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महाराष्ट्र में रेल निर्माण स्थल पर त्रासदी, 4 बच्चों की झुलसती मौत

यवतमाल  महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के दारव्हा में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां रेलवे निर्माण के लिए खोदे गए एक गहरे गड्ढे में डूबकर चार मासूम बच्चों की जान चली गई. यह हादसा बुधवार शाम को दारव्हा-नेर मार्ग के पास रेलवे स्टेशन परिसर में हुआ. इस घटना में मारे गए बच्चों की पहचान रिहान असलम खान (13), गोलू पांडुरंग नारनवरे (10), सोम्या सतीश खडसन (10) और वैभव आशीष बोधले (14) के रूप में हुई है, ये सभी दारव्हा के रहने वाले थे. दरअसल, वर्धा-यवतमाल-नांदेड रेलवे परियोजना का काम तेजी से चल रहा है. इस दौरान पुलों के खंभे बनाने के लिए कई गहरे गड्ढे खोदे गए हैं. गड्ढों में उतर गए थे बच्चे हाल की भारी बारिश के कारण ये गड्ढे पानी से भर गए थे, लेकिन इनके चारों ओर कोई भी सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया था. बुधवार दोपहर ये बच्चे नहाने के लिए इन गड्ढों में उतर गए. पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण वे डूबने लगे. आसपास के लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और तुरंत दारव्हा के उप जिला अस्पताल ले गए. बाद में, गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें यवतमाल के संजीवनी अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया.

राज्यपाल पटेल का सुझाव: विवाह से पहले आनुवांशिक कार्ड का मिलान जरूरी

विवाह के पहले आनुवांशिक कार्ड का करें मिलान : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल का सुझाव: विवाह से पहले आनुवांशिक कार्ड का मिलान जरूरी विवाह से पूर्व करें आनुवांशिक जाँच, स्वास्थ्य के लिए अहम: राज्यपाल पटेल “परंपरागत चिकित्सा का स्वास्थ्य संवर्धन में योगदान एवं सिकल सैल एनीमिया प्रबंधन” पर मण्डला में हुई कार्यशाला भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि विवाह के पहले आनुवांशिक कार्ड का मिलान अवश्य कराना चाहिए। सिकल सैल एनीमिया की बीमारी आनुवांशिक है। इसके उन्मूलन के लिए व्यापक जनजागरूकता आवश्यक है। राज्यपाल पटेल बुधवार को मण्डला के ग्राम सेमरखापाके एकलव्य आदर्श विद्यालय ऑडीटोरियम में “परंपरागत चिकित्सा का स्वास्थ्य संवर्धन में योगदान एवं सिकल सैल एनीमिया प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सैल से पीड़ित व्यक्ति का चिन्हांकन एवं त्वरित रोग उपचार ही इस बीमारी से बचाव का कारगर उपाय है। जितनी जल्दी इस रोग का पता चलेगा, इसे नियंत्रित करने की संभावना उतनी अधिक होगी। उन्होंने कहा कि आमजन स्वास्थ्य केन्द्रों में जाकर सिकल सैल एनीमिया की जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि मां के गर्भ में और बच्चे के जन्म के 72 घंटे में इसकी जांच की सुविधा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शहडोल जिले से वर्ष 2023 से सिकल सैल उन्मूलन का अभियान शुरू हुआ है। तब से लेकर अब तक देश में 7 करोड़ लोगों की जाँच की जा चुकी है, जिसमें मध्यप्रदेश में एक करोड़ 14 हजार व्यक्तियों की जांच की गई। जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. विजय शाह ने कहा कि प्रदेश में प्राचीन औषधियों को अस्तित्व में बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। मंडला में डी-मार्ट की तर्ज पर ट्रायबल मार्ट बनाया जायेगा। जनजातीय बंधु इसका संचालन करेंगे। यहां मिलने वाले उत्पाद की कीमत बाजार की तुलना में 25-30 प्रतिशत कम होगी। स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जनजातीय जीवन को बेहतर बनाया जा रहा है। प्रदेश में सिकल सैल एनीमिया उन्मूलन के लिए युद्ध स्तर पर कार्य हो रहे हैं। केन्द्र व राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रयासों की बदौलत स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आए हैं। आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य सिकल सैल एनीमिया उन्मूलन के संबंध में चिकित्सकों एवं परंपरागत वैद्यों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करना और उसे वृहद स्तर पर लोगों तक पहुंचाना है। बालाघाट में आयुर्वेद रिसर्च सेंटर खोलने की स्वीकृति भारत सरकार ने दी है। रिसर्च के क्षेत्र में अच्छा काम करने वालों के साथ एम.ओ.यू. भी किए जा रहे हैं। परंपरागत वैद्यों के ज्ञान को सहेजने और शोध के दस्तावेजीकरण की तरफ बढ़ रहे हैं। पीढ़ी दर पीढ़ी परंपरागत रूप से काम कर रहे पारंपरिक वैद्यों को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा जा रहा है। जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि राज्यपाल पटेल अति संवेदनशील हैं, जो जनजातीय जिलों के सुदूर अंचलों तक जाकर इस बीमारी की रोकथाम के लिए मार्गदर्शन दे रहे हैं। नर सेवा ही नारायण सेवा है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि पूजा अर्चना से परमेश्वर दर्शन देंगे या नहीं यह तो नहीं पता लेकिन जब दीन-हीन बीमार व्यक्ति की सेवा होगी तो उसकी आंखों में परमेश्वर के दर्शन स्वतः हो जाएंगे। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में सिकल सैल एनीमिया से ग्रसित बच्चों ने भी अपने अनुभव साझा किए। राज्यपाल पटेल एवं अन्य अतिथियों ने मिशन नेत्रज्योति अंतर्गत चश्मा, सिकल सैल दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, पोषण किट, विधवा पेंशन कार्ड एवं स्व-सहायता समूह को राशि वितरित की। भगवान धनवंतरी एवं जननायक बिरसामुण्डा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। राज्यपाल पटेल का स्वागत अंगवस्त्र, तुलसी पौधा एवं गोंडी पेंटिंग भेंट कर किया गया। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने स्मृति चिन्ह स्वरूप गोंडी पेंटिंग भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यशाला में प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा, आयुक्त आयुष श्रीमती उमा महेश्वरी, राष्ट्रीय आयुर्वेद महासम्मेलन के प्रो. रविनारायण आचार्य एवं परंपरागत वैद्य शामिल हुए।  

