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डिजिटल पेमेंट में नया खिलाड़ी: Zoho ने लॉन्च की अपनी पेमेंट सर्विस

 नई दिल्ली     स्वदेशी कंपनी Zoho इन दिनों सुर्खियों में है. हाल ही में कंपनी का इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप Arattai काफी पॉपुलर हुआ है और सरकार भी इसे प्रोमोट कर रही है. अब कंपनी हार्डवेयर स्पेस के लिए बड़ी तैयारी में दिख रही है.  Zoho ने अब पॉइंट ऑफ सेल डिवाइसेज यानी POS मशीन बेचना शुरू कर दिया है. इसमें इंटीग्रेटेड QR डिवाइसेज और साउंड बॉक्स शामिल हैं. भारत में फिलहाल Paytm और PhonePay के POS डिवाइसेज पॉपुलर हैं और ज्यादर रिटेल स्टोर्स पर यही पेमेंट ऑप्शन देखने को मिलता है. Zoho Payments के तहत लॉन्च किया गया ये POD डिवाइस पेटीएम और फोनपे सहित गूगल पे को कड़ी टक्कर दे सकता है. कंपनी के स्मार्ट POS डिवाइस में टच स्क्रीन इंटरफेस के साथ इनबिल्ट प्रिंटर भी है जो तुरंत रीसीट को प्रिंट कर देता है. Zoho का पेमेंट टर्मिनल 4G, WiFi और ब्लूटूथ सपोर्ट करता है. इस मशीन के जरिए मर्चेंट्स चिप कार्ड्स, UPI और QR कोड से पेमेंट ले सकते हैं. Zoho Payment के सीईओ ने कहा है कि ये कंपनी का नेचुरल एक्सपैंशन है जो 2024 में शुरू किया गया था. हालांकि तब सॉफ्टवेयर बेस्ड पेमेंट सल्यूशन था. कंपनी तब से किसी भी डिवाइसेज में ऑनलाइन पेमेंट सपोर्ट देती थी. अब कंपनी ने हार्डवेयर भी पेश कर दिया है. चूंकि Zoho के पास छोटे बिजनेस मैनेज करने के सभी टूल्स हैं, इसलिए पेमेंट टर्मिनल में भी उनका सपोर्ट देखने को मिलेगा. यानी मर्चेंट्स रियल टाइम पेमेंट ट्रैकिंग से लेकर पूरा लेखा जोखा एक जगह पर पा सकेंगे. बिजनेसेज के लिए युनिफाइड डैशबोर्ड भी है जहां से पेमेंट्स और बिलिंग की तमाम जानकारी रिटेलर्स और मर्चेंट्स को आसानी से मिल सकेगी. एडवांस्ड सिक्योरिटी के लिए Zoho ने PCI DSS सर्टिफाइड रखा है. अरट्टई हो रहा है पॉपुलर WhatsApp भारत में सबसे ज्यादा यूज किया जाने वाला इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप है. लेकिन अब Zoho का Arattai ऐप आ चुका है जो स्वदेशी है. इस ऐप पर चैटिंग के अलावा कॉलिंग और मीटिंग जैसे फीचर्स दिए गए हैं. अब तक चैटिंग में Arattai ने एंड टू एंड एन्क्रिप्शन नहीं दिया है, लेकिन कंपनी ने कहा है कि जल्द ही Arattai के चैट्स में एंड टू एंड एन्क्रिप्शन दिया जाएगा. गौरतलब है कि एंड टू एंड एन्क्रिप्शन को चैटिंग प्राइवेसी और सिक्योरिटी के लिए गोल्ड स्टैंडर्ड माना जाता है. इस एन्क्रिप्शन के आ जाने के बाद Arattai पर की गई चैटिंग का डेटा कोई भी ऐक्सेस नहीं कर पाएगा. बिना एन्क्रिप्शन चैटिंग के साथ मुश्किल ये है कि पर्सनल डेटा हैकर्स या खुद कंपनी ऐक्सेस कर सकती है. WhatsApp में काफी पहले से एंड टू एंड एन्क्रिप्शन है जिसे इंडिपेंडेट सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने कई बार ऑडिट भी किया है. देखना दिलचस्प होगा कि स्वदेशी Arattai कैसे WhatsApp को टक्कर देता है.

