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रामलला को चढ़ाया गया रत्नजड़ित हार बना रहस्य, पुजारियों के बयान से बढ़ी पेचीदगी

अयोध्या  राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय जौनपुर के विश्वकर्मा परिवार की ओर से उपहार में दिया गया बेशकीमती हार व चरण पादुका विशेष जांच दल (एसआइटी) के लिए अबूझ पहेली बन गया है। चौथे दिन एसआइटी ने हार व चरण पादुका को खोजने या उसकी जानकारी लेने का प्रयास किया, परंतु पता नहीं चला। रामशंकर यादव टिन्नू व कृष्णदेव तिवारी के साथ रामलला के चार पुजारियों को भी बुलाया गया। पुजारी मोहित पांडेय ने बताया कि मैंने हार पहनाने के बाद टिन्नू को वापस कर दिया था। टिन्नू यही रट लगाए है कि उसे ईंट के रूप में गलाने को बेंगलुरु भेजा गया था। अब एसआइटी हार का असली पता खोज रही है। सूत्रों ने बताया कि एसआइटी के सदस्य लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत, लखनऊ रेंज आइजी किरण एस. व विशेष सचिव वित्त विभाग नीलरतन कुमार ने गुरुवार दोपहर तीन बजे हार व चरण पादुका की खोज शुरू की। राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव के माध्यम से तीन वरिष्ठ पुजारियों अशोक उपाध्याय, संतोष तिवारी व प्रेमचंद्र त्रिपाठी और साल भर पहले नियुक्त पुजारी मोहित पांडेय को ग्रीन हाउस बुलाया गया। जब यह पता चला कि उस समय वरिष्ठ पुजारी नहीं, युवा पुजारी मोहित पांडेय थे, तो उनसे तस्दीक हुई। सूत्रों ने बताया कि मोहित ने रामलला को पहनाने के बाद टिन्नू यादव को लाैटाने की बात कही, तो एसआइटी ने टिन्नू से पूछा। उसने यही बताया कि उसे उसी समय बेंगलुरु भेज दिया गया था। आभूषण रखने वाले कृष्णदेव तिवारी ने भी इससे अज्ञानता जताई। सूत्रों ने बताया कि अब उसकी न तो ईंट मिल रही, न रसीद। अयोध्या के रोकड़िया हनुमान मंदिर के आचार्य विनोद मिश्रा ने दो दिन पहले मीडिया के सामने आकर बताया था कि जौनपुर के जंगही निवासी उनके भक्त अजय विश्वकर्मा ने पिता केदारनाथ व अन्य परिजनों के साथ 200 किमी पैदल अयोध्या आकर टिन्नू यादव के माध्यम से रामलला को रत्न जड़ित हार व चरण पादुका भेंट की थी। हार पर द्वाद्वश ज्योतिर्लिंग उकेरा गया था, तो पादुका पर 64 चरणों के चिह्न अंकित थे। दोनों बहुमूल्य रहे। उस समय उसकी पहने हुए रामलला की फोटो देने की भी बात हुई थी, लेकिन आज तक नहीं दी गई। अजय मुंबई में कारोबार करते हैं और उन्होंने वहीं पर उसे बनवाया था।

