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मनरेगा पर हमला बर्दाश्त नहीं, सरकार से आर-पार की लड़ाई को तैयार: सोनिया गांधी का एलान

नई दिल्ली कांग्रेस संसदीय दल की मुखिया सोनिया गांधी ने संसद के दोनों सदनों से पास हो चुके वीबी जी राम जी बिल को लेकर देश के नाम संदेश जारी किया है. इसमें उन्होंने मनरेगा की उपलब्धियों का जिक्र किया है. साथ ही वीबी जी राम जी बिल को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. सोनिया गांधी ने कहा मुझे आज भी याद है, 20 साल पहले डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब संसद में मनरेगा कानून आम राय से पास किया गया था। यह ऐसा क्रांतिकारी कदम था, जिसका फायदा करोड़ों ग्रामीण परिवारों को मिला था। खासतौर पर वंचित, शोषित, गरीब और अतिगरीब लोगों के लिए रोजी-रोटी का जरिया बना।रोजगार के लिए अपनी माटी, अपना गांव, अपना घर-परिवार छोड़कर पलायन करने पर रोक लगी।  रोजगार का कानूनी हक़ दिया गया, साथ ही ग्राम पंचायतों को ताकत मिली। मनरेगा के जरिए महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपनों के भारत की ओर एक ठोस कदम उठाया गया। सोनिया ने कहा पिछले 11 साल में मोदी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार, गरीबों और वंचितों के हितों को नजरअंदाज कर मनरेगा को कमजोर करने की हर कोशिश की, जबकि कोविड के वक़्त ये गरीब वर्ग के लिए संजीवनी साबित हुआ। लेकिन बहुत अफसोस की बात है कि अभी हाल में सरकार ने मनरेगा पर बुलडोजर चला दिया। न सिर्फ महात्मा गांधी का नाम हटाया गया, बल्कि मनरेगा का रूप-स्वरुप बिना विचार-विमर्श किए, बिना किसी से सलाह-मशवरा किए, बिना विपक्ष को विश्वास में लिए मनमाने ढंग से बदल दिया गया।अब किसको, कितना, कहां और किस तरह रोजगार मिलेगा, यह जमीनी हकीकत से दूर दिल्ली में बैठकर सरकार तय करेगी। कांग्रेस संसदीय दल की मुखिया सोनिया गांधी ने कहा कांग्रेस का मनरेगा को लाने और लागू करने में बड़ा योगदान था, लेकिन यह पार्टी से जुड़ा मामला कभी नहीं था। ये देशहित और जनहित से जुड़ी योजना थी। मोदी सरकार ने इस कानून को कमजोर करके देश के करोड़ों किसानों, श्रमिकों और भूमिहीन ग्रामीण वर्ग के गरीबों के हितों पर हमला किया है। इस हमले का मुकाबला करने के लिए हम सब तैयार हैं। 20 साल पहले अपने गरीब भाई-बहनों को रोजगार का अधिकार दिलवाने के लिए मैं भी लड़ी थी, आज भी इस काले कानून के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हूं। मेरे जैसे कांग्रेस के सभी नेता और लाखों कार्यकर्ता आपके साथ खड़े हैं। 

न्यायिक प्रक्रिया को नई रफ्तार: आर्बिट्रेशन सुनवाई के लिए अत्याधुनिक अकॉर्ड हब शुरू

