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संस्कृत श्लोक सुनाकर जापान के बच्चे ने जीता CM योगी का दिल, भावुक कर गया पल

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर जापान गए हैं। मुख्यमंत्री के साथ मंत्री नंद गोपाल नंदी सहित अन्य अधिकारी भी गए हैं। इस दौरान सीएम योगी और एक बच्चे की शानदार तस्वीर सामने आई है। इस पल का वीडियो सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट भी किया है। दरअसल, जापान के यामानाशी की ओर जाते समय रास्ते में भारतीय मूल के लोग सीएम योगी से मिलने पहुंचे, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था। इस दौरान सीएम योगी ने बच्चे को चॉकलेट दी, तो उसने दंडवत प्रणाम करते हुए उनके पैर छुए। इस पर सीएम योगी ने खुश होते हुए आशीर्वाद दिया। इसके बाद बच्चे ने संस्कृत में श्लोक भी सुनाए। सीएम योगी ने इस पल के वीडियो को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "संस्कारों की पावन परंपरा का स्पंदन, सनातन संस्कृति के स्वर्णिम आलोक से आलोकित उगते सूरज की पावन धरा।" बताया जा रहा है कि ये वीडियो उस समय का है, जब सीएम योगी अपनी टीम के साथ टोक्यो से यामानाशी जा रहे थे। तभी रास्ते में कुछ भारतीय मूल की महिलाएं और बच्चे मिलने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची एक महिला उपहार भी लेकर आई थी, जिसे सीएम योगी ने स्वीकार किया। इससे पहले सीएम योगी ने जापान में भारतीय मूल के समुदाय को भी संबोधित करते हुए भाजपा सरकार में हुए कामों को गिनाया। इसके साथ ही सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले यूपी की पहचान कर्फ्यू, दंगों और बिजली संकट से होती थी। बता दें कि सीएम योगी का जापान दौरा आज खत्म हो रहा है। सीएम योगी का ये दौरा यूपी में निवेश और रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीएम ने जापान दौरे के दौरान कई बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की और यूपी में निवेश के लिए आमंत्रित किया। सीएम योगी ने कंपनियों के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि अब यूपी में कोई दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि उनकी सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून व्यवस्था को लेकर बड़े स्तर पर काम किया है।

मंदिर भूमिपूजन में राष्ट्रपति बोलीं—‘भेदभाव नहीं, सबके लिए है भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद’

जमशेदपुर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को जमशेदपुर के कदमा (मरीन ड्राइव) में प्रस्तावित श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। उन्होंने इस अवसर पर अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा, ''भगवान जगन्नाथ की कृपा पूरी मानवता पर बिना किसी भेदभाव के समान रूप से बरसती है।” राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘जय जगन्नाथ’ के उद्घोष से की और कहा कि महाप्रभु का दरबार भेदभाव से परे है। यहां जाति, वर्ग या ऊंच-नीच का कोई स्थान नहीं। उन्होंने लोकप्रचलित उक्ति 'जगन्नाथ के भात, जगत पसारे हाथ' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परंपरा साझा जीवन-मूल्यों और सामूहिकता की प्रतीक है, जहां सभी एक साथ महाप्रसाद ग्रहण कर समरसता का अनुभव करते हैं। मंदिर निर्माण के भूमिपूजन के समय को उन्होंने ईश्वरीय संयोग बताया। उन्होंने कहा कि जैसे रथयात्रा में प्रभु अपनी इच्छा से नंदीघोष रथ पर विराजमान होते हैं, उसी प्रकार इस शिलान्यास का भी यही उचित समय था। उन्होंने विश्वास जताया कि यह केंद्र सामाजिक जागरण का माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब नीलांचल के प्रभु का आशीर्वाद जमशेदपुर की धरती पर भी स्थायी रूप से स्थापित होगा। झारखंड की पूर्व राज्यपाल रहीं राष्ट्रपति ने जगन्नाथ संस्कृति को जनजातीय और गैर-जनजातीय परंपराओं के अद्भुत समन्वय का प्रतीक बताया। सबर जनजाति के राजा विश्वावसु और ब्राह्मण विद्यापति की कथा का उल्लेख करते हुए उन्होंने सामाजिक एकात्मता की विरासत को रेखांकित किया। ‘दारुब्रह्म’ स्वरूप का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लकड़ी के देवता के रूप में भगवान जगन्नाथ प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण-सम्मत जीवनशैली का संदेश देते हैं, जो आदिवासी समाज की मूल चेतना से जुड़ा है। मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। ट्रस्ट अध्यक्ष एस.के. बेहरा के अनुसार, करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से ढाई एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना में मुख्य मंदिर डेढ़ एकड़ और आध्यात्मिक-सांस्कृतिक केंद्र एक एकड़ में बनाया जाएगा। मंदिर की वास्तु-शैली श्री जगन्नाथ मंदिर पुरी से प्रेरित होगी। 4 वर्षों में मंदिर और दो वर्षों में आध्यात्मिक केंद्र पूरा करने का लक्ष्य है। यहां गीता, भागवत जैसे ग्रंथों के अध्ययन के माध्यम से युवाओं में नैतिकता, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास करने की योजना है।

