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शादी से पहले अफेयर से जन्मे नॉर्वेजियन प्रिंस पर लगे 32 गंभीर आरोप

ओस्लो नॉर्वे की राजकुमारी के बेटे पर चार बलात्कार समेत 32 अपराधों का आरोप लगा है. एक सरकारी वकील ने बताया कि राजकुमारी के बेटे पर हिंसा और हमले से जुड़े अपराध के आरोप भी लगे हैं. नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मैरिट के बेटे मारियस बोर्ग होइबी पिछले साल 4 अगस्त को अपनी गर्लफ्रेंड पर हमला करने के शक में गिरफ्तार हुए थे जिसके बाद से ही वो जांच के दायरे में हैं. मारियस का जन्म प्रिंसेस मैरिट की क्राउन प्रिंस हाकोन से शादी से पहले के रिश्ते से हुआ था. राजकुमारी के बेटे मारियस पर बलात्कार के चार मामलों के अलावा कई आरोप हैं जिसमें एक एक्स गर्लफ्रेंड के खिलाफ घरेलू हिंसा और एक अन्य एक्स गर्लफ्रेंड के साथ हिंसा, उसके जीवन में अशांति लाने, बर्बरता करने कई कानूनों के उल्लंघन के मामले शामिल हैं. सरकारी वकील स्टर्ला हेनरिक्सबो ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन पर कई महिलाओं के गुप्तांगों की उनकी जानकारी या सहमति के बिना वीडियो बनाने का भी आरोप है. उन्होंने कहा, 'उनके खिलाफ जो आरोप लगे हैं, उनमें उन्हें अधिकतम 10 साल की कैद हो सकती है. ये बहुत गंभीर अपराध है जिसके स्थायी परिणाम हो सकते हैं और जो जिंदगियां बर्बाद कर सकते हैं.' 'राजकुमारी के बेटे के साथ आम लोगों जैसा बर्ताव होगा' हेनरिक्सबो ने जोर देकर कहा, 'यह तथ्य कि मारियस बोर्ग होइबी शाही परिवार के सदस्य हैं, इसका यह मतलब नहीं है कि उनके साथ अधिक हल्के या अधिक कठोर बर्ताव किया जाना चाहिए. जैसा किसी आम इंसान के साथ बर्ताव होता, उनके साथ भी वैसा ही किया जाएगा.' जिन चार बलात्कारों के लिए मारियस पर आरोप लगाया गया है, वे कथित तौर पर 2018, 2023 और 2024 में हुए थे, जिनमें से आखिरी बलात्कार पुलिस जांच शुरू होने के बाद हुआ था. मारियस ने अगस्त 2024 की घटना में हमला और तोड़फोड़ की बात पहले ही स्वीकार कर ली है, जिसके लिए उन्हें गिरफ्तार किया गया था. अपनी गिरफ्तारी के 10 दिन बाद एक सार्वजनिक बयान में उन्होंने कहा कि उन्होंने 'एक विवाद के बाद शराब और कोकीन के नशे में यह काम किया था. उन्होंने कहा कि वो मानसिक परेशानियों से पीड़ित थे और लंबे समय से ड्रग्स की लत से जूझ रहे थे. मारियस चार साल की उम्र से ही सुर्खियों में आ गए थे जब उनकी मां ने नॉर्वे के युवराज से शादी किया. युवराज के पहले से ही दो बच्चे थे. मारियस का पालन-पोषण शाही दम्पति ने उनके सौतेले भाई-बहनों राजकुमारी इंग्रिड एलेक्जेंड्रा और राजकुमार स्वेरे मैग्नस के साथ मिलकर किया, जिनकी आयु क्रमशः 21 और 19 वर्ष थी. सौतेले भाई-बहनों के उलट, मारियस किसी सार्वजनिक पद पर नहीं हैं.