जयपुर पिंकसिटी जयपुर में शनिवार को आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुसज्जित आर्बिटेशन सेंटर अकॉर्ड हब का शुभारंभ हो गया । मुख्य अतिथि पूर्व जस्टिस अतुल कुमार जैन ने फीता काटकर इस सेंटर का शुभारंभ किया । इस मौके पर विशिष्ठ अतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एच सी गणेशिया , उपभोक्ता फोरम के चेयरमैन देवेंद्र मोहन माथुर, सीनियर एडवोकेट संदीप पाठक, सुधांशु कासलीवाल, प्रतीक कासलीवाल, सुकृति कासलीवाल, प्रमुख शासन सचिव माइंस टी रविकांत, पूर्व एसीएस जेसी मोहंती, , पूर्व चीफ इंजीनियर पीडल्ब्यूडी शिवलहरी, पूर्व चीफ इंजीनियर उमेश ढींगरा समेत हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस और अधिवक्तागण मौजूद रहे । इस मौके पर राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस अजय रस्तोगी ने अपनी शुभकानाएं प्रेषित की । टोंक रोड पर लालकोठी स्थित कैलाश टावर में इस आर्बिटेशन सेंटर को बनाने वाली कंपनी अकॉर्ड हब के सीईओ चित्रित गुप्ता ने अतिथियों को प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि यह देश का पहला विधिक रूप से नियोजित, उद्देश्यपरक एवं पूर्णतः सुसज्जित ADR केंद्र है। उन्होंने बताया कि यह केंद्र आधुनिक कानूनी आवश्यकताओं, अंतरराष्ट्रीय मानकों तथा भारतीय न्यायिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। अकॉर्ड हब, मध्यस्थता, सुलह एवं सुलह-समझौता सेवाओं के लिए एक पूर्णतः डिजिटल, सुव्यवस्थित एवं उपयोगकर्ता केंद्रित मंच प्रदान करता है। यह केंद्र एक सशक्त एवं सहज डिजिटल वेबसाइट www.accordhub.in द्वारा संचालित है. जहाँ फिगर टच पर 24×7 ऑनलाइन बुकिंग, कक्षों की उपलब्धता, व्यक्तिगत एवं समूह उपयोग की जानकारी सहज रूप से उपलब्ध है।यहां विधि विशेषज्ञ, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, एडवोकेट्स और पक्षकार शांतिपूर्ण वातावरण में विवादों का आपसी सुलह, समझौता और मध्यस्थता से निस्तारण करवा सकेंगे। चित्रित गुप्ता ने बताया कि आर्बिटेशन सेंटर में स्थित "बृहस्पति कक्ष एवं कौटिल्य कक्ष" सप्ताह के सभी सातों दिन 24×7 उपलब्ध हैं तथा इन्हें अत्यंत रियायती दरों पर उपयोग के लिए प्रदान किया जा रहा है। ये कक्ष आधुनिक तकनीक, गोपनीयता, ध्वनि नियंत्रण तथा सौम्य वातावरण से युक्त हैं, जिससे निष्पक्ष, निर्वाध एवं प्रभावी कार्यवाही संभव हो सके। यहां विधि विशेषज्ञ, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, एडवोकेट्स और पक्षकार शांतिपूर्ण वातावरण में विवादों का आपसी सुलह, समझौता और मध्यस्थता से निस्तारण करवा सकेंगे। उन्होंने बताया कि अकॉर्ड हब का स्थान जयपुर के न्यायिक केंद्र क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सुविधाजनक है। यह केंद्र राजस्थान उच्च न्यायालय, पारिवारिक न्यायालय और उच्च न्यायालय अधिवक्ता आवास एवं चैंबरों से पैदल दूरी यानि वॉकिंग डिस्टेंस पर स्थित है। जिला न्यायालय परिसर से भी काफी नजदीक स्थित है। यह क्षेत्र सभी प्रकार के सार्वजनिक एवं निजी परिवहन से भली-भाँति जुड़ा हुआ है, जिससे अधिवक्ताओं, मध्यस्थों, पक्षकारों एवं संस्थागत उपयोगकर्ताओं के लिए यह अत्यंत सुगम बनता है। चित्रित गुप्ता ने बताया कि अकॉर्ड हब में सपूर्ण डिजिटल कार्यप्रणाली अपनाई गई है, जिससे गोपनीयता, डेटा सुरक्षा एवं पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। कागजी कार्यवाही पर निर्भरता कम करते हुए डिजिटल अभिलेखों को सुरक्षित रूप से संरक्षित करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

कुरुक्षेत्र से CM सैनी का बड़ा ऐलान, 7 हजार जरूरतमंद परिवारों को मिलेंगे 100 गज के प्लॉट

कुरुक्षेत्र कुरुक्षेत्र जिले के गांव प्रहलादपुर, बदरपुर और बणी में आयोजित धन्यवाद एवं जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 7 हजार भूमिहीन परिवारों को शीघ्र ही 100-100 गज के प्लॉट दिए जाएंगे, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर मकान निर्माण में सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 15 हजार से अधिक परिवारों को पहले ही 30 गज के प्लॉट दिए जा चुके हैं और अब पात्र लाभार्थियों को दूसरी किस्त में भी प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि जल्द ही विभिन्न सरकारी विभागों में नई भर्तियां निकाली जाएंगी। मुख्यमंत्री ने गांव प्रहलादपुर, बदरपुर और बणी के लिए 21-21 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। प्रहलादपुर में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 47.46 लाख रुपये की पाइपलाइन योजना और बदरपुर में 43.31 लाख रुपये की योजना स्वीकृत की गई। इसके अलावा सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए भी धनराशि मंजूर की गई। मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अब दिख 1.40 लाख रुपये वार्षिक आय तक के परिवारों की महिलाएं भी इस योजना में आवेदन कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं और रोजाना हजारों नए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं।