शादी जा रहे चार भाइयों की बाइक दुर्घटना में तीन की दुखद मौत, फतेहपुर से रिपोर्ट

 फतेहपुर  यूपी के फतेहपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. ऐरायां मशायक गांव के पास स्थित एक कोल्ड स्टोर के समीप दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई. इस भीषण भिड़ंत में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं. हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में मातम पसर गया. खुशी के सफर का अंत मातम में जानकारी के अनुसार हुसैनगंज थाना क्षेत्र के पतरहा गांव निवासी श्याम सिंह (45) अपने भाई मनथाल सिंह (40), गोरेलाल (32) और चचेरे भाई राजेंद्र सिंह (30) के साथ एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर सुल्तानपुर घोष क्षेत्र के एक गांव में शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे. परिवार में उत्सव का माहौल था. शाम ढल रही थी और वे समय से पहुंचने की जल्दी में थे. इसी दौरान ऐरायां मशायक गांव के पास सामने से आ रही दूसरी मोटरसाइकिल से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई. दूसरी बाइक पर मोतीलाल पासवान (50) निवासी गौती, थाना सुल्तानपुर घोष सवार थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए और सवार कई फीट दूर जा गिरे. मौके पर बिखरा खून और चीख-पुकार टक्कर के बाद कुछ पल के लिए सड़क पर सन्नाटा छा गया, फिर चीख-पुकार मच गई. आसपास के ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे. दृश्य बेहद भयावह था. तीन लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हालत में तड़प रहे थे. ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी. पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हथगांव भिजवाया. प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है. मृतकों की पहचान और गांव में शोक हादसे में जिन तीन लोगों की मौत हुई, वे एक ही परिवार से थे. श्याम सिंह, मनथाल सिंह और गोरेलाल की मौके पर ही जान चली गई. राजेंद्र सिंह और मोतीलाल पासवान गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. जैसे ही यह खबर पतरहा गांव पहुंची, घरों से रोने की आवाजें आने लगीं. शादी में शामिल होने की तैयारी कर रहे परिवार को अचानक अंतिम संस्कार की तैयारी करनी पड़ी.  पुलिस की प्रारंभिक जांच पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग का प्रतीत होता है. एक मोटरसाइकिल पर चार लोग सवार थे, जिससे संतुलन बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सड़क पर मोड़ या दृश्यता की कोई समस्या तो नहीं थी. थाना प्रभारी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है. दुर्घटना के कारणों की स्पष्ट जानकारी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी. सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर सवाल खड़े करता है. अक्सर लोग छोटी दूरी समझकर हेलमेट नहीं पहनते और एक ही बाइक पर तीन-चार लोग सवार हो जाते हैं. तेज रफ्तार और लापरवाही मिलकर जानलेवा साबित होती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐरायां मशायक के पास वाली सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है और शाम के समय दृश्यता भी कम हो जाती है. ऐसे में थोड़ी सी चूक बड़ा हादसा बन जाती है. परिजनों की आंखों में सवाल मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घर के आंगन में जहां शादी में जाने की तैयारी थी, वहां अब शोक की चादर बिछी है. महिलाएं बेसुध हैं और बच्चे सहमे हुए. परिवार के एक सदस्य ने बताया कि हम लोग खुशी में जा रहे थे, किसे पता था रास्ते में ऐसा हो जाएगा.  घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है. डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है. परिजन जिला अस्पताल के बाहर दुआ कर रहे हैं कि कम से कम बाकी दो जिंदगियां बच जाएं. प्रशासन की अपील हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें, बाइक पर निर्धारित संख्या से अधिक सवारी न बैठाएं और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें. पुलिस ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं अक्सर छोटी लापरवाही के कारण होती हैं, जिनकी कीमत पूरी जिंदगी चुकानी पड़ती है.

आश्रम में त्रासदी: 250 बच्चों में से 11 की मौत, गंभीर हालत में 50+ बच्चे; हाईकोर्ट ने की कार्रवाई

