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UP Trade Show 2025: स्टार्टअप और तकनीकी कौशल विकास पर होगा विशेष फोकस

लखनऊ यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में इस बार निवेश पर ही नहीं सरकार की तरफ से संचालित योजनाओं पर फोकस करने के साथ ही फ्यूचर डेवलपमेंट पर भी फोकस होगा। इसके लिए सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए स्टाटर्अप, आईटी, इंश्योरेंस, फाइनेंस मैनेजमेंट, मेडिकल हेल्थ, ई-कॉमर्स और स्किल डेवलपमेंट जैसे अहम विषयों पर विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। यूपीआईटीएस 2025 के शेड्यूल के अनुसार 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रात: ट्रेड शो का शुभारंभ करेंगे। उसी दिन शाम 3 बजे से रात 8 बजे तक बी2सी विजिटर्स के लिए शो ओपन रहेगा। जबकि 26 से 29 सितंबर तक प्रतिदिन दोपहर 11 बजे से 3 बजे तक बी2बी मीटिंग्स और शाम 3 से 8 बजे तक बी2सी विजिटर्स के लिए आयोजन होगा। इस दौरान एक्सपटर् की तरफ से नॉलेज सेशन की शुरुआत 26 सितंबर से होगी जो 28 तक जारी रहेगी। 26 सितंबर को सुबह 11.30 से 12.30 बजे तक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी का सत्र होगा। जिसका विषय वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी में स्टाटर्अप इकोसिस्टम का योगदान रखा गया है। दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, यूपी-यूपीएलसी का सत्र होगा, जो प्रदेश में आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री की ग्रोथ और डेवलपमेंट पर केंद्रित रहेगा। 26 सितंबर को ही 3 बजे से 4 बजे तक मेडिकल हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर विभाग वायरल हेपेटाइटिस और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना पर वकर्शॉप करेगा। शाम 4.30 से 5 बजे तक आईआरडीएआई और एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस नॉन-लाइफ एवं हेल्थ इंश्योरेंस पर अवेयरनेस सेशन आयोजित करेंगे। 5 बजे से 6 बजे तक वित्त विभाग का सत्र होगा, जिसमें प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना शामिल भी होंगे। जबकि 6 से 6.30 बजे तक लाइफ इंश्योरेंस पर अवेयरनेस सेशन होगा वहीं 27 सितंबर को 11.30 से 12.30 बजे तक अर्बन डेवलपमेंट का सत्र होगा। इसमें नगर विकास मंत्री एके शर्मा शामिल होंगे। दोपहर 1 से 2 बजे तक मेडिकल हेल्थ पर दोबारा वकर्शॉप होगी। शाम 4 से 6 बजे तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना सीएम युवा के तहत यूनिवर्सिटीज के साथ एमओयू एक्सचेंज प्रोग्राम होगा। इसके अतिरिक्त, शाम 6 बजे से खादी पर फैशन शो आयोजित किया जाएगा। वही 28 सितंबर को 11.30 से 12.30 बजे तक जीबीयू (गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय) इंडस्ट्री-एकेडमिया टाईअप फॉर स्किल डेवलपमेंट विषय पर सत्र आयोजित करेगा। 29 सितंबर को वैलेडिक्ट्री और अवार्ड्स से शो का समापन होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 12 सितम्बर को गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट का करेंगे शुभारंभ

