samacharsecretary.com

बीजेपी अध्यक्ष ने शोकाकुल मां की मदद की, 1800 किमी दूर नेपाल तक पहुंचाई बेटे की पार्थिव देह

बैतूल मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक मार्मिक घटना घटी। यहां नेपाल के एक युवक की ट्रेन से गिरने से मौत हो गई। युवा बेटे के यूं अचानक दम तोड़ देने से मां का तो कलेजा फट पड़ा। वे मृत बेटे को नेपाल ले जाकर वहीं अंतिम संस्कार करना चाहती थीं पर इतने पैसे ही नहीं थे। स्थानीय विधायक और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को जब यह जानकारी मिली तो उन्होंने शोकाकुल मां की यह इच्छा तुरंत पूरी कर दी। बीजेपी अध्यक्ष ने एंबुलैंस से युवक की पार्थिव देह नेपाल भेजने की व्यवस्था की ​और इसका पूरा खर्च खुद वहन किया। नेपाल के परिवार के साथ 16 अप्रैल को यह दुखद हादसा हुआ था। वहां के रमेश दमाई दुर्घटना का शिकार हो गए। नेपाल के कंचनपुर जिले के भीमदत्त के रहनेवाले रमेश अपने परिवार सहित यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान बैतूल जिले के गंज थाना क्षेत्र में वे चलती ट्रेन से गिर गए। बाजपुर- मलकापुर के पास गिरे रमेश दमाई की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार पर दुखों का पहाड़ से टूट पड़ा। परिवार के पास इतने पैसे ही नहीं थे कि वे युवक का शव नेपाल ले जा सकें कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 29 वर्षीय रमेश दमाई के अंतिम संस्कार का सवाल उठा। दुखद घटना के बाद परिवार पहले से ही शोकग्रस्त था, ऐसे में स्थानीय लोगों ने अंतिम संस्कार बैतूल में ही करने का सुझाव दिया लेकिन मृतक की मां इसपर सहमत नहीं थीं। वे अपने बेटे का अंतिम संस्कार अपने देश यानि नेपाल में ही करना चाहती थीं। हालांकि इसमें बड़ी अड़चन थी। परिवार के पास इतने पैसे ही नहीं थे कि वे युवक का शव नेपाल ले जा सकें। आर्थिक तंगी के कारण रमेश दमाई के पार्थिव शरीर को उनके देश ले जाना संभव नहीं हो पा रहा था। एक सामाजिक कार्यकर्ता के माध्यम से बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष और स्थानीय विधायक हेमंत खंडेलवाल को इसकी सूचना मिली। शोकाकुल मां की सहायता के लिए वे तुरंत आगे आए। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष विधायक हेमंत खंडेलवाल ने मां की अंतिम इच्छा पूरी करते हुए उनके बेटे की पार्थिव देह को बैतूल से नेपाल तक पहुंचाने की व्यवस्था कर दी। कंचननगर तक पार्थिव देह को सुरक्षित पहुंचाने का पूरा खर्च बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष विधायक हेमंत खंडेलवाल ने ही उठाया स्वर्गीय रमेश दमाई की पार्थिव देह को एंबुलेंस से नेपाल पहुंचाने का निर्णय लिया गया। शनिवार शाम एंबुलेंस शव लेकर नेपाल के लिए रवाना हुई। बैतूल से लगभग 1800 किलोमीटर दूर नेपाल के कंचननगर तक पार्थिव देह को सुरक्षित पहुंचाने का पूरा खर्च बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष विधायक हेमंत खंडेलवाल ने ही उठाया। उनकी इस पहल को मानवीय संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का अनुपम उदाहरण माना जा रहा है। उल्लेखनीय है विधायक हेमंत खंडेलवाल द्वारा विजय सेवा न्यास के माध्यम से बैतूल में 'शांति वाहन' सेवा का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत जरूरतमंद परिवारों को पार्थिव देह घर तक पहुंचाने की नि:शुल्क सुविधा दी जाती है। जिले में यह सेवा लंबे समय से निरंतर जारी है।

हिंगलाज मंदिर में मना उत्सव, पाकिस्तान में 3 लाख हिंदू पहुंचे; जानिए मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

