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Overview 2025 : ऑपरेशन सिंदूर समेत 10 बड़ी उपलब्धियों के साथ भारतीय सेना ने रचा नया सैन्य इतिहास

नई दिल्ली  वर्ष 2025 भारतीय सेना के लिए उपलब्धियों से भरा साल रहा है। इसी वर्ष ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के तहत मई 2025 की निर्णायक कार्रवाई की गई। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस ऑपरेशन की योजना सेना के मिलिट्री ऑपरेशन्स ब्रांच में तैयार की गई, जबकि संचालन की निगरानी डीजीएमओ के ऑप्स रूम से सीडीएस और तीनों सेनाध्यक्षों की मौजूदगी में की गई। इस ऑपरेशन में सीमा पार 9 आतंकी कैंप तबाह किए गए। भारतीय सेना ने 7 और वायुसेना ने 2 आतंकी कैंप ध्वस्त किए। यह एक सटीक, सीमित और नियंत्रित कार्रवाई रही, जिससे बढ़त तो मिली ही, पर तनाव अनियंत्रित नहीं हुआ। यही नहीं, भारत ने पाकिस्तान के ड्रोन हमलों को भी नाकाम किया। 7 से 10 मई तक पाकिस्तान की ओर से भारत के सैन्य एवं नागरिक ठिकानों पर ड्रोन हमलों की कई कोशिशें की गईं। इन सभी हमलों को भारतीय सेना की एयर डिफेंस यूनिट्स ने पूरी तरह विफल किया। सेना ने एलओसी पर आतंकवादियों के लॉन्च पैड्स नष्ट किए। भारतीय सेना के मुताबिक, दर्जन भर से अधिक आतंकी लॉन्च पैड भारतीय सेना की ग्राउंड-बेस्ड फायर द्वारा नष्ट किए गए। इससे घुसपैठ के मार्ग और आतंकियों की लॉजिस्टिक्स बुरी तरह प्रभावित हुई। 10 मई को पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय डीजीएमओ से संपर्क कर युद्धविराम की मांग की, जिसके बाद गोलीबारी रोकने का समझौता हुआ। सेना की लंबी दूरी की फायरपावर में ब्रह्मोस और पिनाका जैसी बड़ी प्रगति देखने को मिली। बीते दिनों ही 1 दिसंबर को दक्षिणी कमान की एक ब्रह्मोस यूनिट ने अंडमान एवं निकोबार कमांड के सहयोग से वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में मिसाइल फायर किया। इससे लंबी दूरी की प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता और मजबूत हुई है। विस्तारित रेंज ब्रह्मोस पर 2025 में लगातार परीक्षण और विकास की खबरें सामने आती रहीं। पिनाका रॉकेट सिस्टम की बात करें तो 24 जून 2025 दो अतिरिक्त पिनाका रेजिमेंट्स का संचालन शुरू किया गया। इससे सेना की ‘स्टैंड-ऑफ फायर’ क्षमता बढ़ी है। एक दिन पहले ही यानी 29 दिसंबर को पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण किया गया। वहीं वर्ष भर 300 किमी तक की भविष्य क्षमता वाले पिनाका सिस्टम पर भी कार्य तेजी से बढ़ा है। सेना की एविएशन शक्ति में भी वृद्धि हुई है। 22 जुलाई 2025 को सेना को पहले तीन एएच -64 ई अपाचे हेलिकॉप्टर मिले। इसके बाद दिसंबर तक बाकी तीन और हेलिकॉप्टर्स भी शामिल हुए। इन अपाचे हेलिकॉप्टरों से सेना की आक्रमण, सटीक निशाने और लक्ष्यों को भेदने की क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। यह वर्ष नई सैन्य संरचनाओं का भी रहा। सेना को नई 'भैरव बटालियन' और 'अशनि प्लाटून' मिली हैं। 