मनीषा केस में तनाव: 2 दिन इंटरनेट सेवा ठप, ग्रामीण बोले- संस्कार नहीं होने देंगे

 भिवानी-चरखी दादरी मनीषा मौत मामले में भले ही हत्या की बजाए आत्महत्या का एंगल सामने आया है, मगर अब भी लोगों में आक्रोश कम होने की बजाए बढ़ गया है। सोमवार देर रात को कमेटी ने फैसला लेकर शव लेकर अंतिम संस्कार का फैसला लिया था। वहीं, अब पिता संजय का सोशल मीडिया पर नया वीडियो सामने आया है। जिसमें उसने कहा है कि मैंने दबाव में आकर बयान दिया था। उसने कहा कि मेरी बेटी कभी आत्महत्या नहीं कर सकती। मुझे इस बात का विश्वास न हीं है। मेरी बेटी को प्रशासन से गुहार है कि न्याय दिलाया जाए। ये वीडिया सोशल मीडिया पर भी भेजी जा रही है।  हरियाणा में भिवानी की लेडी टीचर मनीषा के आज होने वाले अंतिम संस्कार में पेंच फंस गया है। सोमवार देर रात प्रशासन से हुई मीटिंग के बाद परिवार के राजी होने की बात सामने आई थी। मंगलवार सुबह इसका खुलासा होने पर भिवानी में ग्रामीणों की पंचायत हुई। उन्होंने इंसाफ मिलने तक मनीषा का अंतिम संस्कार न करने के लिए कहा। इसके लिए पिता संजय को भी समझाया कि पूरा गांव उनके साथ है। किसी के दबाव में न आएं। अब भारी संख्या में ग्रामीणों ने गांव ढाणी लक्ष्मण को जाता रास्ता रोक दिया है। युवाओं के साथ महिलाएं भी गांव के एंट्री पॉइंट पर इकट्‌ठा हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वह बिना इंसाफ मिले मनीषा का अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे। माहौल को देखते हुए सरकार ने भिवानी और चरखी दादरी में इंटरनेट बंद कर दिया है। दोनों जिलों में 19 अगस्त यानी आज सुबह 11 बजे से 21 अगस्त की सुबह 11 बजे तक इंटरनेट बंद रहेगा। प्रदेश गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने लॉ एंड ऑर्डर का हवाला देते हुए कहा कि सभी तरह के इंटरनेट और बल्क SMS बंद रहेंगे। भिवानी और चरखी दादरी में इंटरनेट सेवा बंद मनीषा की मौत के मामले को लेकर बढ़ते तनाव और विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर भिवानी और चरखी दादरी जिलों में प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। यह निर्णय कानून व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए लिया गया है।  दूसरी ओर ढाणी लक्ष्मण के ग्रामीण इस बात पर अड़े हैं कि मनीषा का न्याय नहीं मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं होने दिया जाएगा। इसी को लेकर मंगलवार सुबह गांव ढाणी लक्ष्मण के सभी रास्तों को भी अवरुद्ध कर दिया गया। गांव में जाने वाले सभी कच्चे और पक्के रास्तों पर पेड़ और पत्थर डालकर उन्हें बंद कर दिया है। जिसकी वजह से किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में नहीं घुसने दिया जा रहा है। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।  