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कोयला चोरी पर CISF का बड़ा एक्शन, झारखंड में छापेमारी के साथ 2 पूर्व अधिकारियों पर भ्रष्टाचार की FIR

रांची झारखंड के कोयला क्षेत्रों में सितंबर माह में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने सुरक्षा और कार्रवाई दोनों मोर्चों पर सक्रियता दिखाई। एक ओर जहां अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ बड़े पैमाने पर छापेमारी और जब्ती हुई, वहीं दूसरी ओर बीसीसीएल धनबाद यूनिट में कथित भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई ने दो पूर्व अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। सीबीआई की एंटी-करप्शन ब्रांच धनबाद ने बीसीसीएल कोयला नगर स्थित सीआईएसएफ यूनिट में वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप में तत्कालीन उप कमांडेंट ओम कुमार तनवर और तत्कालीन इंस्पेक्टर (एग्जीक्यूटिव) राज लक्ष्मी वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। मामला सीआईएसएफ मुख्यालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी जोस मोहन की शिकायत पर आधारित है। शिकायत में दस्तावेज और तीन ऑडियो क्लिप वाले पेन ड्राइव का जिक्र है, जिनमें कथित तौर पर अवैध लेन-देन की बातें दर्ज हैं। दोनों अधिकारियों को मार्च 2026 में आंतरिक जांच के बाद निलंबित कर दिया गया था। वे फिलहाल अन्य इकाइयों में पदस्थ हैं। जांच में सीआईएसएफ के दो दर्जन से अधिक अधिकारी-जवान रडार पर बताए जा रहे हैं। इससे पहले जांच प्रभावित न हो, इसके लिए कई संदिग्ध कर्मियों का तबादला भी किया जा चुका था। कोयला चोरी के खिलाफ अभियान सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन ने 16 से 18 सितंबर के दौरान झारखंड और पश्चिम बंगाल के कोयला क्षेत्रों का तीन दिवसीय दौरा किया। उन्होंने बीसीसीएल धनबाद और बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में बीसीसीएल और स्थानीय प्रशासन के साथ ‘जीरो कोल लीकेज’ नीति को प्रभावी बनाने का रोडमैप तैयार किया गया। इस दौरान कोयला और इस्पात क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत करने के लिए 500 अतिरिक्त सीआईएसएफ जवान तैनात करने की योजना बनाई गई। ड्रोन निगरानी और जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया गया। सीसीएल के संवेदनशील मगध और आम्रपाली खदानों की सुरक्षा भी सीआईएसएफ को सौंपी गई। इसके लिए डीआईजी सहित कुल 1,676 पद सृजित किए गए हैं। बड़ी जब्ती और छापे     फुलबसिया साइडिंग के पास करीब 250 टन अवैध कोयला जब्त।       बेनीडीह (बीसीसीएल ब्लॉक-2) में 70 टन कोयला बरामद।       धमधमिया जंगल और अन्य क्षेत्रों से भी टन भर कोयला तथा खनन उपकरण जब्त।       दर्जनों वाहनों की जांच, अवैध खनन मुहानों की भराई और एमएमडीआर एक्ट के तहत कार्रवाई जारी। झारखंड-पश्चिम बंगाल कोयला बेल्ट में लगभग 12,000 सीआईएसएफ कर्मी तैनात हैं, जो माफिया के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं।सीआईएसएफ अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा के लिए निगरानी और संयुक्त कार्रवाई आगे भी तेज रहेगी।  

अब आसमान से होगी अपराधियों और ट्रैफिक पर नजर, बिहार पुलिस खरीदेगी 50 अत्याधुनिक ड्रोन