 बलूचिस्तान प्रांत  पाकिस्तान में तीन दिवसीय हिंगलाज माता उत्सव रविवार को संपन्न हो गया है। खबर है कि इस दौरान करीब 3 लाख हिंदू मंदिर पहुंचे थे। कहा जा रहा है कि यह आंकड़ा बीते साल हुए उत्सव से करीब तीन गुना ज्यादा था। इस दौरान आयोजन स्थल पर भंडारा, चिकित्सा सुविधा की भी व्यवस्था की गई थी। उत्सव के दौरान तीर्थयात्री सैकड़ों किमी की यात्रा कर मंदिर पहुंचते हैं। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर में इस महीने करीब 3 लाख हिंदू श्रद्धालु पहुंचे थे। जबकि, पूरे साल में यह आंकड़ा करीब 10 लाख है। मंदिर पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं ने थारपरकर, उमरकोट और संहार समेत सिंध के कई इलाकों से लंबी यात्रा की थी। कहा जाता है कि इस यात्रा को पूरी करने में 20 दिनों का समय लग जाता है। हिंगलाज मंदिर का इतिहास पाकिस्तान में इस तीर्थस्थल को नानी का मंदिर भी कहा जाता है। यह 51 शक्ति पीठों में से एक हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, यहां सती का सिर गिरा था। लयारी तहसील के पहाड़ी इलाके में स्थित यह मंदिर हिंगोल नदीं के पास एक गुफा में बना हुआ है। कराची से इसकी दूरी लगभग 250 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में है। यह इलाका हिंगोल नेशनल पार्क क्षेत्र में आता है। पूरे पाकिस्तान से आते हैं श्रद्धालु इस तीर्थ यात्रा को हिंगलाज यात्रा कहा जाता है, जिसमें पाकिस्तान के कई हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठिन यात्रा कर पहुंचते हैं। अप्रैल 2024 में एपी न्यूज से बातचीत में हिंगलाज माता मंदिर के पदाधिकारी वर्सीमल दीवानी ने बताया था कि इस त्योहार में सिर्फ पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू ही शामिल हो सकते हैं। तब उन्होंने पाकिस्तानी सरकार से दुनिया के अन्य हिस्सों में हिंदुओं को वीजा देने की अपील भी की थी। हालांकि, कहा यह भी जा रहा है कि इस यात्रा में अन्य देशों से भी श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे होती है पूजा हर साल अप्रैल में इस उत्सव का आयोजन होता है, जिसके तहत तीसरे दिन पुजारी मंत्रों का जाप करते हैं और देवताओं को भेंट स्वीकार करने के लिए बुलाते हैं। हर श्रद्धालु हिंगलाज माता मंदिर में 3 नारियल चढ़ाता है। एक ओर जहां कुछ श्रद्धालु पूरे 4 दिनों के उत्सव में शामिल रहते हैं। वहीं, कुछ पूजा कर लौट जाते हैं। कठिन है यात्रा सड़क मार्ग से कराची से हिंगलाज की दूरी तय करने में करीब 4 घंटे का समय लगता है। कुछ तीर्थयात्री कार या बसों से पहुंचते हैं। जबकि, कुछ साइकिल से आते हैं। कहा जाता है कि पहले इस यात्रा को पूरा करने में करीब 150 किमी पैदल चलना होता था। तब श्रद्धालु रेगिस्तान से पास की सड़क तक का सफर तय कर मंदिर पहुंचते थे। हालांकि, अब मकरान कोस्टल हाईवे ने रास्ता आसान कर दिया है। इस साल का आयोजन डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर उत्सव के लिए बलूचिस्तान सरकार, प्रांत के आपदा प्रबंधक और जिला प्रशासन ने कई स्तरों पर तैयारियां की थीं। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था के चलते मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा के लिए पाकिस्तान सेना, फ्रंटियर कोर, पुलिस और लेवी की टुकड़ियों को तैनात किया गया था।

