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कार्डियोलॉजी विभाग ने हृदय के 100% ब्लॉकेज पर दर्ज की जीत, एसीआई में मरीज की सफल एंजियोप्लास्टी

  रायपुर पं. जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) अब न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए भी जीवनदाता बनता जा रहा है। हाल ही में एसीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में मध्यप्रदेश निवासी 60 वर्षीय मरीज के हृदय की 100% ब्लॉक हो चुकी चार नसों की सफल एंजियोप्लास्टी की गई। मरीज के परिजनों के अनुसार, मरीज लंबे समय से दवाओं के सहारे जीवन जी रहे थे। मध्यप्रदेश के कई बड़े अस्पतालों ने एंजियोप्लास्टी करने से मना कर दिया था। इस बीच उनके एक करीबी रिश्तेदार से पता चला कि एसीआई में कुछ वर्ष पूर्व एक मरीज के जटिल हृदय रोग का सफल उपचार किया गया है। इसी भरोसे के साथ वे रायपुर पहुँचे। स्वयं मरीज अपना अनुभव बताते हुए कहते हैं कि जब कई बड़े अस्पतालों के डॉक्टरों ने कह दिया था कि उनके यहाँ इलाज संभव नहीं है तो एसीआई बड़ी उम्मीद लेकर आया था। डॉक्टर से हमने कह भी दिया था कि जितना भी रिस्क हो, आप इलाज़ की तैयारी कीजिये, मैं उसके लिए मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हूँ। अंततः यहाँ के डॉक्टरों ने मुझे नया जीवनदान दिया।  कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित वास्तव के नेतृत्व में हुई इस प्रक्रिया में राइट फीमोरल एंजियोप्लास्टी के जरिए मरीज की ब्लॉक नसों को खोला गया। फिलहाल मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं और जल्द ही उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। डॉ. वास्तव ने बताया कि पाँच वर्ष पूर्व भी मध्यप्रदेश से आए एक मरीज की सफल लेजर एंजियोप्लास्टी की गई थी। इस बार भी कठोर ब्लॉकेज को देखते हुए लेजर की तैयारी की गई थी, किंतु सौभाग्य से सामान्य एंजियोप्लास्टी से ही सफल परिणाम मिल गये। डीन डॉ. विवेक चौधरी ने मरीज की स्थिति को देखते हुए विभाग को अतिशीघ्र एंजियोप्लास्टी करने के निर्देश दिये।

वैवाहिक झगड़ों में बच्चे को हथियार बनाने पर हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी

नई दिल्ली  दिल्ली हाईकोर्ट ने तलाक के एक मामले की सुनवाई करते हुए अपने एक अहम फैसले में कहा है कि वैवाहिक विवाद में नाबालिग बच्चे को हथियार के रूप में इस्तेमाल करना गलत है। हाईकोर्ट ने यह माना है कि पति या पत्नी द्वारा नाबालिग बच्चे को जानबूझकर दूसरे माता-पिता से अलग करने की कोशिश न सिर्फ मनोवैज्ञानिक क्रूरता है, बल्कि यह तलाक का वैध आधार हो सकता है। हाईकोर्ट ने यह फैसला एक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया, जिसने सितंबर 2021 में एक फैमिली कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें क्रूरता के आधार पर विवाह को भंग कर दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की बेंच ने 19 सितंबर को दिए अपने आदेश में कहा कि वैवाहिक विवादों में बच्चे को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने से न केवल दूसरे माता-पिता को नुकसान पहुंचता है, बल्कि बच्चे के भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डालता है और इससे पारिवारिक सद्भाव की नींव कमजोर होती है। इस जोड़े की शादी मार्च 1990 में हुई थी, जिससे उनका एक बेटा हुआ और पत्नी ने 2008 से साथ रहने से इनकार कर दिया। इसके चलते पति ने 2009 में तलाक के लिए अर्जी दी थी। सितंबर 2021 में निचली अदालत ने उस व्यक्ति को तलाक दे दिया, जिसके खिलाफ महिला ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। महिला का दाव- पति यौन संबंध बनाने को तैयार नहीं था महिला ने अपनी याचिका में कहा कि उसने अपने पति से नाता नहीं तोड़ा, बल्कि तलाक की अर्जी दायर करने के बाद भी अपने बेटे के साथ ससुराल में ही रहती रही। उसने आगे कहा कि उसका पति यौन संबंध बनाने को तैयार नहीं था और उसके ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की थी। वहीं, इसके महिला के पति ने अपनी याचिका में मौजूदा मुलाकात आदेशों के बावजूद अपने बेटे से संपर्क बनाए रखने की अपनी नाकाम कोशिशों का जिक्र किया। उसने दावा किया कि उसने चार-पांच बार अपने बच्चे से मिलने की कोशिश की, लेकिन बच्चे ने उससे बात करने से इनकार कर दिया। आखिरकार उसने यह मुलाकातें बंद कर दीं। पति ने आगे दावा किया कि तलाक की अर्जी दायर करने के बाद महिला ने उसके और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कई आपराधिक शिकायतें दर्ज कराईं। मनोवैज्ञानिक क्रूरता का एक गंभीर रूप जस्टिस शंकर द्वारा लिखित फैसले में हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा, ''नाबालिग बच्चे को प्रतिवादी से जानबूझकर अलग-थलग करना मनोवैज्ञानिक क्रूरता का एक गंभीर रूप है। वैवाहिक विवाद में बच्चे को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने से न केवल प्रभावित माता-पिता को चोट पहुंचती है, बल्कि बच्चे की भावनात्मक स्वास्थ्य भी नष्ट हो जाता है और पारिवारिक सौहार्द की जड़ पर आघात पहुंचता है।'' हाईकोर्ट ने अपने 29 पन्नों के फैसले में यह भी माना कि वैवाहिक यौन संबंध से लगातार वंचित रखना क्रूरता की पराकाष्ठा है। कोर्ट ने कहा, "यह सर्वविदित है कि यौन संबंध और वैवाहिक कर्तव्यों का निर्वहन शादी का आधार है, उनके लिए लगातार इनकार करना न केवल वैवाहिक जीवन के बिखराव को दर्शाता है, बल्कि क्रूरता का भी प्रतीक है जिसके लिए न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है।"  

सेहत का तोहफा! पंजाब में अब 10 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य की योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के कैशलेस चिकित्सा उपचार के लिए पंजीकरण 23 सितंबर से तरनतारन और बरनाला में शुरू होगा। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का उद्देश्य पंजाब के सभी परिवारों को स्वास्थ्य लाभ देना है। मान ने यहां एक प्रेस वार्ता में कहा, "हमारी प्राथमिकताएं स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचा है। तीन साल में हमने 881 आम आदमी क्लीनिक खोले हैं, जिनकी संख्या आने वाले समय में बढ़कर 1,000 हो जाएगी।" उन्होंने कहा कि इन क्लिनिकों में अब तक 1.80 करोड़ लोगों ने स्वास्थ्य जांच और उपचार कराया है। मान ने कुछ सप्ताह पहले राज्य के निवासियों के लिए 10 लाख रुपये का 'सेहत बीमा' देने की घोषणा की थी। बीमा योजना के लिए पंजीकरण हेतु तरनतारन में 128 स्थानों तथा बरनाला में भी कई स्थानों पर शिविर लगाए जाएंगे। मान ने कहा, "हमने प्रक्रिया सरल रखी है। लोग केवल आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज लेकर पंजीकरण के लिए आएं।" मान ने बताया कि दोनों जिलों में पंजीकरण 10-12 दिनों में पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर यह कैंप अन्य जिलों में भी विस्तारित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को 10 जुलाई को कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। योजना के तहत राज्य के सभी 65 लाख परिवारों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 10 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा।

भाजपा की डबल स्ट्रेटजी: दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना से राज्यों में संदेश की लहर

