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शाहरुख खान कैसे हैं असल जिंदगी में? एक्स सिक्योरिटी ने खोले राज

शाहरुख खान के साथ साये की तरह रहने वाले उनके एक्स सिक्योरिटी यासीन खान ने हाल ही में सुपरस्टार की जिंदगी के उन पन्नों को पलटा है, जिन्हें दुनिया कम ही जानती है. यासीन के लिए शाहरुख के साथ बिताया गया एक दशक केवल नौकरी नहीं, बल्कि एक ऐसा सफर था जिसने उनकी पूरी दुनिया बदल दी. एक समय था जब उन्होंने कभी हवाई जहाज तक नहीं देखा था, और फिर एक दौर ऐसा आया जब किंग खान के साथ रहते हुए उनके आठ पासपोर्ट स्टैम्प से भर गए. हिंदी रश के साथ बातचीत में यासीन ने बताया कि शाहरुख खान के साथ जुड़ने के बाद उनकी लाइफ स्टाइल पूरी तरह बदल गई थी. उन्होंने वो ऐश-ओ-आराम देखा जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी. यासीन कहते हैं, 'मेरी जिंदगी वैसी ही हो गई थी जैसी शाहरुख सर की थी. शाहरुख के साथ प्राइवेट जेट्स में दुनिया के कोने-कोने की यात्रा की और दुनिया के सबसे महंगे फाइव-स्टार होटलों में समय बिताया. मेरे पास आठ पासपोर्ट थे जो पूरी तरह से स्टैम्प से भरे हुए थे. यह मेरे लिए किसी सपने जैसा था, क्योंकि शाहरुख से मिलने से पहले उन्होंने कभी करीब से हवाई जहाज भी नहीं देखा था.' शाहरुख जिम्मेदार पिता- यासीन 2001 से 2011 तक शाहरुख के साथ साये की तरह रहने वाले यासीन ने सुपरस्टार के एक ऐसे रूप को देखा जो कैमरों की चकाचौंध से दूर था. यासीन के मुताबिक, शाहरुख अपनी व्यस्तता के बावजूद एक बेहद जिम्मेदार पिता हैं. वह अपने बच्चों आर्यन, सुहाना और अबराम की जिंदगी के हर छोटे-बड़े पल में शामिल रहते थे. चाहे वह बच्चों के स्पोर्ट्स इवेंट्स हों या उन्हें स्कूल छोड़ने जाना, शाहरुख थकान की परवाह किए बिना हमेशा मौजूद रहते. ताज्जुब की बात तो यह है कि जब वह विदेश में शूटिंग कर रहे होते थे, तब भी वह खुद पढ़ाई करते थे ताकि ऑनलाइन अपने बच्चों को परीक्षा की तैयारी करा सकें. आर्यन को लेकर क्या बताया? शाहरुख खान की प्रोफेशनल लाइफ जितनी हेक्टिक है, वह अपने परिवार के लिए उतने ही समर्पित रहे हैं. यासीन याद करते हैं कि शाहरुख हर साल लंदन में परिवार के साथ दो महीने का लंबा ब्रेक लेते थे. वहां वह किसी आम इंसान की तरह हाइड पार्क में दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलते थे. यासीन बताते हैं कि उन्होंने 10 सालों में एक बार भी शाहरुख को गौरी खान से यह कहते नहीं सुना कि वह थक गए हैं या किसी पारिवारिक कार्यक्रम में नहीं आ सकते. परिवार के प्रति उनका यह जज्बा वाकई काबिले तारीफ रहा है. यासीन ने आर्यन और सुहाना को बचपन से बड़े होते देखा है. आर्यन खान के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह शुरू से ही बहुत तमीजदार और शालीन रहे हैं. यासीन ने कहा, 'आर्यन बड़ों का बहुत सम्मान करते हैं और यह सब उन्हें शाहरुख सर से मिले संस्कारों की वजह से है. सुपरस्टार ने अपने बच्चों को जमीन से जुड़े रहने की जो सीख दी, वह उनके व्यवहार में साफ झलकती है.' खुद की कंपनी खोल ली 2011 में यासीन ने निजी कारणों से शाहरुख का साथ छोड़ा, लेकिन उनके रिश्ते में कभी कड़वाहट नहीं आई. शाहरुख ने न केवल उनके फैसले का सम्मान किया, बल्कि यह भी कहा कि उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं. इसके बाद 2015 में यासीन ने अपनी खुद की सुरक्षा कंपनी 'YK PROSEC' शुरू की. आज उनकी कंपनी बॉलीवुड और देश के बड़े घरानों की पहली पसंद है. उन्होंने विराट-अनुष्का और प्रियंका-निक जैसे बड़े सितारों की शादियों से लेकर अंबानी परिवार के बड़े आयोजनों तक की सुरक्षा का जिम्मा संभाला है.