पति का दर्द: ‘दूसरी पत्नी और बेटे के साथ फरार हो गई’, रोते हुए सुनाई आपबीती

 बीड महाराष्ट्र के बीड जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी दूसरी पत्नी पर अपने पहले विवाह से हुए नाबालिग बेटे के साथ फरार होने का आरोप लगाया है. इस संबंध में पीड़ित व्यक्ति ने रविवार को कैज थाने में शिकायत दर्ज कराई।  शिकायतकर्ता के अनुसार, उसकी पहली पत्नी से दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है. करीब चार साल पहले उसने दूसरी शादी की थी. उसने पुलिस को बताया कि वह इस सप्ताह की शुरुआत में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुंबई गया हुआ था, इसी दौरान उसकी दूसरी पत्नी और उसका नाबालिग बेटा अचानक घर से गायब हो गए. पीड़ित व्यक्ति ने कहा, 'सर मेरी दूसरी पत्नी नाबालिग बेटे के साथ फरार हो गई है।  मामले में एक नया मोड़ तब आया जब उसके दामाद को हैदराबाद यातायात पुलिस द्वारा जारी एक ई-चालान मिला, जो सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़ा था. इसके बाद शिकायतकर्ता ने आशंका जताई कि उसकी दूसरी पत्नी और नाबालिग बेटा दामाद की मोटरसाइकिल लेकर फरार हुए हैं।  पुलिस के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और महिला तथा नाबालिग की तलाश के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 

राज्य सरकार बेटियों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बेटियों के सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है राज्य सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार जिले के सिरसोदिया में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 400 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने नव-दंपत्तियों पर पुष्पवर्षा कर दिया आशीर्वाद धार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश की बेटियों के सशक्तिकरण और उनके उज्जवल भविष्य के लिए पूरी तरह संकल्पित है। सामूहिक विवाह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए संबल और सहयोग के जीवंत प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर धार जिले के ग्राम सिरसोदिया में 'मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना' के अंतर्गत आयोजित भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सांस्कृतिक महत्व और सामाजिक आधार  मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले की यह पावन धरा भगवान कृष्ण एवं माता रुक्मणी की ऐतिहासिक स्मृतियों से जुड़ी है, जिससे इस मांगलिक आयोजन का महत्व और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि विवाह हमारी गौरवशाली संस्कृति की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी और समाज का आधार है। प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के साथ एक सच्चे मित्र की तरह हमेशा खड़ी है। अभिभावक के रूप में निभाई भूमिका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं अभिभावक का दायित्व निभाते हुए सभी 400 नव-विवाहित जोड़ों पर पुष्पवर्षा की और उन्हें सुखद एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।         मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेरा यह सौभाग्य है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से बेटियों के विवाह में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ। भारतीय संस्कृति में विवाह एक श्रेष्ठ और पवित्र संस्कार है यह 16 संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण है जिसे "पाणिग्रहण संस्कार"भी कहा जाता है। सरकार की इस योजना के माध्यम से उन सभी गरीब अभिभावकों की इस चिंता को खत्म किया है।जिससे वे बेटियों की शादी को बोझ नहीं वरदान समझे।  इस योजना के माध्यम से गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित परिवारों को उनकी बेटियों की शादी के लिए वित्तीय सहायता की जाती है। नवविवाहित जोड़ों को 49 हजार रूपए की राशि का अर्थिक सहयोग दिया जाता है। क्षेत्रीय विधायक कालुसिंह ठाकुर, प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि,वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित रहे।  

पंजाब किंग्स का अजेय अभियान जारी, लखनऊ पर 54 रन से शानदार जीत – रिकॉर्ड्स की हुई बारिश