लक्ज़री कैंपिंग से हवाई एडवेंचर का मिलेगा रोमांचक अनुभव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 12 सितम्बर को मंदसौर में गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के चौथे संस्करण का शुभारंभ करेंगे। यह रिट्रीट लल्लूजी एंड संस द्वारा मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से विकसित किया गया है, जो लक्ज़री कैंपिंग, एडवेंचर टूरिज्म और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा संगम है। गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के दौरान पर्यटक टेंट सिटी में हॉट-एयर बलूनिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्कीइंग, कायाकिंग और मोटर बोटिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। हिंगलाजगढ़ किले की हेरिटेज ट्रेल, गांधीसागर अभयारण्य में वन्यजीव सफारी और ग्रामीण जीवन के अनुभव भी पर्यटकों के आकर्षण का हिस्सा रहेंगे। इस रिट्रीट में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता पर विशेष ध्यान दिया गया है। लगभग 2,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित बटरफ्लाई गार्डन में 4,000 से अधिक पोषक एवं पराग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। यहां पहले से ही 40 से अधिक तितली प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं। यह केंद्र शिक्षा एवं इंटरप्रिटेशन स्थल के रूप में पर्यटकों को तितलियों के जीवन चक्र की जानकारी प्रदान करेगा। इसके अलावा इस सीज़न में रॉक आर्ट इंटरप्रिटेशन ज़ोन, जो चतुर्भुज नाला की प्राचीन शैलचित्र कला से प्रेरित है, तथा बायोडायवर्सिटी वॉक जैसी गतिविधियां भी शामिल की गई हैं। पर्यटक इस रिट्रीट में गाइडेड बटरफ्लाई गार्डन टूर, नेचर वॉक, बर्ड वॉचिंग, वाटर स्पोर्ट्स (स्पीड बोट, बनाना राइड, जेट स्की, कयाकिंग) और हवाई एडवेंचर (हॉट एयर बैलूनिंग व पैरामोटरिंग) जैसी शानदार गतिविधियों का अनुभव लेकर प्रकृति के और करीब आ सकेंगे।

स्वदेशी तकनीक ने दिखाई ताकत: ऑपरेशन सिंदूर में ‘संभव’ फोन से आतंकवादियों को मात

नई दिल्ली  भारतीय सेना ने हाल ही में एक खुफिया और सफल मिशन 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया है, जिसने भारत की सुरक्षा क्षमताओं में एक नया मील का पत्थर जोड़ा है। इस ऑपरेशन में, जवानों ने विदेशी ऐप्स जैसे व्हाट्सएप (WhatsApp) की जगह स्वदेशी और पूरी तरह से सुरक्षित 'संभव' फोन का इस्तेमाल किया। यह कदम भारत की सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। 'ऑपरेशन सिंदूर' क्या था? मई 2025 में हुए इस ऑपरेशन का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेना था। इस हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर में घुसकर 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इस ऑपरेशन को 'ग्रे जोन' ऑपरेशन बताया, जिसमें थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने मिलकर काम किया। 'संभव' फोन क्यों बना हीरो? किसी भी खुफिया ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती होती है, संचार को सुरक्षित रखना। पहले भारतीय सेना के अधिकारी बातचीत के लिए व्हाट्सएप जैसे विदेशी ऐप्स का इस्तेमाल करते थे, जिससे जासूसी और डेटा लीक होने का खतरा बना रहता था। 'संभव' (Secure Army Mobile Bharat Version) फोन ने इस खतरे को खत्म कर दिया। यह फोन पूरी तरह से भारत में बनाया गया है और इसकी सुरक्षा इतनी मजबूत है कि इसे हैक करना लगभग नामुमकिन है। 'एम-सिग्मा' (M-Sigma) ऐप: इस फोन में एक खास ऐप है, जो बिल्कुल व्हाट्सएप की तरह काम करता है, लेकिन यह पूरी तरह से सुरक्षित है। जवान इसके जरिए बिना किसी डर के मैसेज, फोटो और वीडियो भेज सकते हैं। अटूट कनेक्शन: यह 5G टेक्नोलॉजी पर काम करता है और किसी भी नेटवर्क पर बिना रुकावट के चलता है। मल्टी-लेयर एन्क्रिप्शन: इसमें कई स्तरों की सुरक्षा कोडिंग है, जो बातचीत को पूरी तरह से गोपनीय रखती है। सेना प्रमुख ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान कमांडरों से लेकर जवानों तक, सभी ने बातचीत और खुफिया जानकारी साझा करने के लिए केवल 'संभव' फोन का ही इस्तेमाल किया, जिससे ऑपरेशन को गुप्त रखने और तेजी से काम करने में मदद मिली।  