बुध गोचर 2026: मीन से मेष में प्रवेश, कई राशियों के लिए बदलेगा भाग्य

 ज्योतिष के अनुसार ग्रहों का गोचर समय-समय पर जीवन में बदलाव लेकर आता है. अब बुध ग्रह अप्रैल 2026 के अंत में मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क और व्यापार का कारक माना जाता है, इसलिए इसका यह गोचर सभी राशियों को प्रभावित करेगा. हालांकि कुछ राशियों के लिए यह समय खास तौर पर लाभदायक साबित हो सकता है, जबकि कुछ को सावधानी बरतनी होगी. जानते हैं वो राशियां कौन सी हैं. मिथुन राशि मिथुन राशि के स्वामी बुध ही हैं, इसलिए यह गोचर आपके लिए शुभ रहेगा. इस दौरान आय बढ़ने के योग हैं. नए संपर्क बन सकते हैं. करियर में भी अच्छे अवसर मिल सकते हैं. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का साथ दिलाने वाला हो सकता है. पढ़ाई और करियर में सफलता मिल सकती है. आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो सकती है. धनु राशि धनु राशि के लोगों के लिए यह गोचर तरक्की और सफलता लेकर आ सकता है. मेहनत का अच्छा फल मिलेगा. समाज में सम्मान बढ़ सकता है. मकर राशि मकर राशि वालों के लिए पारिवारिक जीवन में सुधार देखने को मिल सकता है. घर का माहौल अच्छा रहेगा.  काम में संतुलन बना रहेगा. मीन राशि मीन राशि के लिए आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं. व्यापार में फायदा हो सकता है.  परिवार का सहयोग मिलेगा. इन राशियों को रहना होगा थोड़ा सतर्क मेष राशि मेष राशि वालों को स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत है. छोटी-छोटी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. वृषभ राशि इस दौरान खर्च बढ़ सकते हैं. मानसिक तनाव भी रह सकता है, इसलिए बजट संभालकर चलें. कुंभ राशि जल्दबाजी में फैसले लेने से नुकसान हो सकता है, इसलिए सोच-समझकर निर्णय लें. क्या करें उपाय? बुधवार के दिन हरी मूंग दाल का दान करें. भगवान गणेश की पूजा करें. अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें.

शनि की चाल बदलेगी भाग्य, मेष समेत इन राशियों को रहना होगा सावधान

 ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मों का फल देने वाला ग्रह माना जाता है. कहा जाता है कि शनि व्यक्ति को उसके अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार परिणाम देते हैं. इसलिए शनि का राशि या नक्षत्र बदलना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है और इसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है. इस बार 17 अप्रैल 2026 को शनि अपनी स्थिति में बदलाव करने जा रहे हैं. दरअसल, शनि उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे और लगभग 17 मई तक इसी स्थिति में रहेंगे. इसी दिन वैशाख अमावस्या भी है, जिसे स्नान और दान के लिए बेहद शुभ माना जाता है. ज्योतिष गणना के अनुसार, यह समय कुछ राशियों के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. खासतौर पर 4 राशियों को इस दौरान अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है. मेष राशि मेष राशि पर पहले से ही शनि साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है, ऐसे में शनि की चाल में बदलाव आपको और सतर्क रहने का संकेत दे रहा है. करियर में अचानक बदलाव या बाधाएं आ सकती हैं. क्या करें: कोई भी बड़ा फैसला जल्दबाजी में न लें और पैसों के मामले में सोच-समझकर कदम उठाएं. कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है. नौकरी या काम में स्थिरता कम हो सकती है और परिवार के साथ मतभेद बढ़ने की संभावना है. क्या करें: शांत रहें, छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करें और मानसिक संतुलन बनाए रखें. तुला राशि तुला राशि वालों के आत्मविश्वास में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है. काम में देरी हो सकती है और मेहनत का फल तुरंत नहीं मिलेगा. क्या करें: धैर्य रखें और लगातार प्रयास करते रहें, जल्द ही स्थिति सुधरेगी. मकर राशि मकर राशि के लिए शनि का यह बदलाव खर्चों में अचानक बढ़ोतरी ला सकता है. सेहत को लेकर भी थोड़ी परेशानी हो सकती है. क्या करें: खर्चों को नियंत्रित रखें और अपनी दिनचर्या और खान-पान का खास ध्यान रखें.