24 अक्टूबर 2025 को राजस्थान में एक बड़ा क्षमता-प्रदर्शन किया गया। इसमें भैरव बटालियन, अशनि प्लाटून और नई तकनीकी प्रणालियों का प्रदर्शन हुआ। वर्ष 2025 में योजना सामने आई कि सेना 25 भैरव लाइट कमांडो बटालियनों को तेजी से स्थापित करेगी। अशनि प्लाटूनों को इंफैंट्री के साथ जोड़कर ड्रोन-आधारित स्ट्राइक की क्षमता बढ़ाई जाएगी। वहीं शक्तिबान रेजिमेंट और दिव्यास्त्र बैटरियां भी भविष्य के युद्धक्षेत्र को ध्यान में रखते हुए यूएवी व लोटर म्यूनिशन से लैस नई संरचनाओं के रूप में उभरी हैं। यही नहीं, रक्षा खरीद, आत्मनिर्भरता और क्षमता-निर्माण में भी अहम बढ़ोतरी हुई है। सेना में जहां 6 अपाचे हेलिकॉप्टरों का इंडक्शन हुआ। वहीं 91 प्रतिशत गोला–बारूद का स्वदेशी स्रोतों से हासिल किया गया। यहीं नहीं अब सेना द्वारा उपयोग किए जाने वाले लगभग सभी प्रकार के एम्युनिशन भारत में बन रहे हैं। अनमेंड एयरक्राफ्ट सिस्टम (यूएएस) के इंडक्शन में बड़ा विस्तार हुआ है। 3000 से अधिक रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम, लगभग 150 टिथर्ड ड्रोन, झुंड में उड़ने वाले ड्रोन, हाई–एल्टीट्यूड लॉजिस्टिक ड्रोन और कामिकाजी ड्रोन सेना में तैनात किए गए हैं। इस वर्ष 5 अगस्त 2025 रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों के लिए थर्मल इमेजर-आधारित ड्राइवर नाइट साइट की खरीद को मंजूरी दी। 29 दिसंबर को परिषद की बैठक में भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट्स के लिए लोइटर म्युनिशन सिस्टम, लो लेवल लाइट वेट रडार, पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (एमआरएलएस) के लिए लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट आयुध, और इंटीग्रेटेड ड्रोन डिटेक्शन एवं इंटरडिक्शन सिस्टम एमके-II की खरीद को मंजूरी दी गई है। सेना ने पूरे वर्ष डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को गति दी है। आधुनिक डेटा सेंटर्स स्थापित हुए, जिससे ‘डेटा–टू–डिसीजन’ समय बहुत कम हुआ। अनेक इन–हाउस सॉफ्टवेयर विकसित किए गए हैं। इक्यूपमेंट हेल्पलाइन, सैनिक यात्री मित्र जैसे ऐप आए। इनसे सैनिक हितैषी सेवाएं अधिक कुशल हुई हैं। जैसेलमेर में अक्टूबर 2025 में कमांडर्स कांफ्रेंस आयोजित की गई। सेना के मुताबिक इस सम्मेलन में ग्रे जोन वॉरफेयर, संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन जैसे विषय केंद्र में रहे। सैन्य कूटनीति और संयुक्त अभ्यास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। 2025 में भारत ने कई प्रमुख देशों के साथ द्विपक्षीय अभ्यास किए, जिनका उद्देश्य इंटरऑपरेबिलिटी, काउंटर-टेरर, और अर्बन ऑप्स क्षमताएं बढ़ाना था। फ्रांस, अमेरिका, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, यूके व यूएई समेत कई देशों के साथ सैन्य अभ्यास किए गए। 

