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IMD का अलर्ट: 25 सितंबर से MP में आएगा नया मौसम सिस्टम, भारी बारिश के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में अगले तीन दिन बादल छाने के साथ हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर जारी रहेगा, लेकिन कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि 25 सितंबर को एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होने जा रहा है, जिससे फिर तेज बारिश होने का अनुमान है।इसके बाद सितंबर अंत से मानसून की विदाई शुरू होगी।बता दे कि रविवार को भोपाल ,नर्मदापुरम, उज्जैन, मंडला, नरसिंहपुर समेत 15 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। 25 सितंबर को सक्रिय होगा नया वेदर सिस्टम     दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा , भटिंडा, फतेहाबाद, पिलानी, अजमेर, दीसा, भुज और से होकर गुजर रही है। अगले 24 घंटों के दौरान गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कुछ और हिस्सों; एचपी और जेके के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे म्यांमार तट पर ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण अब म्यांमार-दक्षिण बांग्लादेश तटों से सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी पर बना हुआ है और औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक विस्तृत है। इसके प्रभाव में अगले 24 घंटों के दौरान उत्तरी बंगाल की खाड़ी पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।     25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उससे सटे उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए, इसके 26 सितंबर के आसपास दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास उत्तर-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक अवदाब क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है। इसके 27 सितंबर के आसपास दक्षिण ओडिशा-उत्तरी एपी के तटों को पार करने की प्रबल संभावना है। उत्तर-पूर्वी बिहार और उससे सटे सिक्किम के ऊपर औसत समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। 1 जून से 21 सितंबर तक कहां कितनी हुई वर्षा सोना खरीदने की प्लानिंग है क्या ? ये है आज 22 सितंबर का 10 ग्राम का ताजा भाव, जानें अपने शहरों का सोमवार का 22-24 कैरेट का लेटेस्ट रेट     मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 21% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 16% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 24% अधिक वर्षा हुई है। एमपी में अब तक 43 .8 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 118 प्रतिशत है। अब तक 36.3 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।     सबसे कम बारिश वाले जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा खरगोन और शाजापुर शामिल हैं। ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है।भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।

पिपराइच कांड: CM योगी ने दीपक गुप्ता के परिवार से मुलाकात कर दी 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद

पिपराइच पिपराइच इलाके में बीते दिनों पशु तस्करों द्वारा मारे गए युवक दीपक गुप्ता के परिजनों से सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दीपक गुप्ता के माता-पिता और चाचा को सांत्वना दी और ₹5 लाख की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपक गुप्ता के पिता के कंधे पर हाथ रखकर भरोसा दिलाया कि सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि दीपक के हत्यारों और पशु तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले।

नारायणपुर में मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने एक नक्सली को किया ढेर