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना अब महज एक वेलफेयर स्कीम भर नहीं रह गई है, बल्कि भाजपा की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी जल्द दिल्ली जाएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर इस योजना की पहली किस्त उनके हाथों से दिलाने का अनुरोध करेंगे। भाजपा की मंशा साफ है- इस योजना को हरियाणा तक सीमित न रखकर बिहार और पंजाब जैसे चुनावी राज्यों में भी संदेश पहुंचाना। 25 सितंबर को पंचकूला में राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सैनी लाडो लक्ष्मी योजना का रजिस्ट्रेशन ऐप लॉन्च करेंगे। इस दिन सभी जिलों में मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के जरिए भी यही ऐप लॉन्च कराया जाएगा, ताकि इसे एक बड़े सामूहिक कार्यक्रम का रूप दिया जा सके। सरकार ने इस लॉन्च को लेकर इतनी गंभीरता दिखाई है कि 22 और 23 सितंबर की सार्वजनिक छुट्टियों के बावजूद समाज कल्याण, स्वास्थ्य और नागरिक संसाधन सूचना विभाग के अफसरों की ड्यूटी लगी रही। पोर्टल का काम पूरा हो चुका है और लॉन्चिंग से पहले हर स्तर पर इसकी टेस्टिंग करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के लिए यह योजना उनकी राजनीतिक साख से भी जुड़ी हुई है। भाजपा नेतृत्व उन्हें एक जनहितकारी और ठोस फैसले लेने वाले मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करना चाहता है। यही वजह है कि सैनी खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं कर रहे। जानकारों का मानना है कि अगर यह योजना बिना अड़चनों के लागू हो जाती है तो सैनी न सिर्फ राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय नेतृत्व की नजरों में भी भरोसेमंद चेहरे के रूप में उभरेंगे। 2024 विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने महिलाओं को 2100 रुपए प्रति माह देने का वादा किया था। बजट में इस मद के लिए 5000 करोड़ रुपए का प्रावधान भी कर दिया गया था। अब सरकार पहले ही साल योजना की शुरुआत कर जनता के बीच यह संदेश देना चाहती है कि भाजपा अपने वादों को निभाती है। माना जा रहा है कि यह कदम विपक्ष की उस आलोचना को कमजोर कर देगा जिसमें सरकार पर चुनावी घोषणाएं भूल जाने का आरोप लगाया जाता रहा है। हरियाणा की योजना, राष्ट्रीय रणनीति इस योजना के जरिए भाजपा एक डबल स्ट्रेटजी पर काम कर रही है। पहला, हरियाणा में महिला मतदाताओं को साधना। दूसरा, बिहार और पंजाब में चुनावी माहौल के बीच इसे मॉडल स्कीम की तरह प्रचारित करना। बिहार में चुनाव की घोषणा अक्तूबर में होने वाली है और भाजपा को उम्मीद है कि हरियाणा का उदाहरण वहां महिलाओं के बीच असर दिखाएगा। वहीं पंजाब में 2027 में चुनाव होने हैं, लेकिन भाजपा ने पहले से ही वहां प्रचार में इस योजना का हवाला देना शुरू कर दिया है। 21 लाख महिलाओं तक पहुंचेगा लाभ योजना के पहले फेज में राज्य की करीब 21 लाख महिलाओं को शामिल किया गया है। इनमें उन परिवारों की महिलाएं हैं जिनकी सालाना आय एक लाख रुपए से कम है। 23 से 45 साल की 2 लाख 82 हजार 635 अविवाहित महिलाएं हैं, जो इसमें कवर होंगी। इसी तरह 18 लाख 16 हजार 621 विवाहित लाभार्थी महिलाएं हैं, जिनकी उम्र 23 से 60 साल है। 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद वृद्धावस्था पेंशन का लाभ आटोमेटिक तरीके से मिलना शुरू हो जाएगा। सरकार का मानना है कि इस वर्ग को लाभ पहुंचाकर भाजपा सीधे महिला मतदाताओं की भावनाओं से जुड़ सकेगी। यही वजह है कि पहली किस्त पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह से दिलवाने की तैयारी की जा रही है, ताकि इसका राजनीतिक असर और गहरा हो।

