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किसानों और राइस मिलर्स के लिए बड़ी खबर, योगी सरकार ने दी 1% रिकवरी छूट

लखनऊ  यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चावल मिलों को नॉन-हाइब्रिड धान की कुटाई पर 1% रिकवरी छूट देने का ऐलान किया है. इस फैसले से प्रदेश के लाखों अन्नदाता किसानों और 2000 से अधिक राइस मिलर्स को सीधा फायदा होगा, जिससे निवेश और रोजगार को भी प्रोत्साहन मिलेगा. सरकार इस कदम के तहत ₹167 करोड़ की प्रतिपूर्ति देगी.  लाखों किसानों और मिलर्स को सीधी राहत इस महत्वपूर्ण फैसले से प्रदेश के लगभग 13 से 15 लाख किसानों और 2000 से अधिक राइस मिलर्स को सीधा लाभ मिलेगा. 1% रिकवरी छूट मिलने से राइस मिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे धान की सरकारी खरीद प्रक्रिया और भी ज्यादा तेज हो सकेगी.  सरकार का यह कदम प्रदेश में 2 लाख रोजगार के अवसरों को भी सुदृढ़ करेगा. यह निर्णय स्पष्ट रूप से रोजगार और निवेश को बढ़ावा देगा. साथ ही सरकारी खरीद प्रक्रिया को तेज करेगा और राष्ट्रीय स्तर पर चावल की बचत सुनिश्चित करेगा.   चावल की बचत और सरकारी प्रतिपूर्ति का लेखा-जोखा यह फैसला राष्ट्रीय स्तर पर चावल की बचत सुनिश्चित करेगा, क्योंकि अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए बाहर से चावल की रैक मंगाने की आवश्यकता नहीं होगी. योगी सरकार इस नई छूट के लिए राइस मिलर्स को ₹167 करोड़ की प्रतिपूर्ति देगी. बता दें कि सरकार हाइब्रिड धान की कुटाई पर पहले से ही 3% रिकवरी छूट देती है, जिसके लिए प्रतिवर्ष लगभग ₹100 करोड़ की प्रतिपूर्ति की जाती है.

लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद के मेलों में बढ़ी खरीदारों की उत्साही भागीदारी

