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सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका! MP में 825 पद खाली, महिला उम्मीदवारों को विशेष आरक्षण

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही 825 पदों पर विशेष पुलिस की भर्ती करने जा रही है. चयनित जवानों को मंडला, डिंडौरी और बालाघाट जिले में पदस्थ किया जाएगा. इनको शुरुआत में 25 हजार रुपए महीने का मानदेय दिया जाएगा. इसकी अधिसूचना मध्य प्रदेश शासन ने जारी कर दी है. इच्छुक अभ्यर्थी 7 अगस्त 2025 तक इस परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकते हैं. महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण मंडला, डिंडौरी और बालाघाट जिलों के लिए चलाए जा रहे विशेष पुलिस भर्ती में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा. यानि 825 में से 309 महिलाओं का चयन किया जाएगा. इसके साथ ही 15 प्रतिशत पद होमगार्ड सैनिक और 10 प्रतिशत पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित होगा. 5वीं-8वीं पास भी कर सकते हैं आवेदन विशेष पुलिस भर्ती में एसटी वर्ग के लिए न्यूनतम योग्यता 5वीं पास और अन्य वर्गों के लिए 8वीं पास रखी गई है. सबसे पहले अभ्यर्थियों का शरीरिक परीक्षण होगा. इसके बाद साक्षात्कार लिया जाएगा. इस साक्षात्कार में संबंधित नक्सल प्रभावित गांव और आसपास की जानकारियों से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे. फिर मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन होगा. एसपी ऑफिस से होगा अनुबंध नियुक्ति के लिए जो भी अभ्यर्थी पात्र होंगे, उनका संबंधित जिले के एसपी ऑफिस के साथ अनुबंध किया जाएगा. इन्हें शुरूआत में 25 हजार रुपए वेतन मिलेगा. हर 6 महीने में इन जवानों की समीक्षा की जाएगी. यदि जवान का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहता है, तो इन्हें सेवामुक्त किया जा सकेगा. वहीं यदि ये एसपी या उच्च अधिकारियों द्वारा दिए गए दायित्वों का निर्वहन करते हैं, तो इनकी सेवा विस्तार की जा सकेगी. 3 महीने दिया जाएगा प्रशिक्षण डीआईजी चयन, पीएचक्यू वीरेंद्र सिंह ने बताया कि "चयनित जवानों को इंदौर और हॉकफोर्स बालाघाट के साथ ही संबंधित जिलों की पुलिस लाइन में 3 महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा. नियुक्ति अवधि के बाद संतुष्टिजनक ड्यूटी निभाने पर एक-एक वर्ष करके तीन वर्ष के लिए सेवा अवधि बढ़ाई जा सकेगी. हालांकि इसके बाद डीजीपी के आदेश पर 3 साल का और सेवा विस्तार किया जा सकता है." परिजनों को मिलेगा अनुकंपा नियुक्ति का लाभ विशेष पुलिस भर्ती में केवल बालाघाट के बैहर, बिरसा, परसवाड़ा, लांजी और किरनापुर अलावा मंडला के बिछिया, मवई और डिंडौरी जिले के बजाग, समनापुर और करंजिया विकासखंड़ो के 595 गांवों के मूल निवासी ही इसमें शामिल हो सकेंगे. भर्ती की आरक्षण तालिका भी जिलों की आबादी के अनुसार बनाई गई. खास बात यह है कि कर्तव्य निवर्हन के दौरान यदि किसी जवान की मृत्यु होती है, तो उसके परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ भी मिलेगा. सबसे अधिक बालाघाट में होगी भर्ती वीरेंद्र सिंह ने बताया कि "825 में से 755 जवानों की नियुक्ति बालाघाट जिले में की जाएगी. यहां 302 ओपेन, 264 महिला, 113 होम गार्ड और 76 पदों पर भूतपूर्व सैनिकों को आरक्षण मिलेगा. वहीं मंडला में 102 पदों पर भर्ती होगी. इसमें 40 पद ओपेन, 10 भूतपूर्व सैनिक, 16 होमगार्ड और 36 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं. इसके अलावा डिंडौरी जिले में 25 पदों पर भर्ती होगी. जिसमें 10 ओपेन, 2 भूतपूर्व सैनिक, 4 होमगार्ड और 9 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं.