जेल से रिहाई के बाद आजम खान का पहला कदम – चुपचाप बेटों संग लौटे रामपुर

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान 23 महीने बाद जेल से रिहा हो गए हैं। सफेद कुर्ता-पायजामा, काली जैकेट और आंखों पर काला चश्मा पहने आजम खान सीतापुर जेल से बाहर आए तो कार में बैठकर बेटों के साथ रामपुर रवाना हो गए। इस दौरान मीडिया ने उसने बात करने की काफी कोशिशें कीं लेकिन आजम खान ने किसी से बात नहीं की। यहां तक कि उन्होंने कार का शीशा तक नीचे नहीं किया। जेल से आजम खान की रिहाई पर खुशी जाहिर करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि आज उनके साथ न्याय हुआ है। उन्होंने आजम खान को समाजवादी पार्टी परिवार का वरिष्ठ सदस्य बताया और कहा कि सपा की सरकार बनते ही उन पर लगे सभी झूठे मुकदमे खत्म किए जाएंगे। उधर, आजम खान की रिहाई से कुछ समय पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव का भी बयान आया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें गलत सजाएं दी थीं। अदालत ने मुकदमों में राहत दी है। उन्होंने कहा कि अदालत के इस फैसले का हम स्वागत करते हैं। समाजवादी पार्टी पूरी तरह से उनकी मदद कर रही है। उधर, आजम खान की रिहाई के मौके पर उन्हें रिसीव करने के लिए मंगलवार की सुबह सीतापुर जेल पर सैकड़ों समर्थकों के साथ सपा की सांसद रुचि वीरा भी पहुंची थीं। सीतापुर जेल पर सुबह से मीडिया का भी जमावड़ा था। आजम खान की रिहाई मंगलवार की सुबह सात बजे होने की संभावना थी लेकिन चालान जमा नहीं होने के कारण इसमें थोड़ी देर हुई। आजम खान 12 बजे के आसपास जेल से रिहा हुए। जेल से बाहर आते वक्त आजम खान सफेद-कुर्ता पायजामा में थे। कुर्ते के ऊपर हमेशा की तरह आजम खान ने जैकेट पहन रखी थी। आंखों पर काला चश्मा भी था। मीडिया कर्मियों ने आजम खान से बात करने की काफी कोशिश की लेकिन आजम खान ने किसी से बात नहीं की। वह अपने बेटों (अब्दुल्ला आजम और अदीब आजम) के साथ रामपुर के लिए रवाना हो गए। रास्ते में आजम खान से बात होने की उम्मीद में कई मीडियाकर्मियों की गाड़ियां भी उनके काफिले के पीछे-पीछे चल रही हैं। रामपुर के रास्ते और रामपुर में भी जगह-जगह समर्थकों ने आजम खान के स्वागत की तैयारी की है।  