नईदिल्ली  आईपीएल 2026 का 29वां मुकाबला रविवार को पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जॉयंट्स के बीच खेला गया. इस मुकाबले में पंजाब किंग्स ने 54 रनों से शानदार जीत हासिल की. इस मैच में लखनऊ के कप्तान ऋषभ पंत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. पंजाब ने प्रियांश आर्य और कॉनली के तूफानी फिफ्टी के दम पर 254 रन बनाए थे. इसके जवाब में लखनऊ की टीम 5 विकेट खोकर 200 रन ही बना सकी।  चेज नहीं कर सकी लखनऊ की टीम 255 रनों के जवाब में उतरी लखनऊ को शुरुआत ठीक ठाक मिली थी. मिचेल मार्श और आयुष बडोनी ने 61 रन जोड़ लिए थे. लेकिन फिर छठे ओवर में आयुष अपना विकेट गंवा बैठे. इसके बाद ऋषभ पंत ने मार्श के साथ अच्छी पारी खेली. लेकिन मार्श 40 और पंत 23 गेंद में 43 रन बनाकर आउट हो गए. इनका विकेट गिरते ही लखनऊ की पारी लड़खड़ा गई।  आखिरी ओवरों में एडम मार्करम और मुकुल चौधरी ने कोशिश जरूर की . लेकिन पंजाब की टीम ने इस मैच को आसानी से जीत लिया है. इस जीत के साथ ही 6 मैचों में पंजाब के पास 11 अंक हो गए हैं. वहीं, लखनऊ की टीम 6 मैच में केवल 4 अंक ही बंटोर सकी है।  प्रियांश आर्य-कॉनली के तूफान से कई रिकॉर्ड ध्वस्त पंजाब और लखनऊ के बीच रविवार को खेले गए मुकाबले में खूब चौके-छक्के देखने को मिले. पंजाब की ओर से प्रियांश आर्य और कूपर कॉनली ने तीसरे विकेट के लिए 182 रनों की साझेदारी की. उनकी खतरनाक बैटिंग देखकर हर कोई सन्न रह गया. जिसकी बदौलत पंजाब ने इस मैच में 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।  पंजाब की शुरुआत खराब रही थी, जब प्रभसिमरन सिंह गोल्डन डक पर आउट हो गए. इसके बाद प्रियांश और कॉनली ने पारी को संभालते हुए आक्रामक बल्लेबाज़ी की और महज 80 गेंदों में 182 रन जोड़ दिए. प्रियांश आर्य ने 37 गेंदों में 93 रन बनाए और शतक से चूक गए, जबकि कोनोली ने 46 गेंदों में 87 रन की शानदार पारी खेली. दोनों बल्लेबाज़ों ने मिलकर 16 छक्के और 12 चौके लगाए।  बन गया ये रिकॉर्ड यह साझेदारी पंजाब किंग्स के इतिहास की तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी है. इससे आगे सिर्फ शॉन मार्श और एडम गिलक्रिस्ट (206 रन, 2011) और मयंक अग्रवाल और केएल राहुल (183 रन) की जोड़ियां हैं. दोनों बल्लेबाज़ों ने लखनऊ के गेंदबाज़ों की जमकर धुनाई की. साझेदारी का रन रेट 13.65 रहा, जो PBKS के लिए 100+ रन की साझेदारियों में चौथा सबसे तेज है।  मैच का सबसे महंगा ओवर 12वां रहा, जब Aiden Markram के ओवर में 32 रन बने. इस ओवर में कोनोली और प्रियांश दोनों ने दो-दो छक्के लगाए. यह Lucknow Super Giants के किसी भी गेंदबाज़ का सबसे महंगा ओवर बन गया, जिसने Ravi Bishnoi के 2022 एलिमिनेटर में दिए गए 27 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।  पंजाब की यह विस्फोटक बल्लेबाज़ी एक बार फिर दिखाती है कि टीम इस सीजन खिताब की प्रबल दावेदार क्यों मानी जा रही है।  प्रियांश ने मारे 9 छक्के इस मुकाबले में प्रियांश ने 37 गेंदों में 93 रन जड़े. अपनी पारी में उन्होंने 4 चौके और 9 छक्के लगाए. वहीं, कूपर कॉनली ने 46 गेंद में 87 रन बनाए और उन्होंने 7 छक्के और 8 चौके लगाए।  ऐसे रही पंजाब की बैटिंग पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी पंजाब की शुरुआत अच्छी नहीं रही. और पहले ही ओवर में शमी ने प्रभसिमरन सिंह का विकेट झटक लिया. लेकिन इसके बाद प्रियांश आर्य और कूपर कॉनली ने तूफान मचा दिया. दोनों ने चंडीगढ़ में छक्के-चौकों की बारिश की. दोनों के बीच कमाल की साझेदारी हुई. लेकिन ये खतरनाक साझेदारी तोड़ी प्रिंस यादव ने जिन्होंने कॉनली का विकेट झटका. लेकिन दोनों के बीच 80 गेंदों में 182 रनों की साझेदारी हुई. कॉनली ने 46 गेंद में 87 रन बनाए और 7 छक्के लगाए।  इसके बाद प्रियांश आर्य भी अगले ही ओवर में चलते बने. लेकिन प्रियांश ने 37 गेंद में 93 रन ठोके. अपनी पारी में प्रियांश ने 4 चौके और 9 छक्के लगाए. इसके बाद नेहाल वढेरा ने 13 और शशांक सिंह ने 17 रन बनाए, जिसके दम पर पंजाब किंग्स ने 7 विकेट खोकर 254 रन बनाए।   