अभावों से निकले हीरो: आशीष और प्रेमचंद बने एशिया कप के स्टार

जमशेदपुर  पसीने की स्याही से जब किस्मत लिखी जाती है, तो मुफलिसी की दीवारें भी रास्ता छोड़ देती हैं। झारखंड के खूंटी जिले की लाल मिट्टी से निकले दो युवा खिलाड़ी प्रेमचंद सोरेन और आशीष तानी पूर्ति ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। अभावों की भट्टी में तपकर कुंदन बने नवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) के इन दोनों खिलाड़ियों ने जापान में आयोजित अंडर-18 पुरुष एशिया कप में भारत को स्वर्ण पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है। कच्चे मकान और गरीबी की बेड़ियों को तोड़कर अंतरराष्ट्रीय पटल पर छा जाने वाले ये दोनों हॉकी सनसनी आज देश की धड़कन बन चुके हैं। सफलता के इस शिखर पर पहुंचकर दोनों खिलाड़ी भावुक हो उठते हैं। अपने संघर्षों को याद करते हुए दोनों के मुख से बरबस ही निकल पड़ता है, अगर टाटा ट्रस्ट और नेवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) का संबल न मिलता, तो हमारी स्टिक खेतों की पगडंडियों में ही टूटकर खो जाती। एनटीएचए की विश्वस्तरीय सुविधाओं और मार्गदर्शन ने ही हमारे सपनों को परवाज दी है। प्लास्टिक की छत से नीले आसमान की उड़ान खूंटी के मुरहू प्रखंड स्थित गनालोया गांव की एक जर्जर कच्ची झोपड़ी, जिसकी छत को महज एक नीली प्लास्टिक शीट से ढका गया है, वहीं से आशीष तानी पूर्ति के आसमानी सपनों ने आकार लिया। खेतों में पसीना बहाकर दिन के बमुश्किल 20-30 रुपये कमाने वाले मजदूर सुकुदानी पूर्ति और ललिता पूर्ति के इकलौते बेटे (तीन बहनों के भाई) आशीष बचपन में स्कूल की चारदीवारी से अक्सर भाग जाया करते थे। ननिहाल में पले-बढ़े आशीष को हॉकी की विरासत अपने मामा और नाना से मिली, जो पूर्व खिलाड़ी रह चुके थे। जब आशीष ने पहली बार पुरानी और घिसी हुई स्टिक थामी, तो उनके फटे जूतों और कीचड़ सने मैदान ने कभी उनके हौसलों की उड़ान को नहीं रोका। भारत के सबसे घातक डिफेंडर और फ्लिकर वर्ष 2022 में रीजनल डेवलपमेंट सेंटर और खूंटी के आवासीय सेंटर से होते हुए 2023 में एनटीएचए पहुंचने वाले आशीष को दिग्गज कोच हरिंदर सिंह का सानिध्य मिला। अकादमी की कृत्रिम टर्फ पर कड़ी मेहनत से आशीष आज भारत के सबसे घातक डिफेंडर और फ्लिकर बन चुके हैं। जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप में उनका प्रदर्शन किसी सुनामी से कम नहीं था। सेमीफाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ अकेले चार गोल दागकर उन्होंने करोड़ों देशवासियों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। फाइनल में आया शानदार हैट्रिक आशीष के खेल का असली तूफान फाइनल में आया, जब उन्होंने मेजबान जापान के कड़े डिफेंस को भेदते हुए शानदार हैट्रिक लगाई और भारत को 4-1 से एकतरफा जीत दिलाकर चैंपियन बना दिया। इससे पहले चीनी ताइपेई के खिलाफ भी उन्होंने तीन गोल दागे थे। टूर्नामेंट में सर्वाधिक 13 गोल कर टॉप स्कोरर और प्लेयर ऑफ द मैच बने आशीष मानते हैं कि फाइनल जीतने से कहीं ज्यादा रूहानी खुशी उन्हें पाकिस्तान को हराने में मिली। हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) में रांची रॉयल्स के लिए खेलते हुए रजत पदक जीतने वाले आशीष की इस ऐतिहासिक सफलता पर हॉकी इंडिया ने उन्हें तीन लाख रुपये का नकद इनाम दिया है। अभावों की राख से उठकर चमकने वाला यह सितारा आज भारतीय खेलों का नया हीरो है। फुटबॉल के मैदान से हॉकी के शिखर तक खेतों में दिहाड़ी मजदूरी कर दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने वाले कल्याण सोरेन और जसमनी सोरेन का बेटा प्रेमचंद आज भारतीय हाकी के आसमान का चमकता सितारा है लॉकडाउन के दौरान जब वह अपने गांव लौटे, तो वहां की जीवनरेखा माना जाने वाला एकमात्र पुल टूट चुका था। गांव की सरहदों में कैद होने की वह मजबूरी प्रेमचंद के लिए अप्रत्याशित वरदान बन गई। गांव के कीचड़ और उबड़-खाबड़ मैदानों में समय बिताने के दौरान उनका रुझान हॉकी की ओर हुआ और फिर जो सफर शुरू हुआ, वह आज इतिहास के पन्नों में दर्ज है। भारतीय टीम की अजेय दीवार और धुरी बने तार कंपनी स्थित नवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) के अनुशासित और आधुनिक माहौल में एक कैडेट के रूप में प्रेमचंद ने अपनी खेल प्रतिभा को उस अकल्पनीय स्तर तक तराशा, जहां उनकी हॉकी स्टिक की गूंज से विरोधियों के पसीने छूट जाते हैं। 16वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अपने अद्भुत खेल से प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीतकर उन्होंने अपने मजबूत इरादे जता दिए थे। जापान में संपन्न अंडर-18 पुरुष एशिया कप में मिडफील्डर के रूप में वह भारतीय टीम की अजेय दीवार और धुरी बने रहे। टूर्नामेंट के एक अहम मुकाबले में उन्होंने शानदार गोल दागा। विदेश में जापानी खान-पान उन्हें बिल्कुल रास नहीं आया, लेकिन वतन के लिए कुछ कर गुजरने की भूख ने कभी उनकी ऊर्जा कम नहीं होने दी। लीग मैच में जापान से मिली हार ने उन्हें भीतर तक आहत किया था, मगर सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से धूल चटाने के बाद उनकी सारी निराशा जश्न में बदल गई। आज पूरा देश इस युवा मिडफील्डर को भारतीय टीम का स्वर्णिम भविष्य मान रहा है।