सीमा सुरक्षा में रोड़ा? बंगाल सरकार पर BSF को जमीन न देने का आरोप, बोले अमित शाह — 7 चिट्ठियां भेजीं

कोलकाता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बीएसएफ को कंटीली बाड़ लगाने के लिए पर्याप्त जमीन न देने का आरोप पश्चिम बंगाल सरकार पर लगाया। शाह ने कहा कि बांग्लादेश से लगने वाली अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए उन्होंने बीएसएफ को जमीन मुहैया कराने के लिए सीएम ममता बनर्जी को सात पत्र भेजे, लेकिन उन्होंने सबको नजरअंदाज कर दिया। कोलकाता में मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, "मैंने बीएसएफ को जमीन देने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री को सात चिट्ठियां भेजी हैं। इस खास मुद्दे पर पश्चिम बंगाल में तीन सेक्रेटरी-लेवल की मीटिंग्स हुई हैं। इसके बाद भी पश्चिम बंगाल सरकार कंटीली बाड़ लगाने के लिए जमीन देने में आनाकानी क्यों कर रही है।"  उन्होंने कहा कि अब बीएसएफ पर अवैध घुसपैठ रोकने में नाकाम रहने का आरोप लग रहा है। मेरा सवाल यह है कि सही कंटीली बाड़ के बिना बीएसएफ सीमाओं पर असरदार सीमा सुरक्षा कैसे कर पाएगी? केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "मैं भरोसा दिलाना चाहता हूं कि भाजपा किसी भी हालत में उस राजनीतिक पार्टी के साथ कोई समझौता नहीं करेगी, जो अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देती है और अपने पक्के वोट बैंक को बचाने के लिए घुसपैठियों को पालती-पोसती है। घुसपैठ एक बहुत गंभीर मुद्दा है, क्योंकि इस खतरे की वजह से राज्य की डेमोग्राफी बदल रही है। जब तक घुसपैठ को रोका नहीं जाता तो आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल के लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाएंगी।" उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार पर चीफ सेक्रेटरी और डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस जैसे सीनियर ब्यूरोक्रेट्स और पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति करते समय भी सेंट्रल सर्विस अधिकारियों की कैडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी, डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल एंड ट्रेनिंग के नियमों को कमजोर करने का आरोप लगाया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतुआ समुदाय को आश्वासन दिया है कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले व्यक्तियों के वोटिंग अधिकार सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा, "मतुआ समुदाय के लोगों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। भारत आए हर शरणार्थी को नागरिक माना जाएगा। यह बीजेपी का वादा है। कोई भी उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकता। ममता बनर्जी भी नहीं।" उन्होंने कहा कि घुसपैठियों के खिलाफ अभियान के साथ-साथ शरणार्थियों की सुरक्षा जारी रहेगी।

