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तूफान के बीच बड़ा हादसा टला, इंडिगो फ्लाइट पर बिजली गिरने के बाद बदला गया विमान

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से शुक्रवार को अगरतला जाने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट एयरपोर्ट पर खड़ी थी. इसी दौरान जबरदस्त तूफान के दौरान बिजली गिरी और फ्लाइट उसकी चपेट में आ गई. सुरक्षा नियमों के तहत यात्रियों को विमान से उतारा गया और नियमों के मुताबिक जरूरी जांच की गई. इसके बाद दूसरे विमान का इंतजाम किया गया. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एहतियातन ग्राउंड पर काम करने वाले दो कर्मचारियों को मेडिकल सुविधा के लिए ले जाया गया. सूत्रों के मुताबिक, किसी के घायल होने की खबर नहीं है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को कोलकाता एयरपोर्ट पर तूफान के दौरान अगरतला जा रहे इंडिगो के एक विमान पर बिजली गिरी. क्या है पूरा मामला? रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना तूफान और बारिश के बीच हुई, जिसके लिए एयरपोर्ट ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर (AOCC) ने मौसम संबंधी अलर्ट जारी किए थे. उन्होंने बताया कि इस घटना में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ. इंडिगो की फ्लाइट 6E6068 (VT-IPW) एरोब्रिज 56L पर खड़ी थी, तभी सुबह करीब 9:30 बजे उस पर बिजली गिरी. बिजली गिरने से विमान के पावर सिस्टम पर असर पड़ा, जिससे अचानक पावर ऑफ हो गया. अधिकारी ने बताया कि जब बिजली गिरी, तो A320 विमान में 141 यात्री और छह क्रू मेंबर सवार थे. एहतियात के तौर पर एयरलाइन ने यात्रियों को विमान से उतार दिया और बाद में उन्हें A321 विमान (VT-ICD) से रवाना किया गया. यह फ्लाइट असल में सुबह 9.20 बजे रवाना होने वाली थी, लेकिन यात्रियों के साथ दोपहर 12.50 बजे रवाना हुई. इंडिगो के मुताबिक, दो ग्राउंड स्टाफ मामूली रूप से प्रभावित हुए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. अधिकारी ने बताया कि मेडिकल चेकअप के तुरंत बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई. कोलकाता और आसपास के जिलों में शुक्रवार सुबह से ही आंधी-तूफान और बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में जलजमाव हो गया है और ट्रैफिक में रुकावट आने की खबरें आईं.

फीफा वर्ल्ड कप 2026: अमेरिका की लगातार दूसरी जीत, मोरक्को ने भी दर्ज की अहम जीत

 नई दिल्ली  फीफा वर्ल्ड कप-2026 के संयुक्त मेजबान अमेरिका ने ग्रुप-डी के मैच में ऑस्ट्रेलिया को मात देकर नॉकआउट दौर में जगह बना ली है। वहीं, मोरक्को ने ग्रुप-सी के मैच में स्कॉटलैंड को पटखनी देते हुए अगले दौर में जाने की संभावनाओं को मजबूत कर लिया है। अमेरिका नॉकआउट दौर में पहुंचाने वाली दूसरी टीम बन गई है। उससे पहले, एक और संयुक्त मेजबान मैक्सिको ने अगले दौर में जगह बनाई थी। वह ऐसा करने वाली पहली टीम थी। 96 साल बाद हुआ ऐसा अमेरिका की ये इस वर्ल्ड कप में लगातार दूसरी जीत है और इसी के साथ उसने 96 साल का सूखा खत्म किया है। इस वर्ल्ड कप से पहले अमेरिका ने साल 1929 में लगातार दो मैच जीते थे। इस डबल को दोहराने में अमेरिका को 96 साल लग गए। उसने अपने पहले मैच में पैराग्वे को 4-1 से मात दी थी। सीटल स्टेडियम में खेले गए इस मैच में अमेरिका के लिए पहला गोल ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी कैमरन बर्गेस ने किया। उन्होंने गेंद को क्लियर करने के प्रयास में आत्मघाती गोल कर डाला जिससे अमेरिका 11वें मिनट में ही 1-0 से आगे हो गई। पहले हाफ के खत्म होने से दो मिनट पहले यानी 43वें मिनट में एलेक्स फ्रीमैन ने अमेरिका के लिए दूसरा गोल कर दिया। दूसरे हाफ में कोई गोल हो नहीं सका और अमेरिका ने ये मैच जीतते हुए शान से नॉकआउट दौर में जगह बनाई। मोरक्को ने भी जीता मैच वहीं मोरक्को ने भी स्कॉटलैंड के खिलाफ शुरुआती बढ़त ले ली थी जिसे कायम रखते हुए जीत हासिल की। मोरक्को के लिए इस्माइल साल्बारी ने डेढ़ मिनट में गोल करते हुए अपनी टीम को बढ़त दिलाई और फिर इसे कायम रखते हुए स्कॉटलैंड को पटखनी दी। ब्राहिम डिएज ने स्कॉटलैंड को डिफेंस को भेदते हुए इस्लमाइल तक शानदार पास दिया। इसके बाद इस्माइल ने एक झन्नटेदार किक से गेंद को नेट में डाल अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया। इसी स्कोरलाइन से मोरक्को ने जीत हासिल की और अगले दौर में जाने की उम्मीदों को पुख्ता किया।  

