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विदेशी राजनयिकों की नजर बिहार पर, ‘भाजपा को जानो’ कार्यक्रम के तहत करेंगे राज्य का दौरा

नई दिल्ली बिहार विधानसभा चुनाव के बीच सात देशों के राजनयिकों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य का दो दिवसीय दौरा करेगा। यह प्रतिनिधिमंडल भारत की लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर समझने की कोशिश करेगा। इसके साथ ही, ये राजनयिक बिहार में भाजपा के चुनाव अभियान का अवलोकन करेंगे। 'भाजपा को जानो' कार्यक्रम के तहत यह प्रतिनिधिमंडल रविवार को बिहार पहुंचेगा, जिसकी शुरुआत भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की तरफ से की गई थी। भाजपा की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में जापान, इंडोनेशिया, डेनमार्क, ऑस्ट्रेलिया, यूके, भूटान और दक्षिण अफ्रीका के दूतावास और उच्चायोग के प्रतिनिधि शामिल हैं। ये राजनयिक वरिष्ठ भाजपा नेताओं से बातचीत करेंगे, अभियान गतिविधियों का अवलोकन करेंगे और प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करेंगे, ताकि यह समझा जा सके कि पार्टी मतदाताओं से कैसे जुड़ती है और बड़े पैमाने पर चुनाव अभियानों का कैसे प्रबंधन करती है। अपने प्रवास के दौरान, राजनयिक पटना, नालंदा और गया के कई निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करेंगे, जहां वे रैलियों, प्रचार सभाओं और बूथ-स्तरीय समन्वय प्रयासों को देखेंगे। भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रतिनिधिमंडल को पार्टी के डिजिटल कैंपेन, वॉलिटियर स्ट्रक्चर और चल रहे बिहार विधानसभा चुनावों के लिए अभियान की रणनीति के बारे में जानकारी देंगे। सात देशों के राजनयिकों का बिहार दौरा 6 नवंबर को होने वाले पहले चरण के मतदान से कुछ दिन पहले हो रहा है। दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा और मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रविवार को एक दिवसीय चुनाव प्रचार के लिए बिहार आ रहे हैं। प्रधानमंत्री लगातार दो रैलियों को संबोधित करेंगे। पहली रैली आरा में दोपहर 1.30 बजे और दूसरी नवादा में दोपहर 3.30 बजे होगी। शाम लगभग 5 बजे उनका पटना लौटने का कार्यक्रम है, जहां वे रामधारी सिंह दिनकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। शाम 5.30 बजे, वे एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में पटना में एक भव्य रोड शो में भाग लेंगे।  

क्राइम पर तेजस्वी का हमला: बोले- एनडीए राज में अपराधी खुले घूम रहे हैं, हमारी सरकार में नहीं बचेंगे कोई

पटना बिहार में जदयू नेता अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद महागठबंधन की ओर से सीएम पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने एनडीए पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मोकामा में जिस तरह की घटना घटी, वह तो होनी ही थी। तेजस्वी यादव ने ऐलान किया है कि उनकी सरकार आने के बाद दो महीने के भीतर सभी अपराधियों को जेल भेजने का काम किया जाएगा। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि रोहतास में पिता-पुत्र की हत्या कर दी गई। बिहार में लगातार महाजंगलराज की स्थिति बनी हुई है। बिहार में एक दिन ऐसा नहीं बीत रहा, जब गोलियां न चल रही हों। यह एनडीए को दिखाई नहीं देता। आज प्रधानमंत्री आ रहे हैं, लेकिन बिहार की स्थिति बहुत खराब है। तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि 14 नवंबर को महागठबंधन की सरकार बनने जा रही है। 18 नवंबर को हम शपथ लेंगे। 26 नवंबर से 26 जनवरी के बीच जाति-धर्म से परे हर अपराधी को जेल भेजा जाएगा। राजद नेता ने कहा कि इस बार स्पष्ट है कि बिहार की जनता महागठबंधन की सरकार बनाने जा रही है। पीएम मोदी को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात में फैक्ट्री लगाते हैं और बिहार में वे विक्ट्री चाहते हैं, यह नहीं चलेगा। एनडीए के लोग कह रहे हैं कि बिहार में एक करोड़ रोजगार देंगे। 11 साल में एनडीए ने एक नौकरी नहीं दी। बिहार में रोजगार देने का वादा सिर्फ जुमला है, इससे ज्यादा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि एनडीए के लोग अपराधियों को संरक्षण देते हैं। तेजस्वी ने कहा कि 20 बरस की एनडीए सरकार से युवाओं ने क्या ही मांगा? अपने हिस्से की नौकरी व रोजगार ही तो मांगा, लेकिन इस भ्रष्ट एनडीए सरकार ने युवाओं की जरूरतों पर ध्यान दिया ही नहीं। युवाओं के लिए एकदम कुछ किया ही नहीं। इसलिए युवा सत्ता में परिवर्तन करने जा रहे हैं। इस बार बिहार महागठबंधन की सरकार बना रहा है, जो हर घर को सरकारी नौकरी देगी।  