एनआईए का बड़ा खुलासा: लखनऊ में आतंकी लॉन्चपैड की साजिश नाकाम

लखनऊ राजधानी लखनऊ में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसमें पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर सक्रिय अल-कायदा हैंडलर उमर हेलमंडी पर राजधानी लखनऊ को आतंकी गतिविधियों का लॉन्चपैड बनाने की साजिश रचने का आरोप सामने आया है। एनआईए की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि 15 अगस्त 2021 से पहले देश में बड़े आतंकी हमलों की योजना बनाई गई थी, जिसकी कमान सीमा पार से संचालित हो रही थी और जिसका संचालन लखनऊ जैसे संवेदनशील शहर से किया जाना था। इस मामले में एनआईए-एटीएस की विशेष अदालत ने मुसीरुद्दीन उर्फ मुसीर, मिनहाज अहमद और तौहीद अहमद शाह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह राज्य के खिलाफ सुनियोजित युद्ध जैसी साजिश थी, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। सोशल मीडिया से तैयार हुआ आतंकी मॉड्यूल जांच में सामने आया कि अल-कायदा के इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) हैंडलर उमर हेलमंडी को भारत में नेटवर्क तैयार करने, युवाओं को रेडिकलाइज करने और छोटे-छोटे आतंकी मॉड्यूल बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। उसने सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को चुना और उन्हें संगठन की विचारधारा से जोड़कर आतंकी शपथ दिलवाई, जिसका वीडियो भी बाद में बरामद हुआ और अदालत में इसे महत्वपूर्ण सबूत माना गया। लखनऊ में तैयार हो रहा था लॉन्चपैड जांच एजेंसियों के अनुसार लखनऊ को केवल एक ठिकाने के रूप में नहीं बल्कि आतंकी लॉन्चपैड के रूप में विकसित किया जा रहा था। मड़ियांव, काकोरी, मदेयगंज, वजीरगंज और ठाकुरगंज जैसे इलाकों में हथियार जुटाए गए और स्थानीय स्तर पर नेटवर्क बनाने की कोशिश की गई। डिजिटल माध्यमों से संपर्क और प्रचार भी लगातार किया जा रहा था। सीमा पार से कश्मीर तक फैला नेटवर्क डिजिटल ट्रेल की जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क सीमा पार से लगातार निर्देश प्राप्त कर रहा था और इसकी कड़ियां कश्मीर तक भी जुड़ी हुई थीं। योजना के तहत भीड़भाड़ वाले इलाकों, सरकारी प्रतिष्ठानों और संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने की तैयारी थी, जिसमें मानव बम और विस्फोटक हमलों की साजिश शामिल थी। अदालत का सख्त संदेश एनआईए कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि आतंकवादी हमला हो या न हो, उसकी तैयारी और साजिश ही अपने आप में पूर्ण अपराध है। अदालत ने यह भी माना कि आरोपियों ने केवल विचारधारा साझा नहीं की, बल्कि सक्रिय रूप से आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाया और नेटवर्क तैयार करने में भूमिका निभाई। मददगार भी साजिश में शामिल जांच में यह भी सामने आया कि शकील, मुस्तकीम और मोहम्मद मोईद ने जानते हुए इस आतंकी नेटवर्क को सहायता दी। अदालत ने इसे केवल मदद नहीं बल्कि सक्रिय सहभागिता माना और कहा कि यह एक संगठित आतंकी साजिश का हिस्सा था, जिसे गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा जाना चाहिए। बिजनौर में भी बड़ी कार्रवाई इसी बीच बिजनौर पुलिस ने राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनमें समीर उर्फ रुहान और राजू राम गेदारा शामिल हैं। आरोप है कि ये लोग सोशल मीडिया और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे और गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभा रहे थे। सोशल मीडिया और टेलीग्राम से चल रहा था नेटवर्क जांच में यह भी सामने आया कि पूरा मॉड्यूल टेलीग्राम और व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए सक्रिय था। इसमें युवाओं को जोड़कर उन्हें गाड़ियों में आगजनी, रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने और अन्य राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जा रहा था।  

