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11 मामलों का बोझ और चुनाव की जंग: दुलारचंद यादव हत्या केस में नामजद अनंत सिंह

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की वोटिंग से पहले मोकामा से जेडीयू के प्रत्याशी एवं बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह मर्डर केस में फंस गए हैं। मोकामा से जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्षी के समर्थन में प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में अनंत सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया है। गुरुवार को मोकामा के टाल इलाके में स्थित हुए इस हत्याकांड के बाद क्षेत्र से मोकामा में विधानसभा का चुनाव खूनी रंजिश में बदल गया। टाल क्षेत्र में तनाव का माहौल है, पुलिस गांवों में कैंप कर रही है।  रात मृतक दुलारचंद यादव के पोते के बयान पर पुलिस ने अनंत सिंह, उनके दो भतीजों रणवीर और कर्मवीर समेत 5 लोगों पर हत्या की नामजद प्राथमिकी दर्ज की। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अनंत सिंह के लोगों ने पहले गोली मारी और फिर गाड़ी चढ़ाकर दुलारचंद की हत्या कर दी। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि मोकामा के तारतर गांव के पास दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां 2 से 3 गाड़ियां खड़ी मिलीं। गाड़ियों के शीशे टूटा हुआ था। इसमें से एक गाड़ी में दुलारचंद यादव का शव पाया गया। दुलारचंद इस क्षेत्र के पूर्व में अपराधी रहे हैं। उन पर हत्या और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। हालांकि, जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह ने हत्या के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जब वह चुनाव प्रचार कर लौट रहे थे तो आगे निकल गए। पीछे रह गई उनके काफिले की गाड़ियों को जन सुराज पार्टी समर्थकों ने घेर लिया और ईंट पत्थर से हमला कर दिया था। अनंत सिंह ने इसे राजद नेता सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। वहीं, सूरजभान ने अनंत सिंह के आरोप पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि झगड़े की पहल दुलारचंद यादव ने की थी।  दुलारचंद पर दर्ज हैं हत्या, रंगदारी सहित 11 मामले दुलारचंद पर हत्या, रंगदारी जैसे 11 संगीन मामले दर्ज थे. 80 के दशक में दुलारचंद का टाल इलाके में दहशत का सामराज्य था. वे माओवादी विचार का समर्थक रहे थे. 1990 मे वह कोर्ट से जमानत के बाद राजनीतिक जीवन बीता रहा थे और हाल के दिनों में जनसुराज के प्रत्याशी पीयूष के साथ चुनाव प्रचार कर रहे थे. दुलारचंद व अनंत सिंह के बीच पुरानी अदावत थी. 1990 में अनंत सिंह के भाई दिलीप सिंह के खिलाफ वे चुनाव भी लड़े थे, पर हार गये थे. कई दिनों से दोनों के बीच जुबानी जंग चल रही थी. कोल सप्लाइ के व्यवसाय से आर्थिक मजबूती मिली मूल रूप से मोकामा के घोसवरी निवासी दुलारचंद यादव किसान परिवार से आते थे. पिता रामकृष्ण यादव स्थानीय स्तर पर समाजसेवी माने जाते थे. दुलारचंद ने शुरुआती दिनों में ठेकेदारी और कोल सप्लाई के व्यवसाय के जरिये आर्थिक रूप से खुद को मजबूत किया. दुलारचंद यादव पर हत्या, रंगदारी, अवैध हथियार, भूमि विवाद, और चुनावी हिंसा जैसे आरोप शामिल है. 2009 के मोकामा विधानसभा चुनाव के दौरान गोलाबारी और बूथ कब्जे की घटना मे भी उनका नाम चर्चाओं में रहा. कांग्रेस नेता की हत्या में भी नामजद थे दुलारचंद 1991 में 16 नवंबर को लोकसभा पंडारक स्थित मतदान केंद्र पर कांग्रेस नेता सीताराम सिंह की गोली मारकर हत्या हो गयी थी. इस मामले में दुलारचंद समेत चार को नामजद अभियुक बनाया गया था. हालांकि बाद में दो लोगों को बरी कर दिया गया था. 2015 में बाढ़ अनुमंडल में हुए संजय सिंह हत्या कांड और 2018 में मोकामा थाना कांड संख्या- 152/18 (आर्म्स एक्ट) में भी उनका नाम उभरा था. हालांकि कई मामलों में वे बरी हो गए, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में स्थानीय दबंग नेता के रूप में उनका नाम लंबे समय तक बना रहा. मोकामा में कैसे हुआ बवाल? दुलारचंद यादव का बाढ़ और मोकामा के टाल इलाके में काफी दबदबा था। खुशहाल चक के निकट प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी गुरुवार दोपहर बाद करीब 3:30 बजे अपने समर्थकों के साथ प्रचार कर रहे थे। दुलारचंद यादव भी उनके साथ थे। उसी रास्ते से अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ गुजर रहे थे। बताया जाता है कि दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच गाली गलौज शुरू हो गई। बात बढ़ने पर ईंट-पत्थर चलाना शुरू कर दिया। बाद में गोली भी चली और दुलारचंद यादव की मौत हो गई।

