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मंत्री विजयवर्गीय ने सोनकच्छ में 17 करोड़ 54 लाख रूपये के कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दे रही है। इस कार्य में केन्द्र सरकार से निरंतर आर्थिक मदद मिल रही है। मंत्री श्री विजयवर्गीय बुधवार को देवास जिले के सोनकच्छ में 17 करोड़ 54 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इन कार्यों में 'जल जीवन मिशन' अंतर्गत 'नल जल योजना', पानी की टंकी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भवन और रेस्ट हाउस पहुंच मार्ग के कार्य शामिल हैं‍। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने सवा करोड़ रूपये की लागत के शाला भवन और 3 करोड़ 7 लाख रूपये की राशि से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन का लोकार्पण किया। विधायक सोनकच्छ डॉ. राजेश सोनकर ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी को तय समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिये गये हैं। कार्यक्रम में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।   शोक संवेदना मंत्री श्री विजयवर्गीय ने ग्राम संवरसी में शहीद संजय मीणा के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और परिजन से चर्चा की।

धर्मांतरण पर अब सख्त कार्रवाई, 10 साल तक की सजा का प्रावधान होगा: विधायक रामेश्वर शर्मा

भोपाल   भोपाल में धर्मांतरण कराने वाले पर विधायक रामेश्वर शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जो भी लोग हिंदूओं को मुस्लिम और ईसाई धर्म में परिवर्तित कर रहे  हैं उन पर सख्त कार्रवाई होगी। शर्मा ने कहा कि  देशभर के कानूनों को अध्ययन करके सख्त कानून बनाया जाएगा जाएगा ताकि इस तरह का काम करने वालों को सख्त सजा मिले। धर्मांतरण करने वालों को 10 साल या उससे अधिक की सजा दी जाएगी।  साथ ही धर्मांतरण कराने वालों के हाथ पैर तोड़े जाएंगे। आने वाले दिनों में सख्त कानून सरकार बनाने जा रही है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि अपराधियों को समझ आ जाएगा कि बाबा साहब का संविधान कितना मजबूत है।

देवास निगम में अनोखी प्रदर्शन: महिला पार्षद ने चप्पल की माला पहनकर विरोध जताया

उज्जैन प्रदेश भाजपा और कांग्रेस के निगम पार्षदों ने  अनोखा प्रदर्शन किया। देवास जिले की BJP महिला पार्षद चप्पल की माला पहनकर निगम पहुंचीं और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और कामचोरी के आरोप लगाते हुए वार्ड की समस्याओं का समाधान नहीं होने पर सवाल-जबाव किए तो उज्जैन जिले के नागदा में कांग्रेस पार्षदों ने सड़क खराब होने और हादसों को लेकर सड़क पर ही केक काट दिए। अब दोनों मामले चर्चा का विषय बन गए हैं। उज्जैन के नागदा में कांग्रेस पार्षदों ने सड़क की बदहाली को लेकर उखड़ी सड़क पर केक काटकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर सरकार नई सड़कें बनाना तो दूर सड़कों के गड्ढे भी नहीं भर पा रही है। वहीं दूसरी ओर देवास जिले की वार्ड क्रमांक 24 की भाजपा की महिला पार्षद रितु सावनेर नगर निगम परिषद बैठक सम्मेलन में चप्पलों की माला पहनकर शामिल हुईं। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों से सवाल-जवाब किए, लेकिन उन्हें संतोष जनक जवाब नहीं मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि काफी समय से मेरे वार्ड में नाली पानी की समस्याएं व्याप्त हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से इस बारे में कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि अपने वार्ड की समस्याओं को लेकर कई बार निगम अधिकारियों को अवगत करा चुकी हूं लेकिन उनकी शिकायतों का कोई समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने अधिकारियों पर भ्रष्ट और कामचोर होने का आरोप भी लगाया। मैंने स्वयं इसे स्वीकार किया है। एक कांग्रेस पार्षद ने उनसे महिला होने के नाते चप्पलों की माला उतारने का आग्रह किया तो बैठक में कांग्रेस पार्षद दीपेश कानूनगो और भाजपा नेता मनीष सेन के बीच कुछ देर के लिए बहस भी हुई। देवास जिले के वार्ड क्रमांक 24 की भाजपा पार्षद रितु सावनेर ने बताया कि वार्ड के लोग अच्छा काम होता है तो हमें फूलों की माला अर्पण करते हैं लेकिन हमारे वार्ड की जो दयनीय स्थिति नगर निगम ने बनाकर रखी है। इसे बताने के लिए यह चप्पलों की माला पहनकर आई हूं। मुझे न्याय चाहिए मेरी समस्या हल नहीं हुई तो मैं यही माला जिम्मेदार अधिकारियों को अर्पित करूंगी।

विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग, नेता प्रतिपक्ष ने लिखा औपचारिक पत्र

भोपाल  मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आगामी 16वीं विधानसभा का शीतकालीन सत्र (दिसंबर 2025) की अवधि बढ़ाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि सत्र की समयावधि इतनी सीमित न रखी जाए कि जनहित के मुद्दों पर समुचित चर्चा ही न हो सके।सिंघार ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि विधानसभा सत्र की अधिसूचना के अनुसार यह सत्र 1 दिसंबर से 5 दिसंबर 2025 तक आयोजित किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें केवल चार बैठकें होंगी। उन्होंने कहा कि यह अवधि प्रदेश के ज्वलंत, सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए पर्याप्त नहीं है। प्रदेश इस समय कई गंभीर चुनौतियां नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश इस समय कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। किसानों की समस्याएं, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था की स्थिति, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्र अनेक प्रश्न खड़े कर रहे हैं। इन विषयों पर गहराई से चर्चा के लिए पर्याप्त समय आवश्यक है, ताकि सरकार अपने जवाब दे सके और विपक्ष जनता की आवाज़ प्रभावी ढंग से उठा सके। जनता की समस्याओं के समाधान का माध्यम उन्होंने पत्र में लिखा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है। यह केवल कानून बनाने का स्थल नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान का माध्यम भी है। यदि सत्र की अवधि सीमित रहेगी, तो लोकतांत्रिक परंपराओं और जनप्रतिनिधियों की भूमिका दोनों ही प्रभावित होंगी।” सत्रों की अवधि लगातार होती जा रही है कम सिंघार ने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में सत्रों की अवधि लगातार कम होती जा रही है, जिससे न केवल विपक्ष की भूमिका सीमित होती है बल्कि जनता के प्रश्न भी अधूरे रह जाते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि इस बार सत्र की अवधि बढ़ाकर अधिक दिनों तक चलाया जाए, ताकि प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुली और विस्तृत बहस संभव हो सके। विस्तार सत्ता पक्ष के लिए भी उपयोगी उन्होंने यह भी कहा कि सत्र का विस्तार न केवल विपक्ष के लिए, बल्कि सत्ता पक्ष के लिए भी उपयोगी रहेगा। इससे सरकार को अपनी नीतियों और योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करने तथा जनता के सामने अपनी उपलब्धियाँ रखने का अवसर मिलेगा। पत्र के अंत में नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे इस विषय पर गंभीरता से विचार करें और लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लें।  

बिहार मिशन तेज़ी पर — कांग्रेस ने बनाया रोडमैप, भाजपा इलाके कैसे तोड़ेगी?

