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वन्यजीव क्षेत्रों से जुड़े प्रत्येक प्रस्ताव में पर्यावरणीय जोखिम और जैव-विविधता का वैज्ञानिक विश्लेषण अनिवार्य: मुख्यमंत्री

वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों में सभी विकास कार्य वैज्ञानिक मानकों और पर्यावरणीय संतुलन के साथ हों: मुख्यमंत्री वन्यजीव क्षेत्रों से जुड़े प्रत्येक प्रस्ताव में पर्यावरणीय जोखिम और जैव-विविधता का वैज्ञानिक विश्लेषण अनिवार्य: मुख्यमंत्री राज्य वन्यजीव परिषद की बैठक में विभिन्न जनपदों की अनेक विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी विकास की आड़ में अनावश्यक वृक्ष कटान नहीं, विकल्पों में इको-फ्रेंडली तकनीक अपनाई जाए: मुख्यमंत्री वेटलैंड्स प्राकृतिक धरोहर, सिल्ट हटाने का कार्य तत्काल कराया जाए: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों में प्रस्तावित सभी विकास एवं निर्माण कार्य वैज्ञानिक मानकों, न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव और विधिक प्रक्रियाओं के पूर्ण अनुपालन के साथ ही किए जाएंगे। उन्होंने कहा है कि विकास की प्रत्येक प्रक्रिया में वन्यजीवों की सुरक्षा, उनके प्राकृतिक आवागमन तथा आवासीय निरंतरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सोमवार को राज्य वन्यजीव परिषद की 20वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वन्यजीव क्षेत्रों से जुड़े सभी विकास प्रस्ताव संवेदनशीलता और दूरदर्शिता के साथ तैयार किए जाएं। प्रस्ताव भेजते समय संबंधित विभाग पर्यावरणीय जोखिम, जैव-विविधता पर संभावित प्रभाव, वन्यजीव मूवमेंट, वैकल्पिक मार्गों और आधुनिक तकनीकी समाधानों का विस्तृत एवं वैज्ञानिक विश्लेषण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें, ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलित एवं टिकाऊ दृष्टिकोण सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में विभिन्न वन्य जीव क्षेत्रों में विकास की विभिन्न परियोजनाओं पर निर्णय भी हुआ। परिषद के समक्ष कुल 12 नए प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें सड़क चौड़ीकरण, पेट्रोल पंप एवं फ्यूल स्टेशन स्थापना, ट्यूबवेल प्रेशर प्रणाली, भूमिगत पाइपलाइन, मोबाइल टावर, ऑप्टिकल फाइबर केबल तथा संपर्क मार्ग निर्माण जैसी विभिन्न परियोजनाएं शामिल हैं। ये प्रस्ताव इटावा, गोंडा, पीलीभीत, बरेली, बांदा सहित विभिन्न जनपदों के वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों तथा इको-सेंसिटिव जोन से संबद्ध हैं। बैठक में परियोजनाओं पर सहमति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने वृक्ष कटाई से संबंधित प्रस्तावों पर विशेषज्ञों की राय लेते हुए निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक वृक्ष कटान की अनुमति न दी जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वृक्षों की कटाई केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही की जाए और विकास की आड़ में पर्यावरण को क्षति न पहुँचे। जहां विकल्प उपलब्ध हों, वहां ट्रेंचलेस टेक्नोलॉजी, एलिवेटेड स्ट्रक्चर तथा इको-फ्रेंडली तकनीकों को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाओं की गति और वन्यजीव संरक्षण, दोनों राज्य सरकार की प्राथमिकताएं हैं और उत्तर प्रदेश सरकार संतुलित, वैज्ञानिक तथा दूरदर्शी नीति के साथ इन दोनों उद्देश्यों को साथ लेकर आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ वेटलैंड्स में सिल्ट जमा होने की जानकारी उनके संज्ञान में आई है, जिसका तत्काल निराकरण कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यह कार्य ‘विकसित भारत-जी राम जी’ अभियान के अंतर्गत कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वेटलैंड्स प्राकृतिक धरोहर हैं और प्रत्येक दशा में उनका संरक्षण किया जाना चाहिए।

