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आज का राशिफल 23 नवंबर 2025: सभी 12 राशियों के लिए दिनभर का पूरा विश्लेषण

मेष राशि- आज आपका आत्मविश्वास सामान्य दिनों से अधिक रहेगा। जिस काम में बार-बार रुकावट आ रही थी, वह अब आसान लगने लगेगा। किसी पुरानी समस्या का समाधान मिल सकता है। धन से जुड़ी स्थिति में सुधार होगा और कोई रुका भुगतान भी मिलने की संभावना है। परिवार में किसी से दिल खोलकर बात करने से मन हल्का होगा। भावनाओं में बहकर किसी बात का जवाब न दें। संयम आपको आगे बढ़ाएगा। वृषभ राशि- आज का दिन शांत और संतुलित बना रहेगा। परिवार में प्यार और सहयोग मिलेगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन जरूरी कामों पर ही धन लगेगा। कार्यक्षेत्र में पुराने अधूरे काम पूरे करने का अवसर मिलेगा। किसी अनुभवी व्यक्ति की बात आज विशेष लाभकारी सिद्ध होगी। रिश्तों में सम्मान और समझ बढ़ेगी। दिन के अंत में आत्मसंतोष की भावना रहेगी। मिथुन राशि- आज आपकी बातों में प्रभाव रहेगा और लोग आपकी बात को ध्यान से सुनेंगे। छोटी-छोटी चर्चाएं भी काम आसान बना देंगी। दोस्तों और सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा। मन में कोई नया विचार जन्म ले सकता है जो आगे चलकर सफलता देगा। किसी की राय से आपको प्रेरणा मिलेगी। सभी कामों में धैर्य रखें और ध्यान एक ही दिशा में लगाएं। रिश्तों में हल्की-फुल्की बातचीत मिठास बढ़ाएगी। कर्क राशि- आज मन थोड़ा संवेदनशील रहेगा, लेकिन आपकी सोच साफ रहेगी, जिससे निर्णय सही दिशा में जाएंगे। घर-परिवार में शांति और संतुलन बना रहेगा। स्वास्थ्य में हल्की थकान या आलस्य महसूस हो सकता है, इसलिए समय-समय पर आराम जरूर करें। किसी पुराने मित्र या परिचित से बात होने पर मन हल्का होगा। धन की स्थिति स्थिर रहेगी। दिन का उतार-चढ़ाव शाम तक शांत हो जाएगा। सिंह राशि- आज आप अपने प्रभाव और नेतृत्व क्षमता से लोगों का ध्यान आकर्षित करेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी राय का सम्मान होगा और किसी महत्वपूर्ण काम में आपकी भूमिका बढ़ सकती है। करियर में तरक्की के संकेत हैं। धन की स्थिति में सुधार होगा और घर-परिवार में खुशियां बढ़ेंगी। प्रेम जीवन में गर्मजोशी और समझ बढ़ेगी। बस अपनी बातों में कठोरता न आने दें। कन्या राशि- आज जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ सकता है, लेकिन आप अपनी मेहनत और सूझ-बूझ से सब संभाल लेंगे। कार्यस्थल पर आपके काम की प्रशंसा होने की संभावना है। कुछ जरूरी खर्च सामने आ सकते हैं, पर स्थिति नियंत्रण में रहेगी। परिवार में सम्मान और समर्थन मिलेगा। दिन के अंत में आत्मविश्वास मजबूत रहेगा। तुला राशि- आज का दिन गतिविधियों से भरा रहेगा लेकिन काम आराम से निपटते जाएंगे। छोटी-छोटी परेशानियां आ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें आसानी से संभाल लेंगे। दफ्तर में किसी कागजी काम या आधिकारिक प्रक्रिया में लाभ होने की संभावना है। घर का वातावरण शांत रहेगा। शाम का समय अपने लिए निकालें। दिन के अंत में मन संतुष्ट और शांत महसूस होगा। वृश्चिक राशि- आज भाग्य आपका साथ देगा। नए अवसर बनेंगे और करियर में दिशा बदलने के संकेत मिल सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण बातचीत या समझौते से लाभ मिल सकता है। रिश्तों में ईमानदारी और भरोसा बढ़ेगा। मन हल्का और सकारात्मक महसूस होगा। जो काम अटका था, वह आगे बढ़ेगा। दिन समग्र रूप से सहज और लाभदायक रहेगा। धनु राशि- आज भाग्य आपका पूरा साथ देगा। धन वृद्धि के योग हैं और रुका हुआ पैसा मिल सकता है। किसी पुराने काम का समाधान मिलेगा और कोई शुभ समाचार भी मिल सकता है। रिश्तों में प्रेम बढ़ेगा और परिवार में शांति रहेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का असर साफ दिखाई देगा। दिन पूरे समय सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहेगा। मकर राशि- आज भावनाएं गहरी रहेंगी, लेकिन उन्हें संभालकर रखने में ही भलाई है। किसी छोटी बात से मन दुखी हो सकता है, लेकिन स्थिति जल्दी सुधर जाएगी। धन की स्थिति स्थिर रहेगी। किसी पुराने मित्र से बातचीत होने से मानसिक राहत मिलेगी। काम अपनी गति से चलते रहेंगे। खुद पर अधिक दबाव न डालें। दिन शांतिपूर्ण ढंग से बिताएं। कुंभ राशि- आज ऊर्जा और उत्साह पूरे दिन बना रहेगा। नए काम शुरू करने या पुराने काम आगे बढ़ाने के अच्छे संकेत हैं। पढ़ाई, प्रतियोगिता या करियर से जुड़े लोगों के लिए दिन बहुत अच्छा है। बाहर घूमने या किसी छोटी यात्रा का विचार बन सकता है। प्रेम जीवन में निकटता बढ़ेगी। मन प्रसन्न और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। मीन राशि- आज आपके काम समय पर पूरे होंगे। जीवन में दिशा स्पष्ट महसूस होगी। परिवार का साथ मिलेगा और घर में शांति बनी रहेगी। धन खर्च सोच-समझकर करें, नहीं तो बाद में दबाव महसूस हो सकता है। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह बहुत काम आएगी। शाम का समय मन को राहत देगा।