BJP चुनावी मोड में, MP की 70 कमजोर सीटों पर मंत्रियों की तैनाती, रणनीति में बड़ा बदलाव

भोपाल मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी अभी से सक्रिय हो गई है। पार्टी ने साल 2026 में ही खुद की मजबूती और मैदानी रणनीती के लिए काम करना शुरु कर दिया है।दरअसल विधानसभा की सभी 230 सीटें जीतने का लक्ष्य तय करके भाजपा ने मिशन 2028 के लिए रणनीति बनाई है। इस रणनीति के तहत भाजपा कमजोर सीटों पर सबसे अधिक फोकस करने वाली है।  रणनीति के तहत करीब 70 सीटों को चिह्नित करके भाजपा ने जहां संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ा दिया है, वहीं यहां मंत्रियों को भी मैदान में उतारने की फैसला भाजपा ने कर लिया है। कमजोर सीटों पर भाजपा को मजबूत करने की जिम्मेदारी मंत्रियों पर जानकारी के मुताबिक पार्टी की रणनीति कमजोर सीटों पर भाजपा को मजबूत करने की है और इसके लिए मंत्रियों को जिम्मा सौंप दिया है। मंत्रियों को लगातार वहां पर रात बिताने के साथ ही बैठकें करने का निर्देश दिया गया है।साथ ही  हार के कारणों को तलाशने का भी जिम्मा सौंपा गया है। भाजपा इस काम में निकाय और त्रि स्तरीय पंचायती राज चुनावों से पहले ही जुट गई है। इस काम के लिए भाजपा ने प्रदेश पदाधिकारियों, संभाग प्रभारी एवं जिला प्रभारियों को टाइम लाइन थमा दी गई है। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को जनता व कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करने की बात कही गई है।  पार्टी की  नई गाइडलाइन के तहत प्रदेशाध्यक्ष से लेकर दिग्गज नेताओं को महीने भर का शैड्यूल समझा दिया गया है। बूथ स्तर पर पकड़ मजबूत करने के लिए पार्टी का लक्ष्य प्रत्येक बूथ पर 51 प्रतिशत वोट शेयर हासिल करना है। इसके लिए पन्ना प्रमुखों को सक्रिय कर घर-घर संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। वहीं अल्पसंख्यक और जातिगत समीकरण को देखते हुए इन सीटों पर नजदीकी विधायकों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।भाजपा की नई रणनीति को लेकर पार्टी मुख्यालय में संभाग और जिला प्रभारियों की बैठक में टारगेट सेट किए गए हैं। लिहाजा इस लक्ष्य की प्राप्ति को हासिल करने के लिए सबको सामूहिक जिम्मेदारी और धरातल पर काम करने के लिए कहा गया है।

इजरायल का सोमालीलैंड में राजनयिक प्रतिनिधि नियुक्त करने का कदम, 16 मुस्लिम देशों ने किया विरोध

यरुशलम कतर, सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की सहित 16 अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों ने शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को दोहा में एक संयुक्त बयान जारी कर सोमालीलैंड में इजरायल द्वारा राजनयिक प्रतिनिधि की नियुक्ति की कड़ी निंदा की है. इन देशों ने कहा है कि इजरायल का यह फैसला सोमालिया संघीय गणराज्य की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता का सीधा उल्लंघन है।  इस्लामिक देशों ने अपने बयान में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के खिलाफ उठाया गया यह कदम एक खतरनाक मिसाल कायम कर सकता है. मंत्रियों ने दोहराया कि केवल सोमालिया के वैध राज्य संस्थान ही वहां की जनता की इच्छा का प्रतिनिधित्व करते हैं।  इस विरोध में कतर, कुवैत, सऊदी अरब, मिस्र, सोमालिया, सूडान, लीबिया, बांग्लादेश, अल्जीरिया, फिलिस्तीन, तुर्की, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, मॉरिटानिया, जॉर्डन और ओमान के विदेश मंत्री शामिल रहे. उन्होंने किसी भी ऐसे एकतरफा कदम को खारिज कर दिया जो राज्यों की एकता को कमजोर करता है।  'क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा…' संयुक्त बयान में जोर दिया गया है कि इजरायल का यह फैसला अफ्रीकी संघ के संविधान अधिनियम का उल्लंघन करता है. देशों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की कार्रवाइयों से हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र में अस्थिरता पैदा हो सकती है, जिससे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. 16 देशों ने सोमालिया की एकता के प्रति अपने अटूट समर्थन को फिर से दोहराया है।  सोमालीलैंड को लेकर इजरायल के इस कदम ने राजनयिक गलियारों में कड़वाहट पैदा कर दी है. कतर के विदेश मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक, सोमालीलैंड को 'तथाकथित' क्षेत्र बताते हुए इजरायली दूत की नियुक्ति को अवैध माना गया है. मुस्लिम देशों का तर्क है कि यह एकतरफा कार्रवाई सोमालिया के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप है और वैश्विक मंच पर इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।  हॉर्न ऑफ अफ्रीका में शांति की अपील विदेशी मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे सोमालिया की संप्रभुता का सम्मान करें. उन्होंने कहा कि इजरायल की इस पहल से क्षेत्र में चल रही शांति की कोशिशों को धक्का लग सकता है. इन 16 देशों ने एकजुट होकर कहा कि वे सोमालिया की अखंडता को बचाने के लिए हर मुमकिन कूटनीतिक कोशिश जारी रखेंगे और ऐसे किसी भी दूत को मान्यता नहीं दी जाएगी। 

