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ऑटो शेयरों में रफ्तार, बाजार में ब्रेक — निफ्टी-सेंसेक्स लाल निशान में

मुंबई  शेयर बाजार में मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच सप्ताह के लगातार दूसरे कारोबारी दिन सुस्ती के साथ कारोबार की शुरुआत हुई और फिर सेंसेक्स-निफ्टी की चाल बदली-बदली नजर आई. दरअसल, ग्रीन में खुलने के बाद दोनों इंडेक्स रेड जोन में आ गए. हालांकि, ऑटो कंपनियों के शेयरों में आई तूफानी तेजी के चलते दोनों इंडेक्स ओपनिंग के साथ सोमवार की गिरावट के उबरे हुए नजर आए थे.  बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स खुलने के कुछ ही मिनटों में 150 अंक के आसपास तक उछला, लेकिन फिर अचानक 100 अंक के करीब टूट गया, लेकिन अगले ही पल फिर ग्रीन में आ गया. तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी अपने पिछले बंद के मुकाबले बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया और 25,250 तक चढ़ा, लेकिन फिर गिरकर 25,160 तक आ गया. इससे पहले सोमवार को मार्केट में आखिरी कारोबारी घंटे में गिरावट तेज हो गई थी और ट्रंप के H1B Visa की फीस में बढ़ोतरी के ऐलान के बाद आईटी स्टॉक्स के बिखरने के चलते में सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह फिसलकर बंद हुए थे.  ऐसे चढ़त-गिरते नजर आए इंडेक्स मंगलवार को शुरुआती कारोबार सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 82,159.97 की तुलना में फिसलकर 82,147 पर ओपनिंग की और फिर अचानक उछाल भरते हुए  82,307.50 पर कारोबार करता दिखा, लेकिन इसके बाद इसमें गिरावट आई और ये 140 अंक फिसलकर 82,019 तक आ गया. एनएसई निफ्टी मामूली बढ़त के साथ 25,209 पर कारोबार शुरू किया और फिर सेंसेक्स की तरह इसकी चाल भी बदलती रही. ग्लोबल मार्केट में गिफ्ट निफ्टी भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था.  Tata से MRF तक ऑटो शेयरों का धमाल भले ही शेयर मार्केट में तगड़ा उतार-चढ़ाव दिखा, लेकिन ऑटो और ऑटो सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में सरकार के GST Cut के चलते तूफानी तेजी दिखी. टाटा मोटर्स, मारुति से लेकर महिंद्रा एंड महिंद्रा तक के शेयर ओपनिंग के साथ ही दौड़ लगाते नजर आए. Maruti 3.20%, M&M 2.60%, Tata Motors 1.50%, Ashok Leyland 2.66%, Sona Comstar 2.10%, Uno Minda 1.30%, Exide India 1.15%, MRF 1.10% की उछाल के साथ ट्रेड कर रहे थे.   ये शेयर भी ग्रीन जोन में  ऑटो स्टॉक्स के अलावा मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान बढ़त के साथ ग्रीन जोन में नजर आने वाले अन्य शेयरों की बात करें, तो इनमें Thermax 2%, OFSS 1.75%, Glenmark 1.70%, RVNL 1.30%, Om Infra Share 15.15%, IIL 13.43%, KEC 7.58%, ATL 7.52%, PVSL 5.19% की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे.  कल संभल नहीं सका था बाजार शेयर बाजार बीते कारोबारी दिन सोमवार को पूरे कारोबारी दिन सुस्ती के साथ कारोबार हुआ था और भारी उतार-चढ़ाव देखने के बाद दोनों इंडेक्स बड़ी गिरावट के साथ क्लोज हुए थे. सेंसेक्स 466 अंक फिसलकर 82,159.97 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी ने 124 अंक की गिरावट लेकर 25,202.35 पर क्लोजिंग की थी.खासतौर पर आईटी शेयर बुरी तर टूटे थे और टेक महिंद्रा से लेकर टीसीएस, इंफोसिस तक के शेयरों में पैसे लगाने वालों को तगड़ा नुकसान हुआ था. 

