samacharsecretary.com

योगी सरकार का उद्देश्य, कोई भी पात्र छात्र आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रह जाए

सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों पर समान रूप से लागू होगी व्यवस्था लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने छात्र हित में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। समाज कल्याण विभाग ने शैक्षिक सत्र 2025–26 के अंतर्गत संचालित दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में समय पर मास्टर डेटा लॉक न हो पाने के कारण वंचित रह गए पात्र छात्र-छात्राओं को दोबारा अवसर प्रदान किया है। इसके लिए विभाग द्वारा संशोधित समय-सारिणी जारी की गई है। सभी वर्गों के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ यह संशोधित व्यवस्था सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों पर समान रूप से लागू होगी। योगी सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र छात्र आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रह जाए। पारदर्शी और समयबद्ध होगी प्रक्रिया समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि संशोधित कार्यक्रम छात्रवृत्ति प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, त्रुटिरहित एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। इससे पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ समय पर मिल सकेगा। मास्टर डेटा लॉक और सत्यापन की समय-सीमा समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि संशोधित कार्यक्रम के तहत शिक्षण संस्थानों द्वारा मास्टर डेटा तैयार करने की प्रक्रिया 23 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक की जाएगी। विश्वविद्यालयों एवं एफिलिएटिंग एजेंसियों द्वारा फीस एवं छात्र संख्या का सत्यापन 23 दिसंबर से 9 जनवरी 2026 तक तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा मास्टर डेटा और फीस का अंतिम सत्यापन 15 जनवरी 2026 तक पूरा किया जाएगा। सामान्य, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के लिए आवेदन प्रक्रिया सामान्य, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र 14 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवश्यक अभिलेखों सहित हार्ड कॉपी 21 जनवरी 2026 तक शिक्षण संस्थानों में जमा करनी होगी। संस्थान स्तर पर सत्यापन 27 जनवरी तक, विश्वविद्यालय स्तर पर वास्तविक छात्र सत्यापन 28 जनवरी से 7 फरवरी 2026 तक तथा एनआईसी द्वारा डेटा स्क्रूटनी 9 फरवरी 2026 तक की जाएगी। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि 18 मार्च 2026 तक पीएफएमएस के माध्यम से आधार-सीडेड बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग को विशेष राहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के छात्र 31 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद अंतिम भुगतान 22 जून 2026 तक किया जाएगा। यह व्यवस्था सामाजिक न्याय की दिशा में योगी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। तिथियों के पालन की अपील उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने सभी शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों और विद्यार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सारिणी का कड़ाई से पालन करें, ताकि छात्रवृत्ति प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।

प्रदूषण पर व्यंग्य बना कानूनी मुसीबत, सांता क्लॉज वीडियो को लेकर AAP नेताओं पर केस दर्ज