विदेश में भारत विरोधी ताकतों से संवाद पर सियासी घमासान, भाजपा का तीखा हमला

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के जर्मनी दौरे को लेकर तल्ख टिप्पणी की। भाजपा ने शनिवार को आरोप लगाया कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विदेश जाकर राहुल गांधी ने न केवल भारत को बदनाम किया, बल्कि भारत विरोधी ताकतों से मुलाकात भी की। भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर आरोप लगाए।  उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पहला कर्तव्य संसद में मौजूद रहना होता है, लेकिन राहुल गांधी संसद सत्र छोड़कर जर्मनी चले गए। भाटिया ने कहा, "विदेश जाकर भारत को बदनाम करना और भारत विरोधी लोगों से मिलना, यह काम देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।" गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जर्मनी के हर्टी स्कूल गए, जहां उन्होंने डॉ. कॉर्नेलिया वोल से मुलाकात की। उन्होंने दावा किया कि डॉ. वोल सेंट्रल यूरोपियन यूनिवर्सिटी (सीईयू) की ट्रस्टी हैं, जिसे अमेरिकी निवेशक और परोपकारी जॉर्ज सोरोस से जुड़ा बताया जाता है। भाजपा का आरोप है कि जॉर्ज सोरोस और उनसे जुड़े संस्थानों के भारत विरोधी रुख रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा प्रवक्ता ने एक राजनीतिक मीम का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी और जॉर्ज सोरोस के बीच करीबी संबंध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी संसद सत्र चल रहा होता है, राहुल गांधी विदेश यात्रा पर निकल जाते हैं और ऐसे लोगों से मिलते हैं जो भारत के विरोधी हैं या भारत की प्रगति से जलन रखते हैं। गौरव भाटिया ने सवाल उठाया कि आखिर नेता प्रतिपक्ष किस एजेंडे के तहत विदेशों में जाकर भारत के खिलाफ माहौल बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी का नाम कथित तौर पर भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़ा हो। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना 'मीर जाफर' से करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां देश के हितों के खिलाफ हैं। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जॉर्ज सोरोस भारत को लेकर कई बार नकारात्मक बयान दे चुके हैं और उन पर भारत में अशांति फैलाने के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोरोस भारतीय नागरिक नहीं हैं और न ही उन्होंने भारतीय संविधान की शपथ ली है, लेकिन राहुल गांधी ने संविधान की शपथ ली है, इसके बावजूद उनका ऐसा व्यवहार बेहद शर्मनाक है। भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी को मासूम नहीं बल्कि चालाक बताया जा सकता है और उनका रवैया सत्ता हासिल करने के लिए भारत विरोधी ताकतों के साथ खड़े होने जैसा है। उन्होंने इसे देश के खिलाफ साजिश करार देते हुए गंभीर शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कहा, "मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ये जान चुकी हैं कि वो आगामी चुनाव हारने जा रही हैं। इसलिए वो सांप्रदायिक राजनीति करके चुनाव को प्रभावित करना चाहती हैं। टीएमसी के विधायक मदन मित्रा ने जिस प्रकार से हिंदू विरोधी वक्तव्य दिया, उससे हिंदुओं की भावनाएं काफी आहत हुई हैं। ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मदन मित्रा ने कहा कि प्रभु श्रीराम हिंदू नहीं, मुसलमान हैं। इसके बावजूद ममता बनर्जी ने न तो इसकी निंदा की और न ही उन्हें पार्टी से निकाला।"