वहीं सोमवार देर रात हुई मीटिंग के बाद पिता संजय ने कहा था कि वह पुलिस जांच से संतुष्ट हैं और आज यानी मंगलवार को अंतिम संस्कार कर देंगे। अब उनका एक नया वीडियो सामने आया है। जिसमें वह कह रहे हैं कि मेरी बेटी कभी आत्महत्या नहीं कर सकती, मुझे उस पर इतना विश्वास है। प्रशासन कह रहा है कि उसने आत्महत्या की है। मैं इसको नहीं मानता कि मेरी बेटी आत्महत्या कर लेगी। सारी मेडिकल टीम ने ये दिखाया कि उसने आत्महत्या की है। मैं कहता हूं कि उसने आत्महत्या नहीं की है। मुझे मेरी बेटी के लिए न्याय चाहिए। मनीषा हत्याकांड: कैसे हुई मनीषा की मौत? हरियाणा के भिवानी में हुए शिक्षिका मनीषा हत्याकांड में सोमवार देर शाम को सुनारिया लैब से मेडिकल जांच रिपोर्ट भिवानी पुलिस को मिल गई है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि रिपोर्ट में चिकित्सकों के अनुसार मनीषा की मौत कीटनाशक की वजह से हुई। मनीषा की बिसरा रिपोर्ट में कीटनाशक मिला है।  एसपी ने बताया कि चिकित्सकों से हुई बातचीत में अब तक चार बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट हो पाई हैं, जिसमें पहला मनीषा की बिसरा रिपोर्ट में कीटनाशक के अंश मिले हैं, दूसरा मनीषा के शरीर पर कोई सीमन नहीं मिला है, जिससे दुष्कर्म की कोई बात सामने नहीं आई है। तीसरा यह है कि मनीषा के चेहरे पर कोई भी एसिड या कैमिकल नहीं मिला है। जबकि चौथी बात मनीषा की मौत के बाद ही उसके शरीद के अंग गायब हुई हैं, जिससे की जंगली जानवरों द्वारा नोंच कर खाए गए हैं। मनीषा के सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग भी मैच हो गई है।  पुलिस कर रही है मामले की अभी विस्तृत जांच भिवानी पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार का कहना है कि मनीषा की मौत मामले में पुलिस विस्तृत जांच कर रही है। अभी इस मामले में पुलिस किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंची हैं। पुलिस ने लैब से बिसरा जांच रिपोर्ट परिजनों को भी दी है। परिजनों के पुलिस को लेकर कुछ सवाल हैं, लेकिन इस मामले में परिजनों की पुरी संतुष्टि की जाएगी। पुलिस की जांच अभी बंद नहीं हुई है, पुलिस इस मामले की हर पहलु से जांच तक तह तक जाने में लगी है। सुसाइड थ्योरी पर परिजनों ने उठाए सवाल वहीं दूसरी तरफ मनीषा हत्याकांड मामले में पुलिस की थ्योरी से परिजन भी अनभिज्ञ हैं। मनीष की मौत के पांच दिन बाद परिजनों को सोशल मीडिया से सोमवार को पता चला कि सुसाइड नोट मिला है। जबकि परिजनों ने सुसाइड थ्योरी पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। वहीं मीडिया के सामने मनीषा के दादा रामकिशन भी फफक पड़े। रामकिशन ने बताया कि पौती सारी बातें साझा करती थी। पौती मनीषा तीन साल का नर्सिंग कोर्स करना चाहती थी। दादा ने मनीषा को कोर्स के लिए खर्चा देने की बात कही थी। वहीं मनीषा के परिजनों ने बताया कि सुसाइड करने वाला कैसे अपना गला काट लेगा और चेहरे पर तेजाब कैसे छिड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने पहले सुसाइड नोट की कोई भी बात उन्हें नहीं बताई थी। इस हाल में मिला था मनीषा का शव 19 वर्षीय महिला शिक्षिका मनीषा 11 अगस्त की सुबह ढाणी लक्ष्मण अपने घर से सिंघानी प्ले स्कूल जाने के लिए रोजाना की तरह तैयार होकर निकली थी। लेकिन दोपहर बाद वह घर नहीं लौटी तो देर शाम तक परिजन उसकी तलाश में जुटे रहे। परिजनों ने उसी दिन … Read more