विदेश में सीक्रेट मीटिंग का आरोप, CRPF लेटर पर राहुल गांधी पर बीजेपी का निशाना

नई दिल्ली  सीआरपीएफ ने पत्र लिखकर दावा किया है कि राहुल गांधी ने अपनी आवाजाही के दौरान कथित तौर पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। इस पर बीजेपी ने राहुल गांधी पर हमला बोला है और सवाल उठाया है कि आखिर विदेश यात्रा के दौरान ऐसा क्या होता है जिसके चलते राहुल को अपनी ही सुरक्षा पर भरोसा नहीं है। वे वहां कौन सी सीक्रेट मीटिंग करने जाते हैं और वहां से ऐसी कौन सी सामग्री आती है? सीआरपीएफ की वीआईपी सुरक्षा शाखा, लोकसभा में विपक्ष के नेता 55 वर्षीय राहुल गांधी को ‘जेड प्लस (एएसएल)’ सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करती है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, "अगर राहुल गांधी विदेश यात्राओं के दौरान बार-बार सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हैं, तो कुछ सवाल उठते हैं। विदेशी यात्राओं के दौरान ऐसा क्या होता है कि उन्हें अपनी ही सुरक्षा पर भरोसा नहीं होता और वे प्रोटोकॉल तोड़ते हैं? क्या वहां से कोई मटेरियल, कंटेट आ रहा है? ऐसी बातें या मुलाकातें हो रही हैं, जिनका इस्तेमाल भारत में किया जा रहा है और यह किसी को पता न चले इसीलिए सिक्योरिटी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है?'' उन्होंने आगे पूछा, ''इससे पहले भी जब उनके पास एसपीजी सुरक्षा थी, तब इस तरह की चिंताएं उठाई गई थीं। वह विदेशी देशों में अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं… अगर कल को कुछ हुआ, तो क्या सुरक्षा एजेंसियों को दोषी ठहराया जाएगा? कांग्रेस को उनसे पूछना चाहिए कि वह विदेशी यात्राओं पर कौन सी गुप्त बैठकें करते हैं जिससे सुरक्षा का उल्लंघन होता है?" अर्धसैनिक बल की वीआईपी सुरक्षा शाखा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि गांधी ने अपने घरेलू दौरे के दौरान और विदेश जाने से पहले, ‘‘बिना किसी सूचना के कुछ अनिर्धारित गतिविधियां कीं।’’ सूत्रों ने कहा कि नियमित रूप से इस तरह का संचार किया जाता है और सीआरपीएफ सुरक्षा शाखा द्वारा पहले भी राहुल गांधी की सुरक्षा के संदर्भ में ऐसा संचार किया गया था। बल ने रेखांकित किया है कि इस तरह की अघोषित गतिविधियां उच्च जोखिम वाले वीआईपी की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करती हैं। उसने कहा कि सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति और उसके कर्मचारियों द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाना चाहिए।  

मौसम विभाग की चेतावनी: 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं, मूसलाधार बारिश की संभावना

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर करवट ली है। जहां एक ओर लोग सितंबर में राहत की उम्मीद कर रहे थे, वहीं अब मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। खासतौर पर पूर्वी यूपी के 11 जिलों में मूसलधार बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान बिजली गिरने, जलभराव और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभवाना जताई गई है। 11, 12 और 15 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में 11 और 12 सितंबर को झमाझम बारिश होने की संभावना है। 15, 16 और 17 सितंबर को भी फिर से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे एक बार फिर इन इलाकों में जलभराव और आवाजाही में दिक्कतें आ सकती हैं। पश्चिमी यूपी में राहत, लेकिन उमस बरकरार वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की तीव्रता उतनी नहीं होगी। यहां सिर्फ हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान है। लेकिन बारिश की कमी के बावजूद उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करती रहेगी। 13-14 सितंबर: थोड़ी राहत, फिर बढ़ेगी बारिश 13 और 14 सितंबर को पूरे प्रदेश में मौसम थोड़ा शांत रहेगा। इन दो दिनों में हल्की या मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है। लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है, क्योंकि 15 सितंबर से फिर से पूर्वी यूपी में मूसलधार बारिश लौटने वाली है।   स्कूलों और आमजन के लिए चेतावनी भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद करने जैसे निर्णय लिए जा सकते हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम में यात्रा से बचें, जलभराव वाले इलाकों में न जाएं और मौसम अपडेट पर नजर रखें। इस बार देरी से होगी मानसून की विदाई आमतौर पर 15 से 20 सितंबर के बीच मानसून प्रदेश से विदा लेने लगता है, लेकिन इस बार मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस प्रक्रिया में देरी हो सकती है। अनुमान है कि सितंबर के अंत तक रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है।  