माटीकला मेलों में बिक्री का बना रिकॉर्ड, ₹4.20 करोड़ का आंकड़ा पार लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद के मेलों में बढ़ी खरीदारों की उत्साही भागीदारी 70 जनपदों में आयोजित लघु माटीकला मेलों में ₹2.19 करोड़ की उल्लेखनीय बिक्री हुई दर्ज, पिछले वर्ष से ₹91 लाख अधिक विक्रय संपन्न कारीगरों को सीधे उपभोक्ता से जोड़ने का सफल रहा प्रयास योगी सरकार ने पारंपरिक माटीकला को प्रोत्साहन करने के लिए बोर्ड गठन सहित किए हैं कई अभिनव प्रयास लखनऊ  उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में आयोजित माटीकला मेलों में प्रदेश के कारीगरों व हस्तशिल्प उत्पादों के विपणन में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। इस अवधि में बोर्ड ने 10 दिवसीय माटीकला महोत्सव, 07 दिवसीय क्षेत्रीय माटीकला मेले और 03 दिवसीय लघु माटीकला मेले आयोजित किए। इन सभी मेलों में कुल 691 दुकानें लगाई गईं और ₹4,20,46,322 की बिक्री हुई। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में दर्ज कुल बिक्री ₹3,29,28,410 की तुलना में ₹91,17,912 अधिक है, जो लगभग 27.7 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सबसे ज्यादा फोकस परंपरागत शिल्पों व उद्योगों में कार्यरत कारीगरों की उन्नति पर है। प्रदेश समेत देश-विदेश में उनके उत्पादों को वृहद स्तर पर खरीदार मिलें, इसके लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं और माटीकला बोर्ड इसमें महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। 70 जनपदों में बड़े स्तर पर हुई खरीदारी लखनऊ के खादी भवन में 10 से 19 अक्टूबर 2025 तक आयोजित 10 दिवसीय माटीकला महोत्सव में 56 दुकानों द्वारा ₹1,22,41,700 की बिक्री हुई। गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद में 13 से 19 अक्टूबर तक आयोजित 07 दिवसीय क्षेत्रीय मेलों में 126 दुकानों ने ₹78,84,410 का विक्रय किया। इसी क्रम में प्रदेश के 70 जनपदों में 17 से 19 अक्टूबर तक आयोजित 03 दिवसीय लघु माटीकला मेलों में 509 दुकानों के माध्यम से ₹2,19,20,212 की बिक्री दर्ज की गई। सहयोग व उत्पादों की गुणवत्ता बनी सकारात्मक परिणाम की कुंजी वित्तीय वर्ष 2024-25 में आयोजित मेलों में कुल 878 दुकानों द्वारा ₹3,29,28,410 की बिक्री हुई थी। यद्यपि इस वर्ष कुल दुकानों की संख्या कम रही, फिर भी विक्रय में वृद्धि यह दर्शाती है कि उत्पादों की गुणवत्ता, प्रदर्शनी की व्यवस्था और विपणन सहयोग अधिक प्रभावशाली रहा। इससे यह भी स्पष्ट हुआ है कि माटीकला उत्पादों के प्रति आमजन में जागरूकता और आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है। माटीकला बोर्ड का लक्ष्य है कि निरंतर मेलों, उन्नत प्रदर्शनी प्रबंधन, प्रशिक्षण, डिजाइन विकास व ब्रांडिंग गतिविधियों के माध्यम से कारीगरों को दीर्घकालिक आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान किया जाए। आने वाले सत्रों में अधिक उपभोक्ता आधारित कार्यक्रमों के आयोजन से कारीगरों की उत्पादकता, विपणन दक्षता तथा आय वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। योगी सरकार के प्रयासों से संरक्षित हो रही परंपरागत कला परंपरागत कारीगरों और शिल्पियों की कला को संरक्षित व संवर्धित करने, उनकी सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सुदृढ़ता, तकनीकी विकास और विपणन सुविधा बढ़ाने तथा नवाचार के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड का गठन किया है। इस पहल के माध्यम से न केवल पारंपरिक माटीकला को नई पहचान मिली है, बल्कि हजारों परिवारों को आत्मनिर्भरता का नया आधार भी प्राप्त हुआ है। योगी सरकार ने प्रजापति समुदाय के उन सभी लोगों के लिए, जो माटीकला उद्योग से जुड़े हैं, एक महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान की है कि गांव के तालाबों से मिट्टी निकालने की व्यवस्था निःशुल्क कर दी गई है। इससे कारीगरों को उत्पादन की मूल सामग्री सुलभ हुई है और उनकी लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। ये कदम दर्शाते हैं कि योगी सरकार परंपरागत शिल्प को केवल संरक्षित ही नहीं कर रही, बल्कि उसे आधुनिक विपणन, प्रशिक्षण और नवाचार के माध्यम से वैश्विक मंच तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। योगी सरकार के समग्र समर्थन से लाभान्वित हो रहे कारीगर सीईओ खादी एवं ग्रामोद्योग माटीकला बोर्ड के महाप्रबंधक ने बताया कि योगी सरकार के समग्र समर्थन और बोर्ड के लक्षित प्रयासों के परिणामस्वरूप कारीगरों को सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि मेलों में आए खरीदारों ने स्थानीय शिल्प व पारंपरिक उत्पादों को उत्साहपूर्वक अपनाया, जिससे कारीगरों की आय में वृद्धि हुई है तथा माटीकला उत्पादों की ब्रांड वैल्यू मजबूत हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी वर्षों में इन मेलों के दायरे का विस्तार कर और अधिक जिलों में इस तरह के आयोजन किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के माटीकला उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ सकें।

