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ममता बनर्जी के किले में अमित शाह का शंखनाद, बोले— बंगाल को चाहिए बॉर्डर सील करने वाली सरकार

कोलकाता  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने बिगुल फूंक दिया है। मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को डर और घुसपैठ वाला शासन करार दिया है। उन्होंने कहा है कि राज्य को ऐसी सरकार की जरूरत है, जो बॉर्डर सील कर सके। शाह सोमवार रात कोलकाता पहुंचे थे, जहां उन्हें पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की है। शाह ने कहा, 'अप्रैल में बंगाल में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और घुसपैठ की जगह विकास, विरासत और गरीब कल्याण की एक मजबूत सरकार बनाने का बंगाल की जनता का संकल्प दिखाई पड़ता है।' उन्होंने कहा, 'टीएमसी के 15 साल के शासन में भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और विशेषकर घुसपैठ से बंगाल की जनता भयभीत भी है, आशंकित भी है।' उन्होंने कहा, 'हम बंगाल की जनता को आश्वासन भी देना चाहते हैं और वादा भी करते हैं कि मोदी जी के नेतृत्व में बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही यहां की विरासत को पुनर्जीवित करेंगे, विकास की गंगा फिर से तेज गति से बहेगी और गरीब कल्याण को प्राथमिकता देंगे।' उन्होंने कहा, 'बंगाल की सीमा से हो रही घुसपैठ सिर्फ बंगाल का मामला नहीं है, यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। देश की संस्कृति को बचाना है, देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, तो बंगाल की सीमाओं को सील करने वाली सरकार लानी पड़ेगी। यह टीएमसी नहीं कर सकती, यह सिर्फ भाजपा कर सकती है।' भाजपा सरकार बनने का दावा शाह ने कहा, '14 वर्षों से भय और भ्रष्टाचार, बंगाल की पहचान बना हुआ है। 15 अप्रैल, 2026 के बाद जब बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी, तब बंग गौरव, बंग संस्कृति और उसके पुनर्जागरण की हम शुरुआत करेंगे। विवेकानंद जी, बंकिम बाबू, गुरुदेव टैगोर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का बंगाल बनाने का प्रयास करेंगे।' उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने 39 प्रतिशत वोट प्राप्त किए और 12 सीटें प्राप्त कीं। 2026 में हम निश्चित रूप से प्रचंड बहुमत के साथ बंगाल में भाजपा की सरकार बनाने वाले है। कांग्रेस पर निशाना गृहमंत्री ने कहा, '2014 के लोकसभा चुनाव में हमें बंगाल में 17 प्रतिशत वोट और दो सीटें मिली थीं। 2016 के विधानसभा चुनाव में हमें 10 प्रतिशत वोट मिले और तीन सीटें मिलीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में हमें 41 प्रतिशत वोट मिले और 18 सीटें मिलीं। 2021 के विधानसभा चुनाव में हमें 38 प्रतिशत वोट मिले और 77 सीटें मिलीं। जिस पार्टी को सिर्फ 3 सीटें मिली थीं, उसे पांच साल के अंतराल में 77 सीटें प्राप्त हुईं। कांग्रेस, जिसकी स्थापना ही बंगाल से शुरू हुई, वह कांग्रेस पार्टी शून्य पर पहुंच गई, और 34 वर्षों तक राज करने वाला कम्युनिस्ट गठबंधन भी एक भी सीट प्राप्त नहीं कर पाया, और हम प्रमुख विपक्ष बने।'

रायपुर: छाती के दुर्लभ कैंसर का सफल ऑपरेशन, अम्बेडकर अस्पताल में बची 29 वर्षीय मरीज की जान