 पटना बिहार पुलिस विधि-व्यवस्था एवं अपराधियों के साथ प्रमुख शहरों में यातायात की आसमान से निगरानी करेगी। इसके लिए उच्च क्षमता वाले 50 ड्रोन खरीदे जाएंगे। गृह विभाग की आरक्षी शाखा ने इसकी स्वीकृति दे दी है। इसके लिए 24 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च होंगे। विभागीय जानकारी के अनुसार, विधि-व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए 45 लाख की कीमत वाले 40 ड्रोन खरीदे जाएंगे। इनका इस्तेमाल बिहार पुलिस की ड्रोन यूनिट करेगी। विरोध-प्रदर्शन, मेले पर भी रहेगी नजर राज्य में निकलने वाले विरोध-प्रदर्शन, भीड़ के उपद्रव, मेला-महोत्सव, त्योहार, बड़े आयोजनों आदि में इन ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा पटना समेत प्रमुख शहरों के चौक-चौराहों, पुल आदि पर लगने वाले जाम के कारण और निदान में भी इन ड्रोन का इस्तेमाल पुलिस करेगी। इसके अलावा माओवाद और एंटी क्राइम ऑपरेशन आदि के लिए भी 10 ड्रोन खरीदे जाएंगे। इसके लिए इस्तेमाल होने वाला ड्रोन और भी अत्याधुनिक होगा जिसकी कीमत 65 लाख होगी। साढ़े छह करोड़ में आएंगे 10 ड्रोन करीब साढ़े छह करोड़ से ऐसे दस ड्रोन खरीदकर पुलिस को दिए जाएंगे। जंगली, दुर्गम एवं पहाड़ी इलाकों में होने वाले पुलिस आपरेशन में इन ड्रोन का सहयोग लिया जाएगा। विभागीय जानकारी के अनुसार, पुलिस आधुनिकीकरण के तहत 50 ड्रोन की खरीद की जा रही है। इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के स्तर से 60 प्रतिशत जबकि राज्य सरकार के स्तर से 40 प्रतिशत की राशि दी जाएगी। आने वाले पर्व-त्योहार को देखते हुए पुलिस की ड्रोन यूनिट को मजबूत किया जा रहा है। नए ड्रोन के आने से भीड़ नियंत्रण एवं निगरानी में पुलिस को काफी सुविधा होगी।

एक्सप्रेसवे से गांवों तक शराब की सप्लाई, चार दिन में 54 लाख की खेप पकड़ी

सवाईमाधोपुर  पंचायती राज चुनाव की सरगर्मी बढ़ने से पहले ही जिले में अवैध शराब की आवाजाही ने पुलिस व प्रशासन की नींद उड़ा दी है। महज चार दिन के भीतर पुलिस और आबकारी विभाग की दो अलग-अलग कार्रवाइयों में करीब 54 लाख रुपए की शराब पकड़ी। एक ओर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रक में भरकर पंजाब बिक्री की अवैध अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप लाई जा रही थी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाके में कार के जरिए देशी शराब की पेटियां पहुंचाई जा रही थीं। लगातार पकड़ी जा रही इन खेपों ने चुनाव से पहले शराब तस्करी के नेटवर्क और संभावित खपत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 29 सितंबर को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे स्थित कुश्तला टोल प्लाजा पर आबकारी विभाग ने संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली तो उसमें पंजाब में बिक्री के लिए निर्धारित अवैध अंग्रेजी शराब की 599 पेटियां मिलीं। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 52 लाख रुपए बताई गई। कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। इसके चार दिन बाद ही रवांजना डूंगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक कार को पकड़ा। पुलिस को देखकर चालक ने टैक्सी मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन पीछा कर वाहन को रोक लिया। तलाशी में 50 पेटियों में 2400 पव्वे देशी शराब भरी मिली। पुलिस ने शराब जब्त कर दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। बरामद शराब की कीमत करीब दो लाख रुपए बताई गई। एक्सप्रेस-वे से गांवों तक शराब की सप्लाई चार दिन के अंतराल में सामने आई दोनों कार्रवाई का तरीका अलग जरूर है, लेकिन दोनों मामलों ने जिले में शराब की आवाजाही की तस्वीर सामने रख दी है। एक तरफ एक्सप्रेसवे जैसे बड़े परिवहन मार्ग का इस्तेमाल लाखों रुपए की शराब की खेप लाने के लिए किया जा रहा था, तो दूसरी तरफ ग्रामीण सड़कों से शराब की पेटियां ले जाई जा रही थीं। ऐसे में सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब आखिर जिले में कहां खपाने के लिए लाई जा रही थी। नेटवर्क तक पहुंचना चुनौती पुलिस और आबकारी विभाग ने कार्रवाई कर शराब जब्त कर ली, लेकिन अब असली चुनौती उस नेटवर्क तक पहुंचने की है, जहां से यह शराब जिले में भेजी जा रही है और जहां इसकी सप्लाई होनी थी। खासकर 52 लाख रुपए की बड़ी खेप का जिले तक पहुंचना यह सवाल खड़ा करता है कि इसके पीछे सप्लायर से लेकर स्थानीय स्तर पर खपत कराने वाले लोग कौन हैं। चुनाव से पहले यदि ऐसे नेटवर्क की कड़ियां नहीं तोड़ी गई तो ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की आवाजाही रोकना प्रशासन के लिए चुनौती बना रहेगा। चुनावी माहौल में बढ़ी चिंता पंचायती राज चुनाव को लेकर गांवों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। संभावित प्रत्याशी और समर्थक मतदाताओं से संपर्क में जुटने लगे हैं। ऐसे समय में लगातार शराब की बड़ी खेप पकड़ा जाना सामान्य तस्करी से आगे की चिंता पैदा करता है। चुनाव के दौरान अवैध शराब की खपत रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहती है। यही वजह है कि चुनाव से पहले पकड़ी गई इन खेपों ने निगरानी और नाकाबंदी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इनका कहना है… जहां से भी शराब तस्करी के मामले सामने आए हैं, हमने कार्रवाई की है। पंचायतीराज चुनाव को लेकर डीएसटी टीम को भी निर्देश दिए है। आगे भी सूचना मिलते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। – ज्येष्ठा मैत्रेयी, पुलिस अधीक्षक, सवाईमाधोपुर  

