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ठंड और कोहरे के बीच बारिश का अनुमान, मध्यप्रदेश के 16 जिलों में बूंदाबांदी, भोपाल-इंदौर में सूरज चमकेगा

भोपाल  मध्य प्रदेश में बुधवार को मौसम का मिजाज बदला-बदला सा रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, प्रदेश में ठंड भी बढ़ने लगी है। मंगलवार को ग्वालियर-चंबल संभाग में रात का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, वहीं सुबह घना कोहरा छाया रहा। राज्य के अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री के आसपास रहा। बुधवार को भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। 16 जिलों में हो सकती है हल्की बारिश मौसम विभाग ने बुधवार को रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, कटनी, सिवनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिनभर साफ आसमान और धूप खिली रहेगी। विभाग ने 6 नवंबर को छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भी हल्की बारिश का अनुमान जताया है। उत्तरी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौसम वैज्ञानिकों की माने तो मध्यप्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। इसके असर से कुछ जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। दूसरी ओर, एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी एक्टिव हो रहा है। अगले कुछ दिन में यह भारत में पहुंच जाएगा। जिससे हिमालयीन क्षेत्र में बर्फबारी भी हो सकती है। इसके बाद उत्तरी हवाओं का असर बढ़ेगा और एमपी में भी ठंडक का असर बढ़ जाएगा। दो दिन बाद पूरी तरह से साफ हो जाएगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 5 और 6 नवंबर को कुछ ही जिलों में बूंदाबांदी, बादल वाला मौसम रहेगा। फिर उत्तर से हवा आने की वजह से पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने लगेगी। यह दौर दूसरे सप्ताह तक चलेगा। इसके बाद दिन-रातें ठंडे होने लगेंगे। 15 नवंबर के बाद तेज ठंड का दौर शुरू हो जाएगा। पचमढ़ी सबसे ठंडा, तापमान 24.6 डिग्री मंगलवार को प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री तक की गिरावट देखने को मिली। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां 2 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 24.6 डिग्री पहुंच गया। शिवपुरी, श्योपुर, रतलाम, रायसेन, इंदौर, ग्वालियर, बैतूल, धार, नरसिंहपुर, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़ और मलाजखंड में पारा 30 डिग्री से नीचे रहा। ग्वालियर में सुबह विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर रही। वहीं, अधिकांश शहरों में 4 से 10 किलोमीटर दर्ज की गई। रात में रीवा में पारा 12.5 डिग्री रहा। नौगांव में 13 डिग्री, उमरिया में 13.4 डिग्री दर्ज किया गया। अक्टूबर में 121% बारिश ज्यादा, नवंबर में तेज ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर महीने में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, छतरपुर, नरसिंहपुर समेत कई शहरों में पारा 24 डिग्री के नीचे ही रहा। इंदौर में 10 साल में दूसरी बार सबसे ज्यादा बारिश अक्टूबर में बारिश के रिकॉर्ड की बात करें तो दो साल बाद प्रदेश में सबसे ज्यादा पानी गिरा। भोपाल में 2.8 इंच, जबलपुर में 3.3 इंच, ग्वालियर में 4.2 इंच और उज्जैन में 2.1 इंच बारिश दर्ज की गई। साल 2022 में इससे ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, इंदौर में 3.4 इंच पानी गिरा। यहां 10 साल में दूसरी बार अक्टूबर में इतनी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले में श्योपुर नंबर-1 पर है। यहां 6.52 इंच, झाबुआ में 5.52 इंच, सिंगरौली में 5.35 इंच, सीधी में 5 इंच, उमरिया में 4.14 इंच, अनूपपुर में 4.82 इंच, बड़वानी में 4.21 इंच और भिंड में 4.36 इंच बारिश हो गई। प्रदेश का खंडवा ही एक मात्र ऐसा जिला रहा, जहां सामान्य से कम पानी गिरा। बाकी 53 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल मध्य प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है, जिसके कारण कुछ जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। साथ ही, एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी सक्रिय हो रहा है, जो अगले कुछ दिनों में हिमालयी क्षेत्र तक पहुंच सकता है। इससे उत्तर भारत में बर्फबारी और ठंड दोनों बढ़ने की उम्मीद है। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। दो दिन बाद मौसम रहेगा साफ, फिर बढ़ेगी ठंड विभाग का अनुमान है कि 5 और 6 नवंबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बादल छाए रहेंगे, लेकिन इसके बाद उत्तर से ठंडी हवाएं आने लगेंगी। इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की कमी आएगी। नवंबर के दूसरे सप्ताह से दिन और रात दोनों ठंडे होने लगेंगे। 15 नवंबर के बाद प्रदेश में ठंड का प्रभाव तेजी से बढ़ने की संभावना है। मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 1–2 डिग्री नीचे रहा। राज्य का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शिवपुरी, श्योपुर, रतलाम, रायसेन, इंदौर, ग्वालियर, बैतूल, धार, नरसिंहपुर, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़ और मलाजखंड में दिन का पारा 30 डिग्री से नीचे रहा। रात के तापमान की बात करें तो रीवा में 12.5 डिग्री, नौगांव में 13 डिग्री और उमरिया में 13.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