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की तारीख नजदीक आते ही कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अब खुद मोर्चा संभालेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेता मिलकर राज्य के अलग-अलग इलाकों में 15 रैलियां करेंगे। इन रैलियों के जरिए कांग्रेस मतदाताओं के दिल तक पहुंचने की कोशिश करेगी और महागठबंधन के पक्ष में हवा बनाने का प्रयास करेगी। साथ ही कमजोर इलाकों में पार्टी के प्रति माहौल बनाने की कोशिश भी करेंगे। राहुल गांधी ने बुधवार को मुजफ्फरपुर और दरभंगा से अपने चुनाव अभियान की शुरुआत की। मंच पर उनके साथ तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने एनडीए सरकार पर तीखे हमले किए और जनता से भ्रष्ट और सांप्रदायिक ताकतों को उखाड़ फेंकने की अपील की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर लिखा, “सकरा और दरभंगा की रैलियों ने चुनावी माहौल गरमा दिया है, जनता बदलाव चाहती है।” प्रियंका गांधी करेंगी जनसंवाद की शुरुआत प्रियंका गांधी फिलहाल वायनाड में हैं लेकिन इस हफ्ते के अंत तक बिहार पहुंचेंगी। उनके लिए भी कई बड़ी सभाएं तय की गई हैं। बताया जा रहा है कि वो महिला मतदाताओं और युवाओं पर खास ध्यान देंगी। कांग्रेस चाहती है कि प्रियंका की रैलियों से चुनावी अभियान में नई ऊर्जा आए और महिलाओं के मुद्दे चर्चा में लौटें। खड़गे और बड़े नेता भी होंगे सक्रिय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हाल ही में मेडिकल प्रक्रिया से गुजरे हैं, लेकिन वो भी बिहार में तीन रैलियों और कुछ प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। पार्टी के अन्य बड़े चेहरे जैसे सोनिया गांधी, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, सचिन पायलट और पप्पू यादव भी प्रचार में शामिल होंगे। गौरतलब है कि बिहार में 6 और 11 नवंबर को वोटिंग होगी, जबकि नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री पद के चेहरे हैं। कांग्रेस को उम्मीद है कि गांधी परिवार की सक्रियता से मतदाताओं के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत होगी और गठबंधन को बढ़त मिलेगी।  

परमाणु डेटा चोरी कांड! अख्तर कुतुबुद्दीन के ठिकाने से मिली हैरान करने वाली सामग्री

मुंबई  देश के प्रमुख परमाणु शोध संस्थान भाभा अटॉमिक रिसर्च सेंटर से गिरफ्तार फर्जी आतंकी के पास से चीजें बरामद की गई हैं, वे चिंता बढ़ाने वाली हैं। मुंबई पुलिस के सूत्रों का कहना है कि फेक वैज्ञानकि बने अख्तर कुतुबुद्दीन हुसैनी के पास संदेहास्पद परमाणु डेटा मिला है। इसके अलावा 14 नक्शे भी पाए गए हैं। ये नक्शे परमाणु केंद्र और आसपास के ही बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि जो दस्तावेज उससे बरामद हुए हैं, उसका कहीं गलत इस्तेमाल तो नहीं हुआ है। इसके अलावा यह जानने की भी कोशिश है कि जो जानकारी उसके पास है, वह कितनी संवेदनशील है।   अख्तर कुतुबुद्दीन अंसारी को वर्सोवा से पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था। वह खुद को वैज्ञानिक बताता था और कई नाम रखे हुए थे। उसके पास से कई फर्जी पासपोर्ट, आधार कार्ड और पैन कार्ड मिले हैं। इसके अलावा उसके पास से भाभा रिसर्च सेंटर के कई फर्जी आईडी भी मिले हैं। माना जा रहा है कि इन फर्जी दस्तावेजों के सहारे ही वह एंट्री करता रहा होगा। एक आईडी में उसने अपना नाम अली राजा हुसैन रखा हुआ है। इसके अलावा एक अन्य आईडी में उसका नाम एलेक्जेंडर पाल्मर है। फिलहाल उसके कॉल रिकॉर्ड्स की जांच की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि उसने बीते कुछ महीनों में कई फर्जी कार्ड बनवाए थे। इंटरनेशनल नेटवर्क से बात होने का शक, जांच में जुटी पुलिस पुलिस को संदेह है कि फर्जी वैज्ञानिक बने अख्तर की शायद किसी इंटरनेशनल नेटवर्क से बात होती थी। शक है कि उसने इस बातचीत के दौरान संवेदनशील जानकारियां साझा की हैं। उसके बारे में पता चला है कि वह लंबे समय से अकसर अपनी पहचान बदलता रहा है। अलग-अलग जगहों पर वह नई पहचान के साथ रहता था। उसे दुबई से 2004 में प्रत्यर्पित किया गया था। वहां भी उसने खुद को एक वैज्ञानिक बताया था और दावा करता था कि उसके पास कुछ गोपनीय दस्तावेज मौजूद हैं। यही नहीं एक बार डिपोर्ट होने के बाद भी उसने दुबई, तेहरान समेत कई जगहों की यात्रा की थी। इन यात्राओं के लिए उसने फर्जी पासपोर्ट्स का ही इस्तेमाल किया था। 30 साल पहले बेचे घर के नाम पर बनवाए पासपोर्ट मूल रूप से जमशेदपुर के रहने वाले अख्तर हुसैनी ने अपना पैतृक घर 1996 में बेच दिया था। इसके बाद उसने कई फर्जी दस्तावेज पुराने संपर्क में रहे लोगों की मदद से बनवाए थे। उसके भाई आदिल ने अख्तर का परिचय मुनज्जिल खान से कराया था, जो झारंखड का ही रहने वाला है। पुलिस को संदेह है कि इसी शख्स ने अख्तर और उसके भाई के लिए दो फर्जी पासपोर्ट तैयार करा दिए थे। इनमें अख्तर का नाम नसीमुद्दीन सैयद आदिल हुसैनी था और उसके भाई का नाम हुसैनी मोहम्मद आदिल था। दोनों के पासपोर्ट पर 30 साल पहले ही बेच दिए गए जमशेदपुर के मकान का पता था। पुलिस का कहना है कि दोनों भाई इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के जरिए विदेश की यात्रा पर भी जाते थे।