UP SIR में राहत: पुरानी मतदाता सूची में नाम गायब तो भी बनेगा वोटर कार्ड, जानें जरूरी कागज़ात

महराजगंज जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की रफ्तार तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे इस महत्त्वपूर्ण अभियान के तहत जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं। लाखों मतदाताओं के घरों तक फार्म पहुंचाए जा चुके हैं, और बीएलओ द्वारा लगातार फॉर्म भरवाने व सिस्टम पर अपलोड करने की प्रक्रिया की निगरानी भी की जा रही है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा अभियान की लगातार मॉनिटर कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फॉर्म वितरण, संकलन और अपलोडिंग की प्रक्रिया में कहीं भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जिले में कुल 19 लाख 92 हजार 459 मतदाताओं के लिए प्रत्येक बूथ पर बीएलओ की तैनाती के साथ सुपरवाइजरों की अलग टीम भी सक्रिय है। इनकी जिम्मेदारी है, कि बीएलओ से समय-समय पर अपडेट लेकर उसे नियंत्रण कक्ष तक पहुंचाएं, ताकि जिले की प्रगति नियमित रूप से दर्ज होती रहे।   इसके लिए अलग से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो फॉर्म अपलोडिंग की स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए हैं। अभियान के दौरान यह भी निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई व्यक्ति दो अलग-अलग स्थानों पर फार्म जमा करता है, तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अपर जिलाधिकारी डा. प्रशांत कुमार ने बताया कि एसआइआर को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, कि इसमें लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 2003 की मतदाता सूची में नाम नहीं है तो भी रहें बेफिक्र महराजगंज में एसआईआर अभियान को लेकर जिले में कई मतदाताओं के मन में संशय बना हुआ है, विशेष रूप से उन लोगों में जिनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं है। लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 2003 की सूची में नाम न होने से किसी मतदाता का नाम स्वतः नहीं कटेगा। वर्तमान में सभी पात्र मतदाताओं से एसआईआर फार्म भरे जा रहे हैं। जिनका नाम 2003 की सूची में नहीं था, वे मात्र फॉर्म भरकर जमा करें। आगे सूची के अनंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा, जिसके जवाब में उन्हें 13 निर्धारित दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। इन दस्तावेजों के आधार पर ही उनका नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रखा जाएगा। जिले के सभी बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नाम हटाने या संशोधन की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी तरीके से की जाए। किसी पात्र मतदाता का नाम न कटे, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और सक्रिय होकर फार्म भरें ताकि अंतिम मतदाता सूची तैयार करते समय किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटने न पाए। एसआईआर प्रक्रिया में नाम बरकरार रखने के लिए नोटिस मिलने पर 13 में से कोई एक दस्तावेज देना होगा     आधार कार्ड     पासपोर्ट     पैन कार्ड     ड्राइविंग लाइसेंस     राशन कार्ड     बैंक/डाकघर की पासबुक     मनरेगा जाब कार्ड     किसान पासबुक /किसान क्रेडिट कार्ड     सरकारी पेंशन बुक /पेंशन आईडी     छात्र पहचान पत्र (मान्यता प्राप्त संस्थान)     बीमा पालिसी दस्तावेज     सरकारी विभाग /यूनियन द्वारा जारी आईडी कार्ड     जन्म प्रमाणपत्र /आयु प्रमाणपत्र  

