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लगघाटी में बादल फटने से दुकानों और पुल को नुकसान, कुल्लू-बंजार के स्कूल बंद

कुल्लू.  हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की लगघाटी के कनौण की ऊंची पहाड़ी पर रात ढाई बजे बादल फटने के बाद फ्लेश फ्लड आया है. बादल फटने से आई बाढ़ की चपेट में आकर कनौण में तीन दुकानें बह गईं और बाढ़ से लोगों की ज़मीनों, बाग–बगीचों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. उधर, सरवरी खड्ड में जलस्तर में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. बाढ़ के कारण एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है. एक युवक ने बताया कि कनौण गांव में बूबू नाले पर बना पुल बह गया और तीन दुकानों का नामोनिशान मिट गया. युवक ने बताया कि वह पूरी रात सोए नहीं हैं. युवक ने बताया कि गांव का संपर्क कट गया है और बादल फटने के बाद काफी नुकसान हुआ है और सड़क पर बड़े बड़े पत्थर आ गए थे. इसी तरह आपदा की मार झेल रहे मंडी जिले की पद्दर उपमण्डल की चौहारघाटी में बीती रात और आज सुबह हुई भारी बारिश ने तबाही मचा दी। घाटी की दो पंचायतों शिल्हबुधाणी और तरस्वाण में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। यहां 6 फुट ब्रिज, एक वाहन, एक दुकान और सैकड़ों बीघा निजी भूमि तेज बहाव में बह गई। गनीमत रही कि किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है। ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने बताया कि भारी बारिश से नाले उफान पर आ गए थे और लोगों ने सुरक्षित स्थानों में शरण लेकर अपनी जान बचाई। सैकड़ों बीघा भूमि बह जाने से किसानों और बागवानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। एसडीएम पधर सुरजीत सिंह और लोक निर्माण विभाग सहित राजस्व विभाग की टीमें मौके पर भेज दी गई हैं। हालात को देखते हुए पधर उपमंडल के शिक्षण संस्थानों में आज अवकाश घोषित कर दिया गया है। कुल्लू जिले की लगघाटी में मंगलवार सुबह बादल फटने से दो दुकानों और एक बाइक को नुकसान पहुंचा है। सरवरी क्षेत्र में एक पैदल पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। हालात को देखते हुए कुल्लू और बंजार उपमंडल के सभी शिक्षण संस्थान आज बंद रखे गए हैं। कुल्लू जिले में भारी बारिश के कारण ब्यास नदी पर बने भूतनाथ पुल के पास सड़क बह गई। स्थानीय निवासी, ईश्वर दास शर्मा, ने कहा, "नदी में उफान आया हुआ है, और इसने नदी के किनारे के हिस्सों को नुकसान पहुंचाया है। मैं सरकार से इस ओर ध्यान देने का आग्रह करता हूं।" भारी बारिश के बीच कांगड़ा जिले में पौंग डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। मंगलवार सुबह 8 बजे तक डैम का जलस्तर 1383.02 फुट दर्ज किया गया। बीबीएमबी प्रशासन के अनुसार सभी छह टर्बाइनें चालू हैं, जिनसे 17,456 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि स्पिलवे गेट्स से 42,379 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इस तरह कुल 59,835 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बुधवार से यह मात्रा बढ़ाकर 75 हजार क्यूसेक कर दी जाएगी। निचले क्षेत्रों के प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है और लोगों से अपील की गई है कि वे नदी किनारों की ओर न जाएं। मौसम विभाग ने राज्य में 25 अगस्त तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही वर्षा से भूस्खलन, बादल फटने और नदियों-नालों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने जनता से सतर्क रहने और किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है। सरवरी में भी नुकसान की खबर अहम बात है कि कुल्लू के पास सरवरी में भी फ्लेश फ्लड से खासा नुकसान हुआ है और सड़क का एक हिस्सा टूट गया है. वहीं,  भूतनाथ मंदिर के पास बस स्टैंड को जोड़ने वाली सड़क पर गहरी दरारें पड़ गई हैं और सुरक्षा के लिए बनाया गया डंगा बह गया है. इसके अलावा, हनुमानी बाग को जोड़ने वाला पैदल पुल भी टूटने की कगार पर है, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही पर संकट खड़ा हो गया है.प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से परहेज करने और सतर्क रहने की अपील की है. कुल्लू जिला प्रशासन ने बीती रात से हो रही बारिश के चलते बंजार और कुल्लू सदर में स्कूल और कॉलेजों को बंद करने के आदेश दिए हैं. डीसी कुल्लू, एस. रवीश (IAS) ने आदेश जारी करते हुए बताया कि क्लाउडबर्स्ट, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की वजह से जगह-जगह सड़कों के बाधित होने, पुल बह जाने और नुकसान की सूचनाएं मिल रही हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 19 अगस्त 2025 के लिए कुल्लू जिला में येलो अलर्ट जारी किया है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आदेश दिया है कि कुल्लू और बंजार उपमंडल के सभी शैक्षणिक संस्थान, जिनमें स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग व फार्मेसी कॉलेज (सरकारी व निजी), आंगनबाड़ी केंद्र और DIET शामिल हैं, 19 अगस्त 2025 को बंद रहेंगे. प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा व कल्याण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. अब तक प्रदेश में 268 लोगों की मौत मॉनसून सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और आपदाओं ने अब तक भारी तबाही मचाई है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 20 जून से अब तक 268 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 37 लोग अभी भी लापता हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि 336 लोग घायल हुए, 2540 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए, 2274 पशुशालाएं और 362 दुकानें जमींदोज हो गईं. इसके अलावा, 1630 मवेशियों और 25,755 पोल्ट्री बर्ड्स की मौत हो चुकी है. बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 2 राष्ट्रीय राजमार्ग और 387 सड़कें बंद हैं. वहीं, 760 ट्रांसफार्मर ठप होने से विद्युत आपूर्ति बाधित है और 186 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं. राज्य को अब तक इस आपदा से 2194 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है.