PM मोदी का तीखा हमला: ‘भ्रष्टाचार के दो युवराज मुझ पर बरस रहे हैं’ — राहुल और तेजस्वी को बताया निशाने पर

मुजफ्फरपुर मिशन बिहार पर मुजफ्फरपुर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने मोतीपुर चीनी मिल मैदान की रैली से राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर बड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि एक देश के सबसे भ्रष्ट परिवार के युवराज हैं तो दूसरे बिहार से सबसे करप्ट परिवार से ताल्लुक रखते हैं। इन दोनों युवकों ने मिलकर आजकल झूठे वायदों की दुकान खोल दी है। दोनों भर-भर कर मुझे गालियां दे रहे हैं। लेकिन बिहार के लोग इनके झांसे में नहीं आएंगे। बिहार विकास की रफ्तार पकड़ चुका है। पीएम ने कहा कि दोनों युवराज हजारों करोड़ के घोटालों के मामले में जमानत पर हैं और जो जमानत पर होते हैं उनका सम्मान नहीं होता। चर्चा में बने रहने के लिए ये नामदार लोग कामदार को गालियां देते रहते हैं। इसके बगैर इनका खाना हजम नहीं होता। पिछड़ों, दलितों को गाली देना ये अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। एक चाय बेचने वाला पिछड़े गरीब घर का व्यक्ति यहां तक पहुंच गया, यह बर्दाश्त इन्हें नहीं होता। मोदी ने कहा कि आरजेडी और कांग्रेस का रिश्ता तेल और पानी की तरह है। कभी इनमें मेल नहीं हो सकता। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता आपस में एक दूसरे को नीचा दिखाने का खेल कर रहे हैं। बाहर से एक दिखते हैं पर अंदर से अलग-अलग हैं। इनका मकसद सिर्फ सत्ता पर कब्जा करना है। बस इसी लालच में एक साथ हैं ताकि फिर से बिहार को लूट सकें। पीएम मोदी ने लालू यादव पर भी निशाना साधा। कहा कि जिन बाबा साहेब आंबेडकर को पूरा देश पूजता है उन्हें ये पैर के पास रखते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजद और कांग्रेस की अब तक की सबसे बड़ी हार होने जा रही है वहीं एनडीए की सबसे बड़ी जीत होने जा रही है। बिहार चुनाव में राजद और कांग्रेस को अब तक की सबसे कम सीट देकर बिहार के मतदाता इतिहास बनाएंगे। इससे ये दोनों दल घबरा गए हैं और अपनी घोषणा पत्र में इतना झूठ डाल रहे हैं कि इनके समर्थकों को भी विश्वास नहीं हो रहा है। सोशल मीडिया पर बिहार के युवा इनका मजाक उड़ा रहे हैं। आने वाले छह नवम्बर को वोटिंग के दिन ही मतदाता इन्हें इनका असली स्थान दिखा देंगे।