पटना में बीपीएससी परीक्षा घोटाला, 22 गिरफ्तार, बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर

पटना बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा 14 व 15 अप्रैल को आयोजित सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (एडीईओ) परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़ा गिरोह का खुलासा हुआ है। परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से 15 से 20 लाख रुपये तक की वसूली की जा रही थी। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में मास्टरमाइंड, तीन लाइनर और 18 अभ्यर्थियों समेत कुल 22 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी के आवेदन पर मुफ्फसिल थाना में बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड सूजल कुमार (भगतचौकी), लाइनर समीर कुमार (पटना), प्रियांशू कुमार (धरहरा) और प्रशांत कुमार (कहलगांव, भागलपुर) शामिल हैं। सभी लाइनरों को होटल से तथा मास्टरमाइंड को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से एक व्हाट्सएप ग्रुप मिला है, जिसमें सैकड़ों अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड पाए गए हैं। यह गिरोह कई जिलों में सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस ग्रुप की गहन जांच कर बड़े सरगना तक पहुंचने में जुटी है। बायोमेट्रिक के दौरान होता था खेल पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद के अनुसार, मास्टरमाइंड सूजल अपने अधीन तीन लाइनरों के जरिए पूरे नेटवर्क का संचालन करता था। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक प्रक्रिया के दौरान ऑपरेटर से मिलीभगत कर प्रश्नपत्र की तस्वीर मोबाइल से खींचकर मास्टरमाइंड को भेजी जाती थी। इसके बाद हल प्रश्नपत्र वापस लाइनर के पास पहुंचता, जो अभ्यर्थियों को उत्तर भरने में मदद करता था। गिरफ्तार लाइनरों के पास से छोटे इलेक्ट्रॉनिक चिप भी बरामद किए गए हैं, जिनमें प्रश्नपत्र और उसके उत्तर सुरक्षित पाए गए हैं। कोचिंग सेंटर की भूमिका संदिग्ध जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार सभी 18 अभ्यर्थियों ने एक ही कोचिंग सेंटर के माध्यम से इस गिरोह से संपर्क किया था। पुलिस ने कोचिंग सेंटर की पहचान कर ली है और उसके संचालक के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्राधीक्षक निलंबित, केस दर्ज उपेन्द्र ट्रेनिंग स्कूल परीक्षा केंद्र की केंद्राधीक्षक अर्चना कुमारी को निलंबित कर दिया गया है। उनके विरुद्ध कोतवाली थाना में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने बायोमेट्रिक ऑपरेटर को एंड्रॉयड मोबाइल उपयोग करने की अनुमति दी, जिससे फर्जीवाड़ा संभव हो सका। जानें एसपी ने क्या कहा? एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़ा गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल से मिले व्हाट्सएप ग्रुप में बिहार के कई जिलों के संदिग्धों और सैकड़ों अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड मिले हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही बड़े खुलासे की संभावना है।  

महिला किसान वर्ष 2026: डॉ. प्रतिभा तिवारी ने उत्पादन से उपयोग तक की प्रक्रिया पर चर्चा और सर्वेक्षण किया