उज्जैन  उज्जैन के अंबोदिया स्थित अंकित सेवाधाम आश्रम में 20 नवंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 के बीच डेढ़ माह में 11 बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। मृतकों में अधिकांश बच्चे बहु-दिव्यांग थे और 10 से 18 वर्ष आयु वर्ग के थे। सभी बच्चों को गंभीर हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल उज्जैन लाया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हुई। हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, अधिकारियों को नोटिस जारी सेवाधाम आश्रम में बीते एक साल में कुल 17 बच्चों की मौत की जानकारी सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने मामले में संज्ञान लिया। कोर्ट ने मुख्य सचिव, महिला एवं बाल विकास प्रमुख सचिव, आयुक्त, कलेक्टर उज्जैन, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी और आश्रम अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है। कोर्ट ने आश्रम की निरीक्षण रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को निर्धारित की गई है। दिसंबर और जनवरी में लगातार हुई मौतें शासकीय चरक अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार दिसंबर 2025 में 8 बच्चों और जनवरी 2026 में अब तक 2 बच्चों की मौत दर्ज की गई है। सभी मामलों में पोस्टमॉर्टम कराया गया और पुलिस की मौजूदगी में प्रक्रिया पूरी की गई। चरक भवन अस्पताल में कराया गया पोस्टमॉर्टम मृत सभी बच्चों का पोस्टमॉर्टम शासकीय चरक भवन अस्पताल के पोस्टमॉर्टम रूम में थाना भैरवगढ़ पुलिस की मौजूदगी में कराया गया। अस्पताल के आरएमओ डॉ. चिन्मय चिंचोलेकर ने बताया कि बच्चों को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। कुछ बच्चों को मृत अवस्था में लाया गया, जबकि कुछ की इलाज के दौरान मौत हुई। अधिकांश मौतों में एनीमिया बीमारी सामने आई है। आश्रम में 250 बच्चे, 50 से अधिक की हालत गंभीर अंकित सेवाधाम आश्रम में वर्तमान में करीब 250 निराश्रित और दिव्यांग बच्चे रह रहे हैं। आश्रम संचालक सुधीर भाई गोयल ने बताया कि इनमें से 50 से अधिक बच्चों की हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि आश्रम में आने वाले अधिकांश बच्चे पहले से ही गंभीर बीमारियों से पीड़ित होते हैं। कई बच्चे ऐसे हैं जो चलने, उठने या स्वयं भोजन करने में सक्षम नहीं हैं। इंदौर के युग पुरुष धाम आश्रम से 86 बच्चों को किया गया था शिफ्ट करीब 1.5 साल पहले इंदौर के युग पुरुष धाम आश्रम में बच्चों की मौत और बीमारी के मामले के बाद प्रशासन ने आश्रम की मान्यता रद्द कर दी थी। इसके बाद वहां रह रहे 86 दिव्यांग बच्चों को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में शिफ्ट किया गया था। मृतकों में अधिकांश बच्चे उसी आश्रम से लाए गए थे। आश्रम संचालक ने बताया पहले से बीमार थे बच्चे आश्रम संचालक सुधीर भाई गोयल ने बताया कि जिन बच्चों की मौत हुई, वे पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। कई बच्चों को सांस लेने में परेशानी, खून की कमी और अन्य बीमारियां थीं। उन्होंने बताया कि आश्रम में आने वाले बच्चों का इलाज पहले से विभिन्न स्थानों पर चल रहा होता है और उनकी गंभीर स्थिति के कारण उन्हें आश्रम में रखा जाता है।

Galaxy S26, S26+ और S26 Ultra: भारत में कीमतें और Snapdragon vs Exynos चिपसेट का मुकाबला