ट्रंप का दांव उलटा पड़ा, अमेरिकी जनता भुगत रही टैरिफ का खामियाजा

वाशिंगटन डोनाल्ड ट्रंप ने किसी देश पर 25%, तो भारत और ब्राजील जैसे देशों पर 50%  का हाई टैरिफ लगाया है, लेकिन उनका ये कदम खुद अमेरिका के लिए ही परेशानी का सबब बनता जा रहा है. दुनियाभर के तमाम दिग्गज इकोनॉमिस्ट ने इसकी आलोचना की है. अब IMF की पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ भी इसमें शामिल हो गई हैं. उन्होंने कहा है कि US Tariff के छह महीने के बाद भी इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला है और अमेरिका में जो राजस्व बढ़ा है, वो खुद अमेरिकी जनता और यहां की कंपनियों से ही लिया गया है.  अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर निगेटिव असर ट्रंप टैरिफ के चलते दुनिया में ट्रेड वॉर जैसी स्थिति बनी है. फिर बात चाहे चीन के साथ व्यापार युद्ध की हो, या फिर ब्राजील जैसे देशों की. भारत के बारे में देखें, तो ट्रंप ने पहले 25% टैरिफ का ऐलान किया और फिर रूसी तेल खरीद को मुद्दा बनाते हुए इसे दोगुना करते हुए 50% कर दिया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया के तमाम देशों पर टैरिफ लगाकर आखिर अमेरिका को क्या हासिल हुआ? तो इसे लेकर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर भारतीय मूल की गीता गोपीनाथ ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि इसका निगेटिव असर खुद US Economy पर ही हुआ है.  US के ग्राहकों-कंपनियों पर बढ़ा बोझ गीता गोपीनाथ ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप को टैरिफ का ऐलान किए छह महीने से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन इसका कोई खास नतीजा नहीं निकल सका है. उन्होंने लिखा, 'अमेरिका के टैरिफ से क्या हासिल हुआ? क्या सरकार के लिए राजस्व बढ़ा? हां, काफी बढ़ा, लेकिन यह पैसा करीब-करीब पूरी तरह से अमेरिकी कंपनियों से ही वसूला गया और कुछ हद तक इसकी भरपाई अमेरिकी उपभोक्ताओं से की गई. कुल मिलकार ट्रंप का टैरिफ इनके लिए एक टैक्स जैसा ही साबित हुआ.  टैरिफ से सुधार के कोई संकेत नहीं IMF की पूर्व चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ ने टैरिफ की आलोचना करते हुए कहा कि ये सीधे तौर पर अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए निगेटिव स्कोरकार्ड रहा है. भारत और ब्राजील से आयात पर 50% तक, और कुछ भारतीय दवाओं पर तो 100% तक टैरिफ घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और व्यापार संतुलन में सुधार लाने के लिए थे. लेकिन इसका अमेरिका को बहुत कम या कोई आर्थिक लाभ नहीं हुआ है. उन्होंने लिखा कि न तो व्यापार संतुलन में सुधार और न ही अमेरिका विनिर्माण क्षेत्र में इसके पॉजिटिव असर का कोई संकेत मिला है.  उल्टा महंगाई में कर दिया इजाफा  गीता गोपीनाथ ने टैरिफ के चलते अमेरिका में महंगाई दर को लेकर कहा कि इसके लागू होने के बाद से देश में महंगाई में थोड़ा इजाफा देखने को मिला है. खासतौर पर घरेलू उपकरणों, फर्नीचर, कॉफी जैसी चीजों के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिली है. गोपीनाथ ही नहीं, बल्कि दुनिया के तमाम एक्सपर्ट्स ने भी अपने-अपने तरीके से ट्रंप के टैरिफ की आलोचना की है और इसे खुद अमेरिका के लिए खराब करार दिया है. 

आज का राशिफल (9 अक्टूबर 2025): जानें आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा दिन

मेष: आज का दिन आपको परिवर्तन को अपनाने के लिए मोटिवेट कर रहा है। पर्सनल और प्रोफेशनल क्षेत्र दोनों ही चुनौतियों के रूप में छिपे हुए अवसर प्रस्तुत कर सकते हैं। कामकाज में किसी प्रोजेक्ट पर रचनात्मक खूबी की आवश्यकता हो सकती है। वृषभ: आज के दिन उन लोगों के प्रति खुला दिमाग रखें, जो आपके सामान्य प्रकार में फिट नहीं बैठते। अपनी प्रोफेशनल क्षमता साबित करने के लिए ऑफिस में नए काम भी शुरू करें। धन का आगमन होगा। सेहत संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। मिथुन: आज के दिन आज ग्रहों की स्थिति आपके स्वास्थ्य के संबंध में अच्छी खबर लेकर आ रही है। रोमांस के मामले में सरप्राइज की उम्मीद करें। कुछ फाइनेंशियल स्किल्स सीखने के लिए भी यह बुरा दिन नहीं है। तनाव कम लें। कर्क: आज अपने इनोवेटिव विचार को आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाने का सही दिन है। व्यायाम को अपने दिन का हिस्सा बनाएं। अपनी फाइनेंशियल स्ट्रैटिजी पर फोकस करें। टास्क से जुड़ी मुश्किलों को पार करने के लिए स्ट्रैटिजी बनाएं। सिंह: आज का दिन अपने सपनों की ओर आगे बढ़ने का दिन है। शारीरिक स्वास्थ्य को अनदेखा न करें। किसी बड़े निवेश पर विचार कर रहे हैं तो पहले फायदे और नुकसान के बारे में जान लें। अभी दिल के मामले में जल्दबाजी मत करें। कन्या: आज के दिन आपको अपने सपनों को वास्तविकता में बदलने में मदद मदद मिलेगी। अपनी फाइनेंशियल योजनाओं पर दोबारा विचार करें। दिल के मामलों में ज्यादा दिमाग न लगाएं। अपने पार्टनर को अच्छे मूड में रखें। तुला: आज के दिन आप नए लोगों से मिलेंगे और यह आपके करियर के लिए बहुत फायदेमंद रहेगा। आपको पैसों से जुड़े कुछ नए मौके भी मिल सकते हैं। आपका कोई पुराना दोस्त आपको कुछ प्रभावशाली लोगों से मिलवा सकता है या कोई अच्छी डील दिलवाने में आपकी मदद कर सकता है। वृश्चिक: आज के दिन आपका इंट्यूशन आपका सबसे अच्छा दोस्त है। सितारे आपसे अपनी जिम्मेदारियों पर फोकस करने की सलह दे रहे हैं। संतुलन महत्वपूर्ण है। सपने देखना और अपनी भावनाओं में डूबना बहुत अच्छा है। धनु: आज के दिन अगर आप सिंगल हैं तो आप किसी खास व्यक्ति के साथ समय बिताने का आनंद ले सकते हैं। इस दौरान कपल्स एक-दूसरे के करीब आएंगे। आपका स्वास्थ्य और एनर्जी भी पॉजिटिव रहेगी। धन के मामले में नए रास्ते खुलेंगे। मकर: आज का आपका दिन शानदार रहने वाला है। आज पैसों के मामले में आपको सावधान रहने जरूरत है। सितारे आपके पक्ष में हैं। आपकी रचनात्मकता आज लोगों को इस तरह आकर्षित करेगी, जैसे शहद की ओर मधुमक्खियां आकर्षित होती हैं। कुंभ: आज के दिन आपकी वित्तीय स्थिति में कुछ उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। प्रोफेशनल तौर पर आज प्रोग्रेस की लहर आपकी ओर आगे बढ़ रही है। प्यार के जादू को अपने ऊपर हावी होने दें। सोच-समझकर डीसीजन लें। मीन: आज आपका दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। ऑफिस की गपशप और दफ्तर की राजनीति से दूर रहें। चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए संतुलित आहार बनाए रखें।