यूजर्स के लिए नई सुविधा: Galaxy AI और अन्य अपडेट से स्मार्टफोन का इस्तेमाल अब आसान और सुरक्षित

मुंबई  Samsung यूजर्स के लिए दो बड़े और शानदार अपडेट आए हैं, जो उनके स्मार्टफोन के इस्तेमाल को और भी आसान और सुरक्षित बना देंगे. पहला अपडेट Galaxy AI के लिए है, इसमें गुजराती भाषा को जोड़ा गया है. दूसरा Samsung Wallet में भी नअ बदलाव किए गए है जिसने डिजिटल पेमेंट के तरीके को बदल दिया है. Galaxy AI अब आपकी लोकल भाषा को समझेगा Samsung ने Galaxy AI में दो नई भाषाओं गुजराती और फिलिपीनो का सपोर्ट जोड़ा है, जिससे अब यह कुल 22 भाषाओं को सपोर्ट करेगा. यह अपडेरोल आउट हो रहा है. इस कदम से भारत में गुजराती बोलने वाले लाखों यूजर्स अब अपनी लोकल भाषा में सैमसंग की एडवांस्ड AI टेक्नोलॉजी का फायदा उठा पाएंगे. आप अपने स्मार्टफोन की सेटिंग्स ऐप से इन भाषाओं को डाउनलोड करके Galaxy AI के Live Translate फीचर में इस्तेमाल कर सकते हैं. गुजराती और फिलिपीनो भाषा मॉडल को सैमसंग ने भारत और इंडोनेशिया के रिसर्च सेंटर्स के साथ मिलकर तैयार किया है. सैमसंग इंडिया के सीनियर डायरेक्टर के अनुसार, लोकल भाषा को जोड़ना उनके मिशन का हिस्सा है. इससे अलग-अलग भाषा बोलने वाले भारतीय यूजर्स मोबाइल AI का पूरा फायदा आसानी से उठा सकें. Samsung Wallet में एडवांस फीचर्स  Samsung Wallet ऐप में आए नए फीचर्स ने डिजिटल पेमेंट को पहले से भी ज्यादा तेज और सुरक्षित बना दिया है. अब कोई भी यूजर अपना नया गैलेक्सी स्मार्टफोन सेटअप करते ही सैमसंग वॉलेट के जरिए UPI रजिस्ट्रेशन करके तुरंत पेमेंट कर पाएगा. सबसे बड़ा अपडेट यह है कि अब यूपीआई पेमेंट्स के लिए पिन डालने की जरूरत नहीं होगी. इस फीचर को हाल ही में NPCI की मंजूरी मिली थी. अब यह फीचर सैमसंग वॉलेट ऐप में उपलब्ध होगा. सुरक्षित पेमेंट  आप सिर्फ अपने फिंगरप्रिंट या फेस रेकग्निशन के जरिए सुरक्षित तरीके से भुगतान कर पाएंगे. इसके साथ ही यह ऐप अब आपकी सभी डिजिटल चाबियों, पेमेंट्स, ID और कार्ड्स को एक ही जगह सुरक्षित रखने की सुविधा भी देती है. जिससे आपका स्मार्टफोन एक्सपीरियंस और भी स्मार्ट और स्मूथ हो जाता है. 