मुंबई  स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Samsung ने Galaxy Unpacked 2026 इवेंट में भारत और ग्लोबल मार्केट में Galaxy S26 सीरीज़ को लॉन्च कर दिया है. इस लाइनअप में Galaxy S26, Galaxy S26+ और Galaxy S26 Ultra मॉडल शामिल हैं. टॉप-स्पेक Galaxy S26 Ultra, Galaxy के लिए कस्टमाइज़्ड Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर के साथ आता है. इसके अलावा, इसमें अपग्रेडेड 200MP क्वाड रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. इसके साथ ही, स्टैंडर्ड और Plus वेरिएंट 2nm Exynos 2600 चिपसेट से लैस हैं और इनमें 50MP ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलता है. नया लाइनअप Samsung के वन UI 8.5 इंटरफ़ेस के साथ एंड्रॉयड 16 पर चलता है. साउथ कोरियन कंपनी ने अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन लाइनअप के साथ नई Galaxy Buds4 सीरीज़ को भी बाजार में उतारा है. दोनों TWS में ट्रांसपेरेंट क्लैमशेल-टाइप क्रैडल चार्जिंग केस और इयरपीस पर पिच कंट्रोल एरिया दिया है. जहां Buds4 Pro में Enhanced ANC के साथ Adaptive ANC मिलता है, वहीं Buds4 में सिर्फ Enhanced ANC दिया गया है. Pro मॉडल हैंड्स-फ्री जेस्चर कंट्रोल और नए चौड़े वूफर के साथ भी आता है. Samsung Galaxy S26 सीरीज की कीमत नए Samsung Galaxy S26 Ultra तीन रैम और स्टोरेज वेरिएंट में आता है. इसके 12GB RAM + 256GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,39,999 रुपये है, जबकि 12GB RAM + 512GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 1,59,999 है. इसके अलावा, 16GB RAM + 1TB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,89,999 रुपये रखी गई है. वहीं, Samsung Galaxy S26 और Galaxy S26+ की बात करें तो ये 12GB RAM के साथ आते हैं. स्टैंडर्ड मॉडल के बेस 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 87,999 रुपये और 512GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,07,999 रुपये रखी गई है, जबकि Plus वेरिएंट के बेस 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 1,19,999 रुपये और 512GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,39,999 रुपये रखी गई है. पूरी Galaxy S26 सीरीज़ प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है और इसमें कोबाल्ट वायलेट, व्हाइट, ब्लैक और स्काई ब्लू जैसे शेयर किए गए कलर ऑप्शन हैं. यह डिवाइस पिंक गोल्ड और सिल्वर शैडो कलर में भी खास तौर पर Samsung.com पर उपलब्ध होगा. यह लाइनअप Samsung.com, Amazon, Vijay Sales और Croma जैसे ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म पर प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है. शुरुआती डिलीवरी 6 मार्च, 2026 से शुरू होगी. जो लोग नई स्मार्टफोन सीरीज़ को प्री-ऑर्डर करेंगे, उन्हें फ्री स्टोरेज अपग्रेड मिलेगा, जिसमें 256GB वेरिएंट के बजाय 512GB स्टोरेज मॉडल मिलेगा और 20,000 रुपये की बचत होगी. Samsung खरीद पर 9 महीने की नो-कॉस्ट EMI और Ultra वेरिएंट की खरीद पर 9,000 रुपये तक का कैशबैक भी दे रहा है. Samsung Galaxy S26 सीरीज में क्या है नया Galaxy S26 सीरीज़ में हल्का और स्लीक डिज़ाइन मिलता है, जिसमें गोल कर्वेचर और पूरे लाइनअप में एक जैसी डिज़ाइन पहचान है. Galaxy S26 Ultra अपने पिछले मॉडल से 0.3 mm पतला है और इसका वज़न 214 ग्राम है. Samsung ने Galaxy S26 Ultra के साथ अपना नया प्राइवेसी डिस्प्ले भी पेश किया है, जो अलग स्क्रीन प्रोटेक्टर की ज़रूरत के बिना साइड-एंगल व्यूइंग को लिमिट करता है. डिस्प्ले सामने से क्लियर रहता है, जबकि साइड से विज़िबिलिटी को कम कर देता है, ताकि आस-पास देखने वालों से ऑन-स्क्रीन कंटेंट को बचाने में मदद मिल सके. Samsung का कहना है कि, "यूज़र्स ज़्यादा आसानी के लिए प्राइवेसी डिस्प्ले को साइड बटन के डबल-प्रेस फ़ंक्शन पर भी असाइन कर सकते हैं." "साइड से देखने पर भी, कंटेंट छिपा रहता है — जिससे यह भीड़-भाड़ वाले पब्लिक ट्रांसपोर्ट या लिफ्ट में खास तौर पर काम आता है." Galaxy S26 सीरीज़ पर Galaxy AI में बेहतर कॉन्टेक्स्ट अवेयरनेस है और इसमें Now Nudge नाम का एक नया फ़ीचर भी है, जिसका मकसद कॉन्टेक्स्ट में ज़रूरी जानकारी दिखाकर ऐप स्विचिंग को कम करना है. उदाहरण के लिए, अगर कोई दोस्त मैसेजिंग ऐप पर शाम के प्लान के बारे में पूछता है, तो Galaxy AI कैलेंडर चेक करता है, कॉन्फ्लिक्ट का पता लगाता है, और एक खास 'Nudge' पॉप-अप दिखाता है. Galaxy S26 सीरीज़ Bixby, Gemini और Perplexity के साथ अपने AI इकोसिस्टम को भी बढ़ाती है, जिससे इसे खास सेटिंग्स को एडजस्ट करने के लिए नेचुरल लैंग्वेज कमांड से कंट्रोल किया जा सकता है, बिना उनका सही नाम जाने भी. उदाहरण के लिए, 'मेरी आंखें थकी हुई लग रही हैं' कहने पर Bixby आई कम्फर्ट शील्ड को एक्टिवेट करने का सुझाव देगा. Galaxy S26 Ultra vs Galaxy S26+ vs Galaxy S26: स्पेसिफिकेशन कैटेगरी Galaxy S26 Ultra Galaxy S26+ Galaxy S26 डिस्प्ले 6.9-इंच QHD+ डायनामिक AMOLED 2X | 120Hz 6.7-इंच QHD+ डायनामिक AMOLED 2X | 120Hz 6.3-इंच FHD+ डायनामिक AMOLED 2X | 120Hz विशेष डिस्प्ले फीचर 10-bit कलर, प्राइवेसी डिस्प्ले (30° रेस्ट्रिक्शन) — — प्रोटेक्शन कॉर्निंग गोरिल्ला आर्मर 2 प्रोसेसर Snapdragon 8 Elite Gen 5 (Galaxy कस्टम) Exynos 2600 Exynos 2600 RAM 16GB तक 12GB 12GB स्टोरेज विकल्प 1TB तक 256GB / 512GB 256GB / 512GB सॉफ्टवेयर One UI 8.5 (Android 16) रियर कैमरा 200MP + 50MP (5x) + 50MP (UW) + 10MP (3x) 50MP + 10MP (3x) + 12MP (UW) फ्रंट कैमरा 12MP बैटरी 5,000mAh 4,900mAh 4,300mAh वायर्ड चार्जिंग 60W 45W 25W वायरलेस चार्जिंग सुपर फास्ट वायरलेस चार्जिंग फास्ट वायरलेस चार्जिंग 2.0 Samsung Galaxy Buds4 सीरीज के स्पेसिफिकेश और फीचर्स भारत में Samsung Galaxy Buds4 की कीमत 16,999 रुपये रखी गई है, जबकि बेहतर Galaxy Buds4 Pro की कीमत 22,999 रुपये है. दोनों TWS 11 मार्च, 2026 से Amazon और Samsung India ऑनलाइन स्टोर से खरीदने के लिए उपलब्ध होंगे. Galaxy Buds4 ब्लैक और व्हाइट कलर में पेश किया गया है, जबकि Galaxy Buds4 Pro एक एक्स्ट्रा पिंक गोल्ड कलर ऑप्शन में मिलेगा. Galaxy Buds4 Pro में कैनाल-फिट आर्किटेक्चर, एक नया इंजीनियर्ड चौड़ा वूफर है, जो स्पीकर एरिया को लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का दावा करता है, और रिच बेस और डिटेल्ड ट्रेबल के लिए टू-वे स्पीकर सिस्टम है, जिसमें 24-bit/96kHz हाई-फाई ऑडियो का सपोर्ट है. इसमें बेहतर Adaptive EQ और Adaptive ANC भी मिलता है, जो कान के आकार और पहनने की कंडीशन के आधार पर समझदारी से एडजस्ट होते हैं, साथ ही हेड जेस्चर कंट्रोल और Bixby, Google Gemini, और Perplexity जैसे AI असिस्टेंट के लिए हैंड्स-फ्री एक्सेस भी है. Galaxy Buds4 में ओपन-फिट डिज़ाइन … Read more