181 और 1098 हेल्पलाइन बन रही महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की कड़ी

जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों के लिए हैल्पलाइन 181 और 1098 बनी संबल महिलाओं और बच्चों के लिए 181 व 1098 हैं अब भरोसेमंद सहारा जरूरतमंदों के लिए मदद का संदेश: 181 और 1098 बनी संबल 181 और 1098 हेल्पलाइन बन रही महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की कड़ी भोपाल  जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों के लिए प्रदेश में चलाई जा रही हैल्पलाइन 181 और 1098 संबल बन गई है। महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती जी.व्ही. रश्मि ने सोमवार को विभागीय नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर हैल्पलाइन नम्बर 181 (महिला हैल्पलाइन) और 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कॉल प्रबंधन, शिकायत पंजीकरण एवं उनके निराकरण की प्रक्रिया का विस्तृत अवलोकन किया। सचिव श्रीमति रश्मि ने कॉल रिस्पॉन्स, डेटा प्रबंधन प्रणाली तथा आपात स्थितियों में विभिन्न विभागों के साथ समन्वय की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने नियंत्रण कक्ष में कार्यरत कर्मचारियों से चर्चा कर उनकी चुनौतियों की जानकारी भी प्राप्त की। श्रीमती रश्मि ने कहा कि हैल्पलाइन का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक पीड़ित महिला और बच्चे को सुरक्षा, सहयोग और न्याय दिलाना है। दोनों हेल्पलाइनें पूरी निष्ठा और सेवा-भाव से कार्य करते हुए समय पर सहायता सुनिश्चित कर रही हैं। उन्होंने 181 और 1098 टीम की प्रतिबद्धता को सराहते हुए भविष्य में कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा अवस्थी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