01 से 31 जनवरी, 2026 तक चलेगा प्रदेशव्यापी सड़क सुरक्षा अभियान

वर्ष 2025 में 46 हजार से अधिक दुर्घटनाएं और 24 हजार से ज्यादा मौतें गंभीर चेतावनी, एक भी मृत्यु पूरे परिवार के लिए आजीवन पीड़ा है: मुख्यमंत्री जागरूकता अभियान का केंद्र व्यवहार परिवर्तन, तहसील से जिला मुख्यालय तक प्रचार सामग्री, वास्तविक दुर्घटनाओं के उदाहरण और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के उपयोग के निर्देश एनएसएस, एनसीसी, आपदा मित्र, स्काउट गाइड और सिविल डिफेंस की भागीदारी से युवाओं को जोड़कर अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप देने पर बल ब्लैक स्पॉट सुधार, रोड सेफ्टी ऑडिट, ओवर स्पीडिंग और लेन ड्राइविंग पर नियंत्रण, एक्सप्रेसवे पेट्रोलिंग, क्रेन और एम्बुलेंस बढ़ाने के निर्देश गोल्डन ऑवर में उपचार सर्वोपरि, निजी ट्रॉमा सेंटरों को जोड़ने, 108 और एएलएस एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम घटाने और स्कूल व भारी वाहनों की फिटनेस जांच के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेशव्यापी “सड़क सुरक्षा माह” आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा है कि नए वर्ष की शुरुआत केवल औपचारिक आयोजनों से नहीं, बल्कि जनजीवन से सीधे जुड़े सड़क सुरक्षा जैसे अत्यंत संवेदनशील विषय पर ठोस संकल्प, व्यापक जनभागीदारी और व्यवहार परिवर्तन के लक्ष्य के साथ होनी चाहिए। शनिवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों, मंडलायुक्तों तथा जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा अभियान किसी भी स्थिति में औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के जीवन से जुड़ा जन आंदोलन बने। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा माह को 4-ई मॉडल के आधार पर संचालित किया जाए, जिसमें शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग और इमरजेंसी केयर चारों स्तंभों पर समान रूप से और समन्वित ढंग से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को केवल नियमों की जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह समझाना आवश्यक है कि यातायात नियमों का पालन उनके स्वयं के जीवन, उनके परिवार और समाज की सुरक्षा से सीधे जुड़ा है। शिक्षा के माध्यम से बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों में सही सड़क व्यवहार विकसित किया जाए, प्रवर्तन के तहत नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो, इंजीनियरिंग के माध्यम से सड़कों के ब्लैक स्पॉट और क्रिटिकल पॉइंट सुधारे जाएं तथा इमरजेंसी केयर के अंतर्गत त्वरित एम्बुलेंस सेवा और बेहतर ट्रॉमा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन चारों स्तंभों पर संतुलित और एकसाथ काम किए बिना सड़क दुर्घटनाओं में वास्तविक कमी संभव नहीं है। बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वर्ष 2025 में नवंबर तक प्रदेश में कुल 46,223 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 24,776 लोगों की मृत्यु हुई है। मुख्यमंत्री ने इन आंकड़ों को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल प्रशासनिक या तकनीकी समस्या नहीं हैं, बल्कि यह एक बड़ी सामाजिक चुनौती है। उन्होंने कहा कि एक भी दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु पूरे परिवार को जीवन भर का दर्द दे जाती है और इस पीड़ा को वही परिवार समझ सकता है। इसी दृष्टिकोण से सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशीलता के साथ-साथ कठोर निर्णय लेना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जनवरी के पहले सप्ताह में विशेष रूप से जागरूकता पर फोकस किया जाए और सभी विभाग अपनी-अपनी तैयारियां समय से पूरी करें। प्रदेश की प्रत्येक तहसील, ब्लॉक, जिला और सभी प्रमुख मुख्यालयों पर जागरूकता संबंधी प्रचार सामग्री अनिवार्य रूप से लगाई जाए। उन्होंने कहा कि किसी एक वास्तविक सड़क दुर्घटना के उदाहरण को सामने रखकर आमजन को यह समझाया जाए कि एक छोटी सी लापरवाही किस प्रकार पूरे जीवन की दिशा बदल देती है। पब्लिक एड्रेस सिस्टम का व्यापक और प्रभावी उपयोग किया जाए, ताकि यह संदेश हर व्यक्ति तक पहुंचे कि सड़क सुरक्षा किसी और की नहीं, बल्कि उनके अपने जीवन और परिवार से जुड़ा विषय है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस अभियान में राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर, आपदा मित्र, स्काउट गाइड और सिविल डिफेंस जैसे संगठनों की सक्रिय और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं और स्वयंसेवी संगठनों की सहभागिता से ही यह अभियान वास्तविक अर्थों में जन आंदोलन बन सकेगा। जब तक समाज स्वयं जिम्मेदारी नहीं लेगा, तब तक केवल सरकारी प्रयासों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सकते। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल चालान करना सड़क दुर्घटनाओं का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि जो लोग आदतन यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस जब्त करने और वाहन सीज करने की स्पष्ट नियमावली तैयार कर उसका सख्ती से पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के मामलों में कठोरता अनिवार्य है, क्योंकि यह सीधे तौर पर लोगों की जान से जुड़ा विषय है। मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारकों पर विस्तार से चर्चा करते हुए ब्लैक स्पॉट और क्रिटिकल पॉइंट की पहचान कर उनके त्वरित और स्थायी सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क इंजीनियरिंग की कमियां, खराब साइनज, अव्यवस्थित कट, अंधे मोड़ और अनुचित स्पीड ब्रेकर दुर्घटनाओं को बढ़ाते हैं। लोक निर्माण विभाग तथा अन्य रोड ओनिंग एजेंसियां समयबद्ध ढंग से सुधार कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर ही बनाए जाएं और सभी सड़कों का नियमित रोड सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंस सेवाओं और स्कूल वाहनों की फिटनेस की विशेष जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अनफिट वाहन सड़क पर न चलें। इसके साथ ही 300 किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा करने वाले बड़े यात्री वाहनों में एकल चालक की व्यवस्था समाप्त कर अनिवार्य रूप से दो चालकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि चालक की थकान से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने ओवर स्पीडिंग रोकने के साथ-साथ लेन ड्राइविंग के प्रति भी आमजन को जागरूक करने पर बल दिया तथा एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग, एम्बुलेंस और क्रेन की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और सुदृढ़ करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में जितनी जल्दी घायल को चिकित्सकीय सहायता मिलती है, क्षति की संभावना उतनी ही कम होती है। उन्होंने गोल्डन ऑवर की महत्ता को रेखांकित करते हुए निर्देश … Read more