होली से पहले इंदौर में स्वास्थ्य जांच, दूध, मावा और नमकीन के सैंपल लिए गए

इंदौर  सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर कुल 38 खाद्य नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित डेयरी, नमकीन और मिठाई प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया और मौके से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि होली तक यह विशेष अभियान लगातार जारी रखा जाए। अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने लिए जाएं, ताकि मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। किस संस्थान पर क्या कार्रवाई की गई     नंदलालपुरा स्थित शिवशक्ति दूध दही भंडार से दूध और दही के 2 नमूने लिए गए। जवाहर मार्ग, नंदलालपुरा सब्जी मंडी के जैन नमकीन भंडार से लौंग सेव का 1 नमूना लिया गया। सपना स्वीट्स (इमली बाजार) से मिठाई के 2 तथा अजय स्वीट्स (सादर बाजार) से दूध कतली और मिल्क केक के 2 नमूने जांच के लिए भेजे गए।     इमली बाजार स्थित किशनलाल मायाराम पुरोहित प्रतिष्ठान से मिल्क केक, मावा, मावा पेड़ा, बेसन चक्की और पनीर सहित 5 नमूने लिए गए। यहां साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिलने पर सुधार सूचना पत्र जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। पिपलियाहाना के फार्मर्स मिल्क कार्ट से पनीर, दही और मावा के 3 नमूने लिए गए।     विधाता स्वीट्स एंड डेयरी (इमली बाजार) से मावा, मिल्क केक, मावा कतली और मावा टिकिया के 4 नमूने, अग्रवाल स्वीट्स प्रोडक्ट प्रा. लि. (स्कीम नंबर 140) से पेड़ा, बेसन लड्डू और काजू कतली के 3 नमूने लिए गए।     ममता डेरी फार्म (148 सादर बाजार) से दही, पनीर और घी के 3 नमूने, आनंद श्री नमकीन एंड स्वीट्स (मरीमाता चौराहा) से मिल्क केक और मलाई टिकिया के 2 नमूने लिए गए। ओम नमकीन (दिलपसंद ग्रीन, स्कीम नंबर 140) से ड्राई फ्रूट चक्की, रतलामी सेव और खट्टा-मीठा नमकीन के 3 नमूने एकत्र किए गए।     गुरु कृपा मिल्क एंड फूड (ब्रह्मबाग कॉलोनी, मरीमाता चौराहा) से घी, पनीर और दही के 3 नमूने लिए गए। राजेश दूध दही भंडार से दूध और दही के 2 तथा जैन मिठाई भंडार (ग्रेटर बृजेश्वरी, पिपलियाहाना) से मिल्क केक, बेसन चक्की और काजू कतली के 3 नमूने जांच हेतु भेजे गए। प्रशासन की सबसे बड़ी कार्रवाई इमली बाजार और नंदलालपुरा क्षेत्र में देखी गई। किशनलाल मायाराम पुरोहित के यहाँ जांच दल को न केवल मावा और पनीर के संदिग्ध नमूने मिले, बल्कि वहां फैली गंदगी देख अधिकारी भड़क गए, जिसके बाद संचालक को तत्काल सुधार का नोटिस थमाया गया। इमली बाजार की ही विधाता स्वीट्स और सपना स्वीट्स से भी मावे की कतली और मिठाइयों के सैंपल लिए गए। वहीं, नंदलालपुरा की शिवशक्ति डेयरी और जैन नमकीन भंडार पर भी जांच टीम ने औचक निरीक्षण कर शुद्धता की पड़ताल की। :: शहर के पॉश इलाकों में भी प्रशासन की धमक; जेएमबी और अग्रवाल स्वीट्स रडार पर :: मिलावट के विरुद्ध यह अभियान केवल पुराने शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पॉश कॉलोनियों में भी प्रशासन की धमक सुनाई दी। टीम ने अग्रवाल स्वीट्स प्रोडक्ट (स्कीम 140), जेएमबी (ग्रेटर बृजेश्वरी) और ओम नमकीन जैसे बड़े आउटलेट्स पर भी दस्तक दी। यहाँ से काजू कतली, बेसन चक्की और रतलामी सेव जैसे उत्पादों के नमूने लिए गए। सदर बाजार की अजय स्वीट्स और ममता डेयरी से घी व मावे के सैंपल लिए गए, जबकि मरीमाता चौराहे पर आनंद श्री और गुरु कृपा मिल्क पार्लर पर भी प्रशासनिक कड़ाई देखने को मिली। इन सभी नमूनों को पूरी पारदर्शिता के साथ सील कर विस्तृत जांच की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। :: रिपोर्ट आते ही होगी सख्त जेल; मिलावटखोरों को कलेक्टर की सीधी चेतावनी :: कलेक्टर शिवम वर्मा ने साफ कर दिया है कि नागरिकों की सेहत के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं होगा। लिए गए सभी 38 नमूनों को विशेष माध्यम से राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि रिपोर्ट में मिसब्रांडेड या अनसेफ सामग्री पाई जाती है, तो संबंधित संचालकों पर भारी जुर्माने के साथ-साथ सीधे वैधानिक कार्रवाई यानी एफआईआर भी की जाएगी। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे खरीदारी करते समय पैकेट पर निर्माण तिथि, एफएसएसएआई नंबर और शुद्धता का विशेष ध्यान रखें ताकि त्योहारों का आनंद सुरक्षित बना रहे। कलेक्टर ने बैठक लेकर दिए निर्देश कलेक्टर शिवम वर्मा ने बुधवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर स्पष्ट किया कि अमानक खाद्य सामग्री बेचने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। विभिन्न विभागों के संयुक्त दल गठित कर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जाएगी। आगामी त्योहारों को देखते हुए विशेष अभियान चलाया जाएगा। एफएसएसएआई के रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन सिस्टम (RBIS) के तहत हाई-रिस्क प्रतिष्ठानों का प्राथमिकता से निरीक्षण किया जा रहा है। अब तक दर्ज मामलों के अलावा आगे भी दोषियों के खिलाफ तत्काल प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। बैठक में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता या मिलावट संबंधी शिकायतों के लिए उपभोक्ता 0731-181 तथा 0755-2840621 पर कॉल कर जानकारी दे सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनियमितता की सूचना तत्काल दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

