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बच्‍चे पर अपराध करने वाला 60 साल का आरोपी विदिशा में 20 साल जेल भेजा गया

विदिशा डेढ़ वर्ष की अबोध बच्ची के साथ दुष्कृत्य करने वाले 60 वर्षीय आरोपित को कुरवाई की अदालत ने कठोर सजा सुनाई है। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आनंद गौतम ने शुक्रवार को दिए फैसले में आरोपी को पॉक्सो सहित विभिन्न धाराओं में कुल 20 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया।   यह है पूरा मामला मामला थाना पठारी क्षेत्र का है। फरियादिया की बुआ ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 नवंबर 2024 की सुबह उसकी भतीजी बरामदे में खेल रही थी। तभी उनके रिश्ते के जीजा ने बच्ची के साथ छेड़छाड़ की। बच्ची के रोने पर जब वह पहुंची तो आरोपी भाग खड़ा हुआ। इस संबंध में थाना पठारी में बीएनएस की धारा 64(2), 65(2), 332(ए) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एम)/6 और 5(एन)/6 के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी रोहित काशवानी ने सहायक अभियोजन अधिकारी मनीष कथोरिया को विशेष पैरवी हेतु नियुक्त किया। विचारण के दौरान प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहों के बयानों को अदालत ने प्रमाणित मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। न्यायालय ने बीएनएस की धारा 64(2) और 65(2) में 10-10 वर्ष का कठोर कारावास, धारा 332(ए) में एक वर्ष का कारावास तथा पॉक्सो की धारा 5(एम)/6 और 5(एन)/6 में 20-20 वर्ष का कठोर कारावास दिया है। इस प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी विमलेशा राय ने की थी। पैरवी एडिशनल डीपीओ मनीष कथोरिया ने की, जबकि मार्गदर्शन सहायक उपनिदेशक जे.एस. तोमर का रहा। पांच साल की सजा काट चुका है आरोपित एसपी रोहित काशवानी ने बताया कि इस घटना का आरोपित पहले भी एक साढ़े चार वर्ष की बालिका से दुष्कृत्य कर चुका है। उसे न्यायालय ने इस मामले में पांच साल की सजा भी सुनाई थी। काशवानी ने बताया कि वर्ष 2017 में त्योंदा थाना क्षेत्र में आरोपित ने साढ़े चार वर्ष की बालिका से दुराचार किया था। पीड़िता की मां की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। इस मामले में आरोपित को न्यायालय ने पांच साल की सजा सुनाई थी। आरोपित पांच साल की सजा काटकर वर्ष 2021 में जेल से रिहा हुआ था।