चंडीगढ़ मामला: सेना अधिकारी को मिली सजा, पीड़िता ने रखी अपनी प्रतिक्रिया

चंडीगढ़ सेना की एक जनरल कोर्ट मार्शल (GCM) ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME) कोर के एक कर्नल को बुधवार को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया। अधिकारी को अपने एक साथी कर्नल की पत्नी के साथ अवैध संबंध रखने का दोषी पाया गया। यह कोर्ट मार्शल मई में चंडीगढ़ स्थित ‘एन’ एरिया में शुरू हुआ था। अदालत ने आरोपी अधिकारी को चार में से तीन आरोपों में दोषी करार दिया। यह पूरी प्रक्रिया सेना अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत संचालित हुई। आरोप और फैसला इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पहला आरोप सेना अधिनियम की धारा 45 के तहत था, जो “एक अधिकारी द्वारा अपने पद और चरित्र के अनुरूप न होने वाले आचरण” से संबंधित है। आरोप था कि सितंबर 2021 से अगस्त 2022 के बीच आरोपी कर्नल ने अपने साथी अधिकारी की पत्नी से रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच फोन पर लगातार संपर्क रखा। इस आरोप में कोर्ट मार्शल ने आरोपी को दोषमुक्त पाया। महिला के पति ने अदालत में बताया कि उसे अपनी पत्नी के कॉल डिटेल्स एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए पैकेट में प्राप्त हुए थे। दूसरा और तीसरा आरोप भी धारा 45 के तहत था। इनमें कहा गया था कि आरोपी कर्नल सितंबर 2021 में हरिद्वार के होटल रेडिसन ब्लू और अप्रैल 2022 में देहरादून के होटल एनजे पोर्टिको में अपने साथी अधिकारी की पत्नी के साथ रुका था। इन दोनों आरोपों में आरोपी को दोषी ठहराया गया। चौथा आरोप सेना अधिनियम की धारा 69 के तहत था, जिसमें कहा गया कि आरोपी ने धोखाधड़ी से उस महिला का ‘डिपेंडेंट कार्ड’ इस्तेमाल किया, जबकि वह जानता था कि यह जाली है। इस आरोप में भी अधिकारी को दोषी पाया गया। गवाही और तर्क शिकायत करने वाले कर्नल ने गवाही में कहा कि दिसंबर 2006 में उनका विवाह हुआ था और वे सुखी दांपत्य जीवन जी रहे थे। लेकिन हरिद्वार की छुट्टी से लौटने और लेह यात्रा के बाद उनकी पत्नी के व्यवहार में बदलाव आने लगा। लेह यात्रा के दौरान महिला उसी आवास में ठहरी थी जिसकी व्यवस्था खुद आरोपी कर्नल ने की थी। क्या बोली महिला? वहीं, संबंधित महिला ने अदालत में बताया कि वह अपने पति के साथ पिछले 16 वर्षों से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थी और अब वह उसके साथ नहीं रह सकती। उसने यह भी कहा कि आरोपी कर्नल उसका बचपन का सहपाठी है और एक 42 वर्षीय एडल्ट के रूप में यह उसका अधिकार है कि वह किससे बात करे या न करे। महिला ने आरोपी कर्नल के साथ किसी भी होटल में ठहरने के आरोपों से इनकार किया है। कोर्ट मार्शल की अध्यक्षता मुख्यालय यूनिफॉर्म फोर्स के ब्रिगेडियर जगमिंदर सिंह गिल ने की, जबकि छह कर्नल इस मामले के सदस्य थे। यह कार्रवाई 8 माउंटेन डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल के. महेश के आदेश पर शुरू की गई थी। कोर्ट मार्शल द्वारा सुनाई गई सेवा से बर्खास्तगी की सजा अब कन्वीनिंग अथॉरिटी की पुष्टि के बाद अंतिम रूप लेगी। सेना के नियमों के अनुसार, किसी भी ऐसे निर्णय की पुष्टि से पहले संबंधित अधिकारी को अपील का अवसर प्रदान किया जाता है।

रायपुर में जनजातीय गौरव का नया केंद्र: केन्द्रीय मंत्री ओराम ने संग्रहालय लोकार्पण तैयारियों की समीक्षा की

रायपुर : केन्द्रीय मंत्री ओराम ने जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण की तैयारियों का लिया जायजा राज्योत्सव पर 1 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे संग्रहालय का उद्घाटन रायपुर केन्द्रीय जनजातीय मामले के मंत्री जोएल ओराम ने आज शाम निर्माण स्थल पहुंच कर नवा रायपुर, अटल नगर मे छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेननियों के शौर्य गाथा की स्मृति में तैयार भव्य एवं आकर्षक शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह-संग्रहालय के लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लिया। गौरतलब है कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी राजयोत्सव के मौके पर 01 नवंबर को शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह-संग्रहालय का उदघाटन करेंगे। केन्द्रीय मंत्री ओराम ने इस दृष्टिकोण से सुरक्षा सहित अन्य अवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। छत्तीसगढ़ सरकार में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम और विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने इस दौरान केन्द्रीय मंत्री जोएल ओराम को छत्तीसगढ़ मे हुए जनजातीय विद्रोहों और स्थापित गैलरियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। मंत्री ओराम ने जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं पर बने संग्रहालय का भी निरीक्षण किया । मंत्री नेताम ने ओराम को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनजाति के वर्ग के ऐतिहासिक घटनाओं और परंपराओं के संरक्षण व संर्वधन के उद्देश्य से इन संग्रहालय के निर्माण का बिडा उठाया है, जो बनकर तैयार है। छत्तीसगढ़ रजत जंयती वर्ष, राज्योत्सव के मौके पर 1 नवम्बर को प्रधानमंत्री मोदी के करकमलों से इस संग्रहालय का लोकार्पण होगा। केन्द्रीय मंत्री ओराम ने जनजाति नायक-नायिकाओं के वीरगाथाओं पर तैयार इस जीवंत संग्रहालय की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक यह स्मारक सह-संग्रहालय लोगों के समर्पित होगा है और यह संग्रहालय नई पीढ़ियों को पुरखों की वीर गाथाओं को अवस्मरणीय बनाएगा। उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह-संग्रहालय 50 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है। यहां 16 गैलरियों में अंग्रेजी हुकूमत काल में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की मूर्तियां लगाई गई है। जनजातीय विद्रोहों के बारे में लोग आसानी से समझ सके इस लिहाज से डिजीटली व्यवस्था भी की गई है। इस अवसर पर उनके साथ विधायक किरण सिंह देव, आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, टीआरटीआई संचालक मती हिना अनिमेष नेताम सहित निर्माण कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल से शिवनंदनपुर में 4 करोड़ के विकास कार्यों को हरी झंडी