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने AAP नेता सौरभ भारद्वाज, संजय झा और आदिल अहमद खान के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह FIR सांता क्लॉज़ से जुड़ा एक वीडियो बनाकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में दर्ज की गई है। इस मामले में प्राप्त शिकायत के अनुसार 17 और 18 दिसंबर 2025 को इन नेताओं ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स से एक वीडियो पोस्ट किया था। यह वीडियो कनॉट प्लेस में किए गए एक राजनीतिक स्किट (प्रदर्शन) से जुड़ा है। वीडियो में सांता क्लॉज, जो कि ईसाई समुदाय के लिए एक पवित्र और सम्मानित धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीक हैं, को मजाकिया और अपमानजनक तरीके से दिखाया गया है। वीडियो में सांता क्लॉज को सड़क पर बेहोश होकर गिरते हुए दिखाया गया और उन्हें राजनीतिक संदेश देने के लिए एक प्रॉप (साधन) की तरह इस्तेमाल किया गया। इतना ही नहीं, वीडियो में नकली CPR करते हुए सांता क्लॉज का मजाक भी उड़ाया गया, जिससे सेंट निकोलस और क्रिसमस पर्व की पवित्रता को ठेस पहुंची। शिकायत में कहा गया है कि यह सब जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से किया गया, ताकि ईसाई समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा सके। एडवेंट के अंतिम दिनों में धार्मिक प्रतीक का इस तरह राजनीतिक इस्तेमाल करना ईसाई धर्म का अपमान माना गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, सार्वजनिक रूप से किसी धार्मिक प्रतीक का मजाक उड़ाना BNS की धारा 302 का उल्लंघन है। दिल्ली पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। यह मामला अधिवक्ता खुशबू जॉर्ज की शिकायत पर दर्ज किया गया है। आम आदमी पार्टी ने उन्हें भाजपा कार्यकर्ता बताया है। साथ ही भाजपा नेताओं के साथ उनके कुछ फोटोज भी शेयर किए हैं। ‘तब भाजपा के किसी ईसाई कार्यकर्ता की धार्मिक भावना आहत नहीं हुई’ उधर इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'सांता क्लॉज की स्किट पर FIR हो गई है। सोशल मीडिया और आप लोगों की ताक़त से आज भाजपा बहुत परेशान हैं। ये सोशल मीडिया की ताक़त है कि भाजपा सरकार को प्रदूषण पर जवाब देना पड़ रहा है, AQI पर चर्चा हो रही है। सांता क्लॉज की स्किट से हमने प्रदूषण के मुद्दे को जन जन तक पहुँचाया, जिससे दिल्ली और केंद्र की सरकार को काफ़ी परेशानी है। ये सोशल मीडिया की ताक़त है कि अरावली पर्वतमाला पर सरकार बैकफुट पर आई है। कुलदीप सिंह सेंगर वाला मामला और उत्तराखंड की अंकिता भंडारी वाला मामला भी उल्टा पड़ रहा है।' इसके आगे उन्होंने लिखा, 'अब डराने, धमकाने के लिए ED, CBI, दिल्ली पुलिस की FIR का दौर चल रहा है। संघियों का प्रॉपगेंडा अब एक्सपोज़ हो रहा है तो डर रहे हैं। अभी इनको और Expose करना है और भी डराना है। भाजपा के ही कार्यकर्ता अब ईसाई का मुखौटा लगाकर कह रहे है , उनकी धार्मिक भावना आहत हो गई, और पुलिस FIR दर्ज कर रही है। जब दिल्ली के लाजपत नगर में सांता क्लॉज की टोपियाँ खींची गई, धमकाया गया, गाली देकर भगाया गया, तब किसी भाजपा के ईसाई कार्यकर्ता की धार्मिक भावना आहत नहीं हुई। जिसकी धार्मिक भावना आहत हुई है उनकी भाजपा के नेताओं के साथ तस्वीर ही तस्वीर है, इनको मुफ्त की पब्लिसिटी नहीं देना।'  