रायपुर : छाती के दुर्लभ कैंसर का सफल ऑपरेशन, अम्बेडकर अस्पताल रायपुर में बची मरीज की जान 29 वर्षीय युवक के मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर का सफल उपचार रायपुर पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के कैंसर सर्जरी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कैंसर सर्जरी विभाग की टीम ने छाती के एक दुर्लभ एवं जटिल कैंसर; मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर एक बार फ़िर एक 29 वर्षीय पुरुष मरीज की जान बचाई। मरीज छाती में गांठ, सांस लेने में तकलीफ और लगातार दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचा था।   कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता ने केस की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि- पूर्व में मरीज का उपचार एम्स रायपुर के कैंसर विभाग में चल रहा था, जहां बायोप्सी जांच में मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर की पुष्टि हुई। प्रारंभिक जांच में छाती के बीच स्थित गांठ का आकार लगभग 13x18x16 सेंटीमीटर पाया गया, जो हृदय के समीप बड़ी रक्त नलियों से चिपकी हुई थी। उच्च जोखिम को देखते हुए एम्स रायपुर के चिकित्सकों ने पहले कीमोथेरेपी देने का निर्णय लिया। जनवरी 2025 से जून 2025 तक मरीज को छह चक्र (cycle) कीमोथेरेपी दी गई, जिससे गांठ का आकार घटकर 4x3x4 सेंटीमीटर रह गया। इसके बाद मरीज को एम्स रायपुर से रेफर कर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता के पास भेजा गया। डॉ. गुप्ता ने सभी जांच रिपोर्टों का गहन परीक्षण करने के बाद सर्जरी का निर्णय लिया। गांठ की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए हृदय सर्जरी विभागाध्यक्ष से परामर्श लिया गया तथा निश्चेतना विभाग से सर्जरी की फिटनेस प्राप्त की गई। लगभग 3 से 4 घंटे तक चली इस जटिल सर्जरी में गांठ को बाएं फेफड़े के एक हिस्से सहित अत्यंत निपुणता से निकाला गया।  सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज को कुछ दिनों के उपचार के बाद स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उपचार के बाद मरीज समय- समय पर फॉलोअप के लिए चिकित्सालय आ रहा है।  इस जटिल ऑपरेशन में डॉ. आशुतोष गुप्ता, डॉ. के. के. साहू, डॉ. किशन सोनी, डॉ. गुंजन अग्रवाल, डॉ. सुश्रुत अग्रवाल, डॉ. समृद्ध, डॉ. लावण्या, डॉ. सोनम एवं डॉ. अनिल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।  मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर छाती के मध्य भाग में जर्म कोशिकाओं से उत्पन्न होने वाला दुर्लभ कैंसर है, जो सामान्यतः 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पुरुषों में पाया जाता है। इसके प्रमुख लक्षणों में खांसी, सांस लेने में तकलीफ और छाती में दर्द शामिल हैं। इस कैंसर का उपचार कीमोथेरेपी एवं सर्जरी के माध्यम से किया जाता है, जिसमें सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट मिलकर कार्य करते हैं।  यदि इस कैंसर का समय रहते पता चल जाए और उचित उपचार किया जाए तो पांच वर्षीय सर्वाइवल रेट 90 प्रतिशत से अधिक होता है।

रेखा गुप्ता सरकार खोलेगी ‘शीशमहल’ की परतें, CAG रिपोर्ट पर विधानसभा में तीखी टकराव की तैयारी

नई दिल्ली मुख्यमंत्री रहते हुए अरविंद केजरीवाल जिस बंगले में रहे उस कथित 'शीशमहल' को लेकर दिल्ली में एक बार फिर घमासान होने जा रहा है। दिल्ली विधानसभा में सरकार 'शीशमहल' समेत 3 सीएजी रिपोर्ट पेश करने जा रही है। इसके अलावा रेखा गुप्ता सरकार ने प्रदूषण पर प्रस्ताव लाने का ऐलान किया है। इसके तहत पिछले 20 साल में रही सरकारों के कामकाज पर भी चर्चा होगी और इस मुद्दे पर भी हंगामे की उम्मीद है। दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आगामी सत्र को लेकर कई जानकारियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा का सत्र 5 जनवरी से शुरू होगा। चार दिन के सत्र में 2-3 प्रस्ताव दिल्ली सरकार लाएगी। मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि प्रदूषण पर चर्चा होगी। सरकार प्रस्ताव लेकर आएगी इस पर सभी सदस्य चर्चा करेंगे। प्रदूषण पर ‘20 साल वाली’ चर्चा कपिल मिश्रा ने कहा, ‘दिल्ली में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति क्या है, उसके कारण क्या हैं, सुप्रीम कोर्ट में पिछली सरकारों ने जो एफिडेविट दिए उनका क्या स्टेटस क्या है, वैज्ञानिकों ने क्या रिपोर्ट दी थी, सरकारों की क्या जिम्मेदारी, पिछले 20 सालों का लेखाजोखा और वर्तमान स्थिति को रखा जाएगा। मैं विपक्ष के साथियों से भी अपील करता हूं कि आपकी सरकार ने जो किया था उसका ब्योरा जरूर विधानसभा में लेकर आइए, हम खुली चर्चा करेंगे कि क्या कमियां रह गईं थीं और प्रदूषण को दूर करने के लिए क्या किया जा सकता है।’ इन 3 सीएजी रिपोर्ट को पेश करेगी सरकार दिल्ली सरकार के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने शीशमहल समेत 3 सीएजी रिपोर्ट भी पेश किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा, सीएजी की कुछ रिपोर्ट्स को विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। सीएजी की रिपोर्ट जो पिछली सरकार के दौरान आ गई थी, लेकिन पिछली मुख्यमंत्री ने रोककर रखा था। हमने संकल्प लिया था कि सभी रिपोर्ट को पटल पर रखेंगे। आने वाले सत्र में शीशमहल पर सीएजी की रिपोर्ट विधानसभा पटल पर रखी जाएगी। 2022 तक दिल्ली जल बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सीएजी की बहुत विस्तृत रिपोर्ट है उसे भी पटल पर रखा जाएगा। हायर एजुकेशन में 2023 तक किस तरह भ्रष्टाचार हुआ उसकी भी सीएजी रिपोर्ट सदन में पटल पर रखा जाएगा।'  

