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रोजगार मेले में 27 हजार युवाओं का पंजीकरण, बड़ी संख्या में युवाओं को मिला रोजगार

रोजगार मेले में 27 हजार युवाओं का पंजीकरण, बड़ी संख्या में मिला रोजगार 200 से अधिक कंपनियों ने की भागीदारी, युवाओं को उद्योगों से सीधे जुड़ने का मिला अवसर मुजफ्फरनगर  मुजफ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड में  आयोजित भव्य रोजगार मेला एवं विकास कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के समग्र विकास, युवाओं के सशक्तीकरण और किसानों के कल्याण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस दौरान उन्होंने चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा तैयार “कौशल दर्शन” पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसमें प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की सफलता की कहानियों का संकलन है। साथ ही मिशन द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया, जिसने कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया। 200 से अधिक कंपनियों की भागीदारी रोजगार मेले में 200 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया, जिससे युवाओं को सीधे उद्योगों से जुड़ने का अवसर मिला। इस मेले में 27,000 से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया, जिनमें से बड़ी संख्या में युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह मेला युवाओं के लिए एक सशक्त प्लेटफॉर्म साबित हो रहा है, जहां उन्हें उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार मिल रहा है। उन्होंने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि जो युवा इस बार चयनित नहीं हो सके हैं, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार समय-समय पर ऐसे अवसर उपलब्ध कराती रहेगी। बड़ी संख्या में युवाओं की रही मौजूदगी मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। रोजगार मेलों के जरिए न केवल नौकरी के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि स्वरोजगार को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश में निवेश, उद्योग और तकनीकी विकास को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए और अधिक रोजगार सृजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिससे यह आयोजन उत्साह और ऊर्जा से भरपूर नजर आया।

‘शांति, सत्य और विज्ञान’ थीम पर DRDO शो: युवाओं को मिलेगी आधुनिक रक्षा तकनीक की झलक

 मोतिहारी बिहार के मोतिहारी स्थित महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) 15 से 18 अप्रैल तक एक विशाल प्रदर्शनी आयोजित कर रहा है. इस आयोजन का उद्घाटन रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष और सांसद राधा मोहन सिंह करेंगे. इस प्रदर्शनी का मुख्य मकसद युवाओं को प्रेरित करना और देश की सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने वाली तकनीकों से रूबरू कराना है. प्रोग्राम की थीम 'शांति, सत्य और विज्ञान का संगम- सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत की ओर' रखी गई है. इसमें ब्रह्मोस, पृथ्वी, आकाश, प्रलय और अग्नि जैसी मिसाइलों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे. इसके साथ ही, मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन, पिनाका रॉकेट सिस्टम और कई एडवांस राडार सिस्टमों को जनता के सामने पेश किया जाएगा. यह आयोजन भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' विजन की दिशा में उठाए गए मजबूत कदमों को उजागर करेगा. अत्याधुनिक मिसाइल और आर्टिलरी सिस्टम प्रदर्शनी में डीआरडीओ द्वारा विकसित एडवांस रक्षा प्रणालियों की एक विस्तृत चेन दिखाई देगी. इनमें आकाश-एनजी (न्यू जेनरेशन) लॉन्चर, एंटी-सैटेलाइट (ए-सैट) मिसाइल और नाग एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल प्रमुख हैं. इसके अलावा, एडवांस टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) और मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) जैसे हथियारों के मॉडल भी आकर्षण का केंद्र होंगे. मैदान पर सेना की ताकत बढ़ाने वाले मेन बैटल टैंक अर्जुन (एमके-I और II) और इंडियन लाइट टैंक (ILT) के मॉडल्स भी यहां प्रदर्शित किए जाएंगे. तकनीक के क्षेत्र में एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) सिस्टम, उत्तम एईएसए रडार और ड्रोन डिटेक्शन रडार की क्षमताओं को भी दिखाया जाएगा. यह युवाओं को रक्षा क्षेत्र में हो रहे बदलावों की बारीकियां समझने का मौका देगा. प्रदर्शनी में कावेरी इंजन का रैपिड प्रोटोटाइप मॉडल, ऑटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्शन (ACADA) और होलोग्राफिक साइट जैसी तकनीकों को शामिल किया गया है. इसके अलावा ब्लास्ट प्रोटेक्शन सूट, बैलिस्टिक हेलमेट और नौसैनिक स्टील जैसी सामग्रियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा.