तीसरे दिन गया में तनाव, मंदिर में राहुल गांधी का इंतजार बेकार

गया  बिहार के गया में 'वोटर अधिकार यात्रा' के तीसरे दिन हंगामा हो गया. बताया जाता है कि यहां वजीरगंज के पुनावा हनुमान मंदिर पर लोग राहुल गांधी इंतजार करते रह गए, लेकिन वह नहीं पहुंचे. राहुल गांधी को पूजा अर्चना के बाद इसी मंदिर से यात्रा की शुरुआत करनी थी. लेकिन राहुल और तेजस्वी का काफिला सीधे आगे निकल गया. मंदिर में पूजा अर्चना नहीं करने से नाराज हुए स्थानीय लोग राहुल गांधी के मंदिर में पूजा नहीं करने से स्थानीय लोग नाराज हो गए. पूजा के लिए तैयार की गई थाली रखी रह गई. वहीं, राहुल गांधी का काफिला जब मंदिर के पास से गुजर गया और नहीं रुका तो स्थानीय युवा बीजेपी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे. सिर्फ वोट के लिए आते हैं नेता राहुल गांधी द्वारा मंदिर में पूजा-अर्चना नहीं किए जाने से वजीरगंज के युवाओं में गुस्सा है. युवाओं ने आज तक से बातचीत में कहा कि  नेता यहां केवल वोट लेने के लिए आते हैं. हमारे लिए यह प्राचीन मंदिर बहुत महत्व रखता है.  आपको बता दें कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की तरफ से वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत की गई है. यह यात्रा रविवार को सासाराम से शुरू हुई और फिर सोमवार को गया जी पहुंचने से पहले औरंगाबाद तक गई. SIR पर राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर बोला हमला यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों को चेतावनी दी कि जब गठबंधन सरकार बनेगी तो "वोट चोरी" पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. गांधी ने यह भी कहा कि पूरा देश चुनाव आयोग से हलफनामा मांगेगा और अगर समय मिला तो उनकी पार्टी हर विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में "वोट चोरी" का पर्दाफाश करेगी. राहुल गांधी यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष पैकेज की बात करते हैं, उसी तरह चुनाव आयोग भी बिहार के लिए एक "नया विशेष पैकेज" लेकर आया है. जिसका नाम SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) है, जो "वोट चोरी का एक नया रूप" है.

जॉर्जिया मेलोनी ने व्हाइट हाउस में किया ‘नमस्ते’, बना चर्चा का विषय

 वाशिंगटन वाइट हाउस में आयोजित एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठक से पहले एक रोचक पल देखने को मिला, जब इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सहायक का स्वागत 'नमस्ते' कहकर किया। यह क्षण भले ही कुछ सेकंड का था, लेकिन वहां मौजूद लोगों के लिए यह अप्रत्याशित और आकर्षक था। जहां अन्य नेता पारंपरिक हैंडशेक और औपचारिक अभिवादन कर रहे थे, वहीं मेलोनी का 'नमस्ते' कहना सबके लिए आश्चर्यजनक रहा। मेलोनी के 'नमस्ते' ने जीता दिल जॉर्जिया मेलोनी का भारतीय शैली में 'नमस्ते' कहना उनकी विनम्रता और वैश्विक संस्कृति के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे एक सम्मानजनक और वैकल्पिक अभिवादन का उदाहरण बता रहे हैं, जो कोरोना महामारी के दौरान भी लोकप्रिय हुआ था। बदले-बदले नजर आए जेलेंस्की यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की, जो आमतौर पर सैन्य यूनिफॉर्म या कैजुअल जैकेट में दिखते हैं, इस बार बिना टाई के ब्लैक सूट-स्टाइल जैकेट और शर्ट में नजर आए। यह लुक उन्होंने जून में द हेग (The Hague) में हुए NATO शिखर सम्मेलन में भी अपनाया था। बता दें कि जेलेंस्की सोमवार को यूरोपीय नेताओं के साथ वाइट हाउस पहुंचे थे, जहां डोनाल्ड ट्रंप ने उनका स्वागत किया। शांति समझौते पर चर्चा यूरोपीय नेताओं ने रूस के साथ संभावित शांति समझौते पर गहरे मतभेदों को दूर करने के लिए ट्रंप के साथ बातचीत की। पिछले सप्ताह अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ शिखर सम्मेलन के बाद ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन को क्रीमिया और अपनी NATO महत्वाकांक्षाओं को त्यागना होगा, जो मॉस्को की दो प्रमुख मांगें हैं।