बीजेपी नेता का सख्त संदेश: अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग, चीन को तिब्बत से हटना पड़ेगा

नई दिल्ली  बीजेपी नेता तापिर गाओ ने अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन के दावे को खारिज करते हुए कहा है कि यह भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा। बता दें कि चीन कई बार अरुणाचल को दक्षिण तिब्बत बता चुका है। गाओ ने कहा, चीन अरुणाचल को दक्षिणी तिब्बत कहता है लेकिन भारत हर बार बता चुका है कि यह भारत का ही अभिन्न हिस्सा है। अरुणाचल कभी तिब्बत का हिससा नहीं था। यब बात 14वें दलाई लामा भी कई बार कह चुके हैं। उनका कहना है कि एक दिन चीन को तिब्बत जरूर मुक्त करना पड़ेगा। बांग्लादेश छोड़ दे अपने नापाक इरादे गाओ ने कहा कि बांग्लादेश को भी अपने नापाक इरादे छोड़ देने चाहिए। वह पूर्वोतर भारत तक विस्तार करना चाहता है। लेकिन भारत में इस समय नरेंद्र मोदी की सरकार है। उनका पूरा ध्यान बांग्लादेश और म्यांमार से आने वाले घुसपैठियों पर है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश पूर्वोत्तर में घुसने का सपना देख रहा है। उसे नहीं भूलना चाहिए कि हमने चिकन नेक का विस्तार 22 किलोमीटर कर दिया हैऔर अब यह चटगांव हिल तक हो गया है। आज का भारत कुछ भी कर सकता है। हमें भारत में घुसे अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को वापस भेजना है। पूर्व राजनयिक केपी फिबायन ने भी कहा था कि चीन किसी तरह अरुणचल प्रदेश तक कब्जा करना चाहता हैऔर इसीलिए इसको दक्षिणी तिब्बत बताता रहता है। पेंटागन ने भी कहा था कि चीन अरुणाचल को तिब्बत का हिस्सा मानता है। चियांग काइ शेक की सरकार की बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह सोच आज नहीं आई है बल्कि काफी पुरानी है। उन्होंने कहा कि भारत को हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि चीन विस्तारवादी रहा है और आज भी है। वह भारत की संप्रभुता का भी सम्मान नहीं करता है। ऐसे में उससे सावधान रहने की जरूरत है।

मंडप में हुआ बड़ा कांड! सिंदूर भूल आया दूल्हा, ब्लिंकिट की फटाफट डिलीवरी बनी लाइफसेवर, VIDEO वायरल