महिला किसान वर्ष 2026 में डाॅ0 प्रतिभा तिवारी जी ने किया उत्पादन से उपयोग तक की प्रक्रिया में संपर्क/परिचय/चर्चा एवं सवेक्षण   टीकमगढ़ दिनांक 15/04/2026 को भारतीय स्त्रीशक्ति मध्यप्रदेश के द्वारा टीकमगढ़ के मिनोरा गाँव में “महिला किसान वर्ष 2026” में भारतीय स्त्री शक्ति मध्यप्रदेष की प्रदेश अध्यक्ष-डाॅ0 प्रतिभा तिवारी ने उत्पादन से उपयोग तक की प्रक्रिया में संपर्क/परिचय/चर्चा एवं सवेक्षण  किया जिसमें आपने कहा कि-उत्पादन से उपयोग तक की यह यात्रा केवल वस्तु के लेन-देन की नहीं, बल्कि विश्वास के निर्माण की प्रक्रिया है। यदि हमारा संपर्क मजबूत है, परिचय स्पष्ट है, चर्चा सकारात्मक है और सर्वेक्षण ईमानदार है, तो वह उत्पाद न केवल सफल होगा बल्कि समाज में अपनी एक अमिट छाप छोड़ेगा। उपयोगकर्ता की संतुष्टि ही किसी भी उत्पादन की वास्तविक सफलता है। उपयोगकर्ता के अनुभव को महिला किसान से बेहतर कोई नहीं समझ सकता। महिला किसान खुद उत्पादक भी है और उपभोक्ता भी। वह जानती है कि किस दाल को पकने में कम समय लगता है या किस अनाज का स्वाद मीठा है। उसका सर्वेक्षण किताबी नहीं, अनुभवी होता है। जब वह उत्पाद बाजार में लाती है, तो वह क्वालिटी कंट्रोल की पहली गारंटी होती है। किसान संघ महाकोशल की प्रदेश उपाध्यक्ष-सुश्री ज्ञानमंजरी दीक्षित ने बताया कि- आज के युग में उत्पादन का अर्थ केवल वस्तु बनाना नहीं है, बल्कि एक सम्बन्ध बनाना है। यह सम्बन्ध संपर्क से शुरू होकर उपयोग के बाद भी सर्वेक्षण के माध्यम से जीवित रहता है। आज हम जिस समाज में रहते हैं, वहां जब भी किसान शब्द का नाम लिया जाता है, तो आंखों के सामने एक पुरुष का चित्र उभरता है। लेकिन हकीकत यह है कि भारत के खेतों की असली रीढ़ हमारी महिलाएं हैं। सरपंच-श्रीमती शान्ति प्रजापति ने कहा कि- अक्सर खेतों के बाहर लगे बोर्ड पर पुरुष का नाम होता है, लेकिन उस खेत की मिट्टी के भीतर महिला किसान का पसीना होता है। महिला किसान वर्ष केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उस अदृश्य श्रम को पहचान देने का एक आंदोलन है। खेत की धूल को माथे का तिलक बनाती है, वो महिला किसान ही है जो पत्थर से भी फसल उगाती है। सिर्फ अन्न नहीं उगाती वो, इस देश का भविष्य बनाती है। प्रदेष कार्य समीति सदस्य महिला मोर्चा की श्रीमती पूनम अग्रवाल ने बताया कि-महिला किसान वर्ष मनाना तब सार्थक होगा जब हम उत्पादन से लेकर बाजार के हर सर्वेक्षण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। हमें यह स्वीकार करना होगा कि यदि किसान का हाथ मिट्टी में है, तो महिला किसान का दिल उस मिट्टी की खुशबू में है। संम्पर्क अभियान में श्रीमती रीना श्रीवास्तव, श्रीमती अनुराधा बक्षी से सम्पर्क किया गया। इसमें उपस्थित महिलाओं की संख्या 67 रही।

