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साइंटिफिक रिपोर्ट ने खोला राज! सबरीमाला में चोरी नहीं बदले पैनल, रासायनिक तरीके से गायब हुआ सोना

तिरुवनंतपुरम सबरीमाला सोना चोरी मामले में नई वैज्ञानिक जांच ने कई अहम सवालों पर विराम लगा दिया है। इसरो के वैज्ञानिक परीक्षणों में पुष्टि हुई है कि गर्भगृह (संनिधानम) के दरवाजे के पैनल बदले नहीं गए थे, बल्कि तांबे की चादरों पर चढ़ी सोने की परत को रासायनिक प्रक्रिया के जरिए उतारा गया था। ये निष्कर्ष विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपे गए हैं और बुधवार को केरल हाईकोर्ट के समक्ष भी रखे गए। इससे गर्भगृह के ढांचे को पूरी तरह बदलने या अंतरराष्ट्रीय गिरोहों को सौंपे जाने जैसी अटकलों को खारिज कर दिया गया है। इसरो के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के वैज्ञानिकों ने विस्तृत सामग्री विश्लेषण के बाद अदालत को बताया कि सबरीमाला में लगे दरवाजों के पैनल मूल तांबे की चादरें ही हैं। जांच में यह भी साफ हुआ कि चोरी किया गया हिस्सा ठोस सोना नहीं था, बल्कि तांबे के ऊपर चढ़ी सोने की परत थी, जिसे पहले ठोस सोने के पैनल समझा जा रहा था। वैज्ञानिकों के अनुसार, गर्भगृह के दरवाजे का लकड़ी का ढांचा, जिसे स्थानीय भाषा में ‘कट्टिल’ कहा जाता है, वह भी पूरी तरह मूल पाया गया है। हालांकि, जिन चादरों को हटाकर बाद में दोबारा लगाया गया था, उनके नमूनों में सोने की मात्रा में स्पष्ट कमी पाई गई है। इससे यह साबित होता है कि तांबे को नुकसान पहुंचाए बिना सोने को अलग किया गया। पैनलों पर दिखाई देने वाले बदलावों को लेकर उठी शंकाओं पर वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि ये परिवर्तन रासायनिक प्रतिक्रियाओं के कारण हुए हैं, न कि पैनल बदलने की वजह से। सोना निकालने में इस्तेमाल होने वाला पारा (मरकरी) और अन्य रासायनिक घोल चादरों की सतह की रासायनिक संरचना को प्रभावित करते हैं, जिससे रंग और बनावट में फर्क नजर आता है। वैज्ञानिकों ने यह भी कहा कि इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि मूल चादरों को हटाकर नई चादरें लगाई गई हों। एसआईटी ने हाईकोर्ट को बताया है कि जांच अभी जारी है और पुराने गर्भगृह दरवाजे से लिए गए नमूनों का तुलनात्मक विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी परीक्षणों को शामिल करते हुए अंतिम संयुक्त रिपोर्ट जल्द ही सौंप दी जाएगी। माना जा रहा है कि यह वैज्ञानिक गवाही जांच की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी और अब जांच का फोकस सोना निकालने की प्रक्रिया और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान पर केंद्रित होगा।

बौद्ध बनकर अल्पसंख्यक कोटा लेने की कोशिश, सुप्रीम कोर्ट नाराज़— CJI की तीखी टिप्पणी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बौद्ध धर्म अपनाने वाले हिंदू अपर कास्ट युवक के अल्पसंख्यक आरक्षण की मांग करने पर कड़ी फटकार लगाई। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने इसे नया तरीके का फ्रॉड करार दिया। अदालती सुनवाइयों को रिपोर्ट करने वाली वेबसाइट बार एंड बेंच के अनुसार, निखिल कुमार पूनिया ने याचिका दायर कर अल्पसंख्यक उम्मीदवार के आधार पर एडमिशन की मांग की। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने पूछा कि आप कौन से पूनिया हैं? आप किस अल्पसंख्यक समुदाय से हैं? सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ''मैं आपसे सीधे-सीधे पूछता हूं, आप कौन से पूनिया हैं?'' इस पर निखिल के वकील ने जवाब दिया कि जाट पूनिया हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि तब कैसे अल्पसंख्यक हुए? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उसने (निखिल) बौद्ध धर्म अपना लिया है और यह उसका अधिकार है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने फटकार लगाते हुए कहा कि वाओ, यह तो नया तरीके का फ्रॉड है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को सख्त आदेश दिया। उसने कहा कि राज्य उसे अल्पसंख्यक सर्टिफिकेट जारी करने के लिए गाइडलाइंस की जानकारी दे और बताए कि क्या ऊंची जाति के जनरल कैटेगरी के उम्मीदवार बौद्ध धर्म अपनाने के बाद अल्पसंख्यक सर्टिफिकेट हासिल कर सकते हैं। कोर्ट ने हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी से जवाब मांगा है।

