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औचक निरीक्षण से हड़कंप: मंत्री परमार पहुंचे सिवनी, आयुष कार्यालय से लेकर पॉलीटेक्निक कॉलेज तक जांच

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने, बुधवार को सिवनी जिले के प्रवास के दौरान, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय (अग्रणी) स्नातकोत्तर महाविद्यालय का औचक निरीक्षण कर, महाविद्यालयीन गतिविधियों एवं विद्यार्थियों को दी जा रही समस्त सुविधाओं का अवलोकन कर आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने सर्वप्रथम महाविद्यालय परिसर में स्थित मां भारती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया एवं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय में संचालित कक्षाओं का अवलोकन करते हुए, विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। संवाद के दौरान विद्यार्थियों से उनके ग्राम, कॉलेज तक आने-जाने के साधनों की जानकारी लेते हुए, महाविद्यालय के प्राचार्य को 15 किलोमीटर की परिधि तक विद्यार्थियों के लिए बस सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय में विद्यार्थियों की अधिकतम एवं नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। साथ ही परिसर में पूर्णरूपेण स्वच्छता बनाए रखने को भी कहा। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय की लाइब्रेरी का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा उपलब्ध पुस्तकों के समुचित वितरण सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन में सुलभ एवं सुगम सुविधा मिल सके। इस दौरान सिवनी के विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन, प्रभारी कलेक्टर श्री अनिल राठौर, एसडीएम श्रीमती पूर्वी तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्री परमार ने आयुष कार्यालय का औचक निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश मंत्री श्री परमार ने आयुष विभाग कार्यालय सिवनी का निरीक्षण कर, कार्यालय के विभिन्न कक्षों, अभिलेखों एवं कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यालय परिसर में साफ-सफाई, साज-सज्जा, सुव्यवस्थित संधारण व्यवस्था तथा विकसित हर्बल गार्डन का भी अवलोकन किया। मंत्री श्री परमार ने निरीक्षण के दौरान, आयुष विधाओं को आमजन तक अधिक लोकप्रिय, लाभकारी एवं स्वास्थ्यवर्धक बनाने, औषधियों के समुचित संधारण तथा मांग के अनुरूप सेवाओं के विस्तार के लिये आवश्यक मार्गदर्शन एवं निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने निरीक्षण के पूर्व, सिवनी विधानसभा के विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन, प्रभारी कलेक्टर श्री अनिल कुमार राठौर एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ. यशवंत माथुर के साथ संयुक्त चर्चा कर, जिले में 50 बिस्तरीय आयुर्वेदिक अस्पताल एवं हर्बल गार्डन की स्थापना के लिये प्रस्ताव तैयार कर विभाग को प्रेषित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने पॉलीटेक्निक कॉलेज में शैक्षणिक एवं भौतिक व्यवस्थाओं का किया अवलोकन मंत्री श्री परमार ने शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय का भी औचक निरीक्षण कर, महाविद्यालयीन गतिविधियों एवं विद्यार्थियों को दी जा रही समस्त सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर, आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय की विभिन्न कक्षाओं एवं ट्रेडवार प्रयोगशालाओं का अवलोकन कर, शैक्षणिक एवं भौतिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और समय-समय पर महाविद्यालय में आने वाले पेयजल की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही पानी की टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये। मंत्री श्री परमार ने महाविद्यालय की लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लैब, उपकरणों एवं अन्य सुविधाओं का अवलोकन करते हुए, इन व्यवस्थाओं के उन्नयन के लिये प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिये, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- हम सुशासन और संवेदनशीलता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं

प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह के सहयोग से प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त करना राज्य सरकार की बड़ी उपलब्धि वर्ष 2026 कृषि और कृषक कल्याण को और वर्ष 2027 युवाओं को होगा समर्पित अब प्रदेश में 30 प्रतिशत से अधिक निवेश प्रस्ताव उतर रहे धरातल पर विजन 2047 में मध्यप्रदेश को 225 लाख करोड़ रूपए की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डी.डी. कॉन्क्लेव 2025 में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के लिए निरंतर नवाचार कर रही है। जनसेवा के कार्यों और प्रदेश के अभ्युदय के लिए कई कार्यों को आरंभ किया गया है। हम सुशासन और संवेदनशीलता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं। शासन के धन का सदुपयोग करते हुए अधिक से अधिक लोगों का कल्याण हो यह हमारा लक्ष्य है। वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया। वर्ष 2026 में कृषि और कृषक कल्याण को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी और वर्ष 2027 युवाओं को समर्पित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाल सलाम को आखिरी सलाम कहते हुए नक्सलवाद को प्रदेश से समाप्त करना हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि रही। प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के सक्रिय सहयोग से राज्य सरकार निर्धारित समय-सीमा से पहले नक्सलवाद को समाप्त करने में सफल रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दूरदर्शन के 'डी.डी. कॉन्क्लेव भोपाल-2025' में मध्यप्रदेश सरकार के 2 वर्ष के कार्यों पर आधारित विशेष सत्र में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में केन्द्रीय सूचना प्रसारण राज्य मंत्री श्री एल. मुरूगन, केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण सचिव श्री संजय जाजू, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से एंकर श्री सुधीर चौधरी ने साक्षात्कार लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से राज्य सरकार की दो साल की उपलब्धियों, सरकार की प्राथमिकताओं, चुनौतियों, भविष्य की कार्ययोजना तथा व्यक्तिगत जीवन से संबंधित बिंदुओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'दमदार दो साल-मोहन सरकार' लघु फिल्म का रिमोट कंट्रोल से विमोचन भी किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बजट को डबल करना हमारा लक्ष्य है। इसके साथ ही मितव्ययिता से बचत करना भी हमारी प्राथमिकता है। सौर ऊर्जा को प्राथमिकता देकर हम सरकार के खर्च में कमी के साथ-साथ किसानों को भी बचत के लिए प्रेरित कर रहे हैं। नवकरणीय ऊर्जा के प्रोत्साहन से देश में सबसे सस्ती बिजली मध्यप्रदेश उपलब्ध करा रहा है। दिल्ली की मेट्रो की बिजली से संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब नीति और नीयत साफ हो तो ईश्वर भी मदद करते हैं। हमने सभी व्यवस्थाओं को प्रदेश में सुसंगत बनाने का प्रयास किया है। जन कल्याण की योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश हमारे लिए केवल एमओयू की संख्या नहीं बल्कि धरातल पर दिखने वाला रोजगार और उत्पादन है। इसी सोच के साथ प्रदेश में निवेश नीति और प्रशासनिक कार्यशैली दोनों में मूलभूत बदलाव किए गए। पहले इन्वेस्टर्स समिट केवल इंदौर में होती थी, हमने इन गतिविधियों का विस्तार प्रदेश के सभी संभागों में किया। परिणाम यह रहा कि जहां सामान्यत: 5-7 प्रतिशत निवेश प्रस्ताव ही जमीन पर उतरते थे, वहीं मध्यप्रदेश में यह अनुपात 30 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भावांतर योजना की शुरुआत वर्ष 2017 में की। थी भावांतर योजना में किसानों को उपज का उचित मूल्य मिले और बाजार की स्थिरता से सुरक्षा का कार्य हो रहा है। राज्य सरकार आगामी वर्ष को कृषि कल्याण के रूप में मनाने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना हमारे लिए सामाजिक न्याय और नारी सम्मान की स्थायी प्रतिबद्धता है। बहनों की जरूरत और आत्म सम्मान को समझते हुए राशि में डेढ़ गुना की वृद्धि की गई है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और एयर एम्बुलेंस चलाने जैसे नवाचार किए गए हैं। स्वस्थ मध्यप्रदेश बनाना हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल के वर्षों में प्रदेश में धार्मिक पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मध्यप्रदेश पर्यटन की दृष्टि से असीम संभावनाओं का प्रदेश है। सिंहस्थ : 2028 को हम एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रहे हैं। सरकार की तैयारियां अभी से समग्र और चरणबद्ध रूप से आरंभ हो चुकी है। हमारा प्रयास यह है कि प्रदेश में पर्यटन की व्यवस्थाएं स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पहले से ही टाइगर स्टेट के रूप में पहचाना जाता था और अब चीता स्टेट के रूप में भी प्रदेश ने देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। हम मध्यप्रदेश को वन्य जीव संरक्षण का राष्ट्रीय और वैश्विक मॉडल बनाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विजन 2047 में मध्यप्रदेश को 225 लाख करोड़ रूपए की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही प्रति व्यक्ति आय को 22 लाख रूपए बनाने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण, उद्योग, निवेश और निर्यात को नई ऊंचाई देने, ग्रीन एनर्जी और समावेशी विकास के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा। 