अक्षय तृतीया 2026: 19 अप्रैल को बनेगा गजकेसरी सहित कई राजयोग

अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का एक बेहद शुभ और पवित्र दिन माना जाता है. यह हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है. इस दिन को बिना मुहूर्त के भी शुभ कार्य शुरू करने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है. 'अक्षय' का मतलब होता है कभी खत्म न होने वाला. मान्यता है कि इस दिन किए गए अच्छे काम, दान, पूजा या निवेश का फल कभी कम नहीं होता, बल्कि लगातार बढ़ता रहता है. इस बार अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी. द्रिक पंचांग के अनुसार, यह पर्व हर वर्ष के वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन सोना और चांदी खरीदना बहुत ही शुभ होता है. वहीं, इस बार अक्षय तृतीया कई दुर्लभ संयोगों के साथ आ रही है. अक्षय तृतीया पर होगा इन संयोगों का निर्माण ज्योतिषियों के मुताबिक, अक्षय तृतीया वाले दिन गुरु-चंद्रमा एक ही राशि में रहेंगे, जिससे गजकेसरी राजयोग बनेगा. इस दिन त्रिपुष्कर राजयोग, आयुष्मान राजयोग, मालव्य राजयोग और शश राजयोग का निर्माण होगा. अक्षय तृतीया पर इन राजयोगों के बनने से कई राशियों का गोल्डन टाइम शुरू होगा. आइए जानते हैं उन लकी राशियों के बारे में. मेष राशि अक्षय तृतीया आपके लिए अच्छे संकेत लेकर आ सकती है. जमीन-जायदाद से जुड़ा कोई फायदा मिल सकता है. नौकरी या करियर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे. पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए भी यह समय फायदेमंद साबित हो सकता है. वृषभ राशि इस राशि के लोगों के लिए आर्थिक मामलों में सुधार के योग हैं. पहले से अटका पैसा वापस मिल सकता है, जिससे राहत मिलेगी. निवेश करने वालों को भी लाभ मिलने की संभावना है. समाज में आपकी पहचान और सम्मान बढ़ सकता है. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह समय खुशियां लेकर आ सकता है. कोई अच्छी खबर मिल सकती है और लंबे समय से जो इच्छाएं अधूरी थीं, वे पूरी हो सकती हैं. करियर में भी अच्छे मौके मिलेंगे और परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय राहत भरा रहेगा. घर-परिवार में खुशी का माहौल रहेगा. व्यापार करने वालों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है. साथ ही बचत बढ़ने के संकेत हैं और स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा. मीन राशि मीन राशि वालों के लिए अधूरे काम पूरे होने के योग बन रहे हैं. मानसिक रूप से आप खुद को मजबूत महसूस करेंगे. अचानक धन लाभ हो सकता है. जो लोग नया काम शुरू करना चाहते हैं, उन्हें इस समय सही दिशा मिल सकती है.

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव: नीतीश कुमार आज दे सकते हैं इस्तीफा

पटना  बिहार की राजनीति में मंगलवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. बीते 20 साल से मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार आज अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं. वे अब राज्यसभा सांसद बन चुके हैं. इससे पहले उन्होंने अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक बुलाई, जिसमें सरकार को भंग करने की सिफारिश की गई. दोपहर 3:15 बजे इस्तीफा देंगे सीएम जानकारी के मुताबिक, नीतीश कुमार दोपहर 3:15 बजे राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं. इसके साथ ही मौजूदा सरकार का कार्यकाल औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा. कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रियों की भावुक प्रतिक्रिया बैठक खत्म होने के बाद कई मंत्रियों ने इसे भावुक क्षण बताया. सभी ने नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल और उनके नेतृत्व की सराहना की. लखेंद्र पासवान बोले- बिहार को मजबूत बनाने का काम हुआ मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के लोगों का भरोसा जीता है और राज्य को सशक्त बनाने की दिशा में काम किया है. उन्होंने कहा कि आगे भी नई सरकार में उनकी भूमिका मार्गदर्शक के रूप में रहेगी. लेसी सिंह ने बताया भावुक और गौरव का पल मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि यह पल भावुक होने के साथ-साथ गौरव का भी है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जैसे नेता के साथ लंबे समय तक काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही. रामकृपाल यादव हुए भावुक बैठक के बाद मंत्री रामकृपाल यादव भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि यह पूरे बिहार के लिए भावुक क्षण है. उन्होंने नीतीश कुमार के 20 साल के कार्यकाल को राज्य के विकास में महत्वपूर्ण बताया. बीजेपी विधायक बोले- बिहार के इतिहास में दर्ज होगा नाम बीजेपी विधायक विनोद नारायण झा ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के विकास में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि उनका नाम बिहार के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा और वे आगे भी मार्गदर्शक की भूमिका में रहेंगे.