होर्मुज में भारतीय जहाज पर हमले के बीच भारत भेज रहा है 3000 जवान, 10 जेट और 5 वॉरशिप, अमेरिका-चीन की चिंता बढ़ी

नई दिल्ली भारत और रूस की दोस्‍ती दशकों पुरानी है. न जाने कितने झंझावात आए और गए, पर दोनों देशों की दोस्‍ती मजबूत पिलर की तरह अडिग रही. ईरान जंग और होर्मुज जंग के बीच अब दोनों परंपरागत मित्र देश ने एक ऐसा फैसला किया है, जिससे अमेरिका और चीन जैसे देशों के माथे पर पसीना आना तय है. भारत और रूस एक-दूसरे की जमीन पर सेना के जवानों की तैनाती करने पर सहमत हो गए हैं. तीन हजार जवानों के अलावा 10 मिलिट्री एयरक्राफ्ट और 5 युद्धपोत भी दोनों देश एक-दूसरे के क्षेत्र में तैनात कर सकेंगे. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, पूरी दुनिया सुरक्षा चिंता के अभूतपूर्व दौर से गुजर रही है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने इस चिंता को और भी बढ़ा दिया है, ऐसे में भारत और रूस की ओर से उठाया गया यह कदम अपने आप में ऐतिहासिक है. ऐसे वक्‍त में जब दुनियाभर में दशकों से चली आ रही सहयोग की भावना दरक रही है, दो मित्र देशों के बीच इस तरह की रक्षा साझेदारी परस्‍पर विश्‍वास का बेहतरीन उदाहरण है।  भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने वाले एक अहम समझौते के तहत अब दोनों देश एक-दूसरे की जमीन पर 3000 तक सैनिक, सीमित संख्या में नौसैनिक जहाज और सैन्य विमान तैनात कर सकेंगे. यह व्यवस्था ‘इंडो-रशियन रेसिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक्स एग्रीमेंट’ (RELOS) के तहत लागू हुई है, जिस पर फरवरी 2025 में भारत और रूस के बीच हस्ताक्षर हुए थे और यह इस साल 12 जनवरी से प्रभावी है. रूस ने इस समझौते को दिसंबर 2025 में औपचारिक रूप से मंजूरी दी थी. रूस की आधिकारिक कानूनी इंफॉर्मेशन पर प्रकाशित जानकारी के अनुसार, इस समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे के क्षेत्र में एक समय में अधिकतम पांच युद्धपोत, दस सैन्य विमान और 3,000 सैनिकों की तैनाती कर सकते हैं. यह तैनाती पांच वर्षों की अवधि के लिए होगी, जिसे आपसी सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकता है. रूसी संसद की अंतरराष्ट्रीय मामलों की समिति के प्रथम उपाध्यक्ष व्याचेस्लाव निकोनोव (First Deputy Chairman of International Affairs Committee Vyacheslav Nikonov) ने इस प्रावधान की पुष्टि की है।  दोनों देशों को मिलेंगी कई सुविधाएं इस समझौते के लागू होने से दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सैन्य सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. खासतौर पर भारत के पास मौजूद रूसी मूल के सैन्य उपकरणों की सर्विसिंग और लंबी अवधि की तैनाती में यह समझौता बेहद उपयोगी साबित होगा. इसके अलावा यह समझौता संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और मानवीय सहायता अभियानों को भी कवर करता है. RELOS समझौता केवल सैन्य तैनाती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें लॉजिस्टिक सहयोग का भी विस्तृत प्रावधान है. इसके तहत मेजबान देश युद्धपोतों को बंदरगाह सेवाएं (Port Services), मरम्मत सुविधा, पानी, भोजन और अन्य तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराएगा. वहीं, सैन्य विमानों के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल, उड़ान से जुड़ी सूचनाएं, नेविगेशन सिस्टम का उपयोग, पार्किंग और सुरक्षा जैसी सुविधाएं शामिल होंगी. ईंधन, लुब्रिकेंट्स और तकनीकी मरम्मत जैसी सेवाएं भुगतान के आधार पर प्रदान की जाएंगी।  सामरिक साझेदारी को मजबूती समझौते के तहत दोनों देशों को एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों, जैसे एयरबेस और बंदरगाहों, तक पारस्परिक पहुंच भी मिलेगी. इससे भारत को रूस के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आर्कटिक क्षेत्र के ठिकानों तक पहुंच मिलेगी, जबकि रूस को भारत के सैन्य ढांचे का व्यापक उपयोग करने का अवसर मिलेगा. यह समझौता संयुक्त प्रशिक्षण, आपदा राहत और संभावित संयुक्त अभियानों के लिए भी मार्ग प्रशस्त करता है, जिससे दोनों देशों की सामरिक साझेदारी और मजबूत होगी। 