राज्यपाल पटेल: समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए सरकार की योजनाएँ सक्रिय

राज्यपाल ने सिवनी जिले के ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद प्रधानमंत्री आवास के गृह प्रवेश में राज्यपाल शामिल हुए   भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएँ बनाकर उनका मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन कर रही हैं। आयुष्मान भारत योजना का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत है। अब पाँच लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध होने से हर गरीब परिवार सुरक्षित हुआ है। सरकार के प्रयासों से महिलाएं आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से सशक्त बन रही है। कृषि क्षेत्र में भी महिलाओं को ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में प्रशिक्षित कर आधुनिक खेती में उनका योगदान प्राप्त किया जा रहा है। राज्यपाल पटेल ने बुधवार को सिवनी जिले के विकासखंड केवलारी के ग्राम झोला में ग्रामीणजनों के साथ आत्मीय संवाद के दौरान यह बात कही। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आज ग्रामीण महिलाएँ स्व-सहायता समूहों के माध्यम से छोटे-बड़े उद्योग संचालित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिलाएँ अपने परिवार का बेहतर लालन-पालन के साथ ही समाज में भी सशक्त भूमिका निभा रही हैं। राज्यपाल पटेल ने जनजातीय समुदाय में पाए जाने वाले अनुवांशिक रोग सिकल सैल रोग और रोकथाम के संबंध में बताया। उन्होंने कहा कि जैसे विवाह से पहले लड़के-लड़की की कुंडली मिलाई जाती है, उसी तरह सिकल सैल कार्ड भी अवश्य मिलाना चाहिए। यदि दोनों ही वाहक या रोगग्रस्त हों तो विवाह कदापि न किया जाए। उन्होंने बताया कि सरकार सिकल सैल उन्मूलन के लिए व्यापक अभियान चला रही है। इसके अंतर्गत नि:शुल्क जांच एवं परामर्श की व्यवस्था की गई है। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जांच कराए और इस रोग की रोकथाम में सहयोग दे। प्रत्येक बच्चे की शिक्षा और समाज के उत्थान के लिए युवाओं की भूमिका पर दिया बल राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जन मन कार्यक्रम और धरती आबा अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी बच्चे स्कूल जाएं। युवा पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने और शिक्षा के प्रसार में सहयोग करें।  जनजातीय विकास सरकार की प्राथमिकता : डॉ. विजय शाह कार्यक्रम को जनजातीय कार्य विभाग मंत्री डॉ. विजय शाह ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय अंचलों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री जन मन और धरती आबा अभियान जैसे विशेष कार्यक्रमों का उद्देश्य जनजातीय समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जोड़कर मुख्यधारा में लाना है।  डॉ. शाह ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करें। मंत्री ने यह भी बताया कि जनजातीय युवाओं के लिए स्वरोजगार एवं कौशल विकास योजनाएँ चल रही हैं, जिनसे वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं। राज्यपाल पटेल ने श्रीमती मुलिया बाई के प्रधानमंत्री आवास का किया उद्घाटन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विकासखंड केवलारी के ग्राम झोला के प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राही श्रीमती मुलिया बाई पति सुक्कू बैगा के आवास का शुभारंभ कर गृह प्रवेश कराया। राज्यपाल ने लाभान्वित परिवार से संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की जानकारी ली। राज्यपाल ने कहा कि ग्रामों की वास्तविक उन्नति तभी संभव है जब योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुँचे और उसका सदुपयोग हो। उन्होंने ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। प्रवास के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक सैला नृत्य प्रस्तुत किया। महिलाओं ने स्वागत गीत गाकर अतिथियों का अभिनंदन किया। प्राथमिक शाला झोला का निरीक्षण राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्राथमिक शाला झोला का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से आत्मीय संवाद किया। बच्चों से सामान्य प्रश्न पूछे, जिनका उत्साहपूर्वक उत्तर देकर बच्चों ने अपनी जिज्ञासा और आत्मविश्वास का परिचय दिया। राज्यपाल पटेल ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की ज्योति ही विकास की आधारशिला है। बच्चों की तरक्की के साथ ही गांव और समाज प्रगति की राह पर आगे बढ़ते हैं। उन्होंने बच्चों को स्वच्छता, अनुशासन और संस्कारों के महत्व से भी अवगत कराया। राज्यपाल ने शिक्षकों से शैक्षणिक गतिविधियों, पढ़ाई की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के परिणाम की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों को बच्चों की पढ़ाई में विशेष रुचि लेकर गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।          