नववर्ष पर माता वैष्णो देवी यात्रा: श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने कसी कमर

कटड़ा  नए साल के अवसर पर श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटड़ा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात, ठहराव और स्वास्थ्य सेवाओं सहित सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। जिला प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है। वहीं, भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम भी किए गए हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। एसडीएम कटड़ा पीयूष दोत्रा ने बताया कि नए साल के अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा होता है, जिसे देखते हुए प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। 

2026 में भारत में Tata Avinya और दो नई EVs उतारेगी Tata Motors

मुंबई   स्वदेशी कार निर्मता कंपनी Tata Motors ने साल 2026 के लिए अपने EV प्लान्स की जानकारी दी है. कंपनी ने पुष्टि की है कि पहली छमाही में Tata Sierra.ev और अपडेटेड Tata Punch.ev लॉन्च करने के बाद, वह 2026 के आखिर तक Tata Avinya EV कंपनी के तहत प्रीमियम EV मार्केट में एंट्री करेगा. जानकारी के अनुसार, ये तीनों मॉडल Tata Motors की अगली EV वेव का मुख्य हिस्सा होंगे, और वित्त वर्ष 2030 तक तीन और नए मॉडल आएंगे, क्योंकि कंपनी ज़्यादा सेगमेंट में अपनी इलेक्ट्रिक लाइन-अप का विस्तार करेगी. Tata Motors का EV विस्तार ऐसे समय में हो रहा है, जब कंपनी ने भारत में 2.5 लाख EV बिक्री का माइलस्टोन पार कर लिया है, और Tata Nexon.ev देश की पहली इलेक्ट्रिक कार बन गई है, जिसकी लॉन्च के बाद से अब तक 1 लाख यूनिट्स बेची जा चुकी हैं. कार निर्माता कंपनी का दावा है कि उसके लगभग 26 प्रतिशत EV ग्राहक पहली बार कार खरीदने वाले हैं. Tata Avinya ब्रांड 2026 में अपना पहला मॉडल करेगा लॉन्च Tata Avinya मॉडल कंपनी के जनरेशन-3 स्केटबोर्ड बोर्न-इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले पहले मॉडल होने वाले हैं. पहला Tata Avinya मॉडल 2026 के आखिर तक बाजार में उतारा जा सकता है, और इसे Tata की मौजूदा EV रेंज से ऊपर रखा जाएगा. यह नया प्लेटफॉर्म बड़े और ज़्यादा एडवांस्ड मॉडल बनाने में मदद करेगा, जिससे