अबूझमाड़  छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के महाराष्ट्र सीमावर्ती अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने सर्चिंग अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान आज सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी रही। मुठभेड़ स्थल से एक पुरुष माओवादी का शव बरामद हुआ है तो वहीं हथियार भी जब्त किए गए हैं। अबूझमाड़ क्षेत्र में हुई मुठभेड़ मुठभेड़ की जानकारी पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के अंतर्गत अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ ने एक नक्सली को मार गिराया है। अबूझमाड़ के महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिली थी। जिसके बाद सुरक्षाबल के जवानों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत मिशन पर भेजा गया था। नक्सलियों ने शुरू की फायरिंग अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों की टीम जब क्षेत्र में पहुंची तो नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने घटनास्थल की तलाशी के दौरान एक नक्सली का शव और हथियार बरामद किया है। क्षेत्र में गोलीबारी जारी है। गोलीबारी रुकने के बाद क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि जवानों की वापसी के बाद ही मिशन की डिटेल्स दी जाएगी। एक नक्सली ढेर डीआरजी और बीएसएफ जवानों की संयुक्त टीम इस इलाके में पहुंची. इस दौरान नक्सलियों और जवानों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई. फिलहाल सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर लगातार मुठभेड़ जारी है. हथियार भी बरामद इस मुठभेड़ में जवानों ने एक पुरुष नक्सली को मार गिराया. मारे गए नक्सली का शव फिलहाल बरामद कर लिया गया है. मौके से एक हथियार भी बरामद किया है.  पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के अंतर्गत अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक नक्सली को मार गिराया. उन्होंने बताया कि अबूझमाड़ के महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था. सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी अधिकारियों ने बताया कि दल जब क्षेत्र में पहुंचा तो नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की. उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने घटनास्थल की तलाशी के दौरान एक नक्सली का शव और हथियार बरामद किया है. क्षेत्र में गोलीबारी जारी है. अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में तलाश अभियान अब भी जारी है. अभियान पूर्ण होने के बाद इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी.  इस साल छत्तीसगढ़ में मारे गए 248 नक्सली बता दें कि इस साल छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ की अलग-अलग घटनाओं में अब तक 248 नक्सली मारे गए हैं. इनमें से 219 बस्तर संभाग (जिसमें नारायणपुर समेत सात जिले शामिल हैं) में मारे गए, जबकि 27 अन्य रायपुर संभाग के गरियाबंद जिले में मारे गए. दुर्ग संभाग के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में दो अन्य नक्सली मारे गए. राज्य के गरियाबंद जिले में 11 सितंबर को एक मुठभेड़ में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) मोडेम बालकृष्ण समेत 10 नक्सली मारे गए थे. इस साल 248 नक्सली ढेर अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई के साथ इस साल छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ की अलग-अलग घटनाओं में अब तक 248 नक्सली मारे गए हैं। इनमें से 219 बस्तर संभाग जिसमें नारायणपुर समेत सात जिले शामिल हैं मारे गए हैं। जबकि 27 नक्सलियों को रायपुर संभाग के गरियाबंद जिले में मारा गया है। दुर्ग संभाग के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में दो नक्सलियों को जवानों ने मार गिराया है। 11 सितंबर को हुई थी मुठभेड़ बता दें कि हाल ही में गरियाबंद जिले में सुरक्षाबल के जवानों को बड़ी सफलता मिली थी। जवानों ने गरियाबंद जिले में 11 सितंबर को एक मुठभेड़ में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) मोडेम बालकृष्ण समेत 10 नक्सलियों को मार गिराया था। पवन तिवारी

