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आज का राशिफल 28 अगस्त 2025: किस्मत चमकेगी इन राशियों के लिए

मेष: आज के दिन रचनात्मकता में वृद्धि के साथ नई एनर्जी का अनुभव होगा, जो इनोवेटिव विचारों की खोज को मोटिवेट करती है। संबंधों को मजबूत करने और नए संबंध बनाने की क्षमता के साथ, प्रोफेशनल संबंधों को बढ़ावा दिया जाता है। स्मार्ट प्लानिंग करें। वृषभ: आज के दिन फ्लेक्सिबिलिटी को अपनाएं। गुरुवार का दिन विकास और चुनौतियों के मिश्रण का वादा करता है। धन से जुड़ी मुश्किलों को आसानी से दूर करने के लिए पैसों को सावधानी के साथ मैनेज करने की सलाह दी जाती है। मिथुन: आज के दिन आपके पेशेवर जीवन में चुनौतियां आ सकती हैं, जिनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए धैर्य और स्ट्रैटेजिक सोच की आवश्यकता होगी। अपने रास्ते में आने वाली किसी भी मुश्किल को दूर करने के लिए खुला दिमाग रखें। कर्क: आज के दिन पर्सनल ग्रोथ और रोमांस के अवसरों पर प्रकाश डाला गया है। इससे यह सामाजिक मेलजोल के लिए एक रोमांचक समय बन गया है। कुछ लोगों को अप्रत्याशित चुनौतियों से गुजरना पड़ सकता है। खर्च कम करें। सिंह: आज के दिन आगे बढ़ने के लिए ध्यान और विश्राम के संतुलन की आवश्यकता होगी। धैर्य और क्रिएटिविटी पर जोर देना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि सभी योजनाएं उम्मीद के मुताबिक सामने नहीं आएंगी। हेल्दी डाइट पर फोकस करें। कन्या: आज के दिन रिसर्च किए बिना कहीं भी पैसा न लगाएं। आप क्लाइंट के ऑफिस की यात्रा कर सकते हैं। शादी पर फैसला लेने के लिए एक साथ अधिक समय बिताना चाहिए। आपके माता-पिता रिश्ते को मंजूरी दे सकते हैं। तुला: आज के दिन एकस्ट्रा मैरिटल अफेयर से दूर रहें। आपका रोमांटिक रिश्ता मजबूत होगा। आप कार्यालय में बेस्ट प्रदर्शन देने में सक्षम होंगे। इस सप्ताह भाग्य आपकी तिजोरी में दस्तक देगा और आपका स्वास्थ्य बरकरार रहेगा। वृश्चिक: आज के दिन ऑफिस रोमांस एक अच्छा विचार नहीं है। धन का आगमन होगा और इसका असर जीवनशैली पर भी पड़ेगा। अपने सहकर्मियों के साथ हमेशा सपोर्टिव रहें और अतिरिक्त जिम्मेदारियां लेने की इच्छा दिखाएं। धनु: आज के दिन पार्टनर से अपनी फीलिंग्स को शेयर करने में संकोच न करें। नौकरी में बेस्ट परिणाम देने के लिए कोशिश करें। स्मार्ट फाइनेंशियल डिसीजन लेने के लिए आपकी स्थिति अच्छी है। कोई बड़ी मेडिकल समस्या नहीं होगी। मकर: आज के दिन दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनें। आपको रिश्तों में आपसी समझ की कमी महसूस होगी। टॉक्सिक रिलेशन से बाहर निकलने की कोशिश करें। पिछला निवेश अच्छे परिणाम ला सकता है। हेल्दी फूड्स सुनें। कुंभ: आज के दिन रिश्तों में प्यार और विश्वास बढ़ेगा। आपकी कम्युनिकेशन स्किल काम आएगी। बहस करते समय अपना आपा न खोएं और प्रेमी के साथ व्यवहार करते समय डिप्लोमेटिक बनें। वाहन चलाते समय सावधान रहें। मीन: आज के दिन आपके जीवन में प्यार का फूल खिलेगा। आपके इनोवेटिव विचार वर्कप्लेस पर काम आएंगे। कोई गंभीर समस्या वित्त और स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित नहीं करेगी। जिनका हाल ही में ब्रेकअप हुआ है, वे दोबारा प्यार में पड़कर खुश होंगे।