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सम्पूर्णता अभियान से जिलों और विकासखंडों में जीवन में सकारात्मक बदलाव

सम्पूर्णता अभियान से आकांक्षी जिलों और विकासखंडों के रहवासियों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आकांक्षी कृषि जिलों की अवधारणा कृषि विकास के लिए महत्वपूर्ण सम्पूर्णता कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन और समुदाय की सक्रिय भागीदारी मूलभूत सुविधाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है सम्पूर्णता अभियान का उद्देश्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्पूर्णता अभियान सम्मान समारोह में जिला और विकासखंड अधिकारियों को किया सम्मानित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और प्रतिबद्धता के परिणाम स्वरूप देश ने विकास की नई गति प्राप्त की है। पिछड़े जिलों‍ और विकासखंडों को आकांक्षी रूप में चिन्हित कर विकास के लिए समन्वित प्रयास करना, इस दिशा में उठाया गया प्रभावी कदम है। आज आयोजित सम्पूर्णता अभियान सम्मान समारोह, जिला और विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आधारभूत संरचना और सुशासन में आए सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। इन जिलों और विकासखंडों के रहवासियों के जीवन और जीवन जीने की परिस्थितियों में आया बदलाव अभियान की सफलता को अभिव्यक्त करता है। सम्पूर्णता अभियान से आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण और उन्हें पोषक भोजन की उपलब्धता, बच्चों के टीकाकरण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण, स्कूलों में बिजली की उपलब्धता और समय पर पाठ्य पुस्तक वितरण जैसी गतिविधियों में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को राज्य स्तरीय सम्पूर्णता अभियान सम्मान समारोह के अंतर्गत कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्पूर्णता अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदेश के आकांक्षी जिलों और विकासखंडों के अधिकारियों को उनकी टीम सहित सम्मानित किया। राज्य नीति आयोग की कॉफी टेबल बुक का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने राज्य नीति आयोग द्वारा प्रदेश में संचालित विकास गतिविधियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर विकसित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर उपस्थित रही। मुख्य सचिव अनुराग जैन, नीति आयोग भारत सरकार के अपर सचिव रोहित कुमार और सदस्य प्रोफेसर रमेशचंद्र ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।   राज्य सरकार प्रत्येक पात्र हितग्राही को सभी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही को दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। प्रदेश में शिक्षा, कृषि, उद्योग, रोजगार, ऊर्जा सहित सभी क्षेत्रों में लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किये जा रहे है। प्रदेश में अब 30 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं, इनमें से 10 पिछले सवा साल में शुरू किए गए। सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए नदी जोड़ो परियोजना की शुरुआत की गई है। सवा साल में साढ़े सात लाख हेक्टेयर सिंचाई रकबा बढ़ा है। प्रदेश में खेती के साथ मत्स्य पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में किसानों के लिए कृषि मेले, निवेश और उद्योग बढ़ाने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट और विभिन्न सेक्टर्स की रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव आयोजित की गई हैं। उन्होंने कहा कि जो कलेक्टर और अन्य अधिकारी बेहतर कार्य करेंगे उन्हें सम्मानित किया जाएगा। कार्य में लापरवाही को राज्य सरकार किसी भी स्थिति में अनदेखा नहीं करेगी। सम्पूर्णता अभियान ने शासन-प्रशासन की कार्य संस्कृति को दी नई दिशा : मुख्य सचिव जैन मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि सम्पूर्णता अभियान ने शासन-प्रशासन की कार्य संस्कृति को नई दिशा दी है। डेटा आधारित मूल्यांकन और स्कोरिंग प्रणाली तथा प्राथमिकताओं की स्पष्टता व पारदर्शिता से प्रशासनिक दक्षता और जन सेवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इससे जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी प्रोत्साहन मिला है। नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र ने कहा कि प्रदेश के समुख बड़ी चुनौती थी, परंतु प्रदेश के अधिकारियों के समर्पित प्रयासों से लक्षित संकेतों में सम्पूर्णता प्राप्त करना संभव हुआ है। रमेश चंद्र ने स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े संकेतकों में मध्यप्रदेश में हुए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड कार्यक्रम में हुए बेहतर कार्य से कृषि क्षेत्र में न केवल उत्पादकता सुधरेगी अपितु उपज की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। उन्होंने आकांक्षी कृषि जिलों की अवधारणा का उल्लेख करते हुए इसे कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। नीति आयोग के अपर सचिव रोहित कुमार ने कहा कि सम्पूर्णता कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। मध्यप्रदेश द्वारा इस क्षेत्र में अर्जित उपलब्धियां अन्य राज्यों के लिए उदाहरण हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर सहित जिले की टीम को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मान समारोह के अंतर्गत जिला बड़वानी और विकासखंड पाटी के लिए तत्कालीन कलेक्टर राहुल फटिंग, जिला दमोह और विकासखंड तेंदूखेड़ा के लिए कलेक्टर सुधीर कोचर, जिला धार तथा विकासखंड तिरला के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, जिला खंडवा और विकासखंड छैगांव माखन के लिए कलेक्टर ऋषभ गुप्ता और तत्कालीन कलेक्टर अनूप कुमार सिंह, जिला निवाड़ी और विकासखंड पृथ्वीपुर के लिए कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ और तत्कालीन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, जिला टीकमगढ़ और विकासखंड बलदेवगढ़ के लिए कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय और तत्कालीन कलेक्टर अवधेश शर्मा, जिला विदिशा और विकासखंड बासौदा के लिए कलेक्टर अंशुल गुप्ता (प्रशिक्षण पर), तत्कालीन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, जिला झाबुआ और विकासखंड थांदला, मेघनगर, रामा व राणापुर के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह चौहान, जिला रतलाम और विकासखंड बाजना के लिए कलेक्टर राजेश बाथम, जिला अनूपपुर और विकासखंड पुष्पराजगढ़ के लिए कलेक्टर हर्षुल पंचोली और जिला शहडोल और विकासखंड पाली के अधिकारियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला डिण्डौरी और आकांक्षी विकासखंड करंजिया, मेहेंदवानी व बजाग के लिए संयुक्त कलेक्टर सुभारती मेरावी तथा तत्कालीन कलेक्टर हर्ष सिंह, जिला खरगोन और विकासखंड भगवानपुर तथा झिरन्या के लिए कलेक्टर श्रीमती भाव्या मित्तल और तत्कालीन कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, जिला राजगढ़ और विकासखंड जीरापुर के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अर्पित गुप्ता, जिला श्योपुर और विकासखंड श्योपुर, कराहल तथा विजयपुर के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर तथा तत्कालीन कलेक्टर लोकेश कुमार जांगीड़, जिला अलीराजपुर और विकासखंड कट्ठीवाड़ा के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रखर सिंह, जिला छतरपुर और विकासखंड बक्सवाहा के लिए सीईओ … Read more