मान सरकार ने शुरू किया पंजाब को पटरी पर लाने का मिशन

पंजाब  पंजाब को दोबारा पटरी पर लाने के लिए आम आदमी पार्टी की मान सरकार ने एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। बाढ़ का पानी कई इलाकों से उतर चुका है, लेकिन गांव-गांव में अभी भी सिल्ट, गंदगी और मलबा फैला हुआ है। जनजीवन सामान्य करने और बीमारियों से बचाव के लिए सरकार ने सफाई से लेकर स्वास्थ्य और किसानों की मदद तक का व्यापक प्लान बनाया है। मान सरकार ने कहा है कि 2300 से ज़्यादा गांव और वार्ड में सफाई का महाअभियान चलेगा। हर गांव में जेसीबी, ट्रैक्टर- ट्रॉली और मज़दूरों की टीमें भेजी जा रही हैं। ये टीमें मलबा और सिल्ट हटाएंगी, मरे हुए जानवरों को नष्ट करेंगी और इसके बाद हर गांव में फॉगिंग होगी ताकि कोई बीमारी न फैले। इस काम के लिए ₹100 करोड़ का फंड रखा गया है। हर गांव को तुरंत ₹1 लाख दिया गया है और ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त पैसा भी मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि 24 सितंबर तक गाँवों से मलबा हट जाए, 15 अक्टूबर तक सामाजिक जगहों की मरम्मत पूरी हो और 22 अक्टूबर तक तालाबों की सफाई हो जाए।स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। बाढ़ प्रभावित 2303 गांवों में मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। जिन 596 गांवों में पहले से आम आदमी क्लिनिक हैं, वहाँ ये कैंप चलेंगे। बाकी 1707 गांवों में स्कूल, धर्मशाला, आंगनवाड़ी या पंचायत भवन में कैंप लगेंगे। हर कैंप में डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ और दवाइयाँ मौजूद होंगी। इसके अलावा 550 एंबुलेंस भी तैनात की जा रही हैं, ताकि लोगों को तुरंत इलाज मिल सके। पशुधन को बचाने के लिए भी सरकार ने मोर्चा संभाला है। रिपोर्ट के मुताबिक़ 713 गांवों में करीब 2.5 लाख पशु प्रभावित हुए हैं। इसके लिए वेटनरी डॉक्टरों की टीमें गांवों में पहुंच चुकी हैं। खराब चारा हटाया जा रहा है, किसानों को पोटाशियम परमैगनेट दिया जा रहा है और 30 सितंबर तक सभी प्रभावित पशुओं का टीकाकरण पूरा किया जाएगा। किसानों की सबसे बड़ी चिंता फसल बेचने की है। मान सरकार ने इस बार खरीद जल्दी शुरू करने का फ़ैसला किया है। 16 सितंबर से मंडियों में खरीद शुरू होगी। जिन मंडियों को बाढ़ से नुकसान हुआ है, वहां तेज़ी से सफाई और मरम्मत हो रही है, ताकि 19 सितंबर तक सभी मंडियाँ किसानों की फसल खरीदने के लिए तैयार हो जाएं।मान सरकार का कहना है कि यह सिर्फ़ राहत का काम नहीं, बल्कि पंजाब को दोबारा खड़ा करने का संकल्प है। सरकार ने लोगों से भी अपील की है कि एनजीओ, यूथ क्लब और समाजसेवी संस्थाएँ इस काम में हाथ बंटाएं। पंजाब ने हर संकट में मिलकर लड़ाई लड़ी है, इस समय संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, जब सरकार अपने लोगों के साथ खड़ी हो—तब हर पंजाबी दिल से कह उठता है, ‘ए मान सरकार साडे नाल खड़ी  

सुल्तानगंज विधानसभा: नीतीश कुमार की पकड़ आज भी मजबूत

सुल्तानगंज सुल्तानगंज विधानसभा सीट भागलपुर जिले में स्थित है…यह विधानसभा क्षेत्र बांका लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यह सीट साल 1951 से ही अस्तित्व में है। 2008 से पहले तक यह भागलपुर लोकसभा का हिस्सा हुआ करता था, लेकिन 2008 में हुए परिसीमन के बाद यह क्षेत्र बांका लोकसभा के अंतर्गत आ गया। साल 1951 में पहली बार इस सीट पर चुनाव हुए और 1967 तक कांग्रेस का ही कब्जा रहा। 1951 में कांग्रेस के राश बिहारी लाल, 1957 में सरस्वती देवी तो 1962 में देबी प्रसाद महतो चुनाव जीते थे। 1967 में इस सीट पर प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के बी.पी.शर्मा विधायक चुने गए थे। 1969 और 1972 में इस सीट पर एक बार फिर से कांग्रेस ने कब्जा जमाया और राम रक्षा प्रसाद यादव लगातार दो बार विधायक चुने गए थे।   1977 में यह सीट जनता पार्टी के खाते में गई और जागेश्वर मंडल विधायक बने थे। 1980 और 1985 में भी कांग्रेस का ही कब्जा रहा। 1980 में नंद कुमार मांझी और 1985 में उमेश चंद्र दास विधायक चुने गए थे। 1990 और 1995 में यह सीट जनता दल के पास रही और फणींद्र चौधरी लगातार दो बार विधायक बने। साल 2000 में इस सीट पर समता पार्टी के गणेश पासवान विधायक चुने गए थे। 2005 में जेडीयू की टिकट पर सुधांशु शेखर भास्कर यहां से विधायक बने। वहीं 2010 और 2015 में लगातार दो बार यहां से जेडीयू उम्मीदवार सुबोध राय ने जीत हासिल की थी। 2020 में जेडीयू की तरफ से ललित नारायण मंडल ने फिर से सुल्तानगंज में तीर को निशाने पर ही मारा था।   वहीं 2020 के चुनाव में सुल्तानगंज सीट पर जेडीयू उम्मीदवार ललित नारायण मंडल ने जीत हासिल की थी। ललित नारायण मंडल को 72 हजार आठ सौ 23 वोट मिला था तो कांग्रेस उम्मीदवार ललन कुमार को 61 हजार दो सौ 58 वोट ही मिला था। इस तरह से ललित नारायण मंडल ने ललन कुमार को 11 हजार पांच सौ 65 वोट के अंतर से हरा दिया था। वहीं एलजेपी कैंडिडेट नीलम देवी 10 हजार दो सौ 22 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहीं थीं।   वहीं 2015 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर जेडीयू कैंडिडेट सुबोध राय ने जीत हासिल की थी। सुबोध राय ने बीएलएसपी के हिमांशु पटेल को 14 हजार 33 वोटों से हराया था। सुबोध राय को कुल 63 हजार तीन सौ 45 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे हिमांशु पटेल को कुल 49 हजार तीन सौ 12 वोट मिले थे तो वहीं तीसरे स्थान पर रहे निर्दलीय कैंडिडेट ललन कुमार को कुल 14 हजार 73 वोट मिले थे।   वहीं 2010 में हुए विधानसभा चुनाव में सुल्तानगंज सीट पर जेडीयू उम्मीदवार सुबोध राय ने जीत हासिल की थी। सुबोध राय ने आरजेडी कैंडिडेट रामावतार मंडल को 4 हजार आठ सौ 45 वोट के अंतर से हराया था। सुबोध राय को कुल 34 हजार छह सौ 52 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे रामावतार मंडल को कुल 29 हजार आठ सौ सात वोट मिले थे तो वहीं तीसरे स्थान पर रहे एलटीएसडी के ओमदत्त चौधरी को कुल 9 हजार 20 वोट ही मिले थे।   वहीं 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में सुल्तानगंज सीट पर जेडीयू कैंडिडेट सुधांशु शेखर भास्कर ने जीत हासिल की थी। सुधांशु शेखर भास्कर ने आरजेडी कैंडिडेट गणेश पासवान को 11 हजार छह सौ 87 वोटों से हराया था। सुधांशु शेखर भास्कर को कुल 48 हजार 63 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे गणेश पासवान को कुल 36 हजार तीन सौ 76 वोट मिले थे तो वहीं तीसरे स्थान पर रहे सीपीआई कैंडिडेट विजय कुमार पासवान को कुल 6 हजार पांच सौ आठ वोट मिले थे।   सुल्तानगंज विधानसभा सीट के चुनावी नतीजों को तय करने में कुशवाहा, यादव, ब्राह्मण और मुस्लिम वोटरों की अहम भूमिका रही है। सुल्तानगंज सीट को जेडीयू का गढ़ माना जाता है…इसलिए इस बार तेजस्वी यादव को कुछ नया करना होगा। अगर तेजस्वी यादव ने सुल्तानगंज में कुछ नया दांव नहीं चला तो यहां फिर से ‘तीर’ निशाने पर लग सकता है।