तेहरान का बयान, होर्मुज में भारतीय जहाज पर फायरिंग को लेकर 10 ताज़ा अपडेट्स

नई दिल्ली ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट से एक बार फिर जहाजों का आवाजाही बंद हो गई है. होर्मुज के रास्ते कच्चा तेल ले जा रहे भारतीय ध्वज वाले दो जहाजों पर फायरिंग की घटना ने हालात को और गंभीर बना दिया है. समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब ये जहाज इस संकरे जलमार्ग से गुजर रहे थे, जो पहले से ही क्षेत्रीय संघर्ष के चलते संवेदनशील बना हुआ है. इस घटना के बाद भारत ने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान के राजदूत को तलब किया और अपने नागरिकों और समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई।  इस बीच एक ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जिसमें एक भारतीय जहाज के क्रू मेंबर समुद्री अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं, ‘आपने मुझे रास्ता दिया और अब फायरिंग कर रहे हैं, मुझे वापस मुड़ने दीजिए.’ इस बीच ईरान की ओर से शांति का संदेश भी आया है, लेकिन जमीनी हालात और समुद्री गतिविधियां लगातार बढ़ते तनाव की ओर इशारा कर रही हैं।  होर्मुज के हालात पर 10 लेटेस्ट अपडेट्स…     होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो भारतीय जहाजों के पास अचानक फायरिंग शुरू हो गई. बताया गया कि ये गोलियां आसपास हो रही ‘स्मॉल आर्म्स फायरिंग’ का हिस्सा थीं, जो जहाजों तक पहुंच गईं. हालांकि किसी भी क्रू मेंबर को चोट नहीं आई.     सरकार से जुड़े सूत्रों ने स्पष्ट किया कि दोनों जहाजों को हल्का नुकसान हुआ है. इन जहाजों की ब्रिज विंडो पर गोली लगने की बात सामने आई है, लेकिन कोई बड़ा तकनीकी नुकसान या जानमाल की हानि नहीं हुई।      एक टैंकर के कप्तान ने दावा किया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े दो गनबोट्स जहाज के पास आए और फायरिंग शुरू कर दी. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।      इस घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत मोहम्मद फताअली को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया. विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ईरानी राजदूत को इस ‘गोलीबारी की घटना’ पर भारत की ‘गहरी चिंता’ से अवगत कराया.उन्होंने भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।      विदेश मंत्रालय ने याद दिलाया कि पहले भी ईरान ने भारत जाने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने में सहयोग किया है. अब भारत चाहता है कि वही प्रक्रिया जल्द बहाल की जाए।      भारतीय सूत्रों के मुताबिक, जहाजों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया, बल्कि वे ‘भटकी हुई गोलियों’ की चपेट में आए. इसके बावजूद घटना ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।      उधर यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने ओमान तट से करीब 20 नॉटिकल मील दूर सुरक्षा घटना की पुष्टि की है, जिससे क्षेत्र में खतरे का स्तर और बढ़ गया है।      कई जहाजों ने दावा किया कि उन्हें VHF रेडियो पर ईरानी नौसेना की ओर से संदेश मिला कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया गया है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन इससे जहाजों में दहशत फैल गई।      होर्मुज में गोलीबारी की इस घटना पर भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा, ‘ईरान और भारत के बीच रिश्ते बहुत मज़बूत हैं और जिस घटना का आपने ज़िक्र किया है, उसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।  हमें उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा और यह मामला सुलझ जाएगा.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘…हम यह युद्ध नहीं चाहते. हम शांति चाहते हैं, और हमें उम्मीद है कि दूसरा पक्ष भी शांति का पालन करेगा, ताकि हम एक शांतिपूर्ण क्षेत्र बना सकें।      इसी बीच ईरानी नेता मोहम्मद बाकेर क़ालिबाफ़ और सईद खतिबजादेह के बयानों ने हालात को और जटिल बना दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका को लेकर सख्त रुख अपनाया है और परमाणु मुद्दे पर किसी भी दबाव को मानने से इनकार किया है. इससे क्षेत्र में टकराव की आशंका और बढ़ गई है।  होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई यह घटना सिर्फ एक फायरिंग नहीं, बल्कि वैश्विक समुद्री सुरक्षा के लिए बड़ा संकेत है. भारत जैसे देश, जिनका बड़ा व्यापार इस मार्ग से गुजरता है, अब अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं. बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में हालात शांत होते हैं या यह संकट और गहराता है।   