नई दिल्ली  दिल्ली में एक शादी के दौरान उस समय मजेदार स्थिति बन गई जब फेरों के बाद दूल्हा-दुल्हन को पता चला कि सिंदूर साथ लाना भूल गए हैं। रस्म रुक गई और परिवार वाले परेशान हो गए। लेकिन फिर दूल्हे ने ब्लिंकिट ऐप से सिंदूर ऑर्डर कर दिया। सिर्फ 16 मिनट में डिलीवरी पहुंच गई। दूल्हे ने सिंदूर दुल्हन की मांग में भरा और रस्म पूरी हो गई। यह पूरा वाकया वीडियो में रिकॉर्ड हुआ, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। तैयारियों में हुई छोटी-सी भूल शादी की भागदौड़ में दूल्हा हृषि और दुल्हन पूजा सिंदूर लाना भूल गए। फेरों के बाद जब सिंदूर की रस्म का समय आया तो सबको यह बात याद आई। दूल्हा ने कैमरे पर मुस्कुराते हुए कहा, "हम सिंदूर लाए ही नहीं।" परिवार वाले पहले तो हैरान हुए, लेकिन जल्द ही सबने हंसकर स्थिति संभाल ली। किसी ने दुकान जाने की बजाय ब्लिंकिट से ऑर्डर करने का फैसला किया। ब्लिंकिट की तेज डिलीवरी ने बचाई लाज ऑर्डर करते ही ऐप ने 16 मिनट का समय दिखाया। सभी मंडप में इंतजार करते रहे। दूल्हा-दुल्हन शांत बैठे मुस्कुराते रहे। ठीक समय पर डिलीवरी बॉय पहुंचा और सिंदूर का पैकेट सौंपा। इसके बाद दूल्हे ने दुल्हन की मांग भरी। मेहमानों ने तालियां बजाईं और माहौल खुशी से भर गया। यह घटना दिखाती है कि आजकल क्विक डिलीवरी ऐप्स शादियों में भी काम आ रहे हैं। वीडियो वायरल, लोग कर रहे मजेदार कमेंट्स इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया यह वीडियो लाखों लोगों ने देख लिया है। लोग कमेंट कर रहे हैं कि ब्लिंकिट ने असली में जोड़ी बचा ली। कुछ मजाक कर रहे हैं कि अब शादियों में ब्लिंकिट जरूरी हो गया। यह अनोखी घटना सबको याद रहेगी और दिखाती है कि छोटी भूलें कभी-कभी सबसे मजेदार यादें बन जाती हैं।

नागदा में टीआई की बहादुरी, फंदे से लटके युवक को सीपीआर देकर बचाई जान, VIDEO; स्वस्थ होकर अस्पताल से निकला

नागदा  मध्य प्रदेश (MP) के उज्जैन (Ujjain) जिले के नागदा (Nagda) से इंसानियत और पुलिस (Police) की मुस्तैदी की एक दिल जीत लेने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी ने एक युवक के लिए ‘देवदूत’ बनकर उसकी जान बचाई, जिसे उसके परिवार ने मृत मान लिया था। गश्त के दौरान मिली सूचना घटना रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे की है। थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी अपनी टीम के साथ मिर्ची बाजार क्षेत्र में नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति बदहवास हालत में दौड़ते हुए उनके पास पहुंचा और रोते हुए बताया कि उसके बेटे ने घर के अंदर फांसी लगा ली है। बंद दरवाजा तोड़कर युवक को फंदे से उतारा सूचना मिलते ही टीआई गवरी बिना एक पल गंवाए घटनास्थल पर पहुंचे। घर का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे पुलिस ने तुरंत तोड़ दिया। अंदर जाकर देखा तो युवक धैर्य यादव फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। परिवार के सदस्य उसे देखते ही यह मान चुके थे कि धैर्य की मौत हो चुकी है और घर में कोहराम मच गया था। ट्रेनिंग आई काम: CPR से वापस लौटीं सांसें जहाँ परिवार हिम्मत हार चुका था, वहीं थाना प्रभारी ने अपना धैर्य नहीं खोया। उन्होंने तुरंत युवक को फंदे से नीचे उतारा और उसकी नब्ज जांची। युवक की हालत गंभीर थी, जिसे देखते हुए टीआई गवरी ने अपनी पुलिस ट्रेनिंग के दौरान सीखी गई CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) तकनीक का इस्तेमाल किया। लगातार कुछ मिनटों तक सीने को पंप करने और जीवन रक्षक प्रयास करने के बाद, युवक के शरीर में हलचल हुई और उसकी सांसें वापस लौट आईं। यह देख परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। डॉक्टर बोले- सीपीआर से बची युवक की जान घटना नागदा में जनमेजय मार्ग स्थित पानी की टंकी के पास सोमवार रात करीब डेढ़ बजे की है। थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। तभी युवक के पिता उनके पास पहुंचे थे। टीआई बिना देरी किए युवक के घर पहुंच गए। उन्होंने अपनी पुलिस ट्रेनिंग के दौरान सिखाई गई सीपीआर तकनीक का उपयोग किया। युवक की सांसें लौटी तो अपने वाहन से उसे एमपी-13 अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने तत्काल जांच कर उपचार शुरू किया और बताया कि समय पर सीपीआर मिलने के कारण युवक की जान बच गई। युवक की जान बचाने में नगर सुरक्षा समिति के राजेश मोरवाल ने भी पुलिस का सहयोग किया। अस्पताल में भर्ती, परिजनों ने जताया आभार सांसें लौटने के बाद पुलिस ने बिना देरी किए युवक को तुरंत रतलाम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसका उपचार जारी है। टीआई अमृतलाल गवरी की इस तत्परता और सूझबूझ की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अगर आज साहब नहीं होते, तो हमने अपना बेटा खो दिया होता। क्या होता है CPR और क्यों है यह जरूरी? CPR एक आपातकालीन चिकित्सा प्रक्रिया है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन रुक जाती है। यह मस्तिष्क और अन्य महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन युक्त रक्त का प्रवाह बनाए रखने में मदद करता है।