छतरपुर के चार परिवार नेपाल से सकुशल लौटने निकले, पीएम मोदी से मदद की थी अपील

छतरपुर नेपाल में भड़की हिंसा में छतरपुर के जो चार परिवार फंस गए थे, वह दूसरे दिन गुरुवार को छतरपुर के लिए निकल पड़े हैं। नेपाल में भड़कती हिंसा और आगजनी को देख सभी लोगों ने चार गाड़ियां की और उनसे निकल पड़े हैं। नेपाल से निकलते समय छतरपुर के चार परिवारों में शामिल निर्देश अग्रवाल ने वीडियो भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि नेपाल में हालात खराब हैं और हम सभी हिम्मत जुटाकर अपनी गाड़ियों से भारत के लिए निकल पड़े हैं। पीएम मोदी से लगाई थी मदद की गुहार वह भारत नेपाल की सीमा से करीब आठ किमी दूर थे, तब उन्होंने वीडियो जारी किया और नेपाल से लौटने की जानकारी दी। इन परिवारों ने नेपाल में फंसे होने के दौरान पीएम मोदी से मदद की गुहार की गुहार लगाई थी और वीडियो जारी कर मदद मांगी थी। इसे लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी जल्द फंसे लोगों को भारत लाने की बात कही थी।   चार परिवार में कुल 14 लोग शामिल आपको बता दें कि नेपाल में भड़की हिंसा में छतरपुर कोतवाली इलाके के गल्ला मंडी ने रहने वाले व्यापारी राजीव कुमार, पप्पू मातेले पुत्र स्व.सुक्कू मातेले, निर्देश अग्रवाल, गुड्डू अग्रवाल पुत्र जयनारायण अग्रवाल एक कुशवाहा परिवार भी इसी ग्रुप के साथ शामिल हैं, जो नेपाला के काठमांडू में फंस गए थे। इन चार परिवारों में करीब 14 लोग शामिल हैं जिनमें बच्चे भी हैं।

खरगे ने कांग्रेस नेताओं को चेताया, फौरन बाहर करें निष्क्रिय सदस्य

अहमदाबाद  गुजरात कांग्रेस के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा, और अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे लेकर सख्त रुख अपना लिया है। जूनागढ़ में जिला अध्यक्षों के एक प्रशिक्षण शिविर में बोलते हुए खरगे ने साफ कहा – अगर पार्टी में कुछ लोग काम नहीं कर रहे, जिम्मेदारी से भाग रहे हैं या सिर्फ बहाने बना रहे हैं, तो उन्हें तत्काल बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। खरगे ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "अगर समय रहते खराब आम नहीं हटाए गए, तो पूरी टोकरी सड़ जाएगी।" क्या है पूरा मामला? एक आंतरिक रिपोर्ट में सामने आया है कि गुजरात कांग्रेस की 41 में से 19 ज़िला/शहर इकाइयों का प्रदर्शन बेहद कमजोर है। ये रिपोर्ट पार्टी द्वारा बीते तीन महीनों में किए गए राजनीतिक कार्यक्रमों और निर्देशों के अनुपालन के आधार पर तैयार की गई है। 9 यूनिट्स को अव्वल, 11 को औसत, और 19 को सुधार की ज़रूरत वाली कैटेगरी में रखा गया है। यही आंकड़े देखकर खरगे ने पार्टी में "साफ-सफाई" की बात कही। खरगे का दो टूक संदेश जो नेता काम नहीं करना चाहते, उन्हें अब हटाना ही पड़ेगा। वरना वे किसी और खेमे में चले जाएंगे और पार्टी को नुकसान पहुंचाएंगे। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस को अब अनुशासन, विचारधारा से निष्ठा, और बूथ लेवल पर मजबूत नेटवर्किंग की ज़रूरत है। उपस्थित‍ि पर भी जताई नाराज़गी खरगे ने यह भी कहा कि जिस तरह शिविर के पहले दिन 100% लोग थे, फिर दूसरे दिन 90% और तीसरे दिन 80% हो गए, यह लापरवाही पार्टी की प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े करती है। बता दें कि लोकसभा चुनाव नजदीक हैं, और गुजरात में कांग्रेस का हाल पहले से ही कमजोर रहा है। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व अब कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। खरगे का यह रुख संकेत है कि कांग्रेस अंदर से बदलाव के मूड में है – और सिर्फ पद लेने वालों को नहीं, बल्कि काम करने वालों को तरजीह मिलेगी।  

