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पंजाब में बढ़ती ठंड से जनजीवन प्रभावित, कोहरे–शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट; 6 फ्लाइट्स कैंसिल

चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में ठंड ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक शीतलहर और घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे दिन और रात दोनों समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। हालांकि इस दौरान मौसम शुष्क बना रहेगा। बीते 24 घंटों में राज्य के न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सबसे कम तापमान फरीदकोट में 4.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आदमपुर में शीतलहर का असर देखा गया, जबकि गुरदासपुर और पठानकोट में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के चलते चंडीगढ़ एयरपोर्ट से 6 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। सुबह के समय चंडीगढ़, मोहाली और आसपास के इलाकों में घनी धुंध छाई रही। कई जगहों पर विजिबिलिटी घटकर 50 से 199 मीटर तक पहुंच गई, जिससे आम जनजीवन और यातायात प्रभावित हुआ। इन जिलों में घना कोहरा मौसम विभाग के अनुसार आज पठानकोट, नवांशहर, मोगा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में घना से बहुत घना कोहरा छाने की संभावना है।वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर और बठिंडा में शीतलहर के साथ घना कोहरा रहने के आसार हैं। तापमान में तेज गिरावट अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में तापमान 0.2 से 5.2 डिग्री तक नीचे गया है। चंडीगढ़: 17.4°C अमृतसर: 19.7°C लुधियाना: 21.2°C पटियाला: 14.6°C पठानकोट: 20.6°C बठिंडा: 23.5°C रूपनगर: 20.1°C मानसा: 24.1°C आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार 27 से 29 दिसंबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा और शीतलहर बनी रहेगी। हालांकि इस दौरान मौसम शुष्क रहेगा।27 दिसंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जबकि 30–31 दिसंबर को नया सिस्टम सक्रिय होने से पहाड़ों पर बर्फबारी और पंजाब के कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है।

उदयपुर गैंगरेप मामला: चलती कार में वारदात, आईटी कंपनी के CEO समेत 3 की गिरफ्तारी

उदयपुर राजस्थान के उदयपुर में एक निजी आईटी कंपनी की मैनेजर के साथ कथित कॉर्पोरेट गैंगरेप मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने बताया कि जांच की ज़िम्मेदारी एडिशनल एसपी माधुरी वर्मा को सौंपी गई है. एसपी गोयल के अनुसार, पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और एफआईआर के आधार पर कार्रवाई की गई. मेडिकल जांच में चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे प्रथम दृष्टया गैंगरेप की पुष्टि होती दिखाई दे रही है. पुलिस को जांच में एक अहम सुराग भी हाथ लगा है. आरोपियों की कार में लगे डैशकैम के ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, जिसमें घटना के दौरान की आवाजें कैद होने की बात सामने आई है.  तीन आरोपी अरेस्ट पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें आईटी कंपनी का सीईओ जितेश, उसकी सहकर्मी महिला एग्जीक्यूटिव हेड शिल्पा और उसका पति गौरव शामिल हैं. तीनों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. आरोपी सीईओ जितेश सिसौदिया आईआईटीयन है. पुलिस के मुताबिक, 20 दिसंबर को कंपनी के सीईओ की बर्थडे और न्यू ईयर पार्टी उदयपुर के शोभागपुरा इलाके के एक होटल में आयोजित की गई थी. पीड़िता रात करीब 9 बजे पार्टी में पहुंची थी, जो देर रात 1:30 बजे तक चली. पार्टी के बाद जब पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी तो कुछ लोग उन्हें घर छोड़ने की बात कर रहे थे, लेकिन महिला एग्जीक्यूटिव हेड ने उन्हें आफ्टर पार्टी के लिए साथ चलने का प्रस्ताव दिया. गैंगरेप के बाद पीड़िता को घर छोड़ा गया इसके बाद रात करीब 1:45 बजे पीड़िता को कार में बैठाया गया, जिसमें पहले से सीईओ और महिला एग्जीक्यूटिव का पति मौजूद था. रास्ते में एक दुकान से स्मोकिंग सामग्री खरीदी गई और पीड़िता को भी स्मोक कराया गया, जिससे वह बेहोशी की हालत में चली गई. होश में आने पर पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ छेड़छाड़ और सामूहिक बलात्कार किया गया. सुबह करीब 5 बजे पीड़िता को घर छोड़ा गया. होश आने पर उसे अपने कान की बाली, मोज़े और अंडरगारमेंट्स गायब मिले और निजी अंगों पर चोट के निशान थे. बाद में जब कार के डैशकैम की जांच की गई तो घटना से जुड़े अहम सबूत रिकॉर्डिंग में पाए गए.