Reliance और Bajaj Finserv की रफ्तार से शेयर बाजार में जोरदार उछाल

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) में लगातार चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स (BSE Sensex) जहां खुलने के बाद कुछ ही मिनटों में 200 अंक से ज्यादा की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी (NSE Nifty) ने भी ग्रीन जोन में कारोबार की शुरुआत की. इस बीच मार्केट ओपन होने के साथ ही मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया.  तेजी के साथ खुले 1542 शेयर  शेयर मार्केट (Share Market) में कारोबार की शुरुआत के दौरान 1542 कंपनियों के शेयरों ने अपने पिछले बंद के मुकाबले मामूली या तेज बढ़त लेकर ओपनिंग की, जबकि 653 कंपनियों के स्टॉक्स गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए. इसके अलावा मार्केट में 146 कंपनियों के शेयर से रही, जिनकी स्थिति में किसी भी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला, यानी इनकी फ्लैट ओपनिंग हुई. शुरुआती कारोबार में सबसे तेज भागने वाले शेयरों में बजाज फिनसर्व, रिलायंस, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, टाटा मोटर्स और कोटक महिंद्रा बैंक रहे.  82000 के पार खुला सेंसेक्स  बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 81,857.84 की तुलना में उछलकर गुरुवार को 82,220.46 के स्तर पर खुला और लगातार ग्रीन जोन में कारोबार करता दिखाई दिया. सेंसेक्स की तरह ही एनएसई का निफ्टी-50 इंडेक्स भी अपने पिछले कारोबारी बंद 25,050.55 की तुलना में तेजी लेते हुए 25,142 के स्तर पर खुला. खास बात ये है कि अमेरिका से लेकर एशिया तक के बाजार में सुस्ती के बावजूद भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में तेजी का सिलसिला जारी है.  रिलायंस समेत ये 10 शेयर उछले बात करें, सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन शुरुआती कारोबार में सबसे तेज रफ्तार से भागने वाले शेयरों के बारे में, तो बीएसई के लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Bajaj Finserv Share (1.50%), Reliance Share (1.30%) और Trent Share (1.27%) तक उछलकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में शामिल NIACL Share (7.60%), JSL Share (3.62%), Godrej Properties Share (2.40%) और GoDigit Share (2%) की तेजी लेकर ट्रेड कर रहे थे. स्मॉलकैप में भी हरियाली देखने को मिली और इसमें शामिल Raclgear Share (18%), JWL Share (11%) और Jai Corp Ltd Share (9.78%) चढ़ा.  ये शेयर खुलते ही फिसले यहां बाजार में तेजी के बीच गिरावट के साथ कारोबार करने वाले शेयरों के बारे में बात कर लेना भी जरूरी है, तो बता दें कि लार्जकैप में Eternal Share 1.60% और HUL Share 1.40% फिसलकर कारोबार कर रहा था. तो वहीं एचसीएल टेक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और टीसीएस जैसे टेक कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली. मिडकैप में शामिल Ola Electric Share लगातार दो दिन तूफानी तेजी के साथ भागने के बाद गुरुवार को खुलते ही 5% से ज्यादा फिसल गया, तो Voltas Share में करीब 2% की गिरावट आई. ऑनलाइन गेमिंग (Online Gaming) से जुड़ी कंपनी Nazara Tech का शेयर आज भी ओपनिंग के साथ ही 10% फिसल गया. 