शादीशुदा ज़िंदगी बनी नर्क – पूर्व सांसद ने पति पर लगाए यौन शोषण और हिंसा के गंभीर आरोप

बर्टन  ब्रिटेन के बर्टन के पूर्व सांसद एंड्रयु ग्रिफिथ्स की पूर्व पत्नी केट नीवेटन ने पति को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पहली बार उन्होंने बलात्कार से लेकर घरेलू हिंसा तक पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया है कि किस तरह से ग्रिफिथ्स सोते समय उनका बलात्कार और हिंसा करता था। साथ ही आरोप हैं कि उसने महज रोने के चलते नवजात पर बुरी तरह बर्ताव किया था। खास बात है कि निवेटन खुद भी साल 2019 से 2024 तक बर्टन सांसद रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नीवेटन के आरोप हैं कि जब उनकी नवजात बेटी भूख की वजह से रो रही थी, तो ग्रिफिथ्स उसपर बुरी तरह से चिल्लाया था। उन्होंने कहा, 'लोगों को यह नहीं लगता कि यह प्रोफेशनल मिडिल क्लास लोगों के साथ हो सकता है, लेकिन घरेलू हिंसा की कोई सीमा नहीं होती। यह किसी की भी प्रभावित कर सकता है। जब मैं चुनी गई थी, तो मैंने वादा किया था कि घरेलू हिंसा के पीड़ितों के लिए काम करूंगी।' उन्होंने कहा, 'मैं सिर्फ 10 सालों तक झेली हिंसा के कारण सदमे में नहीं हूं, बल्कि इसके बाद के 5 साल की वजह से हूं, जिस दौरान कानूनी व्यवस्था का इस्तेमाल उसने मुझे परेशान करने में किया।' उन्होंने बताया कि ग्रिफिथ्स के साथ उनकी शादी साल 2013 में हुई थी और 2018 में दोनों अलग हो गए। जब वह ग्रिफिथ्स से मिली थीं, तो उन्हें बेहद आकर्षक और मिलनसार मानती थीं। उन्होंने कहा, 'बाहर से देखने वाले अधिकांश लोगों को हमारा रिश्ता एकदम ठीक लगता था, लेकिन हिंसा सालों तक चलती रही थी। हर बार जब मैं कहती थी कि मैं पुलिस से शिकायत करूंगी, तो वह कहता था कि कोई भी तुम्हारी बात पर भरोसा नहीं करेगा केट। मैं यहां सांसद हूं। पुलिस के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं। वो सभी मुझे अच्छा समझते हैं।' उन्होंने कहा, 'यह सब तब शुरू होता था, जब मैं सो रही होती थी। मैं जागती थी और वो मेरे साथ सेक्स करने लगता था…। कभी कभी मुझे लगता था कि जाने दो, लेकिन कई बार मैं रोती थी। ऐसा होने पर कई बार वह रुक जाता था, लेकिन उसका मूड खराब हो जाता था। मुझे याद है कि उसने मुझे बिस्तर से बाहर लात मार दी थी। मैं दूसरे कमरे में जाती थी और खुद को रातभर के लिए बंद कर लेती थी या घर से बाहर चली जाती थी।' नीवेटन ने बताया कि जब उन्हें लगने लगा कि नवजात को भी खतरा है, तो उन्होंने सुरक्षा के लिए कदम उठाए। खास बात है कि ग्रिफिथ्स साल 2006 में उन्हें महज 3 सप्ताह में क्षेत्र की 2 महिलाओं को 2 हजार अश्लील संदेश भेजने के चलते बाहर कर दिया था। दिसंबर 2021 में फैमिली कोर्ट के जज ने आदेश दिए थे कि वह पत्नी के साथ हिंसा और बलात्कार किया।

MPBSE ने द्वितीय परीक्षा की कॉपियां जांची, अब छात्रों को रिजल्ट का इंतजार

भोपाल  माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की ओर से बोर्ड 10वीं व 12वीं की द्वितीय परीक्षा का दो चरणों में मूल्यांकन कार्य पूरा हो गया है। पहला चरण दो से 11 जुलाई तक और दूसरा 12 से 20 जुलाई तक चला। 28 या 29 जुलाई को परिणाम जारी कर दिया जाएगा। इस परीक्षा में साढ़े तीन लाख अभ्यर्थियों की नौ लाख उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया। उधर, माशिमं भोपाल के एक केंद्र पर 12वीं के विद्यार्थियों द्वारा 10वीं का प्रश्नपत्र हल करने के मामले में मूल्यांकन किस तरह होगा। इस संबंध में मंडल की परीक्षा समिति 24 जुलाई को निर्णय लेगी। गलत प्रश्नपत्र हल करने वाले उत्तरपुस्तिकाओं को समिति में भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में समिति निर्णय लेगी। तीसरी बार परीक्षा के तनाव से नहीं गुजरना होगा मंडल के सचिव केडी त्रिपाठी का कहना है कि विद्यार्थियों का नुकसान नहीं होगा, उन्हें फिर से तीसरी बार परीक्षा के तनाव से नहीं गुजरना होगा। इस प्रकरण में दोषी केंद्राध्यक्ष व पर्यवेक्षक पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं अब तक स्कूल शिक्षा विभाग ने केंद्राध्यक्ष व पर्यवेक्षक पर कोई कार्रवाई नहीं की है। स्कूल शिक्षा विभाग ने केंद्राध्यक्ष व पर्यवेक्षक को निलंबित नहीं किया है। बता दें, कि अरेरा कॉलोनी स्थित शासकीय नवीन उमावि के परीक्षा केंद्र पर 19 जून को 12वीं के विद्यार्थियों को 10वीं कक्षा का अंग्रेजी का पर्चा दे दिया था। उसे उन्होंने हल करा लिया।