एशिया कप फाइनल: भारतीय महिला हॉकी टीम vs चीन, खिताब की भिड़ंत तय

नई दिल्ली भारतीय महिला हॉकी टीम एशिया कप के फाइल में पहुंच गई। शनिवार को सुपर-4 चरण के आखिरी मैच में मेजबान चीन ने कोरिया को 1-0 से हराया। इसका फायदा भारत को मिला। सुपर-4 में भारत ने जापान के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला था। भारत रविवार को फाइनल मुकाबले में चीन से भिड़ेगा और जीतने वाली टीम अगले साल बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर जाएगी। गत चैंपियन जापान के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ के बाद भारत को कोरिया और चीन के बीच मैच के नतीजे का इंतजार करना पड़ा। कोरिया रह गया पीछे कोरिया को फाइनल में पहुंचने के लिए कम से कम दो गोल के अंतर से जीतना जरूरी था। हालांकि, चीन की जीत ने सुनिश्चित कर दिया कि 2022 संस्करण में तीसरे स्थान पर रहने वाला भारत फाइनल खेलेगा। चीन रहा पहले स्थान पर चीन तीन जीत के बाद 9 अंकों के साथ सुपर-4 प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर रहा। जबकि भारत एक जीत, एक ड्रॉ और एक हार से चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। कोरिया ने केवल एक अंक (एक ड्रॉ और दो हार) हासिल किया और सबसे निचले स्थान पर रहा। जापान दो अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। जापान के खिलाफ मैच में भारत ने सातवें मिनट में ब्यूटी डुंग डुंग के फील्ड गोल से बढ़त बना ली। हालांकि, जापान ने देर से वापसी की जब कोबायाकावा शिहो (58वें मिनट) ने हूटर बजने से दो मिनट पहले ही बराबरी का गोल दाग दिया। पूल चरण में भी रहा था ड्रॉ इस टूर्नामेंट में दोनों टीमों के बीच यह दूसरा ड्रॉ था। इससे पहले पूल चरण का मुकाबला भी 2-2 से बराबरी पर छूटा था। जापान के खिलाफ जीत भारत को सीधे मेजबान चीन के खिलाफ फाइनल में पहुंचा देती। इसलिए, भारत ने चीन और कोरिया के बीच सुपर 4 मैच के नतीजे का इंतजार किया।  