जेब में Aadhaar, लाइन से छुटकारा! नया Aadhaar App लॉन्च — घर बैठे अपडेट और वेरिफिकेशन आसान

नई दिल्ली आज आधार कार्ड धारकों के लिए एक बड़ा बदलाव आया है। UIDAI ने नया Aadhaar App लॉन्च कर दिया है, जो पुराने mAadhaar ऐप से कहीं अधिक उपयोगी है। यह ऐप 28 जनवरी 2026 से पूरे देश में उपलब्ध हो गया है। स्क्रीन पर सिर्फ फिजिकल कार्ड देखने के बजाय, अब आप अपने मोबाइल फोन में पूरा डिजिटल Aadhaar ID रख सकते हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब आप मोबाइल नंबर और पता जैसे डिटेल्स को भी घर बैठे अपडेट कर सकेंगे, बिना Enrollment Center का चक्कर लगाए।   New Aadhaar App के 5 मुख्य फीचर्स और फायदे 1. अब फिजिकल Aadhaar कार्ड रखने की जरूरत खत्म नए Aadhaar App की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब आपको आधार कार्ड की फोटो कॉपी, PVC कार्ड या प्रिंटआउट साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस ऐप में आपका पूरा Aadhaar डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित तरीके से मौजूद रहेगा। जहां भी पहचान दिखाने की जरूरत हो बैंक, होटल, एयरपोर्ट, सरकारी दफ्तर वहां आप सीधे मोबाइल से Aadhaar दिखा सकते हैं। इससे आधार खोने, फटने या गलत इस्तेमाल का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। 2. Face Authentication से होगी पहचान, OTP की झंझट खत्म नया Aadhaar App Face Authentication सपोर्ट करता है। यानी अब सिर्फ मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। आप अपने चेहरे से ही पहचान वेरिफिकेशन कर सकते हैं। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनके पास हमेशा OTP लेने के लिए फोन उपलब्ध नहीं रहता। 3. QR कोड से तुरंत वेरिफिकेशन नए ऐप में QR-code आधारित वेरिफिकेशन की सुविधा दी गई है। इसका मतलब यह है कि: किसी को Aadhaar की फोटो कॉपी देने की जरूरत नहीं, सामने वाला सिर्फ QR स्कैन करके आपकी पहचान जांच सकता है, डेटा में छेड़छाड़ की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। यह फीचर होटल चेक-इन, इवेंट एंट्री, ऑफिस वेरिफिकेशन और किराए के मकान जैसे मामलों में बहुत काम आएगा। 4. एक ऐप में परिवार के कई Aadhaar (Multi-Profile Support) नया Aadhaar App Multi-Profile फीचर के साथ आता है। यानी: माता-पिता, बच्चे, परिवार के बुजुर्ग सदस्य। सबका Aadhaar एक ही ऐप में सुरक्षित रखा जा सकता है। इससे अलग-अलग फोन या डॉक्यूमेंट संभालने की परेशानी खत्म हो जाती है। बच्चों और बुजुर्गों के आधार मैनेज करना अब बेहद आसान होगा। 5. घर बैठे Aadhaar डिटेल अपडेट करने की सुविधा नए Aadhaar App में कई जरूरी अपडेट्स अब घर बैठे किए जा सकेंगे, जैसे: मोबाइल नंबर, पता (Address)। इससे अब Aadhaar Center के चक्कर, लंबी लाइनें और समय की बर्बादी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। यह फीचर खासतौर पर कामकाजी लोगों और ग्रामीण इलाकों के लिए राहत लेकर आया है। Aadhaar फ्रॉड पर लगेगा ब्रेक QR वेरिफिकेशन, फेस ऑथेंटिकेशन और सिलेक्टिव शेयरिंग जैसे फीचर्स की वजह से: फर्जी Aadhaar इस्तेमाल करना मुश्किल होगा, फोटो कॉपी के दुरुपयोग पर रोक लगेगी, पहचान चोरी के मामलों में कमी आएगी, यानी नया Aadhaar App सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा कवच भी है।