प्रदेश में भूख नहीं, अंत्योदय श्रेणी के 40.85 लाख परिवारों को मिला सरकारी सहारा

आर्थिक समीक्षा प्रदेश में अब नहीं सोता कोई भूखा, अंत्योदय श्रेणी के 40.85 लाख परिवार लाभान्वित 78,510 उचित दर दुकानें संचालित, 22.9% दुकानें महिलाओं को आवंटित 'मॉडल फेयर प्राईस शॉप' की बहुद्देशीय पहल के अंतर्गत 7481 अन्नपूर्णा भवन निर्मित लखनऊ  वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा विधानमंडल में प्रस्तुत पहली आर्थिक समीक्षा के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत प्रदेश सरकार, गरीब एवं पात्र परिवारों को निःशुल्क और रियायती दरों पर खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिये प्रतिबद्ध है। इस हेतु पात्र परिवारों का चयन कर राशन कार्ड जारी किये गये हैं, जिनको डिजिटल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। प्रदेश में दिसंबर, 2025 तक कुल 78,510 उचित दर दुकानें संचालित है, जिनमें ग्रामीण क्षेत्र की 67,114 तथा नगरीय क्षेत्र की 11,396 दुकाने हैं। इसमें 22.9% दुकानें महिलाओं को आवंटित हैं। राज्य में दिसंबर, 2025 तक जारी कुल 362.35 लाख राशनकार्ड्स में अंत्योदय श्रेणी के 40.85 लाख (11.27%) परिवार एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के 321.50 लाख (88 73%) परिवार हैं, जो उक्त अधिनियम के अन्तर्गत आच्छादित हैं। वन नेशन वन राशनकार्ड बना संबल वर्ष 2020-21 से प्रारम्भ वन नेशन बन राशनकार्ड' योजनान्तर्गत अन्तर्राज्यीय पोर्टेबिलिटी (उत्तर प्रदेश के लाभार्थियों द्वारा अन्य राज्यों में प्राप्त किया) की सुविधा से वर्ष 2024-25 में 38.12 लाख राशनकार्ड धारक लाभान्वित हुए, जो योजना प्रारंभ के अग्रिम वर्ष 2021-22 में लाभान्वित 8.88 लाख के सापेक्ष (03 वर्षों में) कई गुना वृद्धि है। वर्ष 2025-26 के अंतर्गत दिसंबर, 2025 तक 28.03 लाख लाभान्वित हुए हैं। 'मॉडल फेयर प्राईस शॉप' के तहत 7481 अन्नपूर्णा भवन 'मॉडल फेयर प्राईस शॉप' की बहुद्देशीय पहल के अंतर्गत 31 जनवरी, 2026 तक कुल 7481 अन्नपूर्णा भवन निर्मित कराये गये हैं, जिनमें राशन वितरण के साथ सी एस सी सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं। सी. पी. आई आधारित मुद्रास्फीति की दर कोविड के बाद लगातार गिरावट के साथ वर्ष 2025-26 में माह अक्टूबर, 2025 तक (-)1.71 हो गयी, जिसके फलस्वरूप महगाई नियंत्रित हुयी, क्रय शक्ति बढ़ी तथा मांग आधारित अर्थव्यवस्था में सुधार परिलक्षित हुआ। अद्यतन प्रकाशित बहुआयामी गरीबी (हेडकाउंट रेशियो आकलन) वर्ष 2013-14 में 42.59% थी. जो वर्ष 2022-23 में तेजी से घटते हुए 17.40% रह गयी, इस अवधि में प्रदेश के सर्वाधिक 5.94 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आये।