भविष्य की वॉर मशीन भारत में: PM मोदी करेंगे दुनिया की सबसे बड़ी रक्षा डील का ऐलान

नई दिल्ली  भारतीय वायुसेना ने रक्षा मंत्रालय को 114 नए राफेल फाइटर जेट खरीदने का आधिकारिक प्रस्ताव भेजा है। यह कदम बताता है कि भारत का भरोसा अब भी फ्रांस के राफेल पर पूरी तरह कायम है। अगर यह डील फाइनल होती है तो यह दुनिया के सबसे बड़े रक्षा समझौतों  में से एक होगी।यह खरीद MRFA (मीडियम रोल फाइटर एयरक्राफ्ट) कार्यक्रम के तहत होगी और इसका अनुमानित मूल्य  2 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है।भारतीय वायुसेना ने 114 विमानों का प्रस्ताव (SoC-Statement of Case)  रक्षा मंत्रालय को भेज दिया है। अब इस पर रक्षा और वित्त मंत्रालय समेत अन्य विभाग विचार करेंगे। इसके बाद यह मामला जाएगा  रक्षा खरीद बोर्ड (DPB) और फिर  रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC)  के पास। मंजूरी मिलते ही औपचारिक डील पर हस्ताक्षर होंगे।   नया F4 वैरिएंट "सुपर राफेल"? फ्रांस की कंपनी  डसॉल्ट एविएशन ने राफेल का एडवांस वैरिएंट  F4  पेश किया है। इसे "सुपर राफेल" कहा जा रहा है क्योंकि:     इसमें बेहतर राडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर क्षमता  है।     इसमें सैटेलाइट कम्युनिकेशन और नए हथियार सिस्टम जोड़े गए हैं।     यह पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स के काफी करीब है, हालांकि इसमें पूरी तरह से "स्टील्थ" तकनीक नहीं है।     F4 जेट्स से भारतीय वायुसेना को  6-7 नए स्क्वाड्रन  मिल सकते हैं।     अभी भारत के पास सिर्फ 2 स्क्वाड्रन राफेल के हैं। भारत के पास  मौजूदा राफेल (F3R वैरिएंट) की खासियत     भारत ने 2016 में फ्रांस से 36 राफेल F3R वैरिएंट खरीदने के लिए लगभग  59,000 करोड़ रुपए की डील की थी।     यह जेट 2020 से भारतीय वायुसेना में शामिल हैं।      भारत के लिए इसमें 13 विशेष बदलाव किए गए।      इसमें लगी SCALP क्रूज मिसाइल  250 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक वार कर सकती है और इसमें 450 किलोग्राम का वारहेड होता है।      चीन के साथ 2020 के लद्दाख विवाद के समय राफेल को तैनात किया गया था।      पाकिस्तान पर ऑपरेशन सिंदूर  के दौरान आतंकवादी ठिकानों पर हमला करने के लिए भी राफेल का इस्तेमाल किया गया।      इन अनुभवों ने राफेल की ताकत और विश्वसनीयता को साबित कर दिया।       दुनिया में F4 की मांग संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पहले ही फ्रांस से F4 वैरिएंट खरीदने की डील कर ली है। भारत भी अब उसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है। यदि यह डील होती है तो भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल होगा जिनके पास राफेल का सबसे एडवांस वैरिएंट  होगा।भारत यह डील करता है तो वायुसेना की संख्या और ताकत दोनों बढ़ेगी। भारत के पास ऐसा फाइटर जेट होगा जो आने वाले दशकों तक दुश्मनों पर  स्पष्ट तकनीकी बढ़त बनाए रखेगा। चीन और पाकिस्तान दोनों के लिए यह एक  स्ट्रॉन्ग स्ट्रैटेजिक मैसेज  होगा।