अक्षय तृतीया 2026: 19 अप्रैल को खरीदारी का शुभ मुहूर्त, जानें सस्ती शुभ चीजें

द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026, रविवार के दिन मनाया जाएगा. हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन जो भी  काम किया जाता है, उसका फल कभी खत्म नहीं होता और बढ़ता ही रहता है. इसी वजह से लोग इस दिन सोना खरीदते हैं, लेकिन हर किसी के लिए सोना लेना आसान नहीं होता है. ऐसे में आप बिना ज्यादा खर्च किए भी इस दिन को खास बना सकते हैं. कुछ सस्ती और रोजमर्रा की चीजें खरीदना भी उतना ही शुभ माना जाता है. तो आइए जानते हैं कि अक्षय तृतीया के दिन कौन सी सस्ती चीजें खरीदनी चाहिए. मिट्टी की चीजें खरीदें अक्षय तृतीया पर मिट्टी का घड़ा, दीया या गमला खरीदना अच्छा माना जाता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और शांति बनी रहती है. तांबे के बर्तन लें तांबा भी शुभ धातु माना जाता है. इस दिन तांबे का लोटा या बर्तन खरीदना घर के लिए अच्छा होता है. हल्दी और चावल खरीदें हल्दी और चावल पूजा में काम आते हैं और इन्हें शुभता का प्रतीक माना जाता है. इस दिन इन्हें खरीदना और घर लाना अच्छा होता है. साबुत धनिया लें अक्षय तृतीया पर साबुत धनिया खरीदना भी बहुत शुभ माना जाता है. इसे धन और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. लाल कपड़ा या रूई लाल कपड़ा और रूई भी पूजा में उपयोगी होती है. इन्हें खरीदना भी शुभ फल देने वाला माना जाता है. दान-पुण्य भी करें अगर आप कुछ खरीद नहीं पा रहे हैं, तो इस दिन जरूरतमंदों को दान करना भी उतना ही अच्छा माना जाता है. इससे मन को सुकून मिलता है और घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है. सोने-चांदी की खरीदारी का शुभ मुहूर्त सुबह (चर, लाभ, अमृत): सुबह 10:49 से लेकर दोपहर 12:21 दोपहर (शुभ): 01:58 पीएम से लेकर 03:35 पीएम शाम (शुभ, अमृत, चर): 06:50 पीएम से लेकर 10:58 पीएम रात (लाभ): 01:43 एम से लेकर 03:06 एम (20 अप्रैल) सुबह जल्दी (शुभ): 04:29 एम से लेकर 05:52 एम AM (20 अप्रैल)

सीएम योगी सख्त, औद्योगिक अशांति फैलाने वालों पर बड़ा आदेश

लखनऊ राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों के हितों और औद्योगिक व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर श्रमिक को सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियां, समय पर वेतन और सभी वैधानिक सुविधाएं मिलना उसका अधिकार है, और इनके हनन पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में औद्योगिक हालात की समीक्षा मुख्यमंत्री ने बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए औद्योगिक हालात और नोएडा में हालिया घटनाक्रम की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि औद्योगिक अशांति फैलाने में शामिल तत्वों की तत्काल पहचान की जाए, खासकर उन लोगों की जो स्वयं को श्रमिक बताकर व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। उपद्रवियों की पहचान और तस्वीरें सार्वजनिक करने का निर्देश सीएम योगी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे अराजक और उपद्रवी तत्वों की तस्वीरें सार्वजनिक स्थलों पर लगाई जाएं, ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने साफ कहा कि श्रमिकों की आड़ में किसी भी बाहरी व्यक्ति को औद्योगिक इकाइयों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू करने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को भड़काने वाले संगठनों, अफवाह फैलाने वालों और अराजक तत्वों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों को सुचारु रूप से चलाने और किसी भी प्रकार की बाधा को तुरंत रोकने के निर्देश दिए। मैनपावर एजेंसियों की होगी गहन जांच बैठक में सीएम योगी ने मैनपावर सप्लाई एजेंसियों में अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की वास्तविक संख्या, वेतन भुगतान, ईएसआई, बीमा और अन्य सुविधाओं की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जाए। जिन इकाइयों में शिकायतें मिलें, वहां थर्ड पार्टी सर्वे भी कराया जाए। हर उद्योग में ग्रीवांस सेल और बेहतर सुविधाओं के निर्देश मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि हर सरकारी और निजी औद्योगिक इकाई में ग्रीवांस सेल अनिवार्य रूप से बनाया जाए। साथ ही श्रमिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण मेस, डारमेट्री और सस्ते आवास की कार्ययोजना जल्द तैयार करने को कहा गया। उन्होंने श्रमिकों के लिए दुर्घटना बीमा और असामयिक मृत्यु की स्थिति में सुरक्षा कवरेज सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। नोएडा मामले में 66 गिरफ्तार, 45 गैर-श्रमिक होने का दावा इसी बीच नोएडा में श्रमिक प्रदर्शन से जुड़े मामले में पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है। प्रशासन के अनुसार अब तक 66 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 45 ऐसे लोग शामिल हैं जो वास्तविक श्रमिक नहीं थे। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा भड़काने में बाहरी तत्वों की भूमिका सामने आई है और जांच जारी है। एजेंसियों पर सख्त चेतावनी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी मैनपावर एजेंसी की लापरवाही से औद्योगिक इकाइयों में प्रदर्शन या अशांति की स्थिति बनती है, तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा और उसे स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।  