महाकाल के दरबार में मिलिन्द सोमन और नीतीश राणा, बाबा से की दिल की बात

उज्जैन   मंगलवार तड़के एक्टर मिलिंद सोमन व क्रिकेटर नीतीश राणा महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन पहुंचे. मिलिंद सोमन व नीतीश राणा दोनों ही अपनी पत्नी के साथ भस्म आरती में शामिल हुए. मिलिंद सोमन के साथ उनकी पत्नी अंकिता कोंवर व क्रिकेटर नीतीश राणा के साथ उनकी पत्नी सांची मारवाह ने महाकाल का आशीर्वाद लिया।  भस्म आरती में भावुक नजर आए मिलिंद सोमन फिल्म अभिनेता मिलिंद सोमन भस्म आरती के दौरन काफी भावुक नजर आए और लगातार महाकाल का जाप करते हुए दिखे. तड़के 2 बजे से भस्त आरती की तैयारियां शुरू हो गई थी, जिसके साथ ही मिलिंद सोमन व नीतीश राणा भी नंदी हॉल पहुंच गए।  यहां दोनों को पुजारियों ने गर्भग्रह स्थित सभी देवी देवताओं का पूजन कर जलाभिषेक कराया. इसके बाद भगवान का दूध, दही,घी, शक्कर व फलों के रस से अभिषेक करवाया गया और फिर भगवान को भस्म रमाकर भस्म आरती की शुरुआत हुई।  'बाबा का बुलावा आ ही गया' मिलिंद व नीतीश लगभग 2 घंटों तक नंदी हाल में बैठे रहे. आरती पूर्ण होने के बाद उन्होंने बाबा महाकाल के दरबार में माथा टेककर दर्शन किए. इसके बाद राघव पुजारी के माध्यम से भगवान को जल अर्पित किया. दर्शन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए अभिनेता मिलिन्द सोमन ने कहा, '' खुशी की बात है कि यहां आने का मौका मिला, यहां आकर मन को बहुत शांति मिली है. हम लंबे समय से सोच रहे थे कि महाकाल के दर पर आना है, बहुत सालों से ऐसी आशा थी कि हम आएंगे लेकिन कहते हैं कि जब तक बुलावा नहीं आता है, तब तक नही आ सकते हैं. अब बुलावा आ गया है. इनके (पत्नी) के कारण हम आए हैं, ये मेरी धर्म पत्नी हैं, इन्होंने कहा था कि हम जाएंगे. यहा आकर बहुत-बहुत अच्छा लगा, सबका बहुत-बहुत धन्यवाद. जय महाकाल'' क्रिकेटर नीतीश राणा ने किया जल अभिषेक इस दौरा क्रिकेटर नीतिश राणा ने भी पत्नी संग विधि विधान से महाकाल का पूजन किया और पुजारियों के माध्यम से महादेव का जल अभिषेक किया. नीतीश काफी देर तक नंदी हॉल में बैठकर मंत्रजाप करते भी नजर आए. महाकाल मंदिर में हर दिन लाखों की तादाद में आम जनता के साथ-साथ सिलेब्रिटीज, क्रिकेटर, राजनेता समेत देश-दुनिया की तमाम हस्तियां दर्शन के लिए पहुंचती हैं। 

42 हजार कर्मचारी सड़कों पर, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से भड़काने का शक