झारखंड में ‘मोंथा’ तूफान शांत, अब बढ़ेगी सर्द हवाओं की सिहरन

रांची झारखंड में चक्रवाती तूफान‘मोंथा'का प्रभाव अब लगभग समाप्त हो चुका है। पिछले तीन दिनों से राज्य में लगातार बारिश हो रही थी, लेकिन अब बारिश के बादल छंट चुके हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि आज यानी 4 नवंबर से रांची और आसपास का आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा। वहीं, अगले सात दिनों तक सुबह के समय धुंध और कोहरा सामान्य रहेगा। दिन के समय धूप खिली रहेगी और शाम को ठंड बढ़ने लगेगी और लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेंगे। पिछले 24 घंटों में राज्य के बड़े जिलों में बारिश नहीं हुई है। साथ ही, शाम को ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आएगी। मौसम विभाग ने संभावना जताया है कि आने वाले दिनों में झारखंड में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट हो सकती है, जिससे ठंड के मौसम की औपचारिक शुरुआत मानी जाएगी। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर के महीने में ठंड में तेज वृद्धि हुई है। वर्ष 2020 में 1 नवंबर को न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जो उस वर्ष का सबसे कम तापमान था। वर्ष 2024 में भी 1 नवंबर को न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा था, जिससे ठंड का असर जल्दी दिखा था। अगले कुछ दिन झारखंड में ठंडक बढ़ने के संकेत हैं। इस दौरान सुबह के समय धुंध और शाम को ठंडी हवाओं के साथ ठंड में वृद्धि अनुभव की जाएगी। इस मौसम में गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करना आवश्यक हो गया है।

नवंबर में बढ़ेगी ठिठुरन? बिहार के लिए IMD ने जारी की बड़ी Weather Report

पटना बिहार में winter season की दस्तक इस बार थोड़ा देर से हुई है। आमतौर पर अक्टूबर के शुरूआती हफ्ते में ही ठंड की शुरुआत हो जाती है, लेकिन इस साल Cyclone Montha (मोंथा तूफान) की वजह से अक्टूबर के आख़िरी दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लोगों ने सीजन की पहली ठंड महसूस की, जिससे मौसम में ठहराव सा देखने को मिला। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज से पहला Western Disturbance एक्टिव होने जा रहा है। हालांकि, इसका असर बिहार के मौसम पर ज्यादा नहीं पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर में ठंड की शुरुआत जरूर होगी, लेकिन इस बार mild winter in Bihar देखने को मिल सकता है। दिन में हल्की धूप, सुबह कोहरे की चादर नवंबर के पहले सप्ताह में मौसम का मिजाज mixed pattern वाला रहेगा। 9 नवंबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। सुबह के वक्त dense fog देखने को मिल सकता है। दिन के समय मीठी धूप लोगों को राहत देगी। IMD के मुताबिक, राज्य के ज्यादातर इलाकों में partial cloud cover रहेगा। पछुआ हवाएं लगभग 30 km/h की रफ्तार से चलेंगी।     न्यूनतम तापमान: 18°C से 22°C     अधिकतम तापमान: 26°C से 30°C के बीच रहने की संभावना  नवंबर में कम पड़ेगी ठंड, IMD ने दी जानकारी पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस बार नवंबर में cold temperature in Bihar सामान्य से थोड़ा अधिक रहेगा।  बिहार में ठंड की शुरुआत पर एक नजर     अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से गिरने लगा तापमान     नवंबर के पहले हफ्ते में नहीं होगी बारिश     पछुआ हवाओं की रफ्तार से बदलेगा मौसम     दिन में हल्की धूप और रात में बढ़ेगी ठंडक     दिसंबर से बढ़ सकती है ठंड की तीव्रता  