CM स्टालिन का वक्फ बिल पर समर्थन, बोले: मुस्लिमों के हितों की रक्षा जारी रहेगी

चेन्नई तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने पैगंबर मोहम्मद की 1500वीं जयंती के अवसर पर एक बयान देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है. स्टालिन ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद ने दुनिया को प्रेम और शांति का संदेश दिया और उनकी शिक्षाओं को अपनाकर विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी डीएमके हमेशा अल्पसंख्यक समुदाय खासकर मुस्लिमों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगी और उनके हितों की रक्षा करेगी. इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और विपक्षी दलों ने इसे धार्मिक ध्रुवीकरण का प्रयास करार दिया है. मुख्यमंत्री स्टालिन ने चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा- पैगंबर मोहम्मद ने दुनिया को मोहब्बत और भाईचारे का संदेश दिया. उनकी 1500वीं जयंती के अवसर पर हमें उनके इस संदेश को अपनाना चाहिए और विश्व में शांति स्थापित करने की दिशा में काम करना चाहिए. डीएमके हमेशा से अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है. जब भी मुस्लिम समुदाय या अन्य अल्पसंख्यकों पर कोई संकट आएगा डीएमके उनकी रक्षा के लिए एक मजबूत किला बनकर खड़ी रहेगी. तमिलनाडु की राजनीति में तूफान इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में एक नया तूफान खड़ा हो गया है. विपक्षी दलों विशेष रूप से बीजेपी और अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने स्टालिन के इस बयान को वोट बैंक की राजनीति से जोड़कर देखा है. उसका कहना है कि स्टालिन का यह बयान धार्मिक आधार पर समाज को बांटने की कोशिश है. डीएमके हमेशा से तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है और यह बयान उसी का एक उदाहरण है. पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि डीएमके अल्पसंख्यक समुदाय को केवल वोटबैंक के रूप में देखती है और उनके कल्याण के लिए कोई ठोस नीति लागू नहीं करती. मुख्यमंत्री ने संशोधित नागरिकता कानून (CAA) और तीन तलाक जैसे मुद्दों को लेकर AIADMK पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अन्नाद्रमुक के विश्वासघात के कारण ही मुख्य विपक्षी दल (AIADMK) के अनवर राजा जैसे नेता उस पार्टी को छोड़कर DMK में शामिल हो गए। पैगंबर मोहम्मद की 1,500वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा कि द्रमुक संस्थापक सीएन अन्नादुरई और दिवंगत पार्टी संरक्षक एम करुणानिधि पहली बार तिरुवरूर में मिलाद-उन-नबी से जुड़े एक कार्यक्रम में मिले थे और दोनों नेताओं के बीच जो घनिष्ठता बढ़ी, वह तमिलनाडु के विकास की नींव बनी। गाजा मुद्दे पर तत्काल कदम उठाने का केंद्र से आग्रह विभिन्न दलों के मुस्लिम नेताओं की मौजूदगी का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि एकता जीत की ओर पहला कदम है। पैगंबर मोहम्मद के उपदेशों की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुधारवादी नेता पेरियार ईवीआर और प्रतिष्ठित नेता अन्नादुरई तथा करुणानिधि ने पैगंबर के सिखाए समानता और प्रेम के संदेश की सराहना की थी। गाजा पट्टी की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्टालिन ने कहा कि फलस्तीनियों पर हो रहे अत्याचारों को तत्काल रोका जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से इस संबंध में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया। मिलाद-उन-नबी पर अवकाश स्टालिन ने कहा कि करुणानिधि ने ही 1969 में मिलाद-उन-नबी के लिए अवकाश घोषित किया था और 2001 में अन्नाद्रमुक सरकार ने इसे रद्द कर दिया था, जबकि द्रमुक सरकार ने 2006 में इसे बहाल कर दिया था। स्कूली पाठ्यक्रम में पैगंबर मोहम्मद पर विषयवस्तु शामिल करने के एसडीपीआई नेता नेल्लई मुबारक के अनुरोध का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे पहले ही पाठ्यक्रम में शामिल किया जा चुका है। अगर मुसलमानों को कोई परेशानी होती है, तो… उन्होंने कहा, ‘‘केवल इतना ही नहीं; अगर मुसलमानों को कोई परेशानी होती है, तो सबसे पहले आपके समर्थन में आने वाला राजनीतिक दल द्रमुक ही रहा है।’’ स्टालिन ने कहा, ‘‘वह द्रमुक ही थी, जिसने सीएए के खिलाफ सच्ची मित्रता की भावना से लड़ाई लड़ी थी।’’ अन्नाद्रमुक प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी का नाम लिए बिना स्टालिन ने कहा, ‘‘आप अच्छी तरह से जानते हैं कि किसने पूछा था कि क्या कोई इससे (सीएए) प्रभावित हुआ है और इन्हीं के शासन काल में सीएए का विरोध करने पर मुसलमानों पर लाठीचार्ज किया गया था।’’ AIADMK के मानदंड दोहरे उन्होंने कहा कि इसी तरह, केंद्र के तीन तलाक कानून लाने पर अन्नाद्रमुक द्वारा अपनाए गए ‘‘दोहरे मानदंडों’’ से सभी वाकिफ हैं, यही कारण था कि अनवर राजा जैसे नेता विश्वासघात के कारण अन्नाद्रमुक छोड़कर द्रमुक में शामिल हो गए। स्टालिन ने अन्नाद्रमुक का नाम लिए बिना कहा, ‘‘जो लोग भाजपा की घटिया और निरंकुश राजनीति का समर्थन करके विश्वासघात कर रहे हैं, उनका बहिष्कार किया जाना चाहिए।’