एशियन गेम्स टीम में जगह नहीं मिलने पर मनिका बत्रा नाराज, चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

 नई दिल्ली भारत की स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी मन‍िका बत्रा ने एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने के बाद सेलेक्शन प्रोसेस पर गंभीर सवाल उठाए हैं. देश की टॉप महिला पैडलर ने कहा कि उन्हें टीम से बाहर किए जाने का फैसला बेहद निराशाजनक है और इस संबंध में उन्हें कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया।  वैसे मन‍िका बत्रा की हाल‍िया और ताजा आईटीटीएफ टेबल टेनिस विश्व रैंकिंग में 51वें नंबर पर हैं. 31 वर्षीय मन‍िका बत्रा को टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) द्वारा घोषित एशियन गेम्स स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया. उन्हें मुख्य टीम के बजाय रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में स्वस्तिका घोष के साथ रखा गया है।  सेलेक्शन प्रोसेस पर उठाए सवाल मन‍िका ने अपने बयान में कहा कि उन्हें सिर्फ सेलेक्शन ना होने का दुख नहीं है, बल्कि इस बात ने ज्यादा निराश किया है कि सेलेक्शन मानदंडों की व्याख्या और उनका इस्तेमाल किस तरह किया गया. उनका दावा है कि उन्हें बाहर करने के पीछे कोई व‍िशेष्ज्ञ कारण शेयर न हीं किया गया।  भारतीय स्टार ने कहा कि सेलेक्शन प्रोसेस में एकरूपता को लेकर सवाल उठते हैं. उनके मुताबिक, पिछले एशियन गेम्स सेलेक्शन साइक‍िल में जिन मानकों और नियमों को अपनाया गया था, इस बार उनके मामले में अलग तरीके से लागू किया गया. यदि नियम वही थे, तो फिर उनके साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया, इसका जवाब मिलना चाहिए।  घरेलू टूर्नामेंट नहीं खेलने का पड़ा असर मन‍िका बत्रा का चयन नहीं होने की मुख्य वजह घरेलू प्रतियोगिताओं में उनकी अनुपस्थिति मानी जा रही है. घरेलू इवेंट्स में हिस्सा नहीं लेने के कारण वह टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया की रैंकिंग में शामिल नहीं हैं. यही कारण उनके चयन के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बना. हालांकि मन‍िका का मानना है कि पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी रही है और चयन से जुड़ी जानकारी खिलाड़ियों को स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए।  पीएम मोदी और खेल मंत्री से की अपील मन‍िका बत्रा ने इस मुद्दे को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) से हस्तक्षेप की अपील की है।  उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि उन्होंने सेलेक्शन प्रोसेस लेकर स्पष्टता मांगी है और संबंधित संस्थाओं से अनुरोध किया है कि मामले की जांच की जाए ताकि सेलेक्शन क्राइटेर‍िया का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पालन सुनिश्चित हो सके. मन‍िका ने कहा कि एशियन गेम्स 2026 टीम में उनका सेलेक्शन न होना बेहद दुखद है. उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों के लिए यह जानना जरूरी है कि सेलेक्शन के फैसले किन आधारों पर लिए जा रहे हैं।  भारतीय टेबल टेनिस में बड़ा नाम हैं मन‍िका मन‍िका बत्रा भारतीय टेबल टेनिस की सबसे सफल खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं. राष्ट्रमंडल खेलों और इंटरनेशनल लेव पर उन्होंने भारत को कई महत्वपूर्ण पदक दिलाए हैं. ऐसे में एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए उनका मुख्य टीम में चयन न होना खेल जगत में चर्चा का विषय बन गया है।  अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि भारतीय ओलंपिक संघ, खेल मंत्रालय या टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया इस पूरे विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। 

ब्रिटेन में बदले राजनीतिक समीकरण, ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ की जीत के बाद किएर स्टार्मर पर बढ़ा दबाव