चुनाव आयोग पर घटते भरोसे का दावा, भाजपा-राहुल विवाद पर शरद पवार का हमला

मुंबई  राहुल गांधी बीते कई महीनों से वोटर लिस्ट में धांधली समेत कई आरोप चुनाव आयोग पर लगा रहे हैं। इस मामले में अकसर भाजपा जवाब देती नजर आती है। इसी को लेकर एनसीपी-एसपी के नेता शरद पवार ने कहा है कि इससे तो चुनाव आयोग पर भरोसा कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हैं तो भाजपा नेता नियमित रूप से प्रतिक्रिया देते हैं। इससे चुनाव आयोग पर 'अविश्वास' बढ़ता है। पवार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन सवालों पर आयोग की ओर से जवाब देने के बजाय भाजपा और उसके नेता प्रतिक्रिया देते हैं। उन्होंने कहा, 'लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जब संसद में यह मुद्दा उठाते हैं तो संबंधित संस्था को इसका संज्ञान लेना चाहिए था। लेकिन हो यह रहा है कि जब गांधी चुनाव आयोग की आलोचना करते हैं तो आयोग जवाब नहीं देता बल्कि भाजपा और उसके नेता प्रतिक्रिया देते हैं।' पवार ने आगे कहा कि चुनाव आयोग की बजाय मुख्यमंत्री और अन्य नेता ऐसे मुद्दों पर जवाब दे रहे हैं, जिससे आयोग के प्रति अविश्वास की भावना बढ़ रही है। ऐसा होना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। राहुल गांधी ने हाल ही में 'वोट चोरी' के मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग की आलोचना की थी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र को नष्ट करने वालों की रक्षा करने का आरोप लगाया था। गांधी ने कर्नाटक और महाराष्ट्र की दो विधानसभा सीटों के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया था कि वहां मतदाताओं के नाम धोखाधड़ी से हटाए या जोड़े गए हैं। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को गलत और निराधार बताया है और कहा है कि 'किसी भी आम नागरिक द्वारा ऑनलाइन वोट डिलीट नहीं किया जा सकता जैसा राहुल गांधी का दावा है।' आयोग ने स्पष्ट किया कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए केवल उसी बूथ के अन्य मतदाता फॉर्म 7 के जरिए आवेदन कर सकते हैं न कि कोई भी आम नागरिक। राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद विपक्षी दलों में एकजुटता देखी गई है, जिसमें शरद पवार और अन्य नेताओं ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में 'वोट चोरी' के उदाहरण दिए हैं।  

मिशन शक्ति: मत्स्य पालन में आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं मीरा सिंह, अपने साथ 10 अधिक लोगों को दे रही रोजगार

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में महिलाएं अब समाज और अर्थव्यवस्था की धुरी बन रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान ने महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का जो आधार दिया है, उसी का परिणाम है जौनपुर जिले की शाहगंज तहसील के सुइथाकला विकास खंड के ग्राम बुढ़ूपुर की मीरा सिंह की सफलता। कभी सीमित संसाधनों में जीवन यापन करने वाली मीरा सिंह ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में ऐसा मुकाम बनाया है, जो न केवल उनके परिवार की तकदीर बदल रहा है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है। मीरा सिंह ने योगी सरकार के मिशन शक्ति के तहत महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की अनूठी मिसाल पेश की है। 2020-21 में एक एकड़ जमीन से शुरू किए गए मत्स्य पालन को आज 25 एकड़ तक विस्तारित कर मीरा ने न केवल अपनी पहचान प्रगतिशील मत्स्य पालक के रूप में बनाई, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन की प्रेरणा भी दी।  योगी सरकार की अनुदान राशि और प्रशिक्षण बना वरदान मीरा सिंह का सफर साधारण ग्रामीण महिला से सशक्त उद्यमी तक का प्रेरणादायक किस्सा है। योगी सरकार की ‘नीली क्रांति’ और मिशन शक्ति की योजनाओं ने मीरा को 15 लाख रुपये के अनुदान और वैज्ञानिक प्रशिक्षण से सशक्त किया, जो आज 1400 कुंतल वार्षिक उत्पादन के साथ 10 से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। 2020 में, जब उन्होंने पति जैनेंद्र सिंह के साथ मत्स्य पालन शुरू किया, तो प्रति हेक्टेयर उत्पादन महज 20 कुंतल था। योगी सरकार की मत्स्य बीज हैचरी योजना ने उन्हें 15 लाख रुपये का अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन दिया।  मीरा सिंह कहती हैं कि पहले हमने एक एकड़ में प्रयोग किया। सरकार की मदद से सीखा कि वैज्ञानिक तरीके से कैसे उत्पादन बढ़ाया जाए। योगी सरकार ने हमें बीज, तकनीक और बाजार से जोड़ा। इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा। आज 25 एकड़ में 1400 कुंतल मछली पैदा होती है। इसमें 1250 कुंतल पंगेशियस, 60-60 कुंतल रोहू और भाकुर, 30 कुंतल मृगल शामिल है। वो कहती हैं कि हम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं। योगी सरकार की मदद से हम सुरक्षित और सम्मानित जीवन जी रहे हैं। मीरा की सफलता महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का प्रतीक है। मीरा सिंह गर्व से कहती हैं कि मिशन शक्ति ने हमें आत्मरक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता सिखाई। पति का साथ मिला, लेकिन सरकार की योजनाओं ने हमें सशक्त बनाया। आज वो अपने तालाबों से मछली और बीज की आपूर्ति आसपास के गांवों में करती हैं, जिससे स्थानीय किसानों को लाभ हुआ। 10 से अधिक लोगों को रोजगार देकर मीरा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। मिशन शक्ति के तहत उन्हें प्रशिक्षण और संसाधन मिले, जो महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक रहे।  योगी सरकार के मिशन शक्ति अभियान ने महिलाओं को आर्थिक सशक्तीकरण के साथ सुरक्षा जागरूकता भी दी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में अपराधों से बचाव में सहायक है। मीरा अब अन्य महिलाओं को मत्स्य पालन सिखा रही हैं, जो स्वावलंबन की नई पीढ़ी तैयार कर रही हैं। मीरा सिंह कहती हैं कि मैं चाहती हूं कि हर महिला अपनी मेहनत से आगे बढ़े।