छक्कों का नया किंग: अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास, युवराज सिंह को छोड़ा पीछे

दुबई  भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप 2025 के सुपर-चार मुकाबले में 6 विकेट धमाकेदार जीत दर्ज की. 21 सितंबर (रविवार) को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम को जीत के लिए 172 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने 18.5 ओवर्स में हासिल कर लिया. भारत की मौजूदा टूर्नामेंट में पड़ोसी मुल्क पर ये दूसरी जीत रही. इससे पहले ग्रुप मुकाबले में भी भारत ने पाकिस्तानी टीम को सात विकट से रौंद दिया था. पाकिस्तान के खिलाफ सुपर-4 मैच में भारतीय टीम की जीत के हीरो सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा रहे. 'प्लेयर ऑफ द मैच' अभिषेक शर्मा ने 74 रन बनाने के लिए सिर्फ 39 गेंदें खेलीं. इस दौरान उन्होंने छह चौके और 5 छक्के लगाए. इस तूफानी इनिंग्स के दौरान अभिषेक शर्मा ने कुछ खास उपलब्धि हासिल की. अभिषेक गेंदों के हिसाब से टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज 50 छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए. अभिषेक ने यह उपलब्धि सिर्फ 331 गेंदों में हासिल की. अभिषेक ने वेस्टइंडीज के इविन लुईस का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 50 छक्के जड़ने के लिए 366 गेंदें ली थीं. इस लिस्ट में आंद्रे रसेल (वेस्टइंडीज) तीसरे, हजरतुल्लाह जजई (अफगानिस्तान) चौथे और सूर्यकुमार यादव (भारत) पांचवें स्थान पर हैं. खास बात यह भी है कि अभिषेक ऐसे पहले बल्लेबाज हैं जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल में 50 छक्के जड़ने के लिए 350 से कम गेंदें ली हैं. अभिषेक शर्मा ने युवराज सिंह को इस मामले में पछाड़ा अभिषेक शर्मा पाकिस्तान के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज अर्धशतक जड़ने वाले भारतीय बल्लेबाज बन चुके हैं. अभिषेक ने 24 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर अपने मेंटर युवराज सिंह का रिकॉर्ड तोड़ दिया. युवराज ने साल 2012 में अहमदाबाद टी20 में पाकिस्तानी टीम के खिलाफ 29 बॉल पर अर्धशतक जड़ा था. वैसे भारत-पाकिस्तान के बीच टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज अर्धशतक जड़ने का रिकॉर्ड मोहम्मद हफीज के नाम दर्ज है. हफीज ने साल 2012 में अहमदाबाद में ही 23 गेंदों पर अर्धशतक जड़ा था. भारत-PAK मैच में सबसे तेज अर्धशतक (टी20I) 23 गेंद- मोहम्मद हफीज, अहमदाबाद 2012 24 गेंद- अभिषेक शर्मा, दुबई 2025 * 29 गेंद- युवराज सिंह, अहमदाबाद 2012 32 गेंद- इफ्तिखार अहमद, मेलबर्न 2022 33 गेंद- मिस्बाह उल हक, डरबन 2007 अभिषेक शर्मा ने मैच जिताऊ पारी खेलने के बाद कहा, 'आज सब कुछ काफी आसान लग रहा था. बिना किसी वजह के वे जिस तरह हमारे सामने आ रहे थे, वो मुझे बिल्कुल पसंद नहीं आया. मैंने उनके खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाया और टीम के लिए बेस्ट देना चाहा. मैं शुभमन गिल के साथ स्कूल के दिनों से साथ खेल रहा हूं. हमें एक-दूसरे की कंपनी काफी पसंद है. हमने सोचा था कि आज करके दिखाना है और दिखाय भी. जिस तरह वे लोग जवाब दे रहे थे, मुझे बहुत मजा आया. मैं लगातार कड़ी मेहनत कर रहा हूं. जब मेरा दिन होता है, तो मैं अपनी टीम के लिए मैच जीतकर ही लौटता हूं.' 25 साल के अभिषेक शर्मा ने भारतीय टीम के लिए अब तक 21 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 35.40 की औसत और 197.21 के स्ट्राइक रेट से 708 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 3 अर्धशतक शामिल रहे. बाएं हाथ के बैटर अभिषेक ने टी20 इंटरनेशनल में 53 छक्के और 63 चौके लगाए हैं. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर बढ़-चढ़कर अपने सुझाव दे रही यूपी की जनता