तूफान की आहट! बंगाल की खाड़ी में सिस्टम एक्टिव, ओडिशा के तटीय क्षेत्रों पर मंडराया संकट

भुवनेश्वर बंगाल की खाड़ी में 22 नवंबर को एक नया लो-प्रेशर क्षेत्र बना है। यह सिस्टम केंद्रीय बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन का रूप लेगा और 26 तारीख तक चक्रवात में बदल सकता है। इसके तेजी से मजबूत होकर उत्तर या उत्तर–पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 28 नवंबर को भीषण चक्रवात बनने की आशंका है।दक्षिण अंडमान सागर में भी एक लो-प्रेशर एरिया बना है, जो आगे पश्चिम–उत्तर–पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 24 नवंबर को और अधिक मजबूत होकर दक्षिण–पूर्वी बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन में तब्दील होगा। अगले 48 घंटों में यह सिस्टम और तीव्र होकर दक्षिण–पश्चिम बंगाल की खाड़ी में पहुंच सकता है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में इसके डिप्रेशन का रूप लेने और बाद में चक्रवात में बदलने की संभावना है। इसके ओडिशा तट पर असर डालने की भी आशंका जताई गई है। विशेषज्ञों का अनुमान मौसम विशेषज्ञ प्रोफेसर सुरेन्द्रनाथ पशुपालक के मुताबिक, मलक्का में आज एक कमजोर लो-प्रेशर सिस्टम बना है। यह 24 नवंबर तक दक्षिण अंडमान सागर में डिप्रेशन बनेगा और पश्चिम–उत्तर–पश्चिम दिशा में बढ़ेगा। उसी दिन दक्षिण–केंद्रीय बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन और 26 तारीख तक चक्रवात बनने के संकेत हैं। यह सिस्टम तेजी से मजबूत होकर 28 नवंबर को भीषण चक्रवात का रूप ले सकता है। विभिन्न मौसम मॉडल बताते हैं कि 29 और 30 नवंबर को यह अत्यंत भीषण चक्रवात बनकर दक्षिण–पश्चिम और पश्चिम–केंद्रीय बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ सकता है। इसके आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट की ओर बढ़ने की संभावना ज्यादा है। हालांकि, अभी लैंडफॉल की सही जगह और समय का अनुमान लगाना मुश्किल है, क्योंकि यह सिस्टम अभी शुरुआती अवस्था में है और लैंडफॉल में अभी लगभग एक सप्ताह का समय है। अगले 48 घंटे में और मजबूत होने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, 24 नवंबर तक यह लो-प्रेशर क्षेत्र डिप्रेशन में बदलेगा और अगले 48 घंटों में और अधिक तीव्र होकर मजबूत सिस्टम बन सकता है। ओडिशा में चार दिन भारी बारिश की संभावना इसके प्रभाव से ओडिशा में चार दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। खासकर तटीय और दक्षिण ओडिशा में सबसे अधिक बारिश होने की उम्मीद है। हालांकि फिलहाल किसानों के लिए कृषि विभाग की ओर से कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।  