UN पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: शरणार्थी मुद्दे पर आलोचना और सख्त आदेश

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी द्वारा भारत में प्रवासियों को 'शरणार्थी कार्ड' जारी करने की प्रक्रिया पर कड़ी टिप्पणी की है। जस्टिस कांत ने कहा, “उन्होंने यहां शोरूम खोल रखा है और प्रमाणपत्र बांट रहे हैं।” यह टिप्पणी उस समय आई जब न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ सूडान के एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो वर्ष 2013 से भारत में रह रहा है। ऑस्ट्रेलिया में शरण की कोशिश लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, याचिकाकर्ता ने बताया कि उसकी पत्नी और बच्चे को संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) द्वारा 'शरणार्थी कार्ड' जारी किए गए हैं। उसका कहना था कि वह ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने की प्रक्रिया में है और इस दौरान भारत में उसे अस्थायी सुरक्षा प्रदान की जाए। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एस. मुरलीधर ने दलील दी कि जिन व्यक्तियों को UNHCR से 'शरणार्थी कार्ड' मिले हैं, उन्हें गृह मंत्रालय और विदेशी नागरिक पंजीकरण कार्यालय (FRO) द्वारा अलग तरीके से देखा जाता है। मुरलीधर ने यह भी बताया कि रिफ्यूजी कार्ड जारी करने से पहले कड़ी जांच की जाती है और यह प्रक्रिया कई वर्षों तक चलती है। उन्होंने कहा, "इसके लिए दस्तावेज और फॉर्म भरे जाते हैं, जो रिफ्यूजी स्थिति को कुछ महत्व देते हैं।" उन्होंने यहां शोरूम खोल रखा है- जस्टिस सूर्य कांत हालांकि, इस पर न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “उन्होंने (संयुक्त राष्ट्र एजेंसी) यहां शोरूम खोल रखा है, वे प्रमाणपत्र जारी कर रहे हैं… हम उन पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।” न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने यह भी कहा कि भारत ने अभी तक शरणार्थियों के अधिकारों से संबंधित अंतरराष्ट्रीय संधि यानी 'रिफ्यूजी कन्वेंशन' पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “हमारे देश के आंतरिक कानून में शरणार्थियों के लिए कोई वैधानिक अधिकार नहीं है।” मुरलीधर ने स्वीकार किया कि भारत ने उस संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, लेकिन उन्होंने अदालत को बताया कि पिछले दो महीनों से दिल्ली में अफ्रीकी मूल के लोगों को बिना वजह हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह वास्तविक भय और आशंका का विषय है… हम ऑस्ट्रेलिया में शरण पाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं और इसी बीच यह कार्रवाई शुरू हो गई है।” “सीधे ऑस्ट्रेलिया क्यों नहीं चला जाता” इस पर न्यायमूर्ति बागची ने पूछा कि याचिकाकर्ता सीधे ऑस्ट्रेलिया क्यों नहीं चला जाता। मुरलीधर ने उत्तर दिया कि वह ऐसा करना चाहता है, लेकिन तब तक अदालत से अस्थायी संरक्षण की उम्मीद रखता है। हालांकि, पीठ इस पर सहमत नहीं हुई। जस्टिस कांत ने अंतरिम राहत देने में अनिच्छा जताते हुए कहा, "हमें बहुत सावधानी बरतनी होगी। लाखों लोग यहां बैठे हैं। अगर कोई इस तरह का प्रयास करता है, तो…" जब मुरलीधर ने बताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है, तब अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता को यह छूट दी कि वह आयोग से किसी भी आगे की दिशा में राहत (जैसे, ‘नो कोर्सिव एक्शन’) की मांग कर सकता है। यह उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष मई माह में न्यायमूर्ति दिपांकर दत्ता की पीठ ने भी रोहिंग्या शरणार्थियों से संबंधित एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि भारत में UNHCR कार्ड के आधार पर कोई राहत नहीं दी जा सकती, क्योंकि यह कानूनी रूप से मान्य दस्तावेज नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण मामले में कहा- हाईकोर्ट को वापस भेजने का फैसला कल हो सकता है