रायपुर सूरजपुर जिले के शिवनंदनपुर नगर में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 4 करोड़ रुपए के महत्वपूर्ण विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि इन योजनाओं से आमजन को प्रत्यक्ष राहत मिलेगी और क्षेत्र की बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जाएगा।मंत्री मती राजवाड़े ने कहा कि जनता की सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता है। विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं ताकि लोगों को जल्द से जल्द लाभ मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि स्वीकृत प्रमुख कार्य में वार्ड 6 और वार्ड 13 में घाट निर्माण के लिए लगभग 21.87 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृति मिली है।जिससे धार्मिक व सामाजिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित पहुंच और श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों को नदी से जुड़ी सुविधाएँ मिल सकेगी। वार्ड 12 में फुटपाथ निर्माण कार्य के लिए लगभग 27.23 करोड़ की मंजूरी मिली है।स्वीकृति से महिलाओं, बच्चों और आम लोगों के लिए सुरक्षित आवागमन प्राप्त होगा।  वार्ड 13 में लगभग 52.94 लाख की स्वीकृति से नई चौपाटी की स्वीकृति मिली है। जिससे परिवारों व युवाओं के लिए नया मनोरंजन स्थल और स्थानीय व्यापार व रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।  अन्य बुनियादी कार्यों में बी.टी. रोड निर्माण के लिए 1.28 करोड़ रुपए ,सी.सी. रोड निर्माण  के लिए 3.14 करोड़ रुपए, आर.सी.सी. नाली निर्माण के लिए 1.64 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। सड़कों व नालियों के बनने से जलभराव की परेशानी कम होगी साथ ही आवागमन सुगम होगा। नागरिकों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि,ये कार्य वर्षों से लंबित थे। इनसे शहर की तस्वीर बदलेगी, छोटे व्यापारी, महिलाएँ व स्कूली बच्चे सबसे अधिक लाभान्वित होंगे। मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने हमारी चिंताओं को समझकर बड़ा कदम उठाया है।

डिजिटल व्यापार में मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग: जेम प्लेटफॉर्म पर 86 हजार से अधिक विक्रेताओं की प्रोफाइल पूर्ण