भारत जल्द ही बनेगा विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था : केंद्रीय संचार मंत्री श्री सिंधिया

हम सैकड़ों हाथों से कमाएं और हजारों हाथ से बांटे हमारे डीएनए में है उद्यमशीलता देश का सबसे तेज गति से औद्योगिक विकास करने वाला राज्य बना मध्यप्रदेश भारत ने अच्छाई, सच्चाई और संपन्नता को बांटा है विश्व से भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा शक्ति ही सदैव नया इतिहास लिखती है। युवाओं की असीम ऊर्जा, नवाचार और उद्यमशील सोच से ही हमारा मध्यप्रदेश लगातार प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश युवा ऊर्जा से भरपूर है और सामूहिक प्रयासों से हम विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमशीलता हम भारतीयों के डीएनए में है। उद्यमिता हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है, जिसे आज के नव उद्यमी आधुनिक तकनीक, नवाचार और अपने हुनर से नई दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में यंग इंटरप्रेन्योर फोरम समिट–2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के नव उद्यमियों ने अपनी मेधा, कौशल और आधुनिक तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया है। अपनी लगन, मेहनत और आत्मविश्वास से उन्होंने स्वयं का नया मुकाम बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय उद्यमिता की विशेषता यही है कि हम केवल लाभार्जन तक ही सीमित नहीं रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के हित से भी सदैव जुड़े रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवा उद्यमियों ने जोखिम उठाने की क्षमता तथा अपने साहस से समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा उद्यमियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सब जो भी करना चाहते हैं, पूरे मनोयोग और आत्मविश्वास के साथ करें। शुरुआत कर ली है तो विस्तार की ओर बढ़ें तथा अगर विस्तार कर रहे हैं तो पूरी समाज को साथ में लेने का प्रयास करें। सरकार सहयोगी बनकर हमेशा आप सबके साथ खड़ी है। नव उद्यमियों को उनका व्यापार-व्यवसाय, बिजनेस यूनिट, औद्योगिक इकाई की स्थापना सहित इसमें उत्पादन प्रारंभ करने तक सभी जरूरी मदद मुहैया कराई जायेगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने सपनों को साकार करने की ओर पूरी ताकत और मेहनत से आगे बढ़ें तथा अपने नवाचारों और उद्यमशीलता से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में फार्मा से लेकर एग्रीकल्चर तक, फिशरीज से लेकर फूड प्रोसेसिंग तक, टेक्नोलॉजी से लेकर टूरिज्म तक ऑटोमोबाइल से लेकर मैनुफैक्चरिंग, हर क्षेत्र में निवेश आ रहा है और रोजगार के नये-नये अवसर सृजित हो रहे हैं। उद्यमिता तभी सफल है जब वह राष्ट्र-कल्याण से भी जुड़ी हो। नये भारत के निर्माण का सुनहरा अवसर युवा उद्यमियों को मिला है तो देश के विकास में अमिट योगदान दीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत का उज्जवल भविष्य आज हमारे साथ है। युवाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में विचार, आस्था, उद्यम और निवेश के माध्यम से समाज को दिशा दी है। किसी ने राष्ट्र और मूल्यों को वैचारिक दिशा दी, किसी ने युवाओं को उद्देश्य और अनुशासन से जोड़ा, किसी ने उद्यमिता का आत्मविश्वास जगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत उपभोक्ता नहीं, उत्पादक राष्ट्र बने, यही आज की आवश्यकता है और यह काम युवाओं के संकल्प से ही पूरा होगा। युवा ही भारत को 5 ट्रिलियन इकोनॉमी वाली अर्थव्यवस्था बनाएंगे। भारत में लोक-कल्याण का संस्कार रही है उद्यमिता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में उद्यमिता लोक कल्याण के संस्कार के रूप में हमारे रक्त में बहती है। देश सिर्फ रोजगार से नहीं, उद्यमिता से आगे बढ़ता है। उद्यम से कई लोगों को रोजगार मिलता है, अर्थव्यस्था का पहिया घूमता है। मध्यप्रदेश तेजी से विकसित होते राज्यों में अग्रणी है। पिछले दो वर्ष में हमने उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में निर्णायक और दूरगामी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हमने नया इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल प्रारंभ किया है। ह नया पोर्टल निवेशकों को नीति, अनुमति, प्रोत्साहन तथा एआई आधारित फिजिबिलिटी जैसी कई सुविधाएं एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के पास एक लाख एकड़ का विशाल लैंड बैंक है, मध्यप्रदेश में जीपीएस प्रणाली द्वारा औद्योगिक भूमि बैंक का सुदृढ़ीकरण किया गया है, ताकि निवेशकों को समय पर और उपयुक्त भूमि उपलब्ध हो सके। हमारा उद्देश्य प्रदेश में न केवल निवेश-अनुकूल नीतियां तैयार करना है, बल्कि इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है। नये स्टार्टअप्स के लिए राज्य सरकार ने लागू की है समग्र और दूरदर्शी नीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी साल फरवरी में हुई जीआईएस से मध्यदेश को 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इनमें से रुपये 8.57 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। प्रदेश में आज 6 हजार 400 से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जिनमें से 3 हजार से अधिक स्टार्टअप यानी लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स महिलाओं द्वारा संचालित है। उन्होंने बताया कि नये स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार ने एक समग्र और दूरदर्शी नीति लागू की है। इसके अंतर्गत सीड फंड के रूप में प्रति स्टार्टअप 30 लाख तक सहायता, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा मान्यता वाले स्टार्टअप्स के लिए 100 करोड़ का निवेश कोष, निवेश अथवा ऋण पर 18 प्रतिशत तक सहायता और 72 लाख तक सब्सिडी दी जा रही है। घरेलू पेटेंट के लिए रुपये 5 लाख तक की और अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट के लिए रुपये 20 लाख की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे रुपये 43 लाख 20 लाख 4 वर्षों में 3 हजार अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं। पिछले हजार से अधिक नई 26 विनिर्माण