राशन कार्ड बनवाना हुआ आसान, UMANG ऐप से घर बैठे करें अप्लाई

नई दिल्ली.  भारत सरकार द्वारा लॉन्च किया गया एक मल्टी-सर्विस मोबाइल ऐप है, जहां एक ही प्लेटफॉर्म पर आप कई सरकारी सेवाओं का लाभ ले सकते हैं – जैसे EPFO, जन्म प्रमाण पत्र, और अब राशन कार्ड का आवेदन भी। एंड्रॉयड यूजर इसे Google Play Store और iPhone यूजर Apple App Store से आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। राशन कार्ड क्यों है जरूरी? राशन कार्ड (Ration Card) न सिर्फ पहचान पत्र का काम करता है, बल्कि यह कई सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जरूरी दस्तावेज है। इसके जरिए आपका परिवार सरकारी राशन प्रणाली से अनाज प्राप्त कर सकता है, और आपकी पारिवारिक जानकारी सरकार के रिकॉर्ड में दर्ज हो जाती है। मोबाइल से ऐसे करें राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन UMANG ऐप डाउनलोड करें – अपने मोबाइल में ऐप (Ration Card) स्टोर पर जाकर “UMANG” सर्च करें और ऐप इंस्टॉल करें।     मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें – ऐप खोलने के बाद मोबाइल नंबर डालकर OTP वेरिफाई करें।     होम पेज से “Services” पर जाएं – सबसे नीचे बाईं ओर मौजूद इस विकल्प को चुनें।     “Utility Services” सेक्शन में जाएं – स्क्रॉल करें और राशन कार्ड से जुड़े विकल्पों को ढूंढें।     “Apply Ration Card” पर क्लिक करें – अब अपना राज्य चुनें।     व्यक्तिगत जानकारी भरें – जैसे नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम, पता आदि।     दस्तावेज अपलोड करें – आधार कार्ड, एड्रेस प्रूफ आदि अपलोड करें।     सबमिट पर क्लिक करें – सारी जानकारी भरने और डॉक्युमेंट अपलोड करने के बाद फॉर्म सबमिट करें। ध्यान रखें – अभी सिर्फ कुछ राज्यों के लिए उपलब्ध फिलहाल यह सेवा (Ration Card) चुनिंदा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ही उपलब्ध है। इनमें चंडीगढ़, लद्दाख, सक्कर, दादरा और नगर हवेली शामिल हैं। हालाँकि, सरकार जल्द ही अन्य राज्यों में भी यह सुविधा शुरू करने वाली है।

अन्नामलाई को BJP में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी, अध्यक्ष के ऐलान के बाद होगा खुलासा