5.5 लाख भोपालियों के घर पहुंचेंगे BLO, 60% मतदाता स्पेशल रिवीजन में शामिल

भोपाल मध्य प्रदेश में शुरु हुई स्पेशल इंसेन्टिव रिवीजन यानी एसआईआर की प्रक्रिया को 2003 की वोटर लिस्ट के आधार पर तय किया जाएगा। 2003 से 2025 के बीच जिले की मतदाता सूची में कुल 9.26 लाख से अधिक मतादाता बढ़ चुके हैं। एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े प्रशासनिक अफसरों के अनुसार, बढ़े हुए मतदाताओं में से 60 फीसदी यानी करीब साढ़े पांच लाख मतदाता ऐसे हैं जो अन्य शहरों, राज्यों से भोपाल पहुंचे हैं। इन्हें ही अब एसआईआर में अपने मूल निवास, पहचान, जन्म से जुड़े दस्तावेज दिखाने होंगे। 2003 की मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं और उनके परिजन को स्वत: ही 2025 की सूची में शामिल कर लिया गया है। 2003 में भोपाल -04 विधानसभाएं थीं -11.88 लाख वोटर्स थे इन विधानसभाओं में -3.45 लाख वोटर्स गोविंदपुरा विधानसभा -4.22 लाख वोटर्स दक्षिण विधानसभा -2.21 लाख वोटर्स नार्थ विधानसभा -1.99 लाख वोटर्स बैरसिया में थे आज से लगेगी ड्यूटी बीएलओ के साथ सहायक भी दिया जाएगा। गुरुवार से इसके लिए ड्यूटी शुरू हो जाएगी। एसआईआर के लिए प्रशिक्षण का एक भाग पहले ही तय हो चुका है। एसडीएम के माध्यम से बीएलओ ने 2003 की सूची से मौजूदा सूची का मिलान की प्रक्रिया अपने स्तर पर पूरी कर ली है। आगामी काम के लिए विधानसभा स्तर पर प्रशिक्षण होगा। एक विधानसभा में 12 से अधिक स्थान इसके लिए तय किए जा रहे हैं। तय समय में पूरे होंगे काम- कलेक्टर भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि, एसआईआर के लिए टीम ट्रेनिंग शुरू की जा रही है। तय समय में मतदाता सूची से जुड़े काम पूरे कर लिए जाएंगे।

गाड़ी पार्किंग की समस्या से छुटकारा: भोपाल में 18 माह में तैयार होगी नई हाइड्रोलिक पार्किंग