नेमार के बिना भी चमका ब्राजील, हैती को हराकर विश्व कप में खोला जीत का खाता

 नई दिल्ली  मोरक्को के खिलाफ अपने पहले मैच में 1-1 से ड्रॉ खेलने पर मजबूर होने वाली ब्राजील ने शनिवार को फीफा वर्ल्ड कप-2026 में अपनी पहली जीत हासिल कर ली है। ग्रुप-सी के मैच में ब्राजील ने हैती को 3-0 से मात देकर अपना खाता खोला। पहले मैच में ड्रॉ खेलने के बाद ब्राजील को इस मैच में जीत की सख्त जरूरत थी और उसने इसी तरह का खेल दिखाते हुए तीन अंक लिए जिससे अब उसके कुल चार अंक हो गए हैं और वह मोरक्को की बराबरी पर है जिसने स्कॉटलैंड को मात दी है। शुरू से दिखाया दबदबा हैती की ये लगातार दूसरी हार है और वह अगले दौर की रेस से लगभग बाहर हो गई है। अपने स्टार खिलाड़ी नेमार के बिना उतरी ब्राजील ने शुरू से ही इस मैच में अपना दबदबा दिखाया। 23वें मिनट में उसने अपना पहला गोल किया। उसके लिए ये गोल माथेयास कुनहो ने किया। माथेयास यहीं नहीं रुके। उन्होंने 36वें मिनट में एक और गोल कर दिया और अपनी टीम को 2-0 की बढ़त दिला दी। पहले हाफ का अंत ब्राजील के पक्ष में 2-0 से होता दिख रहा था, लेकिन इस हाफ के अतिरिक्त समय में विनिसियस जूनियर ने लुकास पाक्वेटा के पास पर शानदार गोल कर स्कोर 3-0 कर दिया। दूसरे हाफ में नहीं हो सका गोल हैती के लिए वापसी काफी मुश्किल थी, लेकिन उसके पास पूरा दूसरा हाफ था। हालांकि, ब्राजील की दीवार को भेदना उसके लिए आसान नहीं रहा। इस हाफ में उसके लिए उपलब्धि यही रही कि उसने और कोई गोल नहीं होने दिया। ब्राजील ने काफी कोशिश की, लेकिन दूसरे हाफ में वह हैती के डिफेंस को चकमा नहीं दे सकी। हालांकि, उसके पास जीत के लिए पर्याप्त स्कोर था जो उसके काम आया और ब्राजील ने इस टूर्नामेंट की अपनी पहली जीत हासिल की।  