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इस त्रासदी ने न केवल एक लोकप्रिय जननेता को छीन लिया, बल्कि उन दर्दनाक हादसों की कड़वी यादें भी ताजा कर दीं, जिनमें पहले भी देश ने अपने कई राजनीतिक दिग्गजों और प्रमुख हस्तियों को असमय खोया है। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता पवार (66) और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान पुणे के बारामती में उस समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया जब वह उतर रहा था।   होमी भाभा- 1966 भारत के अग्रणी परमाणु भौतिकी वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा की मृत्यु 24 जनवरी 1966 को ‘एयर इंडिया’ की उड़ान 101 के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण हुई। जिनेवा एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के साथ हुए गलत संचार की वजह से विमान ‘स्विस आल्प्स’ पहाड़ के मोंट ब्लांक में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।   संजय गांधी- 1980 कांग्रेस नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी की 23 जून 1980 को एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। वह सफदरजंग हवाई अड्डे के पास ‘दिल्ली फ्लाइंग क्लब’ के विमान में हवाई करतब दिखा रहे थे, तभी विमान अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।   माधवराव सिंधिया-2001 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नागर विमानन मंत्री माधवराव सिंधिया की मृत्यु 30 सितंबर 2001 को कानपुर में राजनीतिक रैली के लिए जा रहे विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण हुई। उत्तर प्रदेश में खराब मौसम के कारण 10 लोगों की बैठने की क्षमता वाला निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।   जी एम सी बालयोगी-2002 लोकसभा अध्यक्ष रहे एवं तेलुगु देशम पार्टी के नेता जी एम सी बालयोगी की मृत्यु तीन मार्च 2002 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई। वह पश्चिम गोदावरी जिले के भीमवरम से आ रहे थे, जब उनका निजी हेलीकॉप्टर आंध प्रदेश के कृष्णा जिले के कैकलुरु के पास एक तालाब में गिर गया। सिप्रियन सांगा-2004 मेघालय के ग्रामीण विकास मंत्री किप्रियन सांगा और 9 अन्य लोग 22 सितंबर 2004 को गुवाहाटी से शिलॉन्ग जा रहे पवन हंस हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त के कारण मारे गए थे। यह हेलीकॉप्टर राज्य की राजधानी से केवल 20 किमी दूर बारापानी झील के पास दुर्घटना का शिकार हुआ। के एस सौम्या- 2004 दक्षिण भारत की लोकप्रिय अभिनेत्री सौंदर्या (के एस सौम्या) की मृत्यु 17 अप्रैल 2004 को विमान दुर्घटना में हुई जब वह अपने भाई के साथ बेंगलुरु से करीमनगर जा रही थीं। ओ पी जिंदल और सुरेंद्र सिंह-2005 उद्योगपति और हरियाणा के पूर्व मंत्री ओम प्रकाश जिंदल और कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह की 2005 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई जब उनका हेलीकॉप्टर दिल्ली से चंडीगढ़ जाते समय उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दुर्घटना का शिकार हो गया। वाई एस रेड्डी-2009 दो सितंबर 2009 को आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस राजसेखर रेड्डी (वाईएसआर) का हेलीकॉप्टर ‘बेल 430’ खराब मौसम के कारण नल्लमाला जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे उनकी मृत्यु हो गई। दोरजी खांडू-2011 अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दोरजी खांडू और चार अन्य लोगों को 30 अप्रैल 2011 को तवांग से ईटानगर जा रहे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण जान गंवानी पड़ी। सीडीएस जनरल बिपिन रावत-2021 भारत के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत की मृत्यु आठ दिसंबर 2021 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई। यह दुर्घटना तमिलनाडु के कूनूर के पास हुई, जब वह सुलूर से वेलिंगटन जा रहे थे। विजय रुपाणी-2025 गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की मृत्यु 12 जून 2025 को अहमदाबाद विमान दुर्घटना में हुई। इस हादसे में बोइंग ‘787-8 ड्रीमलाइनर’ (एआई171) में सवार 242 यात्री और चालक दल में से एक को छोड़कर सभी की मौत हो गई, जबकि जमीन पर भी कई एमबीबीएस छात्रों समेत 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।  

