samacharsecretary.com

चार लेन का मेगा पुल बनेगा गेमचेंजर, एमपी के दो नेशनल हाईवे होंगे सीधे कनेक्ट

बेतुल एमपी के दो नेशनल हाईवे जल्द ही सीधे कनेक्ट हो जाएंगे। बैतूल-खेड़ी मार्ग पर 18 मीटर चौड़ा नया पुल बनाया जा रहा है जिससे दो राज्य भी जुड़ेंगे। मुख्य रूप से बैतूल शहर के लिए यह चार लेन पुल बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। करबला घाट पर माचना नदी पर बननेवाले इस नए पुल के लिए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष और स्थानीय विधायक हेमंत खंडेलवाल ने भूमिपूजन किया। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, जिले के अन्य विधायक महेंद्र सिंह चौहान, चंद्रशेखर देशमुख, गंगाबाई उईके व डॉ. योगेश पंडाग्रे भी उपस्थित थे। नया पु​ल, पुराने जर्जर पुल के स्थान पर बनाया जा रहा है जो बैतूल को नेशनल हाईवे से जोड़ेगा। इससे यातायात सुगम होने के साथ ही सुरक्षित भी होगा। इस पुल के बन जाने से बैतूल की हरदा-इंदौर हाईवे और भोपाल-नागपुर हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इतना ही नहीं, बारिश में माचना नदी में पानी भरने से उत्पन्न यातायात की समस्या भी खत्म हो जाएगी। चार-लेन पुल को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य करबला घाट पर पुराना पुल करीब 80 साल पहले का है और यह खतरनाक हो चुका है। बैतूल-खेड़ी मार्ग पर नया पुल 100 मीटर लंबा और 18.50 मीटर चौड़ा होगा। इस चार-लेन पुल को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। बैतूल क्षेत्र के लिए यह एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट है जिससे यात्रा और आसान व सुरक्षित होगी। माचना के नए पुल के निर्माण से बैतूल शहर को हरदा-इंदौर नेशनल हाईवे और भोपाल-नागपुर हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इसी के साथ एमपी की राजधानी भोपाल का महाराष्ट्र से सड़क संपर्क और सुगम हो जाएगा। पुल की प्रशासकीय लागत 18.43 करोड़ रुपए अधिकारियों ने बताया कि पुल की प्रशासकीय लागत 18.43 करोड़ रुपए और तकनीकी लागत 10.80 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। यह पुल चार लेन का होगी।

स्मार्ट सिटी की ओर कदम, AI कैमरों से रियल-टाइम ट्रैफिक जाम की मिलेगी जानकारी

भोपाल  आम आदमी की रोजमर्रा की परेशानियों का समाधान अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), सेंसर और डेटा आधारित तकनीकें के माध्यम से होगा। मैनिट और ट्रिपल आइ‌टी के छात्रों द्वारा विकसित नवाचार शहरों की ट्रैफिक व्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक बड़े बदलाव की नींव रख रहे हैं। स्मार्ट कैमरों और सेंसर की मदद से यह तकनीक समझ सकेगी कि किस दिशा में वाहनों का दबाव अधिक है, जिससे ट्रैफिक सिग्नल स्वत: उसी अनुसार संचालित हो सकेंगे और जाम की समस्या कम होगी। वहीं डिजिटल हेल्थ ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म के जरिए मरीज के शरीर से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा को रियल-टाइम में रिकॉर्ड किया जाएगा। जिसे डॉक्टर दूर बैठे भी देख सकेंगे। इससे समय पर इलाज संभव होगा और अस्पतालों पर दबाव भी घटेगा। स्मार्ट इंडिया हैकथॉन (एसआइएच) 2025 में छह से अधिक टीमों के आइडिया राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुए हैं। इन आइडियाज की खास बात यह है कि ये सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की दिक्कतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए है। वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम स्मार्ट सेंसर आधारित वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम कचरा पात्रों में लगे सेंसर से नगर निगम को अलर्ट भेजेगा कि कहां कचरा भर चुका है। इससे समय पर सफाई होगी और शहर साफ रहेंगे। वहीं, डाक विभाग के लिए विकसित एआइ आधारित समाधान से पार्सल और पत्रों की प्रोसेसिंग तेज होगी। फेक न्यूज और देशविरोधी प्रचार की पहचान मैनिट की एक टीम ने ऐसा टूल बनाया है, जो सोशल मीडिया डेटा का विश्लेषण कर संदिग्ध पोस्ट, ट्रेंड और कैंपेन को चिन्हित करेगा। यह सिस्टम पैटर्न पहचानकर बताएगा कि कौन सा कंटेंट संगठित तरीके से फैलाया जा रहा है, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में क्या बदलेगा ट्रिपल आईटी की टीम ने ग्रामीण इलाकों के लिए डिजिटल हेल्थ ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म बनाया है। इसमें मरीज का इलाज, जांच और दवाओं का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा। इससे बार-बार फाइल ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी और डॉक्टर दूर बैठे भी मरीज की स्थिति समझ सकेंगे। साइबर ठगी से आम लोगों की सुरक्षा डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ फर्जी ऐप्स का खतरा भी बढ़ा है। छात्रों ने फेक बैंकिंग एपीके डिटेक्शन सिस्टम तैयार किया है, जो ऐप के कोड, परमिशन और व्यवहार का विश्लेषण कर यह बताएगा कि ऐप सुरक्षित है या नहीं। स्मार्ट ट्रैफिक कंट्रोल मैनिट की टीम ने एआइ आधारित स्मार्ट ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम विकसित किया है। मौजूदा सिस्टम में सिग्नल तय समय पर बदलते हैं, चाहे सड़क खाली हो या जाम से भरी। नया सिस्टम रीयल-टाइम डेटा, कैमरों और सेंसर की मदद से यह समझेगा कि किस दिशा में ज्यादा वाहन हैं। उसी आधार पर सिग्नल का समय अपने आप बदलेगा। इससे जाम कम होगा, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड को रास्ता मिलेगा और ईंधन की बर्बादी भी रुकेगी।