BLO ट्रेनिंग पूरी, अब 72 हजार बूथों पर एसआईआर के जरिए घर-घर जाएगा टीम

भोपाल  मध्य प्रदेश में मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए बिहार की तर्ज पर आज से सिस्टमैटिक इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट (SIR) का काम शुरू हो रहा है. इसके लिए ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 65 हजार बूथ लेवल अधिकारी (BLO) प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के 72 हजार बूथों पर घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे. इस अभियान में हर वोटर को 2003 के एसआईआर के आधार पर मिली जानकारी से फिर से वेरिफाई किया जाएगा. MP में आज से शुरू होगी SIR दरअसल, बिहार की तर्ज पर आज से मध्य प्रदेश में भी एसआईआर की शुरुआत हो रही है. मध्य प्रदेश के सभी 65,000 बीएलओ का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है. बीएलओ घर-घर जाकर आयोग द्वारा जारी किए गए फॉर्म बाँटेंगे. वे 2003 की एसआईआर के आधार पर मतदाताओं से जानकारी एकत्र करेंगे. बता दें कि राज्य की सभी 230 विधानसभा सीटों के हर बूथ के हर मतदाता का दोबारा सत्यापन किया जाएगा. जब BLO आपके घर पहुंचें तो सबसे पहले क्या करें? चुनाव आयोग ने नागरिकों से बीएलओ के साथ पूरा सहयोग करने की अपील की है, लेकिन कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि घर-घर जाकर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ कोई भी दस्तावेज़ नहीं लेंगे. अगर सत्यापन के दौरान पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो बीएलओ केवल ईआरओ (निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) को सूचित करके ही नागरिकों से ज़रूरी दस्तावेज़ मांग सकते हैं. अगर सत्यापन के दौरान पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो बीएलओ ईआरओ को सूचित करके नागरिकों से ज़रूरी दस्तावेज़ मांग सकते हैं. बीएलओ आयोग द्वारा अधिकृत पहचान पत्र साथ लाएंगे. नागरिक यहां पहचान पत्र देखकर जानकारी साझा कर सकते हैं.  यूपी-एमपी समेत इन 12 राज्यों में होगी SIR की शुरुआत, कब भरा जाएगा फॉर्म? जानें सब कुछ चुनाव आयोग बिहार के बाद अब नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत करने जा रहा है. इसका मंगलवार (4 नवंबर) से आगाज होगा. इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ समाप्त होगी. इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 51 करोड़ वोटर्स हैं. बिहार के बाद एसआईआर का यह दूसरा चरण है. बिहार में अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई थी. बिहार में करीब 7.42 करोड़ नामों को वोटर लिस्ट में शामिल किया गया था. दूसरे चरण में, जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की कवायद होगी, उनमें अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. घर-घर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ दस्तावेज नहीं लेंगे, विवाहित महिलाओं को मायके से मंगानी होगी डिटेल इस व्यवस्था के अंतर्गत वर्ष 2003 में जिन महिलाओं की उम्र 18 साल नहीं थी और एक जनवरी 2003 को जारी एसआईआर के दौरान जो महिलाएं विवाहित नहीं थीं। ऐसी महिलाओं को अब खुद को वोटर साबित करने के लिए मायके से अपना मतदाता क्रमांक और मतदान केंद्र क्रमांक मंगवाना होगा। सीईओ एमपी इलेक्शन ने कहा है कि घर-घर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ कोई भी दस्तावेज़ एकत्र नहीं करेगा। ऐसे होगा एसआईआर का काम चुनाव आयोग ने वर्ष 2002 से 2008 के बीच देश के सभी राज्यों की एसआईआर कराई है। इसका डेटा चुनाव आयोग की वेबसाइट के अलावा एमपी सीईओ की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसमें वोटर पूरी जानकारी भरकर एमपी में हुई 2003 की एसआईआर के आधार पर अपना मतदाता क्रमांक, मतदान केंद्र क्रमांक और अन्य जानकारी हासिल कर सकते हैं। यह जानकारी उन्हें बीएलओ द्वारा दिए गए फाॅर्म में भरकर देना होगी। नए वोटर्स के लिए फॉर्म 6 भरने को देंगे बीएलओ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने कहा है कि जिन परिवारों में कोई नया सदस्य 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है, उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए बीएलओ द्वारा फॉर्म 6 उपलब्ध कराया जाएगा। यदि किसी परिवार सदस्य का निधन हो गया हो या वह अन्यत्र स्थानांतरित हो गया हो, तो उसकी जानकारी भी बीएलओ को दें ताकि सूची से नाम विलोपित किया जा सके। झा ने कहा कि घर-घर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ कोई भी दस्तावेज़ एकत्र नहीं करेगा। दस्तावेज केवल तभी आवश्यक होंगे जब किसी एंट्री का सत्यापन पूर्ववर्ती रिकॉर्ड से मेल न खाए। ऐसी स्थिति में संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्री अधिकारी (ERO) अलग से सूचना देकर आवश्यक दस्तावेज़ मांगेगा। बीएलओ आयोग द्वारा अधिकृत पहचान पत्र लेकर आएंगे, नागरिक उनसे पहचान पत्र देखकर जानकारी साझा करें। मतदाता ऐसे तलाश सकेंगे अपना नाम     एसआईआर 2003 में वोटर अपना नाम तलाशने के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/ ओपन करेंगे।     इसे ओपन करने पर वोटर को जिस राज्य में 2003 में वोटिंग की है या वोटर के माता पिता, परिजन ने वोट डाला है, उस राज्य पर क्लिक करना होगा।     इसके बाद राज्य और संबंधित जिला तथा विधानसभा क्षेत्र पर क्लिक करना होगा।     वोटर या उसके परिजन ने विधानसभा क्षेत्र में जिस गांव, वार्ड के मतदान केंद्र में वोट डाला है, उसे ध्यान कर संबंधित मतदान केंद्र स्थल का नाम तलाशना पड़ेगा।     अगर 2003 में निवास वाले मोहल्ले में आबादी ज्यादा न हो तो आसानी से एक ही क्लिक में संबंधित मतदान केंद्र की वोटर सूची आ जाएगी जिसमें मतदाता क्रमांक और मतदान केंद्र की जानकारी निकालकर उसे बीएलओ द्वारा दिए गए फाॅर्म में भरना होगा।     अगर कोई अपनी जानकारी नहीं दे पाता है तो उसे फाॅर्म में बताए गए 11 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज देना होगा जिसके आधार पर बीएलओ उस मतदाता को वेरिफाई करेगा। 2026 में इन राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव इनमें से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. असम में भी 2026 में चुनाव होने हैं, लेकिन वहां मतदाता सूची के पुनरीक्षण की घोषणा अलग से की जाएगी, क्योंकि राज्य में नागरिकता सत्यापित करने के लिए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में प्रक्रिया चल रही है. साथ ही नागरिकता कानून का एक अलग प्रावधान असम में लागू होता है. एसआईआर को लेकर क्या बोला इलेक्शन कमीशन मुख्य निर्वाचन … Read more