पहले इस खास रिवाज से बंधे विजय देवरकोंडा-रश्मिका मंदाना, फैंस में जबरदस्त उत्साह

नई दिल्ली साउथ के सुपरस्टार विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी का इंतजार कर रहे फैंस का इंतजार खत्म हो गया है। आज यानी 26 फरवरी को रश्मिका और विजय शादी के बंधन में बंध गए हैं। विजय और रश्मिका की शादी उदयपुर में हुई। फैंस को दोनों की शादी की पहली तस्वीर का इंतजार है। रश्मिका और विजय की अभी शादी तेलुगु रीति-रिवाजों से हुई है। शाम को कोडवा रीति-रिवाजों से दोनों की शादी होगी। पैप्स को बांटी गईं मिठाइयां रश्मिका और विजय की शादी उदयपुर के मेंमेटोज बाई आईटीसी होटल्स में हुई। सोशल मीडिया पर वेन्यु के बाहर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में रश्मिका और विजय की शादी में पहुंचे कुछ गेस्ट पैप्स को मिठाइयां बांटते नजर आए। चार मार्च को होगा हैदराबाद में ग्रैंड रिसेप्शन रश्मिका मंदाना और विजय की आज शादी के बाद चार मार्च को हैदराबाद में ग्रैंड रिसेप्शन होगा।इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रश्मिका को कोरियन पॉप कल्चर पसंद है तो वेडिंग फेस्टिविटीज की शुरुआत के-ड्रामा थीम से हुई। विजय ने रश्मिका के लिए PSY का गैंगनम स्टाइल डांस किया। इस दौरान अंताक्षरी खेली गई। रूल ये था कि इसमें बॉलीवुड गानों की बजाय सिर्फ विजय और रश्मिका की फिल्मों के गाने ही गाने होंगे। जीतने वाली टीम को लग्जरी गिफ्ट हैम्पर दिया गया। कैसे हुई थी दोनों की मुलाकात रश्मिका और विजय की लव स्टोरी की बात करें तो दोनों की मुलाकात एक फिल्म के सेट पर हुई थी।ये फिल्म दोनों की साथ में पहली फिल्म थी। इस फिल्म का नाम था गीता गोविंदम। फिल्म साल 2018 में रिलीज हुई थी। दोनों की ऑन-स्क्रीन कैमिस्ट्री को खूब पसंद किया गया था। इसके बाद से ही दोनों की डेटिंग की चर्चा होने लगी थी। साल 2019 में दोनों की फिल्म डियर कॉमरेड आई। फैंस के बीच दोनों की रिलेशनशिप की बातें होनें लगीं, लेकिन कपल ने कभी भी इस चीज पर आधिकारिक जानकारी नहीं दी। इस फिल्म के बाद रश्मिका और विजय को काफी इवेंट्स वेकेशन और पार्टियों में एक साथ देखा गया।

अविमुक्तेश्वरानंद केस में बड़ा अपडेट: पुलिस सक्रिय, पीड़ित नाबालिग का मेडिकल कराया गया