रायपुर : प्रदेश में अब तक 750.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 750.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1142.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 371.1 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।   रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 647.0 मि.मी., बलौदाबाजार में 582.4 मि.मी., गरियाबंद में 642.7 मि.मी., महासमुंद में 589.4 मि.मी. और धमतरी में 647.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 736.1 मि.मी., मुंगेली में 751.7 मि.मी., रायगढ़ में 860.8 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 634.0 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 924.6 मि.मी., सक्ती में 786.0 मि.मी., कोरबा में 753.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 698.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 607.8 मि.मी., कबीरधाम में 538.8 मि.मी., राजनांदगांव में 689.9 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 949.4 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 538.0 मि.मी. और बालोद में 786.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 531.4 मि.मी., सूरजपुर में 870.8 मि.मी., जशपुर में 771.1 मि.मी., कोरिया में 840.0 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 754.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1003.4 मि.मी., कोंडागांव में 694.4 मि.मी., कांकेर में 867.9 मि.मी., नारायणपुर में 914.5 मि.मी., दंतेवाड़ा में 916.1 मि.मी., सुकमा में 732.9 मि.मी. और बीजापुर में 990.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

चुनावी संग्राम में वोट चोरी के आरोप-प्रत्यारोप, EC ने की एंट्री

चंडीगढ  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नोटिस भेजकर वोट चोरी के आरोपों पर हलफनामा मांग चुके हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव के लिए मतदाता सूचियों का संशोधन सामान्य और रुटीन की प्रक्रिया है। राज्यों की मतदाता सूची तैयार करने के प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों की भागीदारी और उनकों त्रुटियों को सुधारने के लिए चुनाव आयोग की ओर से पर्याप्त समय और अवसर प्रदान किया जाता है, ताकि शुद्ध मतदाता सूचियां लोकतंत्र को मबबूत बना सकें। उन्होंने इस बात से इन्कार किया कि चुनाव में किसी तरह की वोट चोरी हुई है। साथ ही आशंका जताई कि मतदाता सूचियों के प्रकाशन के बाद कुछ राजनीतिक दलों ने इन पर अपनी कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई, जिसका मतलब स्पष्ट है कि मतदाता सूचियों में कोई खामी नहीं थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रेस कान्फ्रेंस कर बाकी राज्यों की तरह हरियाणा को लेकर भी कहा था कि 22 हजार 779 वोटों से कांग्रेस राज्य में आठ सीटें हारी है। इसके जवाब में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और मुख्यमंत्री नायब सिंह ने दावा किया था कि राज्य में सात विधानसभा सीटें भाजपा सिर्फ 3500 से कम वोटों के अंतर हारी है। भाजपा को यदि 22 हजार वोट और मिल जाते तो राज्य में पार्टी 22 सीटें और जीत जाती। इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी से हलफनामा देकर जवाब मांगा था, जिसका अभी कोई जवाब नहीं आया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद उसकी डिजिटल और प्रकाशित भौतिक प्रतियां सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध करवाई जाती हैं और साथ ही उन्हें भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी डाला जाता है, ताकि कोई भी इसका अवलोकन कर सके। ए श्रीनिवास ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने से पहले मतदाताओं और राजनीतिक दलों को दावे और आपत्तियां दर्ज करने के लिए पूरे एक महीने का समय दिया जाता है। अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद अपील की एक द्वि-स्तरीय प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें पहली अपील जिला मजिस्ट्रेट के पास और दूसरी अपील प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास की जा सकती है। ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ राजनीतिक दलों और उनके बूथ स्तरीय एजेंटों (बीएलएएस) द्वारा सही समय पर मतदाता सूचियों की जांच नहीं की गई और यदि कोई त्रुटि थी तो उसे एसडीएम/ईआरओ, डीइओ या सीइओ के संज्ञान में नहीं लाया गया। मतदाता सूचियों में त्रुटियों पर अब मुद्दे उठा रहे  मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार कुछ राजनीतिक दल और व्यक्ति मतदाता सूचियों में त्रुटियों के बारे में अब मुद्दे उठा रहे हैं, जिनमें पूर्व में तैयार की गई मतदाता सूचियां भी शामिल हैं। यदि यह मुद्दे सही समय पर सही माध्यमों से उठाए गए होते तो संबंधित एसडीएम/ईआरओ को चुनावों से पहले गलतियां सुधारने में मदद मिलती। चुनाव आयोग राजनीतिक दलों और किसी भी मतदाता द्वारा मतदाता सूची की जांच का स्वागत करता है। इससे एसडीएम/ईआरओ को त्रुटियों को दूर करने और मतदाता सूची को शुद्ध करने में मदद मिलेगी, जो हमेशा से चुनाव आयोग का उद्देश्य रहा है।  

राज्यपाल रमेन डेका ने किए महाप्रभु जगन्नाथ भगवान के दर्शन

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ का दर्शन एवं पूजन किया और देश एवं प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना कीं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।

शिक्षकों के ऑनलाइन ट्रांसफर जल्द शुरू होंगे, शिक्षा मंत्री ढांडा ने दी अपडेट

जींद   शिक्षा मंत्री जींद की चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार बहु-विषयक शिक्षा पर एक दिवसीय कार्यशाला में पहुंचे थे। इस कार्यशाला म विभिन्न यूनिवर्सिटियों के वी.सी. एवं कई शिक्षाविदों ने शिरकत कर अहम विषय पर चर्चा की। जींद पहुंचे शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही टीचरों के ऑनलाइन ट्रांसफर शुरू होंगे। उन्होंने कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की लिस्ट पर तंज कसते हुए कहा कि यह लिस्ट हुड्डा-सैलजा-रणदीप ग्रुप की लिस्ट बनकर रह गई है। केंद्र में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा वोट चोरी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि चोर एक तो चोरी करे और ऊपर से सीनाजोरी करने वाली बात करे। उलटा वोट चोरी तो उन्होंने ही की थी, तभी तो 50 से 90 सीट जीत गए। हमारी सरकार तो वोट चोरी पर अंकुश लगाने का कार्य कर रही है। हम तो वोटर लिस्ट को रिवाइज करवा रहे हैं, इसमें उनको परेशानी क्यों हो रही है।