रायपुर–भिलाई: सेवा और विकास के दो साल पूरे, विशेष कार्यक्रम में दिखी उपलब्धियों की झलक

रायपुर : सेवा और विकास के दो वर्ष पूर्ण होने पर भिलाई में विशेष कार्यक्रम का हुआ आयोजन रायपुर सेवा और विकास के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा नेहरू नगर पार्क, जोन क्रमांक 1 भिलाई में एक दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में रेडियो जॉकी (आरजे) अनिमेश जैन एवं उनकी टीम ने रोचक गतिविधियों का संचालन किया, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह और जीवंतता बनी रही।  सेवा और विकास के दो वर्ष पूर्ण होने पर भिलाई में विशेष कार्यक्रम का हुआ आयोजन        मंच पर स्थानीय कलाकारों द्वारा नृत्य, गायन और कविता पाठ जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण शासकीय योजनाओं पर आधारित क्विज एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता रही। आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में  प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।         आयोजित प्रश्नोत्तरी में महतारी वंदन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कृषि से जुड़ी प्रमुख योजनाओं पर आधारित प्रश्न लोगों से पूछे गए एवं उन्हें पुरस्कार भी दिए गए। सुशासन तिहार के अवसर पर विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इन योजनाओं ने उनके जीवन में सकारात्मक और वास्तविक बदलाव लाए हैं।        इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम जनता को सुशासन के महत्व से जोड़ना, शासन की योजनाओं की जानकारी देना तथा स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना रहा। प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को स्थानीय दुकानों एवं स्टॉल्स की ओर से डिस्काउंट वाउचर और कूपन भी प्रदान किए गए। आयोजन के माध्यम से जनसंपर्क विभाग ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को सरल और मनोरंजक तरीके से आमजन तक पहुँचाने का सफल प्रयास किया।

नकल पर नकेल: जीवाजी विश्वविद्यालय का बड़ा फैसला, प्रैक्टिकल परीक्षा की होगी अनिवार्य वीडियोग्राफी

ग्वालियर जीवाजी विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में प्रायोगिक परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से अनियमितताओं और फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आ रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जीवाजी विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक अहम निर्णय लिया है। अब विश्वविद्यालय से संबद्ध अंचल के सभी महाविद्यालयों में प्रायोगिक परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में आयोजित की जाएंगी। नए निर्देशों के तहत प्रायोगिक परीक्षाओं के दौरान छात्रों की पूरी परीक्षा प्रक्रिया कैमरे में रिकॉर्ड की जाएगी। इतना ही नहीं, परीक्षकों की उपस्थिति, प्रश्न पूछने की प्रक्रिया और मूल्यांकन से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि भी रिकॉर्डिंग के दायरे में रहेगी। विश्वविद्यालय अधिकारियों का कहना है कि इससे परीक्षा के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े और मनमानी पर प्रभावी रोक लग सकेगी।   उडनदस्ता भी करेगा वीडियोग्राफी परीक्षा अवधि में निरीक्षण के लिए जाने वाले उड़नदस्तों को भी अपनी पूरी कार्रवाई आवश्यकतानुसार कैमरे में रिकॉर्ड करनी होगी। उड़नदस्ता जब किसी परीक्षा केंद्र का निरीक्षण करेगा, उस दौरान की गई जांच, बातचीत और व्यवस्थाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निरीक्षण प्रक्रिया भी निष्पक्ष और पारदर्शी रहे। रिकार्डिंग नहीं तो अंक नहीं महत्वपूर्ण बात यह है कि अब छात्रों को दिए जाने वाले प्रायोगिक अंकों को भी सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग के आधार पर ही मान्यता दी जाएगी। यदि किसी परीक्षा या मूल्यांकन को लेकर विवाद उत्पन्न होता है, तो रिकॉर्डिंग को प्रमाण के रूप में उपयोग किया जाएगा। वहीं अगर किसी कालेज से वीडियो प्राप्त नहीं होती है तो उस कालेज के छात्रों के अंक अपड़ेट नहीं किए जाएंगे। जीवाजी विश्वविद्यालय प्रशासन इस व्यवस्था को अपने अधीनस्थ अंचल के 350 से अधिक शासकीय और अशासकीय महाविद्यालयों में लागू कर रहा है। कथन: ‘प्रायोगिक परीक्षाओं को लेकर कई बार गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं ऐसे में छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए वीडियो रिकार्डिंग अनिवार्य की जा रही है।’ -राजीव मिश्रा, कुलसचिव, जेयू