ऊर्जा बचत के आसान उपाय: बिजली बिल होगा कम, जेब होगी भारी

नई दिल्ली   अक्सर ऐसा होता है कि घरों में बिजली बिल बहुत ज्यादा आ जाता है। लोग चाहते हुए भी बिजली की खपत कम नहीं कर पाते हैं और फिर उन्हें भारी-भरकम बिजली बिल भरना पड़ता है। हालांकि, आप चाहें तो अपना बिजली बिल बचा सकते हैं, इसके लिए आपको कुछ स्मार्ट टिप्स अपनानी होंगी, जो आपके बिजली बिल में बचत कर सकती हैं। कुछ टिप्स , जिन्हें फॉलो करके आप अपना बिजली बिल कम कर सकते हैं। ऑटोमेटिक डिवाइसेस का इस्तेमाल करें यदि आप कमरे या घर से निकलते हुए लाइट बंद करना भूल जाते हैं और दिन भर बत्ती जलती रहती है, तो आपके बिजली बिल में इजाफा होना लाजमी है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए आप ऑटोमेटिक डिवाइसेस का इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे- इन्फ्रारेड सेंसर, मोशन सेंसर, ऑटोमेटिक टाइमर, डिमर और सोलर सेल। ऐसा इसलिए करें ताकि लाइट अपने आप भी चालू बंद हो जाए। सेंसर लगाने पर आप एंट्री करेंगे, तब बिजली अपने आप ऑन हो जाएगी, जब आप बाहर निकलेंगे तो लाइट खुद ही बंद हो जाएगी। फ्लोरोसेंट ट्यूब लाइट और CFL का इस्तेमाल करें कुछ बल्ब या ट्यूब लाइट आती हैं, जो खूब सारी बिजली खाती हैं, इनसे भी बिजली खपत बढ़ जाती है। आप फ्लोरोसेंट ट्यूब लाइट और CFL का इस्तेमाल करें, जो सामान्य बल्ब से 5 गुना ज्यादा कारगर हैं। ये 70% तक बिजली बचा सकती हैं। इनकैंडेसेंट लैंप 90% बिजली को हीट में बदलता है, ना कि रोशनी में। इसलिए इनकी जगह CFLका इस्तेमाल करें, कम बिजली खर्च करते हैं। इसे ऐसे समझें कि 15 वॉट का CFL 60 वॉट के सामान्य बल्ब जितनी रोशनी देता है। 20 वॉट का CFL इस्तेमाल करने से आप हर साल 700 रुपये तक बिजली बिल में बचा सकते हैं। फ्रिज का दरवाजा बार-बार ना खोलें घरों में फ्रिज पूरे दिन चलते हैं, इनमें भी बिजली की खपत होती है। इसकी बिजली खपत कम करने के लिए फ्रिज को खुले स्पेस में रखें। धूप, रेडिएटर, ओवन या कुकिंग रेंज जैसे गर्मी के सोर्स इससे दूर रखें। दरअसल, फ्रिज के अंदर की गर्मी बाहर नहीं निकलती है तो यह उतनी ही एनर्जी लगाता है, जिससे बिजली ज्यादा यूज होती है। कई लोगों की आदत होती है कि वे बार-बार फ्रिज का दरवाजा खोलते हैं, इससे फ्रिज के अंदर की ठंड बाहर आती है और यह फिर से ठंडा करने के लिए बिजली यूज करता है और खपत बढ़ जाती है।

दिव्यांग कल्याण परिषद ने विधायक को सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र, पेंशन बढ़ाने की मांग