सावरकर को भारत रत्न देने की मांग ने बढ़ाई सियासत, विपक्ष ने किया विरोध

नई दिल्ली  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की ओर से वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि मोहन भागवत कैसे बयान देते हैं, समझ में नहीं आ रहा है। राजद सांसद मनोज झा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "भारत रत्न का गौरव आज तक किसी के लिए प्रतीक्षा कर रहा है क्या? मुझे समझ नहीं आ रहा कि मोहन भागवत कैसे बयान देते हैं। विसंगतियों पर बात करिए, सरकार तो आप ही चला रहे हैं, बाकी सब तो कठपुतली हैं।" निर्दलीय सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा, "अभिव्यक्ति की आजादी है। कोई किसी के लिए भी पुरस्कार की मांग कर सकता है। मोहन भागवत तो सरकार के मालिक हैं। उन्हें मांग करने की क्या जरूरत है? वे कह देंगे तो कौन मना करेगा?" उन्होंने कहा कि देश की आजादी में किसका कितना बड़ा योगदान है, यह किसी से छिपा नहीं है। हम लंबे समय से कांशीराम साहब को भारत रत्न दिए जाने की मांग कर रहे हैं। 1857 क्रांति के नायक कोतवाल धन सिंह गुर्जर के लिए भी हमने भारत रत्न की मांग की है, लेकिन ऐसे महापुरुषों को भारत रत्न न देकर सरकार इन वर्गों का अपमान कर रही है। यह हमारे लोग होने नहीं देंगे और वोट से इसका बदला लेंगे।" समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा, "बजट का जो हलवा बना था, वह ज्यादा किसे मिला? आज समय यह है कि 18 बड़ा है या शून्य? बजट पर चर्चा इसलिए होनी चाहिए क्योंकि अब किसान क्या करेगा? कभी भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था खोली थी और यह बताया गया था कि गरीब, किसान की तरक्की होगी, लेकिन जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो अमीर और अमीर और गरीब और गरीब हुआ है। उससे ज्यादा अर्थव्यवस्था आज खोल दी गई। ये सब बातें सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए की जा रही हैं।" समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, "हमें लगातार देखने को मिला है कि जब से भाजपा आई है, सत्तापक्ष के कभी माइक ऑफ नहीं होते, लेकिन विपक्ष के नेताओं और सांसदों का माइक ऑफ किया जाता है। तो अगर अविश्वास प्रस्ताव लाना है तो इंडी गठबंधन मिलकर ही ये प्रस्ताव लाएगी।"

जबलपुर में रेल यात्रियों को मिलेगा बड़ा तोहफा, पैसेंजर ट्रेनों में 20 कोच होंगे शामिल

जबलपुर   पैसेंजर ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे बोर्ड ने पैसेंजर ट्रेनों की लंबाई बढ़ाने पर सहमति दिए जाने के बाद रेल प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड ने सभी रेल जीनों से उन पैसेंजर ट्रेनों की जानकारी मांगी है, जिनमें अतिरिक्त कोच जोड़े जा सकते है। वर्तमान में अधिकांश पैसेंजर ट्रेनें 10 से 12 कोच के साथ संचालित हो रही है। योजना के तहत अब इन ट्रेनों में 12 से 20 कोच तक लगाए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही मेमू और डेमू ट्रेनों में भी कोचों की संख्या बढ़ाकर 8 से 12 करने का प्रस्ताव है।  पमरे जोन को मिलेगा विशेष लाभ सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) जोन में संचालित करीब 40 पैसेंजर ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे। अभी सीमित कोच होने के कारण सामान्य श्रेणी के यात्रियों को भारी परेशानी होती है और कई बार उन्हें खड़े होकर यात्रा करना पड़ती है। कोचों की संख्या बढ़ने से ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ कम होगी, वहीं स्टेशनों पर भी भीड़भाड़ नियंत्रित होने की उम्मीद है। जबलपुर मंडल में 10 जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन जबलपुर रेल मंडल में वर्तमान में 10 जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से जबलपुर-नैनपुर पैसेंजर, रीवा-जबलपुर पैसेंजर, जबलपुर-रीवा पैसेंजर, कटनी-चौपन पैसेंजर, कटनी-भुसावल पैसेंजर, बीना-कटनी पैसेंजर सहित अन्य ट्रेनें शामिल है। सीमित कोच होने के कारण कई बार 100 से 150 यात्री मजबूरी में भीड़भाड़ के बीच यात्रा करते है। छुट्टियों और त्योहारों के दौरान मेमू और डेमू ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ देखने को मिलती है। बड़ी संख्या में एमएसटी धारक यात्री यात्रा करते है, जिससे कई बार ट्रेन में चढ़ने तक में कठिनाई होती है। रीवा-रानी कमलापति के बीच स्पेशल ट्रेन रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए रीवा रानी कमलापति के बीच होली स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में एक एक ट्रिप संचालित की जाएगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना एवं विदिशा स्टेशनों पर रुकेगी। रीवा-रानी कमलापति सुपरफास्ट होली स्पेशल ट्रेन 28 फरवरी को रीवा से दोपहर 12:30 बजे प्रस्थान करेगी। इसी तरह रानी कमलापति-रीवा सुपरफास्ट होली स्पेशल ट्रेन रानी कमलापति से रात 22:15 बजे प्रस्थान करेगी।

सीहोर के लिए खुशखबरी: रुद्राक्ष महोत्सव से पहले दो एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज मिला