लगातार सीरीज़ और टूर्नामेंट: 2026 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सामने बड़ी चुनौतियां

नई दिल्ली उतार-चढ़ाव भरे 2025 के बाद भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सामने 2026 में बेहद व्यस्त कार्यक्रम रहने वाला है। इस साल की सबसे बड़ी खासियत घरेलू परिस्थितियों में होने वाले टी20 विश्व कप का खिताब बचाने की चुनौती, बड़ी संख्या में वनडे मुकाबले और विदेशी धरती पर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) की कठिन परीक्षाएं होंगी। साल 2025 भारत के लिए यादगार रहा। दुबई में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब जीता, जिसमें चार स्पिनरों की रणनीति काफी सफल रही। टी20 अंतरराष्ट्रीय में भी भारत की प्रगति जारी रही और टीम ने घरेलू व विदेशी दौरों पर द्विपक्षीय सीरीज के साथ एशिया कप में भी जीत दर्ज की, हालांकि अभी तक टी20 विश्व कप की ट्रॉफी हाथ में नहीं आई। टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। सिडनी में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार के साथ ही भारत को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में 3-1 से हार झेलनी पड़ी और डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें भी खत्म हो गईं। इसी दौरान विराट कोहली, रोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया, जिससे टीम में बड़े बदलाव की शुरुआत हुई। शुभमन गिल को नया टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया और बाद में उन्होंने वनडे टीम की भी कमान संभाली। इंग्लैंड में 2-2 से ड्रॉ रही सीरीज के बाद भारत ने घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज को 2-0 से हराया। हालांकि, न्यूजीलैंड से मिली 3-0 की हार की यादें तब फिर ताजा हो गईं जब दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 2-0 से पराजित किया। टेस्ट टीम में बल्लेबाजी क्रम अब भी स्थिर नहीं है और लगातार प्रयोगों के कारण भूमिका स्पष्टता व दीर्घकालिक योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 2026 में भारत का ध्यान सबसे ज्यादा टी20 क्रिकेट पर रहेगा, जबकि टी20 विश्व कप के बाद वनडे प्रारूप पर फोकस बढ़ेगा। साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड की टीम तीन वनडे और पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए भारत दौरे पर आएगी। इसके बाद 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका की मेजबानी में टी20 विश्व कप खेला जाएगा। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत इस टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरेगा। मौजूदा फॉर्म और खिलाड़ियों की उपलब्धता को देखते हुए टीम इंडिया के पास खिताब बचाने का सुनहरा मौका होगा। अगर भारत ऐसा करने में सफल रहता है, तो वह घरेलू मैदान पर टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बनेगा और कुल तीन खिताब जीतने वाली इकलौती टीम भी। टी20 विश्व कप और आईपीएल 2026 के बाद जून में अफगानिस्तान की टीम एक टेस्ट (डब्ल्यूटीसी चक्र से बाहर) और तीन वनडे खेलने भारत आएगी। इसके बाद जुलाई में भारत इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे और पांच टी20 मैचों की सफेद गेंद की सीरीज खेलेगा। डब्ल्यूटीसी 2026 के तहत भारत की टेस्ट चुनौतियां अगस्त में श्रीलंका दौरे से शुरू होंगी, जहां दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। यह दौरा खास तौर पर अहम होगा, क्योंकि स्पिन-अनुकूल पिचों पर स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ भारत का प्रदर्शन अब तक चिंता का विषय रहा है। सितंबर में यूएई में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन टी20 मैचों की सीरीज संभावित है। बांग्लादेश दौरे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि वहां की मौजूदा परिस्थितियों के चलते यह दौरा टल सकता है। इसके अलावा 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों के टी20 मुकाबलों में भारत की दूसरी पंक्ति की टीम हिस्सा ले सकती है। भारत का घरेलू सत्र सितंबर-अक्टूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे और पांच टी20 मैचों से शुरू होगा। इसके बाद अक्टूबर-नवंबर में टीम न्यूजीलैंड के कठिन विदेशी दौरे पर जाएगी, जहां दो टेस्ट, तीन वनडे और पांच टी20 मैच खेले जाएंगे। साल के अंत में दिसंबर में भारत श्रीलंका की मेजबानी करेगा, जहां तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेले जाएंगे। यह सीरीज 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से अहम मानी जा रही है। तीनों प्रारूपों में लगातार व्यस्त कार्यक्रम के बीच भारतीय खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन के लिए कार्यभार प्रबंधन बेहद अहम रहेगा, ताकि टीम विभिन्न द्विपक्षीय सीरीज और बड़े टूर्नामेंटों में ट्रॉफी जीतने के लक्ष्य के साथ लगातार बेहतर प्रदर्शन कर सके।  