चुनाव आयोग सख्त, हरियाणा के 15 राजनीतिक दलों को भेजा नोटिस; सितंबर में होगी सुनवाई

चंडीगढ़  भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने ऐसे राजनीतिक दलों पर सख्ती शुरू कर दी है, जिन्होंने पिछले 10 सालों में कोई चुनाव नहीं लड़ा है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1961 के तहत इन दलों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और जरूरी कागजात जमा करने के लिए कहा गया है। हरियाणा में ऐसे 15 राजनीतिक दलों की सूची जारी की गई है। आयोग ने सभी को सुनवाई का मौका देते हुए अलग-अलग तारीख और समय तय किए हैं। अगर ये दल समय पर अपना पक्ष नहीं रखते, तो माना जाएगा कि उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है। इसके बाद निर्वाचन आयोग बिना पूर्व सूचना दिए इन दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर सकता है। हिसार सहित इन जिलों के हैं राजनीतिक दल ​जिन दलों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें फरीदाबाद, सिरसा, हिसार, करनाल, रेवाड़ी, अंबाला, गुड़गांव, यमुनानगर, मेवात, महेंद्रगढ़, और भिवानी जैसे विभिन्न जिलों के दल शामिल हैं। सभी दलों को 28 अगस्त, 2025 तक आवश्यक कागजात और लिखित आवेदन जमा करने के लिए कहा गया है। ​ मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा ए श्रीनिवास द्वारा जारी इस नोटिस में कहा गया है कि सुनवाई 2 सितंबर से 3 सितंबर, 2025 के बीच चंडीगढ़ स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में होगी। प्रत्येक दल के लिए अलग-अलग तिथि और समय निर्धारित किया गया है। इसलिए शुरू हुई ये कार्रवाई ​हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया कि यह कदम ऐसे दलों को हटाने के लिए उठाया गया है, जो केवल कागजों पर मौजूद हैं और चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग नहीं लेते हैं। यह चुनाव आयोग द्वारा राजनीतिक दलों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सिर्फ छह ने ही दिए डॉक्यूमेंट आयोग के द्वारा इससे पहले हरियाणा के 21 गैरमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के बाद करीब छह ने आवश्यक कागजात जमा करवा दिए हैं, जिसके बाद अब 15 को सुनवाई के लिए आखिरी मौका दिया गया है। जिन गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल, जिन्हें कारण बताओं नोटिस जारी किया गया, उनमें अपना राज फ्रंट झज्जर, हरियाणा स्वतन्त्र पार्टी झज्जर, राष्ट्रीय बुजुर्ग शक्ति पार्टी झज्जर, भारत (इंटीग्रेटेड) रक्षक दल गुडगांव, भारतीय जन हित विकास पार्टी गुडगांव , गुड़गांव रेजिडेंट पार्टी गुड़गांव, हिन्द समदर्शी पार्टी गुड़गांव, कर्मा पार्टी गुड़गांव, मेरा गांव मेरा देश पार्टी गुड़गांव शामिल हैं। जिन्हें नोटिस जारी हुआ उनमें नेशनल लेवल की भी पार्टियां नेशनल जनहित कांग्रेस (AB) गुड़गांव, समरस समाज पार्टी गुड़गांव, टोटल विकास पार्टी गुड़गांव, जनता उदय पार्टी फरीदाबाद, बेरोजगार आदमी अधिकार पार्टी फरीदाबाद, राष्ट्रीय आर्य राज सभा रोहतक, सेवा दल रोहतक, लोक परिवर्तन पार्टी (डीसी) पानीपत, हरियाणा जनरक्षक दल सोनीपत, हरियाणा कान्ति दल कुरूक्षेत्र,राष्ट्रीय कर्मयोग पार्टी, करनाल और सुशासन पार्टी, भिवानी शामिल हैं।