स्मार्ट मीटर लागू होते ही सोलर पैनल उपभोक्ताओं पर बढ़ा बिजली बिल का बोझ

गाजियाबाद  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद बिजली उपभोक्ताओं की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। खासतौर पर सोलर पैनल लगाने वाले उपभोक्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। लाखों रुपये खर्च कर सोलर सिस्टम लगवाने के बावजूद अब उन्हें हजारों रुपये के बिजली बिल चुकाने पड़ रहे हैं। इस स्थिति ने उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। सोलर यूनिट का नहीं हो रहा समायोजन पहले की व्यवस्था में सोलर पैनल से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली यूनिट को अगले महीने के बिल में समायोजित कर दिया जाता था। यदि किसी उपभोक्ता ने रोजाना 5 यूनिट बिजली उत्पन्न की और खपत 3 यूनिट रही, तो बिल शून्य आता था और बची हुई 2 यूनिट अगले महीने में जोड़ दी जाती थी। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। अब उपभोक्ताओं को पूरी खपत का बिल देना पड़ रहा है, चाहे उनके पास अतिरिक्त सोलर यूनिट ही क्यों न हो। तकनीकी खामियों ने बढ़ाई परेशानी जिले में अब तक 5820 से अधिक उपभोक्ताओं ने सोलर पैनल लगवाए हैं। इनमें से करीब 3000 उपभोक्ता स्मार्ट मीटर अपडेट न होने और यूनिट एडजस्टमेंट की समस्या से जूझ रहे हैं। वर्ष 2024 से अब तक सोलर योजना के तहत 25,703 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से हजारों उपभोक्ताओं ने 3 किलोवॉट से 5 किलोवॉट क्षमता तक के पैनल लगवाए हैं। सोलर पैनल लगाने में उपभोक्ताओं को डेढ़ लाख से लेकर पांच लाख रुपये तक खर्च करना पड़ा है, लेकिन अब उन्हें इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा। रिचार्ज न होने पर कट रही बिजली स्मार्ट मीटर के साथ लागू किए गए प्रीपेड सिस्टम ने उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ा दी है। अब उपभोक्ताओं को पहले से बिजली के लिए रिचार्ज कराना पड़ रहा है। कई मामलों में बैलेंस होने के बावजूद बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं जो उपभोक्ता समय पर रिचार्ज नहीं कर पा रहे हैं, उनके घरों की बिजली सप्लाई तुरंत बंद कर दी जा रही है। उपभोक्ताओं का छलका दर्द महेंद्र एन्क्लेव निवासी सुभाष चौधरी बताते हैं कि उन्होंने एक वर्ष पहले करीब ढाई लाख रुपये खर्च कर 3 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया था। इससे रोजाना 18 से 20 यूनिट बिजली बनती थी और कम खपत होने पर अतिरिक्त यूनिट अगले महीने जुड़ जाती थी। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह सुविधा समाप्त हो गई है। वहीं शास्त्री नगर निवासी रविंद्र गोयल का कहना है कि उन्होंने डेढ़ साल पहले 5 किलोवॉट का सोलर पैनल लगाया था, जिससे उन्हें रोजाना लगभग 30 यूनिट का लाभ मिल रहा था। लेकिन पिछले डेढ़ महीने से मीटर की रीडिंग अपडेट नहीं हो रही है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। तकनीकी समस्या बता रहे अधिकारी स्मार्ट मीटर में उत्पन्न यह समस्या तकनीकी कारणों से सामने आई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही सिस्टम को अपडेट किया जाएगा, जिससे सोलर यूनिट का समायोजन फिर से शुरू हो सकेगा। साथ ही अन्य तकनीकी समस्याओं की भी समीक्षा की जा रही है। अन्य समस्याएं भी बनीं मुसीबत स्मार्ट प्रीपेड मीटर के साथ कई अन्य समस्याएं भी सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि सर्वर डाउन होने के कारण कई बार रिचार्ज नहीं हो पाता। ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। बिजली कटने के बाद सप्लाई बहाल होने में घंटों लग जाते हैं। कई उपभोक्ताओं ने यह भी शिकायत की है कि उनके पोस्टपेड मीटर अपने आप प्रीपेड में बदल गए हैं। आज इन क्षेत्रों में रहेगी बिजली कटौती इधर, मरम्मत कार्य के चलते फ्राइडे मार्केट और भोवापुर क्षेत्र में आज सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इससे स्थानीय लोगों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