भारत की नजरें निर्णायक मुकाबले पर, श्रीलंका के खिलाफ तीसरा टी20 बना सीरीज़ फाइनल

तिरूवनंतपुरम  आत्मविश्वास से ओतप्रोत भारतीय टीम अपनी लय को कायम रखते हुए खराब फॉर्म से जूझ रही श्रीलंकाई टीम के खिलाफ शुक्रवार को तीसरा टी20 मैच और पांच मैचों की श्रृंखला जीतने के इरादे से उतरेगी। भारत ने विशाखापत्तनम में पहले दो टी20 मैचों में क्रमश: आठ और सात विकेट से जीत दर्ज की है। भारत की यह पिछले 11 टी20 मैचों में नौवीं जीत थी।  श्रीलंका ने आखिरी बार भारत को जुलाई 2024 में दाम्बुला में हराया था। मेजबान टीम के पास शानदार बल्लेबाजी क्रम है और पिछले दोनों मैचों में अलग अलग खिलाड़ियों ने जीत दिलाई है। पहले मैच में जहां जेमिमा रौड्रिग्स चली तो दूसरे में शेफाली वर्मा जीत की सूत्रधार रहीं। भारत की गेंदबाजी ईकाई भी उतनी ही दमदार है और स्पिनरों ने पहले मैच में श्रीलंका को छह विकेट पर 121 और दूसरे में नौ विकेट पर 128 रन पर रोक दिया। युवा एन श्रीचरणी, वैष्णवी शर्मा और क्रांति गौड़ ने अनुशासित, नियंत्रित और प्रभावी गेंदबाजी की है।  हरफनमौला दीप्ति शर्मा बुखार के कारण दूसरा टी20 नहीं खेल पाई लेकिन उनकी जगह आई स्नेह राणा ने चार ओवर में 11 रन देकर एक विकेट लिया। भारतीय टीम को हालांकि क्षेत्ररक्षण पर काम करना होगा चूंकि पहले मैच में पांच कैच छूटे थे हालांकि दूसरे मैच में तीन रन आउट किए। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम यहां अगले तीन मैचों में प्रदर्शन में सुधार करना चाहेगी।  दूसरी ओर श्रीलंका को उम्मीद है कि जगह बदलने से उसकी किस्मत भी बदलेगी हालांकि दोनों टीमों के प्रदर्शन में जमीन आसमान का अंतर है। श्रीलंका को दोनों मैचों में उसके बल्लेबाजों ने निराश किया। पहले मैच में विष्मी गुणरत्ने ने 43 गेंद में 39 रन बनाये जबकि हसिनी परेरा और हर्षिता समरविक्रमा आक्रामक पारियां नहीं खेल सके। दूसरे मैच में चामरी अटापट्टू के आउट होने के बाद श्रीलंका ने 26 रन के भीतर छह विकेट गंवा दिए।  टीमें :  भारत : हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, जेमिमा रोड्रिग्स, शैफाली वर्मा, हरलीन देयोल, अमनजोत कौर, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कमलिनी (विकेटकीपर), श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा।  श्रीलंका : चामरी अटापट्टू (कप्तान), हसिनी परेरा, विष्मी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा, नीलाक्षिका डी सिल्वा, कविशा दिलहारी, इमेशा दुलानी, कौशिनी नुथ्यांगना, मालशा शेहानी, इनोका राणावीरा, शशिनी गिम्हानी, निमेश मदुशानी, काव्या कविंदी, रश्मिका सेववंडी, मल्की मदारा।  समय : शाम 7 बजे।   