रेलवे का बड़ा ऐलान: 25 नवंबर से 8 जनवरी तक MP की 5 ट्रेनें रद्द, 18 के रूट बदले जाएंगे

ग्वालियर  पुराने साल की विदाई और नए साल के स्वागत को लेकर सैर-सपाटे की योजना बनाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। वीरंगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म तीन पर वाशेबल एप्रन हटाकर गिट्टी रहित पटरी बिछाने का काम होने के कारण डेढ़ माह तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। 25 नवंबर से आठ जनवरी के बीच ग्वालियर होकर चलने वाली पांच जोड़ों ट्रेनों को रेलवे ने रद्द (Cancelled Train in MP) किया है, जबकि कई ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से संचालित किया जाएगा। ये ट्रेनें रहेंगी रद्द – ट्रेन क्रमांक 11901-11902 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आगरा कैंट एक्सप्रेस 25 नवंबर से लेकर नौ जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 11903-11904 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-इटावा एक्सप्रेस 25 नवंबर से नौ जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 05073-05074 बेंगलुरु सिटी-लालकुआं साप्ताहिक ट्रेन को 29 नवंबर से छह जनवरी तक रद्द किया गया है। – ट्रेन क्रमांक 07363-07364 योगनगरी ऋषिकेश-हुबली साप्ताहिक ट्रेन 27 नवंबबर से पांच जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 06597-06598 योगनगरी ऋषिकेश-यशवंतपुर को 27 नवंबर से एक जनवरी तक रद्द किया गया है। परिवर्तित मार्ग से चलेंगी ये ट्रेनें – ट्रेन क्रमांक 22456 कालका-साईनगर शिरडी एक्सप्रेस को 27 नवंबर से चार जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना होकर चलाया जाएगा। – ट्रेन क्रमांक 16318 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-कन्याकुमारी एक्सप्रेस 24 नवंबर से पांच जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 20494 चंडीगढ़-मदुरै एक्सप्रेस 28 नवंबर से पांच जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 16032 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-चेन्नई सेंट्रल 25 नवंबर से छह जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 16788 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-तिरुनेलवेली एक्सप्रेस 27 नवंबर से एक जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 14314 बरेली-लोकमान्य तिलक टर्मिनस 29 नवंबर से तीन जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – इसी प्रकार ट्रेन क्रमांक 14320 बरेली-इंदौर एक्सप्रेस 26 नवंबर से सात जनवरी तक तक अपने बदले हुए मार्ग ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 12162 आगरा कैंट-एलटीटी लश्कर एक्सप्रेस 29 नवंबर से तीन जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 22706 जम्मूतवी-तिरुपति 28 नवंबर से दो जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 12752 जम्मूतवी-नांदेड़ 30 नवंबर से चार जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 22408 हजरत निजामुद्दीन-अंबिकापुर एक्सप्रेस 25 नवंबर से छह जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 11078 जम्मूतवी-पुणे झेलम एक्सप्रेस 24 नवंबर से सात जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 09466 दरभंगा-अहमदाबाद एक्सप्रेस एक दिसंबर से पांच जनवरी तक बदले हुए मार्ग कानपुर से इटावा-ग्वालियर-गुना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 09465 अहमदाबाद-दरभंगा एक्सप्रेस 28 नवंबर से दो जनवरी तक कानपुर-इटावा-ग्वालियर-गुना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 11123 ग्वालियर-बरौनी मेल 25 नवंबर से आठ जनवरी तक ग्वालियर से इटावा होते हुए कानपुर तक जाएगी। – ट्रेन क्रमांक 11124 बरौनी-ग्वालियर मेल 24 नवंबर से सात जनवरी तक कानपुर-इटावा होते हुए ग्वालियर आएगी। – ट्रेन क्रमांक 04137 ग्वालियर-बरौनी एक्सप्रेस 26 नवंबर से सात जनवरी तक ग्वालियर-इटावा होते हुए गोविंदपुरी जाएगी। – ट्रेन क्रमांक 04138 बरौनी-ग्वालियर 24 नवंबर से पांच जनवरी तक ग्वालियर-इटावा होते हुए गोविंदपुरी के बीच संचालित होगी। इन ट्रेनों के बदले स्टेशन – ट्रेन क्रमांक 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी 26 नवंबर से नौ जनवरी तक आगरा कैंट से शुरू होगी। – ट्रेन क्रमांक 19666 उदयपुर-खजुराहो इंटरसिटी 24 नवंबर से सात जनवरी तक आगरा कैंट तक संचालित की जाएगी। – ट्रेन क्रमांक 12279-12280 ताज एक्सप्रेस 25 नवंबर से आठ जनवरी तक ग्वालियर से दिल्ली के बीच संचालित की जाएगी। देरी से चलेंगी ये ट्रेनें – ट्रेन क्रमांक 22196 बांद्रा टर्मिनस-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी मंगलवार और बुधवार को 25 नवंबर से एक जनवरी 2026 तक उत्तर मध्य रेलवे पर 90 मिनट विलंब से चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 02200 बांद्रा टर्मिनस-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी शनिवार को 29 नवंबर से तीन जनवरी 2026 तक उत्तर मध्य रेलवे पर 90 मिनट देरी से जाएगी।