भोपाल  मध्य प्रदेश में 27% OBC आरक्षण के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार ने एक नई टीम बनाई है। सरकार ने सीनियर एडवोकेट और डीएमके सांसद पी विल्सन (senior advocate P Wilson) को हटाकर अब सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने के लिए एक और टीम नियुक्त की है। पहले, विल्सन को सरकार की ओर से हर सुनवाई पर 5.5 लाख रुपए देने थे, क्योंकि वे OBC आरक्षण पर सरकार का पक्ष रख रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने टिप्पणी की है कि क्यों न इन मामलों को अंतिम बहस के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय को वापस भेज दिया जाए। यह सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जिनका प्रतिनिधित्व आज सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य सांघी ने किया। इसका अर्थ है कि ओबीसी आरक्षण पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा 19/3/2019 को आशिता दुबे मामले में wp 5901/19 में दी गई ओबीसी आरक्षण बढ़ाने पर रोक जारी रहेगी। मध्य प्रदेश सरकार ने आरक्षण के प्रकरणों को फिर बहस के लिए समय के लिए निवेदन किया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रकरणों को 9 अक्टूबर को पुनः सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया ! सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना राज्य के 42 परसेंट रिजर्वेशन की याचिकाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विधान सभा के बनाए गए कानून का उस राज्य की जनसंख्या,भूगोलिक,सामाजिक परिस्थितियों के अंतर्गत परीक्षण हाईकोर्ट करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समस्त अंतरिम आदेश वैकेट करके मामलो को हाईकोर्ट रिमांड करेंगे। ओबीसी वर्ग की ओर से पक्ष रखने वाले वरिष्ठ ओबीसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व अन्य उपस्थित हुए। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मैटर को मेंशन किया। मेहता ने कहा- इसमें बहुत सारे टेक्निकल पक्ष हैं। इसलिए कहीं न कहीं इसकी सुनवाई में समय लग सकता है। इसके समाधान के लिए क्या तरीका निकाला जाए? क्यों न कुछ और तरह का सॉल्यूशन निकाला जाए। कोर्ट ने कहा- और वक्त मांगेंगे तो दिक्कतें बढ़ेंगी इस पर कोर्ट ने कहा कि आप फिर वक्त मांगेंगे तो और समय जाएगा। दिक्कतें बढ़ेंगी। अगले हफ्ते दीवाली है, छुट्टियां हैं। कोर्ट ने कहा, हम ये चाहते हैं कि ये मैटर हाईकोर्ट के फैसले के बाद हमारे पास आए। सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर पिटीशन पहुंची हैं। इस मामले में हाईकोर्ट का कोई फैसला नहीं हैं। छत्तीसगढ़ की तरह अंतरिम राहत दे सकता है SC सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि जिस तरह छत्तीसगढ़ में अंतरिम लाभ दिया गया था। हो सकता है कि मप्र के मामले में भी अंतरिम राहत दे दें। इस पर याचिकाकर्ताओं ने आपत्ति जताई तो कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर जो उपयुक्त समाधान हो सकता है उस पर कल विवेचना करके सुनवाई करेंगे। मामले को वापस हाईकोर्ट भी भेज सकता है सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आप सभी लोग अपने पक्ष बताएं, हो सकता है कि अंतरिम लाभ दे दें या लाभ नहीं भी दें तो हम हाईकोर्ट को डायरेक्ट कर दें। कल आप सब लोग इस बात पर अपने तर्क दें कि इस मामले का कैसे जल्दी समाधान कर सकते हैं। हम इस मामले को हाईकोर्ट भेज दें या अंतरिम राहत देकर हाईकोर्ट भेज दें। क्योंकि हाईकोर्ट को अपने राज्य के बारे में अच्छे से जानकारी होती है। ये रिजर्वेशन का मामला है, इसमें इंदिरा साहनी की कड़ी जरूर है लेकिन ये राज्य से संबंधित मामला है। इसलिए इस मामले में जो सबसे उपयुक्त समाधान हो सकता है उस पर कल सुनवाई करेंगे। कोर्ट ने कहा हम तो चाहते हैं कि कल इस मामले को निपटा ही दें।

7 महीने में 5 बार प्रेमी संग फरार हुई मां, पति ने 4 बच्चों के साथ नदी में कूदकर किया आत्महत्या

शामली  यूपी में शामली जिले पति ने जिस पत्नी की बेवफाई से तंग आकर चार मासूम बच्चों के साथ यमुना नदी में कूदकर जान दे दी थी उसे प्रेमी के साथ गिरफ्तार कर दिया गया है.इन दोनों की वजह से ही 38 साल के सलमान ने यह भयावह कदम उठाया था. पुलिस ने पत्नी खुशनुमा और उसके कथित प्रेमी साबिर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.यह वही खुशनुमा है, जो पिछले सात महीनों में अपने प्रेमी के साथ पांच बार घर छोड़ चुकी थी. और हर बार पति सलमान उसे बच्चों की खातिर वापस घर लाता रहा.लेकिन इस बार उसकी सहनशक्ति टूट गई और उसने अपनी जिंदगी के साथ अपने बच्चों का भी अंत कर दिया. प्यार में अंधी पत्नी, टूटा हुआ पति सलमान मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले का निवासी था, लेकिन कई वर्षों से शामली जिले के कैराना में मजदूरी कर अपना परिवार पालता था.उसकी पत्नी खुशनुमा और चार छोटे-छोटे बच्चे महक, आयान, अल्ताफ और रेहान उसकी दुनिया थे.लेकिन खुशनुमा की जिंदगी में साबिर नाम का व्यक्ति आया, जिसने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं.साबिर पास के गांव का रहने वाला था और अकसर मोहल्ले में आता-जाता रहता था.इसी दौरान उसका खुशनुमा से संपर्क हुआ, जो धीरे-धीरे अवैध संबंधों में बदल गया.शुरुआत में सलमान ने पत्नी के व्यवहार में आए बदलाव को अनदेखा किया.लेकिन जब खुशनुमा पहली बार साबिर के साथ घर छोड़कर भागी, तो मानो उसकी दुनिया उजड़ गई.कई दिनों की मशक्कत के बाद जब वह वापस आई, तो सलमान ने बच्चों की खातिर सब कुछ भुलाकर उसे माफ कर दिया. नहीं थमा सिलसिला  लेकिन ये सिलसिला यहीं नहीं थमा.सात महीनों में वह पांच बार घर छोड़कर उसी प्रेमी के पास भागी.हर बार सलमान उसे खोजकर लाता, मिन्नतें करता, घर बसाने की कोशिश करता.मगर जब पांचवीं बार वह फिर चली गई, तो सलमान अंदर से पूरी तरह टूट गया. हमारी मौत के जिम्मेदार हैं तेरी अम्मी  घटना से एक दिन पहले सलमान ने अपनी बहन को एक वीडियो भेजा था.वीडियो में वह यमुना किनारे चारों बच्चों के साथ बैठा था.उसकी आंखों में आंसू थे और आवाज में कंपकंपी.उसने कहा, हम अब जीना नहीं चाहते.हमारी मौत के लिए जिम्मेदार कौन है बेटा? तेरी अम्मी है.  यह वीडियो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.लेकिन तब तक देर हो चुकी थी.सलमान ने अपने चारों बच्चों के साथ यमुना नदी में छलांग लगा दी. नदी में चला दो दिन का सर्च ऑपरेशन 3 अक्टूबर की रात यह घटना हुई.स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि किसी ने नदी में कूदने से पहले वीडियो बनाया है.सूचना मिलते ही कैराना पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया.दो दिन तक यमुना के किनारों और धारा में तलाशी चली.5 अक्टूबर को बागपत जिले के टांडा क्षेत्र के पास सलमान का शव मिला.उसके साथ बड़ी बेटी महक का शव भी बरामद हुआ.बाकी तीन बच्चों की तलाश अब भी जारी है.पुलिस और परिवार को आशंका है कि बच्चों के शव नदी की तेज धारा में बह चुके होंगे.इस घटना से पूरा इलाका शोक में डूब गया.सलमान के पड़ोसी और साथी मजदूरों के अनुसार, वह बेहद शांत स्वभाव का आदमी था, जो परिवार के लिए दिन-रात मेहनत करता था.किसी ने सोचा भी नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा. पुलिस जांच में सामने आई बेवफाई की कहानी वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की.सलमान के रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि खुशनुमा का प्रेमी साबिर पिछले कई महीनों से उसके संपर्क में था.दोनों के बीच लगातार बातचीत और मुलाकातें होती थीं.कई बार मोहल्ले वालों ने भी सलमान को चेताया, लेकिन उसने हमेशा यही कहा कि बच्चों की मां है, इसे संभाल लूंगा.मगर खुशनुमा की हरकतें नहीं बदलीं.कैराना के एसएचओ रवि चौहान ने बताया कि सबूतों के आधार पर खुशनुमा और साबिर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई.दोनों ने शुरू में आरोपों से इनकार किया, लेकिन बाद में मोबाइल चैट्स और गवाहों के बयानों के सामने सच उगलना पड़ा. गिरफ्तारी और अदालत में पेशी कैराना पुलिस ने देर रात दोनों को गिरफ्तार किया.जांच में यह भी सामने आया कि खुशनुमा ने सलमान के साथ झगड़े के बाद उसे अपमानित करते हुए घर से निकाल दिया था और प्रेमी साबिर के साथ फरार हो गई थी.इसी के बाद सलमान ने अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला किया.पुलिस ने दोनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाना और षड्यंत्र के तहत केस दर्ज किया है.दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि खुशनुमा पूछताछ के दौरान बच्चों की मौत पर तो रो पड़ी, लेकिन पति सलमान की मौत को लेकर उसने कोई पछतावा नहीं जताया.वहीं साबिर ने कहा कि उसका खुशनुमा से कोई रिश्ता नहीं था, लेकिन मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और फोटो ने उसकी बात झूठी साबित कर दी.