मौसम विभाग की चेतावनी: बिहार के 7 जिलों में भारी बारिश, 29 जिलों में भीगेंगे लोग

पटना बिहार में आज का मौसम बारिश भरा रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार,  राज्य के 29 जिलों में बारिश की संभावना है, जबकि 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज शामिल हैं। इन जगहों पर अगले 24 घंटे के दौरान अति भारी बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पटना और आसपास का मौसम राजधानी पटना में पिछले तीन दिनों से लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंड ने दस्तक दे दी है। शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री तक नीचे चला गया है। “क्या आज बारिश होगी?”  मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज शाम तक कई जिलों में बारिश के फिर से सक्रिय होने की संभावना है। आज का मौसम बिहार पूरी तरह से मॉनसून जैसा बना हुआ है। मोंथा तूफान का असर जारी, तीन दिन से लगातार बारिश मौसम विभाग ने बताया है कि मोंथा तूफान के कारण गंगा किनारे के जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। तेज हवाओं और लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं और कई जगहों पर बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। इन जिलों में आज होगी बारिश मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज इन राज्य के पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, शेखपुरा, बांका, जमुई, नवादा और गया में बारिश की संभावना है। इन जिलों में तेज हवा, वज्रपात और मेघगर्जन की भी चेतावनी जारी की गई है। किसानों की बढ़ी चिंता, रबी फसल पर असर लगातार बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई जगहों पर कटे हुए धान की फसल खेतों में सड़ने लगी है। रबी फसलों की बुआई भी प्रभावित हो रही है क्योंकि खेतों में जलजमाव  की स्थिति बन गई है। इसका असर सरसों, आलू और मक्का की बुआई पर पड़ रहा है। कल मौसम कैसा रहेगा मौसम विभाग का कहना है कि 2 नवंबर को भी बिहार के उत्तरी और पूर्वी इलाकों में बारिश का असर बना रहेगा। हालांकि दक्षिण बिहार में मौसम धीरे-धीरे साफ होने की संभावना है। अगले 48 घंटों में मौसम सामान्य होने की उम्मीद है।  

मोंथा तूफान पहुंचा छत्तीसगढ़! आज इन इलाकों में झमाझम बारिश के आसार

रायपुर  गंभीर चक्रवाती तूफान मोंथा अब कमज़ोर होकर साधारण चक्रवाती तूफान बन गया है. अगले 6 से 12 घंटों में यह गहरे दबाव में बदल सकता है. इसका प्रभाव आज छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिलेगा. बुधवार को चक्रवात के असर से पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना है. एक दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. साइक्लोन मोंथा से छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज लेटेस्ट मौसम अपडेट के अनुसार मोंथा अब कमज़ोर होकर साधारण चक्रवाती तूफान बन गया है. तूफान लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और अगले 6 से 12 घंटों में गहरे दबाव में बदल सकता है. प्रदेश में आज अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है. एक दो स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की भी संभावना है. इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से हवा की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की चल सकती है. वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है. वर्षा का क्षेत्र धीरे धीरे मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर केंद्रित रहने की सम्भावना है. वर्षा की गतिविधि 31 अक्टूबर तक लगातार जारी रहने की सम्भावना है. अगले 2 दिनों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है. बिलासपुर और सरगुजा संभाग के एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई है. बादल गरजने-चमकने के साथ वर्षा हो सकती है. अधिकतम 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.