नारद मोह के प्रसंग ने मोहा मन, 22 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलेगी रामलीला

अयोध्या में 120 फीट के मंच पर थ्रीडी तकनीक के साथ शुरू हुई भव्य रामलीला  नारद मोह के प्रसंग ने मोहा मन, 22 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलेगी रामलीला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग व प्रयासों से रामलीला का सातवां संस्करण हुआ शुरू  बिंदू दारा सिंह, मनोज तिवारी, पुनीत इस्सर और रवि किशन निभा रहे अलग अलग पात्र  – माता सीता के रूप में नजर आएंगी मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 मणिका विश्वकर्मा – फिल्म अभिनेता राहुल भूचर बनेंगे श्रीराम, रावण के रूप में नजर आएंगे जाने-माने अभिनेता विजय सक्सेना  – पहली बार विजयादशमी पर 240 फीट के रावण के पुतले का होगा दहन अयोध्या  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या लगातार आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वैभव से निखर रही है। इसी कड़ी में भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में रामकथा पार्क में सातवें संस्करण की भव्य फिल्मी रामलीला का शुभारंभ हुआ। 120 फीट ऊंचे मंच पर थ्रीडी तकनीक के साथ शुरू हुई इस रामलीला में पहले दिन नारद मोह के प्रसंग से सबका मन मोह लिया। यह आयोजन 22 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलेगा। इस बार रामलीला की खासियत 240 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा, जो इसे और भी भव्य बनाएगा। इसके साथ ही 190 फीट ऊंचे मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का भी दहन किया जाएगा। 60 कारीगर तैयार कर रहे हैं पुतला कोरोना काल 2020 में शुरू हुई इस फिल्मी रामलीला ने हर साल अपनी भव्यता और नवाचार के साथ लोगों का ध्यान खींचा है। संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मालिक ने बताया कि इस बार चार राज्यों के 60 कारीगरों की टीम ने इन विशाल पुतलों को तैयार किया है, जो तकनीक और कला का अनूठा संगम प्रदर्शित करेंगे।  बड़े बड़े कलाकार निभा रहे पात्रों की भूमिका रामकथा पार्क में आयोजित इस रामलीला में फिल्मी सितारों की भागीदारी इसे और भी आकर्षक बनाती है। इस साल भगवान शंकर का किरदार बिंदु दारा सिंह, बाली का किरदार सांसद मनोज तिवारी, परशुराम का किरदार पुनीत इस्सर और केवट का किरदार रवि किशन निभा रहे हैं। इन सितारों की मौजूदगी से रामलीला में फिल्मी तड़का और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। अत्याधुनिक तकनीक का किया जा रहा इस्तेमाल रामलीला का मंचन अत्याधुनिक थ्रीडी तकनीक के साथ किया जा रहा है, जो दर्शकों को एक जीवंत अनुभव प्रदान करेगा। मंच की ऊंचाई और तकनीकी प्रभावों के कारण दर्शक रामायण के दृश्यों को और करीब से महसूस कर सकेंगे। आयोजकों ने बताया कि इस बार रावण दहन का आयोजन अभूतपूर्व होगा। मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 बनेंगी सीता इस बार सीता की भूमिका मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 मणिका विश्वकर्मा कर रही हैं। अयोध्या की रामलीला के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मलिक ने बताया कि इस बार अयोध्या की रामलीला इतिहास रचने जा रही है। इसमें रावण का रोल प्रसिद्ध कलाकार विजय सक्सेना कर रहे हैं। श्रीराम की भूमिका फिल्म अभिनेता राहुल भूचर कर रहे हैं। गत वर्ष 47 करोड़ ने देखी थी रामलीला सुभाष मालिक ने बताया कि रामलीला न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। इस आयोजन से अयोध्या में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। रामकथा पार्क में हर शाम हजारों की संख्या में दर्शक पहुंच रहे हैं, और इसका सीधा प्रसारण भी विभिन्न मंचों पर किया जा रहा है। गत वर्ष ऑनलाइन व दूरदर्शन के माध्यम से 47 करोड़ लोगों ने रामलीला देखी थी। इसका प्रसारण रोजाना शाम सात बजे से दस बजे तक दिखाई जाएगी।