दिव्यांग कल्याण एवं विकास परिषद के सदस्य,10 सूत्रीय मांगों का सौपा मांग पत्र,दिव्यांगों को मिलने वाली पेंशन 600 से बढ़ा कर 5 हजार कराये,सरकार तक भेजे हमारी मांगे,आज जनसुनवाई में आये नागरिको की विधायक ने सुनी समस्याए आष्टा मध्य प्रदेश के आष्टा में दिव्यांग कल्याण एवं विकास परिषद के सदस्य आज विधायक गोपालसिंह इंजीनियर द्वारा प्रत्येक बुधवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में पहुचे । दिव्यांग जनों ने 10 सूत्रीय मांग पत्र विधायक को सौपा एवं उनकी मांगों को शासन तक पहुचने एवं उन मांगो को पूर्ण कराने की मांग की । सौपे गये मांग पत्र में मांग की गई कि अभी दिव्यांजनो को 600₹ पेंशन मिलती है सरकार उसे बढ़ा कर 5 हजार करे । दिव्यांग जनों को एवं आये अन्य  ग्रामीणोंजनों को विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने भरोसा दिया कि उनकी समस्या को जल्द हल कर जो मांग शासन स्तर की है उसे वे शासन तक पहुचायेंगे । आज जनसुनवाई में कई ग्रामो से ग्रामीण विधायक कार्यालय में आयोजित होने वाली जनसुनवाई में  पहुचे । स्मरण रहे प्रत्येक बुधवार को आष्टा विधायक अपने कार्यालय में सुबाह 10 बजे से जनता की समस्याओं को सुनने,उनेह हल करवाने के लिये जनसुनवाई करते है । आज बुधवार को प्रातः 10 बजे से कार्यालय में उपस्तिथ रह कर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने जनता की समस्याओं को सुना एवं उनकी समस्याओं को हल करने के सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिये । आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर जो की हर बुधवार को अपने कार्यालय में जन सुनवाई कार्यक्रम के तहत उपस्तिथ रहते है । आज भी बड़ी संख्या में क्षेत्र से नागरिक जनसुनवाई में पहुचे एवं अपनी अपनी पीड़ा से विधायक को अवगत कराया एवं आवेदन दिये। जनता से प्राप्त आवेदनों पर विधायक ने कहा की आपका जन सेवक होने के नाते आपकी समस्याओं को सुनना, हल करना मेरा धर्म है। आज आये आवेदनों को तत्काल सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर ग्रामीणों की समस्याओं का समय सीमा में तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिये । आज जनसुनवाई में कई विभागों के 44 आवेदन प्राप्त हुए उन्हें निराकरण हेतु भेजे गये । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कार्यालय आये सभी नागरिको को भरोसा दिया कि आपकी समस्याओं का जल्द निराकरण होगा,जो मांग शासन स्तर की है उनेह वे शासन तक पहुचायेंगे। मीडिया प्रभारी सुशील संचेती ने जानकारी देते हुए बताया की आज जनसुनवाई में दिव्यांजनो की दस सूत्रीय मांगों के साथ घाटे वाले बाबा स्थल पर चबूतरा एवं टीन शेड निर्माण कराने,किसान सम्मन निधि अप्राप्त होने की शिकायत,मकान का पट्टा दिलाने,ग्राम टिंगम टेकरी मांडा गुराडिया तहसील जावर में मकान का पट्टा दिलाने,करंट लगने पर आर्थिक सहायता प्रदाय हेतु,स्पेशल मोबाइल एवं दिव्यांगों के लिए छड़ी प्रदाय हेतु मांग पत्र,दुपाड़िया से मुंदीखेड़ी तक रोड एवं डीपी हेतु आवेदन,अज्ञात वाहन से टक्कर मारने पर सहायता राशि दिलाने,काजीपुरा वार्ड क्रमांक 9 आष्टा में बाउंड्री वॉल एवं तीन पहिया वाहन दिलाने,ग्राम पंचायत अरनिया जोहरी में वाधयन्त्र हेतु राशि स्वीकृत करने, इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहन हेतु आवेदन,आर्थिक सहायता की मांग,प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रथम क़िस्त प्रदाय हेतु मांग सहित अन्य 44 आवेदन प्राप्त हुए। सभी आई शिकायतों एवं आवेदनों को सम्बंधित विभागों को निराकरण हेतु निर्देश दिये है । विभागों की आई समस्याओं को लेकर मौके से ही सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को आई समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश दिये,कुछ आवेदन निराकरण हेतु सम्बंधित विभागों को भेजे गये ।