भोपाल मध्यप्रदेश में गवर्मेंट ई-मार्केट (जेम) का दायरा लगातार बढ़ रहा है। राज्य के 86 हजार से ज्यादा विक्रेताओं ने इस प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रोफाइल पूरी कर ली है। मध्यप्रदेश के सूक्ष्म और लघु उद्यमों को राज्य के खरीदारों से 5,523 करोड़ रुपए, अन्य राज्यों के खरीदारों से 2,030 करोड़ रुपए और केंद्रीय खरीदारों से 20,298 करोड़ रुपए के ऑर्डर मिले हैं। यह मजबूत भागीदारी, राष्ट्रीय सार्वजनिक खरीद प्रणाली में राज्य के बढ़ते एकीकरण को दर्शाती है और स्थानीय उद्यमों को व्यापक सरकारी बाजार तक पहुंच प्रदान करने में जेम की भूमिका को उजागर करती है। गवर्मेंट ई-मार्केटप्लेस-जेम और मध्यप्रदेश सरकार ने गुरूवार को भोपाल में जेम प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की। गवर्मेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी  मिहिर कुमार ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव  अनुराग जैन से भोपाल में मुलाकात की और राज्य में जेम प्लेटफॉर्म को अपनाने की भावी रणनीतियों पर चर्चा की। बैठक में केंद्रीय और राज्य मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत्त निकायों, स्थानीय संस्थानों और पंचायती राज संस्थाओं सहित सभी सरकारी खरीदारों के लिए एकीकृत पारदर्शी और कुशल ऑनलाइन खरीद प्रणाली प्रदान करने के जेम के मुख्य उद्देश्य के बारे में जानकारी दी गई। दोनों पक्षों ने राज्य के भीतर सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता, समावेशिता और जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए अधिक मजबूत और सुव्यवस्थित खरीद ढांचा विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसे अपनाने में तेजी लाने की अपनी राष्ट्रीय रणनीति के तहत जेम ने उच्च संचयी सकल व्यापारिक मूल्य वाले राज्यों के साथ सीईओ-स्तरीय बातचीत सहित कई केंद्रित कार्यक्रम शुरू किए हैं। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल ने भी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर राज्यों के खरीद नियमों को सामान्य वित्तीय नियमों और जेम के नियमों व शर्तों के अनुरूप बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। गृह मंत्रालय को भी पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि केंद्र शासित प्रदेशों में खरीद जेम के माध्यम से ही हो। मध्यप्रदेश में जेम के संचयी सकल व्यापारिक मूल्य के नई उपलब्धि हासिल करने के साथ, मध्यप्रदेश में यह भागीदारी राज्य के खरीद व्यवस्था को मजबूत करने और सभी विक्रेताओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक और कदम है। जेम निष्पक्षता, डिजिटल अखंडता और समावेशिता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे प्रत्येक विक्रेता, विशेष रूप से छोटे और उभरते उद्यम, भारत के पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-संचालित सार्वजनिक खरीद ढांचे में सार्थक रूप से भाग ले सकेंगे।  

लोक एवं जनजातीय संस्कृति, परम्पराओं और रंगों से सजा शहर

राजधानी के मार्गों पर गूंजा अभ्युदय मध्यप्रदेश’ का उद्घोष लोक एवं जनजातीय संस्कृति, परम्पराओं और रंगों से सजा शहर 70वें मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह अभ्युदय मध्यप्रदेश के पूर्वरंग अंतर्गत भोपाल के विभिन्न मार्गों से निकाली गईं सांस्कृतिक यात्राएं भोपाल 70वें मध्‍यप्रदेश स्‍थापना दिवस समारोह ‘’अभ्‍युदय मध्‍यप्रदेश’’ के पूर्वरंग अंतर्गत भोपाल के विभिन्न मार्गों, स्‍थलों एवं चौराहों पर गुरुवार को भव्‍य सांस्‍कृतिक यात्राएं निकाली गईं। मध्‍यप्रदेश के लोक अंचलों एवं जनजातीय क्षेत्रों के कलाकारों ने अपनी कला प्रस्‍तुत करते हुए आम नागरिकों से अपने प्रदेश के गरिमापूर्ण स्‍थापना दिवस समारोह में सहभागिता का आह्वान किया। सांस्‍कृतिक यात्राओं में अपनी पारंपरिक वेशभूषा पहनकर लोक एवं जनजातीय नृत्‍य कलाकारों को देख लोग बहुत उत्‍साहित दिखे। यात्राओं के साथ चल रहे अश्‍व एवं उनके वाद्ययंत्रों को देख युवा वर्गों आकर्षण देखने को मिला। लोग कलाकारों के साथ सेल्‍फी लेते नजर आए। लोगों ने मध्‍यप्रदेश की विविधतापूर्ण संस्‍कृति को देख सराहना की और समारोह में सहभागिता का आमंत्रण स्‍वीकार किया। सांस्‍कृतिक यात्रा के अंतर्गत दोपहर 2 बजे भोपाल के विभिन्‍न रूट से यात्राओं का शुभारंभ हुआ। इसके तहत बैरागढ़ से प्रारंभ होकर लालघाटी चौराहा- हलालपुरा- गुफा मंदिर- द्रौणाचल आर्मी कैंट- एयरपोर्ट रोड़ चौराहा – शाहजहांनाबाद होते हुए यात्रा हमीदिया अस्पताल चौराहा तक पहुंची। इस यात्रा में मालवा का पारंपरिक लोक नृत्‍य मटकी सु स्‍वाति उखले एवं साथी, उज्‍जैन द्वारा प्रस्‍तुत किया गया। मालवा अंचल का यह पारंपरिक नृत्‍य शुभ अवसरों पर महिलाओं द्वारा किया जाता है। इसके अलावा  अर्जुन बाघमारे एवं साथी, बैतूल ने ठाठ्या नृत्‍य की प्रस्‍तुति दी। यह नृत्‍य दिवाली के अवसर पर गोण्‍ड जनजाति द्वारा किया जाता है। सीपेट जेके रोड़ से प्रारंभ हुई यात्रा क्वालिटी स्वीट्स पिपलानी- भेल कॉलेज- आइएसबीटी – डीआरएम ऑफिस चौराहा तक पहुंची। इस यात्रा में  लालबहादुर घासी एवं साथी, सीधी द्वारा घासी जनजातीय का घसियाबाजा नृत्‍य की प्रस्‍तुति दी गई। इसके अलावा  संतोष कुमार यादव एवं साथी, सीधी के कलाकारों ने अहिराई नृत्‍य की प्रस्‍तुति देते हुए आम नागरिकों स्‍थापना दिवस समारोह में सहभागिता का आह्वान किया और विविधतापूर्ण संस्‍कृति से भी परिचित कराया। कोलार डीमार्ट से प्रारंभ हुई यात्रा मंदाकिनी चौराहा – सर्वधर्म कॉलोनी निशाल मेगा मार्ट- शाहपुरा चौराहा – बिट्टन मार्केट होते हुए 10 नंबर मार्केट तक पहुंची। जहां बड़ी संख्‍या में लोगों ने इन नृत्‍यों को देखा और स्‍थापना दिवस समारोह के आयोजन से भी परिचित हुए। इसमें मालवांचल का गणगौर लोक नृत्‍य सु अनुजा जोशी एवं साथी, खंडवा द्वारा और धुलिया जनजातीय गुदुमबाजा नृत्य  तुलेश्वर भार्वे एवं साथी, डिण्‍डोरी द्वारा प्रस्‍तुत किया गया। इसी प्रकार सूरज नगर चौराहा से एकांत पार्क चौराहा, 6 नंबर मार्केट से प्रभात चौराहा और अशोका गार्डन से कोहेफिजा चौराहा तक बधाई, अहिराई, ढिमरायाई नृत्‍य की प्रस्‍तुतियों ने सम्‍पूर्ण भोपाल शहर के मार्गों को लोक की संस्‍कृति और रंगों से सजा दिया।  