आईएमडी अलर्ट: राजस्थान के कोटा-बारां में आज हो सकती है भारी बारिश

जयपुर अरब सागर में बना डिप्रेशन सिस्टम राजस्थान के मौसम में बदलाव लेकर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज से उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। इन इलाकों में तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है। जयपुर मौसम केंद्र ने सुबह साढ़े छह बजे कोटा, बारां में बारिश का यलो अलर्ट भी जारी किया है। आज 9 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है — बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर में बरसात की संभावना है। क्यों बदलेगा मौसम? मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार,अरब सागर में बना डिप्रेशन सिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में एक और डिप्रेशन सिस्टम सक्रिय है, जो आने वाले दिनों में साइक्लोन या सीवियर साइक्लोन में बदल सकता है। वहीं, उत्तर भारत में 27 अक्टूबर से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी सक्रिय होगा। इन तीनों सिस्टम के संयुक्त असर से आज से राजस्थान में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। विशेष रूप से उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग में मेघगर्जना के साथ तेज बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। बढ़ेगी सर्दी, गिरेगा तापमान मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि आज से उत्तरी हवाएं तेज होने लगेंगी, जिसका असर बीकानेर और जयपुर संभाग के जिलों में दिखेगा। सीकर, झुंझुनूं, चूरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, नागौर और अलवर में इन हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आएगी और सर्दी का असर बढ़ेगा। तापमान का हाल पिछले 24 घंटों में सुबह-शाम हल्की ठंडी हवाएं चलीं, जबकि दिन में तेज धूप निकली। राज्य में सबसे ज्यादा सर्दी सीकर में रही, जहां न्यूनतम तापमान 13°C दर्ज हुआ। दौसा में न्यूनतम तापमान 14.1°C रहा, जबकि दिन में सबसे अधिक गर्मी बाड़मेर में रही, जहां अधिकतम तापमान 37.1°C रिकॉर्ड किया गया।  

26 से 29 अक्टूबर तक बारिश का दौर! कोटा और उदयपुर संभाग में IMD की चेतावनी

जयपुर दीपावली सप्ताह के बाद राजस्थान में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के अनुसार दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। आईएमडी (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, 26 से 29 अक्टूबर के बीच कोटा और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। यह परिवर्तन अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के असर से हो रहा है, जिसका प्रभाव गुजरात के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है। तापमान में हल्की गिरावट जारी, सीकर सबसे सर्द पिछले 24 घंटों में राजस्थान का मौसम शुष्क रहा, लेकिन रातें ठंडी होने लगी हैं। 23 अक्टूबर को सीकर में न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। वहीं, बाड़मेर में अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 1–2 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट संभव है। इससे सुबह और शाम की ठंडक बढ़ेगी। हालांकि, कोटा और उदयपुर संभाग में संभावित बारिश के कारण ठंड का असर कुछ दिनों के लिए धीमा पड़ सकता है। बीते 24 घंटों प्रदेश के तापमान की स्थिति इस प्रकार रही     अजमेर – अधिकतम तापमान: 32.8°C, न्यूनतम तापमान: 18.7°C     भीलवाड़ा – न्यूनतम तापमान: 18.0°C     वनस्थली – न्यूनतम तापमान: 16.7°C     अलवर – अधिकतम तापमान: 32.0°C, न्यूनतम तापमान: 19.5°C     जयपुर – अधिकतम तापमान: 32.7°C, न्यूनतम तापमान: 20.9°C     नागौर – अधिकतम तापमान: 33.5°C, न्यूनतम तापमान: 16.7°C     सीकर – अधिकतम तापमान: 32.0°C, न्यूनतम तापमान: 16.0°C     किशनगढ़ – अधिकतम तापमान: 33.1°C, न्यूनतम तापमान: 20.6°C     चित्तौड़गढ़ – अधिकतम तापमान: 34.7°C, न्यूनतम तापमान: 18.2°C     झुंझुनू – अधिकतम तापमान: 31.8°C, न्यूनतम तापमान: 19.1°C     बाड़मेर – अधिकतम तापमान: 37.3°C, न्यूनतम तापमान: 23.0°C     पाली  – न्यूनतम तापमान: 19.8°C     जैसलमेर – अधिकतम तापमान: 35.4°C, न्यूनतम तापमान: 20.0°C     जोधपुर शहर – अधिकतम तापमान: 34.6°C, न्यूनतम तापमान: 22.0°C     फलोदी – अधिकतम तापमान: 35.2°C, न्यूनतम तापमान: 21.6°C     बीकानेर – अधिकतम तापमान: 33.8°C, न्यूनतम तापमान: 21.8°C     चूरू – अधिकतम तापमान: 33.4°C, न्यूनतम तापमान: 18.8°C     श्रीगंगानगर – अधिकतम तापमान: 34.1°C, न्यूनतम तापमान: 18.5°C     नागौर  – अधिकतम तापमान: 32.8°C, न्यूनतम तापमान: 17.9°C     अंता बारां  – अधिकतम तापमान: 32.3°C, न्यूनतम तापमान: 19.3°C