जबलपुर-रायपुर के बीच सफर होगा आसान, बनेगी 150 KM लंबी फोरलेन सड़क

जबलपुर  जबलपुर से रायपुर की सड़क की दशा जल्द बदलेगी। इस सड़क के कुछ हिस्से पर वाहन चालक चलने से घबराते हैं। इस सड़क को अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण फोरलेन बनाने जा रहा है। सड़क की न सिर्फ चौड़ाई बढ़ेगी बल्कि नए तरह से निर्माण किया जाएगा। जबलपुर से चिल्पी तक करीब 150 किलोमीटर के हिस्से का निर्माण एनएचएआइ करेगा। इस मार्ग के निर्माण में 4500 करोड़ का व्यय होगा। फिलहाल सडक निर्माण के लिए कंसल्टेंसी नियुक्त करने का प्रयास हो रहा है ताकि इसकी डिटेल प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जा सके। सब कुछ ठीक रहा तो यह सड़क जो अभी एमपी रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) के पास है, इसे वापस एनएचएआइ सड़क का हस्तातंरण करेगा। वन्य जीवों के लिए सुरक्षित मार्ग जबलपुर से चिल्पी के बीच मंडला क्षेत्र में आने वाला कान्हा नेशनल पार्क का कोर एरिया आता है। जहां वन्यजीवों की घनी आबादी विचरण करती है। ऐसे में एनएचएआई मार्ग में जगह-जगह अंडरपास और ओवर ब्रिज का निर्माण करेंगा ताकि वाहन निकलने से वन्य जीवों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। कई जगह साउंड प्रूफ उपकरण भी लगाए जाएंगे जिससे बंदरों और अन्य जीवों को वाहनों की आवाजाही खलल न पैदा करें। बता दें करीब 25 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर की लागत आ रही है। फोरलेन बनने से बढ़ेगी रफ्तार फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग 30 जबलपुर से रायपुर के बीच दो लेन है। इस वजह से वाहनों की आवाजाही में थोड़ी परेशानी होती है। मौसम खराब होने पर वाहनों की लंबी कतार सड़क पर लग जाती है। आवागमन भी बाधित होता है। यहां कुछ जगह लैंड स्लाइडिंग की भी समस्या बनी हुई है इसके लिए लगातार एमपीआरडीसी को शिकायत होती है लेकिन वहां से कोई भी राहत नहीं मिल पा रही है।  एमपीआरडीसी द्वारा इस सड़क का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से कराया जा रहा था। वर्षों से यह सड़क बेहद खराब स्थिति में है जिससे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब इस सड़क को सरकार फोरलेन में तब्दील होगी तो बड़े स्तर पर राहत मिलने की संभावना है। इस सड़क के लिए गडकरी ने मांगी थी माफी जबलपुर मंडला की यह वही सड़क है जिसके लिए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को सड़क की खराब गुणवत्ता के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी थी। गडकरी 2022 में मध्य प्रदेश दौरे पर आए थे। तब उन्होंने मध्य प्रदेश को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे की इस बदहाल सड़क को देखा। उन्होंने शर्मिंदगी महसूस की। सड़क की स्थिति को देखते हुए मंच से ही माफी मांगी थी। इस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने ये बयान सात नवंबर 2022 को मध्य प्रदेश के मंडला में दिया था। गडकरी ने जबलपुर से मंडला के बीच नेशनल हाईवे के टेंडर रद्द कर सड़क के इस हिस्से को फिर से बनवाने के निर्देश दिए थे। बाद में इस मार्ग को सुधारने के लिए 53 करोड़ रुपये की लागत से सुधार का काम हुआ था। 2015 में शुरू हुआ था निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 251 करोड़ की लागत से जबलपुर से मंडला के बीच इस राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन को निर्माण एजेंसी बनाया था। तीन फेस में बनने वाली इस सड़क का काम साल 2015 में शुरू हुआ था, जिसे दिसंबर 2016 तक पूरा हो जाना था। लेकिन, अब तक हाईवे का निर्माण अधूरा है और जहां हाईवे बना वो घटिया निर्माण से टूट-फूट का शिकार है। एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जबलपुर से चिल्पी के बीच करीब 150 किमी की सड़क को फोरलेन बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए कंसल्टेंसी की तलाश हो रही है। हम जल्द डीपीआर बनाकर केंद्र को भेजेंगे यदि मंजूरी मिली तो एमपीआरडीसी से यह सड़क लेकर एनएचएआई निर्माण कराएंगा।