 सीहोर  रुद्राक्ष महोत्सव के आयोजन से पहले सीहोरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सांसद आलोक शर्मा के प्रयासों से सीहोर रेलवे स्टेशन पर दो महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज स्वीकृत हुआ है। इससे धार्मिक, सामाजिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहरों तक सीधी रेल यात्रा संभव हो सकेगी।  सीहोर शहर के लिए यह निर्णय किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। कुबेरेश्वर धाम में 14 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव से पहले रेलवे द्वारा दो प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का सीहोर स्टेशन पर स्टॉपेज स्वीकृत किया गया है। इस फैसले से देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। अब श्रद्धालु बिना भोपाल या अन्य बड़े स्टेशनों पर भटके सीधे सीहोर उतर सकेंगे। सांसद आलोक शर्मा के प्रयास रंग लाए भोपाल-सीहोर सांसद आलोक शर्मा द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही सीहोर की रेल कनेक्टिविटी की मांग आखिरकार पूरी हो गई। सांसद शर्मा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से व्यक्तिगत मुलाकात कर सीहोर को बड़े शहरों से जोड़ने का आग्रह किया था। रेल मंत्री ने इस मांग को जनहित में स्वीकार करते हुए दो महत्वपूर्ण ट्रेनों के स्टॉपेज को मंजूरी दी। सांसद आलोक शर्मा ने दोनों एक्सप्रेस ट्रेनों के सीहोर रेलवे स्टेशन पर स्टापेज के संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट भी जारी की है। प्रयागराज और वाराणसी जाने वालों को मिली बड़ी राहत सीहोर से प्रयागराज और वाराणसी जाने की मांग वर्षों से की जा रही थी। विशेष रूप से अस्थि विसर्जन जैसे धार्मिक कार्यों के लिए लोगों को पहले भोपाल जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती थी। अब सीधे सीहोर से प्रयागराज और वाराणसी तक यात्रा संभव हो सकेगी। यह निर्णय आम नागरिकों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है और उनके लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस का विस्तृत लाभ गाड़ी संख्या 19489/19490 अहमदाबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन सीहोर स्टेशन पर रुकेगी। यह ट्रेन अहमदाबाद, सूरत, रतलाम, उज्जैन, मैहर, सतना, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ती है। सीहोर के व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह ट्रेन विकास की नई राह खोलेगी। गाड़ी सं. 19489 अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस अहमदाबाद से सोमवार को छोड़कर प्रतिदिन चलेगी। अहमदाबाद से एक्सप्रेस ट्रेन सुबह 9.17 बजे से चलकर आणंद, छायापुरी, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन होती हुई रात आठ बजे के करीब सीहोर स्टेशन पहुंचेगी। इसके बाद संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, प्रयासराज, वाराणसी, मउ, भटनी, देवरिया होते हुए अगले दिन शाम 6.15 बजे गोरखपुर स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी सं. 19490 गोरखपुर स्टेशन से मंगलवार को छोड़कर प्रतिदिन रात 9.20 बजे रवाना होकर सीहोर स्टेशन गंतव्य दिवस के अगले दिन रात पौने छह बजे के करीब पहुंचेगी और फिर अहमदाबाद के लिए रवाना हो जाएगी। मुंबई बांद्रा-गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस से बढ़े अवसर सप्ताह में एक दिन चलने वाली मुंबई बांद्रा-गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस भी अब सीहोर स्टेशन पर रुकेगी। इससे मुंबई और सूरत जैसे औद्योगिक शहरों तक सीधी पहुंच संभव होगी। यह ट्रेन रोजगार, व्यापार और शिक्षा के लिए महानगरों से जुड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी। एक्सप्रेस ट्रेन 19091 मुंबई बांद्रा से सोमवार को सुबह 5.10 चलकर बोरोवली, वापी, सूरत, बडोदरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, शुजालपुर स्टेशनों से होती हुई रात आठ बजे के करीब सीहोर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इसके बाद संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना,सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, प्रयागराज, वाराणसी, मउ, भटनी, देवरिया स्टेशन होती हुई अगले दिन मंगलवार को गोरखपुर स्टेशन पहुंचेगी। इसी तरह एक्सप्रेस ट्रेन 19092 गोरखपुर से मंगलवार को रात 9.20 बजे से चलकर वापस उन्हीं स्टेशनों से होती हुई बुधवार की शाम पौने छह बजे के करीब सीहोर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी और फिर विभिन्न स्टेशनों से होती हुई गुरुवार की सुबह साढे़ आठ बजे मुंबई बांद्रा पहुंचेगी। श्रद्धालुओं और सीहोर के विकास को नई दिशा इन ट्रेनों के स्टॉपेज से कुबेरेश्वर धाम में कथा सुनने आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। प्रसिद्ध कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान सीहोर की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी। यह निर्णय न केवल यात्रा सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि सीहोर के सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक विकास को भी नई गति देगा।  