मध्यप्रदेश की नदियाँ हैं भारत की संस्कृति की धारा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश की नदियाँ भारत की सनातन संस्कृति की संवाहक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश है नदियों का मायका भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत का हृदय मध्यप्रदेश, यहां के अप्रतिम प्राकृतिक सौंदर्य और अथाह, अविरल जल राशि के लिए समूचे विश्व में जाना जाता है। मध्यप्रदेश में बहने वाली नदियां भारत की सनातन संस्कृति की संवाहक हैं, जिनके किनारे सदियों से हमारी शाश्वत सभ्यता फल फूल रही है। यहाँ की पहचान केवल प्राचीन धरोहरों, मंदिरों, किलों और जनजातीय संस्कृति तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ की छोटी-बड़ी 750-800 नदियों से भी है।प्रदेश की इस समृद्ध जल राशि के कारण ही मध्यप्रदेश को ‘नदियों का मायका’ कहा जाता है। मध्यप्रदेश से उद्गमित छोटी-बड़ी नदियाँ, गंगा, नर्मदा, ताप्ती, गोदावरी, माही और महानदी जैसे विशाल नदी प्रवाह तंत्रों में समाहित होकर पूरे भारत की जीवन-रेखा बनाती हैं। मध्यप्रदेश की नदियाँ केवल भौतिक जल स्रोत नहीं, बल्कि संस्कृति की वाहक भी हैं। नदियों के किनारे प्राचीन नगरों, धार्मिक स्थलों और व्यापारिक मार्गों का विकास हुआ। क्षिप्रा नदी के तट पर बसा उज्जैन प्राचीन समय से ही खगोल विज्ञान और श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लंग के कारण धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है। प्राचीन उज्जयिनी सिंहस्थ ‘कुंभ’ समागम का तीर्थ क्षेत्र भी है। नर्मदा नदी के तट पर बसे महेश्वर और ओंकारेश्वर शहर शैव परंपरा के प्रमुख तीर्थ-स्थल हैं। ओंकारेश्वर 12 ज्योर्तिलिंगों में एक है। बेतवा नदी के तट औऱ प्रवाह क्षेत्र के ओरछा, सांची और विदिशा मध्यकालीन भारत की सांस्कृतिक यशोगाथा के प्रतीक होने के साथ ही बौद्ध संस्कृति के उदयावसान के साक्षी भी रहे हैं। मध्यप्रदेश का अधिकांश भूभाग विंध्य और सतपुड़ा की पहाड़ियों से आच्छादित है। यही कारण है कि यह अनेक महत्वपूर्ण नदियों का उद्गम स्थल है। नर्मदा और ताप्ती पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ हैं, जबकि सोन, क्षिप्रा, चंबल, बेतवा उत्तर और पूर्व की ओर बहकर अपनी अथाह जलराशि के साथ गंगा-यमुना में समाहित हो जाती हैं। माही, वैंगंगा, तवा जैसी नदियाँ भी अलग-अलग बेसिन को जल-पोषित करती हैं। इस भौगोलिक विविधता ने ही प्रदेश को नदी समृद्ध राज्य के रूप में प्रतिष्ठा दी है। पुण्य सलिला मां नर्मदा का दूसरा नाम रेवा भी है।भगवान शिव की पुत्री मानी जाने वाली रेवा मध्यप्रदेश और गुजरात दोनों की जीवन रेखा है। मान्यता है कि मां नर्मदा के दर्शन मात्र से ‘गंगा स्नान’ का पुण्य मिलता है। श्रद्धालुओं के लिए 3000 किमी से अधिक लंबी नर्मदा परिक्रमा जीवन का सबसे बड़ा तप माना जाता है। मां नर्मदा अमरकंटक से जन्म लेकर लेकर जबलपुर में धुआंधार जलप्रपात बनाती हुई गुजरात को अभिसिंचित कर लगभग 1312 किलोमीटर की यात्रा तय कर अरब सागर की खंभात की खाड़ी में विराम पाती हैं। महाभारत काल में चंबल नदी का नाम चर्मणवती था। यह भगवान परशुराम के जन्म-स्थल जानापाव से निकली। यह राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा बनाती है। जानापाव से निकलकर चंबल नदी मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित ‘पंचनदा’ संगम पर यमुना में परिमित जलराशि के साथ समाहित हो जाती है। बेतवा (वेत्रवती)  को मध्यप्रदेश की गंगा भी कहा जाता है। इसके तट पर राम राजा का ऐतिहासिक शहर ओरछा बसा है। विदिशा और सांची जैसे नगरों को भी इसने पोषित किया है। विंध्यांचल पर्वत से निकल कर लगभग 590 किलोमीटर दूरी तय कर यमुना नदी में जा मिलती है।  मोझदायिनी क्षिप्रा नदी के तट पर प्राचीन उज्जयिनी शहर बसा है। ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर और सिंहस्थ कुम्भ समागम का यह तीर्थ क्षेत्र विश्वविख्यात है। क्षिप्रा को भी मालवा की गंगा कहा जाता है। क्षिप्रा नदी इंदौर जिले में उज्जैनी-मुंडला गांव के ककड़ी-बड़ली नामक स्थान से निकल कर लगभग 195 किलोमीटर की यात्रा के बाद चंबल नदी में मिल जाती है। रामायण और महाभारत में सोन नदी का उल्लेख मिलता है। इसे पुरुष वाचक ‘नद’ की संज्ञा भी दी गई है। महर्षि वाल्मीकि ने इसे सुभद्र कहा है। यह नदी प्रदेश में शहडोल और रीवा के क्षेत्रों को सींचती हुई बिहार में प्रवेश कर लगभग 784 किलोमीटर लंबी यात्रा के बाद पतितपावनी गंगा से संगम करती है। ताप्ती नदी सतपुड़ा की पहाड़ियों से निकलकर गुजरात तक जाती है और लगभग 724 किलोमीटर की दूरी तय कर खंभात की खाड़ी में मिल जाती है। माही नदी की विशेषता है कि यह कर्क रेखा को दो बार पार करती है। माही नदी भी मध्यप्रदेश से गुजरात तक 583 किलोमीटर की यात्रा कर खंभात की खाड़ी में मिल जाती है। मध्यप्रदेश से उद्गम पाने वाली अन्य प्रमुख नदियों में वैंनगंगा गोंडवाना क्षेत्र की जीवनरेखा है। तवा नर्मदा की सहायक नदी है, जिस पर मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा बाँध बना है। कालीसिंध, पार्वती, केन, शक्कर, जोहिला  स्थानीय कृषि और वन्य जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण हैं। मध्यप्रदेश की नदियों पर अनेक सिंचाई एवं जलविद्युत परियोजनाएँ बनी हैं, जिनसे लाखों हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होती है। चंबल-पार्वती-कालीसिंध रिवर लिंक परियोजना मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों के साझा महत्व की परियोजना है। केन-बेतवा रिवर लिंक परियोजना मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए समृद्धि की गंगोत्री मानी जा रही है। ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्च परियोजना मध्यप्रदेश के बुरहानपुर एवं खंडवा और महाराष्ट्र के अकोला, अमरावती और बुलढाणा ज़िलों के भू-जल संकट और अनियमित वर्षा की समस्या का स्थायी समाधान मानी जा रही है। बाणसागर परियोजना सोन नदी पर बनी है। इससे शहडोल, रीवा और सीधी जिलों को लाभ पहुंच रहा है। तवा परियोजना नर्मदा की सहायक तवा पर निर्मित है। इससे होशंगाबाद क्षेत्र को सिंचाई और पेयजल की पूर्ति हो रही है। गांधीसागर परियोजना चंबल नदी पर बनाई गई है। इससे  जलविद्युत बनाई जा रही है, साथ ही बड़े क्षेत्र में सिंचाई हो रही है। ओंकारेश्वर एवं बरगी परियोजना नर्मदा नदी पर निर्मित है। यह प्रदेश की ऊर्जा और जल आपूर्ति के प्रमुख आधारों में से एक है।