दिव्यांग छात्रों के समग्र शिक्षा में शामिल होने के लिए 3.90 करोड़ की सहायता, मुख्य धारा से जोड़ेगी मदद

दिव्यांग विद्यार्थियों को मुख्य धारा से जोड़ने मे मिलेगी मदद भोपाल  प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग विद्यार्थियों को स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित समग्र शिक्षा अभियान में समाजसेवी योजना के तहत 3 करोड़ 90 लाख रूपये की भत्ता राशि जारी की गई है। भत्ते राशि में दिव्यांग विद्यार्थियों को परिवहन, मार्ग, वाचक और ब्रैल स्टेशनरी भत्ता उनके बैंक खातों में जारी किये गये है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इसके अलावा दिव्यांग बालिकाओं को प्रोत्साहन स्वरूप 2000 रूपये की राशि गर्ल्स स्टायपेंड के रूप में दी गई है। दिव्यांग विद्यार्थियों को सुविधा भत्ता दिये जाने का मकसद उन्हें शिक्षा प्राप्त करने में सहूलियत प्रदान करना है। दिव्यांग भत्ता उन्हीं विद्यार्थियों को जारी किया जाता है, जिनकी न्यूनतम दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो। इसके लिये उन्हें दिव्यांगता का प्रमाण पत्र मेडिकल बोर्ड द्वारा लेना आवश्यक होता है। दिव्यांग विद्यार्थियों को परिवहन और मार्ग रक्षण भत्ता 3-3 हजार रूपये, दृष्टिवाधित विद्यार्थियों के लिये वाचक भत्ता 2500, ब्रैल स्टेशनरी मटेरियल 2000 और दिव्यांग बालिकाओं के लिये गर्ल्स स्टायपेंड 2000 रूपये प्रतिवर्ष की दर से जारी किये जाने का प्रावधान है। वर्ष 2025 में कक्षा 9 से 12 तक के 7 हजार 983 दिव्यांग विद्यार्थियों को 3 करोड़ 90 लाख रूपये से अधिक की राशि शिक्षा पोर्टल 2.0 के माध्यम से सिंगल क्लिक द्वारा सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की गई है। इसके साथ ही करीब 2000 विद्यार्थियों को सुविधा भत्ता की राशि जल्द ही जारी की जा रही है। इस योजना के माध्यम से दिव्यांग विद्यार्थियों का शिक्षा के क्षेत्र में समग्र विकास सुनिश्चित करना और उन्हें आत्म-निर्भर बनाकर मुख्य धारा से जोड़ना है।  

अब ट्रांसपोर्ट से जुड़ी सेवाएं बिना लाइन के: 51 फेसलेस सुविधाएं, प्रदूषण जांच के लिए 600 केंद्र उपलब्ध

भोपाल  परिवहन विभाग में नागरिकों को ऑनलाईन सुविधा देने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। विभाग द्वारा वर्तमान में 51 प्रकार की फेसलेस सुविधा प्रदान की जा रही है। इस तरह की सुविधा देने वाला मध्यप्रदेश देश में दूसरा राज्य है। नागरिकों द्वारा ऑनलाइन सुविधा लेने के लिये अपलोड किये गये दस्तावेजों में कमी होने पर विभाग द्वारा आवेदक को एसएमएस के माध्यम से सूचित भी किया जा रहा है। इस सुविधा से नागरिक किसी प्रकार की कमी होने पर दस्तावेज को पुन: अपलोड कर पा रहे है। विभाग ने जिलेवार परिवहन कार्यों की समीक्षा के लिये एमआईएस कंसोल का उपयोग शुरू किया है। प्रदेश में चलने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण नियंत्रण के लिये उन्नत पीयूसीसी 2.0 प्रणाली शुरू की है। इस समय प्रदेश में 600 से ज्यादा प्रमाणिक परीक्षण केन्द्र संचालित किये जा रहे है। सभी केन्द्रों को वाहन पोर्टल के पीयूसीसी संस्करण 2.0 के साथ एकीकृत किया गया है। इस सुविधा से नागरिकों को पीयूसी प्रमाण पत्र रियल टाईम पर सिस्टम द्वारा जारी किया जा रहा है। प्रदेश में वाहन परमिट समस्या समाधान के लिये क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण का पुनर्गठन कर संभागीय आयुक्तों को परमिट जारी करने का अधिकार दिया गया है। प्रदेश में 2700 से अधिक स्थाई परमिट होने से अस्थाई परमिट पर निर्भरता कम हुई है। इस व्यवस्था से आरटीओ एवं प्रवर्तन के काम में कमी आई है। पारदर्शिता के उपाय परिवहन विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में ट्रांसपेरेंसी लाने के लिये डिजिटल पेमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। प्रवर्तन के दौरान पीओएस मशीन के माध्यम से पारदर्शी चालान जारी कर समय पर राजस्व लेखा संधारित किया जा रहा है। प्रवर्तन कर्मचारियों की निगरानी के लिये विभाग द्वारा एप विकसित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं सुलभ तरीके से नागरिकों को उपलब्ध करवाने के लिये एमपी ऑनलाइन को अधिकृत किया गया है।  