कब है गणपति उत्सव? गणेश चतुर्थी की तिथियां और पूजा विधि

सनातन परंपरा में भगवान गणेश जी एक ऐसे देवता हैं, जिनकी सबसे पहले पूजा होती है. हिंदू मान्यता के अनुसार विघ्न-विनाशक भगवान श्री गणेश का जन्म भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्थी तिथि पर मध्यान्ह के समय हुआ था. यही कारण है कि गणपति के भक्त इस पावन तिथि का इंतजार पूरे साल करते हैं और इस दिन बड़ी धूम-धाम से उनकी अपने घर-आंगन आदि में स्थापना करते हैं. इस साल कब बिठाए जाएंगे गणपति? कब और कैसे करें गणेश पूजा? कब होगी उनकी विदाई? आइए इसे विस्तार से जानते हैं. गणेश पूजा से जुड़ी परंपरा सनातन परंपरा में गणेशोत्सव की शुरुआत गणेश चतुर्थी के दिन होती है और वह अनंत चतुर्दशी के दिन जाकर पूर्ण होता है. ऐसे में गणपति बप्पा की कृपा पाने के लिए उनके भक्त हर साल गणेश चतुर्थी के दिन उन्हें अपने घर पर लाते हैं और उनकी विधि-विधान से पूजा करने के बाद एक दिन बाद या फिर दसवें दिन अनंत चतुर्दशी पर किसी नदी, पवित्र सरोवर या फिर समुद्र में ले जाकर विधि-विधान से विसर्जन करते हैं. गणेश चतुर्थी पूजा का शुभ मुहूर्त गणेश चतुर्थी के दिन भगवान श्री गणेश जी को घर में बिठाने के लिए दोपहर का समय चुनें क्योंकि हिंदू मान्यता के अनुसार उनका जन्म इसी समय हुआ था. पंचांग के अनुसार इस साल भगवान श्री गणेश जी की मध्यान्ह पूजा का शुभ मुहूर्त 27 अगस्त 2027, बुधवार के दिन रहेगा। इस दिन गणेश भक्त सुबह 11 बजकर 05 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 40 मिनट के बीच श्री गणेश जी की पूजा कर सकेंगे। इस प्रकार गणपति के भक्तों को उनकी पूजा करने के लिए लगभग ढाई घंटे मिलेंगे. कैसे करें गणपति की पूजा हिंदू मान्यता के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन गणेश भक्त को प्रात:काल स्नान-ध्यान करने के बाद सबसे पहले गणेश चतुर्थी व्रत को विधि-विधान से करने का संकल्प लेना चाहिए. इसके बाद घर के ईशान कोण में एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर गणपति की मूर्ति को स्थापित करना चाहिए. इसके बाद गणेश जी पर गंगाजल छिड़कर उनका स्नान कराएं और फिर उसके बाद सिंदूर का तिलक लगाकर पूरे विधि-विधान से पूजा करें. गणेश चतुर्थी की पूजा में गणपति को उनकी प्रिय चीजें जैसे दूर्वा, नैवेद्य, मोतीचूर का लड्डू, मोदक, नारियल, गन्ना, आदि अर्पित करने के बाद उनकी चालीसा या फिर गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना चाहिए. पूजा के अंत में घंटा, घड़ियाल, शंख, मजीरा आदि के साथ उनकी आरती करना चाहिए. गणेश चतुर्थी के दिन सायंकाल भी विधि-विधान से गणपति की पूजा का यह क्रम दोहराएं और किसी ब्राह्मण या पुजारी को भोजन-प्रसाद कराने के बाद स्वयं भी ग्रहण करें. कब होगा गणपति विसर्जन? हिंदू मान्यता के अनुसार 10 दिनों तक भगवान श्री गणेश जी की विधि-विधान से पूजा करने के बाद जब उनकी विदाई का समय आता है तो वह​ दिन उनकी कृपा पाने का सबसे उत्तम दिन होता है. यही कारण है कि इस दिन गणेश भक्त गाजे-बाजे के साथ उनको शुभ मुहूर्त में विदा करते हैं. पंचांग के अनुसार इस साल गणपति विसर्जन 06 सितंबर 2025 को हागा.

तमिलनाडु में बीजेपी का बड़ा आयोजन: 22 अगस्त को बूथ समिति सम्मेलन, अमित शाह देंगे संबोधन

चेन्नई,  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने घोषणा की है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 अगस्त को तिरुनेलवेली में पार्टी के पहले बूथ समिति जोन सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जिसमें एक लाख से अधिक बूथ स्तर के कार्यकर्ता भाग लेंगे। तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंथ्रन के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक को पार्टी 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा मोड़ मान रही है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ए.एन.एस. प्रसाद के अनुसार, इस बैठक में पांच लोकसभा क्षेत्रों और 28 विधानसभा क्षेत्रों की 8,595 बूथ समितियों के प्रतिनिधि एकत्रित होंगे। उन्होंने इस आयोजन को एक ‘ऐतिहासिक आंदोलन’ बताया जिसका उद्देश्य द्रमुक के ‘भ्रष्ट और दमनकारी शासन’ को खत्म करना और एनडीए को 200 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में जीत के लिए तैयार करना है। यह सम्मेलन तिरुचेंदूर में आयोजित किया जाएगा, जिसे पार्टी ने ‘भगवान मुरुगन की पवित्र भूमि’ कहा है। ए.एन.एस. प्रसाद ने अमित शाह को ‘चुनावी विजय सम्राट’ और ‘कुशल रणनीतिकार’ कहा। उन्होंने बताया कि शाह जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने और बूथों को पार्टी के प्रचार तंत्र के आधार के रूप में मजबूत करने के लिए डिजाइन किए गए एक विस्तृत चुनावी रोडमैप का अनावरण करेंगे। पार्टी ने कहा कि प्रशिक्षण सत्र डीएमके की वोट खरीदने की रणनीतियों और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का मुकाबला करने पर केंद्रित होंगे। भाजपा नेताओं ने डीएमके सरकार की विफलताओं को उजागर करने का भी संकल्प लिया और उस पर ‘अराजकता, भ्रष्टाचार, बढ़ते अपराध, अवैध शराब से होने वाली मौतों और करों में भारी वृद्धि’ का आरोप लगाया। प्रसाद ने आगे कहा कि भाजपा यह सुनिश्चित करेगी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्याणकारी योजनाओं और केंद्र सरकार की परियोजनाओं को घर-घर तक पहुंचाया जाए, और केंद्र के खिलाफ डीएमके द्वारा किए जा रहे ‘निराधार प्रचार’ का मुकाबला किया जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य बूथ-केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से राज्य में 50 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल करना है। सम्मेलन में तमिलनाडु के वरिष्ठ भाजपा नेता और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में हाल ही में नामित किए जाने पर भी प्रकाश डाला जाएगा। पार्टी ने इसे राज्य के लिए ‘गर्व की बात’ और प्रधानमंत्री मोदी के ‘तमिलनाडु के प्रति विशेष स्नेह’ का प्रतिबिंब बताया। तिरुनेलवेली कार्यक्रम के बाद, भाजपा ने अगले कुछ महीनों में मदुरै, कोयंबटूर, सलेम, तंजावुर, तिरुवन्नामलाई और तिरुवल्लूर में इसी तरह के सम्मेलनों की योजना बनाई है, जिनमें राष्ट्रीय नेताओं के भाग लेने की उम्मीद है। पोन राधाकृष्णन, डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन, के. अन्नामलाई, केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन, एच. राजा और अभिनेता से नेता बने सरथकुमार सहित वरिष्ठ नेता भी तिरुनेलवेली बैठक को संबोधित करने वाले हैं। अमित शाह की उपस्थिति से, भाजपा अपने जमीनी कार्यकर्ताओं में जोश भरने, एनडीए को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करने और पूरे तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके को चुनौती देने के अपने इरादे का संकेत देने की उम्मीद कर रही है।  