Tata Motors को प्रीमियम EV सेगमेंट में एंट्री मिलेगी. Tata Sierra.ev और अपडेटेड Tata Punch.ev के अनुमानित फीचर्स Tata Sierra.ev मिडसाइज़ इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में शामिल होगी और इसमें RWD और AWD ऑप्शन दिए जा सकते हैं. इसमें ICE Tata Sierra का ही डिज़ाइन मिलने वाला है, लेकिन इसमें EV-स्पेसिफिक एलिमेंट भी होने वाले हैं, जिनमें कम ओपनिंग वाला बंद फ्रंट पैनल दिया जाएगा. Tata Sierra.ev के acti.ev+ प्लेटफॉर्म पर आधारित हो सकती है, जिसे Tata Harier EV के साथ शेयर किया जाएगा. वहीं दूसरी ओर, Tata Punch.ev की बात करें तो इसे शायद ICE Tata Punch की तरह ही अपडेट मिलेंगे, जिसका फेसलिफ्ट अगले साल की शुरुआत में उतारा जाएगा. इस इलेक्ट्रिक व्हीकल में भी इसी तरह के मिड-साइकिल बदलाव देखने को मिलेंगे, जिसमें एक्सटीरियर में कुछ बदलाव और कुछ नए फीचर्स शामिल होंगे. इसके अलावा, यह कंपनी की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक SUV बनी रहेगी. ऊपर बताए गए मॉडल्स के साथ-साथ Tata Tiago.ev, Tigor.ev, Nexon.ev, Curvv.ev और Harrier.ev के साथ, कंपनी की इलेक्ट्रिक लाइन-अप ज़्यादा सेगमेंट को कवर करेगी. वित्त वर्ष 2030 तक तीन और EV नेमप्लेट होंगे लॉन्च Tata Motors वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2030 के बीच तीन और इलेक्ट्रिक मॉडल पेश करने की योजना बना रही है, जिससे अगले पांच सालों में कुल पांच नई EV हो जाएंगी. इन पांच EVs में Tata Sierra.ev और Avinya ब्रांड के तहत पहली इलेक्ट्रिक कार भी शामिल हैं. इसके अलावा, बाकी मॉडल भी Avinya फैमिली में नए एडिशन हो सकते हैं. ये मॉडल Tata Motors की मौजूदगी को ज़्यादा सेगमेंट में बढ़ाएंगे और मौजूदा रेंज के रेगुलर अपडेट के साथ इन्हें लॉन्च किया जाएगा. इस विस्तार को एक बढ़ते चार्जिंग नेटवर्क से भी सपोर्ट मिलने वाला है, जिसमें Tata.ev ओपन कोलैबोरेशन फ्रेमवर्क के ज़रिए 4,00,000 चार्ज पॉइंट लगाए जाएंगे, जिसमें 30,000 से ज़्यादा फास्ट चार्जर शामिल होंगे. Tata Motors की योजना है कि 2030 तक इसे बढ़ाकर 1 मिलियन चार्ज पॉइंट और 1,00,000 फास्ट चार्जर तक किया जाए.  

यूपी भाजपा में जातीय बैठकों की गूंज: ब्राह्मण विधायकों की मीटिंग की तस्वीरें वायरल, माहौल गरमाया