इकाइयां स्थापित हुईं। इनमें 66 हजार करोड़ से अधिक निवेश और 1 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने यंग इंटरप्रेन्योर फोरम समिट के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में हुई यह नई पहल अब देश-विदेश में भी नव उद्यम का नया अलख जगायेगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के संकल्प से विश्व के लिए इकोनॉमिक पावर हाउस बनेगा नया भारत केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर राज्य विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के हृदय स्थल मध्यप्रदेश को अपनी क्षमता और संकल्प से राष्ट्रपटल पर … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा नव उद्यमी नवाचार, स्पष्ट सोच और सामाजिक दायित्व के साथ बढ़े आगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव उद्यमियों से आह्वान किया कि वे नवाचार, स्पष्ट सोच और सामाजिक दायित्व के साथ आगे बढ़ें। प्रदेश में अधिकाधिक निवेश करें। प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिये अनुकूल वातावरण संसाधन और सविधाएं है। राज्य शासन द्वारा निवेशकों को सभी संभव सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि उद्योग न केवल संपन्नता, बल्कि हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना के साथ भारत और मध्यप्रदेश उद्यमिता के नए शिखर छुएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इंदौर में यंग एंटरप्रेन्योर्स फाउंडेशन (YEF)  द्वारा आयोजित नव उद्यमियों के भारत समिट 2025 को सम्बोधित कर रहे थे। इस प्रतिष्ठित आयोजन में केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, श्री दीपक विस्पुते, श्री राज सोमानी, श्री सिद्धार्थ सिंह, श्री विकास खेमानी, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री मधु वर्मा, श्रीमती मालिनी गौड़, डॉ. निशांत खरे, श्री सावन सोनकर, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और पुलिस कमिश्नर श्री संतोष सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। यह समिट नेतृत्व, उद्यमिता, आध्यात्मिकता और अगली पीढ़ी के लिए दूरदर्शी सोच को एक सशक्त मंच पर एक साथ लाने वाला ऐतिहासिक आयोजन रहा। देशभर से आए प्रभावशाली वक्ताओं, युवा उद्यमियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विचारशील व्यक्तित्वों ने अपने अनुभव साझा किए। उद्योग से जीवन संवारने की स्पष्ट नीति के साथ मध्यप्रदेश में उद्योग का नया संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि युवा शक्ति ही भारत के भविष्य की आधारशिला है। उद्यमिता और नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव उद्यमी युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाला राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पहली बार उद्योग विभाग को सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर प्राथमिकता दी है, ताकि निर्णय तेज़ी से हों और निवेशकों का विश्वास और मजबूत हो। मुख्यमंत्री  डॉ. यादव ने कहा कि “उद्योग से जीवन संवारने” की स्पष्ट नीति के साथ मध्यप्रदेश में उद्योग का नया संकल्प लिया गया है। यह नीति न केवल आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी। जल संसाधन और सौहार्द का नया अध्याय डॉ. मोहन यादव ने बताया कि पीकेसी (PKC) योजना और नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से राज्य को जल-संपन्न बनाने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के बीच जल-साझेदारी ने एक नया मोड़ लिया है। पड़ोसी राज्यों को पानी देने का निर्णय केवल परियोजना नहीं, बल्कि सौहार्द और सहयोग का नया अध्याय है। ग्रीन एनर्जी में ऐतिहासिक उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रीनको प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां कुछ राज्यों और देशों में यह परियोजना 4 से दस वर्षों में पूरी हुई, वहीं मध्यप्रदेश में यह दुनिया का बड़ा प्रोजेक्ट दो साल से भी कम समय में तय होकर आज लोकार्पण की स्थिति तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मजबूत संबंधों, भरोसे और तेज़ निर्णय प्रक्रिया का परिणाम है। निवेश के नए कीर्तिमान डॉ. मोहन यादव ने बताया कि भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में में  32 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं, जिनमें से 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश का भूमिपूजन पहले ही हो चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि 25 दिसम्बर को 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश का भूमिपूजन/लोकार्पण एक ही स्थान पर संपन्न होगा, जो अपने आप में ऐतिहासिक है। यह कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मतिथि के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कई  सेक्टर्स में भी अपार संभावनाएं है। इन संभावनाओं के मद्देनजर इन्हें विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार  पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता और सही दिशा देने वाले मंच ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्यमी की सफलता का रहस्य X-Factor नहीं बल्कि D-Factor है। यह D-Factor है—Dreamers (सपने देखने वाले), Doers (उन्हें जमीन पर उतारने वाले) और Disrupters (नवाचार से व्यवस्था बदलने वाले), जो भारत की प्रगति की असली शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि आज का युवा भारत नई सोच, साहस और जोखिम लेने की क्षमता से लैस है। यह वही युवा है जो नींद से ज्यादा रणनीति को महत्व देता है और असली विकास और असली प्रगति  में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि बड़े और साहसिक विचार ही वास्तविक बदलाव की नींव रखते हैं। श्री सिंधिया ने अपने व्यक्तिगत जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि न्यूयॉर्क में नौकरी के बाद भारत लौटकर शून्य से शुरुआत करना आसान नहीं था, लेकिन धैर्य, परिश्रम और निरंतर प्रयास ने सफलता का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि resilience दिखावा नहीं, बल्कि शांत और निरंतर संघर्ष है। 