दक्षिणी मध्यप्रदेश में एक्टिव हुआ सिस्टम, 15 जिलों में बारिश और गरज-चमक की चेतावनी

 इंदौर मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट बदल चुका है। दक्षिणी हिस्से में सक्रिय हुए नए सिस्टम की वजह से मंगलवार से ही आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को भी इंदौर, बुरहानपुर, बैतूल, खरगोन, धार, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट समेत 15 जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। दिवाली की रात जबलपुर में तेज बारिश ने जहां लोगों को चौंका दिया, वहीं मंगलवार को भोपाल और आसपास के जिलों में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी हुई। विभाग का कहना है कि अगले तीन दिन तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा, जबकि नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर तेजी से बढ़ने की संभावना है। अरब सागर में सिस्टम एक्टिव, असर MP तक दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में बना लो प्रेशर एरिया अगले 24 घंटों में और मजबूत हो सकता है। साथ ही, समुद्र में चक्रवातीय गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं, जिनका प्रभाव विशेष रूप से मध्यप्रदेश के दक्षिणी इलाकों में पड़ेगा। रात में ठंड, दिन में गर्मी राज्य में मौसम के इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ नजर आ रहा है। रातें ठंडी हो गई हैं, जबकि दिन में धूप के कारण गर्मी बनी हुई है। भोपाल में रात का तापमान गिरकर 17.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। इंदौर में 18.6 डिग्री, ग्वालियर और उज्जैन में 19.5 डिग्री, जबकि जबलपुर में 21 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। सबसे कम तापमान राजगढ़ में 15.4 डिग्री रहा। नवंबर से पड़ेगी कड़ाके की ठंड मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि नवंबर के दूसरे सप्ताह से तेज ठंड का दौर शुरू हो जाएगा, जो जनवरी के अंत तक रहेगा। इस बार फरवरी तक ठंड का असर महसूस किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, 2010 के बाद यह सबसे सर्द सर्दी हो सकती है। साथ ही, सर्दियों में सामान्य से ज्यादा बारिश की भी संभावना है। विदा हो चुका है मानसून, फिर भी जारी है बारिश मौसम विभाग ने पुष्टि की है कि मध्यप्रदेश से मानसून 13 अक्टूबर को विदा हो चुका है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाले सिस्टम के कारण छिटपुट बारिश का सिलसिला जारी है। इस साल प्रदेश में मानसून की एंट्री 16 जून को हुई थी और कुल 3 महीने 28 दिन सक्रिय रहा। बारिश में कई जिलों ने तोड़ा रिकॉर्ड इस मानसून सीजन में प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। गुना सबसे अधिक बारिश वाला जिला रहा, जहां 65.7 इंच पानी गिरा। वहीं श्योपुर में 216.3% बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर-चंबल संभाग में औसत से दोगुनी बारिश हुई। हालांकि, शाजापुर ऐसा जिला रहा जहां सबसे कम 28.9 इंच (81.1%) वर्षा हुई, जो भारी कमी की श्रेणी में आता है। उज्जैन, सीहोर और बैतूल में कोटा पूरा तो नहीं हुआ, लेकिन सामान्य के करीब वर्षा हुई। 