भोपाल  एमपी के भोपाल शहर में पहली हाइड्रोलिक पार्किंग बनने जा रही है। शहर के सबसे व्यस्त बाजारों में से एक बिट्टन मार्केट में अब पार्किंग की समस्या से जल्द ही निजात मिलने वाली है। नगर निगम यहां पीपीपी मॉडल पर एक अत्याधुनिक हाइड्रोलिक पार्किंग बनाने की तैयारी में है, जिसका अनुमानित प्रोजेक्ट मूल्य 15-20 करोड़ तक होगा। 15 हजार वर्ग मीटर में बनने वाली यह पार्किंग करीब रोज पहुंचने वाले 1.5 लाख ग्राहकों को परेशानियों से मुक्त करने का काम करेगी। यह पार्किंग सब्जी हाट क्षेत्र में विकसित की जाएगी। अभी है पार्किंग की समस्या बिट्टन मार्केट में सब्जी हाट, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोजमर्रा के सामान की खरीदारी के लिए भी शहरभर से लोग आते हैं। सामान्य दिनों में भी यह क्षेत्र वाहनों की पार्किंग से अटा रहता है, जिससे यहां अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। यहां सप्ताह में तीन दिन सब्जी हाट लगता है, जिसमें भारी भीड़ होती है। लोगों को अक्सर अपने वाहन सड़क किनारे या दूर-दराज की कॉलोनियों में खड़े करने पड़ते हैं, जिससे चोरी और यातायात बाधित होने का खतरा बना रहता है। प्रोजेक्ट की समय-सीमा और तैयारी -ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) जारी: अगले 15 दिन के भीतर। प्रारंभिक तौर पर दो कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई है। -फाइनल प्रोपोजल: ईओआइ के बाद 50 दिन के भीतर तय होने की संभावना। -डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट): 100 दिन के अंदर बनकर तैयार होगा। -अनुमति के लिए मंत्रालय को रिपोर्ट: अगले 4 माह में भेजी जाएगी। -पार्किंग निर्माण: अधिकारियों का अनुमान है कि 18 माह में नई हाइड्रोलिक पार्किंग बनकर तैयार हो जाएगी। क्या होती है हाइड्रोलिक पार्किंग हाइड्रोलिक पार्किंग एक आधुनिक तकनीक है, जिसे मल्टी-लेवल कार पार्किंग सिस्टम भी कहा जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोलिक लिफ्टों का इस्तेमाल करके वाहनों को एक के ऊपर एक या कम जगह में अधिक ऊंचाई पर पार्क किया जाता है। पारंपरिक पार्किंग की तुलना में कई गुना ज्यादा वाहन खड़ा करने की क्षमता रखती है। यह परियोजना न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। सकती है। संस्कृति जैन, आयुक्त, निगम