क्राइम पर तेजस्वी का हमला: बोले- एनडीए राज में अपराधी खुले घूम रहे हैं, हमारी सरकार में नहीं बचेंगे कोई

पटना बिहार में जदयू नेता अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद महागठबंधन की ओर से सीएम पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने एनडीए पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मोकामा में जिस तरह की घटना घटी, वह तो होनी ही थी। तेजस्वी यादव ने ऐलान किया है कि उनकी सरकार आने के बाद दो महीने के भीतर सभी अपराधियों को जेल भेजने का काम किया जाएगा। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि रोहतास में पिता-पुत्र की हत्या कर दी गई। बिहार में लगातार महाजंगलराज की स्थिति बनी हुई है। बिहार में एक दिन ऐसा नहीं बीत रहा, जब गोलियां न चल रही हों। यह एनडीए को दिखाई नहीं देता। आज प्रधानमंत्री आ रहे हैं, लेकिन बिहार की स्थिति बहुत खराब है। तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि 14 नवंबर को महागठबंधन की सरकार बनने जा रही है। 18 नवंबर को हम शपथ लेंगे। 26 नवंबर से 26 जनवरी के बीच जाति-धर्म से परे हर अपराधी को जेल भेजा जाएगा। राजद नेता ने कहा कि इस बार स्पष्ट है कि बिहार की जनता महागठबंधन की सरकार बनाने जा रही है। पीएम मोदी को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात में फैक्ट्री लगाते हैं और बिहार में वे विक्ट्री चाहते हैं, यह नहीं चलेगा। एनडीए के लोग कह रहे हैं कि बिहार में एक करोड़ रोजगार देंगे। 11 साल में एनडीए ने एक नौकरी नहीं दी। बिहार में रोजगार देने का वादा सिर्फ जुमला है, इससे ज्यादा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि एनडीए के लोग अपराधियों को संरक्षण देते हैं। तेजस्वी ने कहा कि 20 बरस की एनडीए सरकार से युवाओं ने क्या ही मांगा? अपने हिस्से की नौकरी व रोजगार ही तो मांगा, लेकिन इस भ्रष्ट एनडीए सरकार ने युवाओं की जरूरतों पर ध्यान दिया ही नहीं। युवाओं के लिए एकदम कुछ किया ही नहीं। इसलिए युवा सत्ता में परिवर्तन करने जा रहे हैं। इस बार बिहार महागठबंधन की सरकार बना रहा है, जो हर घर को सरकारी नौकरी देगी।  

भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला! 7.63 लाख किसानों को मिलेगा राहत पैकेज का फायदा