सुप्रीम कोर्ट का CBI को कड़ा नोटिस: गिरफ्तारी के लिए जरूरी है कोर्ट का आदेश

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में एक आदिवासी शख्स की मौते के मामले में सीबीआई को फटकार लगाई है। कोर्ट ने पूछा है कि इस मामले के आरोपी दो पुलिस अफसरों को पकड़ने के लिए कोर्ट के आदेश की जररूत क्यों है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने राज्य सरकार से निलंबित अधिकारियों के खिलाफ की गई विभागीय कार्रवाई के बारे में भी जानकारी देने को कहा है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा, आप इतने दिनों में उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कर पाए? सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन इस तरह नहीं किया जाना चाहिए। क्योंकि हमने कहा था कि हम मुख्य सचिव को आज उपस्थित रहने के लिए कहेंगे, इसलिए आपने कार्रवाई की। आप बताइए कि ऐसा क्यों हुआ। हम इस मामले को बंद नहीं करेंगे। ये मामला जुलाई 2024 में एक आदिवासी युवक देव पारधी की पुलिस हिरासत में मौत से जुड़ा है। मध्य प्रदेश के म्याना पुलिस स्टेशन के दो अधिकारियों पर देव पराधी प्रताड़ित कर मार डालने का आरोप है। आरोप है कि पीड़ित के चाचा, जो एकमात्र चश्मदीद गवाह थे, उन पर भी बेरहमी से हमला किया गया और कथित तौर पर उनकी गवाही को कमज़ोर करने के लिए उन्हें कई मामलों में फसाया गया। इस साल मई में, सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय जांच कई खामियां पाई थीं जिसके बाद, मामला सीबीआई को सौंप दिया और एक महीने के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया।चार महीने से ज़्यादा समय तक भी जब गिरफ्तारी नहीं हुई तो पीड़ित परिवार ने अदालत की अवमानना ​​की याचिका के साथ फिर से कोर्ट का रुख किया, जिसमें अदालत के 15 मई के आदेश की जानबूझकर अवज्ञा करने का आरोप लगाया गया। इससे पहले 25 सितंबर को, पीठ ने फरार पुलिस अधिकारियों का वेतन देना जारी रखने और उनको सस्पेंड करने में देरी करने के लिए राज्य की कड़ी आलोचना की थी। वहीं इसके एक दिन बाद कोर्ट ने दो पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार न करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार और सीबीआई को फिर से फटकार लगाई और उन्हें कोर्ट के निर्देशों का पालन करने का एक आखिरी मौका दिया। आज, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल राजा ठाकरे ने कोर्ट को सूचित किया कि दोनों अधिकारियों उत्तम सिंह और संजीव सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। सीबीआई की ओर से वरिष्ठ वकील ने कहा, हमने निर्देशों का पालन किया है और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उत्तम सिंह को इंदौर में गिरफ्तार किया गया था, और संजीव सिंह को 5 अक्टूबर को शिवपुरी में हिरासत में लिया गया था। हालांकि कोर्ट ने कहा कि वह इस बात का सफाई चाहता है कि कोर्ट की अवमानना ​​याचिका दायर होने के बाद ही गिरफ्तारी क्यों हुई।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, लेकिन MP में नहीं दिखेगा बड़ा असर; सिर्फ हल्की बारिश की संभावना