बैडमिंटन स्टार पी.वी. सिंधु का वैश्विक सम्मान, BWF एथलीट्स कमीशन की कमान संभाली

नई दिल्ली दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भारतीय शटलर पी.वी. सिंधु को 2026–29 कार्यकाल के लिए बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) की एथलीट्स कमीशन का चेयरपर्सन चुना गया है। इस भूमिका के साथ ही सिंधु बीडब्ल्यूएफ काउंसिल की सदस्य के रूप में भी सेवाएं देंगी, जिससे विश्व बैडमिंटन की नीतियों और प्रशासन में खिलाड़ियों की आवाज और मजबूत होगी। इसके अलावा, हांगकांग चीन के चान हो यूएन डैनियल को पैरा बैडमिंटन एथलीट्स कमीशन का चेयर चुना गया है। सिंधु वर्ष 2017 से बीडब्ल्यूएफ एथलीट्स कमीशन की सदस्य रही हैं और 2020 से बीडब्ल्यूएफ इंटीग्रिटी एंबेसडर की भूमिका भी निभा रही हैं। 2019 की विश्व चैंपियन सिंधु अपने लंबे अनुभव और प्रभावशाली व्यक्तित्व के साथ इस अहम जिम्मेदारी को संभालेंगी। इस मौके पर सिंधु ने कहा, “मैं इस भूमिका को गहरी जिम्मेदारी और उद्देश्य के साथ स्वीकार करती हूं। एथलीट्स कमीशन की चेयर के रूप में मेरा फोकस यह सुनिश्चित करना होगा कि खिलाड़ियों की आवाज हर स्तर पर साफ, निरंतर और सम्मान के साथ सुनी जाए। मैं इस भूमिका को खिलाड़ियों और प्रशासन के बीच एक सेतु के रूप में देखती हूं। साथी खिलाड़ियों द्वारा मुझ पर जताया गया भरोसा मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं पूर्व चेयर ग्रेसिया पोली को उनके शानदार कार्य के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं।” सिंधु की डिप्टी चेयर नीदरलैंड्स की डेबोरा जिले होंगी। दक्षिण कोरिया की एन से यंग, मिस्र की दोहा हानी और चीन की जिया यी फैन भी कमीशन की अन्य खिलाड़ी प्रतिनिधि हैं। पैरा बैडमिंटन में, चान हो यूएन डैनियल ने इस साल की शुरुआत में अंतरिम चेयर के रूप में कार्य किया था और अब वह इस भूमिका को पूर्णकालिक रूप से निभाएंगे। दो बार के पैरालंपियन रह चुके डब्लूएच2 खिलाड़ी चान ने कहा, “बीडब्ल्यूएफ पैरा एथलीट्स कमीशन का चेयर चुना जाना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। यह न केवल मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि दुनिया भर के पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों की मेहनत और प्रगति की पहचान भी है।” डेनमार्क की कैथरीन रोसेनग्रेन उनकी डिप्टी होंगी। अमेरिका की एमी बर्नेट, फ्रांस के गुइयोम गैली, भारत के अबू हुबैदा और मिस्र के तारेक अब्बास घरीब ज़हरी कमीशन के अन्य सदस्य हैं। इस बीच, ईरान की सोराया अगाएई हाजी आगा, जो टोक्यो 2020 ओलंपिक में ईरान का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी थीं, को हाल ही में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की एथलीट्स कमीशन के पांच नए सदस्यों में शामिल किया गया है।  

लखनऊ में शानदार प्रेरणा स्थल स्थापित कराने पर राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी बधाई