लंदन  ब्रिटेन की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. लेबर पार्टी के दिग्गज नेता और ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम ने संसदीय उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज की है, जिसके बाद प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर की कुर्सी पर खतरा और बढ़ गया है. उन्हें "किंग ऑफ द नॉर्थ" कहा जाता है।  उत्तरी इंग्लैंड के मेकरफील्ड सीट पर हुए चुनाव में बर्नहम ने 54.8 फीसदी वोट हासिल किए. उन्होंने निगेल फराज की पार्टी रिफॉर्म यूके के उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया, जिसे 34.5 फीसदी वोट मिले. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत सिर्फ एक सीट की जीत नहीं, बल्कि लेबर पार्टी के अंदर नेतृत्व परिवर्तन की शुरुआत हो सकती है।  अपनी जीत के बाद बर्नहैम ने इसे "टर्निंग पॉइंट" यानी एक निर्णायक मोड़ बताया. उन्होंने कहा कि देश को ऐसी राजनीति से बचाना होगा जो समाज को बांटती है. बर्नहैम ने संकेत दिया कि वह देश को अमेरिका जैसी पोलराइज्ड राजनीति की दिशा में नहीं जाने देना चाहते।  अगर नेतृत्व का होगा चुनाव तो बर्नहैम हो सकते हैं उम्मीदवार 56 वर्षीय बर्नहैम लंबे समय से लेबर पार्टी के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं. वह सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण के आलोचक रहे हैं और कई बार खुलकर कह चुके हैं कि पिछले चार दशकों की आर्थिक नीतियां आम लोगों के लिए सफल नहीं रही हैं. उन्होंने पहले ही साफ कर दिया है कि अगर पार्टी नेतृत्व के लिए चुनाव होता है तो वह उम्मीदवार बनने को तैयार हैं।  दूसरी तरफ, किएर स्टार्मर की लोकप्रियता लगातार गिर रही है. दो साल पहले भारी बहुमत से चुनाव जीतने वाले स्टार्मर आज ब्रिटेन के सबसे अलोकप्रिय प्रधानमंत्रियों में गिने जा रहे हैं. कई विवादों, नीतियों में बार-बार बदलाव और फैसलों में देरी के आरोपों ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया है. सांसदों ने किएर स्टार्मर से मांगा इस्तीफा पिछले महीने हुए स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी को बड़ा झटका लगा था. इसके बाद पार्टी के करीब एक चौथाई सांसदों ने स्टार्मर से पद छोड़ने की मांग की थी. रक्षा और स्वास्थ्य मंत्री समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए इस्तीफा दे दिया।  हालांकि, स्टार्मर अभी पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहे. उन्होंने साफ कहा है कि वह किसी भी नेतृत्व चुनाव का सामना करेंगे और पार्टी को आंतरिक लड़ाई से बचना चाहिए. लेकिन बर्नहैम की जीत के बाद उनके लिए दबाव और बढ़ गया है।  अगर नेतृत्व परिवर्तन होता है तो पिछले एक दशक में ब्रिटेन को सातवां प्रधानमंत्री मिल सकता है. इतनी तेजी से नेतृत्व बदलना ब्रिटिश राजनीति में अस्थिरता का संकेत माना जा रहा है। 