विकसित यूपी @2047  अबतक 3 लाख जनता ने दिये अपने सुझाव, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में सुधार पर जोर- मुख्यमंत्री योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर बढ़-चढ़कर अपने सुझाव दे रही यूपी की जनता  शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों में सुधार के लिए मिल रहे सर्वाधिक सुझाव- मुख्यमंत्री योगी  ग्रामीण क्षेत्रों से 2.40 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 60 हजार से अधिक फीडबैक  प्रयागराज की सुकृति पाण्डेय ने शिक्षा में डिजिटल साधनों पर दिया जोर  देवरिया के प्रवीण ने भ्रष्टाचार और पुलिस व्यवहार में सुधार की मांग की – महोबा के शशिकांत सोनी ने ब्लॉक स्तर पर निरीक्षण दल बनाने का सुझाव दिया – पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर फीडबैक प्रक्रिया जारी – 31 वर्ष से कम आयु वर्ग के युवा दिखा रहे सक्रिय भागीदारी लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मिशन 2047 के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान के तहत जनता से फीडबैक लेने की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश के 75 जनपदों में नोडल अधिकारीगण और प्रबुद्धजन, आम जनता, छात्रों, शिक्षकों, व्यवसायियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संघों और मीडिया के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और भविष्य के रोड मैप पर चर्चा कर रहे हैं।  फीडबैक देने में शहर वालों से आगे निकले ग्रामीण  अभियान के तहत रविवार तक विकसित पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर कुल 3 लाख फीडबैक प्राप्त हुए। इनमें से 2.40 हजार ग्रामीण और 60 हजार से अधिक नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। आयु वर्ग के अनुसार 1.12 लाख से अधिक सुझाव 31 वर्ष से कम, 1.66 लाख सुझाव 31-60 वर्ष और बाकी सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों से प्राप्त हुए हैं। इन सेक्टर्स में मिल रहे सर्वाधिक सुझाव  फीडबैक के क्षेत्रवार वितरण में शिक्षा (1.10 लाख), नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र (52 हजार से अधिक), स्वास्थ्य (23 हजार से अधिक), समाज कल्याण (25 हजार से अधिक), कृषि (51 हजार से अधिक) और आईटी एवं टेक्नोलॉजी (6 हजार से अधिक) शामिल हैं। प्रमुख जनपदों जैसे आगरा, फिरोजाबाद, बस्ती, जौनपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, गोरखपुर, सहारनपुर, शामली, एटा, मेरठ, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, ललितपुर, महाराजगंज, प्रयागराज आदि से 1.11 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। ये हैं प्रमुख सुझाव – प्रयागराज की सुकृति पाण्डेय ने शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल साधन, कौशल आधारित प्रशिक्षण, शिक्षक प्रोत्साहन, उच्च शिक्षा और अनुसंधान पर ध्यान देने की आवश्यकता जताई। – देवरिया के प्रवीण ने शिक्षा, पुलिस और राजस्व विभाग में सुधार, भ्रष्टाचार समाप्त करने और नागरिकों के प्रति सरकारी व्यवहार सुधारने की सिफारिश की। – महोबा के शशिकांत सोनी ने ब्लॉक स्तर पर निरीक्षण दल गठित कर ईमानदारी बढ़ाने और भ्रष्टाचार घटाने का सुझाव दिया। प्रदेशवासियों के सुझावों और फीडबैक को ध्यान में रखते हुए, योगी सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि आगामी योजनाओं और विकास कार्यों में इन फीडबैक को शामिल किया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश 2047 तक विकसित राज्य बनने की दिशा में अग्रसर हो।      