लखनऊ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एक दशक में देश जिन मंत्रों के साथ आगे बढ़ा है, उनमें ‘अपने महापुरुषों-विरासत पर गौरव की अनुभूति करना, उनका सम्मान व संरक्षण करना’ भी है जिसे पीएम मोदी ने दिया है। इस सोच से प्रभावित होकर राष्ट्र प्रेरणा स्थल में भारत के तीन ऐसे महापुरुषों (पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय व अटल बिहारी वाजपेयी) की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जो प्रेरणा के मूर्त स्वरूप हैं। इन्होंने आजाद भारत को सम्मान, स्वाभिमान व नई पहचान दिलाने का कार्य किया। रक्षा मंत्री ने प्रख्यात मूर्तिकार रामसुतार के प्रति श्रद्धांजलि और दो प्रतिमा बनाने वाले मांटू राम के प्रति सम्मान प्रकट किया। रक्षा मंत्री ने शानदार प्रेरणा स्थल यूपी की राजधानी लखनऊ में स्थापित करने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी।  डॉ मुखर्जी, पं. दीनदयाल व अटलजी के साथ महामना का भी स्मरण  रक्षा मंत्री ने पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति श्रद्धा निवेदित की। उन्होंने पं. महामना मदन मोहन मालवीय का भी स्मरण किया। कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारत की एकता व अखंडता को सुनिश्चित करने के लिए लंबा संघर्ष किया। जम्मू-कश्मीर को धारा-370 के तहत विशेष दर्जा मिला था, उसे समाप्त करने के लिए डॉ. मुखर्जी ने प्राणों की आहुति दी। पीएम मोदी ने आजाद भारत ने उनके संकल्प को पूरा किया। पं. दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद व अंत्योदय का विचार प्रस्तुत किया था। उन्होंने जो विचारधारा दी, उसी आधार पर पीएम मोदी सशक्त, स्वाभिमानी व स्वावलंबी भारत बनाने के लिए सतत प्रयत्नशील हैं। पं. उपाध्याय का मानना था कि व्यक्ति के मान, सम्मान व स्वाभिमान की भी चिंता की जानी चाहिए। रक्षा मंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन का सार बताते हुए कहा कि तन के सुख के लिए धनधान्य, मन के सुख के लिए मान, सम्मान व स्वाभिमान, बुद्धि के सुख के लिए ज्ञान और आत्मा के सुख के लिए भगवान चाहिए। पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार गरीब कल्याण की प्रतिबद्धता को अभिव्यक्त कर रही है तो उसके पीछे हमारी प्रेरणा पं. दीनदयाल उपाध्याय हैं।  भारतीय राजनीति, समाज, संस्कृति के विकास में अटल जी का योगदान अतुलनीय  रक्षा मंत्री ने कहा कि लखनऊ संसदीय क्षेत्र के लोग पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से घुले-मिले थे। सभी उनके विनोदी स्वभाव से परिचित हैं। रक्षा मंत्री ने अटल जी के पाकिस्तान दौरे से जुड़ी घटना सुनाते हुए उनकी हाजिर जवाबी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति, समाज, संस्कृति के विकास में अटल जी का योगदान अतुलनीय है।  गांव, गरीब, किसानों के लिए काम कर रहे मोदी रक्षा मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने गांव, गरीब, किसानों के लिए बड़ा काम किया है। पहले मनरेगा में तरह-तरह की धांधली होती थी, उसके स्थान पर जी राम जी के नाम पर संसद में नया विधेयक पारित किया है। पहले श्रमिकों को 100 दिन का काम मिलता था, अब 125 दिन का काम मिलेगा। साथ ही गांवों में स्थानीय बुनियादी ढांचों का विकास भी होगा।  पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास की नई बुलंदियों की तरफ बढ़ रहा भारत  रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास की नई बुलंदियों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार महंगाई की दर एक फीसदी के नीचे गई है। पीएम मोदी के शासनकाल में 8 फीसदी से अधिक की विकास दर दिख रही है। पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत बोल क्या रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष/केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद व पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को समर्पित किया राष्ट्र प्रेरणा स्थल, सीएम योगी ने किया अतिथियों का स्वागत

भारत के उज्ज्वल भविष्य को लेकर अटल जी का उद्घोष था- अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगाः सीएम योगी   लखनऊ पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर गुरुवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और अटलजी की विरासत ने भारत को नई दृष्टि दी। आज उनके सपने साकार हैं जिसे देख हर भारतवासी प्रफुल्लित है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डा. मुखर्जी, पं. दीनदयाल व भारत रत्न अटलजी की 65-65 फिट ऊंची कांस्य प्रतिमा और डिजिटल म्यूजियम का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत में एक विधान, एक निशान, एक प्रधान का उद्घोष किया था और आज ऐसा हो चुका है वहीं पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपनों के भारत में अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के जीवन में भी नया परिवर्तन दिखाई दे रहा है। पिछले 11 वर्ष में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठकर सामान्य नागरिक के रूप में जीवनयापन कर रहे हैं।  पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत बना आत्मनिर्भर, तीनों महापुरुषों की प्रेरणा ने किया मार्गदर्शन  सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि अंत्योदय के स्वप्न को साकार करने वाले, श्रद्धेय अटल जी के सुशासन को मूर्त रूप देने वाले आत्मनिर्भर व आधुनिक भारत के शिल्पकार, ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के स्वप्न दृष्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल, तीनों महापुरुषों की भव्य प्रतिमा व म्यूजियम का भव्य लोकार्पण हो रहा है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर व विकसित भारत का जो वर्तमान स्वरूप देख रहे हैं, उसमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय व अटल बिहारी वाजपेयी का मार्गदर्शन प्रेरणा के रूप में है।  भारत के उज्ज्वल भविष्य को लेकर अटल जी का उद्घोष था- अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा  सीएम योगी ने कहा कि यह अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म शताब्दी महोत्सव का वर्ष है। अटल जी कहते थे कि ‘अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा’, यह केवल आशा नहीं, बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य को लेकर उनके अडिग विश्वास, दूरदृष्टि व दृढ़ संकल्प का उद्घोष था। अटल जी ने कवि, पत्रकार, राष्ट्रवादी विचारक व भारत के सच्चे सपूत के रूप में देश को जो विजन-नेतृत्व दिया। पीएम मोदी के नेतृत्व में हर भारतवासी उसे विकास व विरासत के नए रूप में देख रहा है। आज के महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री जी के करकमलों से राष्ट्र प्रेरणा स्थल प्राप्त हो रहा है।  सीएम ने महामना व बिजली पासी को भी किया याद  सीएम योगी ने भारत माता के सपूत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व महान शिक्षाविद् महामना पं. मदन मोहन मालवीय को भी उनकी जयंती पर याद किया। बोले कि मालवीय जी ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। उन्हें ‘भारत रत्न’ देकर प्रधानमंत्री जी ने उनकी सेवाओं को सम्मानित किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाराजा बिजली पास को भी नमन किया और कहा कि महान योद्धा बिजली पासी से भी हर भारतीय को नई प्रेरणा प्राप्त होती है।  इस अवसर पर रक्षा मंत्री व लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद व पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