पंजाब में स्टील उद्योग को नई उड़ान! ₹342 करोड़ का निवेश, 1,500 रोजगार के अवसर खुलेंगे

चंडीगढ़ पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी नेतृत्व में, राज्य को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने में लगातार सफल हो रही है। कभी किसानों का गढ़ रहा पंजाब आज उद्योगों का मजबूत आधार बन चुका है। यह सफलता घरेलू चैंपियंस और भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बड़े ग्रीनफील्ड निवेशों और विस्तारों से मिल रही है। पंजाब सरकार की निवेशक-अनुकूल नीतियों और सक्रिय सहयोग से ये कंपनियां नई फैक्ट्रियां लगा रही हैं और मौजूदा इकाइयों का विस्तार कर रही हैं, जिससे हजारों नौकरियां पैदा हो रही हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। यह विकास पंजाब सरकार के औद्योगिक विकास और रोजगार बढ़ाने के विजन से पूरी तरह मेल खाता है। राज्य की सक्रिय नीतियां, निवेशक-अनुकूल पहलें और बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति प्रतिबद्धता ऐसे बड़े निवेशों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करती हैं। लुधियाना की वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड इसका जीता-जागता उदाहरण है। पंजाब सरकार की सुविधाओं का लाभ उठाते हुए इस घरेलू चैंपियन ने मिश्रधातु स्टील और विशेष स्टील क्षेत्र में 342 करोड़ रुपये का नया ग्रीनफील्ड निवेश किया है। यह प्रोजेक्ट 1,469 नई नौकरियां पैदा करेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को अच्छी रोजगार के अवसर मिलेंगे। आधुनिक तकनीक से लैस यह नई फैक्ट्री न केवल देश की स्टील मांग को पूरा करेगी, बल्कि पंजाब सरकार के प्रयासों से पंजाब को भारत के स्टील उद्योग में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगी। यह निवेश पंजाब सरकार की क्षमता को दर्शाता है कि वह उच्च मूल्य वाले घरेलू निवेश को कैसे आकर्षित कर रहा है, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन कर रहा है और स्टील सहित विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक ढांचे को मजबूत बना रहा है। यह उपलब्धि पंजाब सरकार की व्यापक विकास कहानी का हिस्सा है। पिछले 32 महीनों में पंजाब सरकार की 'इन्वेस्ट पंजाब' पहल के तहत 5,265 निवेश हुए हैं, जिनकी कुल राशि लगभग 89,000 करोड़ रुपये है। इससे पूरे राज्य में 3,87,806 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। पंजाब सरकार का ऑनलाइन निवेश पोर्टल 28 राज्यों में प्रथम स्थान पर है और 58,000 से अधिक छोटे-मध्यम उद्यमों (एसएमई) का पंजीकरण हुआ है, जो उद्योगी उद्यमिता का नया रिकॉर्ड है। वर्धमान स्पेशल स्टील्स के अलावा अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स भी पंजाब सरकार के मार्गदर्शन में पंजाब को चमका रहे हैं। टाटा स्टील ने लुधियाना में द्वितीयक स्टील उत्पादन के लिए 2,600 करोड़ रुपये का विस्तार किया है। होशियारपुर में सोनालिका ट्रैक्टर्स ने विनिर्माण और फाउंड्री यूनिट्स में 1,300 करोड़ रुपये का निवेश किया है। चंडीगढ़ क्षेत्र में बीएमडब्ल्यू ग्रुप ऑटोमोटिव क्षेत्र में नई ग्रीनफील्ड फैक्ट्री लगा रहा है, जो हजारों नौकरियां पैदा करेगी। ये सभी निवेश पंजाब सरकार की नीतियों से पंजाब को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए आकर्षक बना रहे हैं और पंजाब सरकार की निवेशक-अनुकूल नीतियों का प्रमाण हैं। पंजाब सरकार ने 100 प्रतिशत भूमि उपयोग बदलाव (सीएलयू) में छूट और एसजीएसटी की वापसी (निश्चित पूंजी निवेश के 125% तक) जैसी सुविधाएं प्रदान की हैं, जिससे निवेशकों को आसानी हो रही है। पंजाब सरकार की 'सरकार आपरे द्वार' पहल के जरिए प्रशासन उद्योगपतियों के द्वार पर पहुंच रहा है, मुद्दों का तुरंत समाधान कर रहा है और प्रोजेक्ट्स को सुचारू रूप से आगे बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह तो शुरुआत मात्र है। पंजाब सरकार के नेतृत्व में पंजाब व्यवसाय के लिए हमेशा खुला है। हम अपने युवाओं और निवेशकों के लिए टिकाऊ और समृद्ध औद्योगिक माहौल बनाने के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं।"वर्धमान स्पेशल स्टील्स जैसे निवेशों और अन्य औद्योगिक प्रोजेक्ट्स से पंजाब सरकार के प्रयासों से पंजाब एक नए युग में प्रवेश कर रहा है, जहां उच्च मूल्य वाले निवेश, बड़े स्तर पर रोजगार और औद्योगिक नवाचार साथ-साथ चल रहे हैं। पंजाब सरकार की अच्छी शासन व्यवस्था और निवेशक-अनुकूल नीतियों से राज्य निवेश का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है।