भोपाल  कोई मजबूत मौसम प्रणाली के सक्रिय ना होने और मानसून के कमजोर होने से मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर थम गया है, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। हालांकि दक्षिणी जिलों में अगले तीन दिन तक हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक सिवनी में 73.4, शिवपुरी में 11, टीकमगढ़ में पांच, गुना में दो, दतिया में 1.3 मिमी वर्षा हुई।अबतक 12 जिलों से दक्षिण पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है और अगले 72 घंटे के बाद प्रदेश के कई जिलों से मानसून विदा होने लगेगा। मध्य प्रदेश मौसम विभाग ताजा पूर्वानुमान     दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा अभी भी 20° उत्तर / 69° पूर्व, वेरावल, भरूच, उज्जैन, झांसी,  शाहजहांपुर और 30° उत्तर / 81° पूर्व से होकर गुजर रही है। गुजरात के शेष भागों, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और भागों तथा महाराष्ट्र के कुछ भागों से आगामी 3-4 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं।     पश्चिम-मध्य और इससे सटे उत्तर-पश्चिम अरब सागर के ऊपर स्थित गहरा दबाव (चक्रवाती तूफान “शक्ति” का अवशेष) कमजोर होकर एक दबाव में परिवर्तित हो गया है और यह अक्षांश 19.0° उत्तर और देशांतर 60.5° पूर्व के पास निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में केंद्रित है। जो कि मसिराह (ओमान) से लगभग 250 किमी दक्षिण-पूर्व, रास अल हद्द (ओमान) से 370 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम, अल-गैदाह (यमन) से 950 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व, कराची (पाकिस्तान) से 950 किमी दक्षिण- पश्चिम, द्वारका से 970 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम और नलिया से 990 किमी पश्चिम-दक्षिण- पश्चिम में स्थित है। इसके पश्चिम-मध्य और इससे सटे उत्तर-पश्चिम अरब सागर के ऊपर धीरे-धीरे दक्षिण-पूर्व की ओर बढ़ने और एक चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र में परिवर्तित होनेकी संभावना है।     पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर राजस्थान और उससे सटे हरियाणा के ऊपर एक प्रेरित निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है। इससे संबंधित ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 9.6 किमी की ऊँचाई तक फैला हुआ है और ऊँचाई के साथ उत्तर-पश्चिम की ओर झुका हुआ है।उत्तर-पश्चिम राजस्थान और उससे सटे दक्षिण पंजाब के ऊपर समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊँचाई तक फैला हुआ चक्रवातीय परिसंचरण अब उपरोक्त चक्रवाती परिसंचरण में विलीन हो गया है।एक ट्रफ रेखा, उत्तर तटीय ओडिशा से पूर्वी तेलंगाना तक (आंतरिक ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़ होते हुए) समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊँचाई पर बनी हुई है। मध्य प्रदेश : अबतक 12 जिलों से मानसून विदा अबतक मध्य प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इसमें उज्जैन, राजगढ़,अशोकनगर ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम और उज्जैन शामिल हैं।आमतौर पर मानसून 6 अक्टूबर तक विदा हो जाता है लेकिन इस बार नए वेदर एक्टिव होने से मानसून की वापसी में देरी हो रही थी और अब मानसून वापसी की परिस्थितियां अनुकूल है, ऐसे में 10-12 अक्टूबर से पूरे प्रदेश से मानसून की विदाई संभव है। इस वर्ष मानसून ने प्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। गुना में सबसे ज्यादा बारिश, शाजापुर सबसे सूखा जिला इस मानसून सीजन में गुना जिले में सबसे अधिक 65.6 इंच बारिश दर्ज की गई। मंडला और रायसेन में भी 62 इंच से ज्यादा वर्षा हुई। वहीं श्योपुर और अशोकनगर में 56 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। दूसरी ओर, शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6 इंच), खंडवा (32 इंच), बड़वानी (33.5 इंच) और धार (33.6 इंच) प्रदेश के सबसे कम बारिश वाले जिले रहे।  1 जून से 6 अक्टूबर तक कहां कितनी हुई वर्षा     मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 21% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 17% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 25% अधिक वर्षा हुई है। एमपी में अब तक 47 इंच बारिश हो चुकी है वैसे 37.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.2 इंच है। अब तक 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।     गुना में सबसे ज्यादा 65.5 इंच बारिश हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। हालांकि शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार में सबसे कम बारिश हुई।सबसे कम बारिश खरगोन में 27.3 इंच , शाजापुर में 28.7 इंच, खंडवा में 29.1 इंच, बड़वानी में 30.9 इंच और धार में 32.8 इंच हुई है।     ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।

पंजाब को मिलेगी 24×7 बिजली! मुख्यमंत्री मान ने किया 5 हजार करोड़ के बिजली प्रोजेक्ट का ऐलान