10 फरवरी का राशिफल: ग्रहों की स्थिति से इन राशियों में हो सकते हैं महत्वपूर्ण बदलाव

मेष 10 फरवरी के दिन संतुलन तलाशने और बदलावों के लिए तैयार रहने का दिन है। लव के मामले में पॉजिटिव रहें, अपने करियर के लक्ष्यों पर ध्यान दें, पैसों को स्मार्ट तरीके से मैनेज करें और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। वृषभ 10 फरवरी का दिन नई शुरुआत के बारे में है। आपको प्यार और करियर से लेकर सेहत तक रोमांचक अवसर मिल सकते हैं। बदलावों के लिए तैयार रहें। खुद पर भरोसा रखें। मिथुन 10 फरवरी के दिन आपको जीवन के हर क्षेत्र में विकास और सुधार के अवसर मिलेंगे। तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है। अपनी डाइट पर ध्यान दें। रिलेशनशिप वालों को आज एक दूसरे को समझने की कोशिश करनी चाहिए। कर्क 10 फरवरी के दिन जीवन में बैलेंस बनाने की सलाह दी जाती है। चाहे वह रिलेशन हो, करियर हो, आर्थिक मामले हो या स्वास्थ्य हो, खुद को पॉजिटिव बनाए रखें। आज की चुनौतियों और अवसरों को पार करने में आपकी स्किल्स मददगार साबित होंगी। सिंह 10 फरवरी के दिन हर काम को आसानी से निपटा लेने का आपका स्वभाव आपकी सबसे बड़ी संपत्ति होगी। सीखने और एक साथ आगे बढ़ने के अवसरों को अपनाएं। खर्चों को कंट्रोल में रखें। कन्या 10 फरवरी के दिन ऐसी एक्टिविटी में शामिल हों, जो तनाव से राहत दिला सके। आप सावधानी के साथ मौकों को एक्सप्लोर करें। नया कनेक्शन भी बन सकता है। कॉन्फिडेंस के साथ कदम उठाएं। तुला 10 फरवरी के दिन नई फीलिंग्स एक्सप्लोर करने से न हिचकिचाएं। आपकी स्किल्स ही आपकी क्षमता है, जो आपको दूसरों से अलग बनाएगी। कभी-कभी पैसे कमाने के नए रास्ते भी आजमाने चाहिए। सेहत पर गौर करें। कन्या 10 फरवरी के दिन ऐसी एक्टिविटी में शामिल हों, जो तनाव से राहत दिला सके। आप सावधानी के साथ मौकों को एक्सप्लोर करें। नया कनेक्शन भी बन सकता है। कॉन्फिडेंस के साथ कदम उठाएं। वृश्चिक 10 फरवरी के दिन आपको नए अवसर मिल सकते हैं, जो आपको उन्नति की ओर ले जा सकते हैं। अपने बजट और बचत प्लान पर नजर जरूर रखें। बेहतर रिजल्ट के लिए अपनी योजनाओं में बदलाव करने के लिए तैयार रहें। धनु 10 फरवरी के दिन सहकर्मियों के फीडबैक पर भी ध्यान दें। दिन का लाभ उठाएं। इसे अपने रिश्ते को मजबूत बनाने पर फोकस करें। आप शांति या आराम में रहना पसंद करेंगे। खुद की देखभाल की जरूरत को भी समझेंगे। मकर 10 फरवरी के दिन टीमवर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। आपको मान सम्मान और पहचान मिल सकती है। पुरानी यादों को भुलाकर वर्तमान को अपनाना बेहद जरूरी है। कुंभ 10 फरवरी के दिन आपको अपनी कमाई बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। आज अपनी फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। अगर आप सिचूएशन को पलटने पर विचार कर रहे हैं, तो आगे बढ़ें। मीन 10 फरवरी 2026 का दिन करियर के मामले में आज शुभ है। आज का दिन बदलावों को अपनाने और संतुलन खोजने के बारे है। नए अवसरों के लिए खुद को पॉजिटिव रखें। खुद को हेल्दी रखने के लिए जंक फूड्स का ज्यादा सेवन करने से बचें।