रायपुर में खुला आदिवासी वीर नायकों को सम्मानित करने वाला डिजिटल संग्रहालय

  रायपुर आदिवासी नायक भगवान बिरसा मुंडा जहां देशभर के आदिवासियों के प्रेरणापूंज है। ठीक उसी प्रकार छत्तीसगढ़ में भी फिरंगियों के विरूद्ध बिगुल फूंकने का काम सोनाखान केे जमींदार वीर नारायण सिंह ने किया। उन्होंने फिरंगियों की दमन और शोषणकारी नीतियों के विरूद्ध विद्रोह का बिगुल फंूका और उनसे लड़ते हुए शहीद हुए। उन्हें छत्तीसगढ़ का प्रथम शहीद माना जाता है।   मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने शहीद वीर नारायण सिंह और फिरंगियों के विरूद्ध संघर्ष करने वाले आदिवासी नायकों की स्मृतियों को संजोने और भावी पीढ़ी तक उनके प्रेरणास्पद कार्यों को पहुंचाने के लिए नवा रायपुर में संग्रहालय बनाने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से पूरा आदिवासी समाज गौरवान्वित है।  प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि नवा रायपुर के सेक्टर 24 में तैयार किया जा रहा है भव्य संग्रहालय अपने आप में अनूठा है। यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है। लगभग 50 करोड़ रूपए की लागत से इस संग्रहालय को तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर इस संग्र्रहालय का लोकार्पण करने जा रहे हैं।  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरूआत की। उन्होंने जनजाति समाज को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए देश का सबसे बड़ा अभियान पीएम जनमन और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना शुरू की। इस अभियान के तहत जनजाति इलाकों में सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाओं के साथ ही कंेद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है।  संग्रहालय में शहीद वीर नारायण सिंह का भव्य स्मारक भी बनाया गया है। साथ ही यहां छत्तीसगढ़ में आदिवासी विद्रोहों हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम, परलकोट, तारापुर, लिंगागिरी, कोई, मेरिया, मुरिया, रानी चौरिस, भूमकाल, सोनाखान विद्रोहों के साथ ही झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह की जीवंत झलक दिखाई गई है। इन विद्रोहों को अलग-अलग 14 सेक्टरों में बांटा गया है। अत्याधुनिक इस डिजिटल संग्रहालय में आगतुंकों के लिए वीएफएक्स टेक्नोलॉजी, प्रोजेक्शन, डिजिटल स्क्रीन, मोबाइल पर क्यूआर कोड स्कैन की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।   संग्रहालय के प्रवेश द्वार पर सरगुजा कलाकारों की नक्काशीदार पैनल, 1400 वर्ष पुराने साल-महुआ और साजा वृक्ष की प्रतिकृति जिसकी पत्तियों पर 14 विद्रोहों की डिजिटल कहानी उकेरी गई है। यह वृक्ष मोशन फिल्मों की तरह पूरे विद्रोहो की कहानी बतलाती प्रतीत होगी। इस संग्रहालय में सेल्फी पॉइंट, दिव्यांग सुविधाएं, सीनियर सिटीजन के लिए विशेष इंतजाम, ट्राइबल आर्ट से सजा फर्श, भगवान बिरसा मुंडा, शहीद गैंदसिंह और रानी गाइडल्यू की मूर्तियां भी लगाई गई है, जो लोगों के लिए प्रेरणाप्रद होंगे।    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कहते हैं कि यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ जनजातीय संस्कृति का वैश्विक केंद्र बनेगा। यहां आने वाले लोगों को आदिवासी वीर नायकों की शौर्य गाथा से गर्व की अनुभूति होगी। यह आदिवासी समाज की पूर्वजों की स्मृति है और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। 