नोएडा  उत्तर प्रदेश के नोएडा फेज दो स्थित कंपनी के दफ्तर से शुरू हुआ कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार को उग्र रूप ले लिया। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई कंपनियों में कर्मचारियों को बाहर निकाल कर इकाई को बंद कराया गया। इसके बाद सड़कों पर उतर कर कर्मचारी प्रदर्शन करते दिखे। शहर के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए। अब इसके पीछे किसी प्रकार की साजिश का अंदेशा जताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि कर्मचारियों को भड़का कर उग्र आंदोलन कराया गया। मामले की जांच के लिए एसटीएफ को लगाया गया है। एसटीएफ हिंसक और उग्र आंदोलन को भड़काए जाने की जांच करेगी। नोएडा में श्रमिकों के आंदोलन को लेकर लखनऊ तक हलचल दिखी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों की समस्याओं के समाधान और जांच के लिए औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में कमिटी गठित की है। कमिटी की अनुशंसा के आधार पर न्यूनतम वेतनमान में अंतरिम वृद्धि का आदेश जारी किया गया है। तीनों प्रकार के श्रमिकों के वेतन में लगभग 21 फीसदी की वृद्धि की घोषणा की गई है। वहीं, पुलिस और प्रशाासन घटना की जांच और एक्शन में जुट गई है। नोएडा पुलिस का एक्शन तेज नोएडा पुलिस का मामले में एक्शन तेज हो गया है। नोएडा में मजदूरों के विरोध पर पुलिस कमिश्नर, गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह का बड़ा बयान आया है। सीपी ने कहा कि कल हमारी ओर से अलग-अलग स्थानों पर हुई घटनाओं को लेकर 7 एफआईआर दर्ज की गई है। उपद्रव के मामले में 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनको उकसाने की दिशा में जो लोग चिह्नित किए गए थे, उनकी भी गिरफ्तारियां की गई हैं। सीपी ने कहा कि आने वाले दिनों में भी कुछ गिरफ्तारियां की जाएगी। सीपी ने जताया संदेह पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने मंगलवार को कहा कि सोमवार को नोएडा में 83 स्थानों पर 42 हजार से अधिक कर्मचारी सड़कों पर उतरे थे। दो स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन हुआ। इस दौरान पुलिस ने न्यूनतम बल प्रयोग करते हुए श्रमिकों के प्रदर्शन को काबू में लाया गया। सीपी ने कहा कि अन्य स्थानों पर प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को समझा-बुझाकर वापस भेजा गया। सीपी ने कहा कि जो श्रमिक हैं, ऐसा पता चला है कि कोई एक ग्रुप है जो उन्हें पीछे से उकसा रहा है। पीछे से बहुत व्यवस्थित तरीके से चीजों को आगे बढ़ा रहा है। सीपी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में ऐसे बहुत से फर्जी ट्विटर और अन्य अकाउंट बनाए गए हैं। इसके माध्यम से लगातार श्रमिकों को उकसाने, हिंसा, फैक्टरियों में आगजनी करने, पुलिस से भिड़ने के लिए उकसाया जाता रहा है। कल 2 अकाउंट के बारे में पता लगा था। पिछले 2 दिनों में श्रमिकों के 2 वाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं, जिसमें QR कोड स्कैन करके ग्रुप में जोड़ा रहा है। पुलिस करेगी फंडिंग की जांच पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि पूरे मामले की जांच के क्रम में सामने आया है कि पीछे से कोई संगठित गिरोह कर्मचारियों को भड़का रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को भीड़ में से चुनकर गिरफ्तार किया गया है। आगे भी इस प्रकार के लोगों की गिरफ्तारियां सुनिश्चित की जाएगी। इनकी फंडिंग की भी जांच की जाएगी। अगर जांच में आता है कि देश या प्रदेश के बाहर से इन लोगों को फंडिंग की गई है तो इस दिशा में भी काम किया जाएगा। मंगलवार को भी प्रदर्शन नोएडा के फेज 2 इलाके में एक कंपनी के कर्मचारियों ने कंपनी के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारी वेतन वृद्धि सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद रही। इस दौरान श्रमिकों की ओर से किसी प्रकार की हिंसक गतिविधि की खबर अब तक नहीं है।  

UP में वोटर लिस्ट में बड़ा झटका: 2 करोड़ से ज्यादा नाम कटे, कई दिग्गजों की सीट पर खतरा!