अवैध घुसपैठ पर बड़ी कार्रवाई: यूपी सरकार बनाएगी खास डिटेंशन सेंटर

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को अवैध घुसपैठ पर त्वरित और सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिला प्रशासन अपने क्षेत्र में रहने वाले अवैध घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित करें और नियमानुसार कार्रवाई शुरू करें। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि घुसपैठियों को रखने के लिए प्रत्येक जनपद में अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाए जाएं। इन केंद्रों में विदेशी नागरिकता के अवैध व्यक्तियों को रखा जाएगा और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं आवास सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश भेजा जाएगा। इन केंद्रों में विदेशी नागरिकता वाले अवैध प्रवासियों को रखा जाएगा और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं आवास सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश वापस भेजा जाएगा। दरअसल, नेपाल से खुली सीमा साझा करता हैं। जहां दोनों देशों के नागरिक बिना रोक-टोक आ-जा सकते हैं, लेकिन अन्य देशों के लोगों पर जांच लागू होती है। योगी आदित्यनाथ ने तीन नवंबर को बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया था कि यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सत्ता में लौटता है, तो घुसपैठियों को राज्य से बाहर निकाला जाएगा और उनकी संपत्ति गरीबों में बांटी जाएगी। योगी माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा के लिए प्रयागराज पहुंचे उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आगामी माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा करने और गंगा पूजन करने प्रयागराज पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी सहयोगियों के साथ माघ मेले की तैयारी करने,गंगा पूजन और हनुमान मंदिर में दर्शन पूजन करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि नौ महीने के बाद मुझे यह अवसर फिर से प्राप्त हुआ है कि मां गंगा का पूजन कर माघ मेले की तैयारी को हम आगे बढ़ा सकें।  

बीएलओ की आत्महत्या पर ममता का हमला: ‘एसआईआर से और कितनी जानें जाएंगी?’

कोलकाता पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच एक और बूथ-लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीएलओ के सुसाइड पर चुनाव आयोग की आलोचना की। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "कृष्णानगर में एक और बीएलओ, एक महिला शिक्षक की मौत की खबर सुनकर बहुत सदमा लगा। विधानसभा क्षेत्र छपरा (82) में बीएलओ रिंकू तरफदार ने अपने घर पर आत्महत्या करने से पहले अपने सुसाइड नोट में चुनाव आयोग को दोषी ठहराया है।" इसके बाद, मुख्यमंत्री ने पूछा कि एसआईआर की वजह से पश्चिम बंगाल में और कितनी जानें जाएंगी।  ममता बनर्जी ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "और कितनी जानें जाएंगी? एसआईआर के लिए और कितने लोगों को मरना होगा? इस प्रोसेस के लिए हमें और कितनी लाशें देखनी पड़ेंगी? यह अब सच में बहुत चिंता की बात हो गई है।" दावा है कि नादिया जिले की बूथ-लेवल ऑफिसर (बीएलओ) रिंकू तरफदार ने कथित तौर पर राज्य में एसआईआर से जुड़े काम के दबाव के कारण आत्महत्या की। अपने सुसाइड नोट में रिंकू तरफदार ने कथित तौर पर अपनी चिंता जताई थी कि अगर उन्होंने बीएलओ का काम पूरा नहीं किया तो उन पर प्रशासनिक दबाव आएगा। पुलिस के मुताबिक, महिला बीएलओ ने सुसाइड नोट में कथित तौर पर लिखा था, "मैं प्रेशर नहीं झेल सकती।" इस हफ्ते पश्चिम बंगाल में एसआईआर से जुड़ी आत्महत्या की यह दूसरी घटना है। इससे पहले जलपाईगुड़ी में शांति मुनि एक्का नाम की एक और महिला बीएलओ ने कथित तौर पर आत्महत्या की थी। यह घटना जलपाईगुड़ी के माल बाजार इलाके में हुई। एक्का की मौत के बाद भी मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की आलोचना की थी। वहीं, परिवार ने आरोप लगाया कि उसने अपनी जान देने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि वह एसआईआर के काम का दबाव नहीं झेल पा रही थी।