यात्रियों पर नई पाबंदी: अब रेलवे स्टेशन पर भी लागू होंगे एयरपोर्ट रूल्स, भारी सामान ले जाना पड़ेगा महंगा

 लखनऊ क्या आपने कभी सोचा था कि रेलवे स्टेशन पर भी एयरपोर्ट जैसी सख्ती देखने को मिलेगी? अब यह हकीकत बनने जा रही है. भारतीय रेलवे यात्रियों के लगेज को लेकर नए नियम लागू करने की तैयारी में है. पहले भी वजन और साइज को लेकर नियम मौजूद थे, लेकिन उन्हें उतनी सख्ती से लागू नहीं किया जाता था. अब हालात बदलने वाले हैं. स्टेशन पर प्रवेश से पहले यात्रियों को अपने बैग का वजन इलेक्ट्रॉनिक मशीन पर कराना होगा. अगर बैग तय सीमा से ज्यादा भारी निकला या साइज बहुत बड़ा हुआ—तो सीधा अतिरिक्त चार्ज या जुर्माना देना पड़ेगा. किन स्टेशनों से होगी शुरुआत? रेलवे ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के कुछ बड़े स्टेशनों को चुना है.     लखनऊ चारबाग     प्रयागराज जंक्शन     बनारस     कानपुर सेंट्रल     अलीगढ़     मिर्जापुर     गोविंदपुरी     इटावा इन जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक लगेज मशीनें लगाई जा रही हैं. नियम साफ है- प्लेटफॉर्म पर वही यात्री जाएंगे जिनके बैग सीमा के अंदर होंगे. चलिए नियमों को आसान भाषा में समझते हैं: बेसिक नियम: हर बैग पर यात्री का नाम और पता साफ लिखा होना चाहिए. बैग मजबूती से पैक होना चाहिए, वरना रेलवे जिम्मेदारी से बच सकता है. अगर चाहते हैं कि लगेज उसी ट्रेन से जाए, तो डिपार्चर से कम से कम 30 मिनट पहले बुकिंग ऑफिस में जमा करना होगा. मुफ्त अलाउंस: हर क्लास के हिसाब से सामान की मुफ्त सीमा तय है. 5–12 साल के बच्चों को आधा अलाउंस मिलता है. ज्यादा वजन पर सामान्य रेट से 1.5 गुना चार्ज लगेगा. अगर बैग बिना बुकिंग पकड़ा गया, तो 6 गुना जुर्माना देना पड़ेगा (न्यूनतम ₹50). भारी या बड़े सामान: 100 किलो से ज्यादा या तय साइज़ से बड़ा सामान “बल्की” कहलाएगा. ऐसे सामान पर डबल रेट का सरचार्ज लगेगा. इसे सिर्फ ब्रेक वैन में भेजा जा सकता है. मना किए गए सामान: विस्फोटक, ज्वलनशील पदार्थ, गैस सिलेंडर, बदबूदार या खतरनाक चीजें बिल्कुल मना हैं. पर्सनल लगेज: ट्रंक या सूटकेस का माप 100x60x25 सेमी से ज्यादा नहीं होना चाहिए. AC 3-टियर और चेयर कार में यह सीमा और भी कम है. बिजनेस का सामान “पर्सनल लगेज” के नाम पर नहीं ले जा सकते. ऑक्सीजन सिलेंडर: मरीज मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर मुफ्त ले जा सकते हैं. चोरी या नुकसान: चोरी होने पर FIR फॉर्म भरकर तुरंत शिकायत की जा सकती है. अगर सामान पहले से डिक्लेयर नहीं किया गया, तो रेलवे की जिम्मेदारी सिर्फ ₹100/किलो तक होगी. पालतू जानवर: कुत्तों को ब्रेक वैन या तय नियमों के हिसाब से ले जाया जा सकता है. AC फर्स्ट क्लास में तभी ले जाएंगे, जब बाकी यात्री राजी हों. गलत पाए जाने पर 6 गुना पेनल्टी. अतिरिक्त वजन: सीमा से ज्यादा लेकिन बुकिंग के साथ 1.5 गुना रेट. बिना बुकिंग पकड़े जाने पर 6 गुना रेट. साइकिल और स्कूटर: इन पर फ्री अलाउंस नहीं है. इन्हें अलग से बुक कर चार्ज देना होगा. भारतीय रेलवे अब सफर को और अनुशासित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. यानी अगर आप ट्रेन पकड़ने जा रहे हैं, तो सिर्फ टिकट ही नहीं, बैग का वजन और साइज भी आपके पासपोर्ट की तरह चेक होगा.