हर मां और बच्चा सुरक्षित: बाढ़ राहत में मान सरकार का मानवीय चेहरा

पंजाब  दशकों के बाद, पंजाब एक बार फिर से बाढ़ जैसी भयानक त्रासदी से जूझ रहा है जिसने पंजाब के लोगों का जीवन तहस नहस कर दिया है। इस मुश्किल घड़ी में, जहां मान सरकार अपने लोगों के साथ एक परिवार की तरह कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उनको जरूरत की हर चीज उपलब्ध करा रही है, वहीं महिलाओं की बुनियादी ज़रूरतों को भी पूरा करने में मान सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है और गर्भवती महिलाओं का भी ख़ास ख्याल रखा है। मान सरकार ने इन महिलाओं की देखभाल के लिए कई ज़रूरी निर्देश भी दिए हैं। आप पार्टी की युवा और महिला विंग ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों – नाभा, पठानकोट, गुरदासपुर और कई अन्य ज़िलों में राहत कार्य तेज़ कर दिए है। कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर राहत सामग्री, राशन पहुंचाया और ख़ास तौर पर महिलाओं और बच्चों की ज़रूरतों का ध्यान रखा। इसके अलावा, फ़िरोज़पुर और फाज़िल्का के राहत शिविरों में महिलाओं को सैनिटरी पैड और मच्छरदानियां भी बांटी गईं। बाढ़ प्रभावित जिलों में तैनात 11,103 से अधिक आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवाइयाँ उपलब्ध करा रही हैं और जल एवं वेक्टर जनित बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ा रही हैं। वे गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग और देखभाल को भी प्राथमिकता दे रही हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि नियमित टीकाकरण मे कोई रुकावट ना आए । मान सरकार ने बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों और गर्भवती महिलाओं की सहायता के लिए लगभग 458 रैपिड रिस्पांस टीमें, 360 मोबाइल मेडिकल यूनिट और 424 एम्बुलेंस तैनात कीं और बोट एम्बुलेंस के ज़रिए प्रसव सुविधाएं प्रदान कीं। इतना ही नहीं, सवास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए कई चिकित्सा शिविर भी लगाए और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई। इन शिविरों में प्रसव पूर्व जांच और दवाइयां भी उपलब्ध करावाई गई। गुरदासपुर में, अधिकारियों ने गर्भवती महिलाओं सहित गंभीर रूप से बीमार मरीजों को आपातकालीन स्थिति में निकालने के लिए विशेष रूप से बोट एम्बुलेंस और एक हेलीकॉप्टर तैनात किया है। इन प्रयासों से आठ गर्भवती महिलाओं को बचाया गया है, जिनमें से एक महिला ने बोट पर ही चिकित्सकीय देखरेख में सुरक्षित डिलीवरी की और स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को बचाव कार्यों के लिए सक्रिय किया एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को बचाव कार्यों के लिए सक्रिय किया गया। सतलुज नदी के पास भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाढ़ प्रभावित सीमावर्ती गांवों के निवासियों के लिए स्वास्थ्य विभाग आशा की किरण बनकर उभरा है। सिविल सर्जन डॉ. राजविंदर कौर ने बताया कि पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने विभाग को बाढ़ पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान करने, खासकर संकटग्रस्त गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित निकालने और डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन आदेशों का पालन करते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने टेंडी वाला से मंजीत कौर और कालू वाला से मनप्रीत कौर को सफलतापूर्वक बचाया और उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उन्होंने सुरक्षित रूप से अपने बच्चों को जन्म दिया। गर्भवती महिलाओं के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा निःशुल्क उपलब्ध करवाई गई। सैनिटरी नैपकिन और प्रसूति देखभाल पर काम किया इस चुनौतीपूर्ण समय में स्वास्थ्य विभाग के विशेष चिकित्सा शिविरों ने महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं और प्रभावित परिवारों को हौंसला दिया है। अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक, स्वास्थ्य विभाग इस संकट में समुदाय के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा है और उनका साथ दिया है। इसलिए, आप सरकार की ये पहल स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि उन्होंने महिलाओं की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान दिया है और सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण पहलुओं – जैसे सैनिटरी नैपकिन, प्रसूति देखभाल – पर भी काम किया है, जो इस कठिन समय में महिलाओं के लिए बेहद ज़रूरी हैं। सतलुज नदी के पास के गांवों में चिन्हित 45 गर्भवती महिलाओं में से, पिछले सप्ताह चार डिलिवरियां हुई तीन सरकारी अस्पतालों में और एक निजी पैनल में।  

सीएम योगी के निर्देश पर पर्यटन विभाग ने दिव्य और भव्य दीपोत्सव-25 की तैयारियां शुरू कीं