सूचना निदेशक विशाल सिंह के जन्मदिन पर उत्सव, जनप्रियता और योगदान को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री के विज़न को जन-जन तक पहुँचाने वाले लोकप्रिय सूचना निदेशक विशाल सिंह का धूमधाम से मनाया गया जन्मदिन पुष्प गुच्छ व अंगवस्त्र पहनाकर पत्रकारों और कर्मचारियों ने दी सूचना निदेशक को जन्मदिन की बधाई ​ लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों के प्रचार-प्रसार में अतुलनीय योगदान देने वाले, युवा और ऊर्जावान सूचना निदेशक विशाल सिंह (आई.ए.एस.) का जन्मदिन आज सूचना निदेशालय में हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया।पत्रकारों और विभाग के अधिकारियों की भारी उपस्थिति ने समारोह को यादगार बना दिया।पत्रकारों ने निदेशक को पुष्पगुच्छ और अंग वस्त्र भेंट किए और केक काटकर हर्षोल्लास के साथ उनका जन्मदिन मनाया।इस अवसर पर पत्रकारों ने निदेशक के स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की।निदेशक विशाल सिंह ने स्वयं केक काटा और सभी उपस्थित लोगों को मिठाई खिलाकर अपना स्नेह और आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त ​पत्रकार एसोसिएशन के महामंत्री अब्दुल वहीद एवं सचिव जुबैर अहमद ने उनकी कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि विशाल सिंह के नेतृत्व में सूचना निदेशालय नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वह पत्रकार हित संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए, मुख्यमंत्री के विज़न को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुँचा रहे हैं, जिससे उन्होंने प्रदेश के मुखिया और मीडिया जगत दोनों का दिल जीत लिया है।​जन्मदिन ​के मौके पर वरिष्ठ पत्रकार शिव शरण सिंह,अब्दुल वहीद,जुबैर अहमद, सय्यद गुलाम हुसैन,देवराज सिंह,नज़्म अहसन,कौसर जहां,अजय सिंह,राघवेंद्र त्रिपाठी,सुनील कुमार,नवीन लाल सूरी जैसे प्रमुख पत्रकारों के साथ-साथ अपर सूचना निदेशक अरविंद मिश्रा,सहायक निदेशक जे पी सिंह,लेखाधिकारी संजय सिंह,परशुराम मौर्या,प्रमोद कपिल सिंह,शालिनी तोमर, अशोक सिंह,प्रमोद,संदीप ओझा,दीपक बाजपेई,अनिल सिंह,राहुल,मनोज यादव आदि मौजूद थे।अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे। ​