चेन्नई तमिलनाडु के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई को जल्द ही पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। उन्हें बीजेपी के महासचिव पद पर प्रमोट किया जा सकता है। पार्टी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बताया कि अगले महीने बीजेपी अध्यक्ष के चयन के बाद अन्नामलाई से जुड़ा ऐलान किया जाएगा।  ''जब अप्रैल महीने में अन्नामलाई ने तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष पद छोड़ा था, तभी उन्हें आश्ववासन दिया गया था कि उन्हें पार्टी में बड़ा पद दिया जाएगा। उनके पद छोड़ने के बाद विधायक नैनार नागेंथ्रान को राज्य में भाजपा का प्रमुख बनाया गया है। हालांकि, पिछले लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु में भले ही बीजेपी को एक भी सीट नहीं मिली हो, लेकिन उसका वोट प्रतिशत तीन फीसदी से बढ़कर 11 फीसदी हो गया। और इसका क्रेडिट अन्नामलाई को ही जाता है।'' केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कई मौको पर साफ किया है कि अन्नामलाई राज्य की राजनीति में भी अहम भूमिका निभाएंगे, जबकि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी अहम जिम्मेदारी दी जाएगी। हालांकि, तमिलनाडु बीजेपी चीफ का पद छोड़ने के अगले दिन ही अन्नामलाई को बीजेपी के नेशनल काउंसिल का सदस्य बनाया गया था। हाल ही में अन्नामलाई ने तमिलनाडु में एआईएडीएमके गठबंधन के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला दिया कि अगर गठबंधन सत्ता में आता है तो भाजपा सरकार का हिस्सा होगी। के अन्नामलाई ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "…केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कई बार कह चुके हैं कि भाजपा सरकार का हिस्सा होगी… गठबंधन (अन्नाद्रमुक के साथ) जारी रहना चाहिए।" अन्नामलाई ने अमित शाह के उस आश्वासन पर जोर दिया जिसमें उन्होंने दोनों दलों को स्वीकार्य एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम बनाने का आश्वासन दिया था, जिसका उद्देश्य 2026 के विधानसभा चुनावों में द्रमुक को हराना है। उन्होंने आगे कहा, "केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा है कि हमारा एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम होगा जो दोनों दलों को स्वीकार्य होगा।"

MP पंचायत चुनाव में तकनीकी कदम: IPBMS से होगा सरपंच व जनपद सदस्य चयन

मतदान 22 जुलाई को सुबह 7 बजे से दमोह पंचायत उप निर्वाचन-2025 में त्रि-स्तरीय पंचायतों में रिक्त पद के लिये 22 जुलाई को सुबह 7 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक मतदान होगा। सरपंच पद के लिये 49 और जनपद पंचायत सदस्य के 5 पदों के लिये मतदान होगा। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग अभिषेक सिंह ने जानकारी दी है कि इनमें से सागर जिले की 4 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिये 9 मतदान केन्द्रों और दमोह जिले के वार्ड-16 के जनपद सदस्य के निर्वाचन के लिये 9 मतदान केन्द्रों में इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम (आईपीबीएमएस) से मतदान कराया जायेगा। इन मतदान केन्द्रों की मतदान प्रकिया का सीधा प्रसारण भी किया जायेगा। इसके लिये राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय के सामने तथा सागर और दमोह में एक-एक स्क्रीन लगाई जायेगी। सागर जिले के जनपद पंचायत जैसीनगर की ग्राम पंचायत अगरा, औरिया, जनपद पंचायत खुरई की ग्राम पंचायत मुहासा और जनपद पंचायत राहतगढ़ की ग्राम पंचायत सेमरालहरिया के मतदान केन्द्रों में इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम से मतदान कराया जायेगा। शेष पदों पर पूर्व की भांति मतदान कराया जायेगा।   इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पेपरलेस बूथ की नवीन पहल की गई है। इसमें मतदान केन्द्रों में मतदाता और मतदानकर्मियों द्वारा किये जाने वाला पूरा काम डिजिटल माध्यम से किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इस नवीन पहल के तहत वर्ष 2024 में भोपाल जिले के बैरसिया तहसील की ग्राम पंचायत रतुआ रतनपुर और रीवा जिले के अतरैला ग्राम पंचायत के सरपंच पद के लिये मतदान सफलतापूर्वक किया जा चुका है। जनपद पंचायत सदस्य के लिये पहली बार इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम से मतदान करवाया जा रहा है।   