श्रद्धालुओं के सपनों को साकार कर रही है मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

रायगढ़ जिले के 1200 से अधिक श्रद्धालुओं ने उठाया योजना का लाभ रायपुर रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा नगर निगम ऑडिटोरियम में रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में शामिल वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान में भव्य सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने भगवान राम की छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। रामायण आरती के साथ वातावरण राममय हो उठा।  चौधरी ने श्रद्धालुओं का चरणस्पर्श कर आशीर्वाद लिया और कहा कि यह योजना वास्तव में बुजुर्गों के सपनों को साकार करने वाली योजना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी का भगवान राम से गहरा नाता है। माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की बेटी थीं, इसलिए भगवान राम को हम भांजा मानते हैं। उन्होंने कहा कि त्रेतायुग में 14 वर्षों का वनवास समाप्त हुआ था, लेकिन कलियुग में राममंदिर निर्माण के लिए 500 वर्षों का संघर्ष करना पड़ा। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक अयोध्या का भव्य मंदिर आज साकार हुआ है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि श्रद्धालुओं को रामलला और प्रमुख तीर्थों का दर्शन कराया जाएगा। आज रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना हजारों परिवारों के लिए आशीर्वाद बन चुकी हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने गांवों में राम के आदर्शों और उनके चरित्र का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं। यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं जिला पंचायत सीईओ  जितेंद्र यादव ने बताया कि तीर्थयात्रियों के लिए आवास, भोजन, परिवहन और चिकित्सा की संपूर्ण व्यवस्था की जाती है। प्रत्येक यात्री को विशेष पहचान पत्र भी प्रदान किया गया। इच्छुक श्रद्धालु आगामी यात्राओं के लिए जिला पंचायत और नगर निगम कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। श्रद्धालुओं ने साझा किए अनुभव जिले के विभिन्न विकासखण्डों से अब तक 1206 श्रद्धालु (745 पुरुष एवं 461 महिलाएं) अयोध्या, काशी और अन्य तीर्थों का दर्शन कर चुके हैं। सम्मेलन में श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया। पुसौर निवासी  खगेश्वर पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, वर्तमान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के प्रयास से ही यह संभव हुआ। राजकुमारी साव ने यात्रा को सहज और सुखद बताते हुए कहा कि पूरी यात्रा परिवार जैसे वातावरण में पूरी हुई। उमेश सिंह सिदार ने कहा कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान हेतु लगातार कार्य कर रही है। वहीं सावित्री भगत ने कहा कि अयोध्या दर्शन उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। सुनील थवाईत ने बताया कि यात्रा में स्वच्छ भोजन, सुरक्षा और स्वागत की उत्कृष्ट व्यवस्था रही। काशी और अयोध्या के दर्शन उनके जीवन के सबसे सुखद क्षण रहे। सम्मेलन में योजनाओं से जुड़ी अविस्मरणीय स्मृतियों को समेटे हुए वीडियो प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक ग्रुप फोटो लिया गया। श्रद्धालुओं को स्मृति स्वरूप रामचरितमानस की पुस्तक, शाल, फल और यात्रा के फोटोग्राफ भेंट किए गए। इस अवसर पर नगर निगम रायगढ़ महापौर  जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  दीपक सिदार, नगर निगम सभापति  डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत सदस्य मती सुषमा खलखो सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ  जितेंद्र यादव और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