‘रंगला पंजाब’ के बाद ‘स्वच्छ पंजाब’ की पहचान, मान सरकार की नीतियों का दिखा असर

चंडीगढ़ पंजाब ने वर्ष 2025 के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन किया है। भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा कराए गए स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निगम बठिंडा ने स्वच्छ शहर का पुरस्कार प्राप्त किया है। इसी प्रकार 25 यू.एल.बीज़ को कूड़ा मुक्त स्टार-1, 01 यू.एल.बी को कूड़ा मुक्त स्टार-3, 46 यू.एल.बीज़ को वाटर प्लस के रूप में, 53 यू.एल.बीज़ को ओडीएफ प्लस प्लस के रूप में, 43 यू.एल.बीज़ को ओडीएफ प्लस के रूप में तथा 22 यू.एल.बीज़ को ओडीएफ के रूप में प्रमाणित किया गया है। पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा चालू वर्ष के दौरान स्थानीय सरकार विभाग की ओर से की गई पहलों का विवरण देते हुए बताया कि पंजाब ने राज्य की विरासत (लीगेसी) ठोस अपशिष्ट के निपटारे के अंतर्गत 131 यू.एल.बीज़ में पुराने कचरे का प्रबंधन किया है। इसके तहत कुल 84.09 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे में से 40.78 लाख मीट्रिक टन का निपटारा पहले ही किया जा चुका है, जबकि शेष 43.31 लाख मीट्रिक टन ठोस अपशिष्ट (35 यू.एल.बीज़) का निपटारा अप्रैल 2027 तक करने की योजना तैयार की गई है। डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान ताजा ठोस अपशिष्ट के प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसके तहत यू.एल.बीज़ द्वारा घर-घर से कचरा संग्रहण, स्रोत पर पृथक्करण तथा प्रोसेसिंग को बेहतर बनाया गया। उन्होंने बताया कि कुल 4008 टीपीडी ठोस अपशिष्ट में से 3243 टीपीडी (81 प्रतिशत) गीले कचरे को खाद और बायो-मीथेनाइजेशन के माध्यम से तथा सूखे कचरे को चैनलाइजेशन द्वारा प्रोसेस किया जा रहा है, जिसे कबाड़ डीलरों और कचरा संग्रहकर्ताओं द्वारा पुनर्चक्रित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कचरा संग्रहण एवं परिवहन के लिए 9812 ट्राइसाइकिल और 3162 यांत्रिक वाहन तैनात किए गए हैं। कचरे की प्रोसेसिंग हेतु 8436 कंपोस्ट पिट (एरोबिक हनीकॉम्ब) तथा 276 मटीरियल रिकवरी फैसिलिटीज़ स्थापित की गई हैं। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि स्मार्ट सिटीज़ मिशन के तहत लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और सुल्तानपुर लोधी के विभिन्न प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। लुधियाना स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत 769.18 करोड़ रुपये के 71 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं, जबकि 138.05 करोड़ रुपये के 08 प्रोजेक्ट विकासाधीन हैं। अमृतसर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 580 करोड़ रुपये के 19 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं तथा 245 करोड़ रुपये के 10 प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। इसी प्रकार जालंधर स्मार्ट सिटी के 771.57 करोड़ रुपये के 56 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं और 162.88 करोड़ रुपये के 04 प्रोजेक्ट विकासाधीन हैं। सुल्तानपुर लोधी स्मार्ट सिटी के अंतर्गत 29.57 करोड़ रुपये के 06 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं तथा 136.28 करोड़ रुपये के 14 प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त मार्च 2022 से पंजाब सरकार द्वारा पी.आई.डी.बी के माध्यम से उपलब्ध कराए गए फंड से 166 यू.एल.बीज़ में 850 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे के कार्य किए गए हैं। साथ ही एम.सी. फंडों से 166 यू.एल.बीज़ में 1700 करोड़ रुपये के विकास कार्य तथा 05 नगर निगमों एवं 49 नगर परिषदों में 450 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं। डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि पवित्र शहर अमृतसर में वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से ऑटो-रिक्शा पुनर्जीवन (RAAHI) योजना के तहत 1200 पुराने डीज़ल ऑटो रिक्शों को नए इलेक्ट्रिक ऑटो से बदला गया है। इसके अतिरिक्त महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए महिला लाभार्थियों को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर 200 पिंक ई-ऑटो भी प्रदान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के बड़े शहरों में शून्य उत्सर्जन के साथ कुशल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए अमृतसर (100), जालंधर (97), लुधियाना (100), पटियाला (50) तथा एस.ए.एस. नगर (मोहाली) क्लस्टर (100) के लिए कुल 447 ई-बसें खरीदी जा रही हैं, जिससे सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुधार होगा और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि स्थानीय सरकार विभाग द्वारा सेवाओं की डोर-स्टेप डिलीवरी सफलतापूर्वक शुरू की गई है, जिससे नागरिकों की सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि प्रमुख नगर निगम सेवाओं को सरकारी कार्यालयों में गए बिना सुलभ बनाया गया है। स्थानीय निकाय मंत्री ने आगे बताया कि 16 अमृत कस्बों और सुल्तानपुर लोधी के लिए जल आपूर्ति एवं सीवरेज नेटवर्क का जीआईएस-आधारित डिजिटलीकरण कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि ‘पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (SASCI) 2024-25’ योजना के अंतर्गत 32 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही 103 यू.एल.बीज़ के लिए सीवरेज मैपिंग तथा 105 यू.एल.बीज़ के लिए जल आपूर्ति मैपिंग को अंतिम रूप दे दिया गया है।

डिजिटल इंडिया की राह पर रेलवे, टिकट बुकिंग करने वालों को मिलेगी छूट की सौगात

जम्मू  रतीय रेलवे ने नए साल 2026 की शुरुआत से यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। रेलवे ने “रेल वन” मोबाइल ऐप के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक करने पर 3 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की है। यह योजना 14 जनवरी 2026 से 14 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह छूट रेल वन ऐप पर सभी डिजिटल भुगतान माध्यमों से अनारक्षित टिकट बुक करने पर मिलेगी, हालांकि आर-वॉलेट के माध्यम से किए गए भुगतान इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे।   उल्लेखनीय है कि रेल वन ऐप को 1 जुलाई 2025 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा लॉन्च किया गया था। यह ऐप यात्रियों को अनारक्षित टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट बुकिंग, यात्रा के दौरान भोजन ऑर्डर, ट्रेन की लाइव स्थिति, शिकायत निवारण सहित कई सुविधाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है।   रेलवे बोर्ड द्वारा किए गए हालिया सुधारों के तहत इस छूट योजना को लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य टिकट काउंटरों पर भीड़ कम करना और यात्रियों को डिजिटल माध्यम अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस संबंध में जानकारी देते हुए वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, जम्मू मंडल, उचित सिंघल ने कहा कि भारतीय रेलवे अपने यात्रियों को सरल, सुरक्षित और आधुनिक डिजिटल अनुभव देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि रेल वन ऐप डिजिटल इंडिया पहल को मजबूती प्रदान करता है और यात्रियों को आर्थिक लाभ भी देता है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से रेल वन ऐप डाउनलोड कर इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाएं।