जालंधर  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल आज (8 अक्टूबर) सुबह करीब सवा 11 बजे लवली यूनिवर्सिटी में वन इंडिया 2025 राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव का उद्घाटन करने पहुंचे। आप से जुड़े नेताओं ने बताया कि केजरीवाल और मुख्यमंत्री मान जालंधर ने जालंधर में उन्होंने लोगों को संबोधित किया। जिसके बाद वह बठिंडा के लोगों के लिए बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन से संबंधित परियोजना का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम के बाद वे बठिंडा के लिए रवाना होंगे। सीएम बोले- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में लोग कार्यक्रम को देख रहे सीएम मान ने कहा कि पंजाब के हर जिले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लोग इस कार्यक्रम को देख रहे हैं। पंजाब में अरविंद केजरीवाल कामों की राजनीति शुरू करने वाले पहले राजनेता हैं। आम आदमी पार्टी 12 साल पुरानी है। हमसे कई पुरानी पार्टियों ने बहुत कुछ सीखा है। पंजाब में पावर कट से मुक्ति मिलने जा रही है। हम 5 हजार करोड़ का निवेश करने जा रहे हैं। पहले खबरें आती थी कि पंजाब में छाने वाला है अंधेरा। पंजाब में बचा है 2 दिन का कोयला। आज हमारे पास 25-25 दिन का कोयला सरप्लस है। हमें पता चला कि जीबीके कंपनी का थर्मल बिकने लगा है। तब हमने सारा होमवर्क करके उस थर्मल को खरीदा। ये 540 मेगावाट का है। सीएम बोले- 10 हजार तक के बिल का पैसा बच रहा सीएम बोले- पहले सरकारी संस्थाओं को घाटे का सौदा बताकर अपने मित्रों को बेच दिया जाता था। आज भी तो यही चल रहा है। तेल बेच दिया, भेल बेच दिया। अकेली पंजाब सरकार ही ऐसी है जो इसके उल्ट चल रही है। ये बिकने वाली चीजों को खुद खरीद रही है। हमने पहले बिजली के 300 यूनिट फ्री किए। इसमें कोई नीला, हरा कार्ड नहीं चलता। लोगों को 5 से 10 हजार के बिल का पैसा बच रहा है। किसानों को रात को धान के सीजन में रात 1 बजे बिजली मिलती थी। वहां मच्छर काटते थे। न किसान दिन में सोने वाला रहता था न रात को। इसके बाद मैंने अफसरों को बुलाया कि आपका वर्किंग टाइम दिन का है तो किसान का कोई टाइम क्यों नहीं है। हमने किसानों को 12 घंटे बिजली देना शुरू किया। मैंने कहा था कि मोटरें बंद करके धान लगवाना शुरू कर देंगे। मेरी इस बात का कई लोगों ने मजाक उड़ाया था। हमने नहरी सिस्टम ठीक करके ये सच कर दिखाया है। सीएम बोले- पिछली सरकारों में फैक्ट्रियों को बिजली देने के दिन फिक्स थे पहले इंडस्ट्री वालों के दिन फिक्स थे कि इस दिन बिजली इस फैक्ट्री को मिलेगी। पहले की सरकारों ने कोई उपाय नहीं किया। एनर्जी के ठेके उस समय के मंत्रियों ने ले रखे थे। पहले सूचनाएं आती थीं कि मंडी गोबिंदगढ़, लुधियाना में फैक्ट्रियां पकड़ी गईं। मुझे लगता था कि ये क्यों पकड़ी गई होंगी। पूरा मामला पता करते थे तो पता चलता था कि बिजली चोरी हो रही थी। अब ऐसा नहीं है। बिजली के कटों का तो अब हल कर दिया गया है। बिजली मंत्री बोले- आने वाले दिनों में 24 घंटे बिजली मिलेगी बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा- आज एक पवित्र दिन है। गुरु रामदास के प्रकाश पूर्व पर लाख-लाख बधाई। सीएम मान और केजरीवाल की अगुआई में आज ऊर्जा क्रांति ला रहे हैं। 24 नई 66 केवी सब स्टेशन बनाए गए हैं। 1030 नए 11 केवी फीडर लगाए। 88308 नए ट्रांसफर लगाए गए। कभी इतिहास में इतना बड़ा काम नही हुआ। इससे हर घर को बिजली मिली है। इसके बावजूद हम यहां रुक नहीं रहे। हम 2035 की तैयारी को लेकर लगे हैं। हम 5 हजार करोड़ का निवेश बिजली ढांचे को दुरुस्त करने के लिए खर्च करेंगे। आने वाले साल में 24 घंटे बिजली मिलेगी। मंत्री बोले- जल्द लटकी तारों का जाल खत्म करेंगे मंत्री अरोड़ा बोले- हम एक और बहुत बड़ा उपराला करने जा रहे हैं। जब मैं लुधियाना का इलेक्शन लड़ने जा रहा था एक मुद्दा जरूर उठा। हर आदमी कहता था कि हमारे मोहल्ले में तारें लटकती हैं। लोग डरे रहते हैं। मुझे अब बिजली विभाग मिला तो मैंने मीटिंग की और कहा कि लटकती तारों का हल निकालेंगे। अभी एक सब डिवीजन को चुका है। यहां ट्रायल के बाद पंजाब के 87 सब स्टेशनों के टेंडर लगाएंगे। इसके बाद एक भी तार लटकती नहीं मिलेगी। एक और बड़ी शिकायत रहती थी कि बिजली विभाग में स्टाफ नहीं है। इससे काम नहीं होता। मैं आज आपको बताना चाहता हूं कि अगले 7 दिन में 15 अक्तूबर तक 2500 नए मुलाजिम रखने जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त 2 हजार इंटर्न रखेंगे। पहले कंप्लेंट ठीक होने में एवरेज 2 घंटे लगते थे। अगले महीने इसे आधे घंटे में ठीक किया जाएगा। मंत्री ने कहा- मोहाली में खोलेंगे नया कॉल सेंटर मंत्री बोले- 180 लोगों का काल सेंटर लुधियाना में है एक और कॉल सेंटर मोहाली में खोलेंगे। इससे जल्दी से जल्दी आपकी शिकायतों का हल होगा। टूटने से केबल टूट गई, इसके लिए हम गाड़ी ले रहे हैं ताकि ऊंचाई वाली केबल जल्दी ठीक की जा सकें। एक और फैसला हमने लिया है। हमने बड़े सोलर एनर्जी उत्पादकों को चंडीगढ़ बुलाया और यहां सोलर एनर्जी पैदा करने के लिए बुलाया। हमने इसके लिए टेंडर मांगे हैं और सीधा पार्टिसिपेशन के मनाया है। आने वाले सालों में हम 10 हजार मेगावाट पावर पैदा करने जा रहे हैं। रोशन पंजाब योजना लोगों का आंदोलन है। यह पारदर्शिता का प्रतीक है। सीएम और केजरीवाल के सहयोग से पंजाब हमेशा रोशन और मजबूत होगा। जानें क्या है रोशन घर योजना रोशन घर योजना पंजाब सरकार की नई पहल है। इसमें बिजली की कमी को दूर करने और सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना है। इसे तहत स्कीम में अप्लाई करने वालों के घरों पर मुफ्त सौर पैनल लगाए जाएंगे। यह योजना उनके लिए है जिनकी महीने की बिजली खपत 500 यूनिट तक है। बठिंडा में 3,100 नए खेल मैदानों का नींव पत्थर रखेंगे केजरीवाल आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल बठिंडा में पंजाब के लिए 3,100 नए खेल मैदानों का नींव पत्थर रखेंगे। इसके बाद वह चंडीगढ़ जाएंगे और वहां उद्यमिता मानसिकता पाठ्यक्रम (Entrepreneurship Mindset Course) की शुरुआत करेंगे। 2 दिन के पंजाब के दौरे … Read more