ग्रीन हाइड्रोजन पर भारत का वैश्विक भरोसा मजबूत: हरदीप सिंह पुरी का बड़ा बयान

नई दिल्ली केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा कि भारत हाइड्रोजन के हर मॉलिक्यूल में विश्वास पैदा कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन स्कीम को लेकर जानकारी देते हुए एक वीडियो पोस्ट किया। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी देते हुए लिखा, "ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन स्कीम (जीएचसीआई) को इस वर्ष अप्रैल में लॉन्च किया गया था। यह स्कीम सुनिश्चित करता है कि हाइड्रोजन वास्तव में ग्रीन हो, जिसका उत्पादन रिन्यूएबल पावर का इस्तेमाल कर किया जाता है।" केंद्रीय मंत्री पुरी ने बताया कि आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल, ओएनजीसी, एनआरएल और सीपीसीएल जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां 2030 तक 900 केटीपीए क्षमता विकसित कर रही हैं, जिससे ग्रे हाइड्रोजन को रिप्लेस करने और आयात में 1 लाख करोड़ रुपए की बचत करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। वीडियो में दी गई जानकारी के अनुसार, भारत क्लीन एनर्जी के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। देश की जीएचसीआई बताती है कि हाइड्रोजन को किस प्रकार मापा जाता है, मॉनिटर किया जाता है और वेरिफाई किया जाता है। यह स्कीम प्रोडक्शन से लेकर इस्तेमाल तक की इसकी यात्रा को ट्रैक करती है। इस फ्रेमवर्क के तहत, केवल वही हाइड्रोजन ग्रीन माना जाता है जो रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल कर बनाया गया हो। इसी तरह, हर किलोग्राम हाइड्रोजन से 2 किलोग्राम से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड न निकलना इसे ग्रीन मानता है। भारत की हाइड्रोजन इकोनॉमी में ट्रांसपेरेंसी और ग्लोबल क्रेडिबिलिटी आए इसके लिए हर प्रोड्यूसर का ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफ्शिएंसी से मान्यता प्राप्त वेरिफिकेशन एजेंसियों से ऑडिट होना जरूरी है। जीएचसीआई एक सर्टिफिकेशन से बढ़कर ओरिजिन की गारंटी है, इंटीग्रिटी, सस्टेनेबिलिटी और सेल्फ-सफिशिएंसी की मुहर है, जो पीएम मोदी के विजनरी लीडरशिप में भारत को एक ऐसे भविष्य की ओर ले जा रहा है जो ग्रीन, फेयर और भरोसेमंद है। वीडियो के अनुसार, पानीपत, विजाग, बीना, नुमालिगा और ऑफशोर क्लस्टर्स के प्रोजेक्ट्स रिफाइनरियों और इंडस्ट्रीज में ग्रे हाइड्रोजन की जगह लेंगे, जिससे जल्द ही देश को जीवाश्म ईंधन आयात में 1 लाख करोड़ रुपए की बचत होगी। 

दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर बड़ा सड़क हादसा, ट्राले से टकराई कार; सूरत के परिवार के कई सदस्य घायल

रतलाम दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। शिवगढ़ थाना क्षेत्र के काजलिया पाड़ा स्थित जामण नदी के पास सुबह करीब 09 बजे आगे चल रहे ट्राले में पीछे से एक तेज रफ्तार कार (जीजे 05 आर क्यू 1421) जा घुसी। जोरदार टक्कर में कार सवार दंपति और उनके दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में 4 लोग घायल सूचना मिलते ही शिवगढ़ थाना पुलिस और एनएचएआई की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने क्षतिग्रस्त कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला। सभी घायलों को पुलिस और एनएचएआई की एम्बुलेंस की मदद से रतलाम मेडिकल कालेज पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। एयर बैग समय पर खुलने से घायलों की जान बच गई।   शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था परिवार पुलिस के अनुसार कार में गुजरात के सूरत के सिल्क कपड़े के व्यापारी और उनका परिवार सवार था। घायलों की पहचान 38 वर्षीय साहिल कुमार पुत्र संजय कुमार साध, उनकी पत्नी 35 वर्षीय स्वेनका, बेटा 15 वर्षीय शनय और छोटा बेटा 04 वर्षीय श्यान के रूप में हुई है। यह परिवार सूरत से नोएडा एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। ट्राले के चालक से भी पूछताछ की जा रही है।