राहुल-तेजस्वी पर बरसे सम्राट चौधरी, बोले- लोकतंत्र के दुश्मनों को सबक सिखाएगी जनता

पटना  बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव पर बुधवार को जोरदार निशाना साधते हुए उन्हें लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता दोनों राजकुमारों को सबक सिखाएगी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के 'वोटर अधिकार यात्रा' में शामिल होने पर लालू परिवार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार उन लोगों को बिहार बुला रहा है, जिन्होंने बिहार की जनता का अपमान किया और सनातन धर्म का विरोध किया। उन्होंने स्टालिन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का जिक्र करते हुए कहा कि ये लोग बिहार के लोगों का अपमान करते हैं, सनातन धर्म का विरोध करते हैं। ऐसे नेताओं को राजद संरक्षण दे रहा है, जो बिहार और उसके सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता इस सियासी खेल को समझती है और वह एनडीए के साथ मजबूती से खड़ी है। 'वोटर अधिकार यात्रा' और एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की जनता के लिए एसआईआर कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि विकास, तरक्की और रोजगार उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने एनडीए सरकार के तहत पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को समृद्ध बनाने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने 'वोटर अधिकार यात्रा' में रेवंत रेड्डी और स्टालिन के जुड़ने को 'घुसपैठिया' करार दिया। डिप्टी सीएम के अनुसार, घुसपैठिये आए हैं, चले जाएंगे। यह बिहार यहां पर था और रहेगा। चौधरी ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आपातकाल का जिक्र किया, जब निर्दोष लोगों को जेल में डाला गया। लोकतंत्र की हत्या की गई। इसी तरह उन्होंने लालू यादव पर भी सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। मोहन भागवत के बयान पर उन्होंने कहा कि भारत के निर्माण में सभी का सहयोग है। भारत का मतलब भगवान राम और श्री कृष्ण के वंशजों से है। उन्होंने कहा कि समय के साथ कुछ लोगों ने पूजा पद्धति बदली, लेकिन सभी भारतीय हैं। यह सनातन संस्कृति की एकता को दर्शाता है, जो भारत की मूल पहचान है। पीएम मोदी के पूर्णिया दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि लगभग 40,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की घोषणा की जाएगी। कई परियोजनाओं का जुड़ना अभी बाकी है। पूर्णिया हवाई अड्डे का उद्घाटन किया जाएगा। इससे क्षेत्र में हवाई यात्रा को बढ़ावा मिलेगा।

सीएम मान पर तरुण चुघ का तंज – पंजाब संकट में, नेता विदेश यात्राओं में व्यस्त

चंडीगढ़  भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (आप) नेतृत्व पर बुधवार को हमला बोला। भाजपा नेता ने कहा कि जब पंजाब बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है, तब मुख्यमंत्री मान सुर्खियां बटोरने के लिए तमिलनाडु घूम रहे हैं और दिल्ली के उनके आकाओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया रोजाना पंजाब को लूटने में लगे हैं। चुघ ने कहा, “जब रोम जल रहा था तब नीरो बांसुरी बजा रहा था, आज वही दृश्य पंजाब में दोहराया जा रहा है। हजारों परिवार पानी में फंसे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री मान जनता के साथ खड़े होने के बजाय बाहरी दौरों में मशगूल हैं। वहीं, उनके मालिक पंजाब के संसाधनों पर ऐश कर रहे हैं।” तमिलनाडु में सीएम मान द्वारा ‘ब्रेकफास्ट योजना’ की घोषणा पर चुघ ने सवाल उठाते हुए कहा, “झूठे वादों की बजाय मान को जवाब देना चाहिए कि किसानों की कर्जमाफी कब होगी? एमएसपी टॉप-अप कब मिलेगा? पंजाब की महिलाओं को 1000 रुपए प्रति माह का वादा किए 40 महीने बीत चुके हैं, लेकिन आज तक कोई वादा पूरा नहीं हुआ।” उन्होंने आरोप लगाया कि बीते चार वर्षों में आप सरकार ने पंजाब पर 1 लाख करोड़ रुपये का नया कर्ज लाद दिया, केंद्र की योजनाओं जैसे पीएम पोषण योजना को अपने नाम से पेश किया और फिर भी मूल वादे पूरे नहीं किए। चुघ ने कहा, “आज पंजाब के 20 लाख से अधिक बच्चे और पूरे देश में 11.5 करोड़ से ज्यादा बच्चे पोषण केवल पीएम पोषण योजना से पा रहे हैं।” सीएम मान की नाकामी को पंजाब की दुर्दशा का कारण बताते हुए चुघ ने कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था ध्वस्त है, अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है और नशा युवाओं को बर्बाद कर रहा है। उन्होंने आप नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा, “केजरीवाल-सिसोदिया गैंग ने पंजाब को अपनी विलासिता की कॉलोनी बना रखा है और रोजाना राज्य को लूटने की साज़िश रचते हैं।”