न्यू ईयर सेलिब्रेशन 2026: 31 दिसंबर शाम 7 बजे से कनॉट प्लेस सील, ट्रैफिक एडवाइजरी जानना है जरूरी

नई दिल्ली   दिल्ली यातायात पुलिस ने नये साल के जश्न के मद्देनजर मंगलवार को एक विस्तृत परामर्श जारी कर 31 दिसंबर के लिए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में यातायात प्रतिबंधों, मार्ग परिवर्तन और पार्किंग के विशेष प्रबंधों की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि नये साल के स्वागत के लिए कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए पैदल यात्रियों और वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। परामर्श के अनुसार, यातायात प्रतिबंध 31 दिसंबर की शाम सात बजे से लागू होंगे और जश्न की समाप्ति तक प्रभावी रहेंगे। ये प्रतिबंध विशेष अनुमति प्राप्त वाहनों के अलावा सभी निजी और सार्वजनिक परिवहन वाहनों पर लागू होंगे। पुलिस के मुताबिक मंडी हाउस, बंगाली मार्केट, पटेल चौक, गोल मार्केट, जीपीओ और कस्तूरबा गांधी मार्ग-फिरोजशाह रोड चौराहे, जय सिंह रोड-बंगला साहिब लेन और विंडसर प्लेस जैसे निर्धारित बिंदुओं से आगे किसी भी वाहन को कनॉट प्लेस की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। परामर्श में कहा गया है कि वैध प्रवेश पास वाले वाहनों को छोड़कर, कनॉट प्लेस के अंदरूनी, मध्य या बाहरी सर्किल में वाहनों के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इंडिया गेट पर भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए ओ-पॉइंट, डब्ल्यू-पॉइंट, एमएलएनपी और सुनहरी मस्जिद गोल चक्कर, राजपथ-रफी मार्ग, मथुरा रोड-पुराना किला रोड, शेर शाह रोड और जाकिर हुसैन मार्ग जैसे स्थलों पर भी यातायात को प्रतिबंधित किया जा सकता है या उनके मार्ग में परिवर्तन किया जा सकता है।   यातायात पुलिस ने उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम आवाजाही के लिए रिंग रोड, मथुरा रोड, रानी झांसी मार्ग, पचकुइयां रोड, मंदिर मार्ग और मदर टेरेसा क्रिसेंट जैसे वैकल्पिक मार्गों के उपयोग का सुझाव दिया है। कनॉट प्लेस क्षेत्र में पार्किंग के लिए काली बाड़ी मार्ग, पंडित पंत मार्ग, भाई वीर सिंह मार्ग, रकाब गंज रोड, कॉपरनिकस मार्ग, बाबर रोड, तानसेन मार्ग, विंडसर प्लेस और रायसीना रोड जैसे स्थानों को चिह्नित किया गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि पार्किंग 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर उपलब्ध होगी और अनधिकृत पार्किंग करने पर वाहन को जब्त किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।   दक्षिण दिल्ली से नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को विशिष्ट मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जबकि कनॉट प्लेस के रास्ते चेल्म्सफोर्ड रोड से प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाला यातायात प्रभावित नहीं होगा। यातायात पुलिस ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की है क्योंकि इंडिया गेट और कनॉट प्लेस के पास पार्किंग सीमित है। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रभावित सड़कों से बचें और रेलवे स्टेशन या हवाई अड्डे जाने के लिए घर से जल्दी निकलें।  