कृषि संकट: MP में बेमौसम बारिश से धान, सरसों, मटर और तिल की फसल प्रभावित

भोपाल  वर्तमान समय प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि अपना कहर बरपा रही है। प्रदेश  में कहीं भारी बारिश तो कहीं ओलावृष्टि हो रही है, इसके चलते किसान अपनी फसलों को लेकर बहुत चिंतित है। तेज हवा, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की लाखों रूपये की फसल बर्बाद हो गयी है। वर्तमान समय में रबी फसलों की कटाई का दौर चल रहा है। किसानों के सामने इस समय बहुत बड़ा संकट यह है  बेमौसम बारिश ने राज्य के कई क्षेत्रों में किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। आगर मालवा, ग्वालियर-चंबल व विंध्य महाकोशल से फसलों के नुकसान की खबरें हैं। खेत खलिहानों में रखी कटी फसल और खेतों में खड़ी फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। खंडवा में इस बार मौसम (MP Rains) ने पहले सोयाबीन की फसल को प्रभावित किया और अब फसल भीगने से मक्का में अंकुरण शुरू हो गया है। सूखने के लिए रखी उपज भीगने से काली भी पड़ रही है। 50 से 60 प्रतिशत नुकसान हुआ है। चक्रवात (Cyclone Montha) की वजह से रतलाम जिले में पांचवें दिन बुधवार को भी मावठे का असर बना रहा। इससे मटर की फसल खराब हो रही है, वहीं ज्यादातर किसान खेतों में जलजमाव, अत्यधिक नमी के चलते रबी की तैयारी व बोवनी नहीं कर पा रहे हैं। बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील के 20 से ज्यादा गांवों में मक्का, सोयाबीन, कपास फसल भीगी है। किसानों को फसल सुखाने का मौका नहीं मिल रहा है। आलीराजपुर में मक्का, सोयाबीन और उड़द की फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। उज्जैन के नागदा, बड़नगर और खाचरौद में खेतों में पानी भर गया है। गेहूं और मटर की फसल प्रभावित हुई है। धार के बदनावर क्षेत्र में चार घंटे में 76 मिमी बारिश हुई है। इससे खेतों में जलभराव की स्थिति बनी। खुले में पड़ी सोयाबीन और मक्का की फसल भीग गई। तेज हवा से पपीता के पौधे टूटकर गिर गए। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश मटर के फूल और फलियों दोनों के लिए हानिकारक है। गुणवत्ता और उपज दोनों पर असर पड़ेगा। महाकोशल-विंध्य में भी नुकसान महाकोशल-विंध्य के जिलों में भी फसलों को असमय बारिश से नुकसान पहुंचा है। डिंडौरी जिले में बारिश होने से सोयाबीन की फसल अधिक प्रभावित हुई है। दाने काले पड़ गए हैं। पककर तैयार धान की फसल भी प्रभावित हो रही है। बारिश से सोयाबीन,उड़द की फसल पहले ही खराब हो चुकी है। खेत में कटकर रखी धान की फसल भीग गई है, जिसमें अंकुरण होने का अंदेशा बना हुआ है। अभी बारिश के आसार बने हुए हैं, जिससे धान सहित अन्य फसलों और सब्जियों को भारी नुकसान हो सकता है। अनूपपुर में खेतों में पानी भरने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि कृषि विभाग के अनुसार 15 प्रतिशत से कम क्षति हुई है, जिसे नुकसान के दायरे में नहीं माना जाएगा। जल्द ही सर्वे शुरू होगा। ग्वालियर चंबल अंचल में बारिश ने रबी फसलों पर बरसाया कहर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में खरीफ के समय बारिश से फसल बर्बादी की बाद अब रबी के मौसम में तीन दिन की बारिश ने खेतों में खड़ी धान, बाजरा, मटर, तिल, ज्वार आदि की फसलों में करीब 50 से 60 प्रतिशत नुकसान कर दिया है। सरसों की बुवाई हो चुकी है, खेतों में पानी भरने से फसल खराब हो गई है। ग्वालियर, दतिया, श्योपुर आदि जिलों में धान की फसल को अधिक नुकसान पहुंचा है। ग्वालियर जिले में ही एक लाख 10 हजार हेक्टेयर में धान की फसल है। अभी तक 15 प्रतिशत फसल ही कट सकी है। ऐसे में बारिश से धान की खड़ी फसल जमीन पर गिरने इसे सबसे अधिक नुकसान हो रहा है। खेतों में पानी भरने से धान की बालियां काली पड़ने और अंकुरण का खतरा बढ़ गया है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड में बाजरा भी खेतों में पका हुआ खड़ा है। बारिश से बाली के दाने काले पड़ने की आशंका है। कई आलू व मटर जैसी फसलों के पौधे सड़ गए हैं। इन फसलों में 60 से 70 प्रतिशत तक नुकसान होने की आशंका जताई गई है। मुरैना में बाजरे की जो फसल में 50 प्रतिशत से अधिक के नुकसान की आशंका जताई गई है। दतिया में करीब पांच सौ से अधिक गांवों में धान की फसल खेतों में बिछ गई है। श्योपुर में धान की फसल में 30 से 50 फीसदी तक नुकसान हुआ है। सरसों पूरी तरह नष्ट हो गई     यदि बारिश के साथ-साथ हवा भी चलेगी तो यह नुकसान अधिक होगा। आलू, सरसों, मटर एवं चना तथा मसूर में भी नुकसान है। सरसों की जो 10 दिन के अंदर बोई गई थी वह पूरी तरह नष्ट हो गई है। बारिश से धान की चमक कम होगी और गिरने की वजह से उत्पादन कम हो जाएगा। – डॉ. शैलेंद्र सिंह कुशवाह, वरिष्ठ विज्ञानी कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालियर।