गया गनमैन मौके पर पहुंचा और पैदल भाग रहे बदमाशों का कुछ देर पीछा भी किया लेकिन इसी बीच बाइक पर सवार होकर आया तीसरा बदमाशों दोनों शूटरों को लेकर फरार हो गया था। गोयल रेस्टोरेंट पर प्रदीप गोयल उस दिन बाहर बैठकर अखबार पढ़ रहे थे। इसी दौरान वह अंदर चले गए। जैसे ही वह रेस्टोरेंट के अंदर गए सुबह करीब आठ बजे पैदल-पैदल दो बदमाश आए जिन्होंने रेस्टोरेंट पर गोलियां दाग दी। गोलियां शीशे को भी लगी जिससे रेस्टोरेंट का शीशा टूट गया था। फैला दी थी आरोपित ने दहशत 24 जनवरी 2025 को हरबिलास हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपित बदमाश वेंकट गर्ग ने कई कारोबारियों को फोन कर धमकी देते हुए चौथ मांगी थी। 24 जनवरी से 24 मई तक नारायणगढ़ में यह छठा गोलीकांड था। इस गोलीकांड के बाद आरोपितों ने दूसरे कारोबारियों को भी धमकी भरे काल करवाए थे।