मुफ्त राशन बना सियासी मुद्दा: हरियाणा में 2 साल में 18 लाख परिवार BPL सूची से बाहर

चंडीगढ़ हरियाणा के बीपीएल कार्ड धारकों का मुद्दा उठने के बाद शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा में मुफ्त राशन तथा बीपीएल कार्ड धारकों को लेकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा द्वारा सदन में यह मुद्दा उठाए जाने के बाद खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने रिपोर्ट पेश की। इस पर बीबी बत्रा ने मुफ्त राशन योजना को स्कैंडल का नाम दिया तो मुख्यमंत्री नायब सैनी स्वयं फ्रंट पर आए और विपक्ष के सवालों का जवाब दिया।  इस मुद्दे पर कांग्रेस के कई विधायकों ने अपनी सीटों पर शोरगुल किया। कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने मुफ्त राशन श्रेणियों, लाभार्थियों तथा रद हुए राशन काड़ों के बारे में जानकारी मांगी। खाद्य  आपूर्ति राज्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में बीपीएल के अंतर्गत 37 लाख 67 हजार 264 तथा अंत्योदय अन्न योजना के अंतर्गत तीन लाख एक हजार 700 राशन कार्ड हे बने बने हुए हैं। बत्रा ने इस जवाब पर असंतुष्टि जताते हुए कहा कि प्रदेश में चुनाव से पहले 51 लाख से अधिक कार्ड धारक थे। चुनाव के बाद इनकी संख्या गिरकर 40 लाख रह गई है। बत्रा ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मुफ्त राशन के नाम पर बड़ा घोटाला हुआ है। उनके बयान पर आपत्ति पत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मोर्चा संभाला और कहा कि कांग्रेस को सरकार खारिज कर चुकी है।