TMC ने INDIA ब्लॉक से दूरी बनाई, उपराष्ट्रपति चुनाव में रखी ये मांग

कलकत्ता उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर NDA और विपक्षी INDIA गठबंधन के बीच सियासी हलचल तेज हो गई है. एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्षी पार्टियों के बीच अब भी आखिरी सहमति नहीं बन पाई है. सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस (TMC) का मानना है कि INDIA गठबंधन का उम्मीदवार तमिलनाडु से नहीं होना चाहिए, और साथ ही ममता बनर्जी की पार्टी ने उम्मीदवार को लेकर अपनी मंशा भी जाहिर की है. टीएमसी चाहती है कि विपक्ष एक नॉन-पॉलिटिकल उम्मीदवार उतारे, जो बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ लड़ाई को मज़बूत कर सके. टीएमसी का कहना है कि यह चुनाव सिर्फ पद की लड़ाई नहीं बल्कि संविधान और "आइडिया ऑफ इंडिया" को बचाने की जंग है. टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से निकलते समय बताया था कि "कल (मंगलवार) दोपहर 12.30 बजे मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर INDIA गठबंधन की बैठक होगी." उन्होंने भरोसा जताया कि विपक्ष शाम तक एक मजबूत उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर देगा. एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को बनाया है अपना उम्मीदवार दूसरी तरफ, एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का राजनीतिक करियर लंबा और प्रभावशाली रहा है. वह 31 जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं. इससे पहले फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक उन्होंने झारखंड के राज्यपाल के रूप में काम किया. इस दौरान उन्हें राष्ट्रपति की तरफ से तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के लेफ्टिनेंट गवर्नर का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था. राधाकृष्णन तमिलनाडु से आने वाले वरिष्ठ बीजेपी नेता हैं और सार्वजनिक जीवन में उनका अनुभव चार दशकों से भी अधिक का है. वे दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और कोयंबटूर से संसद पहुंचे थे. 2004 से 2007 तक उन्होंने तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभाई. उनकी पहचान आरएसएस विचारधारा से जुड़ी हुई है. सितंबर में होंगे उपराष्ट्रपति चुनाव उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर 2025 को होना है. यह चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे के बाद कराया जा रहा है. अब देखना यह होगा कि INDIA गठबंधन किस उम्मीदवार को मैदान में उतारकर एनडीए के मुकाबले में खड़ा करता है.

ED की रेड से हड़कंप, झारखंड में कबाड़ी के घर हुई लंबी जांच

साहिबगंज झारखंड के साहिबगंज शहर के बंगाली टोला स्थित संतोष कुमार गुप्ता उर्फ बबलू के यहां मंगलवार की सुबह ईडी का छापा पड़ा। ईडी की चार सदस्यीय टीम करीब आठ घंटे तक उसके घर में रूककर जांच की। ईडी की जांच के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सीआरपीएफ के कई जवान घर के बाहर मुस्तैद थे। जानकारी के मुताबिक संतोष कुमार गुप्ता उर्फ बबल दो भाई है। दोनों भाई यहां एक ही मकान में रहते हैं। मुहल्ले के लोगों ने बताया कि संतोष कबाड़ के सामान खरीदने व बेचने का काम करता है। उसके घर के बाहर कबाड़ में खरीदे गए सामानों के बोरियों रखीं हैं। उधर, सफदे इनोवा गाड़ी से सुबह करीब 7.10 बजे ईडी के अधिकारी छापेमारी के लिए इनके घर पहुंचे। ईडी के छापे की खबर थोड़ी ही देर में शहर में तेजी से फैल गई। धीरे-धीरे लोगों की भीड़ उनके घर के बाहर जमा होने लगी। ईडी के अधिकारी यहां पहुंचने के बाद सीधे मकान के अंदर जाकर जांच शुरू कर दी। जांच के क्रम में घर के एक लड़के को लेकर ईडी के अधिकारी गाड़ी से कहीं गए और फिर थोड़ी देर में लौट आए। सुबह करीब 9.50 और 10.20 बजे ईडी के दो अलग-अलग अधिकारी किसी काम से मकान से बाहर निकले। एक अधिकारी बाहर खड़ी इनोवा कार के ड्राइवर से बातचीत कर तुरंत वापस अंदर चले गए। दूसरे अधिकारी ने ड्राइवर से गाड़ी में रखे अपना लैपटॉप मंगवाए। सूत्रों से पता चल रहा है कि झारखंड में हुए 750 करोड़ के जीएसटी घोटाले की जांच के क्रम में ईडी की टीम यहां पहुंची है। हालांकि आधिकारिक तौर पर ईडी के कोई भी अधिकारी मीडिया को छापेमारी की वजह के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी है।  