आज से VIP रोड पर नया ट्रैफिक नियम, उल्लंघन पर कटेगा ₹5000 का चालान

रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज से ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। नवरात्र के पहले दिन से वीआईपी चौक से एयरपोर्ट तक की सड़क को आज से वन वे कर दिया गया है। करीब 9 किलोमीटर लंबी सेंट्रल रोड के वन-वे होने से लोगों को जाम से राहत मिलेगी इसके साथ ही हादसों पर भी रोक लगेगी। जानकारी के अनुसार, अब इस मार्ग से केवल एयरपोर्ट और नवा रायपुर की तरफ जाने जा सकेंगे। वहीं, इस रोड से शहर की तरफ वापस लौटने की अनुमति नहीं होगी। जिन लोगों को एयरपोर्ट से वीआईपी चौक वापस आना है उन लोगों को सर्विस रोड का उपयोग करना होगा। यह नया ट्रैफिक नियम सोमवार से लागू हो गया है। ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि लोगों को मुश्किल नहीं हो इसलिए नई व्यवस्था की जानकारी देने के लिए कुछ दिन तक समझाइश दी जाएगी उसके बाद कार्रवाई होगी। जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में हुआ निर्णय 10 सितंबर को जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में वीआईपी रोड को वनवे घोषित करने तथा अन्य वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद  नगर निगम, परिवहन व यातायात पुलिस की टीम ने वीआईपी रोड का निरीक्षण किया। एयरपोर्ट तक जल्दी पहुंचने के लिए इसका उपयोग लोग करेंगे। शहर की ओर के लिए सर्विस रोड माना एयरपोर्ट, ग्राम फुंडहर, टेमरी व माना पीटीएस की ओर से शहर आने वाले लोग सर्विस रोड का उपयोग कर आवागमन कर सकेंगे। श्रीराम मंदिर टर्निंग से विमानतल के अलावा अन्य गंतव्य को जाने वाले सर्विस रोड से चलेंगे। सीसीटीवी से निगरानी माना विमानतल प्रवेश मार्ग, माना पीटीएस चौक, ग्राम टेमरी ,ग्राम फुंडहर चौक, मौलश्री विहार से मध्य मार्ग में प्रवेश को रोकने के लिए इन स्थानों पर मध्य मार्ग में रांग वे डिटेक्शन कैमरे लगाए गए हैं। इसके जरिए ई-चालान की कार्रवाई की जाएगी। वीआईपी रोड के मध्य मार्ग को वन-वे दर्शाने और वापस आने वालों को मध्य मार्ग में प्रवेश न करने की जानकारी देते हुए आवश्यक स्थानों पर संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। वन-वे का उल्लंघन करने पर मोटरयान अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। 2500 रु. जुर्माना लगेगा। तीन मार्ग हैं वीआईपी रोड में माना विमानतल जाने वाले वीआईपी मार्ग में श्रीराम मंदिर के सामने से नवा रायपुर और विमानतल प्रवेश मार्ग तक 3 मार्ग हैं। एक मध्य मार्ग और दोनों ओर एक-एक सर्विस रोड है। माना विमानतल जाने वालों के लिए मध्य मार्ग तथा रोड के दोनों ओर होटल, मैरिज पैलेस व अन्य संस्थानों में आवागमन करने वालों के लिए सर्विस रोड दिया गया है। माना विमानतल, होटल, मैरिज पैलेस व अन्य संस्थानों, गांवों से शहर की ओर आने-जाने वाले मध्य मार्ग का ही उपयोग करते हैं, जिससे मध्य मार्ग में ट्रैफिक दबाव बढ़ गया है। ओवरटेक और रफ्तार के चलते सडक़ दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। 7 साल पहले वन-वे के कॉन्सेप्ट पर बना था एयरपोर्ट रोड वीआईपी तिराहा से माना एयरपोर्ट तक सड़क पहले सिंगल लेन थी। एक ही सड़क पर वाहन दोनों ओर से आते-जाते थे। रमन सरकार ने इस सड़क को चौड़ा करने का फैसला किया, लेकिन शर्त थी कि सड़क किनारे लगे पेड़ों को नहीं काटा जाएगा। तब बिना पेड़ काटे चौड़ीकरण की योजना बनाई गई। इसमें तीन सड़कें बनीं। बीच में 10 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क और दोनों ओर 7-7 मीटर की सर्विस रोड। प्लानिंग के समय ही तय किया गया था कि सेंट्रल रोड को वन-वे रखा जाएगा, ताकि लोग जल्दी एयरपोर्ट पहुंच सकें। सर्विस रोड पर पार्किंग बैन किया गया और कारोबारियों को ड्रेनेज पार अपनी पार्किंग बनाने की शर्त रखी गई। फुंडहर, टेकरी चौक, पीटीएस चौक पर अंडरपास बनाने का प्रस्ताव था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। डिवाइडर को कहीं भी खुला नहीं रखने का भी निर्णय लिया गया था। 16 लोगों की हो चुकी है मौत, 59 घायल वर्तमान में वीआईपी रोड के बीच वाले हिस्से में ही दोनों ओर से वाहनों का आना-जाना होता था। वाहनों की रफ्तार अधिक होती थी। इसके चलते सडक़ दुर्घटनाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले 20 माह में इस मार्ग पर 55 सडक़ हादसे हो चुके हैं। माना और तेलीबांधा थाने में दर्ज मामलों के अनुसार इन सडक़ हादसों में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। 59 लोग घायल भी हो चुके हैं। पुलिस की अपील एसएसपी डॉक्टर लाल ने वीआईपी मार्ग का उपयोग करने वाले नागरिकों से अपील की है कि वे माना एयरपोर्ट जाने के लिए ही बीच सडक़ का उपयोग करें। शहर की ओर वापसी के लिए सर्विस रोड का इस्तेमाल करें। बीच वाले सडक़ से शहर की ओर आने पर पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। कृपया सर्विस रोड से ही वापसी करें। जुर्माने का भी प्रावधान ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, समझाश देने के बाद भी अगर कोई गाड़ी चालक नियमों को अनदेखा करता है तो उसके ऊपर जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई वाहन चालक मुख्य सड़क से शहर की तरफ आता है तो उसे 2,000 से लेकर 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना होगा। लगाए गए हैं साइन बोर्ड नए नियम के बारे में जानकारी देते हुए ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि वीआईपी रोड पर एयरपोर्ट और नवा रायपुर की तरफ जाने के लिए साइन बोर्ड लगा दिए गए हैं जिससे लोगों को परेशानी नहीं हो। लोगों से अपील की गई है कि शहर की तरफ लौटते समय मेन रोड की जगह सर्विस रोड का उपयोग करें। लोगों को इसके बारे में जानकारी देने के लिए निर्धारित स्थानों पर अतिरिक्त ट्रैफिक स्टाफ तैनात करने की योजना भी बनाई गई है। पार्किंग को किया गया बैन सर्विस रोड पर पार्किंग बैन किया गया है। बता दें कि हाल ही में इस सड़क पर कई हादसे हुए थे। भारी ट्रैफिक के कारण लोग रॉग साइड में भी गाड़ी चलाते हुए पकड़े गए थे। जिस कारण से लंबा जाम लगता था। अब लोगों की सुरक्षा और जाम से निजात दिलाने के लिए यह फैसला किया गया है।