लगातार दूसरे दिन फिसले सोना-चांदी, निवेशकों को ऊँचे भाव से मिली राहत

नई दिल्ली सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरी दिन गिरावट देखने को मिली है। 24 कैरेट सोने का दाम कम होकर 1,35,000 रुपए प्रति 10 ग्राम से नीचे लुढ़क गया है, साथ ही चांदी की कीमत भी 2.33 लाख रुपए प्रति किलो से नीचे पहुंच गई है। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 2,182 रुपए कम होकर 1,34,599 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,36,781 रुपए प्रति 10 ग्राम था। 22 कैरेट सोने की कीमत 1,23,293 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,25,291 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम 1,02,586 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,00,949 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी कमी देखी गई है। चांदी का दाम 3,111 रुपए कम होकर 2,32,329 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,35,440 रुपए प्रति किलो था। हाजिर के उलट वायदा बाजार में सोने और चांदी में तेजी देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के 5 फरवरी 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1.35 प्रतिशत बढ़कर 1,36,767 रुपए हो गया है। चांदी 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 6 प्रतिशत बढ़कर 2,37,894 रुपए हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में तेजी हावी रही। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोने का दाम 1.61 प्रतिशत बढ़कर 4,412 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 7.04 प्रतिशत बढ़कर 75.44 डॉलर प्रति औंस पर है। एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि सोना एमसीएक्स पर करीब 1,200 रुपए की तेजी के साथ बंद हुआ। कॉमेक्स में रिकवरी से सोने की कीमतों को सपोर्ट मिला। बाजार में निवेशकों की निगाहें अमेरिकी फेड के मिनट्स पर हैं। आने वाले समय में सोना 1,32,000 रुपए से 1,38,500 रुपए की रेंज में रह सकता है। 

मनरेगा के खिलाफ प्रस्ताव से गरमाई पंजाब की राजनीति, मंत्री सौंद का अकाली दल पर तीखा वार

चंडीगढ़ पंजाब विधानसभा के स्पेशल सेशन के दौरान मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि भाजपा बहुत खतरनाक और जनविरोधी कानून लाई है, लेकिन सच तो यह है कि मनरेगा को पूरी तरह खत्म करने का कानून लाया गया है, जिसके खिलाफ उन्होंने प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि इस तरह भाजपा ने गरीब दलित समाज की रोटी छीन ली है। भाजपा की केंद्र सरकार ने न सिर्फ मनरेगा नहीं, बल्कि दलित मजदूरों के मुंह से भी रोटी छीनी है। इस पॉलिसी ने देश के दलित मजदूरों के जीने का हक भी खत्म कर दिया है। मंत्री सौंद ने कहा कि मनरेगा गरीब परिवारों के एक वक्त की रोटी का आखिरी सहारा था। मनरेगा को खत्म करना स्कीम लागू करने का फैसला नहीं, बल्कि दलित विरोधी सोच का ऐलान है। भाजपा ने दलित मजदूरों से काम छीना है और बच्चों से पढ़ाई का रास्ता छीना है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नैतिक रूप से दलितों से वोट मांगने का अधिकार खो दिया है। भाजपा की केंद्र सरकार के फैसलों ने बार-बार साबित किया है कि भाजपा दलितों से नफरत करती है। मनरेगा पर हमला करना असल में दलितों के अस्तित्व और इज्जत पर हमला करने जैसा है। आज भाजपा की केंद्र सरकार ने दलित मजदूरों और गरीब परिवारों से वोट मांगने का अधिकार छीन लिया है। भाजपा को गरीबों की रोजी-रोटी की कोई परवाह नहीं है। अकाली दल (बादल) ने इस पूरे मामले पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है क्योंकि वह भाजपा के साथ फिर से जुड़ना चाहता है, इसलिए यह सदन सिफारिश करता है कि राज्य सरकार भाजपा सरकार से मांग करे कि मनरेगा को खत्म करने का फैसला तुरंत वापस लिया जाए और गरीब दलित परिवारों को काम की गारंटी दी जाए। मंत्री सौंद ने कहा कि पंजाब सरकार पूरी तरह से गरीबों और दलितों के साथ खड़ी है। 

पहलगाम आतंकी हमले पर सियासी संग्राम, ममता बनर्जी ने अमित शाह को बताया ‘दुशासन’