दो रेड कार्ड पड़े भारी, नौ खिलाड़ियों वाली कतर पर कनाडा की बड़ी जीत

 नई दिल्ली  फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप मैच में दो-दो लाल कार्ड खाने वाली कतर को मेजबान कनाडा ने 6-0 से रौंद दिया। मेजबानों के लिए स्ट्राइकर जोनाथन डेविड ने हैटट्रिक जमाई जबकि काएल लैरिन और नेथन सलिबा ने एक-एक गोल किया। मैच का छठा गोल मोहम्मद मनाइ ने 75वें मिनट में अपने ही गोल पोस्ट में मार दिया। मैच की शुरुआत लैरिन के खूबसूरत गोल से हुई। मैच के 16वें मिनट में बॉक्स के बाएं तरफ से आई गेंद पर जमाए करारे शॉट को कतर के गोलकीपर ने रोक लिया लेकिन वह गेंद पर काबू नहीं पा सके और वह छिटककर लैरिन के पैरों में आ गिरी जिन्होंने एकदम करीब से इसे गोल में पहुंचा दिया। कतर की मुश्किलें बढ़ीं मैच के 29वें मिनट में डेविड ने अपना पहला गोल दागा जब उन्होंने दूर से जमाए एक शॉट को कतर के डिफेंडर से लगकर छिटकने के बाद दमदार शॉट के जरिए गोल में पहुंचाया। दो-तीन मिनट के बाद ही कतर की मुसीबतें बढ़ गईं जब मैच के 33वें मिनट में होमाम अहमद को रेफरी ने रेड कार्ड दिखा दिया। पहले हाफ के अतिरिक्त समय (45+3) में अपना दूसरा और मैच का तीसरा गोल किया। इस गोल में भी डेविड को भाग्य का साथ मिला। बॉक्स के बाएं तरफ से उछली गेंद पर लगे करारे हेडर को कतर के गोलकीपर ने रोक लिया, लेकिन गेंद फिर से डेविड के पास जा गिरी जिन्होंने एकदम नजदीक से कोई गलती नहीं की। पहला हाफ खत्म हुआ तो कनाडा 3-0 से आगे थी। दूसरे हाफ में कनाडा का जलवा दूसरे हाफ की शुरुआत कतर के असिम मदिबो के भयंकर फाउल से हुई। उन्होंने कनाडा के इस्माइल कोने को पीछे से टैकल करके गिरा दिया। रेफरी ने मदिबो को तुरंत रेड कार्ड दिखाकर बाहर भेज दिया। कोने की चोट बहुत गंभीर थी उन्हें भी स्ट्रेचर पर लादकर मैदान से बाहर ले जाया गया। मैच के 53वें मिनट में हुई इस घटना के कुछ देर बाद, 64वें मिनट में सलिबा ने बेहतरीन फ्री किक के जरिए कनाडा की बढ़त 4-0 की कर दी। सिर्फ नौ खिलाड़ियों के साथ खेल रही कतर की मुश्किलें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही थीं। मनाइ ने 75वें मिनट में कनाडा का एक शॉट गोल से दूर भेजने की जगह पूरी ताकत से गोल के अंदर मार दिया। डेविड ने दूसरे हाफ के अतिरिक्त समय (90+2) में अपनी हैटट्रिक पूरी करते हुए कनाडा को 6-0 से जीत दिला दी।

WhatsApp यूजर्स के लिए नया सब्सक्रिप्शन प्लान, ₹79 प्रति माह में मिलेगा प्रीमियम अनुभव

 नई दिल्ली WhatsApp अब तक पूरी तरह फ्री ऐप रहा है, लेकिन अब इसमें पहली बार एक पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल आ गया है. कंपनी ने भारत में WhatsApp Plus नाम से नया प्लान रोलआउट करना शुरू किया है, जो Android और iOS दोनों यूजर्स के लिए है।  इस नए प्लान की कीमत भारत में 79 रुपये प्रति महीने रखी गई है. हालांकि शुरुआत में यूजर्स को पहला महीना फ्री ट्रायल के तौर पर मिल रहा है. यानी आप पहले इसे इस्तेमाल करके देख सकते हैं और उसके बाद तय कर सकते हैं कि यह आपके लिए जरूरी है या नहीं।  WhatsApp Plus को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि यह कोई बड़ा बदलाव नहीं लाता, बल्कि यह एक तरह का कस्टमाइजेशन पैक है. इसका मतलब यह है कि ऐप के बेसिक फीचर्स जैसे कॉलिंग, स्टेटस, मैसेजिंग और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पहले जैसे ही रहेंगे और सभी यूजर्स के लिए फ्री रहेंगे।  यह सब्सक्रिप्शन सिर्फ उन लोगों के लिए है जो WhatsApp को थोड़ा अलग और पर्सनल तरीके से इस्तेमाल करना चाहते हैं।  इस प्लान के तहत यूजर्स को ऐप के लुक को बदलने का ऑप्शन मिलता है. इसमें करीब 18 नए कलर थीम्स दिए गए हैं, जिनमें अलग-अलग स्टाइल और कलर कॉम्बिनेशन शामिल हैं।  इसके अलावा ऐप का आइकन भी बदला जा सकता है, जिसके लिए 14 नए डिजाइन दिए गए हैं. यानी WhatsApp अब पहले जैसा दिखे, यह जरूरी नहीं है, आप इसे अपनी पसंद के हिसाब से बदल सकते हैं।  सिर्फ लुक ही नहीं, कुछ छोटे लेकिन काम के फीचर्स भी इसमें जोड़े गए हैं. जैसे यूजर्स को एक्सक्लूसिव रिंगटोन मिलती हैं, जो आम यूजर्स के पास नहीं होंगी. इसके साथ ही नए स्टिकर पैक भी दिए जाते हैं. एक और बदलाव यह है कि अब आप अपनी चैट लिस्ट में 20 तक चैट्स को पिन कर सकते हैं, जो पहले लिमिटेड थी।  चैट को मैनेज करने के लिए भी कुछ एडिशनल कंट्रोल दिए गए हैं. यूजर्स अपनी चैट लिस्ट को अपने हिसाब से कस्टमाइज कर सकते हैं, जिससे ऐप का इस्तेमाल थोड़ा ज्यादा आसान और पर्सनल हो जाता है।  अगर सब्सक्राइब करने की बात करें तो प्रोसेस आसान है. WhatsApp की सेटिंग्स में जाकर Subscriptions सेक्शन में WhatsApp Plus का ऑप्शन मिलेगा. वहां से पेमेंट करके इसे एक्टिव किया जा सकता है. पेमेंट Google Play Store के जरिए प्रोसेस होता है और एक्टिवेशन के बाद नोटिफिकेशन भी मिलता है।  हालांकि यह भी ध्यान देने वाली बात है कि यह फीचर अभी सभी यूजर्स तक नहीं पहुंचा है. अगर आपको Subscriptions में WhatsApp Plus का ऑप्शन नहीं दिख रहा है, तो इसका मतलब है कि यह अभी आपके अकाउंट के लिए रोलआउट नहीं हुआ है. ऐसे में कुछ दिन इंतजार करना होगा।  अब सवाल यही है कि क्या WhatsApp Plus लेना चाहिए या नहीं. इसका जवाब पूरी तरह यूजर पर निर्भर करता है. अगर आप WhatsApp को सिर्फ मैसेजिंग के लिए इस्तेमाल करते हैं और आपको उसका मौजूदा लुक और फीचर्स ठीक लगते हैं, तो यह प्लान आपके लिए जरूरी नहीं है। 