अक्षय कुमार की दो टूक: ईमानदारी से कमाया, इसलिए टैक्स देना गर्व की बात

मुंबई  अक्षय कुमार इंडस्ट्री के उन एक्टर्स में से एक हैं जो एक साल में कई सारी फिल्में करने के लिए मशहूर हैं. जिसमें से उनकी कई फिल्में सुपरहिट, तो कुछ फिल्में फ्लॉप भी होती हैं. अक्षय इंडस्ट्री के सबसे ज्यादा कमाई करने और टैक्स भरने वाले एक्टर्स में से भी हैं. ऐसे में कई बार एक्टर के ऊपर पैसों की सोच रखने का भी आरोप लगता है. अक्षय पर लगा पैसों की सोच रखने का आरोप, क्या बोले एक्टर? हाल ही में अक्षय ने खुद अपनी कमाई पर बात करते हुए उन लोगों पर पलटवार किया है जो उनके ऊपर पैसों की सोच रखने का आरोप लगाते हैं. एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में एक्टर ने कहा, 'अगर पैसे कमाए हैं तो लूटकर नहीं कमाए. मैंने काम करके कमाए हैं. 8 साल से मैं सबसे ज्यादा टैक्स भरने वाला इंसान हूं. तो मैं सिर्फ पैसों की सोच रखने वाला नहीं हो सकता. पैसा जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा है, आपको ये सोचने की जरूरत है.' 'पैसा कमाता हूं, टैक्स देता हूं और उन पैसों से काफी सेवा भी करता हूं. ये मेरा धर्म है. बाकी चाहे कुछ भी कहे, मैं कुछ विश्वास नहीं करता. अगर आपको रिबन काटने से पैसे मिलते हैं तो क्या दिक्कत है? वो पैसे देने को तैयार है? जबतक आप किसी से चोरी नहीं कर रहे, जबतक आप किसी को लूट नहीं रहे हो, जबतक आप मेहनत कर रहे हैं, तबतक कोई दिक्कत नहीं है. मुझे नहीं फर्क पड़ता अगर कोई मुझे पैसों की सोच रखने वाला इंसान कहे.' 'जॉली एलएलबी 3' दिखा रही कमाल, क्या हैं अक्षय के आने वाले प्रोजेक्ट्स? अक्षय इन दिनों अपनी लेटेस्ट रिलीज फिल्म 'जॉली एलएलबी 3' को लेकर भी सुर्खियों में बने हुए हैं. उनकी और अरशद वारसी की फिल्म ने रिलीज के बाद पहले वीकेंड करीब 50 करोड़ की कमाई कर डाली है. फिल्म को हर तरफ से पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिल रहा है. ऐसे में अगर 'जॉली एलएलबी 3' इसी रफ्तार से आगे बढ़ती रही, तो ये पहले हफ्ते में ही 100 करोड़ का आंकड़ा छू लेगी. हालांकि अभी ये कहना जल्दबाजी होगी. बता दें कि 'जॉली एलएलबी 3' में अक्षय-अरशद के अलावा सौरभ शुक्ला, अमृता राव, हुमा कुरैशी, गजराज राव, राम कपूर और सीमा बिस्वास जैसे एक्टर्स भी फिल्म का हिस्सा हैं. उनकी फिल्म सुभाष कपूर ने डायरेक्ट की है. ये 19 सितंबर के दिन थिएटर्स में रिलीज हुई थी.