लखनऊ  यूपी की राजनीति में जाति के नाम पर वार-पलटवार का दौर तो हमेशा चलता रहता है। टिकट से लेकर पार्टियों में पद भी जाति के आधार पर देने की तो परंपरा ही है। ऐसे में जब किसी दल में एक जाति के विधायकों की गोलबंदी होती है तो माहौल गरमा जाता है। कुछ समय पहले लखनऊ में राजपूत विधायकों ने कुटुंब के नाम से बैठक की थी। अब भाजपा के ब्राह्मण विधायकों ने सहभोज के नाम पर बैठक की है। विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान भाजपा के ब्राह्मण विधायकों के जुटान ने सूबे का सियासी माहौल गर्मा दिया है। कुशीनगर से भाजपा विधायक पीएन पाठक के बहुखंडी स्थित आवास पर ब्रह्माण विधायकों का जुटान हुआ है। इसमें करीब तीन दर्जन विधायक और विधान परिषद सदस्यों के शामिल होने की खबर है। सरकार और संगठन में बदलाव के इस दौर में लोग इस जुटान के सियासी मायने तलाशने में जुटे हैं। बैठक की कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं। भाजपा ने भी इस पर अपनी नजरें गड़ा दी हैं।   इस सहभोज की तस्वीरों के साथ एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें विधायकों को प्रदेश में ब्राह्मणों की आबादी सहित अन्य सियासी मुद्दों पर चर्चा करते हुए सुना जा सकता है। इस सहभोज में लिट्ठी-चोखा और मंगलवार व्रत के भोजन के साथ ही राजनैतिक चर्चाएं भी होने की खबर है। पिछले विधानसभा सत्र के दौरान इसी तरह क्षत्रिय विधायक भी कुटुंब मिलन कार्यक्रम के तहत राजधानी के एक होटल में जुटे थे। उसके बाद एक अन्य स्थान पर कुर्मी विधायकों की भी बैठक हुई थी। भाजपा में हाल ही में प्रदेश संगठन का नेतृत्व बदला है। केंद्रीय मंत्री व महराजगंज के सांसद पंकज चौधरी को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। अध्यक्ष पद के लिए ओबीसी या ब्राह्मण चेहरे को लेकर ही चर्चाओं का बाजार गर्म था। नये साल में योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल की भी चर्चाएं तेज हैं। उधर, सबको हिन्दुत्व के झंडे के नीचे लाने के प्रयास में जुटे संघ और भाजपा को भी जातीय गोलबंदी का संदेश देती ऐसी बैठकों ने बेचैन कर दिया है। सूत्रों की मानें तो पीएन पाठक के आवास पर हुए सहभोज में शामिल विधायकों में से कइयों से बातचीत कर बैठक के निहितार्थ खोजे जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। बता दें कि भाजपा के कुल 46 ब्राह्मण विधायक हैं।   यह हुए शामिल पीएन पाठक (आयोजक), रत्नाकर मिश्र, उमेश द्विवेदी, एमएलसी, प्रकाश द्विवेदी, रमेश मिश्र, शलभमणि त्रिपाठी, विपुल दूबे, राकेश गोस्वामी, रवि शर्मा, विनोद चतुर्वेदी, संजय शर्मा, विवेकानंद पाण्डेय, अनिल त्रिपाठी, अंकुर राज तिवारी, साकेत मिश्र (एमएलसी, बाबूलाल तिवारी (एमएलसी), विनय द्विवेदी, सुभाष त्रिपाठी, अनिल पाराशर, कैलाशनाथ शुक्ला, प्रेमनारायण पाण्डेय, ज्ञान तिवारी, सुनील दत्त द्विवेदी, धर्मेंद्र सिंह भूमिहार (एमएलसी।  

रिकॉर्ड ब्रेकर पारी: विजय हजारे ट्रॉफी में विराट कोहली का लिस्ट-ए करियर का 5वां शतक