राहुल गांधी का आरोप: मुजफ्फरपुर की सभा में कहा, संविधान पर चोट की जा रही है

मुजफ्फरपुर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि गुजरात का मॉडल 'आर्थिक मॉडल' नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'वोट चोरी' की शुरुआत गुजरात से हुई और फिर इसे राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किया गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी 'वोटर अधिकार यात्रा' के 11वें दिन मुजफ्फरपुर पहुंचे। उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के लोगों ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा और गुजरात के चुनाव में 'वोटी चोरी' की। 'गुजरात मॉडल' वोट चोरी करने का मॉडल है, जिसे ये लोग 2014 में राष्ट्रीय स्तर पर लाए। हम कुछ कहते नहीं थे, क्योंकि हमारे पास कोई सबूत नहीं थे, लेकिन महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद हमें सबूत मिल गया। मुजफ्फरपुर में 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बिहार में दलितों, अति पिछड़ों, अल्पसंख्यकों यानी गरीबों के वोट काटे गए। जिंदा लोगों को मुर्दा बना दिया गया। वोट काटकर संविधान पर चोट की जा रही है। उन्होंने संविधान को आत्मा बताते हुए कहा कि जो लोग भारत माता की आत्मा पर चोट पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, वे यहां के युवाओं को नहीं समझते हैं। भाजपा 'वोट चोरी' कर चुनाव जीतती है और उसकी मदद चुनाव आयोग करता है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद में चुपचाप एक कानून पास कर दिया जाता है। इसके तहत इलेक्शन कमिश्नर चाहे कुछ भी करें, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती। अगर चुनाव आयोग अपना काम ईमानदारी से कर रहा है, तो ऐसे कानून की क्या जरूरत है? केंद्र सरकार में किसानों-मजदूरों को पीटकर जेल में डाल दिया जाता है। युवा पेपर लीक के खिलाफ धरना देता है तो उसे लाठियों से पीटकर अंदर कर देते हैं। लेकिन, देश के चुनाव आयुक्त के खिलाफ कोई एफआईआर नहीं कर सकता है। इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब राहुल गांधी चुनाव आयोग की शिकायत करते हैं तो उन्हें शपथ पत्र देने को कहा जाता है। राहुल गांधी राजनीति, मंच के लिए नहीं करते। वे जो कहते हैं, बहुत सोच-समझकर कहते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी वकील हैं, जो भारत के लोगों की लड़ाई लड़ रहे हैं। भारत में लोकतंत्र फलेगा। मताधिकार की चोरी करने वालों से जनता सत्ता छीन लेगी, यह भीड़ इसका संदेश देती है।

केंद्र का बड़ा आंकड़ा: भारत में 56.75 लाख इलेक्ट्रिक वाहन हुए पंजीकृत

नई दिल्ली भारत में तेजी के इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाया जा रहा है और फरवरी 2025 तक 56.75 लाख ईवी पंजीकृत हुए हैं। यह जानकारी सरकारी डेटा में दी गई। डेटा के अनुसार, वित्त वर्ष 25 में देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 11.49 लाख यूनिट्स रही थी, जो कि पिछले वित्त वर्ष के आंकड़े 9.48 लाख यूनिट्स से 21 प्रतिशत अधिक थी। यह आंकड़े बताते हैं कि लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। सरकार ने भी 2030 तक कुल वाहनों की बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। सरकार ईवी इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिसमें हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को तेज अपनाना और निर्माण (फेम-2), पीएम ई-ड्राइव, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम, पीएम ई-बस सेवा शामिल हैं। फेम-2 की सफलता को देखते हुए सरकार ने फेम-3 स्कीम को शुरू किया है, जिसके तहत 16,29,600 ईवी वाहनों को सपोर्ट किया जा रहा है, जिसमें दोपहिया, तिपहिया, चार पहिया वाहन और बस शामिल हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए, भारी उद्योग मंत्रालय ने मार्च 2023 में तीन तेल कंपनियों – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन – को पूरे भारत में अपने ईंधन आउटलेट पर 7,432 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 800 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। मार्च 2024 में, 980 चार्जिंग स्टेशनों को अपग्रेड करने के लिए अतिरिक्त 73.50 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे। 9,332 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पीसीएस की स्थापना के लिए कुल 912.50 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसके तहत 30 जून, 2025 तक 8,885 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पीसीएस स्थापित किए जा चुके हैं, जो देश के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