डाॅग स्क्वाड यूनिट के लिए नई पहचान, दिल्ली पुलिस ने जारी किया के-9 का प्रतीक चिह्न

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस का डॉग स्क्वाड (के-9 यूनिट) क्राइम ब्रांच के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत एक यूनिट है। इस यूनिट के उच्च प्रशिक्षित श्वानों को राजधानी में अपराध का पता लगाने, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की पहचान करने के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में सहायता के लिए तैनात किया जाता है। इस दस्ते का अब तक कोई प्रतीक चिह्न नहीं था। पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने बहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में डॉग स्क्वाड के आधिकारिक प्रतीक चिह्न का अनावरण किया। विशेष आयुक्त क्राइम ब्रांच देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि यह नया प्रतीक चिह्न डाॅग स्क्वाड की विशिष्ट स्थिति और समर्पित सेवा को दर्शाता है। आगे चलकर इसे श्वान दस्ता के कर्मियों की वर्दी, जैकेट और गियर पर प्रदर्शित किया जाएगा।  

यात्रियों के लिए खुशखबरी: नमो भारत RRTS कॉरिडोर पूरी तरह शुरू होने को तैयार, दिल्ली-मेरठ सफर होगा आसान

मेरठ  राजधानी दिल्ली से मेरठ तक की बहुप्रतीक्षित रेलवे परियोजना नमो भारत दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरीडोर जल्द ही पूरी तरह खुलने जा रहा है। फिलहाल इसके 55 किलोमीटर का हिस्सा अभी चल रहा है, जिसमें दिल्ली के अशोक नगर स्टेशन से मेरठ साउथ स्टेशन तक यात्रियों के लिए इसे चालू किया गया है। इस रेलवे लाइन की बची हुई 27 किलोमीटर की भी शुरुआत जल्द होने वाली है। यह जानकारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने दी है। इस कॉरीडोर के पूरी तरह खुलने के बाद एनसीआर में 8 और कॉरीडोर को कैबिनेट से मंजूरी मिलने की संभावना है। इस मामले की जानकारी देते हुए शलभ गोयल ने बताया कि जून में पूरे 82 किलोमीटर लंब रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) का सफल ट्रायल किया गया था। उन्होंने बताया कि अब जल्द ही इसे आम यात्रियों के लिए भी खोल दिया जाएगा। शलभ ने बताया कि पूरा कॉरीडोर उद्घाटन के लिए तैयार हो गया है। उन्होंने बताया कि अभी इस कॉरीडोर के माध्यम से करीब 60 हजार यात्री हर महीने यात्रा कर रहे हैं। पूरी तरह से खुल जाने के बाद इस रास्ते पर करीब 1 लाख से ज्यादा कारों को सड़कों से हटाने में कामयाबी मिलेगी। इससे सड़कों पर लगने वाला जाम कम हो जाएगा। दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरीडोर में चलने वाली ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किलोमीटर प्रतिघंटा है। इस तरह अब दिल्ली से मेरठ के बीच की दूरी 1 घंटे से कम समय में पूरी हो जाएगी। इस कॉरीडोर के पूरी तरह से खुल जाने के बाद दिल्ली और उसके आसपास के शहरों में लगने वाले भीषण जाम से भी हल्की राहत मिल जाएगी। बता दें कि नमो भारत परियोजना पर कुल 30 हजार करोड़ रुपए का खर्च आया है। इसे मेरठ के साथ ही आसपास के कई शहरों को जोड़ने के लिए बनाया गया है। इसके बाद जल्द ही दिल्ली-अलवर कॉरीडोर को मंजूरी मिलने की संभावना है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद गुरुग्राम होते हुए यह कॉरीडोर 106 किलोमीटर तक जाएगा। दिल्ली-पानीपत कॉरीडोर को भी इसी साल स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। इस तरह एनसीआर में कुल मिलाकर 8 नमो भारत आरआरटीएस कॉरीडोर बनाए जाएंगे, जिससे आसपास के शहरों तक की यात्रा आसान हो जाएगी और सड़कों पर से ट्रैफिक की समस्या भी कम हो जाएगी।  