सरकारी स्कूलों के 55001 छात्रों ने राष्ट्रीय छात्रवृत्ति के लिए किया पंजीकरण

हरियाणा में स्कॉलरशिप के लिए 55 हजार छात्रों ने आवेदन, पानीपत रहा टॉप सरकारी स्कूलों के 55001 छात्रों ने राष्ट्रीय छात्रवृत्ति के लिए किया पंजीकरण हरियाणा: आठवीं कक्षा के छात्रों ने राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति के लिए बढ़ाया आवेदन हिसार  प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले कुल 55001 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है। खास बात है कि आवेदनों की दौड़ में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का गृह जिला पानीपत टॉप पर है, जहां 4232 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं। 4064 आवेदन के साथ सिरसा दूसरे, 3789 आवेदन के साथ अंबाला तीसरे और 3560 आवेदन के साथ हिसार चौथे पायदान पर है। जबकि पांचवें पायदान पर गुरुग्राम है, जहां 3401 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सबसे फिसड्डी चरखी-दादरी रहा, यहां से 1077 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। बता दें कि 30 नवंबर को राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति के लिए परीक्षा होगी, जिसका समय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। परीक्षा से 10 दिन पूर्व भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर एडमिट कार्ड अपलोड कर दिए जाएंगे। ये रहेंगी शर्तें – आवेदक सरकारी स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ रहा हो। – आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 3.30 लाख रुपये तक हो – चयनित विद्यार्थी को कक्षा 9वीं से 12वीं तक 48 हजार रुपये मिलेंगे यह है राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग की ओर से वर्ष 2008 में राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति शुरू की थी। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर वे विद्यार्थी, जो सरकारी स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ रहे हों, उन्हें अगले चार साल तक कुल 48 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है, ताकि आर्थिक रूप से तंगी होने के कारण विद्यार्थी पढ़ाई से ड्राप न कर लें। इसी उद्देश्य से सरकार ने उपरोक्त प्रोजेक्ट शुरू किया था। किस जिले में कितने आवेदन जिला – कुल आवेदनों की संख्या पानीपत – 4232 सिरसा – 4064 अंबाला – 3789 हिसार – 3560 गुरुग्राम – 3401 करनाल – 3212 कैथल – 3163 जींद – 2996 फतेहाबाद – 2795 सोनीपत – 2768 कुरुक्षेत्र – 2427 भिवानी – 2262 रेवाड़ी – 2185 यमुनानगर – 1971 नूंह – 1885 महेंद्रगढ़ – 1850 पलवल – 1522 रोहतक – 1507 पंचकूला – 1488 फरीदाबाद – 1454 झज्जर – 1393 चरखी दादरी – 1077     राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति के तहत प्रदेश में कुल 55001 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें आवेदनों की दौड़ में हिसार चौथे स्थान पर है। जबकि शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का गृह जिला पानीपत पहले पायदान पर है। निश्चित तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए यह योजना अच्छा प्रयास है। – संदीप सिंधु, जिला गणित विशेषज्ञ एवं राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति प्रभारी, हिसार।  

कार बाजार में धमाका! अक्टूबर में सबसे ज्यादा बिकी इस कंपनी की गाड़ियां, बाकी सब पीछे