खान सर-रोशन सर विवाद के बीच सरकार का बड़ा कदम, कोचिंग होंगे शिफ्ट

पटना बिहार की राजधानी पटना में बड़े कोचिंग संचालक फैसल खान(खान सर) और रोशन आनंद(रोशन सर) के बीच विवाद के बीच सीएम सम्राट चौधरी ने बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोचिंग संस्थानों को पटना शहर से अलग जगह दिया जाएगा ताकि, इनका एक जगह पर केंद्र स्थापित हो सके। सीएम ने यह भी कहा कि टाउनशिप के निर्माण से हमारे शहर स्मार्ट होंगे। सभी चीजें व्यवस्थित ढंग से स्थापित होंगी। मुख्यमंत्री शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग की विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम के बाद अपनी बात रख रहे थे। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि पटना के सभी वार्ड में सब्जी हाट का निर्माण करें, जहां पर दूध, सब्जी और मछली आदि की एक जगह पर बिक्री हो। बिहार में सरकारी नौकरी में क्रेडिट की लड़ाई में खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक खान सर और ज्ञान बिन्दु के संचालक रोशन आनंद कुछ ऐसे उलझे कि सड़क पर हंगामा, प्रदर्शन से थाना, कोर्ट, कचहरी और जेल तक पहुंच गया। 4 जून को खान ग्लोबल स्टडीज में तोड़ फोड़ हुई जिसके आरोप में रोशन आनंद को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसी दौरान एक वायरल वीडियो ने खान सर को फायरिंग का आरोपी बना दिया। उनके दो सुरक्षा गार्ड जेल चले गए और फैसल खान पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक गई। कोर्ट ने भले ही उन्हें गिरफ्तारी से राहत दे दिया हो लेकिन, बेल मिलने के बाद जेल से निकले रोशन आनंद ने फैसल खान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी बीच कोचिंग संस्थानों को लेकर सम्राट सरकार का बड़ा फैसला सामने आया है। नगर विकास विभाग के कार्यक्रम में सम्राट चौधरी ने कहा कि जितनी भी कोचिंग संस्थाएं हैं उनका भी एक ऑर्गनाइज्ड सेंटर होना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में गौरवशाली इतिहास रहा है। जितने भी कोचिंग संस्थाएं पटना शहर में संचालित हैं उन्हें सिटी एरिया से बाहर एक जगह पर होना चाहिए। हमारा आग्रह है कि वे पटना के बाहर चलें। वहां पूरी व्यवस्था बहाल की जाएगी तो ज्यादा से ज्यादा लोग वहां आ पाएंगे। सीएम ने कहा कि सभी लोग सिवरेज कनेक्शन से अपने अपने घरों को जोड़ें ताकि एसटीपी के माध्यम से गंदगी को साफ किया जा सके और गंगा नदी में गंदगी जाने से रोका जा सके। शहरी क्षेत्र में जहां भी सड़क या नाला को तोड़ दिया गया है उन्हें बरसात से पहले ठीक कर लें। बरसात की समाप्ति तक नई योजनाओं की शुरुआत नहीं करें। इससे आम जनों की परेशानी कम होगी। शहर को सुंदर और विकसित बनाने के लिए कुछ फेर बदल करना पड़ेगा। सीएम ने कहा कि पटना से बड़ा एक नया शहर बसाना है। 66 हजार एकड़ में नए पाटलिपुत्रा टाउनशीप में शिक्षा, स्वास्थ्य, सफाई, रोजगार, पानी, बीजली सभी सुविधाएं बहाल की जाएंगी।

रुदौली में जनसभा के दौरान बोले रामभक्तों पर सवाल उठाने वालों का दोहरा चरित्र उजागर

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। रुदौली विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग आज रामभक्तों के अपमान की बात कर रहे हैं, वही पहले राम का नारा लगाने वालों और कारसेवकों पर गोली चलवाते थे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के दोहरे चरित्र को जनता भलीभांति जानती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के दोहरे चरित्र को देखो, कहती है कि राम भक्तों का अपमान हुआ है। कारसेवकों और रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग उपदेश देने चले हैं। हमने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बैठाई। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी। मैं सभी से कहूंगा कि कोई भी अनर्गल टिप्पणी न करें, जो रामभक्तों को आहत करे सपा-कांग्रेस पर बरसे सीएम योगी योगी कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए 500 वर्षों तक संघर्ष किया गया है। कांग्रेस ने मंदिर निर्माण रोकने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था और सुप्रीम कोर्ट में भगवान राम के अस्तित्व तक पर सवाल उठाए गए थे। आज वही लोग अयोध्या और रामभक्तों की चिंता जताने का दिखावा कर रहे हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। उन्होंने कहा कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। अगर किसी के पास चंदा या चढ़ावा चोरी से संबंधित कोई सबूत है तो वह जांच एजेंसी को सौंपे। जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और अगर कोई दोषी पाया जाता है तो वह किसी भी कीमत पर नहीं बचेगा। अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आए- योगी उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि जांच रिपोर्ट आने तक अनर्गल बयानबाजी से बचें और किसी के चरित्र हनन का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि अयोध्या और रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली बातें नहीं होनी चाहिए। जनता को भी ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए जो अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर बन न पाए, इसके लिए कांग्रेस ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट में बेशर्मी के साथ कहा था कि राम तो हुए ही नहीं। वही कांग्रेस आज अयोध्या पर बहुत मचल रही है। कह रही है कि रामभक्तों का अपमान हुआ। झलकारी बाई की 22 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण इससे पहले मुख्यमंत्री ने मां कामाख्या धाम में पूजा-अर्चना की। उन्होंने राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का लोकार्पण किया और वीरांगना झलकारी बाई की 22 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही 378 करोड़ रुपये से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

274 राजस्व गांवों और 6 वार्डों में विकास कार्यों पर अस्थायी रोक, सुनियोजित टाउनशिप पर जोर