बगावत खत्म! गुरुग्राम के 7 पार्षद BJP में शामिल, जिलाध्यक्ष को किया दरकिनार

गुरुग्राम  गुरुग्राम में पूर्व डिप्टी मेयर परमिंद्र कटारिया समेत सात पार्षदों को BJP जॉइन करा राव इंद्रजीत ने विरोधियों को पटकनी दी है। गुरुग्राम में नगर निगम चुनाव में भाजपा से बागी होकर जीतने वाले 7 पार्षदों ने फिर से बीजेपी का दामन थाम लिया है। इनमें से पांच पार्षद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के कट्‌टर समर्थक माने जाते हैं। चंडीगढ़ में कबीर कुटीर में आयोजित एक कार्यक्रम में हुई वापसी।  इस घटना ने गुरुग्राम नगर निगम की सियासत में नए समीकरण बनाए हैं और राव इंद्रजीत की स्थिति को और मजबूत किया है। वापसी करने वाले पार्षदों में वार्ड 35 से परमिंद्र कटारिया, प्रदीप परम, वार्ड 10 से महावीर यादव, दिनेश दहिया, अवनीश राघव, पार्षद प्रतिनिधि प्रशांत भारद्वाज और गगनदीप किरोड़ के नाम शामिल हैं। इनमें से भाजपा ने परमिंद्र कटारिया, महावीर यादव, दिनेश दहिया, अवनीश राघव और गगनदीप किरोड़ को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते छह साल के लिए निष्कासित कर रखा था। निष्कासन को दरकिनार कर अब इन्हें वापस पार्टी में शामिल कर लिया गया है। जिलाध्यक्ष को खबर नहीं चौंकाने वाली बात ये है कि जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी को कानोंकान खबर नहीं चली और रविवार शाम को चंडीगढ़ में ज्वाइन करने के बाद सोमवार सुबह उन्हें इस बारे में पता चला। उन्होंने स्वीकार किया कि मुझे नहीं पता कि कब पार्टी ज्वाइन करने चंडीगढ़ पहुंचे। इस बारे में उनसे कोई चर्चा भी नहीं हुई। यह जिलाध्यक्ष के लिए भी एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित थे परमिंद्र कटारिया पहले डिप्टी मेयर रह चुके हैं, उनकी ज्वाइनिंग को लेकर चर्चा ज्यादा हैं। कटारिया को राव इंद्रजीत भाजपा से टिकट नहीं दिला पाए थे, जिसके चलते उन्होंने बागी होकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। निगम चुनाव के वक्त कटारिया को पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित भी कर दिया था। अब राव इंद्रजीत की बढ़ती राजनीतिक ताकत को देखते हुए इन पार्षदों को गुपचुप तरीके से फिर भाजपा की सदस्यता ग्रहण करवाई गई है। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर कब्जे की रणनीति भाजपा के राजनीतिक सूत्रों के अनुसार यह वापसी गुरुग्राम नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों पर कब्जा करने की रणनीति का हिस्सा है। इन पदों के लिए लॉबिंग जोरों पर है, और राव इंद्रजीत के खेमे की यह रणनीति उनके प्रभाव को और बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। अब राव नरबीर खेमा सक्रिय हुआ वहीं सात पार्षदों की भाजपा में ज्वाइनिंग के बाद कैबिनेट मंत्री राव नरबीर खेमा भी सक्रिय हो गया है। इस बीच राव इंद्रजीत की बढ़ती ताकत को देखकर राव नरबीर सिंह का खेमा भी सक्रिय हो गया है। आज एक