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने विजय हजारे ट्रॉफी में अपने पुराने अंदाज की झलक दिखाते हुए शानदार वापसी की है। करीब 15 साल बाद घरेलू वनडे टूर्नामेंट में लौटे कोहली ने आंध्र प्रदेश के खिलाफ दिल्ली की ओर से खेलते हुए शतक जड़ दिया। यह विजय हजारे ट्रॉफी में उनका पांचवां शतक रहा। 84 गेंदों में पूरा किया शतक कोहली ने अपनी पारी में संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उन्होंने सिर्फ 84 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। शतक पूरा करने के बाद कोहली ने डगआउट की ओर देखकर इशारा किया और ऋषभ पंत को बल्लेबाज़ी के लिए तैयार रहने को कहा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सचिन तेंदुलकर को छोड़ा पीछे इस शतक के साथ विराट कोहली ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वह लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज 16,000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। कोहली ने यह उपलब्धि अपनी 330वीं पारी में हासिल की, जबकि सचिन तेंदुलकर ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए 391 पारियां खेली थीं। लिस्ट-ए क्रिकेट में रिकॉर्ड्स का अंबार विराट कोहली अब 10,000 रन के बाद से हर 1,000 रन का आंकड़ा सबसे तेज़ छूने वाले बल्लेबाज़ बन चुके हैं। लिस्ट-ए क्रिकेट में उनके नाम अब कुल 57 शतक दर्ज हैं और वह सचिन तेंदुलकर के 60 शतकों के रिकॉर्ड के करीब पहुंचते जा रहे हैं। कोहली इस समय लिस्ट-ए क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने वालों की सूची में शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल हैं। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन दिल्ली के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते हुए कोहली ने 13 मैचों में 68.25 की औसत और 106 के स्ट्राइक रेट से 819 रन बनाए हैं, जिसमें चार शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। कुल लिस्ट-ए क्रिकेट की बात करें तो उन्होंने 13 मैचों में 919 रन बनाए हैं। अगला लक्ष्य: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज विजय हजारे ट्रॉफी के बाद विराट कोहली अब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जनवरी 11 से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में भारत की ओर से खेलते नज़र आएंगे। कोहली का पिछला अंतरराष्ट्रीय दौरा भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रहा था, जहां उन्होंने दो शतक और एक अर्धशतक जमाया था।

स्वास्थ्य आपातकाल में भी महंगा टैक्स! एयर प्यूरिफायर पर 18% GST पर HC की कड़ी टिप्पणी

नई दिल्ली  दिल्ली में प्रदूषण संकट के बीच हाई कोर्ट ने एयर प्यूरिफायर पर टैक्स कटौती के पक्ष में रुख जाहिर करते हुए केंद्र सरकार से पूछा कि क्यों एयर इमरजेंसी के दौरान भी 18 पर्सेंट टैक्स लग रहा है? अदालत ने केंद्र सरकार को यह भी बताने को कहा है कि क्यों तुरंत टैक्स में कटौती नहीं की जा सकती है। हाई कोर्ट ने प्रदूषण की वजह से आम लोगों को ही रही समस्याओं की ओर ध्यान खींचते हुए कहा, ‘हम एक दिन में 21 हजार बार सांस लेते हैं। नुकसान की गणना कीजिए।’ चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें एयर प्यूरिफायर को मेडिकल डिवाइस की श्रेणी में रखने की मांग की गई है जिससे यह 5 फीसदी जीएसटी स्लैब के दायरे में आ जाएगा। इस पर जवाब के लिए केंद्र सरकार से और समय की मांग किए जाने पर बेंच ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, ‘यह उचित समय क्या होता है? जब हजारों लोग मर जाएंगे? इस शहर के हर व्यक्ति को साफ हवा की आवश्यकता है और आप यह भी नहीं दे सकते हैं। कम से कम आप इतना कर सकते हैं कि एयर प्यूरिफायर तक उनकी पहुंच हो।’ अदालत ने कहा- तुरंत सरकार से पूछकर बताएं प्रस्ताव जजों ने तात्कालिक राहत की संभावनाओं पर भी सवाल किए। अदालत ने कहा, 'इस आपातकालीन स्थिति में आप राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत अस्थायी कदम के तौर पर इसमें छूट क्यों नहीं दे सकते हैं।' बेंच ने सरकारी वकील से इस पर निर्देश लेने और प्रस्ताव को अदात में 2.30 के बाद रखने को कहा। पीआईएल को अधिवक्ता कपिल मदान ने दायर की और अदालत से आग्रह किया है कि केंद्र सरकार को एयर प्यूरिफायर को मेडिकल डिवाइस का दर्जा देने का निर्देश दिया जाए। एयर प्यूरिफायर पर मौजूदा समय में 18 पर्सेंट जीएसटी लगाया जाता है।  

बीएमसी चुनाव से पहले बड़ा सियासी दांव: उद्धव–राज साथ आए, बोले— मुंबई की सत्ता मराठी हाथों में रहेगी