मप्र में बदलेगा मौसम का रंग: अक्टूबर में हल्की बारिश, नवंबर से दस्तक देगी सर्दी

भोपाल बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के चलते मध्य प्रदेश का मौसम एक बार फिर बदल गया है। फिलहाल 22-23 अक्टूबर तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।खास करके 20 अक्टूबर से प्रदेश के दक्षिणी जिलों में हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में बादल छाने के साथ कहीं-कहीं हल्की वर्षा या बूंदाबांदी के आसार हैं।इधर, 21 और 24 अक्टूबर को भी दो नए वेदर सिस्टम सक्रिय होने वाले है, जिसका प्रदेश पर असर देखने को मिलेगा। नवंबर के दूसरे सप्ताह कड़ाके की ठंड़ पड़ना शुरू हो जाएगी जो जनवरी तक बनी रहेगी। इस बार ठंड का असर फरवरी तक जारी रह सकता है।  मध्य प्रदेश में अक्टूबर महीने में मौसम का मिला-जुला असर दिखने को मिल रहा है। जहां रात और सुबह हल्की ठंड महसूस हो रही है, वहीं दिन में धूप का असर भी बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर में मौसम की मिजाज ऐसे ही रहेंगे, लेकिन नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में तेज ठंड का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम का वर्तमान हाल 18 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बदला रहा। भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं इंदौर और खंडवा में तेज बारिश हुई। उज्जैन समेत कई शहरों में भी बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार, 20 अक्टूबर से हल्की बूंदाबांदी शुरू होगी। 21 अक्टूबर से दक्षिणी हिस्से के ज्यादातर जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर रह सकता है। मध्य प्रदेश के सभी जिलों में 19 अक्टूबर को मौसम साफ रहेगा। धूप खिली रहेगी, हल्की बारिश की कोई चेतावनी नहीं। अगले 2 दिन कैसा रहेगा मौसम 20 अक्टूबर: बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में हल्की बारिश की संभावना। बाकी जिलों में मौसम साफ और धूप रहेगी। 21 अक्टूबर: बैतूल, नर्मदापुरम, खंडवा, हरदा, बुरहानपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट। बाकी जिलों में तेज धूप। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी की वजह से मौसम का मिजाज बदल रहा है। 22-23 अक्टूबर तक यही स्थिति बनी रहेगी। नवंबर से ठंड का असर मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होगा, जो जनवरी तक जारी रहेगा। इस बार ठंड का असर फरवरी तक रह सकता है। 2010 के बाद इस बार सर्दी सबसे भीषण हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ला-नीना परिस्थितियों के कारण इस सर्दी में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। इस साल मानसून का रिकॉर्ड     प्रदेश से मानसून विदा हो चुका है। 16 जून से 13 अक्टूबर तक मानसून 3 महीने 28 दिन सक्रिय रहा।     इस साल प्रदेश में सामान्य से 15% ज्यादा बारिश दर्ज हुई (121% बारिश)।     कुल बारिश: 48 इंच, सामान्य औसत 37.2 इंच।     सबसे ज्यादा बारिश: गुना (65.6 इंच), मंडला-रायसेन (62 इंच), श्योपुर-अशोकनगर (56 इंच से अधिक)।     सबसे कम बारिश: शाजापुर (28.9 इंच)।     ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश का आंकड़ा सामान्य से दोगुना रहा।     अधिकांश जिलों में कोटा पूरा हो गया, जबकि उज्जैन, शाजापुर, बैतूल और सीहोर में बारिश सामान्य स्तर के आसपास रही।

राजस्थान में ठंड का जोर, जानें कब तक जारी रहेगा असर और मिलेगी राहत

सीकर राजस्थान में पिछले चार-पांच दिनों से उत्तरी हवाओं के सक्रिय रहने के कारण सुबह और रात के समय लोगों को गुलाबी सर्दी का एहसास हो रहा है। आज सुबह भी कई जगहों पर इस गुलाबी सर्दी का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, कल से राजस्थान में इन उत्तरी हवाओं का प्रभाव कम हो जाएगा। इससे मौसम में ठंडक भी घटेगी और लोगों को गुलाबी सर्दी से थोड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही, राजस्थान में एक सप्ताह तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी भी दर्ज की जाएगी। पिछले 24 घंटे में राजस्थान का सबसे ठंडा क्षेत्र उदयपुर का डबोक एयरपोर्ट रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, पिलानी में 16.6 डिग्री, सीकर में 16.7 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान की बात करें तो जैसलमेर में 35.3, जोधपुर में 33.8, चित्तौड़गढ़ में 33, और फलोदी में 34.4 डिग्री अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजस्थान में गुलाबी सर्दी के प्रभाव की बात करें तो शेखावाटी और मेवाड़ क्षेत्रों में इसका असर अधिक है। वहीं, हाड़ौती और मरुस्थलीय इलाके, जैसे जैसलमेर और जोधपुर, में गुलाबी सर्दी का असर अपेक्षाकृत कम देखा गया है।