हर मन्नत पूरी करने वाले लालबागचा राजा के दरबार में भक्तों का सैलाब

मुंबई  हर साल जब गणेश चतुर्थी का त्योहार आता है तो मुंबई की गलियों से लेकर मंदिरों तक एक अलग ही रौनक दिखाई देती है। ढोल-ताशों की गूंज, बप्पा के स्वागत में लगने वाले जयघोष, फूलों से मंडलों की सजावट और उन्हें देखने के लिए लाखों लोगों की भीड़, ये सब मिलकर इस त्योहार को बेहद खास बना देते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक, हर कोई इस आयोजन का बेसब्री से इंतजार करता है। ऐसे में जब बात मुंबई की गणेश चतुर्थी की होती है तो सबसे पहला नाम जो हर किसी की जुबान पर आता है, वह है लालबागचा राजा मंदिर का। मुंबई का सबसे अधिक लोकप्रिय सार्वजनिक गणेश मंडल लालबागचा राजा लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक है। लालबाग परेल क्षेत्र स्थित यह पंडाल हर साल गणेश चतुर्थी के दौरान दुनियाभर से भक्तों को अपनी ओर खींचता है। यहां श्रद्धालु न सिर्फ दर्शन के लिए, बल्कि मन की मुरादें पूरी करने की आस लेकर दूर-दूर से आते हैं। ऐसी मान्यता है कि जो भी सच्चे दिल से लालबागचा राजा से प्रार्थना करता है, उसकी हर मुराद जरूर पूरी होती है। इसलिए तो इन्हें 'मन्नतों का राजा' भी कहा जाता है। हर साल की तरह बड़ी और और मशहूर हस्तियों के साथ-साथ हजारों लाखों की संख्या में भक्त यहां बप्पा के दर्शन करने आ रहे हैं। इस बार यहां गणपति की 22 फीट ऊंची मूर्ति स्थापित की गई, जो तमिलनाडु के रामेश्वरम की पौराणिक कथा से प्रेरित है। लालबागचा राजा मंडल के उपाध्यक्ष सिद्धेश कोरगावकर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "यह लालबाग इलाके का सबसे पुराने गणपति हैं। इस बार उनकी 22 फीट ऊंची मूर्ति बनाई गई है।" उन्होंने कहा कि मूर्ति और इसकी सजावट में रामेश्वरम की थीम को दर्शाया गया है, जिसमें हनुमानजी रामेश्वरम से भगवान शंकर का पिंड लेकर आते हैं। लालबागचा राजा मंडल की स्थापना साल 1934 में हुई थी। दरअसल, करीब नौ दशक पहले कुछ मछुआरों और दुकानदारों ने मिलकर बप्पा से बाजार के लिए एक पक्की जगह मिलने की मन्नत मांगी थी। जब उनकी यह मन्नत पूरी हुई तो उन्होंने आभार स्वरूप एक छोटी सी गणेश मूर्ति स्थापित की। वहीं से यह परंपरा शुरू हुई और आज 91 साल बाद भी पूरी आस्था के साथ निभाई जा रही है। लालबागचा राजा के दर्शन के लिए दो मुख्य कतारें होती हैं। एक होती है 'नवसाची लाइन', जिसमें वे लोग लगते हैं जो अपनी किसी विशेष मन्नत लेकर बप्पा के चरणों तक जाना चाहते हैं। इस लाइन में दर्शन के लिए 25 से 40 घंटे तक का समय भी लग सकता है। दूसरी लाइन होती है "मुखदर्शन लाइन", जिसमें भक्त बप्पा को दूर से देख सकते हैं। यह लाइन अपेक्षाकृत छोटी होती है। कई बार यहां 4 से 5 घंटे लग जाते हैं। हर बार की तरह इस साल भी गणेश चतुर्थी पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंडल द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। हजारों पुलिसकर्मी और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पंडाल के अंदर भी श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल असिस्टेंस, पानी और शौचालय जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