UPI में बड़ा अपडेट! NPCI की नई गाइडलाइन से ट्रांजैक्शन होंगे और आसान

नई दिल्ली अगर आप UPI का यूज करते हैं तो आपके लिए गुड न्‍यूज है. यूपीआई के माध्‍यम से ओवरड्रॉफ्ट फैसिलिटी को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. इसके तहत क्रेडिट लाइन को डायरेक्‍ट UPI से जोड़ा जाएगा. जिसके बाद आप अपने लोन अकाउंट से पैसा UPI के जरिए आसानी से निकाल पाएंगे. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने 10 जुलाई 2025 को एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें प्री-अप्रूव क्रेडिट लाइंस को UPI से लिंक के लिए नए गाइडलाइन जारी किए गए हैं.  सर्कुलर में कहा गया है कि अगले महीने यानी अगस्‍तर से बैंक की प्री-अप्रूव्‍ड क्रेडिट लाइन की रकम का यूज आप UPI से डायरेक्‍ट कर पाएंगे. अबतक सिर्फ सामान खरीदने की अनुमति दी गई थी. अब UPI के जरिए क्रेडिट लाइन की रकम से न सिर्फ दुकानों पर पेमेंट किए जा सकेंगे, बल्कि कैश निकालने, किसी को पैसे भेजने से लेकर छोटे दुकानदारों को पेमेंट करने का भी फीचर दिया जाएगा.  पहले यह नियम अलग था. UPI पर क्रेडिट लाइन के जरिए सिर्फ दुकानों पर ही पेमेंट किया जा सकता था, लेकिन अब लोन ओवरड्रफ्ट को यूपीआई से लिंक करने के बाद यूज किया जा सकता है.  लोन अकाउंट UPI से होगा डायरेक्‍ट लिंक  नए नियम के तहत अब UPI यूजर्स फिक्‍स डिपॉजिट, शेयर, बॉन्‍ड, प्रॉपर्टी, गोल्‍ड या फिर पर्सनल और बिजनेस लोन ओवरड्रॉफ्ट को UPI से लिंक करके यूज कर सकेंगे. सरल शब्‍दों में कहें तो अब आप Paytm, PhonePe, Google Pay जैसे थर्ड पार्टी UPI ऐप्‍स से सीधा लोन अकाउंट से पेमेंट कर सकेंगे.  अगले महीने से ये सर्विस NPCI ने सभी यूपीआई बैंक सदस्‍यों और क्रेडिट लाइन सुविधा देने वालों को निर्देश दिया है कि यह सुविधा 31 अगस्‍त 2025 तक लागू करना है. ऐसे में यूपीआई यूज करने वाले करोड़ों यूजर्स को इसका लाभ मिलेगा.  क्‍या होता है क्रेडिट लाइन  आपको बता दें कि क्रेडिट लाइन एक तरह का लोन होता है, जिसे बैंक या कोई भी वित्तीय संस्‍था यूजर्स की इनकम और क्रेडिट स्‍कोर के आधार पर अप्रूव करता है. बैंक की ओर से अप्रूव क्रेडिट लाइन अकाउंट को आप UPI से लिंक कर सकते हैं और इसका इस्‍तेमाल कर सकते हैं. 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सौगात: प्रदेश के बच्चों को 4.30 लाख साइकिलों का वितरण

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग इस वर्ष नि:शुल्क साइकिल प्रदाय योजना में 4 लाख 30 हजार बच्चों को नि:शुल्क साइकिल का वितरण करेगा। साइकिल वितरण की शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरू पूर्णिमा महोत्सव में भोपाल के शासकीय कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय के सर्व सुविधा युक्त भवन के लोकार्पण समारोह से की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 50 बच्चों को नि:शुल्क साइकिलें वितरित की। प्रदेश में अब तक एक लाख से अधिक बच्चों को उनकी पात्रतानुसार नि:शुल्क साइकिल का वितरण किया जा चुका है। नि:शुल्क साइकिल प्रदाय योजना में ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत विद्यार्थी जो कि शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6 और 9 में अध्ययनरत हैं, वह जिस ग्राम का निवासी है उस ग्राम में शासकीय माध्यमिक या हाई स्कूल संचालित नहीं है और उसे अपने विद्यालय तक पहुचंने के लिये 2 किलोमीटर या इससे अधिक की दूरी तय करनी पड़ती है, उन बच्चों कक्षा 6 या 9 में प्रथम प्रवेश पर एक बार नि:शुल्क साइकिल दिये जाने का प्रावधान है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में स्थित कन्या छात्रावास में पढ़ने वाली छात्राएं, जिनकी शाला छात्रावास से 2 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी पर है उन्हें भी इस योजना में नि:शुल्क साइकिल प्रदाय की जा रही है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पहले सभी पात्र विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल वितरण के निर्देश दिये हैं। संचालनालय स्तर पर नि:शुल्क साइकिल वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है। कक्षा 6 में पढ़ने वाले बच्चों को 18 इंच और कक्षा 9 में प्रवेश लेने वाले बच्चों को 20 इंच की साइकिल वितरित की जा रही है। विभागीय अधिकारियों को साइकिल वितरण के पहले उनके उचित भंडारण के संबंध में भी निर्देश दिये गये हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष विभागीय योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को उचित समय पर दिये जाने के संबंध में कार्ययोजना तैयार की है।