MP में बारिश का कहर: नदी के उफान से ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, युवकों का रेस्क्यू

बैतूल ग्रामीणों की मदद से सुरक्षा उपकरण और रस्सियों का इस्तेमाल कर नदी के बीच करीब 30 मीटर दूर चट्टान तक पहुंचकर तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।  ट्रैक्टर में सवार पांच लोगों में से दो युवक तैरकर बाहर निकल आए, जबकि तीन युवक ट्रैक्टर-ट्रॉली के सहारे नदी के बीच फंसे रह गए। सूचना मिलते ही थाना चोपना से पुलिस टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से सुरक्षा उपकरणों और रस्सियों का उपयोग कर पुलिस टीम ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए करीब 30 मीटर दूर चट्टान तक पहुंच बनाई। साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। ग्राम गुवाड़ी निवासी सुरेश उइके, आदित्य उइके, आयुष उइके, पीयूष उइके एवं शर्मा भलावी ने पुलिस को बताया कि वे अपने पिता के सेवानिवृत्त होने पर उनका सामान सारणी से लेकर गांव लौट रहे थे। रात होने के कारण रपटे पर पानी के बहाव का अंदाजा नहीं लगा पाए और हादसे का शिकार हो गए। बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम की वजह से अगस्त महीने के आखिरी दिनों में पूरा मध्यप्रदेश भीगेगा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में ज्यादा असर देखने को मिलेगा। यहां 21 अगस्त से अति भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भारी बारिश हो सकती है। यहां साढ़े 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इसके बाद सिस्टम और स्ट्रॉन्ग होगा। 21 और 22 अगस्त को दक्षिणी और पूर्वी हिस्सा तरबतर हो जाएगा। नदी में ट्रॉली पलटी, चट्टान में फंसे 3 युवक बैतूल के चोपना थाना क्षेत्र में भड़ंगा नदी में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे बटकीडोह-नारायणपुर के बीच भड़ंगा नदी के रपटे पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पानी के तेज बहाव में पलट गई। ट्रॉली पर सवार 5 युवकों में से 2 तैरकर बाहर निकल आए, जबकि 3 युवक नदी के बीच चट्टान पर फंस गए। सूचना मिलते ही चोपना टीआई नरेंद्र सिंह परिहार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू कराया। ग्रामीणों की मदद से सुरक्षा उपकरण और रस्सियों का इस्तेमाल कर नदी के बीच करीब 30 मीटर दूर चट्टान तक पहुंचकर तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। 