जयपुर  राजस्थान की भजनलाल शर्मा की अगुवाई वाली सरकार ने सूबे के 7.63 लाख किसानों को बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार ने 2025 के खरीफ सीजन के दौरान भारी बारिश से प्रभावित 7.63 लाख किसानों के लिए कृषि इनपुट सब्सिडी के तौर पर राहत पैकेज को मंजूरी प्रदान कर दी है। शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में लिए गए इस फैसले का मकसद प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को हुए नुकसान से किसानों को राहत के रूप में आर्थिक संबल प्रदान करना है।   जारी बयान के अनुसार, सरकार की ओर से छह जिलों की 43 तहसीलों में भारी बारिश के कारण 33 फीसदी से अधिक नुकसान वाली फसलों की पहचान कर ली गई है। इनमें गिरदावरी (फसल क्षति आकलन) के आधार पर 3,777 गांवों को आपदा प्रभावित घोषित किया गया है। इन 3,777 गांवों के लगभग 7.63 लाख किसानों को राज्य आपदा राहत कोष से कृषि इनपुट सब्सिडी के तौर पर आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से की गई फसल गिरदावरी में प्रभावित गांवों में झालावाड़ के 1,597, टोंक के 1,197, बूंदी के 534, भरतपुर के 349, डीग के 58 और धौलपुर जिले के 42 गांव शामिल किए गए हैं। राजस्थान के अन्य हिस्सों में मौसम की मार से प्रभावित किसानों के बारे में भजनलाल शर्मा की अगुवाई वाली भाजपा सरकार का कहना है कि अन्य जिलों से भी फसल नुकसान की अंतिम रिपोर्ट जुटाई जा रही है। जैसे ही बाकी जिलों में गिरदावरी का काम पूरा होगा उन किसानों के लिए भी राहत पैकेज को मंजूरी प्रदान कर दी जाएगी। बता दें कि इस साल सूबे में भारी बारिश के कारण बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचा है।  

रजत जयंती पर उत्तराखण्ड का विज़न 2050 जारी, सीएम धामी बोले—‘अगले 25 साल होंगे स्वर्णिम’

देहरादून  उत्तराखण्ड राज्य निर्माण की रजत जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में रजतोत्सव समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में प्रदेशभर में 01 नवंबर को इगास पर्व से 11 नवम्बर 2025 तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण कर उन्हें नमन किया और कहा कि उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान ही हमें नया राज्य प्राप्त हुआ। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि उत्तराखण्ड 25 वर्षों की उल्लेखनीय यात्रा पूर्ण कर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प देशवासियों के सामने रखा है। वर्ष 2050 उत्तराखण्ड राज्य स्थापना का स्वर्ण जयंती वर्ष होगा। आने वाले इन 25 वर्षों के लिए राज्य सरकार एक नया रोडमैप बनाकर आगे बढ़ेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश की सीमाओं पर बलिदान देने वाले जवानों और राज्य आंदोलन के बलिदानियों को भी नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के रजतोत्सव समारोह के अंतर्गत 03 और 04 नवम्बर को देहरादून में विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 03 नवम्बर को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विशेष सत्र को संबोधित करेंगी, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। इस विशेष सत्र में राज्य को आगे ले जाने की दिशा में विचार-विमर्श होगा तथा बीते 25 वर्षों के अनुभवों पर चर्चा की जाएगी। 09 नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस पर मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। रजतोत्सव समारोह का केंद्रबिंदु संस्कृति, पर्यटन, युवाशक्ति, प्रवासी उत्तराखण्डी तथा राज्य आंदोलनकारी रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि जनभागीदारी का उत्सव है। प्रत्येक नागरिक और जनपद को इस उत्सव से जोड़ने का उन्होंने आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रजत जयंती वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और संकल्प का अवसर है। इसी क्रम में अगले 25 वर्षों के लिए खाका भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिसका लक्ष्य समृद्ध, आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तराखण्ड का निर्माण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में राज्य सरकार द्वारा अनेक उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता लागू की है। साथ ही भूमि कानून, धर्मांतरण विरोधी, नकल विरोधी और दंगारोधी कानून लागू कर सुशासन की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत और महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जबकि सहकारी समितियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए और एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। राज्य का बजट पहली बार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्तुत किया गया है। स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में 58 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं, मातृ मृत्यु अनुपात में उल्लेखनीय कमी आई है, लखपति दीदी योजना से 1 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना बढ़ा है और प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना वृद्धि हुई है। धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के पुनरोद्धार के लिए केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान और मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत कार्य प्रगति पर हैं। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन जैसी परियोजनाएं राज्य के विकास को नई दिशा देंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पलायन रोकथाम और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप और मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना जैसी पहलें संचालित कर रही है।  

ESIC की बड़ी पहल: कल से शुरू होगी यह खास सुविधा, हजारों कर्मचारियों को होगा फायदा