दीवाली धमाका: सूरजकुंड मेले की एंट्री फीस बढ़ी, जानिए नया रेट

सूरजकुंड  फरीदाबाद के सूरजकुंड में इस बार फिर दीवाली मेले का आयोजन होने जा रहा है। हरियाणा पर्यटन निगम की ओर से यह मेला 2 से 7 अक्तूबर तक लगाया जाएगा। हालांकि इस बार मेले की एंट्री टिकट की कीमत में भारी इजाफा किया गया है। साल 2023 में जहां टिकट मात्र 30 रुपये थी, वहीं इस बार एंट्री टिकट का रेट 100 रुपये रखा गया है। पिछले साल नहीं दिखा उत्साह गौरतलब है कि 2023 में जब दीवाली मेला लगाया गया था, तब भी लोगों का उत्साह कुछ खास नहीं देखा गया था। कम टिकट दर होने के बावजूद भीड़ कम रही, जिसके कारण पिछले साल मेला आयोजित नहीं किया गया। अब इस बार टिकट की कीमत बढ़ाकर 100 रुपये कर दी गई है, जिससे यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या लोग फिर भी मेले में पहुँचते हैं या नहीं।   पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए 100 रुपये की टिकट दर थोड़ा बोझ बन सकती है, खासकर तब जब लोग परिवार सहित मेले में आते हैं। टिकट दर में हुई वृद्धि से मेले में आने वाले लोगों की संख्या पर असर पड़ सकता है। मेला रहेगा रंग-बिरंगा मेले में इस बार करीब 500 कमर्शियल स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें दीवाली से संबंधित सजावटी सामान, खिलौने, बर्तन, आभूषण आदि की बिक्री होगी। इसके अलावा, स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले का खास आकर्षण रहेंगे। स्टॉल और एंट्री टिकट की ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू कर दी गई है। इच्छुक लोग हरियाणा टूरिज्म की आधिकारिक वेबसाइट haryanatourism.gov.in पर जाकर टिकट और स्टॉल की बुकिंग कर सकते हैं। बजट नहीं मिलने से बढ़े दाम हरियाणा पर्यटन निगम के एजीएम हरविंदर यादव ने जानकारी दी कि 2023 में सरकार से बजट मिलने के कारण टिकट दर कम रखी गई थी। लेकिन इस बार सरकार की ओर से कोई फंड नहीं मिला है, इसलिए मेला अपनी आय खुद जनरेट करेगा। इसी कारण एंट्री टिकट के दाम बढ़ाए गए हैं।  

उत्तर भारत में मौसम बदलेगा रंग, 25 सितंबर तक चलेगी खुश्क हवाएं

चंडीगढ़ हरियाणा से मानसून की विदाई शुरू हो चुकी है। अगले 4-5 दिन तक प्रदेश के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति 25 सितंबर तक बनी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान प्रदेश के दिन के तापमान में वृद्धि देखने को मिलेगी। प्रदेश में 20 सितंबर तक औसतन 411.7 एमएम बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 568.4 एमएम बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 43 प्रतिशत ज्यादा है। सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर में 1116.9 एमएम दर्ज की गई है जबकि सबसे कम बारिश सिरसा में 346.6 एमएम दर्ज की गई है। हालांकि रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं, कई जिलों में अभी भी खेतों में बरसाती पानी भरा हुआ है, जिसके चलते फसलें खराब हो रही हैं। सरकार के आदेश पर रेवेन्यू पटवारी फील्ड में उतरे हैं और सर्वे कर रहे हैं, ताकि फसलों में हुए नुकसान का आकलन किया जा सके।   हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदनलाल खीचड़ ने बताया कि राजस्थान के ऊपर एक एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से उत्तर-पश्चिमी खुश्क हवाएं चलेंगी। इससे हरियाणा में मौसम परिवर्तनशील, लेकिन खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश में दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे बीच-बीच में हल्के बादल आने की भी संभावना है। 25 सितंबर तक मौसम ऐसे ही रहेगा।   शनिवार को हरियाणा में सबसे गर्म जिला पलवल रहा, जहां 36.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सबसे कम तापमान पानीपत के उझा क्षेत्र के आसपास रहा, जहां 32.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।उधर, हिसार, भिवानी, मेवात, जींद, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र समेत कई जिलों में बरसाती पानी में फसलें अभी भी डूबी हुई हैं। रेवेन्यू पटवारी खेतों में जाकर सर्वे कर रहे हैं और फसल नुकसान को पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं।  