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व का आयोजन

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व होगा आयोजित 24 से 26 अप्रैल तक लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन नाटकों और एक नृत्य नाटिका का होगा मंचन सीएम योगी आदित्यनाथ होंगे मुख्य अतिथि, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान होंगे मुख्य वक्ता लखनऊ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश सरकार तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ का आयोजन करेगी। 24 अप्रैल को दिनकर जी की पुण्यतिथि से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में ‘रश्मिरथी पर्व’ मनाया जाएगा। इसमें तीन नाटकों एवं एक नृत्य नाटिका का मंचन होगा। लोकभवन में शनिवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रेसवार्ता कर जानकारी साझा की। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कृति रश्मिरथी के हीरक जयंती वर्ष (75 वर्ष) पर यह कार्यक्रम होगा। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रेसवार्ता में बताया कि इस दौरान "रश्मिरथी संवाद" स्मारिका का लोकार्पण भी होगा। कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता होंगे। कार्यक्रम के संयोजक कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही हैं और अध्यक्षता राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा करेंगे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह विशिष्ट अतिथि और भाजपा नेता नीरज सिंह सह-संयोजक रहेंगे। कब और क्या कार्यक्रम होंगे – इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 24 अप्रैल को शाम 6.15 बजे ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका का लोकार्पण होगा। शाम 6.20 बजे से राष्ट्रीय परिसंवाद – प्रकाश और प्रेरणा का पुंज: रश्मिरथी- कार्यक्रम तय है। वहीं शाम 7.05 बजे ‘रश्मिरथी’ नाट्य मंचन होगा। – 25 अप्रैल को शाम 6.10 बजे से सांस्कृतिक भारत के निर्माण में स्वामी विवेकानंद जी के योगदान पर राष्ट्रीय परिसंवाद होगा। शाम 7.05 बजे से ‘स्वामी विवेकानंद’ नाटक का मंचन होगा। इस दिन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य होंगे। साथ ही अन्य गणमान्य नेता और पदाधिकारी शामिल होंगे। -26 अप्रैल शाम 6 बजे राष्ट्र निर्माण में लोकमान्य तिलक एवं पूर्व प्रधानमंत्री और अटल बिहारी वाजपेयी जी का योगदान पर राष्ट्रीय परिसंवाद होगा। शाम 7.05 बजे से भारत रत्न, कवि अटल बिहारी वाजपेयी जी की 10 कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका ‘अटल स्वरांजलि’ आयोजित होगी। शाम 8 बजे से ‘लोकमान्य तिलक’ नाटक का मंचन होगा। कार्यक्रम में यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।