पैदल यात्रियों के अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, फुटपाथ को बताया मौलिक सुविधा

नई दिल्ली देश के करोड़ों पैदल यात्रियों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. शीर्ष अदालत ने शुक्रवार (19 जून 2026) को माना कि फुटपाथ पर चलने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले ‘जीवन के अधिकार’ का हिस्सा है. अदालत ने कहा कि नागरिकों को सुरक्षित, बाधारहित और दिव्यांगों की सुविधा के मुताबिक फुटपाथ उपलब्ध कराना सरकारों की जिम्मेदारी है।  लीगल वेबसाइट लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने ये बातें सड़क सुरक्षा से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई के दौरान कही. याचिकाकर्ता ने अदालत का ध्यान इस ओर दिलाया कि देश के कई शहरों में या तो फुटपाथ हैं ही नहीं, और जहां हैं भी वहां अतिक्रमण, पार्किंग या अन्य बाधाओं के कारण पैदल चलना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में लोगों को मजबूर होकर सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है।  अदालत ने और क्या कहा? जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच ने कहा, “संविधान के भाग-III के तहत पैदल चलने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है. यह अनुच्छेद 19(1)(d) के तहत प्राप्त आवागमन की स्वतंत्रता के अधिकार का अभिन्न हिस्सा है. इसे अनुच्छेद 19(1)(a), अनुच्छेद 19(1)(b), अनुच्छेद 19(1)(c) और अनुच्छेद 21 के साथ पढ़ा जाना चाहिए. पैदल चलने के इस मौलिक अधिकार के दायरे में स्पष्ट रूप से चिन्हित फुटपाथों का अधिकार भी शामिल है. ये अधिकार प्राथमिक हैं और इन्हें मोटर चालित वाहनों की आवाजाही पर वरीयता प्राप्त होगी।  कोर्ट ने कहा, “यह वास्तव में अजीब है कि हम पैदल चलने के अधिकार को पहचानने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते. शायद इसकी वजह यह है कि पहियों ने हमारी सोच पर कब्जा कर लिया है. हमारी नगरपालिकाएं ऐसी सड़कें बनाने में व्यस्त रहीं जो मोटर वाहनों के लिए अधिक उपयुक्त हों।  दिव्यांगजनों की सुविधा पर दिया जोर कोर्ट ने अपने आदेश में विशेष रूप से दिव्यांगजनों के अधिकारों पर भी जोर दिया. अदालत ने कहा कि फुटपाथ ऐसे होने चाहिए, जिनका इस्तेमाल व्हीलचेयर या अन्य सहायक उपकरणों का इस्तेमाल करने वाले लोग भी आसानी से कर सकें. सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे फुटपाथों की उपलब्धता, रखरखाव और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश तैयार करें. साथ ही, फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने को भी अनिवार्य बताया गया है।  सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि अगर उचित फुटपाथ नहीं होंगे, तो पैदल यात्रियों को सड़क का इस्तेमाल करना पड़ेगा, जो उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है. इसलिए सुरक्षित फुटवे और फुटपाथ उपलब्ध कराना सिर्फ प्रशासनिक सुविधा का विषय नहीं, बल्कि संवैधानिक दायित्व है। 