स्व का जागरण: मातृशक्ति ने दिया आत्मविश्वास और सफलता

ग्वालियर  ग्वालियर में मातृशक्ति में स्व का भाव जगाने के लिए संकल्प से सिद्धी का मूल ध्येय सिद्ध किया है महिलाओं के समूह स्वयं सिद्धा ने। यह संस्था महिलाओं में सांस्कृतिक संवर्द्धन और आंतरिक गुणों की पहचान कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा हैं। कोरोना काल में आपदा में अवसर तलाशने के लिए यह संस्था अस्तिव में आई। वर्तमान में संस्था से जुड़कर 350 महिलाएं समाज के नवसृजन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहीं हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह संस्था महिलाओं को स्वयं के उत्पाद निर्मित करने में मदद करने के साथ ही उन्हें बाजार भी उपलब्ध कराती है। इसके बदले में संस्था महिला सदस्यों से कोई कमीशन नही लेती है। इसलिए उत्पादन से लेकर मुनाफे तक सदस्यों का पूर्ण अधिकार होता है। आज समूह की सदस्य आस्ट्रेलिया, जापान, दुबई, इटली,जर्मनी व अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के बीच अपने उत्पाद पहुंचा रही हैं। इन महिलाओं द्वारा निर्मित महाराष्ट्रीयन, गुजराती, पंजाबी व्यंजनों के साथ-साथ हस्तशिल्प उत्पाद इन देशों में काफी पसंद किए जा रहे हैं। स्वयं सिद्धा संस्था की सूत्रधार महिमा तारे ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में समाज घोर निराशा और हताशा का वातावरण निर्मित था। उस समय नया काम करने की कल्पना करना भी असंभव प्रतीत हो रहा था, क्योंकि बाजार बंद था, नौकरियों पर घनघोर काले बादल छाए हुए थे। कई परिवारों में दो वक्त की रोटी की व्यवस्था करना चुनौती पूर्ण था। जीवन का सरकार पर आश्रित होकर चलना मुश्किल था। ऐसे माहौल में महिलाओं को घर की दहलीज लांघकर स्वयं को सिद्ध करने का संकल्प भी डरावना सा लग रहा था। साहस और हिम्मत के साथ पहला पग किसी तरह से आगे बढ़ाया। श्रीमती तारे कहती हैं कि संस्था का उद्देश्य केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना ही नही हैं, उनका व्यक्तित्व विकास और उनके सपनों को साकार करना मूलध्येय है। आंवले के उत्पादों से की शुरुआत संस्था की महिला सदस्यों को ग्वालियर के राजामाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आंवले की प्रोसेसिंग कर इसके उत्पाद बनाने का अवसर मिला। सदस्यों को यहां आंवले की धुलाई, छंटाई, कटाई, और फिर विभिन्न तरीकों से गूदा, रस या पाउडर तैयार करने का प्रशिक्षण मिला। इससे उन्होंने आंवला कैंडी, अचार, च्यवनप्राश, जूस, या कास्मेटिक उत्पाद बनाना सीखा इसके साथ सभी सदस्यों को उत्पादों के मानकीकरण और पाश्चुरीकरण का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशासन से मिला आर्डर रद हो गया महिमा तारे बताती हैं कि दीपावली से पहले का समय था। पहला आर्डर जिला प्रशासन से स्वल्पहार का मिला। हम लोग उत्साहित थे। प्रत्येक महिला ने 10-10 किलो की मात्रा में व्यंजन तैयार किये। अचानक कोरोना गाइड लाइन के कारण प्रशासन ने आर्डर यह कहकर रद कर दिया कि केवल पैकेज्ड फूड लेने की अनुमति हैं। सभी महिलाएं निराश होकर सारा सामान मेरे घर पर रख गईं। बैजाताल पर स्टाल लगाकर इन व्यंजनों को बेचने का प्रयास किया, पूरे दिन बैठने के बाद कोई सामान नही बिका। निराशा के बीच आशा की किरण दीपावली के रूप में सामने आई और यह सामान हाथों-हाथों बिक गया। महिलाओं को मना करना पड़ा कि दीदी अब कोई आर्डर मत लेना। ऋतुओं के अनुसार तैयार करती है उत्पाद संस्था से जुड़ी महिलाओं के पास पूरे माह कार्य रहता है, क्योंकि महिला सदस्य ऋतुओं के अनुसार उत्पाद तैयार करती हैं, जिससे उनका माल हाथों-हाथों बिक जाता है। महिलाएं अचार, पापड़ नियमित तौर करती हैं। त्योहारों, होली, दीपावली, रक्षाबंधन, नवरात्र पर परंपरागत पकवान बाखरबड़ी, खमण-ढोकला, गुजिया, मठरी, नमकीन, पूरनपोली, गुड की रोटी बनाती हैं। व्यजनों का निर्माण सभी बहनें एक ही रसोई में एक दूसरे का हाथ बांटते हुए करती हैं।  