लगातार बारिश से बेहाल मुंबई, ट्रैफिक और ट्रैवल सेवाओं में भारी गड़बड़ी

मुंबई कई राज्यों में बारिश का कहर जारी है लेकिन इन दिनों महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहा है. जहां अब तक सात लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक लोग मौसमी तबाही में फंसे हुए हैं. मायानगरी मुंबई की रफ्तार भी बारिश से थम सी गई है, जिसके चलते नगर निगम को स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी. देश की आर्थिक राजधानी के कई हिस्सों में जमकर बरसात हो रही है. मुंबई की सड़कों पर सैलाब कभी न थमने वाले शहर की रफ्तार पानी ने रोक दी है, स्थिति ये है कि मुंबई की सड़कों पर सैलाब है, इतना पानी भरा हुआ है कि गाड़ियां जहां-तहां फंस गई है, अपनी चमक धमक पर इतराने वाला शहर पानी की मार से बिलख रहा है और ये पहली बार नहीं है, मुंबई में हर साल बारिश होती है और हर साल मुंबई इसी परेशानी से जूझती है. मुंबई के अंधेरी सबवे में तेज़ बारिश के बाद पानी भर गया है, जिसके चलते अंधेरी सबवे को बंद कर दिया गया है. मुंबई में लगातार बारिश के कारण जलभराव से प्रभावित चेंबूर के एक अस्पताल में भर्ती होने वालों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. कई लोगों को अपने बीमार परिजनों को पीठ पर लादकर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा संचालित माँ जनरल अस्पताल तक पहुँचने के लिए जाते देखा गया. कई उड़ानें प्रभावित मुंबई में खराब मौसम के कारण कई उड़ानें भी प्रभावित रहीं. एयरपोर्ट तक जाने वाले कई रास्तों पर अब भी जलभराव है, जिससे यातायात धीमा पड़ गया है. इंडिगो के मुताबिक, बारिश के चलते अराइवल और डिपार्चर दोनों में देरी हो रही है.  इंडिगो ने यात्रा करने वाले लोगों को थोड़ा पहले निकलने और ऐप या वेबसाइट के माध्यम से अपनी उड़ान की स्थिति पर नज़र रखने की सलाह दी है. 18 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 19 अगस्त, सुबह 5:30 बजे तक मुंबई में कितनी बारिश     विक्रोली-194.5 mm     सांताक्रूज़-185.0 mm     जुहू-173.5 mm     बाइकुला-167.0 mm     बांद्रा-157.0 mm     कोलाबा-79.8 mm     महालक्ष्मी-71.9 mm स्कूल-कॉलेज बंद सोमवार को मुंबई में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे यातायात जाम हो गया. बीएमसी ने शहर में दूसरी पाली (दोपहर 12 बजे के बाद) में संचालित होने वाले सभी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया है. बाद में, नगर निकाय ने भारी बारिश के पूर्वानुमान के बीच आज यानी मंगलवार को महानगर के सभी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश की घोषणा की. इसके साथ ही आज यहां बहुत भारी से बेहद भारी बारिश की संभावना है. साथ ही कभी-कभी 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएँ चलने की भी संभावना है. मौसम विभाग ने हाई टाइड का भी अलर्ट जारी किया है. अधिकारियों ने बताया कि ठाणे जिले में कल्याण के पहाड़ी इलाके में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ जिससे चार घर क्षतिग्रस्त हो गए हालांकि कोई घायल नहीं हुआ. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा ठाणे और पालघर जिलों में 18-19 अगस्त के लिए रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद अधिकारियों ने मंगलवार को स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया है.  वहीं मुंबई में मौसम विभाग ने 17-21 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी दी है और पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. नांदेड़ जिले में लगातार बारिश के कारण 200 से अधिक लोग बाढ़ में फंस गए, जिसके कारण अधिकारियों को बचाव और राहत कार्यों के लिए सेना को बुलाना पड़ा.