टेक इंडस्ट्री में AI बना नया पैमाना, इस्तेमाल न करने वाले कर्मचारियों की नौकरी पर बढ़ा जोखिम

 नई दिल्ली क्या आप भी इस मुगालते में हैं कि बिना एआई सीखे आपका काम मजे से चलता रहेगा? अगर हां, तो ग्लोबल सर्वे एजेंसी 'गैलप' की यह ताजा स्टडी आंखें खोलेने के ल‍िए है. टेक इंडस्ट्री में इस समय एआई सिर्फ काम को आसान बनाने का जरिया नहीं रहा, बल्कि यह आपकी नौकरी बचाने का सबसे बड़ा 'सुरक्षा कवच' बन चुका है।  गैलप के नए शोध के मुताबिक, जो टेक कर्मचारी अपने रोजमर्रा के काम में एआई का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, उनके नौकरी गंवाने (ले ऑफ) का खतरा एआई इस्तेमाल करने वाले साथियों की तुलना में तीन गुना ज्यादा है।  बता दें कि गैलप ने ये अनुमान अमेरिका के 23,000 से अधिक कामकाजी लोगों पर किए गए सर्वे के आधार पर लगाया है. इसमें वो 660 लोग भी शामिल थे जिनकी हाल ही में नौकरी चली गई थी. इसके स्टेटेस्ट‍िक मॉडल से कई बातें निकलकर आईं, जैसे जो टेक कर्मचारी महीने में कम से कम एक बार या उससे अधिक एआई टूल्स का इस्तेमाल करते हैं, उनके छंटनी की संभावना सिर्फ 6 फीसदी पाई गई।  वहीं नॉन-एआई यूजर्स कर्मचारी यानी जो एआई से दूरी बनाकर रखते हैं या बहुत कम इस्तेमाल करते हैं, उनकी नौकरी जाने का रिस्क सीधे 18 फीसदी तक पहुंच जाता है. रिपोर्ट में साफ किया गया है कि टेक इंडस्ट्री से बाहर के सेक्टर्स में भी एआई का इस्तेमाल न करने वाले कर्मचारी छंटनी के काफी करीब हैं, हालांकि वहां रिस्क का यह अंतर टेक सेक्टर जितना बड़ा नहीं है।  कंपनियों की नई 'फॉल्ट लाइन' बना एआई ये स्टडी इशारा करती है कि एआई यानी आर्ट‍िफ‍िश‍ियल इंटेल‍िजेंस अब कंपनियों के भीतर एक ऐसी विभाजक रेखा (फॉल्ट लाइन) बन चुका है, जो सीधे तौर पर लोगों के करियर को प्रभावित कर रहा है. कंपनियां अब न सिर्फ नए उम्मीदवारों को हायर करते समय 'एआई साक्षरता' चेक कर रही हैं, बल्कि मंदी या छंटनी के वक्त यह भी देख रही हैं कि किस कर्मचारी को रोकना है और किसे बाहर का रास्ता दिखाना है।  कर्मचारी कुछ और कह रहे हैं, कंपनियां कुछ और! इस रिपोर्ट का सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाला पहलू कंपनियों और कर्मचारियों के बीच का वैचारिक अंतर है. छंटनी का शिकार हुए केवल 1 फीसदी कर्मचारियों ने माना कि उनकी नौकरी जाने की सीधी वजह एआई है. अधिकांश ने इसके लिए कंपनियों के पुनर्गठन (Restructuring), कॉस्ट-कटिंग या खराब आर्थिक हालातों को ज़िम्मेदार ठहराया।  इसके उलट, 'चैलेंजर, ग्रे एंड क्रिसमस इंक' के डेटा के मुताबिक, पिछले महीने कंपनियों द्वारा की गई छंटनी की घोषणाओं में एआई सबसे बड़ा कारण था, जो कुल घोषणाओं का लगभग 40 फीसदी था. गैलप के मुख्य वैज्ञानिक जिम हार्टर का मीड‍िया को द‍िया बयान काफी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी नौकरी जाने के लिए सीधे एआई को दोष नहीं दे रहे हैं, जिससे एआई का वह अप्रत्यक्ष प्रभाव छिप जाता है जो कंपनियां छंटनी का फैसला लेते समय मन में रखती हैं। 