नई दिल्ली भारत का ऑटो सेक्टर अक्टूबर 2025 में त्योहारी जोश और GST 2.0 के असर से पूरी तरह चमक उठा है। देश की बड़ी कंपनियां मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki), टाटा मोटर्स (Tata Motors), महिंद्रा (Mahindra), किआ (Kia) और टोयोटा (Toyota) ने इस महीने अब तक की सबसे ज्यादा सेल्स दर्ज की हैं। त्योहारी सीजन (नवरात्रि से दिवाली तक) में गाड़ियों की डिमांड इतनी जबरदस्त रही कि शोरूम पर बुकिंग और डिलीवरी दोनों के रिकॉर्ड टूट गए। पसंदीदा मॉडल्स पर सीमित समय की शानदार डील भारत की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने अक्टूबर 2025 में 2.42 लाख यूनिट्स की डिलीवरी की, जो कि इसका अब तक का सबसे बड़ा रिटेल रिकॉर्ड है। कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सेल्स और मार्केटिंग) पार्थो बनर्जी ने बताया कि हमने 40 दिनों के फेस्टिव सीजन में 5 लाख से ज्यादा बुकिंग्स दर्ज कीं, जिनमें से 4.1 लाख कारें हमने ग्राहकों को डिलीवर कीं। ये पिछले साल की तुलना में दोगुना प्रदर्शन है। मारुति स्विफ्ट (Swift), ब्रेजा (Brezza), बलेनो (Baleno) और फ्रोंक्स (Fronx) जैसी कारों की डिमांड अब भी टॉप पर बनी हुई है। SUV सेगमेंट में महिंद्रा (Mahindra) का राज कायम है। अक्टूबर 2025 में कंपनी ने 71,624 SUVs बेचीं, जो महिंद्रा (Mahindra) के इतिहास की सबसे ज्यादा मासिक बिक्री है। कंपनी के ऑटो डिविजन के CEO नलिनीकांत गोंलगुंटा ने कहा कि स्कॉर्पियो-N और XUV700 की डिमांड अब भी सप्लाई से आगे चल रही है। हर महीने बुकिंग बढ़ती जा रही है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (Tata Motors Passenger Vehicles) ने भी अपना अब तक का सबसे शानदार महीना दर्ज किया है। कंपनी ने 61,295 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल की तुलना में 26.6% ज्यादा है। किआ (Kia) ने भी अक्टूबर 2025 में अपनी इंडिया जर्नी का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी ने 29,556 यूनिट्स बेचीं। यह किआ (Kia) के लिए अब तक का बेस्ट मंथली सेल्स रिकॉर्ड है। सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अतुल सूद ने कहा कि हमारी प्रोडक्ट रेंज भारतीय ग्राहकों की बदलती जरूरतों से पूरी तरह मेल खाती है। EV सेगमेंट में बढ़ता योगदान हमारे फ्यूचर रेडी फोकस को साबित करता है। टोयोटा (Toyota Kirloskar Motor- TKM) ने भी जबरदस्त 39% की ग्रोथ दिखाई। अक्टूबर में कंपनी ने 42,892 यूनिट्स बेचीं, जो पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर है। फेस्टिव सीजन में इनोवा हाईक्रॉस (Innova Hycross) और अर्बन क्रूजर टेजर (Urban Cruiser Taisor) की डिमांड सबसे ज्यादा रही। वहीं, स्कोडा ऑटो इंडिया (Skoda Auto India) ने भी नया रिकॉर्ड बनाया। इस कंपनी ने अक्टूबर में 8,252 यूनिट सेल की, जो कंपनी की अब तक की सबसे ज्यादा मासिक बिक्री है। जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच स्कोडा (Skoda) ने पहले ही 2022 के पूरे साल का रिकॉर्ड पार कर लिया है। हुंडई (Hyundai Motor India) की बिक्री में मामूली 3% की गिरावट रही, लेकिन फिर भी यह कंपनी के लिए क्रेटा (Creta) और वेन्यू (Venue) की दूसरी सबसे बड़ी बिक्री वाला महीना रहा। दोनों SUVs की लगातार मजबूत डिमांड यह साबित करती है कि हुंडई (Hyundai) की पकड़ अब भी SUV मार्केट में बनी हुई है। इस महीने के आंकड़े साफ बताते हैं कि SUV सेगमेंट भारत के कार बाजार पर पूरी तरह हावी है। त्योहारी मांग और GST 2.0 के असर ने ग्राहकों को खरीदारी के लिए प्रेरित किया है। ग्रामीण इलाकों में रिकवरी और नई लॉन्चेज ने भी ऑटो इंडस्ट्री में जान फूंक दी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऊर्जा विभाग की “समाधान योजना” का किया शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समाधान योजना से प्रदेश के 90 लाख से अधिक नागरिकों को लाभ होगा। यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए राहत का द्वार खोल रही है, जो किसी कारणवश समय पर अपने बिजली बिल नहीं भर पाए। इस योजना में तीन माह या उससे अधिक समय से बिल बकाया रखने वाले घरेलू, गैर घरेलू ,कृषि तथा औद्योगिक उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट प्रदान की जाएगी। योजना से बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने के साथ ही राज्य की बिजली व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। इस कदम से जनता का भरोसा और शासन की पारदर्शिता एक साथ बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दबाकर समाधान योजना की शुरूआत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पॉवर मैनेजमेंट कंपनी का नया भवन, कंपनियों के प्रबंधन और कार्य क्षमता में वृद्धि में सहायक होगा। नए भवन से ऊर्जा प्रबंधन और जन सामान्य से बेहतर समन्वय में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाधान योजना के शुभारंभ और एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की ऑल राउंडर महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर दें संवेदनशीलता का परिचय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "समाधान योजना' 2025-26" से प्रदेश के 90 लाख उपभोक्ताओं का 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक बिजली बिल सरचार्ज माफ किया जा रहा है। समाधान योजना में 3 माह तक का सरचार्ज रखने वाले उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सरचार्ज छूट का लाभ मिलेगा। ऊर्जा विभाग के सोमवार को लोकार्पित भव्य भवन से विभाग में कार्यरत तीनों कंपनियों के संचालन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह नया भवन ऊर्जा प्रबंधन, तकनीकी नवाचार और जनसेवा का केन्द्र बनेगा। किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार संकल्पित है। आशा है विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधियों से सतत् संवाद और आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण से अपनी संवेदनशीलता का परिचय देंगे। वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से पूर्ण करने का है हमारा लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार "सबके लिए रोशनी-सबके लिए प्रगति'' का ध्येय लेकर प्रदेश में गतिविधियां संचालित कर रही है। खेत हो या कारखाने, शहर हो या गांव हर घर में रोशनी इसका प्रमाण है। ऊर्जा विभाग से वर्ष 2024-25 में लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को 18 हजार करोड़ रूपए से अधिक की बिजली सब्सिडी दी गई। राज्य सरकार ने विभिन्न नीतिगत निर्णयों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सतत् विकास को प्राथमिकता दी। इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी, रिन्यूबल एनर्जी पॉलिसी 2025 और पंप हाइड्रो पॉलिसी-2025 के अंतर्गत औद्योगिक निवेश के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए गए हैं। राज्य में 62 गीगावाट सौर, 11 गीगावाट पवन, 4 गीगावाट बॉयोमास और 820 मेगावाट लघु जल विद्युत की क्षमता है। हमारा लक्ष्य 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से पूर्ण करने का है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना में 2.70 रूपये प्रति यूनिट बिजली अब तक की सबसे कम टैरिफ दर पर प्राप्त हुई है। यह अपने-आप में रिकार्ड है। शुभ है स्थापना दिवस उत्सव के दौरान समाधान योजना का आरंभ होना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में तीन दिवसीय स्थापना दिवस महोत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान समाधान योजना का शुभारंभ और नए भवन का लोकार्पण शुभ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केन्द्रित महानाट्य प्रदेश के गौरवशाली अतीत की झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और प्रगति पर केन्द्रित प्रदर्शनियों और आयोजनों में सहभागी होने का उपस्थित जनसमुदाय से आह्वान किया। समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक बिजली पहुंचाना है हमारा लक्ष्य : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सभी स्तर पर ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हम अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति की सुविधा को देखते हुए कार्य कर रहे हैं। आज आरंभ हुई समाधान योजना सुशासन और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग से संबंधित प्रस्तावों को डॉ. यादव ने सहजता से स्वीकार किया। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जायेगा। कार्यक्रम में समाधान योजना पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना "जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं'' के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। समाधान योजना दो चरणों में चलेगी। प्रथम चरण 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक होगा, जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में यह योजना एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी। इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्‍त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को विद्युत वितरण कंपनियों यथा म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in, म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर हेतु www.mpez.co.in एवं म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर हेतु www.mpwz.co.in पर पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है। साथ ही विद्युत वितरण … Read more