फरीदाबाद  फरीदाबाद सेक्टर-8 ईएसआईसी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। सोमवार से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू हो जाएगी। इसे लेकर डॉक्टर का पीएनडीटी के तहत रजिस्ट्रेशन पूरा हो गया है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने यहां अल्ट्रासाउंड जांच की अनुमति दे दी है।   जिले में ईएसआई का सेक्टर-8 में 50 बेड का अस्पताल और 13 डिस्पेंसरियां हैं। इनमें रोजाना करीब तीन हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में कई सालों से अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं थी। डिस्पेंसरियों से यहां अल्ट्रासाउंड के लिए आने वाले मरीजों को अस्पताल में सुविधा न होने के कारण ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। इनमें महिलाओं की संख्या भी काफी अधिक रहती है, जिनके लिए गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड जांच बेहद जरूरी होती है। ऐसे में मरीजों को दो अस्पतालों के बीच चक्कर काटने पड़ते हैं। साथ ही मेडिकल कॉलेज में मरीजों का दबाव अधिक होने के कारण वहां भी लंबी लाइनों से गुजरना पड़ता है। वहीं, कई बार रेफर मरीज जांच के लिए निजी क्लीनिकों का रुख करने को मजबूर होते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है। अब अस्पताल में ही सुविधा शुरू होने से मरीजों को समय, पैसा और परेशानी तीनों से राहत मिलने की उम्मीद है। अस्पताल की सुविधाओं में होगा बड़ा सुधार : अस्पताल प्रशासन ने बताया कि अल्ट्रासाउंड शुरू करने के लंबे समय से प्रयास जारी थे, लेकिन डॉक्टर का पीएनडीटी पंजीकरण न होने के कारण अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू नहीं हो पा रही थी। अब यह औपचारिकता पूरी हो चुकी है और मशीनें भी अपडेट की गई हैं। स्थानीय कर्मचारियों और मरीजों ने कहा कि सुविधा शुरू होने से ईएसआई अस्पताल की सेवाओं में बड़ा सुधार होगा और मरीजों का भरोसा और बढ़ेगा। डॉ. शालनी किशोर, चिकित्सा अधीक्षक, ईएसआई अस्पताल, सेक्टर-8, ''डॉक्टर का पंजीकरण पूरा हो गया है और मशीन की टेस्टिंग भी कर ली गई है। जल्द नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड जांचें की जाएंगी। फिलहाल यह सेवा ओपीडी समय में उपलब्ध रहेगी, बाद में जरूरत के अनुसार समय बढ़ाया जा सकता है।''  

बम की खबर से दहली विक्रमशिला एक्सप्रेस, घंटों चली तलाशी अभियान

अलीगढ़  बिहार के भागलपुर से आनंद विहार (दिल्ली) को जाने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस में आतंकवादी और बम की सूचना से रविवार सुबह हड़कंप मच गया। यूपी के अलीगढ़ स्टेशन पर दौड़ी-दौड़ी पहुंची फोर्स ने ट्रेन का कोना-कोना खंगाला। जीआरपी, आरपीएफ, सीआईबी के अधिकारी-जवान और डॉग स्क्वायड द्वारा ट्रेन की जांच की गई। इसके पहले भी हाल ही में इसी ट्रेन को लेकर ऐसी ही सूचना आई थी। पहले की तरह ही इस बार भी यह सूचना अफवाह निकली। करीब एक घंटे तक चली गहन तलाशी के बाद ट्रेन को आनंद विहार की ओर रवाना किया गया।   ट्रेन नंबर 12367 भागलपुर से चलकर आनंद विहार की ओर जा रही थी। रविवार तड़के जीआरपी आगरा कंट्रोल से सूचना मिली कि ट्रेन में आतंकवादी और बम है। सूचना मिलते ही स्टेशन पर हड़कंप मच गया। सूचना के बाद जीआरपी, आरपीएफ, सीआईबी, डॉग स्क्वायड की टीम प्लेटफार्म नम्बर पांच पर पहुंची। ट्रेन की एक घंटे गहन तलाशी ली गयी। हर डिब्बे के कोने-कोने में तलाश की गई। सुरक्षा बलों को किसी कोच में कोई संदिग्ध नहीं मिला। एक घंटे की तलाशी के बाद ट्रेन आनंद विहार की ओर रवाना किया गया। इटावा जीआरपी को फोन से मिली थी सूचना विक्रमशिला एक्सप्रेस में आतंकवादी और बम की सूचना एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा इटावा जीआरपी को दी गयी थी। ट्रेन की जांच के साथ ही सूचना देने वाले शख्स के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। उस शख्स की लोकेशन की जानकारी पर पता चला कि सूचना देने वाले ने इटावा जसवंत नगर से फोन किया था। फोन करने के बाद उसने मोबाइल बंद कर लिया है। जीआरपी शिकायत करने वाले कि तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।  