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की चीफ ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा पलटवार किया है और पूछा है कि अगर बंगाल में आतंकी नेटवर्क सक्रिय हैं तो कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला केंद्र ने करवाया था क्या? उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार दावा करती है कि देश में आतंकवाद पर काबू पा लिया गया है, तो फिर पहलगाम हमला कैसे हुआ। ममता ने यहां तक कह दिया कि क्या यह हमला केंद्र की ओर से कराया गया था। दरअसल, ममता अमित शाह के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहीं थीं, जिसमें शाह ने आरोप लगाया था कि चुनावी राज्य में आतंकी नेटवर्क सक्रिय है। बांकुड़ा जिले के बीरसिंहपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की तुलना महाभारत के दो पात्रों दुर्योधन और दुशासन से की। उन्होंने कहा, “जैसे ही चुनाव आते हैं, दुर्योधन और दुशासन बंगाल में नजर आने लगते हैं।” ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमित शाह तीन दिन के बंगाल दौरे पर हैं और राज्य में 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी भी 20 दिसंबर को बंगाल आए थे। आतंकवाद को लेकर केंद्र से सवाल अमित शाह द्वारा बंगाल को आतंकियों का अड्डा बताए जाने पर ममता ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “अगर जम्मू-कश्मीर में कोई आतंकी नहीं है, तो पहलगाम में हमला कैसे हुआ? दिल्ली में जो घटना हुई, उसके पीछे कौन था?” बता दें कि इसी साल 22 अप्रैल को दक्षिणी कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने हमला बोल दिया था, जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। इसके अलावा पिछले महीने नवंबर में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास कार बम धमाके में 15 लोगों की जान चली गई थी। मतदाता सूची संशोधन पर भी हमला ममता बनर्जी ने अपने भाषण में राज्य में हो रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के नाम पर राज्यभर में लोगों को परेशान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री का दावा है कि SIR के तहत करीब 1.5 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की तैयारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें राजबंशी, मतुआ और आदिवासी समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के कारण लगभग 60 लोगों की मौत हो चुकी है। EC का करेंगे घेराव बनर्जी ने कहा कि यदि मतदाता सूची से किसी एक भी वैध मतदाता का नाम हटाया गया तो तृणमूल कांग्रेस दिल्ली में निर्वाचन आयोग के कार्यालय का घेराव करेगी। बनर्जी ने कहा कि एसआईआर के नाम पर राज्य के लोगों को ‘‘प्रताड़ित’’ किया जा रहा है। बुजुर्गों को दस्तावेज सत्यापन की सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है।’’ बनर्जी ने कहा कि राज्य के लोग इस तरह के ‘‘उत्पीड़न’’ को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘लोग भाजपा को पश्चिम बंगाल में सत्ता में नहीं आने देंगे।’’ भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला बोलने वालों की पिटाई की जाती है बनर्जी ने कहा कि भाजपा चुनाव नजदीक आते ही ‘सोनार बांग्ला’ बनाने का वादा करती है, लेकिन हकीकत में जिन राज्यों में वह सत्ता में है वहां बांग्ला बोलने वालों की पिटाई की जाती है। ममता ने कहा कि SIR को AI के जरिए किया जा रहा है, यह एक बड़ा घोटाला है। आखिर में सिर्फ आप (अमित शाह) और आपका बेटा ही बचेंगे। ममता बनर्जी के इस बयान से एक बार फिर केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव तेज हो गया है, और आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल और गरमाने की संभावना है। 

हंसी के माहौल में राजनीति: सीएम योगी का रवि किशन-संजय निषाद पर हल्का-फुल्का तंज

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ और रविकिशन जब कहीं किसी मंच पर साथ होते हैं तो फिर सीएम, रविकिशन की चुटकी लेने से नहीं चूकते। कुछ ऐसा ही सोमवार को गोरखपुर में हुआ जब सीएम योगी ने एक बार फिर रविकिशन की चुटकी ली। स्पोर्ट्स कॉलेज में संपन्न हुए विधायक खेल स्पर्धा के पुरस्कार वितरण समारोह में ठंड में हो रही कुश्ती के बहाने सांसद रवि किशन और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद की चुटकी ली। उन्होंने कहा कि सांसद रवि किशन और मंत्री संजय निषाद ठंड में बाहर नहीं निकलते हैं। जरूर दोनों कहीं खाने पर मिले होंगे और साथ-साथ यहां आ गए। खेल देखकर इनकी ठंड गायब हो गई। सीएम योगी ने बीच में यह कहकर एक बार फिर रविकिशन की चुटकी ली कि कुश्ती यहां सामने हो रही है और पसीना रवि किशन को मंच पर आ रहा है। सीएम योगी दो दिवसीय दौरे पर रविवार को गोरखपुर पहुंचे थे। सोमवार को खेल स्पर्धा के पुरस्कार वितरण समारोह में उन्होंने महानगर स्तर पर खेल प्रोत्साहन को लेकर तैयारियों को भी साझा किया। सीएम ने बताया कि वह जल्द ही गोरखपुर महानगर की सभी संस्थाओं के साथ बैठक करने वाले हैं। बैठक में संस्थाओं से आह्वान किया जाएगा कि वे एक-एक खेल को गोद लें। कुछ सहयोग वे करें और कुछ सरकार करेगी। वहां पर अच्छे कोच रखे जाएंगे। इससे बच्चों को खेल के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म प्राप्त होगा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने भीषण ठंड में भी खिलाड़ियों के उत्साह की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि विधायक खेल स्पर्धा में प्रत्यक्ष रूप से 1000 और अप्रत्यक्ष रूप से 10000 खिलाड़ियों ने सहभागिता की है। विधायक खेल स्पर्धा 2025 में एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबाल, जूडो और कुश्ती प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि यह खेलकूद ही है जो सम और विषम परिस्थितियों में मनोरंजन भी करता है और हमें शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक रूप से चुस्त-दुरुस्त बनाने में भी बड़ी भूमिका का निर्वहन करता है।  