 पटना  पटना के निकट प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप पाटलिपुत्र क्षेत्र में जमीन मालिकों को भी विशेष परिस्थितियों में राहत मिलेगी। जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और लीज की अनुमति दी गई है। शहरी क्षेत्र की जमीन के लिए मालिकों को बाजार मूल्य या एमवीआर का दो गुना भुगतान मिलेगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की भूमि के लिए यह राशि बाजार मूल्य या MVR के चार गुना के बराबर होगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की भूमि के लिए तय मुआवजा राशि पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। पुनपुन नपं के छह वार्डाें की जमीन के लिए एमवीआर से दो गुना भुगतान इस व्यवस्था का लाभ पटना जिले के नौ प्रखंडों के 274 राजस्व गांवों को मिलेगा। इनमें दनियावां, धनरुआ, फतुहा, मसौढ़ी, नौबतपुर, पटना ग्रामीण, फुलवारी, पुनपुन और संपतचक प्रखंड शामिल हैं। वहीं पुनपुन नगर पंचायत के छह वार्डों की जमीन के लिए एमवीआर से दो गुना भुगतान का प्रावधान किया गया है। पटना मास्टर प्लान-2031 के तहत जोनल प्लान तैयार करने के उद्देश्य से इन 274 राजस्व गांवों और पुनपुन नगर पंचायत के छह वार्डों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण, विकास और भवन निर्माण संबंधी कार्यों पर तत्काल प्रभाव से 30 मार्च 2027 तक रोक लगाई गई है ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में नौ प्रखंड के 274 गांव व 6 वार्ड यह फैसला ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के सुनियोजित विकास और भविष्य की आधारभूत संरचना को ध्यान में रखकर लिया गया है। जोनल प्लान तैयार होने के बाद आगे की विकास योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। परियोजना में सबसे अधिक 85 राजस्व गांव पुनपुन प्रखंड से शामिल किए गए हैं। इसके अलावा फतुहा के 70, नौबतपुर के 49, धनरुआ के 24, मसौढ़ी के 14, संपतचक के 10, दनियावां और फुलवारी के आठ-आठ तथा पटना ग्रामीण के छह राजस्व गांव इस योजना का हिस्सा होंगे।

19 जून से 5 जुलाई तक तबादलों की मंजूरी, सभी विभागों में प्रक्रिया तेज

जयपुर राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर लगा बैन हट गया है. सरकार ने 16 दिनों के लिए ट्रांसफर विंडो खोली है. प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग ने आदेश जारी कर 19 जून से ट्रांसफर-पोस्टिंग की अनुमति दी है. इसके साथ ही लंबे समय से बैन हटने का इंतजार कर रहे कर्मचारियों और अधिकारियों को राहत मिली है. आदेश के मुताबिक, तबादलों की अनुमति 5 जुलाई तक रहेगी. इस दौरान सभी विभाग अपने स्तर पर तबादला प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. अब तेज होगी ट्रांसफर की प्रक्रिया सरकार ने 16 दिनों के लिए ट्रांसफर विंडो खोली है. ऐसे में आदेश जारी होने के साथ ही तबादलों को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लग गया है. अब विभिन्न विभागों में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तबादलों की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है. यह आदेश राज्य के सभी विभागों के साथ-साथ निगमों, मंडलों, बोर्डों और स्वायत्तशासी संस्थाओं पर भी लागू होगा. चिकित्सा विभाग में बैन, थर्ड ग्रेड टीचर्स का इंतजार लंबा हालांकि, थर्ड ग्रेड टीचर्स को अभी लंबा इंतजार करना होगा. इस बार भी शिक्षा विभाग के तृतीय श्रेणी वेतन श्रृंखला के अध्यापकों को तबादलों की प्रक्रिया से बाहर रखा गया है. इसके अलावा संभावित वर्षाकाल को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों पर तबादला प्रतिबंध अगले आदेश तक यथावत रहेगा. इन कर्मचारियों को दी जाएगी प्राथमिकता सरकार के आदेश में यह भी कहा गया है कि तबादलों में एकल महिला, विधवा, परित्यक्ता, मेडिकल बोर्ड या सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, मस्तिष्क, हृदय, फेफड़े और किडनी सहित अन्य प्राणघातक रोगों से पीड़ित कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके साथ ही दिव्यांग कर्मचारी, दीर्घावधि सेवा वाले कर्मचारी तथा राजकीय सेवा में कार्यरत पति-पत्नी के मामलों को भी प्राथमिकता मिलेगी.