सिलाई मशीन के पीछे छिपा खतरनाक मंसूबा — फैजान चाहता था कश्मीर को भारत से अलग, गुजरात में गिरफ्तारी

अहमदाबाद गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉवड (ATS) ने नवसारी पुलिस के साथ मिलकर एक बड़े आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। सोमवार को पुलिस ने 22 साल के एक शख्स को गिरफ्तार किया जो आतंकी संगठनों से प्रेरित होकर जिहाद की राह पर निकल चुका था। वह ना सिर्फ कई लोगों की हत्याओं की साजिश रच चुका था, बल्कि भारत के खिलाफ जंग छोड़ने और जम्मू-कश्मीर को अलग कर देने तक का इरादा रखता था।   आरोपी की पहचान फैजान सलमानी के रूप में हुई है, जो नवसारी के जाराकवाड इलाके में अक्सा मस्जिद के पास रहता था। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर का रहने वाला वाला है। वह नवसारी में रहकर दर्जी का काम करता था। डिप्टी एसपी हर्ष उपाध्याय को सूचना मिली थी कि फैजान आतंक फैलाने के लिए उत्तर प्रदेश में कुछ लोगों की हत्या की साजिश रच रहा था। गोपनीय सूचना के बाद एटीएस के अधिकारियों ने आरोपी को दबोच लिया। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी आतंकियों की विचारधारा से बहुत प्रेरित था और सशस्त्र संघर्ष के जरिए जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने का सपना पाल रहा था। जिहादी साजिशों से भरा फोन जांच के दौरान फैजान का फोन भी जिहादी सामग्रियों से भरा हुआ मिली। वह जैश-ए-मोहम्मद और अलकायदा के समर्थन वाले वीडियो और अन्य दस्तावेज मिले हैं। उसके फोन में भारत के कई अहम ठिकानों, प्रतीक चिह्नों और नक्शों से छेड़छाड़ वाली तस्वीरें मिली हैं। वह कई ऐसे लोगों को धमकियां दे चुका था जिन पर पैगंबर के अपमान का आरोप है। वह 'मोहम्मद अबु बकर' नाम के एक शख्स के साथ भी चैट कर रहा था। वह अभी फरार बताया जा रहा है। इस चैट में जैश के प्रोपेगेंडा वीडियो, भड़काऊ भाषण और वीडियो मिले हैं। फैजान बकर के साथ कई महीनों से संपर्क में था। क्या-क्या इरादे रखता था फैजान पूछताछ के दौरान फैजान ने कबूल किया कि उसने छह महीने पहले यूपी से एक पिस्टल और छह कारतूस खरीदे थे। उसने कहा यह हथियार उसने उन लोगों की हत्याओं के लिए खरीदा था जिनकी तस्वीरें और फोटोग्राफ जिहादी ग्रुपों में शेयर किए गए थे। एटीएस अधिकारियं ने बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक फैजान अपने हैडलर्स के साथ मिलकर भारत के खिलाफ जंग छेड़ने, हिंसा भड़काने और युवाओं को जिहाद के लिए उकसाने में शामिल था। फैजान के खिलाफ यूएपीए, बीएनएस और आर्म्स ऐक्ट के तहत केस दर्ज किए गए हैं।