मुंबई   महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक घटनाक्रम देखने को मिला है। पंचायत चुनाव में असफलता देख शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों के लिए गठबंधन का ऐलान कर दिया है। लंबे समय से अलग-अलग राह पर चल रहे ठाकरे बंधुओं (उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) का साथ आना महाराष्ट्र की सियासत के लिए एक बड़ी घटना है। उद्धव ठाकरे ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि हम साथ रहने के लिए एक साथ आए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग भाजपा के भीतर जारी घटनाओं को सहन नहीं कर सकते, वे शिवसेना (UBT)-मनसे गठबंधन के साथ भी आ सकते हैं। राज ठाकरे ने कहा, "महाराष्ट्र किसी भी झगड़े से बड़ा है। हम घोषणा करते हैं कि हमारा गठबंधन बन गया है, मुंबई का मेयर मराठी होगा और हमारा होगा।" कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने साफ शब्दों में कहा कि महाराष्ट्र की सियासत में नेतृत्व का अधिकार ठाकरे परिवार के पास ही रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र का नेतृत्व ठाकरे परिवार का है। महाराष्ट्र को सिर्फ ठाकरे ही नेतृत्व दे सकते हैं।” उद्धव ठाकरे की इस बात पर सभा में मौजूद समर्थकों ने जोरदार तालियों और नारों के साथ समर्थन जताया। इस गठबंधन की घोषणा के बाद शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने इसे एक ऐतिहासिक दिन करार दिया। उन्होंने कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ और लोगों के उत्साह का हवाला देते हुए कहा कि जनता इस एकजुटता का खुले दिल से स्वागत कर रही है। संजय राउत ने कहा, “यहां मौजूद लोगों की संख्या और उत्साह को देखते हुए कहा जा सकता है कि आज का दिन ऐतिहासिक है। यह सिर्फ मंच साझा करने का नहीं, बल्कि जनता के भरोसे का प्रतीक है।”

स्वास्थ्य शिक्षा में बड़ा फैसला: पंजाब के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों के कायाकल्प को ₹68 करोड़ मंजूर

चंडीगढ़  पंजाब के आम लोगों को बेहतर इलाज और जांच की सुविधाएं मिले, इसके लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों का कायाकल्प करने का प्लान तैयार किया है. पंजाब सरकार ने इसके लिए 68.98 करोड़ रुपए के फंड तुरंत जारी करने के आदेश दिए हैं. मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने सुविधाओं का विस्तार करने का आदेश जारी किया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों को अति-आधुनिक और विश्वस्तरीय मशीनरी से लैस करना जरूरी है ताकि ये मरीजों को बेहतर तरीके से सेवाएं दे सकें. भगवंत सिंह मान ने मेडिकल शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि इन मेडिकल कॉलेजों में सुविधाओं को अपग्रेड करने के लिए तुरंत 68.98 करोड़ रुपए जारी किए जाएं.   कौन-कौन से मेडिकल कॉलेज के लिए फंड मुख्यमंत्री ने कहा कि 26.53 करोड़ रुपए सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर, 28.51 करोड़ रुपए सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला, 9.43 करोड़ रुपए डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एस.ए.एस. नगर (मोहाली) तथा 4.51 करोड़ रुपए पी.जी.आई. सैटेलाइट सेंटर, फिरोजपुर के लिए तुरंत दिए जाएं. उन्होंने कहा कि इन फंडों का उपयोग आधुनिक मशीनें एवं अन्य उपकरण खरीदने के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों में विकास कार्यों के लिए किया जाए. भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि हमारी सरकार पंजाब को दुनिया भर में मेडिकल शिक्षा का गढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि इससे इलाज एवं मेडिकल टेस्ट की सुविधाओं को और बल मिलेगा. ताकि किफायती दरों पर मिले इलाज मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में ये सुविधाएं समयबद्ध एवं उचित तरीके से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है ताकि लोगों को इलाज की सुविधाएं किफायती दरों पर उपलब्ध हों. उन्होंने कहा कि पंजाब का इतिहास रहा है कि इसने विश्वस्तरीय डॉक्टर पैदा किए हैं. आज भी राज्य में बड़ी संख्या में विद्यार्थी डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल शिक्षा ले रहे हैं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों में मानक शिक्षा देना राज्य सरकार का फर्ज है ताकि मेडिकल शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों को बड़े स्तर पर लाभ मिले. इस अवसर पर मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, अतिरिक्त मुख्य सचिव अलोक शेखर, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत तथा अन्य उपस्थित थे.  