लखनऊ उत्तर प्रदेश में एसआईआर प्रोसेस के बाद 2.04 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से कम हुए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर शहर में सबसे कम 33,094 वोट कटे हैं, जो प्रदेश के उन टॉप 5 शहरी क्षेत्रों में शामिल है, जहां सबसे कम गिरावट दर्ज की गई. इसके उलट डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की लखनऊ कैंट विधानसभा सीट उन टॉप 5 क्षेत्रों में है, जहां सबसे ज्यादा 1.47 लाख वोट कम हुए हैं. यह आंकड़े मुख्यमंत्री द्वारा कार्यकर्ताओं को दी गई उस चेतावनी के बाद आए हैं, जिसमें उन्होंने बूथ स्तर पर मेहनत न करने पर भयावह परिणाम भुगतने की आशंका जताई थी. पूरे सूबे में औसतन हर सीट पर 13.24 फीसदी मतदाता कम हुए हैं. विश्लेषण दिखाता है कि भारतीय जनता पार्टी की तुलना में समाजवादी पार्टी की सीटों पर वोट कम कटे हैं. बीजेपी की शहरी सीटों पर औसतन 18.11 फीसदी वोट घटे, जबकि एसपी की शहरी सीटों पर यह आंकड़ा 16.36 फीसदी रहा. दिग्गज नेताओं की सीटों पर भारी फेरबदल नेताओं की जीत के मार्जिन और कटे हुए वोटों का अंतर काफी डराने वाला है. लखनऊ की सरोजिनी नगर सीट से राजेश्वर सिंह 56 हजार वोटों से जीते थे, लेकिन वहां 1.42 लाख मतदाता कम हो गए. विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना 82 हजार से जीते थे और 90 हजार वोट कट गए. कुंडा में राजा भैया की सीट पर 55 हजार वोट कम हुए, जबकि उनकी जीत का मार्जिन केवल 30 हजार था. इसी तरह रायबरेली में अदिति सिंह की सीट पर 56 हजार वोट कम हुए हैं. एसआईआर के आंकड़ों में एसपी की 102 सीटों पर वोट कटने का दायरा 26 हजार से 1.07 लाख तक रहा, जबकि बीजेपी की 257 सीटों पर यह 26 हजार से 3.16 लाख तक पहुंच गया. मुस्लिम बहुल अमरोहा शहर (एसपी सीट) में सबसे कम 26,233 वोट कटे, वहीं बीजेपी की साहिबाबाद सीट पर सबसे ज्यादा 3,16,484 वोट घट गए. ग्रामीण इलाकों में दोनों दलों के बीच का अंतर सिर्फ एक फीसदी के करीब है. सहयोगी दलों की स्थिति और योगी का मॉडल राजनीतिक दलों के लिहाज से देखें तो अपना दल की सीटों पर 27 हजार से 72 हजार, सुभासपा की सीटों पर 28 हजार से 50 हजार और निषाद पार्टी की सीटों पर 30 हजार से 59 हजार वोट कम हुए हैं. आरएलडी की सीटों पर भी 27 हजार से 48 हजार वोटों की कमी आई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को छोड़कर कोई बड़ा नेता अपना क्षेत्र पूरी तरह नहीं बचा पाया है.