500 रुपए में घर पर बार खोलने का मौका, भोपाल में नए साल के लिए जारी होम बार लाइसेंस

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस बार नए साल का स्वागत बेहद खास और 'नशे' की कानूनी अड़चनों से मुक्त होने जा रहा है। आबकारी विभाग ने शौकीनों के लिए एक शानदार सौगात पेश की है। इसकी मदद से मात्र 500 रुपये की मामूली फीस चुकाकर अपने घर को ही एक दिन के लिए वैध 'बार' में तब्दील कर सकते हैं। न्यू ईयर से पहले आबकारी की यह गाइडलाइन आई है। गाइडलाइन के बाद 31 दिसंबर की रात दोस्तों के साथ जाम छलकाने की प्लानिंग कर रहे लोगों के लिए यह राहत भरी खबर है। अब घर की छत या ड्राइंग रूम में होने वाली पार्टी पर पुलिस या आबकारी विभाग का छापा पड़ने का डर खत्म हो जाएगा। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ द्वारा जारी यह नई गाइडलाइन न केवल निजी पार्टियों को कानूनी कवच दे रही है, बल्कि बड़े आयोजनों के लिए भी इसमें स्पष्ट रास्ते खोले गए हैं। इतनी आसान है लाइसेंस प्रक्रिया विभाग ने लाइसेंस लेने की पूरी प्रक्रिया को इतना आधुनिक और सरल बना दिया है। इससे आपको सरकारी दफ्तरों की धूल फांकने की कतई जरूरत नहीं पड़ेगी। बस अपने मोबाइल से 'Eaabkari' पोर्टल या ऐप पर जाइए। ओटीपी के जरिए लॉग-इन कीजिए और पलक झपकते ही आपका 'वन-डे लाइसेंस' आपके हाथ में होगा। इतनी कीमत पर मिलेगा लाइसेंस दरअसल, घर की निजी महफिल के लिए महज 500 रुपये का शुल्क है। वहीं, मैरिज गार्डन या सामुदायिक भवनों में होने वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए यह फीस 5 हजार रुपये है। इसके अलावा लॉजिंग सुविधा वाले होटलों के लिए 10 हजार रुपये निर्धारित की गई है। पार्टी के लिए अलग है नियम हालांकि, अगर आप इस जश्न को बड़े व्यावसायिक स्तर पर ले जाने की सोच रहे हैं, तो नियमों का दायरा थोड़ा बढ़ जाता है। यदि पार्टी में एंट्री टिकट के जरिए दी जा रही है, तो 500 लोगों की भीड़ तक आपको 25 हजार रुपये देने होंगे। वहीं, 5 हजार से ज्यादा की भीड़ होने पर 2 लाख रुपये तक का लाइसेंस शुल्क चुकाना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिस स्थान के लिए अनुमति ली गई है, शराब का सेवन केवल वहीं तक सीमित रहना चाहिए। सामान्य तौर पर परिवहन के लिए बोतलों की संख्या सीमित है, लेकिन इस ऑनलाइन आवेदन में आप अपनी डिमांड के अनुसार स्टॉक की जानकारी पहले ही दे सकते हैं। भोपाल में करीब 350 से अधिक होटल और ढाबा संचालकों के साथ-साथ हजारों आम नागरिकों के लिए यह व्यवस्था नए साल के जश्न को और भी बेखौफ और यादगार बनाने वाली है।  