जयपुर RPA में भव्य समारोह, पेंशनर्स के लिए डिजिटल पोर्टल लॉन्च

जयपुर    राजस्थान पुलिस आज यानी 16 अप्रैल 2026 को अपना 77वां स्थापना दिवस मना रही है. इस ऐतिहासिक मौके पर जयपुर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. मुख्यमंत्री का कार्यक्रम स्थल पर आगमन बेहद शाही रहा, जहां वे पुलिस की मोटरसाइकिल बटालियन और घुड़सवार जवानों के साथ समारोह स्थल तक पहुंचे. मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली और प्रदेश के जवानों के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया. पुलिस पेंशनर्स को मिला 'डिजिटल उपहार' स्थापना दिवस के इस खास मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस कल्याण की दिशा में एक बड़ी और अनूठी पहल की. उन्होंने राजस्थान पुलिस पेंशनर्स पोर्टल (Rajasthan Police Pensioners Portal) का लोकार्पण किया. इस विशेष सेवा को राजकॉप सिटीजन एप (RajCop Citizen App) से जोड़ा गया है. इस पोर्टल के शुरू होने से अब राजस्थान पुलिस के हजारों पेंशनर्स और उनके परिवारजन घर बैठे डिजिटल सेवाओं का लाभ ले पाएंगे, जिससे उन्हें अपनी पेंशन संबंधी कार्यों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. इन 3 नागरिकों को मिला राज्य स्तरीय सम्मान इस वर्ष पुलिस स्थापना दिवस पर केवल जवानों को ही नहीं, बल्कि समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले तीन आम नागरिकों को भी सम्मानित किया गया. मुख्यमंत्री ने सिरोही के समाजसेवी प्रकाश प्रजापति, झालावाड़ के सुरजीत कश्यप और उदयपुर की बाल सुरक्षा सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया. अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ के आदेशानुसार इन तीनों ने समाज सेवा में अनुकरणीय भूमिका निभाई है. बाल संरक्षण की अलख जगाने वाली सिंधु बिनुजीत की कहानी सम्मानित होने वालों में उदयपुर की सिंधु बिनुजीत का नाम विशेष चर्चा में है. वर्ष 2010 से डूंगरपुर के आदिवासी क्षेत्रों में बाल श्रम और पलायन रोकने के लिए उन्होंने यूनिसेफ के साथ मिलकर 'वत्सल वार्ता' और 'बाल मित्र थाने' जैसे नवाचार किए. उनके प्रयासों से बच्चों के मन से पुलिस का डर खत्म हुआ. साल 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) भी उनके इस मॉडल से इतनी प्रभावित हुई थीं कि इसे पूरे राज्य में लागू करने के निर्देश दिए गए थे. कोटा से डूंगरपुर तक उत्साह स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेश के सभी जिलों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए. कोटा में रेंज आईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल और एसपी तेजस्विनी गौतम की मौजूदगी में परेड हुई और पौधरोपण किया गया. कोटपूतली में एसपी सतवीर सिंह ने झंडारोहण किया. वहीं बांसवाड़ा में एसपी सुधीर जोशी ने 54 पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट सेवा पदक से नवाजा. डूंगरपुर में एसपी मनीष कुमार के नेतृत्व में सेरेमोनियल परेड के साथ-साथ रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.