क्रिसमस पर धार्मिक तनाव? चर्च के सामने बजरंग दल ने किया हनुमान चालीसा पाठ, गूंजे जय श्रीराम के नारे

बरेली यूपी के बरेली के कैंट थाना क्षेत्र में क्रिसमस से एक दिन पहले बुधवार शाम को बजरंग दल के सदस्यों ने सेंट अल्फोंसस कैथेड्रल चर्च के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ किया और ‘जय श्रीराम' व ‘हर हर महादेव' के नारे लगाए। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चर्च द्वारा आयोजित क्रिसमस महोत्सव के दौरान हिंदू धर्म और समाज को गलत और आपत्तिजनक तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे हिंदू जनभावनाओं को ठेस पहुंची है। ईसाई मशीनरी मुर्दाबाद के लगाए नारे  प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने "ईसाई मशीनरी मुर्दाबाद" जैसे नारे भी लगाए। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। आधे घंटे से भी कम समय तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नगर के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष शिवम को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले आयोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई थी।  बजरंग दल ने लगाया ये आरोप  ज्ञापन के अनुसार, बजरंग दल ने आरोप लगाया है कि 23 दिसंबर को चर्च में आयोजित क्रिसमस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्कूलों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ऑडियो-विजुअल शामिल थे, जिनमें कथित तौर पर धर्मांतरण, हिंदू मंदिरों और हिंदू समाज से संबंधित मुद्दों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था। सीओ शिवम ने कहा कि प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त हुआ है ‘‘और मामले की जांच कर तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।" सीओ ने यह भी कहा कि किसी को भी कानून-व्यवस्था भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 

फैक्ट्री स्थापना की रफ्तार पर राहुल गांधी की तारीफ, मंत्री वैष्णव का जवाब— ‘धन्यवाद’