दीये से लगी साड़ी में आग, थिनर गोदाम में मचा हड़कंप — दो महिलाओं की मौत

इंदौर आरआर कैट रोड स्थित एक थिनर गोदाम में शनिवार शाम भीषण आग लग गई। हादसे में दो महिलाएं जिंदा जल गईं। बचाव अभियान में पुलिस, फायर और एसडीआरएफ की टीम लगानी पड़ी। झुलसने के कारण गोदाम मालिक की हालत गंभीर है। डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदानी के अनुसार गोदाम भैयालाल मुकाती (राऊ) का है, जो सिंधी कालोनी निवासी सूरज वाधवानी को किराए पर दिया था। वाधवानी आइल पेंट बनाने वाली कंपनियों को थिनर की सप्लाई करता है। देवउठनी ग्यारस पर महिलाओं ने यहां दीये लगाए थे। अचानक दीये से महिला की साड़ी में आग लग गई और पूरा गोदाम भभक उठा। जलने वाली महिलाओं की पहचान रामकली अहिरवार निवासी सागर और ज्योति मनोज नीम द्वारकापुरी के रूप में हुई है।   महिलाओं की साड़ी में लगी आग धमाके के साथ फटे थिनर के ड्रम राऊ थाना अंतर्गत आरआर कैट रोड पर लगी आग से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। आग की लपटें और धुआं 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। फायरकर्मियों को आग बुझाने में तीन घंटे लग गए। लपटें बुझने पर तलाशी ली तो दो महिलाओं के शव मिले। उनकी साड़ी में लगी आग से ही गोदाम में आग लगी थी। डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदानी के मुताबिक आग शाम करीब छह बजे लगी है। शनिवार को देव उठनी ग्यारस होने से महिलाओं ने पूजा की और दीये लगाए। इसी दौरान महिलाओं की साड़ी में आग लग गई। पहले आग बुझाने की कोशिश की। जब आग से कपड़े जलने लगे तो महिलाएं बचने के लिए इधर-उधर भागी। इस दौरान एक महिला ज्योति के बच्चे भी मौजूद थे। बच्चे व कुछ बुजुर्ग बाहर निकल गए और थिनर ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते थिनर के ड्रम बम की तरह फटने लगे। पूरे क्षेत्र में धुएं का गुबार छा गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची और आग बुझाने की कोशिश की। राजेंद्र नगर और राऊ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। डीसीपी के मुताबिक गोदाम में केमिकल के ड्रम भी बताए गए हैं। राजस्व अफसरों ने बताया कि करीब पांच हजार वर्गफीट पर बने इस गोदाम की जमीन का उपयोग व्यावसायिक है। अपनों की तलाश में रोते हुए भटक रहे थे स्वजन जैसे ही आग की सूचना मिली, कर्मचारियों के स्वजन पहुंच गए। रोते हुए पुलिस अफसर को बताया कि उनके स्वजन नहीं मिल रहे हैं। आग बुझने तक लोग इंतजार करते रहे। करीब दो घंटे बाद पुलिस और एसडीआरएफ ने रेस्क्यू किया तो ज्योति और रामकली के शव मिले। डीसीपी के मुताबिक रामकली मूलत: सागर की रहने वाली है। वह दो महीने पूर्व ही रंगवासा में रहने आई थी। फायर ब्रिगेड के अनुसार करीब ढाई लाख लीटर पानी लगा है।  

शिक्षा विभाग की सख्ती! जबलपुर के वक्फ बोर्ड स्कूल में खत्म हुई शुक्रवार की छुट्टी