बाढ़ग्रस्त इलाकों में पहुंचे CM मान, अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के आदेश

दीनानगर  पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान आज बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे। दीनानगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मकौड़ा पत्तन में रावी नदी में आई बाढ़ के कारण कई गांव पानी से प्रभावित हुए हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज सीमावर्ती क्षेत्र का दौरा किया और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया।   मुख्यमंत्री सबसे पहले बेहरामपुर कस्बे पहुंचे जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की और कहा कि सरकार जान-माल की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन आस-पास के गांवों में जलस्तर बढ़ने के कारण वे वहां नहीं पहुंच सके। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ है और किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्य तेजी से चलाने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए लोगों को पर्याप्त मुआवजा देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब में बाढ़ की यह स्थिति पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण उत्पन्न हुई है। गंभीर संकट की इस घड़ी में पंजाब सरकार लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस काम में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।

महू आर्मी वार कॉलेज में बोले राजनाथ सिंह – जल, थल, वायु सेना का हर जवान सीखेगा ड्रोन तकनीक

इंदौर आत्मनिर्भर भारत ने स्वदेशी प्लेटफार्म पर तेजस, एडवांस आर्टलरी गन सिस्टम, आकाश मिसाइल तैयार किए हैं। यह दूसरे देशों को संदेश है कि भारत में भी विश्वस्तरीय हथियार तैयार हो रहे है। अब हम पांचवी पीढ़ी का फाइटर एयरक्राफ्ट बना रहे हैं और हमारे कदम जेट इंजन के निर्माण की ओर भी बढ़ रहे है। वर्ष 2024 तक हमारा रक्षा उत्पादन 46 हजार 425 करोड़ था। अब यह बढ़कर 1.5 लाख करोड़ करोड़ हो गया है। इसमें 33 हजार करोड़ प्रायवेट सेक्टर का योगदान है। एयर डिफेंस वेपन सिस्टम सुदर्शन चक्र देश के महत्वपूर्ण स्थानों के सुरक्षा कवच के रूप में तैयार होगा। भारतीय वायुसेना भी लंबी दूरी की मिसाइलों से लेकर नेक्स्ट जेनरेशन बियॉन्ड विजुअल रेंज के हथियारों को शामिल करके खुद को लगातार मजबूत कर रही है। ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए काउंटर यूएएस ग्रिड को और मजबूत किया जा रहा है। इसके अलावा, चाहे खरीद हो या नीतिगत बदलाव, हम अपनी सेनाओं को मजबूत करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। ये बातें ये बातें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महू के आर्मी वार कालेज में आयोजित ‘रण संवाद‘ के दूसरे दिन कही। उन्होंने बताया आगामी युद्ध में हाइपरसाेनिक मिसाइल, एआई, साइबर अटैक का अहम रोल होगा। 2027 तक भारत की जल, थल व वायु सेना के हर जवान को ड्रोन तकनीक का अनुभव होगा। विश्व अभी कोल्ड वार के युग है और अभी प्राक्सी वार भी चल रहे है। इस वजह से भारती सैन्य इकायों को तकनीक रुप से मजबूत किया जाएगा। हमें कोई चुनौती देगा तो उसका द्ढता से जवाब देंगे महाभारत के दौरान भी रण संवाद हुआ था। कृष्ण ने युद्ध से पहले शांति का संदेश दिया था लेकिन दुर्योधन ने मना किया। जब महाभारत खत्म हुआ तो युधिष्ठिर और भीष्म के बीच संवाद हुआ था। युद्ध के पूर्व व बाद में इस तरह के संवाद हमेशा होते आए है। शांति के समय युद्ध की तैयारी होती है और युद्ध के माध्यम से शांति पाने का प्रयास किया जाता है। आज के वैश्विक परिवेश में, अक्सर संवाद का टूटना ही शत्रुता और संघर्ष का मूल कारण बनता है। दूसरी ओर, युद्ध के समय भी, संवाद के माध्यमों को बनाए रखना आवश्यक है। महू में हो रहा रण संवाद केवल एक अकादमिक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह हमारे सामरिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण को और परिष्कृत करेगा। साइबर, ड्रोन व उपग्रह आधारित होंगे भविष्य के युद्ध राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध की कोई निश्चित प्रणाली या कठोर सिद्धांत नहीं है, जिस पर हम आँख बंद करके भरोसा कर सकें। केवल सैनिकों की संख्या या हथियारों के भंडार का आकार अब पर्याप्त नहीं है। साइबर युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मानव रहित हवाई वाहन और उपग्रह-आधारित निगरानी भविष्य के युद्धों को आकार दे रहे हैं। सटीक-निर्देशित हथियार, वास्तविक समय की खुफिया जानकारी और डेटा-संचालित जानकारी अब किसी भी संघर्ष में सफलता की आधारशिला बन गई है। भविष्य के युद्ध केवल हथियारों की लड़ाई नहीं होंगे, वो तकनीक, खुफिया, अर्थव्यवस्था और कूटनीति का मिला-जुला रूप होंगे।" परिस्थितियाँ और चुनौतियां तेजी से बदल रही है। दूसरों के पास इसका जवाब देने और अपनी पसंद के विपरीत शर्तों पर अखाड़े में कदम रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।  