भारत की रक्षा ताकत को नई उड़ान, राजनाथ सिंह बोले- तय समय से पहले हासिल करेंगे उत्पादन और निर्यात लक्ष्य

  नयी दिल्ली  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है और तीन लाख करोड़ रुपए के रक्षा उत्पादन तथा 50,000 करोड़ रुपए के रक्षा निर्यात के लक्ष्यों को समय से पहले हासिल कर लिया जायेगा। सिंह ने नागपुर में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ यंत्र इंडिया लिमिटेड की आयुध निर्माणी अंबाझरी इकाई में अत्याधुनिक 10,000 टन एल्यूमिनियम एक्सट्रूज़न प्रेस के भूमि पूजन के अवसर पर यह बात कही। उन्होंने कहा है कि निगमीकरण के बाद आयुध निर्माणी बोर्ड का उत्पादन वित्त वर्ष 2025-26 में 26,282 करोड़ रुपए तक पहुँच गया जो वित्त वर्ष 2019-20 में 12,755 करोड़ रुपए था। निर्यात भी 81 करोड़ से बढ़कर 4,561 करोड़ रुपए पहुंच गया है। उन्होंने कहा , "जो राष्ट्र अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति स्वयं करने में सक्षम होता है, वह अपने हितों की सुरक्षा के लिए सबसे अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है।" उन्होंने कहा कि यह एक्सट्रूज़न प्रेस देश के दृष्टिकोण में उस परिवर्तन का प्रतीक है, जिसमें आयात पर निर्भर रहने के बजाय महत्वपूर्ण वस्तुओं का घरेलू उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य में भविष्य के लिए तैयार रहने के लिए सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं पर नियंत्रण को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्रेस देश में अपनी तरह की सबसे उन्नत सुविधाओं में से एक होगी। यह रक्षा प्रणालियों एवं विभिन्न प्लेटफॉर्म, अंतरिक्ष एवं विमानन संरचनाओं, मिसाइल कार्यक्रमों, रेलवे एवं परिवहन क्षेत्रों तथा अन्य रणनीतिक औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए आवश्यक बड़े और जटिल एल्यूमिनियम मिश्रधातु प्रोफाइलों के निर्माण में सहायता करेगी। यह परियोजना महत्वपूर्ण एल्यूमिनियम एक्सट्रूज़न के आयात पर निर्भरता कम करने, घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने तथा स्वदेशी उत्पादन के माध्यम से रणनीतिक क्षेत्रों की भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होगी। रक्षा मंत्री ने कहा, "यह एक्सट्रूज़न प्रेस एक महत्वपूर्ण आवश्यकता को पूरा करता है। आधुनिक लड़ाकू विमान, मिसाइलें और उन्नत अंतरिक्ष कार्यक्रम ऐसे धातुओं की मांग करते हैं जो हल्की होने के साथ-साथ मजबूत भी हों और अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना कर सकें। ऐसी धातुएँ विशेष प्रक्रियाओं के माध्यम से तैयार की जाती हैं। यदि धातु की गुणवत्ता श्रेष्ठ होगी, तो वह हर परिस्थिति में प्रभावी सिद्ध होगी।" ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में भारत-निर्मित उपकरणों की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए सिंह ने मजबूत हार्डवेयर के स्वदेशी निर्माण को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी मशीनों की वास्तविक शक्ति हजारों महत्वपूर्ण अवयवों से मिलकर बनती है और यह एक्सट्रूज़न प्रेस इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि आज जबकि युद्ध का स्वरूप बदल रहा है और शत्रुओं की पहचान करना अधिक कठिन हो गया है, फिर भी पारंपरिक युद्ध और उससे जुड़े साधनों की प्रासंगिकता 1947 की तरह आज भी बनी हुई है और 2047 में भी काफी हद तक बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि एक मजबूत सैन्य-औद्योगिक आधार का महत्व लंबे समय तक बना रहेगा और यह एक्सट्रूज़न प्रेस भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक बड़ी राष्ट्रीय आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में उठाया गया कदम है। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए प्रौद्योगिकी, कार्यबल, ज्ञान और राष्ट्र के प्रति विश्वास जैसे चार प्रमुख तत्वों पर एक साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार के निरंतर प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और 2014 में 46,000 करोड़ रुपये का घरेलू रक्षा उत्पादन वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ हो गया है। उन्होंने कहा कि 2014 में भारत का रक्षा निर्यात 1,000 करोड़ से भी कम था, जो अब बढ़कर 38,424 करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गया है। उन्होंने कहा, "यह केवल आँकड़ों में वृद्धि नहीं है, बल्कि भारत की क्षमताओं में वृद्धि का प्रतीक है। यह राष्ट्र के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी को दर्शाता है। हम अगले 2-3 वर्षों के लिए निर्धारित 3 लाख करोड़ रुपए के रक्षा उत्पादन और 50,000 करोड़ रुपए के रक्षा निर्यात के लक्ष्यों को समय से पहले प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।" रक्षा मंत्री ने आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में यंत्र इंडिया लिमिटेड के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि बदलते समय और उभरती प्रौद्योगिकियों को ध्यान में रखते हुए आयुध निर्माणी बोर्ड का निगमीकरण प्रणाली को अधिक मजबूत और चुस्त बनाने के लिए किया गया था और यंत्र इंडिया लिमिटेड उसी परिवर्तन का परिणाम है। उन्होंने कहा, "निगमीकरण के बाद हमारी परिकल्पना थी कि नयी इकाइयों को पर्याप्त परिचालन स्वायत्तता मिले और उन्हें नवाचार, जोखिम उठाने, अनुसंधान तथा निर्यात में उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर प्राप्त हों। सभी नयी रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र इकाइयाँ इस दिशा में सफलतापूर्वक आगे बढ़ी हैं। वित्त वर्ष 2019-20 में निगमीकरण से पहले आयुध निर्माणी बोर्ड का उत्पादन 12,755 करोड़ रुपए था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 26,282 करोड़ रुपए हो गया। रक्षा निर्यात के क्षेत्र में यह आँकड़ा निगमीकरण से पहले मात्र 81 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 4,561 करोड़ रुपए हो गया है, जिसमें यंत्र इंडिया लिमिटेड का योगदान 397 करोड़ रुपए है।" सिंह सिंह ने कहा कि प्रतिस्पर्धी दुनिया में "अनुसंधान एवं विकास" तथा "पूंजी निवेश" किसी औद्योगिक इकाई को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख तत्व हैं। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक प्रगति और प्रतिस्पर्धा के लिए अनुसंधान एवं विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है और जो संगठन नवाचार को अपनाते हैं, वही भविष्य का नेतृत्व करते हैं। पूंजी निवेश पर उन्होंने कहा कि नयी मशीनरी की स्थापना या आधुनिक उपकरणों में निवेश एक महत्वपूर्ण तकनीकी जुड़ाव प्रदान करता है। "आधुनिक मशीनरी के माध्यम से नयी प्रौद्योगिकियाँ विनिर्माण प्रणाली का हिस्सा बनती हैं, जिससे उत्पादन प्रक्रियाओं की दक्षता बढ़ती है, गुणवत्ता में सुधार होता है और पूरी प्रणाली अधिक आधुनिक एवं प्रभावी बनती है।" रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को कुशल मशीनरी स्थापना और आधुनिकीकरण को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि नवीनतम प्रौद्योगिकी और उन्नत उत्पादन प्रणालियों में निवेश भविष्य की प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इससे कॉर्पोरेट इकाइयाँ राष्ट्रीय अपेक्षाओं को पूरा कर सकेंगी और वैश्विक मानकों पर … Read more