प्रयागराज शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज पॉक्सो एक्ट के हाई प्रोफाइल मुकदमे में मंगलवार को जांच ने रफ्तार पकड़ ली। पुलिस ने एक नाबालिग पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया, जबकि दूसरे पीड़ित के बयान और साक्ष्यों के मिलान की प्रक्रिया जारी है। टीम ने माघ मेला क्षेत्र में कथित घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण कर शिविरों की स्थिति, वहां की आवाजाही और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की। यह मुकदमा अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और तीन अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुआ है। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने अदालत में दो नाबालिगों को बयान के लिए प्रस्तुत किया था, जिसके आधार पर पॉक्सो की विशेष अदालत के आदेश पर झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट और पूर्व में दर्ज कराए गए बयानों का मिलान किया जा रहा है। साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा और मेला क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि कथित घटनाओं के समय संबंधित लोग किस स्थान पर मौजूद थे। साधु-संतों और चश्मदीदों से होगी पूछताछ पुलिस की विवेचना अब केवल तकनीकी साक्ष्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्यों को भी जुटाया जा रहा है। जांच टीम ने उस शिविर क्षेत्र का मानचित्र तैयार किया है जहाँ कथित अनुष्ठान आयोजित होने की बात कही गई है। पुलिस अब आसपास के शिविरों के संचालकों, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और नियमित आने-जाने वाले साधु-संतों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या उस विशेष अवधि में नाबालिगों की उपस्थिति वहां देखी गई थी और क्या किसी संदिग्ध गतिविधि की भनक आसपास के लोगों को थी। उच्चाधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि जांच के हर चरण की वीडियोग्राफी कराई जाए ताकि भविष्य में किसी भी पक्ष द्वारा साक्ष्यों से छेड़छाड़ या पक्षपात का आरोप न लगाया जा सके। उच्चाधिकारियों की निगरानी में हो रही है जांच मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चाधिकारियों की निगरानी में जांच जारी है। जांच के अगले चरण में आरोपित पक्ष से भी विस्तृत पूछताछ की तैयारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उधर, अविमुक्तेश्वरानंद ने सोशल मीडिया पर प्रयागराज के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी की केक काटते हुए फोटो वायरल की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और शिकायतकर्ता की मिलीभगत से उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल फोटो की सत्यता और संदर्भ की जांच की जा रही है। इससे विवेचना की निष्पक्षता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि ‘जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी, न कि आरोप-प्रत्यारोप के आधार पर।’ अविमुक्तेश्वरानंद ने दाखिल की अग्रिम जमानत की अर्जी प्रयागराज। अविमुक्तेश्वरानंद ने पॉस्को एक्ट में मुकदमा दर्ज़ होने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है। उनकी ओर से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई है, जिस पर जल्दी सुनवाई होने की संभावना है। आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी पर प्रयागराज में नियुक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट के आदेश के क्रम में रविवार को झूंसी थाने में पॉस्को एक्ट व बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज़ किया गया था, जिसके बाद अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है। इसे देखते हुए गिरफ्तारी से बचने के लिए उनकी ओर से अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई है। झूंसी पुलिस ने मुकदमा दर्ज़ होने के बाद विवेचना को तेज कर दिया है। पीड़ितों का बयान लेने के लिए पुलिस हरदोई गई थी। ऐसे में मुकदमे की गंभीर धाराओं को देखते हुए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई है।

ESIC:40 साल से अधिक उम्र वालों के लिए फ्री हेल्थ चेकअप, एक करोड़ लोगों को होगा लाभ

नई दिल्ली कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने एक करोड़ से ज्यादा लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, ESIC ने मंगलवार को 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के अपने एक करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए फ्री एनुअल हेल्थ चेकअप स्कीम की शुरुआत की है। अपनी स्थापना की 75वीं वर्षगांठ पर ESIC ने यह पहल शुरू की। बता दें कि ईएसआईसी की स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में करीब 3.8 करोड़ सदस्य हैं जिनमें से करीब एक करोड़ सदस्यों की उम्र 40 साल से अधिक है। फिलहाल ESIC के पास 166 अस्पताल, 17 मेडिकल कॉलेज और लगभग 1,600 डिस्पेंसरी का नेटवर्क है। क्यों लिया गया फैसला? पिछले वर्ष नवंबर में अधिसूचित नई श्रम संहिताओं के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु के कामगारों की फ्री एनुअल हेल्थ चेकअप स्कीम कराना नियोक्ताओं के लिए अनिवार्य किया गया है। यही वजह है कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने भी फ्री एनुअल हेल्थ चेकअप स्कीम को लॉन्च किया है। श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने श्रमिकों के लिए निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच सुविधा शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम कामगारों के कल्याण को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि ESIC को 'सुधार एवं प्रदर्शन' का दृष्टिकोण अपनाते हुए सेवा वितरण में और सुधार के लिए सामूहिक संकल्प लेने चाहिए। मांडविया ने ESIC के अस्पतालों में दवाओं, उपकरणों और चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके अलावा मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने के मामले कम रखने के लिए आंतरिक सुविधाएं बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा ESIC को अपने मानकों को एम्स जैसे शीर्ष संस्थानों के स्तर तक ले जाने का लक्ष्य रखना चाहिए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और ESIC के बीच समझौता इसके अलावा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और ईएसआईसी के बीच ईएसआई योजना को आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के साथ एकीकृत करने के लिए एक समझौता किया गया। इसका उद्देश्य समन्वित स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करना और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं तक पहुंच का विस्तार करना है।ईएसआईसी ने गुणवत्ता आश्वासन और ईएसआईसी स्वास्थ्य सुविधाओं में मान्यता को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय परीक्षण और अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) के साथ एक और समझौता किया। बता दें कि ईएसआईसी 24 फरवरी से 10 मार्च तक विशेष सेवा पखवाड़ा मनाएगा ताकि स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण सेवाओं को बीमित श्रमिकों के करीब लाया जा सके। गतिविधियों में श्रमिकों के बीच व्यावसायिक रोगों का प्रारंभिक पता लगाने के लिए श्रम संहिता प्रावधानों के अनुरूप 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के बीमित व्यक्तियों के लिए दैनिक स्वास्थ्य जांच शिविर, सेमिनार, जागरूकता एवं स्वच्छता शिविर, प्राथमिक जीवन रक्षा प्रशिक्षण, स्वच्छता अभियान शामिल होंगे।