गर्दा उड़ाने से चूकीं नीलम, अब बिग बॉस में टिकी रहेंगी पवन सिंह के फैंस की मेहरबानी पर

 भोजपुरी सेंसेशन नीलम गिरी 'बिग बॉस 19' में धमाकेदार अंदाज में एंट्री कर चुकी हैं. स्टेज पर उन्होंने अपने किलर डांस मूव्ज से हर किसी को घायल किया. सलमान खान भी नीलम की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए. नीमल का बबली नेचर फैंस को काफी एंटरटेनिंग लगा. वो शो में चार्म लेकर आई हैं, जो दर्शकों के लिए काफी रिफ्रेशिंग होने वाला है.  'बिग बॉस 19' का धमाकेदार प्रीमियर रखा गया था जिसमें 16 कंटेस्टेट की घर के अंदर धमाकेदार एंट्री हुई। इसी के साथ भोजपुरी क्वीन नीलम गिरी बिग बॉस 19 के घर में एंट्री कर चुकी हैं। नीलम ने प्रीमियर के दिन ही धमाल कर दिया है उन्होंने शो में ऐसी एंट्री की है हर कोई उनका फैन हो गया है। उनका ये ही अंदाज फैंस को बिग बॉस में देखने को मिलने वाला है। नीलम गिरी ने भोजपुरी इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई है वो हर भोजपुरी स्टार के साथ काम कर चुकी हैं। उनके गानों के लोग दीवाने हैं। तो चलिए नीलम के उन हिट गानों को देखते हैं जिनने उन्हें स्टार बनाया- पिपरा के भूत नीलम गिरी और प्रवेश लाल यादव की जोड़ी को काफी पसंद किया जाता है। उनका एक गाना ऐसा वायरल हुआ है कि आज भी इसे लोग खूब सुनना पसंद करते हैं। देसी अंदाज से दिल जीतेंगी नीलम? शो की प्रीमियर नाइट में नीलम ने अपने देसी अंदाज और किलर अदाओं से लाइमलाइट लूटने में को कमी नहीं छोड़ी. नीलम मन से जितनी सिंपल हैं, दिखने वो उतनी ही ग्लैमरस और बोल्ड हैं. नीलम का यही कॉम्बिनेशन आगे चलकर शो में नई जान डाल सकता है. नीलम अपने देसीपन के साथ ग्लैमर, अदाओं और किलर डांस मूव्स से बिग बॉस के घर में तहलका मचा सकती हैं. वो शो के लिए सरप्राइज एंटरटेनमेंट पैकेज साबित हो सकती हैं. नीलम ने अपनी सादगी और देसी अंदाज से फैंस का दिल जीतना शुरू कर दिया है. शो की एंट्र्री के वक्त उन्होंने स्टेज पर ही कह दिया था कि वो गर्दा उड़ा देंगी.  नीलम को मिला पवन सिंह का सपोर्ट नीलम को भोजपुरी इंडस्ट्री से भी तगड़ा सपोर्ट मिल रहा है. भोजपुरी के सुपरस्टार पवन सिंह एक्ट्रेस नीलम को सपोर्ट कर रहे हैं. उन्होंने वीडियो मैजेस के जरिए उन्हें ढेर सारी बधाई दी. पहले एपिसोड के बाद शो में नीलम का फ्यूचर तो ब्राइट ही लग रहा है. अब वो कितना आगे तक जा पाती हैं, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा.  तगड़ा है नीलम का फैंडम नीलम को अपने तगड़े फैंडम का भी फायदा मिल सकता है. इंस्टाग्राम पर उनके करीब 5 मिलियन के आसपास फॉलोअर्स हैं. शो में एंट्री करने से पहले नीलम ने सलमान खान को बताया था कि उनके एक-एक म्यूजिक वीडियो पर करीब 300-400 मिलियन व्यूज आते हैं. ऐसे में उन्हें फैंस का भी तगड़ा सपोर्ट मिलने की उम्मीद है.  बिग बॉस में दिख चुके हैं ये भोजपुरी सितारे लेकिन क्या आप जानते हैं कि नीलम से पहले भी कई भोजपुरी सितारे बिग बॉस में दिखाई दे चुके हैं. मगर हर कोई अपनी छाप नहीं छोड़ पाया. इस लिस्ट में भोजपुरी सिनेमा की टॉप एक्ट्रेस में गिनी जाने वाली मोनालिसा, अक्षरा सिंह, संभावना सेठ का नाम शामिल है. संभावना और मोनालिसा को शो में काफी पसंद किया गया था. दोनों ने अपनी छाप छोड़ी थी. मगर बिग बॉस ओटीटी में नजर आईं अक्षरा सिंह की जर्नी थोड़ी फीकी रह गई थी.  भोजपुरी हसीनाओं के अलावा इंडस्ट्री के कई हीरो भी बिग बॉस में जलवा बिखेर चुके हैं. इनमें दिनेश लाल यादव, मनोज तिवारी का नाम शामिल है. देखा जाए तो कई सीजन्स में भोजपुरी फ्लेवर देखने को मिला है. अब इस बार नीलम गिरी फैंस के दिलों पर कितनी छाप छोड़ती हैं ये देखने वाली बात होगी.  