दबाव में काम नहीं करेंगे — कांग्रेस की महिला सांसदों की स्पीकर से शिकायत

नई दिल्ली कांग्रेस की महिला सांसदों ने सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर उन पर सरकार के निरंतर दबाव में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें सदन के निष्पक्ष संरक्षक के रूप में कार्य करना चाहिए उन्होंने यह पत्र उस वक्त लिखा है जब बिरला ने बीते गुरुवार को कहा था कि इससे एक दिन पहले कांग्रेस के कई सदस्य सदन के नेता (प्रधानमंत्री) की सीट के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे, इसलिए उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में नहीं आए।   इस पत्र पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, सांसद वर्षा गायकवाड़, ज्योति मणि और कुछ अन्य महिला सांसदों के हस्ताक्षर हैं। कांग्रेस की महिला सांसदों ने पत्र में लिखा, "हम यह पत्र गहरे दुःख और संवैधानिक दायित्व की भावना के साथ लिख रहे हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपको, लोकसभा के माननीय अध्यक्ष और इस सदन के संवैधानिक संरक्षक के रूप में सत्तारूढ़ दल द्वारा विपक्ष की महिला सांसदों विशेषकर कांग्रेस की सांसदों के विरुद्ध झूठे, निराधार और मानहानिकारक आरोप लगाने के लिए मजबूर किया गया।" आवाज उठाने के लिए बनाया जा रहा निशाना उन्होंने कहा, "हमें केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि हमने लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनविरोधी सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाई है और उनसे जवाबदेही की मांग की है। प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति किसी भय के कारण नहीं थी, वह सिर्फ इस डर के कारण सदन में नहीं आए कि उनमें विपक्ष का सामना करने का साहस नहीं था।" राहुल गांधी को नहीं बोलने दिया गया- कांग्रेस सांसद उन्होंने कहा, "अध्यक्ष का पद एक संवैधानिक दायित्व वाला है जिसका उद्देश्य संसद की गरिमा बनाए रखना, निष्पक्षता सुनिश्चित करना और सभी सदस्यों के अधिकारों की रक्षा करना है, चाहे वे किसी भी दल से हों। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान स्थापित संसदीय परंपरा यह है कि पहले सत्ता पक्ष और फिर विपक्ष को बोलने का अवसर दिया जाता है, जिसके बाद प्रधानमंत्री उत्तर देते हैं।" उनके मुताबिक, पिछले सप्ताह लगातार चार दिनों तक लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जानबूझकर बोलने का अवसर नहीं दिया गया, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। कांग्रेस की महिला सांसदों ने दावा किया, "दूसरी ओर, विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के आठ सांसदों को सत्तारूढ़ दल के कहने पर निलंबित किया गया और एक भाजपा सांसद को पूर्व प्रधानमंत्रियों के बारे में अभद्र भाषा में बोलने की अनुमति दी गई।" उन्होंने कहा, "जब हम आपसे मिले, तो हमने न्याय की मांग की और उन भाजपा सांसद के निलंबन की मांग की। आपने स्वयं स्वीकार किया कि एक गंभीर गलती हुई है और हमें शाम चार बजे फिर आने को कहा। दोबारा मिलने पर आपने कहा कि आप सरकार की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि अब आप इन मामलों में निर्णयकर्ता नहीं हैं।" बिरला के अधिकारों पर उठाए सवाल महिला सदस्यों ने दावा किया कि इससे अध्यक्ष के रूप में बिरला की स्वतंत्रता और अधिकार पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। कांग्रेस की महिला सांसदों ने कहा, गुरुवार को शाम 5 बजे, परंपरा प्रक्रिया के विरुद्ध, प्रधानमंत्री का लोकसभा में बोलना निर्धारित किया गया। 'इंडिया' गठबंधन के सभी सदस्यों ने विरोध में खड़े होकर आपत्ति जताई और प्रधानमंत्री सदन में उपस्थित नहीं हुए।" उन्होंने दावा किया, "अगले दिन, स्पष्ट रूप से सत्तारूढ़ दल के दबाव में आकर प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति का बचाव करते हुए आपने कांग्रेस पार्टी की महिला सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए।" उनका कहना है, "हमारे विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और मर्यादित रहे हैं। हममें से अधिकतर साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं और कई पहली पीढ़ी की नेता हैं। हमने दशकों तक जनता के बीच संघर्ष करते हुए, भेदभाव और बाधाओं का सामना करते हुए अपना स्थान बनाया है। हमारी ईमानदारी पर प्रश्न उठाना हर उस महिला का अपमान है जो साहस और गरिमा के साथ सार्वजनिक जीवन में अपनी जगह बनाती है।" कांग्रेस की महिला सांसदों ने कहा, "हम हिंसा और धमकी की राजनीति में विश्वास नहीं रखते। हम साहसी निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं जिन्हें डराकर चुप नहीं कराया जा सकता। हमें विश्वास है कि पारदर्शिता ही अध्यक्ष के पद की गरिमा और इस सदन की विश्वसनीयता को पुनः स्थापित कर सकती है।" उन्होंने बिरला से कहा, "हमें आपके पद और आपके प्रति पूर्ण सम्मान है। किंतु यह स्पष्ट है कि आप पर सत्तारूढ़ दल का लगातार दबाव है। हम आपसे पुनः आग्रह करते हैं कि आप लोकसभा के निष्पक्ष संरक्षक के रूप में कार्य करें। इस प्रयास में हम आपके साथ खड़े रहेंगे और आपको पूरा समर्थन देंगे।"उन्होंने इस बात पर जोर दिया, "इतिहास आपको उस व्यक्ति के रूप में याद रखे जो कठिन परिस्थितियों में भी सही के साथ खड़ा रहा और देश के हित में संवैधानिक मर्यादा की रक्षा की। 