जबलपुर अंजुमन इस्लामिया वक्फ बोर्ड के स्कूलों में शुक्रवार के दिन अवकाश रहता है। कुछ दिन पहले शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए छुट्टी का आदेश जारी किया गया था। रविवार को स्कूल खोलने का आदेश था। यह आदेश इंटरनेट मीडिया में बहुप्रसारित होने पर प्रशासन व शिक्षा विभाग हरकत में आया। गेट का ताल तोड़वाया शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने शुक्रवार को स्कूल पहुंचकर गेट का ताल तोड़वाया और स्कूल प्रबंधन को संबंधित आदेश वापस लेने के निर्देश दिए। अंजुमन स्कूल में लगभग 700 बच्चे हैं। प्रबंधन का दावा है कि जुमे की नमाज के कारण छात्रों की संख्या उंगलियों पर होती है।   संस्कारधानी में वक्फ बोर्ड की चार शिक्षण संस्थाएं हैं। बताया जा रहा है कि सभी में शुक्रवार को ऐसे ही हालात हैं। इन स्कूलों में शुक्रवार को जुमे के कारण छुट्टी रहती है, जबकि रविवार को हाफ टाइम तक स्कूल लगता है। अंजुमन इस्लामिया बोर्ड का एक कॉलेज भी है। बताया जाता है कि इन संस्थाओं में शुक्रवार को छुट्टी कई वर्षों से दी जा रही है। यह निर्णय बोर्ड के अध्यक्ष अन्नू अनवर और अन्य शिक्षकों की सहमति से लिया गया था। हालांकि, इस मामले में हिंदू संगठनों की आपत्ति के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अधिकारियों का क्या कहना अंजुमन इस्लामिया स्कूल में शुक्रवार को छुट्टी दिए जाने की जानकारी मिलते ही, स्कूल में रविवार को ही अवकाश दिए जाने और शुक्रवार को स्कूल खोले जाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कहीं प्रविधान नहीं है कि शुक्रवार को छुट्टी रखकर रविवार को स्कूल लगाया जाए।  

PF निकासी नियमों में बड़ा बदलाव, अब बिना झंझट पूरी राशि निकालना हुआ आसान!

नई दिल्ली  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। नए नियमों में अब कर्मचारी अपने भविष्य निधि (EPF) खाते से 100 प्रतिशत तक राशि निकाल सकते हैं। यह सुविधा कुछ शर्तों के जरिए पूरी होगी, जिससे सेवानिवृत्ति निधि पूरी तरह समाप्त न हो। 100% निकासी की सुविधा नए नियमों के अनुसार, कर्मचारी अब अपने ईपीएफ खाते से पूरी राशि (कर्मचारी और नियोक्ता का अंशदान) निकाल सकते हैं। यह निकासी केवल विशेष परिस्थितियों (बीमारी, शिक्षा, विवाह या आवास निर्माण जैसी जरूरतें) में ही संभव होगी। ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा आकस्मिक जरूरतों को पूरा करने के लिए दी है।   25% राशि खाते में रखना जरूरी फाइनेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सदस्यों को अपने कुल ईपीएफ बैलेंस का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा खाते में बनाए रखना होगा। इस राशि पर ब्याज (अभी 8.25%) और चक्रवृद्धि ब्याज मिलता रहेगा। इससे सदस्य अपनी भविष्य की सेवानिवृत्ति निधि को सुरक्षित रख सकेंगे और समय के साथ उस पर अतिरिक्त लाभ भी प्राप्त करेंगे। शिक्षा और विवाह के लिए निकासी के नियम बदले पहले सदस्य शिक्षा के लिए तीन बार और विवाह के लिए तीन बार तक निधि निकाल सकते थे। अब यह सीमा बढ़ा दी गई है। नए प्रावधानों के तहत सदस्य शिक्षा के लिए 10 बार और विवाह के लिए 5 बार तक राशि निकाल सकते हैं। यह सुविधा परिवारों को बिना कर्ज लिए बड़े खर्चों को संभालने में मदद करेगी। बेरोजगारी और विशेष परिस्थितियों में राहत अब बेरोजगारी की स्थिति में सदस्य अपने खाते से 75 प्रतिशत राशि निकाल सकते हैं, जबकि शेष 25 प्रतिशत राशि अंतिम निपटान के समय मिलती है। पहले सदस्यों को प्राकृतिक आपदा या लॉकडाउन जैसे कारणों का प्रमाण देना पड़ता था, जिससे आवेदन अस्वीकार हो जाते थे। नए नियमों के बाद प्रक्रिया अधिक आसान और पारदर्शी हो गई है।