जनता दर्शन :प्रदेश भर से आए एक-एक फरियादी से मिले मुख्यमंत्री

प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए संकल्पित है सरकार: मुख्यमंत्री जनता दर्शन :प्रदेश भर से आए एक-एक फरियादी से मिले मुख्यमंत्री  पुलिस, आर्थिक सहायता, जमीनी विवाद, पारिवारिक मामलों से जुड़ी शिकायतें आईं मुख्यमंत्री ने समयबद्ध निस्तारण व फीडबैक लेने का दिया निर्देश    लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवम्बर माह के पहले सोमवार को भी 'जनता दर्शन' किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई जनपदों से आये एक-एक पीड़ितों के पास पहुंचकर उनकी समस्या सुनी, फिर अफसरों को निर्देश दिया कि निश्चित समयावधि में उचित निस्तारण कराएं और पीड़ितों से फीडबैक लें। इस दौरान लगभग 60 से अधिक पीड़ितों ने एक-एक कर अपनी समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। फरियादियों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए संकल्पित है।  पुलिस से जुड़े मामलों पर मुख्यमंत्री ने कहा- पीड़ितों की संतुष्टि आवश्यक 'जनता दर्शन' के दौरान कई पीड़ितों ने पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताया। पीड़ितों ने चोरी की घटना के अनावरण के बाद भी रिकवरी न होने पर असन्तुष्टि जताई। साथ ही जमीन कब्जे की भी शिकायत मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई। इस पर मुख्यमंत्री ने इसकी जांच कर तत्काल कब्जा हटवाने के निर्देश दिए।  आप सिर्फ एस्टिमेट भिजवाइये और मरीज का ध्यान रखिये एक पीड़ित ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सिर्फ अस्पताल से एस्टिमेट बनवाकर भिजवाइये और अपने मरीज का ध्यान रखिये। बाकी हम पर छोड़ दीजिए। धन के अभाव में किसी पीड़ित का इलाज नहीं रुकेगा। सरकार हर जरूरतमंद के इलाज के लिए पहले दिन से ही खड़ी है।     मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों को दी चॉकलेट  मुख्यमंत्री ने 'जनता दर्शन' में फरियादियों के साथ आए बच्चों का हालचाल जाना। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर दुलार किया और अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट दी। उन्होंने बच्चों से कहा कि खूब पढ़ो-जमकर खेलो और माता-पिता का नाम रोशन करो।    

छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 : नवाचार और निवेश का नया अध्याय