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की तैयारियों को पुख्ता करने और ऑस्ट्रेलियाई टीम को उपमहाद्वीप की स्थितियों के मुताबिक खुद को ढालने का मौका होगा। सीरीज का पहला मुकाबला गुरुवार को लाहौर में भारतीय समयानुसार शाम साढ़े 4 बजे से शुरू होगा। पाकिस्तान का मजबूत पक्ष पाकिस्तानी टीम टी20 की खतरनाक टीमों में गिनी जाती है। घर में उसे हराना किसी भी टीम के लिए काफी मुश्किल रहा है। तेज गेंदबाजी उसकी मजबूती रही है। उसके पेसर नई गेंद से जल्द विकेट चटकाने की क्षमता रखते हैं। वहीं बल्लेबाजी में उसके पास बाबर आजम के रूप में शानदार बल्लेबाज है जिनका टी20 में शानदार रिकॉर्ड है। हालांकि वह काफी समय से अपनी ख्याति के अनुरूप प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। बिग बैश लीग में वह कोई खास छाप नहीं छोड़ पाए थे फिर भी टी20 इंटरनेशनल में उन्हें हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। ऑस्ट्रेलिया का मजबूत पक्ष दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया की बात करें तो वो बेशक दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में से एक है। वह खेल के हर डिपार्टमेंट में खतरनाक है। उसके पास एक बहुत ही मजबूत बैटिंग लाइन अप है जो किसी भी गेंदबाजी की धज्जियां उड़ाने में सक्षम है। इसके अलावा उसके पास जानदार तेज गेंदबाजी है जो किसी भी तरह की सतह पर विकेट चटकाने में सक्षम है। उसका स्पिन डिपार्टमेंट भी मजबूत है। हालांकि भारतीय उपमहाद्वीप की स्थितियों में उसके खिलाड़ियों की कड़ी परीक्षा होगी। ट्रेविस हेड, कैमरन ग्रीन, एडम जैम्पा जैसे खिलाड़ी सीरीज में अपनी छाप छोड़ने को बेकरार होंगे। दोनों टीमों का हालिया प्रदर्शन पाकिस्तान पाकिस्तान ने पिछले साल श्रीलंका और जिम्बाब्वे के साथ हुए ट्राई सीरीज में जीत हासिल की थी। फाइनल में उसने श्रीलंका को शिकस्त दी थी। हालांकि उसके बाद श्रीलंका के साथ हुई टी20 सीरीज 1-1 से बराबरी पर रही थी। सीरीज के पहले मुकाबले में पाकिस्तान ने श्रीलंका को 20 गेंद बाकी रहते 6 विकेट से हराया था। दूसरा मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया था और एक भी गेंद नहीं फेंकी गई थी। 11 जनवरी 2026 को हुए तीसरे टी20 में श्रीलंका ने पाकिस्तान को 14 रन से शिकस्त दी थी। ऑस्ट्रेलिया दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया की बात करें तो उसे अपनी पिछली टी20 सीरीज में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा था और वह भी अपने घर में। अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया ने भारत के साथ 5 टी20 मैच की सीरीज खेली थी। पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था। दूसरे में ऑस्ट्रेलिया ने 4 विकेट से जीत हासिल कर 1-0 की बढ़त बनाई थी लेकिन उसके बाद उसे तीसरे और चौथे मैच में भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। पांचवां मैच भी बारिश की वजह से रद्द हो गया था। दोनों टीमें इस प्रकार हैं ऑस्ट्रेलिया का स्क्वाड: ट्रेविस हेड, जोश इंग्लिस, मिचेल ओवेन, जोश फिलिप (विकेटकीपर), मैट रेनशॉ, मैथ्यू शॉर्ट, मिचेल मार्श (कप्तान), सीन एबॉट, कूपर कोनोली, जैक एडवर्ड्स, कैमरन ग्रीन, मार्कस स्टोइनिस, जेवियर बार्टलेट, माहली बर्डमैन, बेन ड्वारशुइस, मैथ्यू कुहनमैन, एडम जैम्पा। पाकिस्तान का स्क्वाड: बाबर आजम, फखर जमां, ख्वाजा नैफे, साहिबजादा फरहान, सैम अयूब, उस्मान खान (विकेटकीपर), सलमान आगा (कप्तान), फहीम अशरफ, मोहम्मद नवाज, शादाब खान, अबरार अहमद, मोहम्मद वसीम, नसीम शाह, सलमान मिर्जा, शाहीन शाह अफरीदी, उस्मान तारिक।  