नए वेज कोड का असर: हाथ में आएगी कम सैलरी, लेकिन PF-ग्रैच्युटी बढ़ेगी

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने नए लेबर लॉ नोटिफाई कर दिए हैं। लेबर लॉ के लागू होने के बाद अब कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड (PF) और ग्रैच्युटी में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। हालांकि, इन हैंड सैलरी में कमी आ सकती है। नए लेबर लॉ के तहत कर्मचारियों की बेसिक सैलरी उनके कुल कॉस्ट-टू-कंपनी (CTC) का कम से कम 50% होनी चाहिए या उतनी प्रतिशतता जो सरकार आगे नोटिफाई करेगी। इसका सीधा असर PF और ग्रैच्युटी पर पड़ेगा। बता दें कि पीएफ और ग्रैच्युटी की गणना बेसिक सैलरी के आधार पर होती है। बेसिक सैलरी बढ़ने की स्थिति में स्वाभाविक रूप से PF और ग्रैच्युटी का योगदान भी बढ़ जाएगा, जिससे कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग्स मजबूत होंगी। हालांकि, एक पहलू यह भी है कि बढ़े हुए PF और ग्रेच्युटी योगदान के चलते कर्मचारियों के हाथ में आने वाली इन-हैंड सैलरी घट जाएगी। एक ही CTC में से बड़ी रकम PF और ग्रैच्युटी में चली जाने के कारण टेक-होम सैलरी पर दबाव बढ़ेगा। बता दें कि सरकार अगले 45 दिनों में वेज कोड के विस्तृत नियम अधिसूचित करेगी। इसके बाद कंपनियों को अपनी सैलरी संरचना में बड़े स्तर पर फेरबदल करना होगा। अभी कितना होता है PF का योगदान PF का योगदान बेसिक वेतन का 12% होता है और ग्रेच्युटी की गणना अंतिम बेसिक सैलरी और कंपनी में पूरे किए गए वर्षों के आधार पर होती है। बेसिक वेतन में बढ़ोतरी के साथ दोनों योगदान स्वाभाविक रूप से बढ़ेंगे। वहीं, यह बदलाव उन कंपनियों पर रोक लगाएगा जो कर्मचारी के रिटायरमेंट फंड में योगदान कम करने के लिए बेसिक सैलरी को बेहद कम रखती थीं। क्या कहते हैं एक्सपर्ट ईटी को इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुचिता दत्ता ने बताया कि रिटायरमेंट सुरक्षा बेहतर होगी लेकिन खर्च संतुलित करने की कोशिश के कारण कर्मचारियों की हाथ में आने वाली सैलरी कम हो सकती है। EY इंडिया के पुनीत गुप्ता के अनुसार, श्रम संहिताओं के लागू होने से ग्रेच्युटी बढ़ना तय है, क्योंकि अब ग्रेच्युटी की गणना वेजेज पर होगी, जिसमें बेसिक के साथ अधिकांश भत्ते भी शामिल होंगे, HRA और कन्वेयंस अलाउंस को छोड़कर। हालांकि, कर्मचारियों के हाथ में आने वाली सैलरी घटने को लेकर चिंता बनी हुई है।  