गुप्त बैठक बुलाई गई है, जिसमें नरबीर खेमा भी अपनी रणनीति तैयार करेगा। ताकि नगर निगम में अपनी स्थिति को मजबूत किया जा सके। यह राजनीतिक उलटफेर गुरुग्राम की सियासत में दोनों खेमों के बीच एक नया टकराव पैदा कर सकता है। कभी पार्टी से दूर नहीं गए: कटारिया इस बारे में जब पूर्व डिप्टी मेयर और निर्दलीय पार्षद परमिंदर कटारिया से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे 32 साल से भाजपा से जुड़े हैं और 80 फीसदी कार्यकर्ताओं में सबसे ज्यादा एक्सपीरियंस हैं। मैंने कभी पार्टी के खिलाफ कुछ नहीं किया। जब मैंने अपने वार्ड के लोगों की भावनाओं का सम्मान किया तो उन्होंने मुझे पूरे हरियाणा में सबसे ज्यादा वोटों से जिताया। उन्होंने कहा कि वे पहले भी पार्टी के साथ थे और आज भी पूरे दिल से पार्टी से जुड़े हुए हैं। वे भाजपा से दूर नहीं गए। यहां से वे 4464 वोटों से जीते हैं, जो कि पूरे प्रदेश में पार्षदों में सबसे ज्यादा अंतर है। जिले में 58 कार्यकर्ता हुए थे निष्कासित नगर निगम गुरुग्राम-वार्ड एक से साहब राम (लीलू सरपंच), इंद्रजीत यादव, वार्ड-2 से रिम्पल यादव, पूर्व मेयर विमल यादव, वार्ड-3 से राकेश यादव, राहुल यादव, वार्ड-7 से संदीप मेहलावत, नवीन दहिया व दिनेश दहिया हैं। वार्ड-8 से दीपक कटारिया, पूर्व पार्षद लखपत कटारिया व पूर्व पार्षद संजय प्रधान, वार्ड-9 से अवनीश राघव खांडसा जिला सचिव, वार्ड-10 से महावीर यादव, वार्ड-11 से अजय नंबरदार, वार्ड-12 से गगनदीप किल्होड़ व रूचि किल्होड़ है। वार्ड-13 से श्रेयस जैन व अश्विनी शर्मा, वार्ड-14 से प्रमोद यादव व सचिन तंवर, वार्ड-15 राकेश यादव फाजिलपुर, प्रवीण लता व नीरज यादव (मंडल उपाध्यक्ष) शामिल हैं। जबकि, वार्ड-17 से प्रेम गैराठी, वार्ड-19 बीनू चाहर महिला मोर्चा, वार्ड-20 से मंगल सिंह ग्वाल पहाड़ी, वार्ड-21 से पूर्व मंडल महामंत्री अशोक डबास, अशोक पहलवान, मीनाक्षी व रिंकू हैं। वार्ड-23 से पूर्व पार्षद रमा रानी राठी, कुनाल यादव, दीपक यादव व पंकज यादव। वार्ड-24 से सज्जन यादव, बरखा शर्मा व दीपक शर्मा। वार्ड-28 से महेश कुमार, वार्ड-32 से पूर्व मंडल अध्यक्ष धर्मेन्द्र बजाज व ज्योत्स्ना बजाज, वार्ड-34 से पूर्व पार्षद योगेन्द्र सारवान, वार्ड-35 से पूर्व डिप्टी मेयर परमिन्द्र कटारिया और वार्ड-36 से भगत कटारिया का नाम शामिल है। मानेसर नगर निगम- वार्ड एक से राघव सैनी, वार्ड-दो से स्नेहलता व नरेन्द्र चौहान, वार्ड-6 से अजित यादव मंडल सचिव व जयपाल यादव जिला कार्यकारिणी, वार्ड-7 से अजित प्रजापति, विक्रम प्रजापति व जसबीर धनकड़, वार्ड-12 से प्रवीण यादव मानेसर आपदा प्रबंधक प्रदेश कार्यकारिणी, वार्ड-15 से हरी सिंह नखडोला एससी मोर्चा पूर्व अध्यक्ष व पिंकी नखडोला, वार्ड-16 प्रवीण नौरंगपुर उपाध्यक्ष मानेसर मंडल और वार्ड-17 दयाराम चेयरमैन एसी मोर्चा जिला उपाध्यक्ष है। पटौदी- जिला कार्यकारिणी सदस्य सुनील दोचानिया का नाम भी निष्कासित कार्यकर्ताओं की सूची में शामिल था।