लाखों छात्रों के लिए राहत! UP-TET फीस बढ़ोतरी पर CM योगी ने लिया बड़ा कदम

लखनऊ  यूपी-टीईटी (UP-TET) परीक्षा देने की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि परीक्षा का आवेदन शुल्क अब नहीं बढ़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस बारे में सख्त निर्देश दिए हैं। परीक्षा शुल्क बढ़ाने की थी तैयारी मिली जानकारी के मुताबिक, शिक्षा विभाग ने यूपी-टीईटी का आवेदन शुल्क 600 रुपए से बढ़ाकर 1700 रुपए करने का प्रस्ताव तैयार किया था। अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता, तो दोनों स्तरों (प्राथमिक और उच्च प्राथमिक) की परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को 3400 रुपए देने पड़ते। लेकिन जैसे ही मुख्यमंत्री को इस प्रस्ताव की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत साफ निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों पर किसी भी तरह का अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा। योगी जी ने स्पष्ट कहा – 'कोई शुल्क वृद्धि नहीं होगी।' अभ्यर्थियों ने ली राहत की सांस सीएम योगी के फैसले के बाद अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली है। अब यूपी-टीईटी परीक्षा का फॉर्म पुराने शुल्क पर ही भरा जाएगा, यानी कि प्राथमिक स्तर (कक्षा 1–5) – ₹600, उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6–8) – ₹600, दोनों स्तरों के लिए – कुल ₹1200  । 2026 में होगी परीक्षा उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) अब 29 और 30 जनवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। शिक्षा सेवा चयन आयोग ने परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसी सिलसिले में आयोग ने आवेदन शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसे अब मुख्यमंत्री ने खारिज कर दिया है।   क्या है UP-TET परीक्षा? यूपी-टीईटी यानी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य परीक्षा है। यह परीक्षा दो स्तरों पर होती है:- – प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक) – उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8 तक) योग्यता क्या होनी चाहिए? – बी.एड, डी.एल.एड या संबंधित विषय में स्नातक डिग्री होना जरूरी है। परीक्षा में निम्नलिखित विषय पूछे जाते हैं: – बाल विकास और शिक्षाशास्त्र – हिंदी भाषा – गणित – पर्यावरण अध्ययन (प्राथमिक स्तर) – विज्ञान / सामाजिक विज्ञान (उच्च प्राथमिक स्तर)