4 नवम्बर को होगा आयोजन – स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए बड़ा अवसर रायपुर, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा 4 नवम्बर को छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन राज्य के स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी क्षेत्र को नई दिशा देने के साथ-साथ उसे राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का प्रयास है। छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 में निवेशक, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और युवा उद्यमी एक ही मंच पर जुटेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को आईटी, आईटीईएस और तकनीकी उद्यमिता का अग्रणी केंद्र बनाना है। यह आयोजन नए निवेश को गति देगा, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के बीच साझेदारी के अवसर बढ़ाएगा, तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में राज्य की उभरती क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करेगा। आयोजन में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) और MeitY स्टार्टअप हब जैसे राष्ट्रीय संस्थान भी भाग लेंगे। कार्यक्रम में नई तकनीक, नवाचार नीतियों और वैश्विक सहयोग के अवसरों पर चर्चा की जाएगी। राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के तहत स्टार्टअप्स और आईटी/आईटीईएस निवेशकों के लिए सीड फंडिंग, संचालन सहायता और इनक्यूबेशन सपोर्ट जैसे अनेक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ साझेदारी समझौते भी किए जाएंगे ताकि छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन, नवाचार और वैश्विक बाजारों तक पहुँच प्राप्त हो सके। छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 राज्य को मध्य भारत का प्रमुख नवाचार और तकनीकी केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह आयोजन राज्य में एक मजबूत, नवाचार-प्रेरित और वैश्विक स्तर पर जुड़ा हुआ स्टार्टअप वातावरण तैयार करेगा। “4 नवम्बर को आयोजित होने जा रहा ‘छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025’ राज्य में नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के नए युग की शुरुआत करेगा। यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ के युवाओं में स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी उद्यमिता को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि राज्य को ‘न्यू इंडिया’ के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मिशन में एक प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित करेगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियानों की भावना के अनुरूप है, जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में नवाचार और कौशल को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा विचार एक अवसर बने, और हर नवाचार राज्य की प्रगति में योगदान दे।”- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

महाभारत AI प्रोजेक्ट में गलती, हस्तिनापुर की सेटिंग में दिखा आधुनिक फर्नीचर

मुंबई  माइथोलॉजिकल शोज का इंडियन ऑडियंस के बीच हमेशा से क्रेज देखा गया है. खासकर अगर उसका सब्जेक्ट रामायण या महाभारत की कहानी पर बेस्ड हो. आपको बीआर चोपड़ा की एपिक महाभारत और उसके दमदार किरदार अभी तक याद होंगे. इसके बाद कई मेकर्स ने महाभारत बनाई लेकिन कोई बीआर चोपड़ा के विजन के सामने नहीं टिक सका. अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नए अंदाज की महाभारत दर्शकों को देखने को मिल रही है. बिना एक्टर्स और मैनपावर के बनी ये महाभारत AI की देन है. AI महाभारत का सीन वायरल जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रहे इस शो का नाम है, महाभारत- एक धर्मयुद्ध. इसे पूरी तरह AI यानी आर्टिफिशियल एंटेलीजेंस द्वारा बनाया गया है. शो के रिलीज होते ही नया विवाद खड़ा हो गया है. यूजर्स ने एक ब्लंडर को नोटिस किया है. जिसमें हस्तिनापुर में आज के दौर का मॉर्डन फर्नीचर रखा हुआ दिखा. शो का पहला एपिसोड 25 अक्टूबर को स्ट्रीम हुआ था. इसमें प्रिंस देवव्रत (जो बाद में भीष्म के नाम से जाने गए) के जन्म पर फोकस किया गया. एक सीन में दिखाया जाता है मां गंगा नवजात बच्चे के साथ हस्तिनापुर पैलेस के कमरे में हैं. उस सदी के इंटीरियर से कमरे को मैच करने की पूरी कोशिश हुई. लेकिन एक जगह चूक हुई. बेड के बगल में एक साइड टेबल रखा है, जिसपर ड्रॉअर भी बनी हुई हैं. प्राचीनकाल के उस दौर में ये मॉर्डन फर्नीचर देखकर यूजर्स के होश उड़ गए हैं. शो के पीछे पड़े ट्रोल्स चंद सेकेंड के सीन को लोगों ने तुरंत नोटिस किया और स्क्रीनशॉट लेकर इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है. शख्स ने लिखा- अब सीन में बस वायरलेस चार्जर की जरूरत है. किसी ने लिखा- बेडसाइड टेबल देखकर मेरी हंसी नहीं रुक रही है. एक शख्स के मुताबिक, एक सीन में दीवार पर टंगी फोटो में शख्स ने सूट पहना हुआ था. यूजर्स ने शो के बजट के बारे में भी सवाल पूछे हैं. कई यूजर्स का कहना है ये शो एक मजाक है, जिसे एक बार फन के लिए देखा जाना चाहिए. किसी का कहना है कि महाभारत के आइकॉनिक करैक्टर्स को AI वर्जन में देखकर दुख हो रहा है.  अभी शो के 2 ही एपिसोड ऑनएयर हुए हैं. इंटरनेट पर शो को मिस्क्ड रिस्पॉन्स मिल रहा है. जहां एक तरफ फिल्ममेकिंग में एआई तकनीक का इस्तेमाल ना करने की बात हो रही है. वैसे महाभारत जैसे प्रोजेक्ट को AI वर्जन में लाकर मेकर्स ने बड़ा एक्सपेरिमेंट किया है. देखते हैं उनका ये रिस्क कितना फायदेमंद साबित होता है.