अमृतसर में गुरु रामदास जी का प्रकाश पर्व, 3 लाख श्रद्धालुओं की उमड़ी आस्था, शहर सजा फूलों और रोशनी से

अमृतसर  बुधवार को सिखों के चौथे गुरु रामदास जी की 490वीं जयंती का पावन प्रकाश पर्व पूरे पंजाब में धूमधाम और पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है।श्रद्धालु सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के लिए पहुंच रहे हैं। लाखों की संख्या में श्रद्धालु सिर्फ देश से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी गुरु रामदास जी के पर्व पर गुरुद्वारों में आशीर्वाद लेने के लिए जा रहे हैं। पर्व को देखते हुए शिरोमणि कमेटी ने भी पर्याप्त इंतजाम किए हैं और सचखंड श्री दरबार साहिब को कई प्रकार के फूलों से सजाया गया है। भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान भी रखा गया है। मान्यता है कि आज के दिन श्रद्धालु गुरुघर के पवित्र सरोवर में स्नान करके श्री गुरु रामदास जी के सामने माथा टेक कर आशीर्वाद लेते हैं। पवित्र सरोवर में स्नान करने से आत्मा शुद्ध हो जाती है। गुरुघर के सरोवर में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी है। स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। रात को दीपमालिका और आतिशबाजी का आयोजन रात्रि के समय शानदार आतिशबाजी और घी के एक लाख दीपक जलाए जाएंगे, जो संपूर्ण वातावरण को एक दिव्य प्रकाश से आलोकित कर देंगे। यह पर्व न केवल आध्यात्मिक भक्ति का प्रतीक है, बल्कि सिख परंपरा की सेवा, विनम्रता और भाईचारे की भावना को भी सजीव करता है। आज पूरे दिन धार्मिक दीवान सजाए जाएंगे। साथ ही गोल्डन टेंपल, श्री अकाल तख्त साहिब और गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब में विशेष सजावट की ​है। पूरा दिन गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में राग दरबार एवं पारंपरिक शब्द कीर्तन दरबार का आयोजन होगा, जिसमें पंथ के फेमस रागी जत्थे राग आधारित कीर्तन संगत को सुनाएंगे। सेवा अपनाने की अपील इसी अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने देश-विदेश की संगतों को प्रकाश गुरुपर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चौथे पातशाह श्री गुरु रामदास जी का जीवन सेवा, प्रेम-भक्ति और श्रेष्ठ गुणों से भरपूर है। गुरु साहिब द्वारा पूर्ण श्रद्धा और निस्वार्थ भाव से निभाई गई सेवा की मिसाल दुनिया के इतिहास में कहीं और नहीं मिलती। उन्होंने सिख धर्म के वृक्ष को फलने-फूलने के लिए अनेक कार्य किए और जनमानस को आत्मिक, धार्मिक और सामाजिक रूप से मार्गदर्शन और प्रेरणा दी। धामी ने सिख समुदाय से अपील की कि गुरु साहिब के महान जीवन से प्रेरणा लेकर अपने भीतर नम्रता, सेवा और सिमरन की भावना विकसित करें तथा सिख पंथ के सिद्धांतों को अपने व्यावहारिक जीवन का हिस्सा बनाएं। इसके अलावा शाम को श्रद्धालु रहरस के पाठ और दीप माला करेंगे और एसजीपीसी की ओर से आतिशबाजी की जाएगी। गुरुघर में पर्व के मौके पर श्री अखंड पाठ साहिब का पाठ भी रखा गया है। पर्व के मौके पर सचखंड श्री दरबार साहिब, श्री हरमंदिर साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब और गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब को फूलों के साथ-साथ कीमती सोने और चांदी की चीजों से सजाया गया है। गुरुघर को लाइटों से सजा दिया गया है। श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बनती है। सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक सभी पवित्र स्थानों में भक्त दर्शन करेंगे। श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है क्योंकि ऐसे पावन अवसर पर उन्हें गुरुघर आने का मौका मिला और श्री हरमंदिर साहिब के दर्शन करने का सौभाग्य मिला। श्रद्धालु जंगबहादुर सिंह ने khabarwala24 से बातचीत में कहा कि वे बहुत भाग्यशाली हैं कि उन्हें गुरुघर आने का मौका मिला और वे अपनी बाकी की जिंदगी गुरु रामदास जी के चरणों में बिताना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यहां जैसा सुकून किसी और दर पर नहीं है, यहां आए सभी लोगों पर गुरु अपनी कृपा करें और सभी लोग अपने बच्चों और घर के बड़े बुजुर्गों के साथ जरूर आएं।