क्या बदलने वाला है दिल्ली का मुख्यमंत्री? LG के पत्र पर AAP ने खेली चौंकाने वाली चाल

नई दिल्ली  पलूशन के मुद्दे पर दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस जंग में एलजी विनय सक्सेना की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर किए गए हमले से भड़की 'आप' ने दिल्ली की सियासत में नया शिगूफा छेड़ दिया है। एलजी के लेटर को उनकी नई लॉन्चिंग बताते हुए आप के दिल्ली प्रमुख और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश को अब नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है। इन दिनों अपने व्यंगात्मक शैली में भाजपा सरकार के खिलाफ वीडियोज को लेकर चर्चा में रहने वाले सौरभ भारद्वाज ने एलजी के लेटर पर नई गुगली फेंकते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रेखा गुप्ता को हटाने के लिए एलजी को दोबारा सक्रिय किया गया है और जब तक नया सीएम नहीं मिल जाता है एलजी दिल्ली को चलाएंगे। भारद्वाज ने एक दम आगे बढ़ते हुए यह तक दावा कर दिया कि नए सीएम के लिए गृहमंत्री के घर बैठक हुई है। सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो में कहा, 'पिछले 10 महीने से एलजी साहब को इतना बेइज्जत करके साइडलाइन किया गया। मगर अब एकदम केंद्र सरकार ने एलजी साहब को एक्टिव क्यों किया। केंद्र सरकार का मानना है कि रेखा गुप्ता जी की वजह से भारतीय जनता पार्टी का ग्राफ नीचे आ रहा है। पूरे देश में इसका असर पड़ रहा है। कल गृह मंत्री के यहां इसके लिए मीटिंग भी हुई है। हमारा मानना है कि दिल्ली के अंदर नया मुख्यमंत्री बनाया जाने वाला है।' भारद्वाज ने आगे कहा कि जब तक नया मुख्यमंत्री नहीं आता तब तक एलजी साहब को कहा गया है कि आप दिल्ली चलाइए। आप देखेंगे कि आने वाले समय में इनको ऐक्टिव किया जाएगा। कुछ दिनों में नया मुख्यमंत्री आएगा। इसकी शुरुआत कल उस पत्र से कराई गई है। एलजी ने केजरीवाल को लिखे लेटर में क्या कहा है? दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लेटर लिखकर राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण की स्थिति के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। सक्सेना ने दावा किया कि वायु प्रदूषण पर केजरीवाल के साथ हुई बातचीत के दौरान, पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को कमतर आंका और कहा कि यह एक वार्षिक घटना है और पर्यावरण कार्यकर्ता और अदालतें इसे मुद्दा बनाते हैं और फिर भूल जाते हैं। सक्सेना ने 15 पन्नों के लेटर में 'आप' प्रमुख पर आरोप लगाया कि उन्होंने ‘तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए 10 महीने की भाजपा सरकार के सामने अनावश्यक रूप से जटिलताएं पैदा कर दी हैं, जो उनके द्वारा की गई गलतियों को सुधारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।’ उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में करारी हार के बावजूद, केजरीवाल और उनकी पार्टी ने नतीजों से सबक नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ‘दिल्ली की जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर तुच्छ राजनीति करने और झूठ फैलाने में लगी हुई है।’