आज से भोपाल में शुरू हुआ ट्रैफिक अभियान, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी नजर

 भोपाल यातायात नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध सोमवार से 15 दिन तक (आठ से 22 सितंबर) कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें अर्थदंड लगाने से लेकर नियमों के अनुसार अन्य वैधानिक कार्रवाई होगी। पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (पीटीआरआई) के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शाहिद अबसार ने इस संबंध में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि सड़क सुरक्षा के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति ने हाल ही में प्रदेश का दौरा किया था। समिति ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताई थी। इसके साथ ही यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधार करने के लिए कहा था। इसी तारतम्य में 15 दिन का अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। हर साल हो रही 55 हजार सड़क दुर्घटनाएं बता दें कि प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 55 हजार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें 14 हजार लोगों की जान चली जाती है। एडीजी ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, पर यातायात नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। अभियान के दौरान कॉलेज विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक कार्रवाई की रिपोर्ट प्रतिदिन पुलिस मुख्यालय को ई-मेल से भेजेंगे। क्या होगा अभियान में तेज गति, बिना हेलमेट व सीट बेल्ट, नाबालिग द्वारा वाहन चलाने, ड्राइविंग के समय मोबाइल का उपयोग, शराब पीकर वाहन चलाना, गलत दिशा में वाहन चलाना, ओवर लोडिंग और बिना लाइसेंस, परमिट और फिटनेस के वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।