53 साल की मंदिरा बेदी ने दिखाया 30 जैसा जोश, फिनेस टिप्स 40 पार महिलाओं के लिए

मुंबई  शाहरुख खान की फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' फेम एक्ट्रेस मंदीरा बेदी अपनी फिटनेस के लिए जानी जाती हैं. 53 साल की उम्र में भी मंदिरा बेहद फिट और एक्टिव हैं. वो अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी फोटोज और वीडियो शेयर करती रहती हैं, जिसमें वो जिम में एक्सरसाइज करती दिखती हैं. मंदिरा बेदी को  फिटनेस आइकन माना जाता है, उन्होंने साबित किया है कि उम्र सिर्फ नंबर होता है. 50 की पार होते ही जहां लोग ठीक से चल नहीं पाते हैं, वहां पर  मंदिरा की फिटनेस और एनर्जी लोगों को चौंका देती है.  हाल ही में हर्बालाइफ के यूट्यूब चैनल पर दिए एक इंटरव्यू में मंदीरा ने अपनी फिटनेस जर्नी, उम्र के साथ बदलते शरीर और सेहत को लेकर अपनी खुलकर बातें की. इस दौरान एक्ट्रेस ने कहा कि इस उम्र में वो खुद को पहले से कई गुना ज्यादा स्ट्रॉन्ग महसूस करती हैं.  उम्र के साथ बढ़ी ताकत  मंदिरा ने बताया कि वो आज के समय में अपने 30 और 40 के मुकाबले में ज्यादा वजन उठा पाती हैं, उनकी बॉडी में कोई ऐसी लिमिट नहीं है जो पहले नहीं थी. सही ट्रेनिंग और रोजाना एक्सरसाइज की वजह से उनका शरीर अधिक स्ट्रॉन्ग और बैलेंस हो गया है. मंदिरा बेदी ने अपनी फिटनेस के पीछे की सीक्रेट का खुलासा किया, उन्होंने बताया है कि उनकी स्ट्रॉन्ग बॉडी का असली सप्लीमेंट किया है.  क्या है मंदिरा की फिटनेस का सीक्रेट मंदिरा से जब फिटनेस सप्लीमेंट्स के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके लिए सिर्फ एक्सरसाइज ही सबसे बड़ा सप्लीमेंट है, वो किसी चमत्कारी गोली या शॉर्टकट में यकीन नहीं रखती हैं. रोजाना एक्सरसाइज करने से ही हमारा शरीर बीमारियों से दूर रहता है. 40 और 50 की उम्र में महिलाओं में काफी सारे हार्मोनल बदलाव होते हैं, लेकिन अगर आपकी बॉडी एक्टिव रहती है. तो आपके शरीर में इन बदलावों का ज्यादा असर नहीं पड़ता है.  महिलाओं को दिया खास मैसेज मंदिरा बेदी ने खासतौर पर मिडिल एज महिलाओं को मैसेज देते हुए कहा कि फिटनेस को कभी ऑप्शन की तरह नहीं देखना चाहिए. ये कुछ दिनों की चीज नहीं है बल्कि आपकी लाइफस्टाइल का हिस्सा होना चाहिए. एक्सरसाइज सिर्फ वर्तमान के लिए नहीं बल्कि भविष्य की सेहत के लिए सुरक्षाकवच की तरह है.   रोजाना वर्कआउट करना सेल्फ लव की तरह है यानी यह खुद से प्यार करने का तरीका है. इससे आप भी फिट रहते है और आपका दिल भी हेल्दी रहता है.  40 पार महिलाएं घर पर ही करें ये 5 एक्सरसाइज 40 पार महिलाएं घर पर रहकर भी खुद को फिट रख सकती हैं,  रोजाना सिर्फ 20–25 मिनट की ये 5 एक्सरसाइज शरीर को मजबूत और एक्टिव बनाए रखती हैं.     वॉल स्क्वैट करने से महिलाओं को बढ़ती उम्र में घुटने और जांघ मजबूत होते हैं.     कुर्सी की मदद से बैठना-उठना करें, इससे आपके पैरों की मसल्स स्ट्रॉन्ग होती है.     आर्म रेज एक्सरसाइज भी महिलाओं के लिए बेहतर है, क्योंकि इससे कंधे और बाजू टोन होते हैं.     पेट और कमर को सपोर्ट देने के लिए लेग लिफ्ट एक्सरसाइज को अपने रूटीन में शामिल करें.     महिलाओं को हर छोटी-बड़ी बात का स्ट्रेस होता है और इसे कम करने के लिए वो प्राणायाम और हल्की स्ट्रेचिंग कर सकती हैं. इससे उनके शरीर में लचीलापन भी आता है.  महिलाएं डाइट में शामिल करें ये हेल्दी फूड्स  30 के बाद ही महिलाओं को अपनी डाइट में ऐसे फूड्स शामिल कर लेने चाहिए, जो उनकी हेल्थ और स्किन के लिए बेहतर होते हैं.      संतरा, पपीता, अमरूद जैसे फल खाएं     हरी सब्जियां, चुकंदर, गाजर, जैसी सब्जियां खाएं, यह उनकी स्किन के लिए भी अच्छी होती हैं.     बादाम, अखरोट, काली किशमिश और अन्य नट्स भी रोजाना मुट्ठी भर खाएं.     चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स और कद्दू के बीजों को भी डाइट का हिस्सा बनाएं. Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी स्वास्थ्य समस्या या डाइट में किसी भी बदलाव से पहले हमेशा अपने डॉक्टर, न्यूट्रिशनिस्ट या डायटीशियन से सलाह जरूर लें.