रेलवे का नया नियम: ट्रेन में अनलिमिटेड सामान ले जाने पर रोक, क्लासवार तय हुई सीमा

 नई दिल्ली रेल यात्रा में अकसर आपने लोगों को भारी सामान लाते ले जाते देखा होगा, लेकिन जल्दी ही यह पुरानी बात हो जाएगी। रेलवे अब हवाई यात्रा की तरह सामान को लेकर सख्त नीति अपनाने जा रहा है। इसके तहत एक निश्चित वजन या आकार से ज्यादा सामान लेकर जाने पर पेनल्टी भी देनी पड़ सकती है। इसके लिए रेलवे स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक मशीनें लगाई जाएंगी। इनसे होकर जब सामान गुजरेगा तो पता चल जाएगा कि वजन और माप तय सीमा के भीतर ही है या नहीं। यदि माप और वजन तय लिमिट से ज्यादा हुआ तो फिर जुर्माना या अतिरिक्त चार्ज चुकाना होगा। यही नहीं रेलवे स्टेशनों पर भी अब लोगों का अनुभव बदलने की तैयारी पूरी हो गई है। अब रेलवे स्टेशनों पर बड़े ब्रांड्स की दुकानें दिख सकती हैं। रेलवे स्टेशनों पर कपड़े, ट्रैवल, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान आदि आप आसानी से खरीद पाएंगे। इसके लिए शानदार दुकानें होंगी, जिनका रेलवे की ओर से टेंडर जारी किया जाएगा। इससे रेलवे स्टेशनों पर पहुंचकर लोग एयरपोर्ट जैसे माहौल का अनुभव करेंगे। इसके अलावा रेलवे के रेवेन्यू में भी इजाफा होगा। दुकानें टेंडर से आवंटित की जाएंगी, जिनके शुल्क से रेलवे को अच्छी आय होने की उम्मीद है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि सामान की वजन सीमा श्रेणी के अनुसार तय होगी। जैसे सामान्य श्रेणी का टिकट लेकर यदि कोई सफर कर रहा है तो उसे अपने साथ 35 किलो सामान से ज्यादा ले जाने की परमिशन नहीं होगी। यदि एक से ज्यादा लोग सफर कर रहे हैं तो तय लिमिट प्रति यात्री के अनुसार होगी। जैसे एक व्यक्ति पर 35 किलो की परमिशन है तो दो लोग साथ होंगे तो 70 किलो वजन तक का सामान ले जा सकते हैं। अब श्रेणी वार लिमिट की बात करें तो स्लीपर और थर्ड एसी में यह 40 किलो प्रति व्यक्ति होगी। इसके अलावा सेकेंड एसी में एक व्यक्ति को 50 किलो तक सामान ले जाने की परमिशन रहेगी। वहीं फर्स्ट एसी में यह लिमिट 70 किलोग्राम रहेगी। रेलवे सूत्रों का कहना है कि यह लिमिट इसलिए तय की गई है ताकि सभी यात्रियों का सफर सुखद और सुगम रहे। अब श्रेणीवार लिमिट की बात करें तो ऐसा इसलिए तय किया गया है ताकि सीटों की व्यवस्था के अनुसार ही सामान रखा जा सके। जैसे जनरल में जगह सबसे कम बचती है, ऐसे में उसके लिए लिमिट कम है। इसी प्रकार स्लीपर और थर्ड एसी का सीटिंग पैटर्न एक जैसा है। इसलिए वहां सामान की लिमिट एक समान रखी गई है। वहीं सेकेंड में एसी में एक लाइन में दो सीटें ही रहती हैं। इसलिए सामान की परमिशन थोड़ी ज्यादा है। फिलहाल इस लिमिट के तहत प्रयागराज जोन में काम शुरू होने वाला है। इसके बाद पूरे देश में ही रेलवे का यह फॉर्मूला लागू होगा।