मीठापुर CSC, रिवर फ्रंट और जिग-जैग पार्क समेत कई योजनाएं शुरू, शहर को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इस दौरान राज्यभर में 286 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को जनता को समर्पित किया गया. मुख्यमंत्री ने 238.75 करोड़ रुपये की लागत से 114 योजनाओं का उद्घाटन किया. वहीं 47.48 करोड़ रुपये की 43 नई योजनाओं का शिलान्यास भी किया. इनमें पटना स्मार्ट सिटी और पटना नगर निगम की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं शामिल हैं. पटना स्मार्ट सिटी की 93 करोड़ की परियोजनाएं शुरू पटना स्मार्ट सिटी के कुल 9 प्रोजेक्ट्स को कार्यक्रम में शामिल किया गया. इनमें 6 परियोजनाओं का उद्घाटन और 3 का शिलान्यास हुआ. इन परियोजनाओं पर कुल 93.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इस दौरान रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, ग्रीन एरिया डेवलपमेंट, गार्डन और वॉकिंग पाथवे जैसी परियोजनाओं को जनता के लिए खोल दिया गया. साथ ही शहर के 12 प्रमुख स्थानों पर नए वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले बोर्ड लगाने की भी सौगात दी गई. मीठापुर में शुरू हुआ कॉमन सर्विस सेंटर कार्यक्रम की सबसे चर्चित परियोजनाओं में मीठापुर का नया कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) रहा. 10.68 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस आधुनिक भवन में कई सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी. करीब 26 हजार वर्गफुट क्षेत्र में बने इस G+3 भवन में बैंक, कॉमर्शियल सेवाएं और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी. यहां ओपन एयर कैफे और ओपन एयर थिएटर भी बनाया गया है. सबसे बड़ी बात यह है कि भविष्य में यह क्षेत्र मेट्रो नेटवर्क से भी जुड़ जाएगा, जिससे लोगों की आवाजाही आसान होगी. छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बना सेंटर मीठापुर इलाके में कई शिक्षण संस्थान हैं. इसी वजह से यहां छात्रों और स्थानीय लोगों की जरूरतों को देखते हुए इस सुविधा केंद्र का निर्माण किया गया है. भवन के प्रत्येक फ्लोर पर पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए गए हैं. इसके अलावा इलाके में सड़क, ड्रेनेज और जलापूर्ति व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है. गंगा किनारे जिग-जैग पार्क का उद्घाटन पटना के लोगों को गंगा किनारे एक नया आकर्षण भी मिला है. मुख्यमंत्री ने दीघा से सभ्यता द्वार तक विकसित रिवर फ्रंट परियोजना का उद्घाटन किया. जेपी गंगा पथ पर 32.14 करोड़ रुपये की लागत से बने रिवर फ्रंट को जनता के लिए खोला गया. इसके साथ ही जुहू चौपाटी की तर्ज पर तैयार 550 मीटर लंबे जिग-जैग पार्क का भी उद्घाटन किया गया. यह पार्क कुर्जी मोड़ से एलसीटी घाट तक विकसित किया गया है. इसके निर्माण पर 2.54 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. पार्क में लगाए गए 2700 से ज्यादा पौधे जिग-जैग पार्क में हरियाली पर विशेष ध्यान दिया गया है. यहां 2700 से अधिक पौधे लगाए गए हैं. लोगों के टहलने और बैठने के लिए पर्याप्त खुली जगह छोड़ी गई है. पार्क में बेंच भी लगाए गए हैं ताकि लोग गंगा किनारे आराम से समय बिता सकें. डिलीवरी बॉय और ऑटो चालकों को मिला AC लाउंज पटना में पहली बार गिग वर्कर्स के लिए विशेष एसी लाउंज बनाए गए हैं. मुख्यमंत्री ने इनका भी उद्घाटन किया. ये लाउंज गांधी मैदान गेट नंबर-4 और इनकम टैक्स गोलंबर के पास बनाए गए हैं. इनका निर्माण चेन्नई मॉडल पर किया गया है. इन लाउंज में डिलीवरी बॉय, कूरियर कर्मी, ऑटो चालक और बाइक राइडर्स मुफ्त में आराम कर सकेंगे. मोबाइल चार्जिंग और ठंडे पानी की सुविधा प्रत्येक लाउंज में करीब 15 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी. दोनों लाउंज में एक साथ 30 लोग आराम कर सकेंगे. यहां मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, ठंडे पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. जीविका दीदियों को भी इससे जोड़ा जाएगा, जो लोगों को छाछ, आम पन्ना और अन्य पारंपरिक पेय पदार्थ उपलब्ध कराएंगी. बिहार की पहली स्वचालित बाइक पार्किंग बनेगी पटना में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए प्री-फैब्रिकेटेड टू-व्हीलर रोटरी पार्किंग सिस्टम का शिलान्यास भी किया गया. करीब 4.65 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह पार्किंग बिहार की पहली स्वचालित बाइक पार्किंग होगी. इसे मौर्यालोक, बोरिंग रोड और कदमकुआं वेंडिंग जोन के पास बनाया जाएगा. यह पार्किंग सटल डॉली सिस्टम और हाइड्रोलिक तकनीक से संचालित होगी. 250 नई दुकानों का भी शिलान्यास मुख्यमंत्री ने आधुनिक डिजाइन वाली दुकानों की परियोजना का भी शिलान्यास किया. इसके तहत 50 नई आधुनिक दुकानों और 200 प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों का निर्माण किया जाएगा. इस परियोजना पर करीब 7.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे. दुकानों में बिजली, एलईडी लाइटिंग, ड्रेनेज, प्लंबिंग और ऊर्जा बचत से जुड़ी सुविधाएं होंगी. सभी दुकानों का डिजाइन एक जैसा रखा जाएगा, ताकि पूरा बाजार क्षेत्र व्यवस्थित और आकर्षक दिखे. पटना के विकास को मिलेगी नई रफ्तार नगर विकास विभाग की इन परियोजनाओं से पटना की आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी. रिवर फ्रंट, स्मार्ट सुविधाएं, पार्किंग सिस्टम, गिग वर्कर्स लाउंज और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी योजनाएं शहर को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं.