सीएम योगी के नेतृत्व में कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सीएम श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत हॉस्टल माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर बनाया जा रहा है। जो नारी शक्ति और समाज कल्याण की प्रतीक मानी जाती हैं, ताकि कामकाजी महिलाओं को सुरक्षा और सुविधापूर्ण आश्रय मिल सके। केंद्र सरकार की स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) योजना और राज्य सरकार की मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में बड़े स्तर पर श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इन दोनों योजनाओं के तहत निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है।  केंद्र सरकार की SASCI योजना पर ठोस प्रगति भारत सरकार द्वारा SASCI  योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के लिए 382 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत लखनऊ में तीन, गौतमबुद्ध नगर में चार एवं गाजियाबाद में एक सहित कुल आठ श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें प्रत्येक की आवासीय क्षमता 500 की होगी। इन छात्रावासों के लिए शहरी क्षेत्रों में भूमि चिन्हित करते एक रुपये प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष की लीज दर पर भूमि को विभाग के पक्ष में हस्तांतरित किया गया है। योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 381.56 करोड़ रुपये की स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष 11 मार्च 2025 को 66 प्रतिशत प्रथम किस्त के रूप में 251.83 करोड़ रुपये जारी किये जा चुके हैं। अप्रैल 2025 में सीएण्डडीएस, उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया। इसके पश्चात महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जून 2025 में परियोजना वार 35 प्रतिशत धनराशि (116.19 करोड़ रुपये) कार्यदायी संस्था को अवमुक्त की गई। वर्तमान में लखनऊ के तीन और गौतमबुद्ध नगर के तीन छात्रावासों का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना पर भी तेजी इसके समानांतर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत प्रदेश के 07 जनपदों वाराणसी,  मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर नगर,  झांसी एवं आगरा में 500-500 की क्षमता वाले कुल सात छात्रावासों का निर्माण प्रस्तावित है। इस योजना के अंतर्गत प्रति छात्रावास 47.75 करोड़ की लागत से कुल 334.25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें से चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 170 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। अब तक मेरठ, गोरखपुर, कानपुर नगर, झांसी एवं आगरा में भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है। इन पांचों जनपदों के लिए व्यय वित्त समिति (EFC)  से अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है। वहीं वाराणसी एवं प्रयागराज में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सभी सातों जनपदों के लिए निर्माण की विस्तृत कार्ययोजना वित्त विभाग को प्रेषित कर दी गई है। महिला सशक्तिकरण के विज़न को जमीन पर उतार रही योगी सरकार महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सीएण्डडीएस के समन्वय से संचालित ये दोनों योजनाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को साकार कर रही हैं, जिसमें महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को विकास का केंद्र बिंदु बनाया गया है। ये छात्रावास न केवल कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आश्रय देंगे, बल्कि शहरी क्षेत्रों में महिला कार्यबल की भागीदारी को भी मजबूती प्रदान करेंगे।

टेक्नोलॉजी से नकल का खेल! अलवर में बिना माउस ऑपरेट हुए हल हो रहा था एग्जाम पेपर, 7 लाख की डील उजागर

अलवर  राजस्थान के अलवर जिले में दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान नकल का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। संघ लोक सेवा आयोग (SSC) द्वारा आयोजित इस ऑनलाइन परीक्षा में 'हाई-टेक' तरीके से धोखाधड़ी करने की कोशिश की गई, जिसे सतर्क परीक्षकों और पुलिस ने नाकाम कर दिया। सात लाख में हुआ था 'पास' कराने का सौदा पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार अभ्यर्थी सुरेंद्र सैनी ने दिल्ली पुलिस में चालक पद की भर्ती के लिए एक बड़ी साजिश रची थी। उसने अपने ही गांव के एक युवक के साथ परीक्षा पास करवाने के लिए 7 लाख रुपये का सौदा किया था। योजना के तहत, सुरेंद्र को परीक्षा केंद्र के भीतर बैठकर कुछ नहीं करना था, बल्कि सारा काम बाहर बैठा उसका साथी करने वाला था।   कंप्यूटर हैकिंग से नकल का 'खेल' 17 दिसंबर को चिकानी स्थित MI TRC कॉलेज में ऑनलाइन परीक्षा शुरू हुई। आरोपियों ने तकनीकी सेंधमारी करते हुए सुरेंद्र को आवंटित कंप्यूटर को पहले ही हैक कर लिया था। परीक्षा के दौरान सुरेंद्र के कंप्यूटर की स्क्रीन पर सवालों के जवाब खुद-ब-खुद क्लिक हो रहे थे। यानी रिमोट एक्सेस के जरिए बाहर बैठा व्यक्ति पेपर हल कर रहा था। कैसे पकड़ा गया आरोपी? परीक्षा केंद्र पर मौजूद निरीक्षक (Invigilator) को तब शक हुआ जब उन्होंने देखा कि अभ्यर्थी बिना कीबोर्ड या माउस छुए शांति से बैठा है, लेकिन स्क्रीन पर उत्तर तेजी से टिक हो रहे हैं। कड़ाई से जांच करने पर धांधली का खुलासा हुआ, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। अलवर ग्रामीण की पुलिस उप अधीक्षक शिवानी शर्मा ने बताया कि आरोपी सुरेंद्र सैनी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब उस मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है जिसने सिस्टम को हैक किया था। यह घटना ऑनलाइन परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।