नई दिल्ली  कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के बीच हल्की नोक-झोंक सामने आई है। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष सोशल मीडिया पर किए एक पोस्ट में कर्नाटक सरकार की तारीफ की थी। उनकी यह तारीफ आईफोन निर्माता कंपनी फॉक्सकॉन द्वारा तेजी से लगाई गई फैक्ट्री और केवल 9 महीनों में करीब 30 हजार कर्मचारियों के भर्ती के संदर्भ में थी। इसमें से 80 फीसदी महिलाएं हैं। हालांकि, राहुल गांधी की इस तारीफ को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मेक इन इंडिया की तारीफ बताते हुए धन्यवाद कह दिया।   राहुल गांधी के फेसबुक पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर इस उपलब्धि का श्रेय केंद्र की मोदी सरकार को दिया। उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया कार्यक्रम की सफलता को स्वीकार करने के लिए राहुल गांधी का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी स्वीकार किया है कि भारत एक उत्पादक अर्थव्यवस्था बन रहा है।" वैष्णव ने कहा कि मेक इन इंडिया के जरिए देश की निर्माण क्षमता मजबूत हुई है और भारत वैश्विक स्तर पर लगातार उत्पादन का केंद्र बनता जा रहा है। क्या कहा था गांधी ने? कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को फेसबुक पर एक रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कर्नाटक सरकार की तारीफ की थी। उन्होंने लिखा, "सिर्फ आठ-नौ महीनों में 30 हजार कर्मचारियों की भर्ती, यह भारत में अब तक का सबसे तेज फैक्ट्री रैंप अप है।" अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए राहुल ने लिखा, "यह सिर्फ आंकड़े नहीं है, यह रोजगार को बढ़ाने के लिए एक परिवर्तनकारी कदम है। इस यूनिट को बड़े पैमाने पर महिलाओं द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह उपलब्धि इसे और भी ज्यादा खास बनाती है। कई युवतियों के लिए यह उनकी पहली नौकरी है। कर्नाटक एक ऐसा इकोसिस्टम बना रहा है, जहां मैन्यूफैक्चरिंग इस स्तर और रफ्तार के साथ आगे बढ़ रही है।" गांधी ने कहा, "यही वह भारत है, जिसे हम बनाना चाहते हैं गरिमा के साथ सभी के लिए नौकरी का अवसर।" गौरतलब है कि ताइवान स्थित फॉक्सकॉन एप्पल के उपकरणों की कॉन्ट्रेक्ट मैन्युफैक्चरर है। भारत में बड़े पैमाने पर इसका प्लांट लगाया गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह फैक्ट्री एप्पल की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह चीन पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहती है।

एक महीने से लापता युवक पाकिस्तान में मिला, नशे के चक्कर में पार की भारत-पाक सीमा

चंडीगढ़  पंजाब के जालंधर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां सतलुज दरिया से सटे गांव भोयपुर का रहने वाला एक युवक गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया. युवक की पहचान शरणजीत सिंह के रूप में हुई है. इस बात की जानकारी तब सामने आई जब पाकिस्तानी रेंजर्स ने हथकड़ी लगाए युवक की तस्वीर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की.तस्वीर वायरल होते ही उसके परिवार में हड़कंप मच गया. शरणजीत सिंह के परिजनों ने बताया कि वह बीते कई दिनों से लापता था. उसके पिता सतनाम सिंह और माता अमरजीत कौर के अनुसार शरणजीत 2 नवंबर की शाम को घर से निकला था. उसे गांव का ही एक युवक मंदीप सिंह अपने साथ ले गया था. इसके बाद शरणजीत वापस घर नहीं लौटा. परिवार ने काफी तलाश की लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो थाना शाहकोट में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई. कुश्ती खिलाड़ी है शरणजीत परिजनों का कहना है कि शरणजीत पिछले करीब 10 सालों से कुश्ती का खिलाड़ी रहा है लेकिन बीते एक साल से वह नशे की लत का शिकार हो गया था. नशे की वजह से उसका व्यवहार भी बदल गया था और वह घरवालों की बात नहीं मानता था. परिवार का आरोप है कि उसका दोस्त मंदीप सिंह भी नशे का आदी है. वही उसे खेमकरण बॉर्डर एरिया के पास छोड़कर आया था. पहले मंदीप लगातार गुमराह करता रहा लेकिन बाद में उसने स्वीकार किया कि वह शरणजीत को तरनतारन के खेमकरण इलाके में छोड़ आया था. करीब 21 दिसंबर को सोशल मीडिया के जरिए परिवार को जानकारी मिली कि शरणजीत पाकिस्तान में पकड़ा गया है. वायरल तस्वीर में वह पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ हथकड़ियों में नजर आया. जानकारी के अनुसार शरणजीत को 20 दिसंबर को पाकिस्तान के कसूर जिले के सेहजरा इलाके में गंडा सिंह पुलिस स्टेशन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. उस पर अवैध रूप से सीमा पार करने का आरोप लगाया गया है. एक बेटा विदेश में, दूसरा पहुंचा सीमा पार शरणजीत के पिता सतनाम सिंह ने बताया कि उनका बड़ा बेटा कई सालों से विदेश में रह रहा है जबकि बेटी पंजाब में पढ़ाई कर रही है. परिवार पहले ही एक बेटे से दूर है और अब इस घटना ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है. माता-पिता ने भारत सरकार और प्रशासन से अपील की है कि उनके बेटे को सुरक्षित भारत वापस लाने के प्रयास किए जाएं. फिलहाल परिवार को प्रशासन की ओर से किसी ठोस जानकारी का इंतजार है. यह मामला एक बार फिर नशे और सीमा से सटे इलाकों में युवाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है.