4300 करोड़ के गुमनाम चंदे पर राहुल गांधी का हमला, चुनाव आयोग से की जवाबदेही की मांग

नई दिल्ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर हमला बोला है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग से सवाल किए हैं। राहुल गांधी ने जिस मीडिया रिपोर्ट को साझा किया है, उसमें दावा किया गया है कि गुजरात में कुछ 'अनाम दलों' को 2019-20 और 2023-24 के बीच 4,300 करोड़ रुपये का चंदा मिला है। राहुल गांधी ने आयोग पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या चुनाव आयोग इसकी जांच करेगा या हलफनामा मांगेगा। राहुल गांधी ने उठाये सवाल लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की। इसमें दावा किया गया है कि इन दलों ने तीन चुनावों  2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव तथा 2022 के विधानसभा चुनाव में कुल 43 उम्मीदवार उतारे थे, जिन्हें मिलकर सिर्फ 54,069 वोट मिले। वहीं, इनकी चुनाव रिपोर्ट में इन पार्टियों का खर्च 39.02 लाख रुपये दर्ज है, जबकि ऑडिट रिपोर्ट में 3,500 करोड़ रुपये के खर्च का हिसाब दिखाया गया है। क्या कानून बदल देगा चुनाव आयोग एक्स पर हिंदी में लिखे पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात में कुछ गुमनाम पार्टियां हैं जिनके नाम किसी ने नहीं सुने हैं, लेकिन उन्हें 4,300 करोड़ रुपये का चंदा मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि इन पार्टियों ने बहुत कम मौकों पर चुनाव लड़ा है या उन पर पैसा खर्च किया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आगे चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए पूछा कि ये हजारों करोड़ रुपये कहां से आए? इन्हें कौन चला रहा है? यह पैसा कहां गया? क्या चुनाव आयोग इसकी जांच करेगा या यहां भी हलफनामा मांगेगा? या फिर वह कानून ही बदल देगा, ताकि यह डेटा भी छिपाया जा सके? राहुल गांधी से चुनाव आयोग ने मांगा था हलफनामा गौरतलब है कि राहुल गांधी ने हाल ही में मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उस पर 17 अगस्त को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि कांग्रेस नेता या तो शपथपत्र देकर प्रमाण पेश करें या फिर देश से माफी मांगें।