चिकित्सा शिक्षा में बड़ा कदम: सीनियर रेजिडेंसी के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग का शुभारंभ

शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने यहां स्वास्थ्य विभाग, इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, शिमला और निदेशालय चिकित्सा शिक्षा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों और आई.जी.एम.सी. शिमला में 22 दिसम्बर को हुई घटना पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग, आई.जी.एम.सी और निदेशालय चिकित्सा शिक्षा के अधिकारियों से इस घटना से जुड़े सभी तथ्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। सुक्खू ने कहा कि इस घटना की जांच 24 दिसम्बर, 2025 तक पूर्ण कर अतिशीघ्र उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हर संस्थान में पेशेवरों का व्यवहार सौम्य और शांत होना चाहिए। इससे व्यक्तित्व के साथ-साथ संस्थान की छवि भी झलकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आई.जी.एम.सी. से पढ़ाई करने के उपरान्त चिकित्सकों ने राज्य का नाम देश और विदेश में रौशन किया है। आई.जी.एम.सी. में हुई घटना निंदनीय है। किसी भी संस्थान में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुक्खू ने निदेशालय चिकित्सा शिक्षा को सीनियर रेजिडेंसी करने के लिए चिकित्सा महाविद्यालय में आने वाले चिकित्सकों को इंडक्शन टेªनिंग प्रदान करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सीनियर रेजिडेंसी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विगत तीन वर्षों के दौरान चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अनेक महत्त्वाकांक्षी पहल की हैं। चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ को संस्थान और अस्पताल में बेहतर वातावरण प्रदान करने के लिए विश्व-स्तरीय मानकों को अपनाया जा रहा है। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को न केवल सुदृढ़ कर रही है बल्कि इस क्षेत्र में आदर्श राज्य बनने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास और विस्तार पर तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों में दो दशकों से इस्तेमाल हो रहे पुराने चिकित्सा उपकरणों को नए और अत्याधुनिक उपकरणों से बदला जा रहा है। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने चिकित्सा शिक्षा से सम्बन्धित विभिन्न सुझाव दिए। मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव स्वास्थ्य संदीप कदम, निदेशक, चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. गोपाल बेरी, एम.एस. आई.जी.एम.सी डॉ.राहुल राव, अतिरिक्त निदेशक नीरज कुमार गुप्ता और वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