SIR के बाद अब जनगणना पर फोकस, 2026 में हर घर तक पहुंचेगी सरकारी टीम

देहरादून  हिमालयी राज्य उत्तराखंड में वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच जनगणना की तैयारी भी शुरू हो गई। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जनगणना के लिए 19 विभिन्न श्रेणियों में मंडल, जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति के आदेश दे दिए। मंडल स्तर पर संपूर्ण क्षेत्र के नोडल अफसर कमिश्नर होंगे। जबकि जिलों में नगर निगम क्षेत्रों को छोडकर बाकी पूरे क्षेत्र के प्रमुख जनगणना अधिकारी संबंधित जिले के डीएम होंगे।   सचिव-जनगणना दीपक कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार ने जनगणना का कार्यक्रम जारी करते हुए अहम दिशा-निर्देश दिए हैं। इसके लिए अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। इसके तहत अगले वर्ष अप्रैल से सितंबर के बीच किसी एक महीने में 30 दिन तक प्रदेश भर में सघन अभियान चलाकर मकानों की गणना की जाएगी। सारी प्रक्रिया आधुनिक उपकरण की मदद से केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए साफ्टवेयर पर की जाएगी। कुमार ने बताया कि उत्तराखंड समेत सभी पर्वतीय राज्यों के एक महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। सचिव-जनगणना दीपक कुमार ने बताया कि जनगणना की तैयारी शुरू की जा रही है। 19 विभिन्न श्रेणियों में जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति के आदेश कर दिए गए हैं। जल्द ही अधिकारियों और कार्मिकों के प्रशिक्षण शुरू किए जाएंगे। इसकी अधिसूचना भी जारी की जा रही है। 2027 में दस दिन तक होगी जनगणना की रिहर्सल मकानों की गणना के बाद फरवरी 2027 में किसी भी दस दिन तय कर जनगणना का अभियान चलाया जाएगा। इसमें पूर्व में मकानों की गणना का सत्यापन भी होगा। साथ ही इस अवधि में नए बने या छूटे भवनों को भी शामिल किया जाएगा। इसके बाद केंद्र सरकार के स्तर पर जनगणना का अंतिम कार्यक्रम जारी होने पर विधिवत रूप से राष्ट्रीय स्तर पर अभियान शुरू कर दिया जाएगा। चकराता-हरिद्वार में जनगणना का एक पायलट चक्र पूरा जनगणना की विधिवत शुरूआत से पहले हर स्तर पर रिहर्सल शुरू हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड में चकराता में 22 गांवों में मकानों का सर्वेक्षण कर गणना की जा चुकी है। मैदानी जिलों में जनगणना के लिए हरिद्वार को चुना गया था। यहां हरिद्वार नगर निगम के एक वार्ड में मकानों का ब्योरा तैयार किया जा चुका है। नई जनगणना में सामने आएगी तस्वीर वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तराखंड की जनंसख्या महज 1.01 करोड़ आंकी गई थी। राज्य के विकास से जुड़ी योजनाएं, विभिन्न कल्याणकारी पेंशन, सब्सिड़ी आदि योजनाओं का आंकलन भी इसी के आधार पर किया जा रहा है। जबकि पिछले 14 साल में राज्य की जनसंख्या काफी ज्यादा बढ़ चुकी है। प्रमाणिक संख्या आने से राज्य में विकास योजनाओं का आकार और लक्ष्य तय करना आसान हो जाएगा। वर्ष 2011 की जनगणना के दौरान राज्य में कुल परिवार-घरों की संख्या को 19 से 20 लाख के करीब दर्ज किया गया था। हालिया कुछ वर्षों में उत्तराखंड में शहरीकरण तेजी से बढ़ा है।