सरकारी भर्तियों में बड़ा सुधार, एक परीक्षा से खुलेंगे कई विभागों के द्वार

भोपाल  सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें एक ही पद के लिए बार-बार परीक्षाएं नहीं देनी होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप सामान्य प्रशासन विभाग ने नई भर्ती प्रणाली को लेकर प्रारूप तैयार किया है। यह प्रस्ताव मुख्य सचिव अनुराग जैन के सामने प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंजूरी ली जाएगी। इस प्रस्ताव के अमल में आने से न केवल परीक्षार्थियों का समय और धन बचेगा, बल्कि भर्ती प्रणाली भी अधिक दक्ष और पारदर्शी बनेगी। यह बदलाव खासतौर पर युवाओं के लिए बड़ा राहत भरा साबित होगा। भर्ती प्रक्रिया में ये होंगे अहम बदलाव  नए प्रस्ताव के अनुसार राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) केवल 6 प्रकार की परीक्षाएं आयोजित करेगा, जिसमें प्रशासनिक सेवा और वन सेवा शामिल होंगी। MPESB (पूर्व में व्यापमं) 5 प्रमुख श्रेणियों की परीक्षाएं आयोजित करेगा, जिसमें इंजीनियरिंग, शिक्षा, कृषि, स्नातक एवं परास्नातक डिग्रीधारकों के लिए परीक्षाएं होंगी। एक मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर नियुक्तियां होंगी। उम्मीदवारों को आवेदन के समय विभागों के वैकल्पिक नाम भरने होंगे, जिससे चयन के बाद विभाग बदलने की समस्या नहीं रहेगी। परीक्षार्थियों को क्या होगा लाभ  अब हर पद के लिए अलग-अलग परीक्षा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। परीक्षा शुल्क की बचत होगी। चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण होगी। परीक्षा परिणामों को लेकर होने वाले विवाद भी कम होंगे। वर्तमान में पीएससी सालभर में 25 और मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड ( MPESB) करीब 30 प्रकार की परीक्षाएं आयोजित करता है, जिससे अभ्यर्थियों को बार-बार आवेदन और परीक्षा देने की परेशानी होती है। नई नीति के लागू होते ही यह दोहराव खत्म होगा।  चार प्रमुख श्रेणियों में परीक्षाएं आयोजित करने की तैयारी है स्नातक स्तरीय परीक्षा- सभी ग्रुप-सी के पदों के लिए हायर सेकेंडरी स्तरीय परीक्षा- 12वीं पास योगयता पर आधारित पदों के लिए तकनीकी पदों के लिए परीक्षा- इंजीनियरिंग,आइटीआइ आदि तकनीकी योग्यता वाले पद शिक्षक पात्रता परीक्षा- उच्च माध्यमिक,माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षक पदों के लिए आवेदन के समय करेंगे अभ्यर्थी करेंगे च्वाइस फिलिंग विभिन्न विभागों की एक जैसी भर्ती के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा होगी, लेकिन पेपर एक जैसा तैयार किया जाएगा। अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय च्वाइस फिलिंग करनी होगी कि वे किसी पद के लिए आवेदन किया है और परीक्षा दी है।उसके हिसाब से मेरिट सूची तैयार होगी। इस बदलाव से लाभ एक ही परीक्षा से अनेक विभागों में चयन की संभावना। विभिन्न विभागों के लिए बार-बार आवेदन और परीक्षा की जरूरत नहीं। अभ्यर्थियों का समय, पैसा और मानसिक तनाव कम होगा। भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जल्द होगी। मेरिट के आधार पर निष्पक्ष नियुक्तियां संभव होंगी। साल 2025 की आगामी ये परीक्षाएं प्रस्तावित हैं आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा-अगस्त 2025 प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-अगस्त-सिंतबर 2025 समूह-02 उपसमूह-03 -अक्टूबर 2025 समूह-01 उपसमूह-02 -अक्टूबर 2025 संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग-सितंबर 2025 समूह-02 उपसमूह-04-नवंबर 2025 क्षेत्ररक्षक,जेल प्रहरी परीक्षा-नवंबर 2025 समूह-03 उपयंत्री-जनवरी 2026 आइटीआई में प्रशिक्षण अधिकारियों के पदों की चयन परीक्षा-फरवरी 2026 समूह-02 उपसमूह02 -मार्च 2026 सूबेदार,शीघ्रलेखक,सहायक उप निरीक्षक चयन परीक्षा-अप्रैल 2026 पुलिस आरक्षक जीडी भर्ती परीक्षा -अप्रैल 2026 सहायक उप निरीक्षक (कंप्यूटर) एवं प्रधान आरक्षक (कंप्यूटर) भर्ती परीक्षा- मई 2026 ईएसबी का क्या कहना है? ईएसबी के संचालक साकेत मालवीय ने कहा कि एक ही ग्रुप की एक जैसे समकक्ष पदों के लिए चार परीक्षाएं कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अब साल भर में करीब 30 परीक्षाओं के बदले चार परीक्षाएं होंगी। अगर शासन से मंजूरी मिलती है तो इसे लागू किया जाएगा। पीएससी से केवल राज्य प्रशासनिक परीक्षाएं नए बदलावों के तहत एमपीपीएससी अब केवल राज्य प्रशासनिक सेवा, वन सेवा, इंजीनियरिंग, शिक्षा और कृषि सेवा जैसी प्रमुख परीक्षाएं आयोजित करेगा। एमपीईएसबी द्वारा स्नातक, 12वीं और पीजी स्तरीय पदों के लिए परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। अब तक की व्यवस्था एमपीपीएससी(Government Jobs Rules Change) सालभर में 25 तो ईएसबी 30 परीक्षाएं आयोजित करता था। अब पीएससी से 6 तो एमपीईएसबी 5 होंगी। बदलाव के ये फायदे     बार-बार परीक्षा देने की जरूरत नहीं।     परीक्षा शुल्क में कमी आएगी।     एक परीक्षा से विभिन्न में चयन संभव।     आवेदन के समय इच्छित विभाग चुनेंगे।     एकीकृत मेरिट सूची बनेगी।