शादी का वादा और सहमति से संबंध पर FIR नहीं टिकेगी, हाई कोर्ट ने युवक पर केस किया रद्द

 चडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम आदेश में यह स्पष्ट कर दिया कि दो वयस्कों के बीच सहमति से बने शारीरिक संबंध को केवल इस कारण दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता कि अंततः विवाह नहीं हो पाया। अदालत ने हरियाणा के एक युवक के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के मामले में एफआईआर रद्द कर दी। जस्टिस कीर्ति सिंह की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि यदि किसी महिला की सहमति विवाह के झूठे वादे पर ली गई थी यह साबित करना है तो यह दिखाना आवश्यक है कि आरोपी की शुरू से ही शादी करने की कोई मंशा नहीं थी और उसने केवल शारीरिक इच्छाओं की पूर्ति के लिए झूठा वादा किया। मामले में शिकायतकर्ता महिला और युवक की सगाई हो चुकी थी। दोनों लंबे समय तक रिश्ते में रहे और रोका समारोह भी संपन्न हुआ था। यहां तक कि नवंबर 2024 की शादी की तारीख भी तय कर दी गई थी। लेकिन बाद में दोनों परिवारों में मतभेद उभर आए और विवाह नहीं हो सका। इसके बाद युवती ने युवक पर दुष्कर्म का मामला दर्ज करा दिया।  हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि दोनों ही शिक्षित और परिपक्व वयस्क थे और शुरू से ही संबंध सहमति से बने थे। यह भी सामने आया कि विवाह न होने का कारण केवल दोनों परिवारों के बीच उत्पन्न मतभेद थे। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए दोहराया कि केवल विवाह का वादा पूरा न होने से दुष्कर्म का मामला नहीं बनता, जब तक यह साबित न हो कि आरोपी की नीयत शुरू से ही धोखाधड़ी करने की थी।  कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह मामला इस बात का उदाहरण है जब एक सहमति आधारित संबंध, अपेक्षा अनुसार विवाह में परिणत न होने पर आपसी रंजिश का शिकार बन गया और उसे आपराधिक रंग दे दिया गया। ऐसा दुरुपयोग न्यायालयों द्वारा बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस आधार पर अदालत ने आरोपी के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी। 

जैकलीन को SC से बड़ा झटका, याचिका नहीं हुई मंज़ूर

  नई दिल्ली बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर विचार करने से साफ इनकार कर दिया जिसमें उन्होंने 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस में दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट यानी ईसीआईआर को रद्द करने की मांग की थी। यह मामला कथित ठग सुकैश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जो पहले ही कई धोखाधड़ी के मामलों में जेल में बंद है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी जस्टिस दिपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने जैकलीन फर्नांडिस की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी की दलीलें सुनने के बाद कहा कि 'हम इस स्तर पर हस्तक्षेप नहीं करेंगे।' इसके साथ ही अदालत ने साफ कर दिया कि 3 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को ही बरकरार रखा जाएगा। इसमें जैकलीन की ईसीआईआर रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया गया था। मामला क्या है? यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब दिल्ली पुलिस ने सुकैश चंद्रशेखर के खिलाफ मामला दर्ज किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने फार्मा कंपनी रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर्स शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपये की ठगी की। इसी आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की और एक ईसीआईआर दर्ज किया। जांच में जैकलीन फर्नांडिस का नाम भी सामने आया। ईडी का आरोप है कि सुकैश ने जैकलीन फर्नांडिस को महंगे तोहफे दिए और उनके संपर्क में रहे। इसी कारण एक्ट्रेस को इस केस में आरोपी बनाया गया। जैकलीन कई बार ईडी के दफ्तर में पूछताछ के लिए पेश भी हो चुकी हैं। याचिका क्यों दाखिल की गई थी? जैकलीन की ओर से दाखिल याचिका में यह दलील दी गई थी कि ईडी द्वारा दर्ज किया गया ईसीआईआर कानूनन टिकाऊ नहीं है और इसमें उन्हें बेवजह फंसाया गया है। उनका कहना था कि उनके खिलाफ दर्ज मामला कमजोर है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई में उनकी याचिका को ठुकरा दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब आगे का रास्ता क्या? सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अब उन्हें ट्रायल का सामना करना होगा और ईडी द्वारा जुटाए गए सबूतों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ेगी। हालांकि, कानूनी जानकारों का कहना है कि अभी भी जैकलीन फर्नांडिस के पास आगे अपील और जमानत जैसे विकल्प खुले हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी पहल, रायपुर की दो सिंचाई योजनाओं के लिए 8.48 करोड़ मंजूर

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बेमेतरा जिले की दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों में 8 करोड 48 लाख 10 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। स्वीकृत कार्यो में विकासखण्ड-बेरला की बांरगांव नाला व्यपवर्तन शीर्ष एवं नहर के जीर्णोद्धार और लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 23 लाख 84 हजार स्वीकृत किये गये है। योजना के कार्यों को पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 200 हेक्टेयर विरूद्ध 200 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। बेरला-विकासखण्ड में ही बेरला के हस्दा नाला में उफरा(उभरा) स्टाप डेम कम रपटा निर्माण कार्य हेतु 4 करोड़ 24 लाख 26 हजार रुपयें स्वीकृत किये गये है। योजना से निस्तारी भू-जल संवर्धन, पेयजल आवा-गमन एवं किसानों द्वारा स्वयं के साधन से 46 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा प्रस्तावित है।  जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजनाओं के कार्यों को पूर्ण कराने मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।