भारत-चीन संबंधों पर अमेरिकी रिपोर्ट से भड़का ड्रैगन, वॉशिंगटन को सुनाई खरी-खरी

बीजिंग  अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) की हालिया वार्षिक रिपोर्ट में चीन-भारत संबंधों का उल्लेख किए जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन संभवतः भारत के साथ एलएसी पर तनाव कम होने का लाभ उठाकर द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करना चाहता है तथा अमेरिका-भारत संबंधों को और अधिक मजबूत होने से रोकना चाहता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने गुरुवार को नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि चीन अपनी राष्ट्रीय रक्षा नीति को लेकर पेंटागन की टिप्पणियों का पुरजोर विरोध करता है। लिन जियान ने स्पष्ट किया कि चीन भारत के साथ अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखता है। उन्होंने यह बयान एक सवाल के जवाब में दिया। उनसे पूछा गया कि क्या चीन विवादित सीमा क्षेत्रों में भारत के साथ तनाव कम होने का फायदा उठाकर अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते संबंधों को रोकने की कोशिश करेगा? इस पर प्रवक्ता ने कहा- चीन भारत के साथ संबंधों को स्थिर और दीर्घकालिक आधार पर विकसित करने पर जोर देता है। हम किसी तीसरे देश को निशाना नहीं बनाते। भारत के साथ रणनीतिक संबंध… चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार- चीन भारत के साथ रणनीतिक और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य से संबंधों को देखता है और उन्हें संभालता है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि चीन भारत के साथ संवाद को मजबूत करने, आपसी विश्वास बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर, स्वस्थ तथा स्थायी विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। यह बयान पेंटागन की 2025 की रिपोर्ट "मिलिट्री एंड सिक्योरिटी डेवलपमेंट्स इन्वॉल्विंग द पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना" के संदर्भ में आया है, जिसमें कहा गया है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव कम होने के बाद चीन भारत के साथ संबंधों को स्थिर करने का प्रयास कर रहा है, ताकि भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक गठजोड़ को गहराने से रोका जा सके। रिपोर्ट में अरुणाचल प्रदेश को चीन के कोर इंटरेस्ट का हिस्सा बताया गया है, साथ ही पाकिस्तान के साथ चीन के बढ़ते सैन्य सहयोग का भी जिक्र है। अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार:     अक्टूबर 2024 में भारत-चीन के बीच एलएसी पर डिसएंगेजमेंट समझौता हुआ, जो तनाव कम करने की दिशा में कदम है।     लेकिन चीन इसे सामरिक रूप से इस्तेमाल कर भारत-अमेरिका संबंधों को सीमित करने की कोशिश कर रहा है।     चीन अरुणाचल प्रदेश को अपना कोर इंटरेस्ट मानता है, जो ताइवान और दक्षिण चीन सागर जैसे मुद्दों के समान है।     चीन ने पाकिस्तान को जे-10सी फाइटर जेट्स और अन्य हथियार सप्लाई किए हैं, जिससे भारत पर दो मोर्चों से दबाव बढ़ सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत चीन के इरादों पर सतर्क है और दोनों देशों के बीच आपसी अविश्वास बना हुआ है, जो द्विपक्षीय संबंधों को सीमित करता है। चीन की रक्षा नीति पर विवाद चीन ने पेंटागन की रिपोर्ट को तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी रिपोर्ट चीन की रक्षा नीति को गलत तरीके से पेश करती है और अनावश्यक अटकलें लगाती है। चीन हमेशा से शांतिपूर्ण विकास और रक्षात्मक रक्षा नीति पर जोर देता रहा है। भारत-चीन संबंध हाल के महीनों में भारत और चीन के बीच सीमा तनाव में कमी आई है। अक्टूबर 2024 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद दोनों देशों ने सीमा प्रबंधन पर उच्चस्तरीय बातचीत शुरू की। डायरेक्ट फ्लाइट्स, वीजा सुविधा और कैलाश मानसरोवर यात्रा जैसे कदम उठाए गए हैं। हालांकि, पेंटागन रिपोर्ट के अनुसार, यह शांति सामरिक है न कि परिवर्तनकारी।