गांवों में शिक्षा सुधार की पहल, छत्तीसगढ़ में खुलेंगे CBSE स्कूल; सरकार देगी आर्थिक प्रोत्साहन

रायपुर  छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) सरकार ग्रामीण और पिछड़े शहरी इलाकों को विकसित करने के लिए कई प्रयास और योजनाएं चला रही है। इसी कड़ी में अब राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एक और कदम उठा रही है। गांव में आज भी उच्च शिक्षा का अभाव देखा जाता है तो वहीं गांवों के बच्चों को इंग्लिश मीडियम जैसे स्कूलों में पढ़ने के लिए शहर की जाना पड़ता है। ऐसे में अब राज्य सरकार छत्तीसगढ़ निजी विद्यालय प्रोत्साहन नियम 2025 तैयार किया है। इस नीति के तहत अब गांव में CBSE स्कूल खोले जाएंगे। इसके लिए सरकार भी प्रोत्साहित करेगी। बता दें कि इस अधिनियम के तहत गांवों में भी शहर जैसी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ऐसे निवेशकों को भारी सब्सिडी देगी जिन्हें औद्योगिक विकास नीति के दायरे में भी शामिल किया गया है। इससे गांवों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) वाले स्कूल खोले जाएंगे। जो विद्यालय विकासखंड मुख्यालय से 10 किलोमीटर की परिधि में या सीमित सुविधाओं वाले नगरीय क्षेत्रों में खोले जाएंगे, उन्हें निवेश प्रोत्साहन मिलेगा। इनमें कम से कम 500 छात्रों की क्षमता और कक्षा पहली से बारहवीं तक CBSE मान्यता अनिवार्य होगी। स्कूल में रहेंगी ये सुविधाएं स्कूल में बच्चों के लिए कई सुविधाएं दी जाएंगी। परिसर में छात्रावास, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला और खेल सुविधा की व्यवस्था अनिवार्य है। इच्छुक निवेशकों को उद्यम आकांक्षा प्रमाण पत्र और विस्तृत परियोजना के साथ आवेदन जमा करना होगा। प्रस्ताव में परियोजना की संक्षिप्त रूपरेखा, निवेश लागत का विवरण, स्थल चयन, आर्किटेक्चरल प्लान और संभावित रोजगार के आंकड़े शामिल होने चाहिए। निवेश की गणना लोक निर्माण विभाग की दर अनुसूची या 2,000 प्रति वर्गफुट, जो न्यूनतम हो, के आधार पर की जाएगी। कैसे मिलेगी सब्सिडी? छत्तीसगढ़ सरकारा ने इस अधिनियम को लेकर कड़े नियम बनाए हैं। निवेशकों के आवेदन आने के बाद उद्योग संचालनालय सैद्धांतिक स्वीकृति जारी करेगा। इसके बाद इकाई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के परिशिष्ट 7/8 के अंतर्गत निवेश प्रोत्साहन के लिए पात्र होगी। इस नीति के तहत ब्याज सब्सिडी, पूंजी लागत सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी छूट, बिजली शुल्क छूट जैसे प्रोत्साहन उपलब्ध हैं। हालांकि, भूमि, कार्यशील पूंजी और प्रारंभिक व्यय को इसमें नहीं गिना जाएगा।