मिड-डे मील के बाद हड़कंप: 70 से अधिक बच्चे बीमार, एक की हालत गंभीर

मधेपुरा बिहार के मधेपुरा जिले से मिड-डे मील को लेकर एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। सदर प्रखंड के साहूगढ़ क्षेत्र के कारू टोला स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शनिवार को स्कूल का भोजन खाने के कुछ ही देर बाद 70 से अधिक बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। खाना खाने के बाद बच्चों में उल्टी, पेट में तेज दर्द, चक्कर, घबराहट और बेचैनी जैसे लक्षण दिखने लगे। देखते ही देखते स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया और शिक्षकों ने तुरंत बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाना शुरू किया। अस्पताल में भर्ती, एक बच्ची की हालत गंभीर बीमार बच्चों को एम्बुलेंस और निजी गाड़ियों से मधेपुरा सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकतर बच्चों की स्थिति अब सामान्य है और वे खतरे से बाहर हैं, लेकिन एक छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका इलाज लगातार चल रहा है। भोजन में गड़बड़ी की आशंका घटना के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मिड-डे मील की खिचड़ी में मरी हुई छिपकली गिरने की आशंका है, जिसकी वजह से बच्चों की तबीयत बिगड़ी। कुछ लोगों ने भोजन सप्लाई से जुड़े एनजीओ और रसोई प्रबंधन की लापरवाही को इस हादसे का कारण बताया है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक किसी वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। खाने के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारण साफ हो पाएगा। अभिभावकों का हंगामा, जांच और कार्रवाई की मांग घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर नाराजगी जताई और मिड-डे मील की गुणवत्ता,साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। अभिभावकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। लापरवाही साबित हुई तो होगी कड़ी कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) खुद सदर अस्पताल पहुंचे और बच्चों की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अगर किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित एनजीओ, रसोइया या जिम्मेदार कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए मिड-डे मील की मॉनिटरिंग और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।