चुनाव आयोग पर CM मान का हमला, SIR विवाद को लेकर उठाई त्वरित समाधान की मांग

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री मान ने संवाददाताओं से कहा, “देश भर में आपत्तियां उठाई गई हैं… चुनाव आयोग को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए.” उन्होंने सवाल उठाया, “भारत का चुनाव आयोग सबूत क्यों मांग रहा है? अगर आपत्तियां उठाई गई हैं, तो उनका जवाब देना आयोग की जिम्मेदारी है.” क्या है SIR प्रक्रिया? SIR एक प्रक्रिया होती है जिसमें मतदाता सूची को सही और साफ रखने के लिए लोगों की जानकारी की दोबारा जांच की जाती है. इसमें नाम, पता, उम्र आदि को लेकर लोग आपत्ति कर सकते हैं. कई राजनीतिक दल और नागरिक अभी इस प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों की शिकायत कर रहे हैं. मुख्यमंत्री मान ने कहा कि चुनाव आयोग को चाहिए कि वह इन आपत्तियों को जल्दी से निपटाए, ताकि मतदाता सूची को अंतिम रूप देने में किसी प्रकार की देरी न हो. उन्होंने कहा कि आपत्तियों का समाधान करना आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, न कि सबूतों की मांग करना. देश के कई हिस्सों में SIR को लेकर विवाद बढ़ रहे हैं, इसी वजह से मान ने चुनाव आयोग से सार्वजनिक हित में तुरंत कार्रवाई करने की अपील की.

TMC विधायक ने किया ऐलान: 6 दिसंबर को बंगाल में बाबरी मस्जिद की नींव रखी जाएगी

मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद के निर्माण की तैयारी चल रही है। इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर के बयान पर राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। टीएमसी MLA ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव 6 दिसंबर को रखने की घोषणा की। यह तारीख उत्तर प्रदेश के अयोध्या की बाबरी मस्जिद के विध्वंस की वर्षगांठ है। भरतपुर से विधायक ने पिछले साल इस मस्जिद का प्रस्ताव रखा था। हुमायूं कबीर ने एएनआई से बातचीत में शनिवार को कहा, 'हम 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखेंगे। इसे पूरा होने में तीन साल लगेंगे। विभिन्न मुस्लिम नेता इस आयोजन में भाग लेंगे।' भारतीय जनता पार्टी ने इसे लेकर तीखा हमला बोला है। इसने सत्तारूढ़ टीएमसी पर धर्म आधारित राजनीति और तुष्टिकरण करने का आरोप लगाया। बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल ने कहा, 'कोई भी मंदिर या मस्जिद बना सकता है, लेकिन टीएमसी धर्म के नाम पर राजनीति करती है। 6 दिसंबर की तारीख चुनने के पीछे उनकी मंशा स्पष्ट है। सवाल यह है कि टीएमसी ने अब तक अल्पसंख्यकों के लिए क्या किया है?' TMC पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप बीजेपी नेता प्रियंका टिबरेवाल ने कहा कि टीएमसी का सेक्युलरिज्म धर्म-विशेष को लेकर है। उन्होंने कहा, 'जब वे बाबरी मस्जिद को फिर से स्थापित करने की बात करते हैं, तो मैं जानना चाहती हूं कि वे उस बाबरी मस्जिद में किसे बुलाएंगे? क्या वे उन रोहिंग्या लोगों को, जो अब SIR के डर से सीमा क्षेत्रों की ओर भाग रहे हैं? यह कुछ और नहीं बल्कि तुष्टिकरण की राजनीति है।' 6 दिसंबर को एकजुटता दिवस रैली निकालेगी TMC इस बीच, तृणमूल कांग्रेस 6 दिसंबर को एकजुटता दिवस रैली निकालने वाली है। इसकी तैयारियों की जिम्मेदारी पार्टी की युवा और छात्र शाखाओं को सौंपी गई है। बाबरी मस्जिद विध्वंस के विरोध में आयोजित इस रैली का आयोजन आमतौर पर तृणमूल का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ करता रहा है, लेकिन इस बार आयोजन की जिम्मेदारी पार्टी की अन्य शाखाओं को देकर अहम बदलाव किया गया है। इस साल की रैली मध्य कोलकाता के मेयो रोड स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा के पास होगी, जहां पार्टी एक बड़ी जनसभा की योजना बना रही है। सूत्रों ने बताया कि नेतृत्व चाहता है कि बड़ी संख्या में लोग जुटें क्योंकि यह कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है जब एसआईआर ने पूरे राज्य में राजनीतिक तनाव पैदा कर दिया है।