ग्रीन फायर वर्क्स शो श्रद्धालुओं के अाकर्षण का बनेगा केंद्र, संगीत और कोरियोग्राफ का अनेखा अनुभव उत्सव को बनाएगा यादगार करीब 10 मिनट तक चलने वाला शो संगीत, लेज़र इफेक्ट्स और आधुनिक कोरियोग्राफी से होगा सजा  लखनऊ योगी सरकार दीपोत्सव-25 को भव्य और दिव्य बनाने की तैयारियों में जुट गयी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पर्यटन विभाग द्वारा 19 अक्टूबर को दीपोत्सव में ग्रीन फायर वर्क्स शो का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय ग्रीन फायर वर्क्स के मानक पर आधारित होगा। यह आतिशबाज़ी पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होगी। इसके साथ ही दीपाेत्सव में पर्यटकों को संगीत और तकनीक के साथ कोरियोग्राफ का अनूठा अनुभव दिखने के साथ सुनने को मिलेगा।  हरित आतिशबाजी का आनंद उठाएंगे श्रद्धालु सीएम योगी के निर्देश पर पर्यटन विभाग द्वारा दीपोत्सव-25 पर सरयू नदी के घाटों और राम की पैड़ी पर 26 लाख से अधिक दीपक जलाए जाएंगे, जो भगवान राम के अयोध्या आगमन का प्रतीक बनकर ये दीप असंख्य श्रद्धालुओं की आस्था का प्रकाश फैलाएंगे। भक्ति-भाव से ओतप्रोत प्रस्तुतियों के बीच इस बार ग्रीन फायरवर्क्स शो खास आकर्षण का केंद्र होगा,  जो आस्था और नवाचार को साथ लाकर एक प्रदूषण-मुक्त रंग-बिरंगी रौशनी से जगमगाएगा। करीब 10 मिनट तक चलने वाला यह शो संगीत, लेज़र इफेक्ट्स और आधुनिक कोरियोग्राफी से सजा होगा। कई मीटर से ऊंचाई तक उठने वाली आतिशबाज़ी सरयू के जल पर अद्भुत प्रतिबिंब बिखेरेंगी और वहां मौजूद हर दर्शक को रोमांचित कर देगी। दीपोत्सव-25 में दिखेगा परंपरा और नवाचार का उत्सव पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप दीपोत्सव-25 को दिव्य और भव्य बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं। इस पर बार 26 लाख से अधिक दीपक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदूषण-मुक्त आतिशबाज़ी के साथ हम अयोध्या की सांस्कृतिक भव्यता को प्रदर्शित करेंगे, जो हर श्रद्धालु को अविस्मरणीय अनुभव देगा। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि इस बार के दीपोत्सव-25 में परंपरा और नवाचार दोनों का उत्सव देखने को मिलेगा। इस बार पर्यावरण हितैषी और कोरियोग्राफ्ड आतिशबाज़ी हमारे स्थायित्व के संकल्प को हर श्रद्धालुओं तक पहुंचाएगी। साथ ही अयोध्या की धरोहर को विश्व मंच पर प्रस्तुत करेगी। यह सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का गौरव है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर बड़ा फैसला जल्द? BJP की सबसे बड़ी बाधा हुई दूर