एक छोटी सी लापरवाही और चली गई जान—बस में जिंदा जला कंडक्टर, वजह बनी अगरबत्ती

नई दिल्ली दिल्ली के विकासपुरी में एक प्राइवेट बस में आग लगने की वजह से 25 वर्षीय हेल्पर की मौत हो गई। पुलिस को संदेह है कि आग लगने की वजह अगरबत्ती है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि मृतक का नाम सुनील है वह रात में बस में ही सोता था। इस दौरान मच्छरों को भगाने के लिए अगरबत्ती जलाता था। पुलिस के मुताबिक मामले में अभी जांच जारी है लेकिन शुरुआती जांच में आग की वजह अगरबत्ती को माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि आग अगरबत्ती से लगी और धीरे-धीरे पूरी बस को अपने चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि सुनील को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल सका। आग इतनी तेज थी कि सुनील को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल सका। पूरी बस जल चुकी थी सुनील के जले हुए शव को दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे पोस्टमार्टम के लिए रखा गया है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि बस में लगी आग इतनी भयंकर थी कि जब तक दमकलकर्मी वहां पहुंचे पूरी बस जल चुकी थी। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और सुनील के शव को बाहर निकाला गया। मौके पर पहुंचे दमकलकर्मी प्रिया अपार्टमेंट्स में रहने वाले विजय ने बताया, 'रविवार रात करीब 12:30 बजे हमने देखा कि बस में आग लग गई है। मैंने दमकलकर्मियों को फोन कर दिया था। जब दमकलकर्मी रात 12:45 बजे पहुंचे, तो उन्होंने खिड़कियां तोड़ दीं। तब तक पूरी बस आग की लपटों में घिर चुकी थी। हमें बताया गया कि बस के अंदर सो रहा व्यक्ति सफाईकर्मी था और इसके बाद बस के ड्राइवरों को भी बुलाया गया। बस का रजिस्ट्रेशन नंबर हरियाणा का आपको बता दें कि बस का मालिक विजय कुमार (46) है और बस का रजिस्ट्रेशन नंबर हरियाणा का था। फिलहाल मामले में पुलिस ये पता लगाने में लगी है कि अगरबत्ती ही आग लगने की असल वजह थी या फिर कोई तकनीकी खराबी के चलते ऐसा हुआ।

भूख लगी है तो अब ट्रेन की सीट नहीं छोड़नी पड़ेगी, IRCTC ने शुरू की शानदार सर्विस

  नई दिल्ली भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने 'ई-पैंट्री' सर्विस शुरू की है. जिसके जरिए अब यात्री 25 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में ऑनलाइन खाना और पानी पहले से बुक कर सकते हैं. खाना सीधे उनकी सीट पर पहुंचा दिया जाएगा. यह सर्विस उन ट्रेनों के लिए है, जहां टिकट में खाना शामिल नहीं होता. बता दें कि IRCTC भारतीय रेलवे का हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म विभाग है, यह कैटरिंग, टूरिज्म और ऑनलाइन टिकट बुकिंग का काम देखता है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, ई-पैंट्री सेवा यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और तकनीक से यात्रा को बेहतर बनाने का हिस्सा है. ई-पैंट्री सर्विस कैसे काम करती है? ई-पैंट्री सर्विस IRCTC की टिकट बुकिंग वेबसाइट और ऐप से जुड़ी हुई है. जिन यात्रियों का टिकट कन्फर्म, RAC या आंशिक कन्फर्म है, वे टिकट बुक करते समय या बाद में "बुक टिकट हिस्ट्री" सेक्शन में जाकर स्टैंडर्ड मील और रेल नीर (पैकेज्ड पानी) पहले से ऑर्डर कर सकते हैं. ऑर्डर करने के बाद यात्री को SMS या ईमेल से कन्फर्मेशन मैसेज और मील वेरिफिकेशन कोड (MVC) मिलता है. यात्रा के दिन ट्रेन में वेंडर को MVC दिखाना होता है, फिर खाना सीट पर डिलीवर कर दिया जाता है. इन ट्रेनों में शुरू ई-पैंट्री सर्विस ई-पैंट्री सर्विस विवेक एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22503/04) पर आजमाई गई थी, जो भारत की सबसे लंबी दूरी वाली ट्रेनों में से एक है. अच्छे रिस्पॉन्स के बाद अब इसे 25 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में शुरू कर दिया गया है. आइए जानते हैं किन प्रमुख ट्रेनों में ई-पैंट्री सर्विस शुरू की गई है.       स्वतंत्र सेनानी एक्सप्रेस     स्वर्णजयंती एक्सप्रेस     कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस     मंगला द्वीप एक्सप्रेस     कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस     पुष्पक एक्सप्रेस     पश्चिम एक्सप्रेस     नेत्रावती एक्सप्रेस     ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस     पूर्वा एक्सप्रेस     लिच्छवी एक्सप्रेस     आजाद हिंद एक्सप्रेस     मालवा एक्सप्रेस     अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस     पुरुषोत्तम एक्सप्रेस और अन्य कई ट्रेनें.