अश्मिता चालिहा की वापसी: थाईलैंड मास्टर्स में मेन ड्रॉ की हो गई जगह पक्की

पटुमवान भारत की अश्मिता चालिहा ने पटाया में खेले गए दो कड़े क्वालिफाइंग मुकाबले जीतकर थाईलैंड मास्टर्स बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला सिंगल्स मेन ड्रॉ में जगह बना ली। 26 वर्षीय अश्मिता ने अपने अभियान की शुरुआत चीनी ताइपे की ऊंची रैंकिंग वाली हंग यी टिंग के खिलाफ तीन गेम के रोमांचक मुकाबले से की, जिसे उन्होंने 15-21, 21-12, 21-12 से अपने नाम किया। पहला गेम गंवाने के बाद दुनिया की 87वीं रैंक वाली अश्मिता ने शानदार वापसी करते हुए दूसरे और तीसरे गेम में पूरा नियंत्रण बनाए रखा और मैच का रुख पलट दिया। उन्होंने इस लय को अंतिम क्वालिफाइंग राउंड में भी बरकरार रखा, जहां उन्होंने कोरिया गणराज्य की किम जूउन को 21-11, 10-21, 21-16 से हराकर मेन ड्रॉ का टिकट पक्का किया। निर्णायक गेम में स्कोर 15-15 की बराबरी पर पहुंचने के बाद अश्मिता ने जबरदस्त धैर्य और आक्रामक खेल दिखाया और लगातार अंक जुटाकर मुकाबला अपने नाम किया। सुपर 300 श्रेणी के इस टूर्नामेंट में क्वालिफाइंग राउंड से आगे बढ़ने वाली वह एकमात्र भारतीय खिलाड़ी रहीं। डबल्स वर्ग में भारत का सफर जल्दी समाप्त हो गया। पुरुष डबल्स में साई प्रतीक के और पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय को मलेशिया की जोड़ी नूर मोहम्मद अजरीन अयूब और टैन वी कियोंग ने 22-20, 22-20 से हराया। महिला डबल्स में रुतपर्णा पांडा और स्वेतापर्णा पांडा को चीन की बाओ ली जिंग और ली यी जिंग से सीधे गेम में हार मिली, जबकि अश्विनी भट्ट के और शिखा गौतम को इंडोनेशिया की फेब्रियाना कुसुमा और मेलिसा पुष्पितसारी ने बाहर किया। इसके अलावा सानिया सिकंदर और रश्मि गणेश भी क्वालिफाइंग राउंड में बाहर हो गईं। सिंगल्स क्वालिफायर में सतीश कुमार और सनीथ दयानंद पुरुष सिंगल्स से बाहर हुए, जबकि श्रेया लेले महिला सिंगल्स मेन ड्रॉ में जगह नहीं बना सकीं। मिक्स्ड डबल्स में मोहित जगलान और लक्षिता जगलान का सफर भी क्वालिफायर में ही समाप्त हो गया। भारत का मेन-ड्रॉ अभियान बुधवार से शुरू होगा, जिसमें मालविका बंसोड़, अनमोल खरब, किरण जॉर्ज और प्रियांशु राजावत अपने-अपने मुकाबलों में उतरेंगे।  

Djokovic ने बनाए इतिहास, Australian Open में 400वीं जीत से फेडरर का रिकॉर्ड छिन्न-भिन्न