Daily Horoscope 20 June: आज का दिन किसके लिए शुभ और किसके लिए चुनौतीपूर्ण? पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल

मेष राशि- 20 जून का दिन आपके लिए अच्छी खबर लेकर आ सकता है। जिस काम को लेकर पिछले कुछ दिनों से चिंता थी, उसमें राहत मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। परिवार में माहौल सामान्य रहेगा। खर्च पर थोड़ा कंट्रोल रखें। वृषभ राशि- 20 जून को कामकाज में व्यस्तता रह सकती है। कोई जरूरी जिम्मेदारी आपके पास आ सकती है। पैसों के मामले में दिन ठीक रहेगा। परिवार के किसी सदस्य की सलाह आपके काम आ सकती है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। मिथुन राशि- 20 जून का दिन आपके लिए सकारात्मक रह सकता है। रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। व्यापार में फायदा हो सकता है। दोस्तों से मुलाकात या बातचीत मन खुश करेगी। शाम का समय अच्छा बीतेगा। कर्क राशि- 20 जून को धैर्य के साथ काम करने की जरूरत है। कुछ काम उम्मीद के मुताबिक पूरे नहीं हो पाएंगे, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार का साथ मिलेगा। सिंह राशि- 20 जून का दिन आपके लिए लाभ देने वाला साबित हो सकता है। नौकरी और कारोबार में अच्छे मौके मिल सकते हैं। किसी पुराने परिचित से मुलाकात होने के योग हैं। मन में नई ऊर्जा बनी रहेगी। कन्या राशि- 20 जून को काम और परिवार के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा। किसी पुराने मामले का हल निकल सकता है। पैसों से जुड़ा फैसला सोच-समझकर लें। सेहत सामान्य रहेगी। तुला राशि- 20 जून को कामकाज में सावधानी बरतें। किसी भी बात पर जल्द प्रतिक्रिया देने से बचें। मेहनत का फायदा मिलेगा। घर का माहौल अच्छा रहेगा। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट का ध्यान रखें। वृश्चिक राशि- 20 जून का दिन आपके लिए अच्छा रह सकता है। बातचीत के जरिए कई काम पूरे होंगे। नौकरी और व्यापार में लाभ के संकेत हैं। दोस्तों का सहयोग मिलेगा। मन प्रसन्न रहेगा। धनु राशि- 20 जून का दिन रिश्तों के लिहाज से अच्छा रहेगा। परिवार और दोस्तों का सहयोग मिलेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर रहने के संकेत हैं। मकर राशि- 20 जून को आपका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। कामकाज में अच्छे नतीजे मिल सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात फायदेमंद रहेगी। घर में खुशी का माहौल बना रहेगा। कुंभ राशि- 20 जून का दिन नई शुरुआत के लिए अच्छा माना जा सकता है। किसी नई योजना पर काम शुरू कर सकते हैं। छात्रों को पढ़ाई में सफलता मिल सकती है। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। मीन राशि- 20 जून को आर्थिक मामलों में लाभ मिलने की संभावना है। मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। किसी पुराने मित्र से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। मन शांत रहेगा।

कृषि विभाग की पहल: 1.14 लाख हेक्टेयर में धान खेती का लक्ष्य, बीज वितरण शुरू

बांका  खरीफ मौसम में धान सहित विभिन्न फसलों की खेती के लिए कृषि विभाग ने किसानों को अनुदानित दर पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले बीजों का वितरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए किसानों को अपने पंचायत के किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक अथवा प्रखंड कृषि पदाधिकारी से संपर्क करना होगा। जिला कृषि कार्यालय से प्राप्त आंकड़े के अनुसार, इस वर्ष जिले में एक लाख 14 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किसानों को उन्नत एवं प्रमाणित बीजों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण बीज के प्रयोग से उत्पादन में वृद्धि के साथ किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। संकर धान, डीआरआर धान-53, अरहर, रागी (मंडुआ), ज्वार तथा संकर मक्का के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। वर्तमान में संकर धान का 41.50 क्विंटल, डीआरआर धान-53 का 48 क्विंटल तथा अरहर का 60 क्विंटल बीज उपलब्ध है। वहीं रागी, ज्वार और संकर मक्का के बीज एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध होने की संभावना जताई गई है। शंकर धान एवं शंकर मक्का के बीज पर 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा अरहर पर 60 रुपये, रागी पर 30 रुपये तथा ज्वार पर 29.95 रुपये प्रति किलोग्राम अनुदान निर्धारित किया गया है। अनुदान के बाद किसानों को संकर धान के लिए 320 रुपये, अरहर के लिए 80 रुपये तथा संकर मक्का के लिए 74 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से राशि का भुगतान करना होगा। 11 हजार हेक्टेयर में नर्सरी पिछले साल की तुलना में इस साल धान की खेती का रकबा बड़ा है। पिछले साल एक लाख 12 हजार हेक्टेयर में खेती की गई थी, लेकिन इस बार एक लाख 14 हजार 300 हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए करीब 11 हजार हेक्टेयर में नर्सरी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों ने बताया कि नर्सरी डालने के लिए वे लोग पहले से ही खेत को तैयार कर रखें हैं। मौसम का साथ मिलते ही वे लोग खेती किसानी में जुट जाएंगे।