हरियाणा BJP विधायकों से PM मोदी का संवाद, बोले- टेंशन मत लो, जनता के बीच जाकर काम करो

चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्रे मोदी के साथ हरियाणा के भाजपा विधायकों की पहली सामूहिक मुलाकात बेहद आत्मीय माहौल में हुई। बैठक से पहले सभी मंत्री और विधायक जहां कुछ तनाव में नजर आ रहे थे, वहीं प्रधानमंत्री के शुरुआती अंदाज ने कुछ ही मिनटों में माहौल को सहज कर दिया। हरियाणवी अंदाज में विधायकों को उलाहना देते हुए मोदी ने उनसे कहा कहा, “हरियाणा वालों, तुमने राम-राम क्यों नहीं की।” प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि विधायकों को केवल परिचय के लिए बुलाया गया है। किसी तरह की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। इसके बाद सभी मंत्री और विधायक सहज हुए। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने सबसे पहले अपनी बात रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने संबोधित किया। अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने विधायकों से संवाद किया। मैंने किसी का रिपोर्ट कार्ड नहीं देखा है- पीएम प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले तीन दिनों से इस बैठक को लेकर मीडिया में कई तरह की नकारात्मक बातें चल रही हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। न मैंने किसी का रिपोर्ट कार्ड देखना है और न ही मैंने किसी को तलब किया है। यह मुलाकात बेहद सामान्य और परिचयात्मक है। इसके बाद प्रधानमंत्री ने विधायकों से उनके क्षेत्र और पुराने भाजपा नेताओं के बारे में भी जानकारी ली। मोदी ने हरियाणा के व्यापक प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश का असर पूरे देश पर पड़ता है, इसलिए हरियाणा को हर क्षेत्र में आगे रखने का प्रयास होना चाहिए। किसानों से जुड़ाव के संदर्भ में उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया और कम से कम हर किसान को एक एकड़ में प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। गांवों तक पहुंचने और जनसंवाद पर जोर बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे हरियाणा के सभी विधायकों के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हरियाणा के विधायकों को लंबा समय दिया और विकास, जनसेवा तथा संगठन को लेकर विशेष मार्गदर्शन दिया। सैनी के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत केवल सरकार के प्रयासों से नहीं बनेगा। इसमें किसान, युवा और महिलाएं जब संकल्प के साथ जुड़ेंगे, तभी विकसित भारत के साथ विकसित हरियाणा का लक्ष्य हासिल होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और जनता के बीच दूरी न रहे, इसके लिए अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने पर जोर दिया गया है। हर विधानसभा क्षेत्र में 30 से 35 गांवों में नियमित बैठकें मुख्यमंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में करीब 30 से 35 गांवों में नियमित बैठकें करने की बात कही। उन्होंने गांवों में टिफिन बैठक, संवाद, स्वच्छता अभियान और स्थानीय समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान की दिशा में काम करने का सुझाव दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी विधायक, मंत्री, नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच जाएं और समस्याओं के समाधान का माध्यम बनें। स्मृति इरानी और भोला सिंह से भी मिले हरियाणा के विधायक नायब सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हरियाणा को परिवार की तरह मानने की बात कही और इसी भाव से विधायकों से संवाद किया। उन्होंने कहा, “राजनीति हमारे लिए सत्ता नहीं, सेवा का माध्यम है। प्रधानमंत्री ने हमें सेवा के माध्यम से राजनीति करना सिखाया है।” मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रधानमंत्री ने उन क्षेत्रों में बालिका शिक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा, जहां उसका प्रभाव अभी अपेक्षाकृत कम दिखाई देता है। बैठक से पहले और बाद में हरियाणा के विधायकों ने नई पार्टी प्रभारी स्मृति इरानी, सह प्रभारी भोला सिंह और प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा से भी अलग चर्चा की।

महंगाई का दबाव बढ़ा तो महंगा होगा लोन! अक्टूबर में RBI कर सकता है 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अक्टूबर की मोनेटरी पॉलिसी बैठक में रेपो रेट बढ़ा सकता है। इकोनॉमिस्ट्स और बैंक अधिकारियों के एक सर्वे के मुताबिक, RBI रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत यानी 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है। अगर ऐसा होता है, तो मौजूदा 5.25 प्रतिशत रेपो रेट बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो जाएगा। फरवरी 2023 के बाद यह पहली बार होगा जब RBI ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगा। बता दें कि अगर RBI रेपो रेट बढ़ाता है, तो इसका सीधा असर आम लोगों के लोन पर पड़ सकता है। होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें बढ़ने से EMI बढ़ सकती है। वहीं, बैंक FD और दूसरी जमा योजनाओं पर ब्याज बढ़ा सकते हैं, जिससे बचत करने वालों को फायदा हो सकता है। RBI का यह कदम महंगाई को काबू में रखने के लिए भी उठाया जा सकता है। अगर महंगाई कम होती है, तो लंबे समय में आम लोगों की रोजमर्रा की खरीदारी पर कीमतों का दबाव कम हो सकता है। RBI के सामने दर बढ़ाने की चुनौती कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि महंगाई के बढ़ते जोखिम को देखते हुए RBI को ब्याज दरें बढ़ानी चाहिए। वहीं, कुछ इकोनॉमिस्ट्स का कहना है कि अभी तुरंत दर बढ़ाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इकोनॉमिक में मांग के कारण महंगाई बढ़ने के मजबूत संकेत नहीं दिख रहे हैं। इसलिए अक्टूबर की बैठक में RBI के फैसले पर सभी की नजरें रहेंगी। आगे 2-3 बार बढ़ सकती हैं दरें सर्वे में शामिल कई एनालिस्ट्स का अनुमान है कि अगर महंगाई का दबाव बना रहता है, तो वित्त वर्ष 2026-27 में RBI रेपो रेट 2 से 3 बार बढ़ा सकता है। एनालिस्ट्स का यह भी मानना है कि RBI अपनी मौद्रिक नीति में पहले के नरम रुख को धीरे-धीरे बदल सकता है। GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ने की उम्मीद महंगाई के दबाव के बावजूद इकोनॉमिक की रफ्तार मजबूत बनी हुई है। यही वजह है कि एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि RBI FY2026-27 के GDP ग्रोथ अनुमान को बढ़ा सकता है। RBI ने अगस्त की मोनेटरी पॉलिसी में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.7 प्रतिशत GDP ग्रोथ का अनुमान लगाया था। कुछ विशेषज्ञों को उम्मीद है कि इसे बढ़ाकर 7 प्रतिशत से ज्यादा किया जा सकता है। RBI के फैसले पर नजर कुल मिलाकर, अक्टूबर की मोनेटरी पॉलिसी बैठक में RBI के सामने महंगाई और आर्थिक विकास के बीच बैलेंस बनाने की चुनौती होगी। महंगा कच्चा तेल और बढ़ती महंगाई दर बढ़ाने के पक्ष में हैं, जबकि मजबूत आर्थिक गतिविधियां और मांग आधारित महंगाई का सीमित दबाव RBI को फिलहाल इंतजार करने का मौका देते हैं।

गिल ने साफ किया प्लान, रोहित-कोहली के बिना अधूरी है टीम इंडिया की 2027 वर्ल्ड कप तैयारी

नई दिल्ली वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज का अंतिम मैच भारतीय टीम जीतने में सफल नहीं हो सकी. इसके बावजूद शुभमन गिल की कप्तानी में टीम ने 2-1 से सीरीज जीतने में कामयाबी हासिल की. मैच खत्म होने के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर शुभमन गिल ने खुलकर बात की. गिल के बयानों से साफ हो गया है कि फिलहाल इन दोनों दिग्गजों के बिना टीम इंडिया की प्लानिंग अधूरी है और वे 2027 वनडे वर्ल्ड कप की योजनाओं का अहम हिस्सा बने रहेंगे. वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कप्तान गिल ने साफ शब्दों में कहा कि रोहित और विराट लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. टीम को जब भी जरूरत पड़ी है, उन्होंने बेहतरीन पारियां खेली हैं. बेहतरीन फॉर्म में हैं कोहली-रोहित गिल ने कहा कि ये दोनों खिलाड़ी वाकई बहुत शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं. हमने देखा है कि रोहित भाई ने पिछली चार पारियों में कमाल की बल्लेबाजी की हैं. विराट भाई भी जबरदस्त फॉर्म में हैं और जब भी केएल राहुल को मौका मिला है, उन्होंने भी टीम के लिए बेहतरीन योगदान दिया है. 2027 वर्ल्ड कप को लेकर क्या कहा? जब उनसे पूछा गया कि क्या टीम यंगस्टर्स को आजमाने के लिए इन दिग्गजों को आराम दे सकती है. इस सवाल पर गिल ने दो टूक कहा कि अब बहुत ज्यादा प्रयोग करने का समय नहीं बचा है. टीम को वर्ल्ड कप से पहले अपनी पक्की प्लेइंग इलेवन तय करनी होगी, ताकि सभी खिलाड़ी एक साथ मिलकर खेल सकें. दिग्गजों का जलवा जारी भले ही रोहित शर्मा (39 वर्ष) और विराट कोहली (37 वर्ष) की उम्र को लेकर अक्सर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन मैदान पर उनके बल्ले से निकल रहे रन आलोचकों को करारा जवाब दे रहे हैं. सीरीज के दौरान विराट ने अपने वनडे करियर का 55वां शतक जड़ा तो वहीं रोहित ने भी लगातार उम्दा पारियां खेलकर यह साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक नंबर है. कप्तान गिल के इस बयान के बाद यह तो तय है कि फिलहाल रोहित और विराट नीली जर्सी में अपना जलवा बिखेरते नजर आते रहेंगे. भारतीय क्रिकेट फैन्स भी रोहित शर्मा और विराट कोहली को साल 2027 के वर्ल्ड कप खेलते हुए देखना चाहते हैं.

छत्तीसगढ़ में आश्रम और छात्रावास बने शिक्षा की नई ताकत, सुविधाओं के बीच पढ़ रहे छात्र-छात्राएं

बलौदा बाजार. केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में आश्रम और छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं. इनका लाभ मिडिल स्कूल से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक के छात्र-छात्राओं को मिल रहा है. वर्तमान में जिले के 81 आश्रम और छात्रावासों में 3736 विद्यार्थी रहकर अध्ययन कर रहे हैं. आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त सूरज दास मानिकपुरी ने बताया कि जिले में 81 आश्रम-छात्रावास संचालित हैं, जहां 3,736 छात्र-छात्राएं रहकर पढ़ाई कर रहे हैं. इन छात्रावासों में शासन की ओर से विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. यहां गार्डन, ओपन जिम, पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन, स्वास्थ्य जांच और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं हैं. विद्यार्थियों को शांतिपूर्ण और घर जैसा माहौल देने का प्रयास किया जाता है, ताकि वे बेहतर तरीके से अध्ययन कर सकें. उन्होंने बताया कि समय-समय पर उच्च पदों पर पदस्थ अधिकारियों द्वारा u में मोटिवेशनल कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं. इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर और भविष्य को लेकर मार्गदर्शन दिया जाता है.   छात्रावास से आसान हुई उच्च शिक्षा की राह पिछड़ा वर्ग छात्रावास में अध्ययनरत छात्रा विधि जायसवाल ने बताया कि वह छात्रावास से करीब 45 किलोमीटर दूर ग्राम जारा की रहने वाली हैं. पहले रोजाना कॉलेज आने-जाने में काफी परेशानी होती थी. अब वह शासन द्वारा संचालित छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही हैं, जिससे उनके लिए उच्च शिक्षा हासिल करना आसान हुआ है. छात्रावास में खेलकूद की सामग्री, ओपन जिम और शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध है. इसके अलावा पौष्टिक भोजन और नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी मिलती है, जो पढ़ाई में काफी मददगार है. छात्रावास में घर जैसा माहौल आदिवासी छात्रावास के छात्र अनुज कुमार कंवर ने बताया कि छात्रावास में शासन की ओर से सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. घर से दूर रहने के बावजूद यहां घर जैसा माहौल मिलता है. उन्होंने कहा कि वे अपने साथियों के साथ स्वतंत्र और शांत वातावरण में रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. पिछड़ा वर्ग छात्रावास की अधीक्षिका स्वीटी बाजपेई ने बताया कि यह छात्रावास वर्ष 2014 से संचालित है. यहां शासन की ओर से विद्यार्थियों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. वर्तमान में छात्रावास में 50 छात्राएं रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं. पढ़ाई के लिए मिल रहा अनुकूल वातावरण आदिवासी छात्रावास की अधीक्षिका मंजुलता उईके ने बताया कि उनका छात्रावास वर्ष 2013 से संचालित है. यहां विद्यार्थियों को शासन की ओर से निर्धारित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं. उन्होंने कहा कि बच्चे यहां अपने भविष्य को बेहतर बनाने का सपना लेकर आते हैं. शिक्षा एवं सुविधाओं का लाभ लेकर सफलता हासिल कर आगे बढ़ते हैं.

सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के शिफ्टिंग प्लान पर SC सख्त, 8.5 लाख किताबों का मामला पहुंचा अदालत

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की 135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी को दूसरी जगह ले जाने की प्रस्तावित योजना पर स्वत: संज्ञान लिया है। इस लाइब्रेरी में 8.5 लाख से ज्यादा किताबें हैं। मामले की सुनवाई 5 अक्टूबर को जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ करेगी। सुप्रीम कोर्ट में दर्ज मामले का शीर्षक ‘इन री: 135-ईयर-ओल्ड लाइब्रेरी, 8.5 लाख बुक्स-एंड नो रूम इन द सेंट्रल विस्टा प्लान’ है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब लाइब्रेरी को लेकर यह सवाल उठ रहा था कि सेंट्रल विस्टा योजना में उसके लिए पर्याप्त जगह तय की गई है या नहीं सुप्रीम कोर्ट के कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला 3 अक्टूबर को दर्ज किया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि अथॉरिटी ने एक नए स्वत: संज्ञान रिट याचिका मामले के पंजीकरण का निर्देश दिया था। इसके बाद स्वत: संज्ञान रिट याचिका दर्ज की गई। लाइब्रेरी फिलहाल 1969 से दिल्ली के शास्त्री भवन में चार मंजिलों पर चल रही है। हाल की मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि उसके भविष्य और नई जगह को लेकर स्थिति साफ नहीं थी। इन रिपोर्टों के मुताबिक, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने कर्तव्य भवन-2 परिसर में लाइब्रेरी के लिए सिर्फ दो कमरे आवंटित किए थे। खबरों पर मंत्रालय ने क्या दिया जवाब मामला सामने आने के बाद केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने लाइब्रेरी को लेकर स्थिति स्पष्ट की। मंत्रालय ने कहा कि सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के लिए जगह सेंट्रल विस्टा के पुनर्विकास योजना में पहले से तय की गई है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कुछ रिपोर्टों के विपरीत लाइब्रेरी के लिए जगह उपलब्ध कराई गई है। मंत्रालय के मुताबिक, लाइब्रेरी के निर्माण से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया भी चल रही है। मंत्रालय की यह सफाई उस समय आई, जब लाइब्रेरी को नई जगह देने और उसके लिए पर्याप्त स्थान नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे थे। लाइब्रेरी में 8.5 लाख से अधिक किताबें मौजूद अब सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले की सुनवाई करेगा। अदालत के सामने मुख्य मुद्दा लाइब्रेरी के प्रस्तावित स्थानांतरण और उसके लिए तय की गई जगह से जुड़ा है। 135 साल पुरानी इस लाइब्रेरी में 8.5 लाख से अधिक किताबें मौजूद हैं और यह लंबे समय से सरकारी कामकाज से जुड़े कर्मचारियों और अन्य पाठकों के लिए अहम पुस्तक संग्रह के रूप में जानी जाती है। इसे अनमोल धरोहर के तौर पर भी देखा जाता रहा है।

योगी सरकार की दीपावली पर कर्मचारियों को सौगात! DA बढ़ेगा, ₹3,400 से ₹7,000 तक बोनस की तैयारी

लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्यकर्मियों की दीपावली अधिक रोशन और रंगीन करने की तैयारी कर ली है। सरकार करीब 18 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दीपावली से पहले महंगाई भत्ता (DA) और बोनस का तोहफा देने की तैयारी कर रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य कर्मियों को दीपावाली से पहले बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर ली है। सरकार के इस कदम से राज्यकर्मियों को बढ़ा हुआ डीए और बोनस 3400 से 7000 तक मिल सकता है। इसके साथ ही सरकारी कर्मियों और पेंशनरों को तीन प्रतिशत मंहगाई भत्ता और महंगाई राहत देने की भी तैयारी कर रही है राज्यकर्मियों का बढ़ा हुए भत्ता जुलाई से लागू होगा। राज्य के 2.70 लाख कर्मचारियों को बढ़ा हुआ मानदेय की भी तैयारी है। इसमें श्रेणी के एक के कर्मचारियों को 40,000 रुपया, श्रेणी दो के कर्मचारियों को 25,000, श्रेणी तीन के आउटसोर्स कर्मचारियों को 22,000 हजार रुपए और श्रेणी चार के कर्मचारियों को 20,000 रुपया मिलेगा। सभी का अक्टूबर से बढ़ा हुआ वेतन भी नवंबर में आएगा। सितंबर से बढ़े वेतन की संभावना सचिवालय प्रशासन के अनुसार, सभी विभागों कुल 2.70 लाख कर्मी आउटसोर्स पर हैं। अगर इसमें बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों को भी जोड़ दिया जाए तो इनकी संख्या लगभग3.50 लाख से अधिक हो जाएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने दो सितंबर को आउटसोर्स सेवा का पोर्टल शुरू किया था तो माना जा रहा है कि बढ़े हुए मानदेय का लाभ सितंबर से ही मिले। कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत प्रदेश में लंबे समय से आउटसोर्स सेवा में मानदेय को लेकर शिकायतें मिल रहीं थीं, लेकिन अब कमर्चारियों को एक ही पोर्टल सेवा से कई तरह की सुविधाओं का लाभ मिलेगा। बोनस मिलने की तैयारी की सूचना मिलने से भी कर्मचारी और संगठनों में खुशी की लहर है और इसे सरकार की ओर से सकारात्मक कदम बताया है। महिलाओं को 180 दिन का मातृत्व अवकाश यूपीकास की व्यस्थाओं के मुताबिक महिला कर्मियों को अब 180 दिन का मातृत्व अवकाश मिलेगा। सभी कर्मचारियों को हर महीने की पांच तारीख को मानदेय मिलेगा और साथ ही मेडिकल अवकाश भी मिलेगा। कर्मचारियों और उनके परिवार के लोगों को बेहतर चिकित्सा लाभ भी मिलेगा। क्या-क्या मिलेगा महंगाई भत्ता (DA) और डीआर : सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को 3 प्रतिशत बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (DR) देने की तैयारी है, जो जुलाई से लागू हो सकता है। बोनस: अराजपत्रित (Non-gazetted) कर्मचारियों को ₹3,400 से लेकर ₹7,000 तक का बोनस मिल सकता है। बढ़ा हुआ मानदेय: राज्य के लगभग 2.70 लाख कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने की भी तैयारी है। • श्रेणी-1 के कर्मचारियों को: ₹40,000 • श्रेणी-2 के कर्मचारियों को: ₹25,000 • श्रेणी-3 के आउटसोर्स कर्मचारियों को: ₹22,000 • श्रेणी-4 के कर्मचारियों को: ₹20,000 भुगतान का समय: अक्टूबर महीने का बढ़ा हुआ वेतन और बोनस नवंबर में दिए जाने की संभावना है। वित्त विभाग ने इस संबंध में प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पंजाब में त्योहारों से पहले बड़ी साजिश नाकाम, पाकिस्तान से आई AK-47 और ग्रेनेड की खेप पकड़ी

अमृतसर त्यौहारों से पहले पंजाब की अमन शांति को खराब करने की पाकिस्तान व विदेश में बैठी ताकतों की कोशिश को अमृतसर रूरल पुलिस ने नाकाम कर दिया है। अमृतसर देहाती पुलिस ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ दिया है। पुलिस टीम ने इस कार्रवाई में हथियारों की खेप के साथ तस्कर को भी अरेस्ट किया है। डीजीपी पंजाब गौरव यादव की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार अमृतसर रूरल पुलिस ने AK 47 राइफल, उसकी मैगजीन, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और दो खतरनाक हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। AK-47 और हैंड ग्रेनेड का मिलने से सुरक्षा एजेंसियां स्तर्क हो गई हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान बब्बा पुत्र भोला सिंह निवासी चीमा खुर्द थाना सराए अमानत खां जिला तरनतारन के तौर पर हुई है। मामले की शुरुआती जांच में विदेशी ताकतों के लिंक सामने आए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किया गया आरोपी विदेश में बैठे देश विरोधी ताकतों के संपर्क में था। पाकिस्तान से आयी खेप शुरुआती जांच में स्पष्ट हुआ है कि ये खेप पाकिस्तान से सरहद पार करवा भारत भेजी गई थी। इस रिकवरी के बाद अमृतसर के घरिंडा पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ असला एक्ट (आर्म्स एक्ट) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। लिंक खंगालने में जुटी पुलिस पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुट गई है। आरोपी के पूरे नेटवर्क की अगली और पिछली कड़ियों का पता लगाया जा सके। पुलिस यह जानने में जुटी है कि यह हथियार किसे सप्लाई किए जाने थे और इसके पीछे क्या बड़ी वारदात अंजाम देने की योजना थी। डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया है कि पंजाब की अमन शांति को बिगाड़ने का प्रयास करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।