विमान हादसा: अहमदाबाद प्लेन क्रैश में इन 5 बातों से खुलेगी अमेरिका की पोल

नई दिल्ली अहमदाबाद प्लेन क्रैश मामले में अभी अंतिम जांच रिपोर्ट नहीं आई है। मगर, अमेरिका समेत कई देशों के मीडिया ने यह खबर चलाई थी कि अहमदाबाद-लंदन एयर इंडिया ड्रीमलाइनर विमान हादसे का कारण पायलटों में से किसी एक ने जानबूझकर ईंधन की आपूर्ति बंद कर दी थी। उन्होंने इंजन के स्विच को रन' से 'कटऑफ' पर कर दिया था। इससे इंजन को ईंधन मिलना बंद हो गया और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अब इस मामले में एक एविएशन एक्सपर्ट ने अपनी राय दी है और कहा है कि मैथेमैटिकली ये संभव ही नहीं है। भारतीय वायुसेना के पूर्व पायलट रहे अहसान खालिद ने कहा कि मीडिया को बिना किसी सबूत के अटकलें नहीं लगानी चाहिए। माना जा रहा है कि अमेरिका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार और मीडिया एयर इंडिया के उस विमान को बनाने वाली अमेरिकी कंपनी बोइंग को बचाने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, यह भी जानेंगे कि इस मामले में जांच अब किन बिंदुओं पर केंद्रित हो गई है। जान-बूझकर फ्यूल स्विच बंद करने की बात गलत विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) 12 जून को हुए इस हादसे की जांच कर रहा है। इस हादसे में विमान में सवार 241 लोगों सहित कुल 260 लोगों की जान चली गई थी। AAIB ने हाल ही में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है। वह यह है कि ईंधन स्विच एक सेकंड के भीतर बदले गए थे। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह बात कही गई है कि यह जानबूझकर किया गया था। हालांकि, पायलट रह चुके कैप्टन एहसान खालिद इससे सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना बहुत दुखद है। हमें उन सभी लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करनी चाहिए जिन्होंने इस हादसे में अपनी जान गंवाई। हमें AAIB की जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए ताकि दुर्घटना का असली कारण पता चल सके। विमान में दो तरह के स्विच होते हैं, यह जान लीजिए एयर इंडिया ड्रीमलाइनर 787-8 टेक-ऑफ के 32 सेकंड बाद एक मेडिकल कॉलेज के परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में दो तरह के स्विच होते हैं। इसमें एक रन स्विच होता है, जो इंजन को चालू रखता है। वहीं, दूसरा कटऑफ स्विच होता है, जिसके दबाते ही इंजन बंद हो जाता है। विमान ने हासिल कर ली थी 100 नॉटिकल मील की स्पीड AAIB की रिपोर्ट के अनुसार, विमान ने 08:08:42 UTC पर अपनी अधिकतम गति 180 समुद्री मील (knots) यानी करीब 185 किलोमीटर प्रति घंटे हासिल कर ली थी।। इसके बाद, इंजन 1 और 2 के लिए ईंधन कटऑफ स्विच एक सेकंड के अंतराल में रन से कटऑफ स्थिति में चले गए। इंजन 1 का ईंधन स्विच 08:08:52 UTC पर कटऑफ से रन पर वापस लाया गया। वहीं, इंजन 2 का स्विच 08:08:56 पर वापस लाया गया। रन से कट ऑफ में दोनों स्विच बदले, यह संभव नहीं रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि एक पायलट ने दूसरे पायलट से पूछा कि उसने इंजन क्यों बंद कर दिया। इसके जवाब में दूसरे पायलट ने कहा कि उसने ऐसा नहीं किया। एक न्यूज चैनल एनडीटीवी से बात करते हुए एक्सपर्ट खालिद ने कहा-मैं एक नया गणितीय आकलन पेश करना चाहता हूं जो उन कहानियों को गलत साबित करता है जो चल रही हैं। 