नितिन गडकरी का पलटवार: एथनॉल विवाद पर बोले, मेरे खिलाफ चल रहा है पेड कैम्पेन

नई दिल्ली केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि 20 फीसदी एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20) के खिलाफ सोशल मीडिया पर पूर्वाग्रस से ग्रसित पैड कैम्पेन चलाया जा रहा है, ताकि उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा सके। एक कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि E20 पेट्रोल रोलआउट कार्यक्रम को लेकर उनके खिलाफ चलाई गई पेड मुहिम अब अब झूठी साबित चुकी है। केंद्रीय मंत्री ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स सोसायटी के वार्षिक सम्मेलन में प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे, जब उनसे पेट्रोल में इथेनॉल के मिश्रण से संबंधित चिंताओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया पर यह मेरे खिलाफ पेड मुहिम थी, ताकि सियासी रूप से मुझे निशाना बनाया जा सके। यह मुहिम अब झूठी साबित हो रही है।" गडकरी ने आगे कहा कि उन्होंने वित्त मंत्री से पुराने वाहनों को स्क्रैप करके नई कार खरीदने वाले ग्राहकों के लिए GST में राहत पर विचार करने का आग्रह किया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस तरह के कदम से उपभोक्ताओं और ऑटो उद्योग दोनों को फायदा होगा। पेट्रोल लॉबी बहुत समृद्ध ई-20 (पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण) को लेकर सोशल मीडिया पर बढ़ती चिंता पर प्रतिक्रिया देते हुए, गडकरी ने कहा कि पेट्रोलियम क्षेत्र इस कदम के खिलाफ काम कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हर जगह लॉबी होती हैं, हित होते हैं…पेट्रोल लॉबी बहुत समृद्ध है।’’ प्रदूषण के दृष्टिकोण से E20 के असर पर बोलते हुए, उन्होंने कहा, “दुनिया इस बात पर सहमत है कि प्रदूषण कम करना ज़रूरी है। एक रिपोर्ट में पाया गया है कि अगर प्रदूषण का यही स्तर जारी रहा तो दिल्ली के निवासियों की ज़िंदगी के 10 साल कम हो जाएंगे।” प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी है E20 केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऑटोमोबाइल निर्माता और ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया जैसी संस्थाओं ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने पर अपने निष्कर्ष साझा किए हैं। मंत्री ने कहा, “आपका उद्योग जिस तरह काम करता है, राजनीति भी उसी तरह काम करती है। सोशल मीडिया अभियान पैसे लेकर चलाया गया था; यह मुझे राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के लिए था। इसमें कोई तथ्य नहीं है; सब कुछ स्पष्ट है। (एथनॉल मिलाना) आयात का विकल्प है, लागत प्रभावी है, प्रदूषण मुक्त है और स्वदेशी है।” E20 पेट्रोल 80% पेट्रोल और 20% एथनॉल का मिश्रण बता दें कि E20 पेट्रोल 80 प्रतिशत पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण को कहते हैं। हालाँकि सरकार इस बात पर ज़ोर देती है कि E20 मिश्रण कार्बन उत्सर्जन और जीवाश्म ईंधन के आयात को कम करने में एक क्रांतिकारी बदलाव है, लेकिन वाहन मालिकों का दावा है कि इससे ईंधन दक्षता कम हुई है और टूट-फूट बढ़ी है, जिससे वाहनों की उम्र कम हो रही है।