भीलवाड़ा, जोधपुर, बीकानेर समेत सभी जिलों में सुबह 6 बजे से योग कार्यक्रम, तैयारियों के निर्देश जारी

 जयपुर 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून, 2026 का आयोजन रविवार को प्रातः 6.00 बजे से राज्य में जिला मुख्यालय, ब्लॉक मुख्यालय एवं ग्राम पंचायत स्तर पर किया जायेगा। राज्यभर में कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला प्रभारी मंत्रिगण एवं बोर्ड, आयोग एवं निगम के अध्यक्ष एक दिन पूर्व, 20 जून को ही जिला मुख्यालय पहुंचेंगे। प्रमुख शासन सचिव नवीन जैन ने बताया कि उपमुख्यमंत्री सुश्री दिया कुमारी अजमेर तथा डॉ. प्रेमचन्द बैरवा भीलवाड़ा जिले में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ दौसा जिले में, मंत्री मदन दिलावर जोधपुर में, मंत्री किरोडी लाल अलवर में, मंत्री गजेन्द्र सिंह बीकानेर, मंत्री जोगाराम पटेल जयपुर जिले में, मंत्री सुमित गोदारा श्रीगंगानगर जिले में, मंत्री कन्हैयालाल नागौर में, मंत्री जोराराम कुमावत बाडमेर में, मंत्री हेमन्त मीणा उदयपुर, मंत्री सुरेश सिंह रावत भरतपुर जिले में, मंत्री बाबूलाल खराड़ी बांसवाडा जिले में, मंत्री अविनाश गहलोत चूरू जिले में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आम जनता के साथ योगाभ्यास करेंगे। इसी प्रकार राज्यमंत्री गौतम कुमार (स्वतंत्र प्रभार) कोटा जिले में, राज्यमंत्री श्री हीरालाल नागर (स्वतंत्र प्रभार) टोंक जिले में, राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा (स्वतंत्र प्रभार) पाली में, राज्यमंत्री संजय शर्मा (स्वतंत्र प्रभार) सीकर में, राज्यमंत्री ओटा राम देवासी झालावाड में, राज्यमंत्री कृष्ण कुमार विश्नोई सिरोही में, राज्यमंत्री विजय सिंह कोटपूतली-बहरोड में, राज्यमंत्री जवाहरसिंह बेढम करौली में एवं राज्यमंत्री डॉ. मंजू बाघमार चित्तौडगढ जिले में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन में शामिल होंगे। इसी प्रकार राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी जैसलमेर जिले में, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष औंकार सिंह लखावत हनुमानगढ़ में, राज्य स्तरीय सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजोर सवाई माधोपुर में, राज्य स्तरीय अनु. जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष राजेन्द्र नायक अध्यक्ष, प्रतापगढ़ में, राज्य जीव जन्तु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवन्त सिंह विश्नोई धौलपुर में, देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भडाना जालौर में, श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद टांक बांरा में, राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सी. आर. चौधरी डूंगरपुर में तथा विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार झुन्झुनू जिले में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन में शामिल होंगे। ब्यावर, राजससमन्द, फलौदी, खेरथल-तिजारा, डीग, डीडवाना-कुचामन, बालोतरा, सलुम्बर एवं बून्दी जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहकर अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।