आज जुबिन गर्ग को अंतिम विदाई, श्रद्धांजलि देने जुटे हजारों समर्थक

गुवाहाटी बॉलीवुड और असमिया सिंगर जुबिन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में निधन हो गया था. सिंगर की अचानक हुई मौत ने सभी को सन्न कर दिया है. असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने ऐलान किया है कि सिंगर का दोबारा पोस्टमार्टम होगा. दूसरा पोस्टमार्टम होने के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.  कब होगा सिंगर जुबिन का अंतिम संस्कार  गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में जुबिन का दूसरा पोस्टमार्टम होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को सरुसजई स्टेडियम लाया जाएगा. सुबह करीब 9:30 से 10 बजे के बीच अंतिम यात्रा शुरू होगी. असम सीएम हिमंत बिस्वा ने बताया कि जुबिन का पार्थिव शरीर एम्बुलेंस से ले जाया जाएगा और परिवार ने 85 लोगों की सूची दी है, जिनमें कलाकार बिरादरी के सदस्य भी शामिल हैं.  सिंगर के अंतिम संस्कार के लिए सरकार 4–5 बसों की व्यवस्था करेगी. ये प्रक्रिया ठीक उसी तरह होगी जैसे एयरपोर्ट से घर तक की यात्रा थी, जहां लोग बिना किसी रोक-टोक के उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें. भीड़ नियंत्रण को लेकर सीएम सरमा ने कहा कि ये चिंता की बात है, पर जुबिन जैसे कलाकार के लिए मैं कुछ रोक नहीं सकता. जब उनका पार्थिव शरीर हमारे सामने होगा तो हम सिर्फ इंतजाम करने की कोशिश कर सकते हैं. ये कहना मुश्किल है कि व्यवस्था कितनी अनुशासित रहेगी, लेकिन उम्मीद है कि सब ठीक से हो.  हमेशा दे सकेंगे श्रद्धाजंलि हिमंत बिस्वा सरमा ने आगे कहा कि जुबिन की "समाधि" हमेशा रहेगी जहां लोग किसी भी दिन जा कर उन्हें श्रद्धांजलि दे सकते हैं. अंतिम यात्रा का सीधा प्रसारण डिपार्टमेंट ऑफ इन्फ़ॉर्मेशन एंड पब्लिक रिलेशंस (DIRP) द्वारा किया जाएगा. राज्य सरकार को उम्मीद है कि स्थानीय इलाकों से ही हजारों की संख्या में फैन्स जुबिन की अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें विदाई देंगे. बता दें कि जुबिन का निधन सिंगापुर में स्कूबा डाइव करते हुए हो गया था. अचानक हुई उनकी मौत अब तक सभी के लिए रहस्य बनी हुई है. 23 सितंबर को फैन्स नम आंखों से उन्हें विदाई देने पहुंच रहे हैं. राजकीम सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.  जुबिन को 'गैंगस्टर', 'कृष 3' जैसी फिल्मों में 'या अली' और 'दिल तू ही बता' जैसे पॉपुलर गानों को अपनी आवाज देने के लिए जाना जाता है.