गौतम गंभीर की सुरक्षा पर कोई आंच नहीं, बीसीसीआई के प्रमुख अधिकारी हुए उनके समर्थन में

नई दिल्ली घर पर टेस्ट सीरीज में बुरी तरह से मिली हार के बाद से भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को लेकर काफी कुछ सुनने को मिल रहा है. रिपोर्ट में ऐसा भी बताया गया कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) उनकी जगह पर पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण को टेस्ट की कोचिंग देने का विचार कर रही है. ऐसी खबरों के लगातार आने के बाद बीसीसीआई की तरफ से इसे लेकर बयान सामने आया. बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने उन खबरों का खंडन किया है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण को भारत का अगला टेस्ट कोच बनने के लिए संपर्क किया गया है, जो गंभीर की जगह लेंगे. ये खबरें तब आईं जब भारत को गौतम गंभीर की कोचिंग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर 0-2 से टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा, जो लगातार दूसरे साल भारत को क्लीन स्वीप झेलना पड़ा है. पिछले साल भी इसी कोच के तहत न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को 0-3 से शर्मनाक हार मिली थी. मीडिया रिपोर्ट्स पर प्रतिक्रिया देते हुए BCCI उपाध्यक्ष शुक्ला ने ANI से कहा, “मैं मीडिया में चल रही अटकलों को लेकर बिल्कुल स्पष्ट करना चाहता हूं कि हेड कोच गौतम गंभीर को लेकर कोई योजना नहीं है. BCCI सचिव (देवजीत सैकिया) ने भी साफ कर दिया है कि गंभीर को हटाने या भारत के लिए नया हेड कोच लाने की कोई योजना नहीं है,” इससे पहले ANI से बात करते हुए BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि बोर्ड ने टेस्ट क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में नेतृत्व बदलने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है. सैकिया ने कहा, “यह पूरी तरह से गलत खबर है. यह सिर्फ अटकलों पर आधारित है. कुछ प्रतिष्ठित समाचार एजेंसियां भी इस खबर को चला रही हैं. इसमें कोई सच्चाई नहीं है. BCCI सीधे तौर पर इसका खंडन करता है. लोग जो चाहे सोच सकते हैं, लेकिन BCCI ने कोई कदम नहीं उठाया है. यह किसी की कल्पना है, इसमें कोई सच्चाई नहीं है और मैं इसके अलावा कुछ नहीं कह सकता कि यह तथ्यात्मक रूप से गलत और निराधार खबर है,”

भारत-न्यूजीलैंड ODI सीरीज से पहले ऑलराउंडर डग ब्रेसवेल ने अचानक लिया संन्यास, 69 अंतर्राष्ट्रीय मैचों का किया प्रतिनिधित्व