फिटनेस को बढ़ावा: खिलाड़ियों और GYM यूज़र्स के लिए पंजाब सरकार का बड़ा फैसला

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खेल और युवा सेवाएं विभाग के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पंजाब भर में 1350 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 3100 स्टेडियमों का निर्माण कार्य जून 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय-सीमा के साथ-साथ काम की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान खेल और युवाओं के लिए एक बड़े पैकेज की भी घोषणा की। इसके तहत राज्य में करीब 3000 स्थानों पर अत्याधुनिक जिम स्थापित किए जाएंगे, 50 करोड़ रुपये की लागत से 17 हजार खेल किटें वितरित की जाएंगी, एक नया खेल पोर्टल शुरू किया जाएगा और 43 करोड़ रुपये की लागत से नया युवा भवन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति 2023 के तहत गांवों में स्टेडियम बनाए जा रहे हैं, जिनमें बाड़, गेट, जॉगिंग ट्रैक, खेल मैदान, वॉलीबॉल कोर्ट, स्टोर और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को खेलों की ओर मोड़कर उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखना है। युवाओं की फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए पहले चरण में 1000 स्थानों पर 35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक जिम बनाए जाएंगे। इन जिमों में वेट लिफ्टिंग सेट, डंबल, केटलबेल, रैक और अन्य आधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे। राज्य सरकार खिलाड़ियों को 17 हजार खेल किट भी देगी, जिनमें वॉलीबॉल, फुटबॉल और क्रिकेट से संबंधित सामान शामिल होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 31 मार्च 2026 तक गांवों में 5600 खेल किट वितरित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सरकार एक आधुनिक खेल पोर्टल शुरू कर रही है, जहां खिलाड़ी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, ग्रेडेशन, डीबीटी, ग्राउंड बुकिंग, ई-सर्टिफिकेट, पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 हजार युवाओं के लिए प्रदेश के 9 जंगल क्षेत्रों में ट्रैकिंग और एडवेंचर कैंप लगाए जाएंगे। वहीं चंडीगढ़ के सेक्टर 42-ए में 43 करोड़ रुपये की लागत से नया युवा भवन बनाया जाएगा, जिसमें हॉस्टल, ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल और सेमिनार रूम की सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल बजट को 2023-24 में 350 करोड़ से बढ़ाकर 2024-25 में 1000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। मोहाली, बठिंडा और लुधियाना में हॉकी टर्फ बदली जा रही हैं, जबकि मोहाली के सेक्टर-78 स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक का काम मार्च 2026 तक पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है जहां स्पोर्ट्स मेडिसिन कैडर मौजूद है। इसके तहत 92 कर्मचारियों का चयन किया गया है, जो खिलाड़ियों की चोटों के इलाज और प्रदर्शन सुधार में मदद करेंगे। उन्होंने दोहराया कि सरकार का हर कदम युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में है।

भारत जो कहता है, वही बनता है वैश्विक एजेंडा: राजनाथ सिंह का बड़ा बयान

लखनऊ  देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राष्ट्र प्रेरणा स्थल के निर्माण के लिए बधाई देते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत की एकता और अखंडता के लिए लंबा संघर्ष किया और धारा 370 के विरोध में अपने प्राणों का बलिदान किया। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के इस सपने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारत की आर्थिक और वैश्विक हैसियत अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच चुकी है। उन्होंने दावा किया कि देश में महंगाई दर एक प्रतिशत से नीचे है और विकास दर आठ प्रतिशत से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत क्या बोल रहा है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की बढ़ती ताकत का प्रमाण है। राजनाथ सिंह ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांव, गरीब और किसानों के लिए बड़े और निर्णायक फैसले किए हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा में पहले बड़े पैमाने पर धांधली होती थी, लेकिन अब व्यवस्था में पारदर्शिता लाई गई है। गांवों के विकास के लिए नए विधेयक के तहत अब 100 की जगह 125 दिनों का काम मिलेगा और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को याद करते हुए कहा कि एकात्म मानववाद और अंत्योदय का दर्शन आजाद भारत की सबसे बड़ी दार्शनिक अवधारणाओं में से एक है। दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम व्यक्ति की चिंता करते हुए जो विचार दिए, उन्हीं के आधार पर आज प्रधानमंत्री मोदी सरकार चला रहे हैं। उनका मानना था कि केवल धन से व्यक्ति सुखी नहीं हो सकता, बल्कि मान-सम्मान, शिक्षा और आत्मिक संतुलन भी उतना ही जरूरी है। रक्षा मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए उनके विनोदी स्वभाव का उल्लेख किया। उन्होंने अटल की पाकिस्तान यात्रा का किस्सा सुनाते हुए कहा कि एक महिला पत्रकार ने उनसे मजाकिया अंदाज में शादी का प्रस्ताव रखते हुए कश्मीर मांगा था, जिस पर अटल ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया था कि वे तैयार हैं, लेकिन बदले में पाकिस्तान चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाने वाले सबसे बड़े नेता हैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री को अब तक 29 देशों के सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा जा चुका है। राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे राष्ट्रनायकों को सम्मान देना और उनकी विरासत को स्मरण करना प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है। यही कारण है कि इन तीनों महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने भारत को नई पहचान दी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त किया।