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) कई महीनों से राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को टालती आ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ शीर्ष भाजपा नेतृत्व के तल्ख रिश्ते को माना जा रहा है। हालांकि, बीते कुछ महीनों से दोनों ही तरफ से संबंधों को सामान्य करने और दिखाने की कोशिशें की जा रही हैं। आरएसएस और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने ही इसकी जिम्मेदारी संभाली है। इसके बाद अब इस बात की संभावना जताई जा रही है कि भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान पार्टी कभी भी कर सकती है। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आरएसएस की जरूरत को लेकर बयान दिया तो हर कोई अचरज में पड़ गया। सूत्रों का कहना है कि आरएसएस को भी यह बात नागवार गुजरी। इसका खामियाजा भगवा पार्टी को लोकसभा चुनाव में देखने को मिला, जब भाजपा 240 सीटों पर सिमट कर रह गई, जबकि उसने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान 'अबकी बार 400 पार' का नारा दिया था। कहा जाता है कि संघ के कार्यकर्ताओं ने इस चुनाव में अनमने ढंग से भाजपा का साथ दिया था। आपको बता दें कि नड्डा ने कहा था कि भाजपा को अब संघ की जरूरत नहीं रह गई है। 15 अगस्त को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किला से देश को संबोधित कर रहे थे, तब उन्होंने आरएसएस की तारीफ करते हुआ इसे दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ बताया। इसके बाद मोहन भागवत ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आरएसएस के एक कार्यक्रम में साफ शब्दों में कहा था कि राजनीति हो या समाज सेवा इसमें रिटायरमेंट की कोई उम्र नहीं होती है। इससे पहले संघ प्रमुख ने ही कहा था कि 75 साल की उम्र में लोगों को खुद से रिटायर हो जाना चाहिए। आपको बता दें कि इसी साल प्रधानमंत्री 75 साल के होने वाले हैं। आरएसएस की प्रशंसा करने वालों में प्रधानमंत्री मोदी ही अकेले नहीं हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमिता शाह ने भी हाल ही में कई मौकों पर आरएसएस की सराहना की है। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि उन्हें स्वयंसेवक होने पर गर्व है। आरएसएस का कार्यकर्ता होना किसी भी कीमत पर निगेटिव पॉइंट नहीं हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि किसी भी स्वयंसेवक को तब तक नहीं रुकना है जब तक कि भारत फिर से महान नहीं बन जाता है। भाजपा के दोनों दिग्गज नेताओं और आरएसएस चीफ के बयान से भाजपा और संघ के बीच रिश्ते सामान्य होने के संकेत मिल रहे हैं। अब इस बात की प्रबल संभावना है कि दोनों ही संगठन मिलकर जल्द ही भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर अंतिम मुहर लगा सकते हैं। हालांकि संघ न कई मौकों पर कहा है कि सरकार या भाजपा के कार्यों में आरएसएस का हस्तक्षेप नहीं होता है। आरएसएस और भाजपा के बीच सामान्य हुए रिश्तों में कई दावेदारों के नाम की चर्चा होने लगी है। उनमें सबसे पहला नाम शिवराज सिंह चौहान का आता है, जो कि वर्तमान केंद्र सरकार में मंत्री हैं। वहीं, नितिन गडकरी के नाम पर भी अंदरखाने चर्चा होने लगी है। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और घर्मेंद्र प्रधान का नाम भी रेस में शामिल होने की चर्चा है। भाजपा अक्सर अपने फैसलों से सियासी पंडितों को चौंकाती रही है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन बनता है।  

बाढ़ प्रभावितों को बड़ी सौगात, दिवाली तक मिलेंगे मुआवजे के चेक – CM भगवंत मान

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अस्पताल से छुट्टी मिलने के एक दिन बाद शुक्रवार को फिर सक्रिय हो गए। उन्होंने बाढ़ राहत कार्यों का आकलन करने और राज्य के क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण की योजनाओं को लेकर बैठकें कीं। उन्होंने कहा, 'मैं पंजाब का मुख्यमंत्री नहीं हूं, मैं दुख मंत्री हूं। मैं राज्य के लोगों के साथ खड़ा हूं, जो बाढ़ के कारण अब तक के सबसे बुरे संकट का सामना कर रहे हैं। दुख साझा करण नाल दुख अद्धा रह जांदा है। 'सीएम ने कहा कि वह बाढ़ प्रभावित लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनकी सरकार 45 दिनों के भीतर पूरा मुआवजा जारी कर देगी। मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैंने सभी उपायुक्तों को फसल नुकसान की विशेष गिरदावरी पूरी करने, जान-माल के नुकसान, पशुओं की मौत और घरों को हुए नुकसान की रिपोर्ट जल्द देने और उनका सत्यापन करने का निर्देश दिया है, जिससे हम तुरंत मुआवजा देना शुरू कर सकें।' उन्होंने कहा कि चेक दिवाली तक दिए जाएंगे।  उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से मुआवजा देने के काम की निगरानी कर रहा हूं, क्योंकि लोगों को तत्काल राहत की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब फसल नुकसान के लिए सबसे ज्यादा मुआवजा 20 हजार रुपये प्रति एकड़ देगा। उनके साथ राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन और मुख्य सचिव केएपी सिन्हा मौजूद रहे।

शोहरत के बीच सन्नाटा: दिशा पटानी के आवास पर हुई गोलीबारी, बदमाशों ने ली जिम्मेदारी