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर खिलाड़ी डग ब्रेसवेल ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया है. ब्रेसवेल ने 69 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों में न्यूजीलैंड टीम का प्रतिनिधित्व किया, जिनमें उन्होंने 120 विकेट लिए और बल्लेबाजी में कुल 915 रन भी बनाए. ब्रेसवेल ने अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच श्रीलंका के खिलाफ खेला था. डग ब्रेसवेल को हाल ही में रिब इंजरी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने क्रिकेट के खेल को अलविदा कहना पड़ा है. सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X पर न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने भी ब्रेसवेल की रिटायरमेंट की आधिकारिक पुष्टि कर दी है. न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने डग ब्रेसवेल की रिटायरमेंट की पुष्टि करते हुए लिखा, "ऑलराउंडर डग ब्रेसवेल ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया है. ब्रेसवेल ने न्यूजीलैंड के लिए 28 टेस्ट, 21 ODI और 20 टी20 मैच खेले, जिनमें उन्होंने 120 विकेट और 915 रन बनाए. उन्होंने न्यूजीलैंड की ऑस्ट्रेलिया पर ओबार्ट में आई आखिरी टेस्ट जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने दूसरी पारी में 40 रन देकर 6 विकेट लेकर न्यूजीलैंड को 7 रनों से यादगार जीत दिलाई थी. डग, आपको एक बेहतरीन करियर के लिए बधाई." डग ब्रेसवेल ने अपनी रिटायरमेंट पर कहा कि न्यूजीलैंड के लिए क्रिकेट खेलना उनके लिए सबसे बड़े गर्व का विषय रहा. अपने फर्स्ट-क्लास करियर में उन्होंने 137 मैचों में 422 विकेट लिए. अपने लंबे फर्स्ट-क्लास करियर में उन्होंने 3 शतक और 24 अर्धशतक समेत 4,505 रन भी बनाए. आपको बता दें कि कुछ ही दिन में भारत बनाम न्यूजीलैंड वनडे सीरीज शुरू होने वाली है. भारत बनाम न्यूजीलैंड वनडे सीरीज का आगाज 11 जनवरी से होगा. डग ब्रेसवेल ने भारत के खिलाफ 4 वनडे और 2 टेस्ट मैचों में कुल मिलाकर 5 विकेट लिए थे.

विराट कोहली के बिना दिल्ली ने विजय हजारे ट्रॉफी में सौराष्ट्र के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज की, ऋषभ पंत भी रहे फ्लॉप

 नई दिल्ली दिल्ली ने विजय हजारे ट्रॉफी में अपना अजेय अभियान जारी रखा. स्टार बल्लेबाज़ विराट कोहली के बिना उतरी दिल्ली की टीम को सौराष्ट्र ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन आखिर में दिल्ली ने 321 रनों के मुश्किल लक्ष्य को तीन विकेट शेष रहते और सात गेंदें बाकी रहते हासिल कर लिया. लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली को शुरुआत में ही दबाव का सामना करना पड़ा, जब अर्पित राणा जल्दी आउट हो गए. हालांकि, प्रियांश आर्य की तेज़तर्रार ओपनिंग पारी ने टीम को संभाल लिया और दिल्ली को टॉप ऑर्डर में जरूरी लय दिलाई. आर्य के आउट होने के बाद दिल्ली को एक छोटा सा झटका लगा, जब नीतीश राणा और ऋषभ पंत लगातार अंतराल में पवेलियन लौट गए. दोनों को दिल्ली की बल्लेबाज़ी की रीढ़ माना जाता है और उनके आउट होने से मुकाबला फिर से सौराष्ट्र के पक्ष में झुकता नजर आया. पंत फिर रहे फ्लॉप 22 रन बनाने वाले ऋषभ पंत का यह प्रदर्शन एक बार फिर निराशाजनक रहा. विकेटकीपर-बल्लेबाज़ पंत काफी समय से भारत की वनडे टीम में अपनी जगह खो चुके हैं और यह पारी भी वापसी के उनके दावे को मज़बूत नहीं कर सकी. 50 ओवर के फॉर्मेट में उनकी फॉर्म और निरंतरता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए. पंत के आउट होने के बाद सौराष्ट्र ने बीच के ओवरों में दबाव और बढ़ा दिया. लेकिन दिल्ली को तेजस्वी सिंह के रूप में अहम सहारा मिला, जिन्होंने 51 गेंदों पर संयमित 53 रनों की पारी खेली. हर्ष त्यागी ने भी 45 गेंदों पर 49 रनों की शानदार पारी खेलकर नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के बावजूद रन चेज़ को पटरी पर बनाए रखा. अंत में नवदीप सैनी ने धैर्य दिखाते हुए 29 गेंदों पर नाबाद 34 रन बनाए और दिल्ली को रोमांचक जीत दिलाई. उनकी यह उपयोगी पारी निर्णायक साबित हुई, जिससे दिल्ली ने सात गेंदें शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया. पंत का ऐसा रहा है प्रदर्शन यह विजय हजारे ट्रॉफी में पंत का तीन मैचों में दूसरा खराब प्रदर्शन रहा. अब तक उनका एकमात्र बड़ा योगदान गुजरात के खिलाफ आया था, जहां उन्होंने 79 गेंदों पर संयमित 70 रन बनाए थे. वहीं एक मैच में उनके बल्ले से केवल 5 रन आए थे. दिल्ली जहां लगातार आगे बढ़ रही है, वहीं टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के साथ पंत की खराब फॉर्म चर्चा का विषय बनी हुई है. इससे पहले मैच में अनुभवी नवदीप सैनी ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए अपने 10 ओवर में 3 विकेट झटके. उन्हें प्रिंस यादव, हर्ष त्यागी और अर्पित राणा का अच्छा साथ मिला, जिनकी मदद से दिल्ली ने सौराष्ट्र को 320/7 के स्कोर पर रोक दिया.  