मेलबर्न  मेलबर्न पार्क के नीले कोर्ट पर टेनिस लेजेंड नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उम्र उनके लिए महज एक संख्या है। ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के तीसरे दौर के मुकाबले में नीदरलैंड के बोटिक वैन डी जैंडशुल्प को सीधे सेटों में हराकर जोकोविच ने अपने करियर की 400वीं ग्रैंड स्लैम जीत दर्ज की। जोकोविच ने हासिल की बड़ी उपलब्धि  इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ उन्होंने महान रोजर फेडरर के सर्वकालिक रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया है। जोकोविच अब ग्रैंड स्लैम इतिहास में 400 जीत का आंकड़ा छूने वाले इकलौते खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने रोजर फेडरर (369 जीत) के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। अब वे उनसे 31 जीत आगे निकल चुके हैं। 38 वर्षीय जोकोविच के लिए यह टूर्नामेंट रिकॉर्ड्स की झड़ी लेकर आया है। इसी हफ्ते उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन में अपनी 100वीं जीत भी पूरी की। जोकोविच ने दमदार प्रदर्शन कर हासिल की जीत तीसरे दौर के मुकाबले में जोकोविच ने वैन डी जैंडशुल्प को 6-3, 6-4, 7-6(4) से मात दी। हालांकि तीसरे सेट में डच खिलाड़ी ने कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन जोकोविच ने टाई-ब्रेकर में अपने अनुभव का परिचय देते हुए जीत सुनिश्चित की। टूर्नामेंट के पहले हफ्ते में जोकोविच की फॉर्म का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अब तक एक भी सेट नहीं गंवाया है। जीत के बाद कही दिल जीतने वाली बात कार्लोस अल्कराज और यानिक सिनर जैसे युवा खिलाड़ियों के उभार के बीच जोकोविच की निरंतरता खेल विशेषज्ञों को हैरान कर रही है। अपनी लंबी उम्र और फिटनेस पर बात करते हुए जोकोविच ने कहा कि जब मैं शारीरिक और मानसिक रूप से अच्छा महसूस कर रहा होता हूं तो मुझे विश्वास होता है कि मैं दुनिया के किसी भी खिलाड़ी को हरा सकता हूं।

पूर्व CM बघेल पर सेक्स सीडी विवाद में नया मोड़, CBI की अपील के बाद हाईकोर्ट में कांग्रेस की याचिका

रायपुर   छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी प्रकरण में रायपुर सत्र अदालत द्वारा दोबारा ट्रायल शुरू करने के निर्णय को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। इस फैसले के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उच्च न्यायालय का रुख करने की तैयारी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक अजय चंद्राकर ने मंगलवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन दुर्भाग्यवश राजनीतिक रंग दे दिया गया। चंद्राकर ने कहा कि न्यायालय द्वारा आदेश पारित किए जाने के बाद अब इस पर अनावश्यक बयानबाजी का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के लिए एक सीख बताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रकरण को लेकर नेता प्रतिपक्ष द्वारा पत्र लिखे जाने पर चंद्राकर ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि अब नेता प्रतिपक्ष की भूमिका केवल पत्राचार तक सीमित रह गई है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि पत्र लिखकर चर्चा में बने रहना ही उनका मुख्य कार्य रह गया है। चंद्राकर ने सवाल उठाया कि विपक्ष यह स्पष्ट करे कि कहां और किसके दबाव में किसी का नाम हटाया गया है। उन्होंने कहा कि बिना ठोस प्रमाण केवल आरोप लगाना राजनीति का स्तर गिराता है। कांग्रेस संगठन में बदलाव को लेकर दिल्ली में चल रही बैठकों पर भी भाजपा विधायक ने निशाना साधते हुए दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री बघेल किसी भी स्थिति में कांग्रेस प्रदेशअध्यक्ष दीपक बैज को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनने नहीं देंगे। चंद्राकर के अनुसार, छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बघेल ही सर्वाधिक प्रभावशाली नेता हैं और उनके बाद देवेंद्र यादव का स्थान आता है। उन्होंने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि बैठकें तो रोज होती हैं लेकिन पहले भी ढाई-ढाई साल के प्रयोग का नाटक चलता रहा है। कांग्रेस द्वारा धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग पर चंद्राकर ने कहा कि इस मुद्दे पर खुद कांग्रेस नेताओं में एकराय नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के फैसले भी अब कांग्रेस कमेटी तय करती है और राज्य सरकार उनके इशारों पर नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखकर नीतिगत निर्णय ले रही है। क्या है पूरा मामला मामला 27 अक्टूबर 2017 को सामने आया था, जब तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास से एक कथित सेक्स सीडी जब्त हुई थी। दावा है कि सीडी में तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत आपत्तिजनक स्थिति में थे। वीडियो के वायरल होते ही प्रदेश के साथ साथ देशभर में सियासत गरमा गई थी। बाद में जांच CBI को सौंपी गई और लंबे समय तक चले कानूनी व राजनीतिक घटनाक्रम के बाद 2025 में विशेष अदालत ने बघेल को बरी कर दिया। इसके CBI ने सेशन कोर्ट नई अपील लगाई है। जिससे मामले में नया मोड़ आ गया है। अब पूर्व सीएम हाईकोर्ट की ओर रुख करने के मूड़ में दिखाई दे रहे हैं।