मुंबई  एक्ट्रेस दिशा पाटनी बरेली वाले घर के बाहर देर रात फायरिंग की गई। इस की जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा ने ली है। इस घर में दिशा पाटनी के पिता रिटायर्ड डिप्टी एसपी जगदीश पाटनी रहते हैं। सुबह करीब साढ़े चार बजे बाइक सवार दो बदमाशों ने दिशा के पिता के सिविल लाइंस स्थित घर के मुख्य दरवाजे और दीवार पर चार-पांच राउंड फायरिंग कर दी। हालांकि, इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। तुरंत ही उनके घर के बाहर पुलिस फोर्स तैनात की गई। साथ ही एसपी सिटी और एसपी क्राइम के नेतृत्व में कार्रवाई के लिए पांच टीमें बनाई गईं। रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गिरोह ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने दिशा की बहन खुशबू पाटनी द्वारा प्रेमानंद जी महाराज और अनिरुद्धाचार्य को लेकर की गई टिप्पणी का बदला लिया है। साथ ही पोस्ट में धमकी दी गई है कि अगर किसी ने भी संतों और धर्मों के खिलाफ टिप्पणी की तो वह उसका अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। हालांकि, अब यह पोस्ट डिलीट कर दिया गया है। रोहित गोदारा गोल्डी बराड़ का पोस्ट, बताई हमले की वजह पोस्ट में लिखा है, 'भाइयों, ये जो आज खुशबू पाटनी/दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग हुई है, ये कार्रवाई है। इसने हमारे पूज्य संत प्रेमानंद जी महाराज और अनिरुद्धाचार्य जी महाराज का अपमान किया। इसने हमारे सनातन धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश की। हमारे आराध्य देवी-देवताओं का अपमान सहा नहीं जाएगा। यह तो महज एक ट्रेलर था। अगली बार किसी ने भी या इसने हमारे धर्म के प्रति कुछ भी अभद्रता दिखाई तो उसके घर में किसी को भी जिंदा नहीं छोड़ेंगे।' क्या है खुशबू पाटनी का प्रेमानंद महाराज और अनिरुद्धाचार्य का मामला? मालूम हो कि कुछ महीने पहले दिशा पाटनी की बहन खुशबू ने एक वीडियो बनाया था, जिसके लिए दावा किया गया कि उन्होंने प्रेमानंद जी महाराज के लिए बोला है। खुशबू ने एक वीडियो बनाकर उन लोगों को लताड़ लगाई थी, जिन्होंने ये न्यूज चलाई कि उन्होंने प्रेमानंद के खिलाफ कुछ कहा है। खुशबू ने कहा था कि उनका वीडियो प्रेमानंद जी महाराज के लिए नहीं बल्कि अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ था। अनिरुद्धाचार्य ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिलाओं पर कमेंट किया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उसी पर खुशबू भड़क गई थीं और अनिरुद्धाचार्य को खूब खरी-खोटी सुनाई थी। FB पर क्या लिखा रोहित गोदारा और गोल्डी बरार ने? सोशल मीडिया फेसबुक पर पोस्ट करते हुए रोहित गोदार-गोल्डी बरार ने लिखा, (जय श्री राम??) (राम राम सभी भाईयो को।??) मैं वीरेन्द्र चारण, महेन्द्र सारण (डेलाणा). भाइयों आज ये जो खुशबू पटानी/दिशा पटानी (बॉलीवुड एक्ट्रेस) के घर पर (विला नम्बर 40, सिविल लाइन्स बरेली, यू.पी.) में फायरिंग हुई है, ये हमने करवाई है. इसने हमारे पूज्य संत (प्रेमानंद जी महाराज और अनिरुद्धाचार्य जी महाराज) का अपमान किया था. इसने हमारे सनातन धर्म का नीचा दिखाने की कोशिश की थी. हमारे आराध्य देवी देवताओं का अपमान नही सहा जायेगा. ये तो महज एक ट्रेलर था. अगली बार फिर से इसने या किसी और ने हमारे धर्म के प्रति कुछ भी अभद्रता दिखाई तो उनके घर में से किसी को जिंदा नहीं छोड़ेंगे. ये संदेश सिर्फ इसके लिए ही नहीं है बल्कि जितने भी फिल्म जगत के कलाकार और उनसे जुड़े लोग हैं. उन सभी के लिए है. जिस किसी ने भी हमारे धर्म और संतों सम्बन्धी ऐसी कोई भविष्य में अपमानजनक हरकत की तो तैयार रहना उसके परिणाम भुगतने के लिए. हमें हमारे धर्म की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाना पड़े, उसके लिए हम तैयार हैं। हम कभी भी पीछे नहीं हटेंगे। हमारे लिए धर्म और सर्व समाज हमेशा एक हैं, उनकी रक्षा करना हमारा प्रथम कर्तव्य है.??