42 सेकंड के टाइमस्टैम्प पर ईंधन स्विच एक सेकंड के भीतर 'रन' से 'कट-ऑफ' में बदल गए। इसका मतलब है कि एक सेकंड के भीतर दोनों स्विच को बंद कर दिए गए। यह असंभव है। पश्चिमी मीडिया रिपोर्ट की कहानी झूठी निकली एक्सपर्ट खालिद ने कहा-फिर कहानी यह है कि दूसरे पायलट ने यह देखा और पूछा-आपने इंजन क्यों बंद कर दिया?' अगर यह सच है, तो मुझे लगता है कि इस कहानी को बताने वाले को अब यह बताना होगा कि उस व्यक्ति ने इस स्विच को वापस चालू करने के लिए 10 सेकंड तक इंतजार क्यों किया। पश्चिमी मीडिया रिपोर्टों में भी यह नहीं कहा गया है कि दोनों पायलट खुद को मारना चाहते थे। अटकलों की बात छोड़ें, तकनीकी खामी से बंद हुए इंजन खालिद ने बताया कि मुझे लगता है कि एक इलेक्ट्रिकल सिग्नल ने विमान के फ्यूल को बंद कर दिया था। स्विच को उस समय नहीं बदला गया था। शायद उन्हें बाद में तब बदला गया जब पायलट इंजन को फिर से चालू करने की कोशिश कर रहे थे ताकि दुर्घटना से बचा जा सके। मगर, उसे वे रोक नहीं पाए। कैप्टन खालिद का मानना है कि पायलटों ने जानबूझकर इंजन बंद नहीं किए थे। किसी तकनीकी खराबी के कारण इंजन बंद हो गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया को बिना किसी सबूत के अटकलें नहीं लगानी चाहिए। हादसे की असली वजह के लिए ये 5 ब्लाइंड स्पॉट्स फ्यूल स्विच के कटऑफ की कमांड: फ्यूल रन या कटऑफ के लिए थ्रॉटल कंट्रोल बॉक्स यूनिट का डुप्लीकेट टेस्ट कराया जा सकता है, ताकि पता चले कि कटऑफ कमांड इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी का नतीजा थी या इसमें पायलटों का कोई दोष था। पायलटों की आखिरी बातचीत की टाइमलाइन: एक पायलट ने पूछा था कि आपने फ्यूल क्यों बंद किया? दूसरे ने कहा-मैंने नहीं किया। इसे समझने के लिए CVR (कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर), FDR (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर) की टाइमलाइन समान होना जरूरी है। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में स्विच की आवाज है या नहीं: फ्यूल कंट्रोल स्विच घुमाने पर एक क्लिकिंग की आवाज आती है, जो CVR के एरिया माइक में दर्ज हो जाती है। अगर आवाज रिकॉर्ड नहीं हुई, तो इससे पता चलता है कि यह मैनुअली नहीं किया गया है। FAA की एडवाइजरी का पालन हुआ था या नहीं: फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने 2018 में फ्यूल स्विच लॉकिंग मैकेनिज्म पर एडवाइजरी दी थी। जांच एजेंसी ने मेंटेनेंस रिकॉर्ड्स, सर्विस बुलेटिन लॉग्स, डीजीसीए से क्लीयरेंस कॉपी मांगी है। इसे नजरअंदाज करना गंभीर संचालन लापरवाही में आएगा। इंजन के वॉल्व खुलने-बंद करने की जांच: किस सेंसर ने क्या संकेत दिया। प्रारंभिक रिपोर्ट में इसका कोई जिक्र नहीं है। बतया जा रहा है कि एएआईबी ने जीई व बोइंग से इन चैनलों का रॉ डेटा मांगा है। यह भी जांचा जाएगा कि 32 सेकेंड में किसी इंजन को फिर से स्टार्ट किया … Read more