जयपुर केस पर बवाल: IMA के ऐलान से पूरे प्रदेश में ठप स्वास्थ्य सेवाएं

जयपुर राजस्थान में  आज (14 अप्रैल) से 24 घंटे तक पूरी तरह से प्राइवेट अस्पताल बंद रहेंगे. इस दौरान प्रदेशभर के प्राइवेट अस्पतालों में ओपीडी और आईपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप रहेंगी. जयपुर के एक डॉक्टर की गिरफ्तारी के खिलाफ राज्य के प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों ने 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है. प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों के इस ऐलान से राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं पर काफी असर पड़ने वाला है और इस हड़ताल से मरीजों का भी भारी दिक्कत होगी. 24 घंटे का हड़ताल का ऐलान दरअसल, जयपुर में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल के निदेशक डॉ. सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी हुई थी. उन्हें हाल ही में चिकित्सीय लापरवाही के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था. अब पुलिस की इसी कार्रवाई के विरोध में 'इंडियन मेडिकल एसोसिएशन' (IMA) ने मंगलवार से प्रदेशभर के निजी अस्पतालों में 24 घंटे की संपूर्ण हड़ताल का ऐलान कर दिया. जानकारी के अनुसार, 14 अप्रैल सुबह 8 बजे से अगले दिन सुबह तक ओपीडी और आईपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप रहेंगी. डॉक्टरों का आरोप है कि मेडिकल बोर्ड द्वारा लापरवाही का सबूत न मिलने के बावजूद सरकार ने मामूली अनियमितताओं के आधार पर यह दमनकारी कदम उठाया है. इस गतिरोध से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा संकट मंडरा रहा है. IMA राजस्थान के अध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि पहले गठित एक मेडिकल बोर्ड ने मामले में चिकित्सीय लापरवाही का कोई सबूत नहीं पाया था. डॉक्टर सोनदेव बंसल की क्यों हुई गिरफ्तारी डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने डॉक्टर सोनदेव बंसल से जुड़े केस के बारे में बताया कि अक्टूबर 2025 में जितेन्द्र कुमार शर्मा ने मानसरोवर थाने में रिपोर्ट दी कि उनकी मां शशि शर्मा को 01 सितंबर 2025 को निविक हॉस्पिटल में न्यूरो के इलाज के लिए भर्ती कराया था. अस्पताल ने उनकी माता का इलाज शुरू कर दिया और उनसे इलाज के नाम पर लाखों रुपये वसूल कर लिये गये, जिनका आज तक कोई हिसाब किताब बिल रशीद नहीं दी. जितेंद्र ने रिपोर्ट में कहा कि उनकी मां का इलाज कुछ समय तक RGHS से भी किया गया और उनसे लाखों रुपये नकद भी लिए गए. इस दौरान अस्पताल प्रशासन आश्वासन देता रहा कि उनकी मां का इलाज अच्छा चल रहा है. हालांकि, कुछ दिनों बाद जितेंद्र की मां की मौत हो गई. जब जितेंद्र ने अपनी मां के इलाज के दस्तावेज और इलाज की रशीद व बिल मांगे तो अस्पताल ने देने से इनकार कर दिया. वही फ़र्जी फर्जी रिकार्ड तैयार किया गया. पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला कि अस्पताल प्रबंधक ने आरजीएचएस कार्यालय में जितेंद्र की मां को इलाज के लिए बार-बार डिस्चार्ज दिखाकर दोबारा भर्ती किया दिखाया. परिवादी की बिना सहमति से एक ही सहमति पत्र (consent form) पर कांट-छांट कर अलग-अलग डेट डालकर आरजीएचएस पोर्टल पर अपलोड किया गया. आरजीएचएस ऑफिस ने अस्पताल के खिलाफ जांच में अनियमितता के आरोप प्रमाणित माने है और एफएसएल रिपोर्ट के अनुसार भी दस्तावेजों में कांटछांट करना प्रमाणित पाया जाने पर संचालक डॉ. सोनदेव बंसल को गिरफ्तार किया गया.

सोशल मीडिया पर फैली अफवाह पर सरकार का एक्शन: जानिए क्या है मजदूरों का असली न्यूनतम वेतन