एमबी पावर प्लांट में स्वतंत्रता दिवस का भव्य आयोजन, ध्वजारोहण, परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजा परिसर

जैतहरी  79वें स्वतंत्रता दिवस पर एमबी पावर प्लांट परिसर देशभक्ति के रंग में रंग उठा। सीओओ एवं प्लांट प्रमुख श्री आनंद देशपांडे ने ध्वजारोहण कर शहीदों के अमर बलिदान को नमन किया और राष्ट्र निर्माण में संयंत्र की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। मानव संसाधन एवं प्रशासन प्रमुख आर. के. खटाना ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों की गाथा और उनके त्याग का स्मरण कराया। उन्होंने सीएसआर के तहत वर्षभर में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी, जिनमें सड़कों का निर्माण, 13 हैंडपंप की स्थापना, राठौर चौराहा से ग्राम लहरपुर–मुर्रा तक स्ट्रीट लाइट और 26 ग्रामों में 40 हाईमास्ट लगाने जैसे कार्य शामिल हैं। सुरक्षा विभाग के प्रभारी अरविंद कुमार सिंह के नेतृत्व में सुरक्षा जवानों ने अनुशासित व भव्य परेड कर तिरंगे को सलामी दी। अपने संबोधन में श्री देशपांडे ने संयंत्र की शत-प्रतिशत क्षमता संचालन को सामूहिक समर्पण और टीम वर्क का श्रेष्ठ उदाहरण बताया। बाल भारती पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने वीरगाथाओं एवं अखंडता में एकता पर आधारित नाट्य एवं संगीत प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। सुरक्षा विभाग ने पूरे परिसर को तिरंगे के रंगों से सजाकर माहौल को और भी खास बना दिया। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले इस वर्ष परिसर वासियों के बच्चो के लिए राष्ट्र प्रेम से प्रेरित पैटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन रखा गया उसमें सभी प्रतिभागियों को पुरुस्कार से सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का संचालन मानव संसाधन विभाग के  अधिकारी गौरव पाठक और राघवेन्द्र सिंह ने जोश और उत्साह भरे भाषण के साथ किया। विभाग के प्रबंधक श्रीकृष्णा पांडेय ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन बच्चों और मेहमानों को मिष्ठान वितरण के साथ हुआ।