बलूचिस्तान में खूनी वार: BLF ने कहा— पाक सेना के 10 सैनिक मार गिराए

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान से बड़ी खबर सामने आई है। बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने दावा किया है कि कई हमलों में पाकिस्तानी सेना के 10 जवानों को मौत की नींद सुला दी है। बीएलएफ ने सोमवार को कहा कि उसके लड़ाकों ने झाओ, बरखान, तुम्प और तुरबत में कई हमले किए, जिसमें पाकिस्तानी सेना के दस सदस्यों की मौत हो गई। ये हमले बलूच सशस्त्र गुटों द्वारा उन कार्रवाइयों की जिम्मेदारी लेने के एक दिन से भी कम समय के भीतर हुए हैं, जिनमें कथित तौर पर कम से कम पंद्रह सैनिकों की मौत हो गई थी।   बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर गोहरम बलोच ने बताया कि समूह के लड़ाकों ने 28 दिसंबर को दोपहर लगभग 1 बजे अवारान जिले के झाओ क्षेत्र में एक पाकिस्तानी सैन्य काफिले पर घात लगाकर हमला किया। उन्होंने बताया कि घात लगाकर किए गए हमले में सेना की पैदल गश्ती दल, बम निरोधक इकाई और एक पिकअप वाहन को निशाना बनाया गया था, जो सभी एक ही स्थान पर मौजूद थे। बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बयान में कहा गया है कि आठ शत्रु सैनिक मौके पर ही मारे गए और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। समूह ने आगे बताया कि काफिले की सुरक्षा के लिए तैनात एक बख्तरबंद वाहन घात लगाकर किए गए हमले के दौरान पीछे हट गया, जिससे शव और घायल सैनिक वहीं छूट गए। उन्होंने दावा किया कि उसी रात दूसरा हमला हुआ, जिसमें उन्होंने बरखान जिले के राखनी के पास स्राती-टिक इलाके में स्थित एक सैन्य शिविर को निशाना बनाया। बयान के अनुसार, लड़ाकों ने रॉकेट-चालित ग्रेनेड सहित भारी हथियारों का इस्तेमाल किया, जिसके परिणामस्वरूप शिविर के अंदर आरपीजी के गोले गिरने से दो कर्मियों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बीएलएफ ने बताया कि 28 दिसंबर को तुंप के गोमाजी इलाके में तीसरा हमला किया गया था, जहां लड़ाकों ने सुरक्षा बलों की एक चौकी पर कई गोले दागे, जिससे वहां तैनात पाकिस्तानी सैनिकों को 'हताहत और भौतिक नुकसान' हुआ। इसके अलावा, समूह ने कहा कि उसके लड़ाकों ने 27 दिसंबर को रात 8:20 बजे मध्य तुरबत में एक नौसेना शिविर के मुख्य प्रवेश द्वार पर पाकिस्तानी नौसेना कर्मियों को निशाना बनाते हुए हथगोले से हमला किया। बयान में दावा किया गया कि गेट पर तैनात कर्मियों को नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते विस्फोट के बाद पाकिस्तानी सेना ने इलाके में गश्त तेज कर दी है। बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बीएलएफ ने 'स्वतंत्र बलूचिस्तान की प्राप्ति तक' सशस्त्र हमले जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।