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही उस खबर को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि राज्य में मजदूरों का न्यूनतम वेतन ₹20 हजार प्रति माह कर दिया गया है. सरकार ने इसे साफ तौर पर भ्रामक और झूठी जानकारी बताया है और लोगों से अपील की है कि वो सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें. शासन द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि ₹20 हजार न्यूनतम वेतन तय करने का कोई फैसला नहीं लिया गया है. सरकार ने कहा कि इस तरह की खबरें पूरी तरह मनगढ़ंत हैं और इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है. इस तरह की अफवाहों से भ्रम की स्थिति पैदा होती है, जिससे आम जनता और श्रमिक दोनों प्रभावित होते हैं. हालांकि, सरकार ने यह जरूर बताया कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और श्रमिकों की मांगों को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम वेतन में अंतरिम वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है. इस अंतरिम वृद्धि का उद्देश्य मजदूरों को तत्काल राहत देना है, ताकि उनकी आय में कुछ सुधार हो सके. सरकार ने कहा, केवल आधिकारिक सूचना पर करें भरोसा राज्य में वर्तमान न्यूनतम वेतन दरों का भी विवरण साझा किया गया है. अधिसूचित दरों के अनुसार, अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन ₹11,313.65 तय किया गया है, जबकि दैनिक वेतन ₹435.14 है. इसी तरह अर्धकुशल श्रमिकों के लिए मासिक वेतन ₹12,446 और दैनिक वेतन ₹478.69 निर्धारित किया गया है. वहीं कुशल श्रमिकों के लिए मासिक वेतन ₹13,940.37 और दैनिक वेतन ₹536.16 रखा गया है. सरकार ने कहा कि यह दरें हाल ही में अधिसूचित की गई हैं और इन्हीं के आधार पर वर्तमान में भुगतान किया जाना चाहिए. नियोक्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन दरों का सख्ती से पालन करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता न करें. इसके साथ ही, सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अगले माह वेज बोर्ड के गठन की घोषणा की है. यह वेज बोर्ड श्रमिकों के वेतन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करेगा और अपनी सिफारिशें सरकार को देगा. इन सिफारिशों के आधार पर भविष्य में न्यूनतम वेतन की नई दरें तय की जाएंगी. अगले महीने बनेगा वेज बोर्ड, नई दरों पर होगी सिफारिश सरकार का मानना है कि वेज बोर्ड के माध्यम से एक संतुलित और व्यावहारिक वेतन संरचना तैयार की जा सकेगी, जिससे श्रमिकों और उद्योग दोनों के हितों का ध्यान रखा जा सके. इससे वेतन निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और सभी पक्षों को न्याय मिलेगा. राष्ट्रीय स्तर पर भी न्यूनतम वेतन को लेकर काम जारी है. केंद्र सरकार नई श्रम संहिताओं के तहत पूरे देश के लिए एक समान न्यूनतम आधार रेखा यानी फ्लोर वेज तय करने की प्रक्रिया में है. इसका उद्देश्य यह है कि देश के हर हिस्से में श्रमिकों को एक न्यूनतम स्तर का वेतन सुनिश्चित किया जा सके. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर नियोक्ताओं से अपील की है कि वे श्रमिकों के हितों का ध्यान रखें और उन्हें नियमानुसार वेतन दें. उन्होंने कहा कि श्रमिकों को ओवरटाइम का भुगतान, साप्ताहिक अवकाश और बोनस जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कार्यस्थलों पर महिला श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सभी नियोक्ता यह सुनिश्चित करें कि महिला कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिले. इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने अराजक और बाहरी तत्वों द्वारा की जा रही गैर-कानूनी गतिविधियों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. सरकार ने साफ किया है कि किसी भी तरह की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सरकार ने एक बार फिर दोहराया कि वह औद्योगिक विकास और श्रमिक कल्याण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. श्रमिकों की भलाई और उद्योगों की प्रगति, दोनों को साथ लेकर चलने की नीति पर काम किया जा रहा है. नियोक्ताओं को निर्देश, नियमों के अनुसार दें वेतन और सुविधाएं अंत में, सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट खबरों से सावधान रहें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें. इससे न केवल भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है, बल्कि सही जानकारी भी सभी तक पहुंचाई जा सकती है.

पंचकूला में अंबेडकर जयंती पर समता रन मैराथन, सीएम सैनी ने दी शुरुआत और समाज को दिया महत्वपूर्ण संदेश

पंचकूला बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर हरियाणा के पंचकूला में मंगलवार को 'समता रन' मैराथन का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मैराथन को झंडी दिखाई। इस कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के कई मंत्री और विधायकों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री सैनी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहेब शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार मानते थे। उन्होंने हमें यह संदेश दिया और कहा कि 'शिक्षित बनो, संगठित बनो और संघर्ष करो।' हमें इन शब्दों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा, जागरुकता और एकता के माध्यम से समाज में सकारात्मकता और परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मैराथन में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देता हूं। आप इस मैराथन में पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ दौड़े। सीएम सैनी ने कहा, "समाज में समानता और न्याय के संदेश के फैलाने का एक संदेश हमें देना चाहिए। यह दौड़ सिर्फ आपके पैरों की गति नहीं, बल्कि आपके विचारों की शक्ति को भी प्रदर्शित करेगी।" मुख्यमंत्री सैनी ने आगे कहा, "मैं एक बार फिर बाबासाहेब को नमन करता हूं। सभी से आह्वान करता हूं कि उनके दिखाए हुए मार्ग पर हम निरंतर आगे बढ़ते रहें। हम सभी मिलकर एक ऐसे भारत का निर्माण करें, जो समता, न्याय और बंधुत्व के मूल्यों पर आधारित हो। इसी विश्वास और संकल्प के साथ हम सभी मिलकर समता मैराथन को सफल बनाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव की एक नई शुरुआत करें। इससे पहले, मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट के जरिए भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, "भारतीय संविधान निर्माता एवं सामाजिक समरसता के प्रतीक भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। बाबासाहेब की ओर से स्थापित सामाजिक न्याय और समानता की सुदृढ़ नींव आज भी राष्ट्र को एकजुट, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हमारा मार्गदर्शन कर रही है।"