राधाकृष्णन के खिलाफ ISRO वैज्ञानिक को उतारने पर विचार, विपक्ष जल्द खोलेगा पत्ता

नई दिल्ली विपक्षी नेता उपराष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त उम्मीदवार पर चर्चा के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर सोमवार शाम बैठक करेंगे। रक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने भी नए उपराष्ट्रपति के सर्वसम्मति से चुनाव के लिए राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे सहित कुछ विपक्षी दलों के नेताओं से संपर्क किया है। सूत्रों ने बताया कि विपक्ष देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए ऐसे गैर-राजनीतिक चेहरे को मैदान में उतारना चाहता है, जिसकी राष्ट्रीय प्रतिष्ठा और कद हो। उन्होंने बताया कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के वरिष्ठ नेताओं ने उपराष्ट्रपति पद के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के एक वैज्ञानिक का नाम प्रस्तावित किया है, जो तमिलनाडु से हैं और काफी सम्मानित हैं। वरिष्ठ द्रमुक नेता तिरुचि शिवा का नाम भी चर्चा में है लेकिन अन्य विपक्षी नेताओं के साथ अभी इस पर चर्चा होनी बाकी है। शिवा ने हालांकि यह कहते हुए इस संबंध में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि इस मामले पर उनका नेतृत्व फैसला लेगा। NDA यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन तमिलनाडु से हैं जहां 2026 में चुनाव होने हैं। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी सहित ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (INDIA) के वरिष्ठ नेताओं के इस बैठक में भाग लेने की संभावना है। यह बैठक सत्तारूढ़ राजग द्वारा महाराष्ट्र के राज्यपाल राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित करने के एक दिन बाद होगी। सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और पश्चिम बंगाल की उनकी समकक्ष ममता बनर्जी सहित अन्य वरिष्ठ नेता विचार-विमर्श में डिजिटल माध्यम से शामिल हो सकते हैं जबकि अखिलेश यादव जैसे अन्य वरिष्ठ नेताओं के व्यक्तिगत रूप से इसमें शामिल होने की संभावना है। विपक्ष आज करेगा उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार का ऐलान एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है. लेकिन विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं और उम्मीदवार की घोषणा अभी बाकी है. सूत्रों की मानें तो आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव में इंडिया ब्लॉक का एक साझा उम्मीदवार मैदान में उतरेगा. इसको लेकर संसद में मौजूद 'सभी विपक्षी दलों के नेताओं' की बैठक आज दोपहर 12:30 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बुलाई गई है. उम्मीद है कि बैठक के बाद आधिकारिक तौर पर उम्मीदवार का नाम घोषित किया जाएगा. किन नामों पर हो रही चर्चा? सूत्रों के मुताबिक, इंडिया ब्लॉक के शीर्ष नेता कई नामों पर चर्चा कर रहे हैं. इनमें पूर्व इसरो वैज्ञानिक मैलस्वामी अन्नादुरई का नाम भी शामिल है, जिन्होंने चंद्रयान-1 परियोजना की अगुवाई की थी. विपक्ष चाहता है कि इस चुनाव को ‘लोकतंत्र और संविधान की रक्षा’ की लड़ाई के रूप में पेश किया जाए. खबरों की मानें तो जिन नामों पर चर्चा हो रही है उनमें एक नाम तमिलनाडु से डीएमके के सांसद तिरुचि सिवा का भी है. चर्चा में शामिल तुषार गांधी का भी नाम इसके अलावा, महात्मा गांधी के परपोते और इतिहासकार तुषार गांधी का नाम भी शुरुआती चर्चा में आया है, ताकि यह चुनाव भाजपा के खिलाफ एक वैचारिक संघर्ष के रूप में दिखाया जा सके. साथ ही महाराष्ट्र से एक दलित बुद्धिजीवी को भी इंडिया ब्लॉक के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में विचार किया जा रहा है. पीएम मोदी से मिले राधाकृष्णन एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन सोमवार को दिल्ली पहुंचे. एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. उनका काफिला पहले से तैयार था और इस दौरान गर्मजोशी से उनका स्वागत किया गया. दिल्ली पहुंचने के बाद राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की.

राज्य के सबसे बड़े अस्पताल को मिलेगा नया रूप, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने दी जानकारी

रायपुर : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल को मिलेगा नया स्वरूप : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल राज्य के सबसे बड़े अस्पताल को मिलेगा नया रूप, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने दी जानकारी स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया: सबसे बड़ा अस्पताल होगा आधुनिक स्वरूप में रायपुर: राज्य के प्रमुख अस्पताल को मिलेगा नया अवतार, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का एलान रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज नया रायपुर स्थित मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और राज्य की निर्माण एजेंसियों के साथ बैठक कर डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति अस्पताल के जीर्णोद्धार, नए निर्माण कार्य और 700 बेड के एकीकृत अस्पताल के निर्माण पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में मंत्री जायसवाल ने क्षेत्रीय कैंसर संस्थान, चिकित्सा छात्रों के हॉस्टल और सिकल सेल संस्थान के निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही, अस्पताल के फायर फाइटिंग सिस्टम के निर्माण और सुधार कार्यों पर भी विचार-विमर्श किया गया।  मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अधिकारियों को सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन के मद्देनजर आवश्यक कदम तुरंत उठाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग राज्य के सबसे बड़े अस्पताल को जल्द ही एक नए और आधुनिक स्वरूप में सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती शिखा राजपूत, सीजीएमएससी प्रबंध संचालक रितेश अग्रवाल, मेडिकल कॉलेज रायपुर के डीन डॉ विवेक चौधरी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ संतोष सोनकर, लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।