नमो भारत कॉरिडोर से दिल्ली से पानीपत-करनाल 1 घंटे में, 12 स्टेशन बनेंगे सराय काले खां से हरियाणा तक

दिल्ली/पानीपत दिल्ली-NCR में हाईस्पीड कनेक्टिविटी का दायरा तेजी से बढ़ने वाला है। सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक नमो भारत कॉरिडोर के लगभग तैयार होने के बाद अब फोकस दो नए बड़े रूट पर है। इसमें दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-एसएनबी-अलवर रूट शामिल हैं। इनमें से दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर को राजधानी और हरियाणा के बीच गेमचेंजर प्रोजेक्ट माना जा रहा है। सराय काले खां से करनाल तक दौड़ेगी नमो भारत यह रैपिड रेल कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर हरियाणा के करनाल (मधुबन बाईपास) तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई करीब 136.3 किलोमीटर प्रस्तावित है। इस रूट का ट्रैक नेशनल हाईवे-44 के समानांतर बिछाया जाएगा। दिल्ली में बनेंगे 5 स्टेशन इस कॉरिडोर में दिल्ली में 5 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें सराय काले खां, इंद्रप्रस्थ, कश्मीरी गेट, बुराड़ी, मुकुंदपुर, नरेला शामिल हैं। हरियाणा में 7 स्टेशन इस प्रोजेक्ट के तहत हरियाणा में 7 स्टेशन बनाए जाएंगे। इसमें कुंडली, सोनीपत, मुरथल,गन्नौर, समालखा, पानीपत, करनाल (मधुबन-करनाल बाईपास)। इस कॉरिडोर पर करीब 35 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। फंडिंग में केंद्र और हरियाणा सरकार के साथ एशियन डेवलपमेंट बैंक और जापान की वित्तीय संस्थाओं की भागीदारी संभव है। आधे से भी कम समय में पूरा होगा अभी दिल्ली से करनाल पहुंचने में सड़क मार्ग से साढ़े तीन से चार घंटे तक लग जाते हैं। ट्रैफिक की वजह से पानीपत का सफर भी ढाई घंटे तक खिंच जाता है। लेकिन नमो भारत कॉरिडोर बनने के बाद दिल्ली से करनाल मात्र करीब 90 मिनट में पहुंच सकेंगे। इसके अलावा दिल्ली से पानीपत लगभग 60 मिनट में पहुंच सकेंगे। प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, अब काम की तैयारी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने नवंबर 2025 में दिल्ली-पानीपत-करनाल रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम के लिए फंड को हरी झंडी दी थी। प्रोजेक्ट को लागू करने वाली एजेंसी नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने नरेला से सोनीपत के बीच बिजली लाइनों और अन्य अवरोधों को हटाने के लिए टेंडर भी जारी कर दिया है। ऐसे संकेत हैं कि जून-जुलाई 2026 से काम शुरू हो सकता है। रूट और स्टेशन पर खींचतान शुरुआत में कॉरिडोर कश्मीरी गेट से प्रस्तावित था, बाद में इसे सराय काले खां तक बढ़ाया गया। नरेला और कुंडली के पास स्टेशन लोकेशन को लेकर कई बार सर्वे में बदलाव करना पड़ा। लागत साझा करने को लेकर केंद्र और हरियाणा के बीच विस्तृत मंथन चला। पहले दिल्ली सरकार की ओर से वित्तीय हिस्सेदारी को लेकर स्पष्टता नहीं थी, जिससे प्रक्रिया धीमी रही। नेशनल हाईवे-44 का विस्तार कॉरिडोर नेशनल हाईवे-44 के साथ-साथ विकसित होना है। इसी दौरान हाईवे को 8 से 12 लेन तक चौड़ा करने का काम चल रहा था। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और एनसीआरटीसी के बीच समन्वय के बाद अब स्थिति स्पष्ट हुई है। इस हाईवे का बड़ा हिस्सा तैयार होने से रैपिड रेल के पिलर खड़े करना आसान होगा।