रायपुर: कुपोषण मुक्ति में सफल रहा मिशन गोद अभियान, जनभागीदारी से 20% बच्चों को मिली राहत

रायपुर : कुपोषण मुक्ति की दिशा में सफल रहा मिशन गोद अभियान : जनभागीदारी से जिले में 20 प्रतिशत बच्चों को मिली कुपोषण से मुक्ति रायपुर बालोद जिला प्रशासन द्वारा गंभीर कुपोषित बच्चों को पौष्टिक भोजन समुचित उपलब्धता एवं उनके उचित देखभाल सुनिश्चित कर उन्हें सामान्य श्रेणी में लाने हेतु शुरू की गई मिशन गोद अभियान बालोद के परिणामों ने सभी को चौंका दिया। बालोद जिले के गंभीर कुपोषित बच्चों में से 20.80 प्रतिशत बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिला दी गई है। यह अभियान जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं कारगर अभियान सिद्ध हुआ है। जिला प्रशासन द्वारा इस अभियान के अंतर्गत जिले के अति गंभीर कुपोषित बच्चों को समुचित पौष्टिक आहार एवं देखरेख के लिए समुचित राशि एवं अन्य जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु जिले के जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, समाजसेवी संगठनों तथा समाज के सभी वर्गों के लोगों को जिम्मेदारी दी गई है। उल्लेखनीय है कि मिशन गोद के अंतर्गत क्षेत्रीय सांसद, जिले के तीनों विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित जिले के सभी गणमान्य जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा जिला प्रशासन के सभी आला अधिकारियों के अलावा जिले के सभी अधिकारियों को इन बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी दी थी। अतिरिक्त आहार राशि के लिए 4.48 लाख रूपये से अधिक हुए जमा बालोद जिले में 10 सितंबर से 10 दिसंबर तक जारी इस अभियान के अंतर्गत गोद लेने वाले सभी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन एवं अन्य जरूरी खाद्य सामग्रियों की उपलब्धता के लिए न्यूनतम 500 रूपये की राशि जमा की। जिसके फलस्वरूप कुपोषित बच्चों के लिए अतिरिक्त आहार राशि के लिए 04 लाख 48 हजार रूपये से अधिक की राशि प्राप्त हो चूका है।  जनप्रतिनिधियों ने 300 बच्चों को लिया गोद उल्लेखनीय है कि 10 सितंबर से 10 दिसंबर तक जिले में 03 माह की समयावधि के लिए लागू इस अभियान के अंतर्गत जनप्रतिनिधियों द्वारा कुल 300 गंभीर कुपोषित बच्चों को गोद लिया गया था। जिसमें से 53 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए हैं। इसी तरह जिला प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा कुल 184 बच्चों को गोद लिया गया है। इसमें से वर्तमान में 51 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए हैं। इसके अलावा जन सामान्य के द्वारा 180 बच्चों को गोद लिया गया हैै। जिसमें 36 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए हैं। जिले में इन बच्चों की समुचित देखभाल एवं इनके लिए समुचित पौष्टिक आहार की व्यवस्था के फलस्वरूप बालोद जिले में गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या में आशातीत कमी आई है।  कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बालोद जिले में चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत मिले उल्लेखनीय सफलता की सराहना करते हुए इस अभियान को जिले के नवनिहालों को कुपोषण से मुक्ति प्रदान करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान बताया है। इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिले के जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों सहित समाजसेवियों एवं समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की ओर सभी का आभार जताया।