samacharsecretary.com

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी – ईश्वर दुश्मनी का साधन नहीं, याचिकाओं के पीछे है अहंकार

चेन्नई  श्वर के नाम पर होने वाली राजनीति पर मद्रास हाई कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि ईश्वर प्रतिद्वंद्विता के साधन नहीं, बल्कि एकता, शांति और आध्यात्मिक उत्थान के प्रतीक हैं। अदालत ने विनायक चतुर्थी के दौरान भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना के लिए कई याचिकाएँ दायर करने पर ये टिप्पणी की और कहा कि दायर कई याचिकाएं आस्था से नहीं, बल्कि अहंकार से प्रेरित हैं। जस्टिस बी. पुगलेंधी की पीठ ने कहा, "यह अदालत कुछ मामलों में अंतर्निहित प्रेरणाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकती। वर्तमान में दायर अधिकांश याचिकाएं वास्तविक धार्मिक मंशा की बजाय अहंकार के टकराव और आर्थिक प्रभाव जमाने की इच्छा से प्रेरित प्रतीत होते हैं। यह न्यायालय व्यक्तिगत बदला लेने या सामाजिक प्रभुत्व प्रदर्शित करने के लिए ईश्वर को शामिल करने की प्रथा की कड़ी निंदा करता है। ईश्वर प्रतिद्वंद्विता के साधन नहीं हैं; वह एकता, शांति और आध्यात्मिक उत्थान के प्रतीक है।" गली-मोहल्लों में मंदिर तो उपेक्षित, फिर ये होड़ क्यों? बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, हाई कोर्ट ने इस तथ्य पर भी संज्ञान लिया कि जहाँ गली-मोहल्लों में स्थित मंदिर साल भर उपेक्षित रहते हैं, वहीं त्योहारों के दौरान विशाल मूर्तियाँ स्थापित करने के व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। कोर्ट ने कहा, “यह विरोधाभास भक्तों को आत्मचिंतन करने के लिए प्रेरित करता है। सच्ची भक्ति भव्यता में नहीं, बल्कि पूजा स्थलों के प्रति निरंतर श्रद्धा और रखरखाव में निहित है।” हाई कोर्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उत्सवों के दौरान स्थापित की गई मूर्तियों से सार्वजनिक अशांति या पर्यावरण विनाश न हो। कोर्ट ने कहा, "ईश्वर की भक्ति से मनुष्य को अशांति या प्रकृति का विनाश नहीं होने दिया जा सकता। सच्ची पूजा सद्भाव में निहित है – शांति और व्यवस्था के माध्यम से समुदायों के बीच सद्भाव, और पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से सृष्टि के साथ सद्भाव।" अंतिम समय में आवेदन देने पर अचरज कोर्ट ने इस बात पर भी अचरज जताया कि कई याचिकाकर्ताओं ने मूर्तियाँ स्थापित करने के लिए अंतिम समय में आवेदन दिए थे, जिससे अधिकारियों के पास यह सुनिश्चित करने के लिए बहुत कम समय बचा कि अगर अनुमति दी जाती है तो पर्यावरण और सार्वजनिक व्यवस्था की आवश्यकताओं का पालन किया जा सकेगा या नहीं। न्यायालय ने कहा, “अंतिम समय में प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जा सकता, खासकर जब उनमें सार्वजनिक स्थापनाएँ शामिल हों जिनके लिए कई विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता हो।” हालांकि, कोर्ट ने ऐसे आवेदनों पर निर्धारित तरीके से कार्रवाई न करने या चुनिंदा अनुमतियाँ देने के लिए अधिकारियों की आलोचना भी की। मूर्ति स्थापना की होड़ के पीछे क्या वजह? दरअसल, तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए गणेश प्रतिमाओं की स्थापना कर धार्मिक गोलबंदी करने का इसे एक साधन बनाया जा रहा था और इसी कड़ी में कई आयोजकों ने चेन्नई में पंडाल निर्माण और मूर्ति स्थापना के लिए चेन्नई पुलिस से इजाजत मांगी थी लेकिन कई आवेदनों को पुलिस ने खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ कई संगठन हाई कोर्ट पहंचे थे। कोर्ट ने सभी याचिकाओं पर एक-एक कर फैसला लेने का आदेश दिया है और अंतिम क्षण में दिए आवेदनों को खारिज कर दिया है।  

मौजूदा हालात के मद्देनजर पंजाब के लिए BJP की बड़ी रणनीति

पंजाब पंजाब में बाढ़ के खतरे को देखते हुए भाजपा ने बड़ा फैसला लिया है। जानकारी के अनुसार, 'भाजपा के सेवादार आए आप द्वार' अभियान के तहत पंजाब में आयोजित किए जा रहे जन कल्याण शिविरों को स्थगित कर दिया गया है। इस संबंधी जानकारी देते हुए भाजपा पंजाब प्रधान सुनील कुमार जाखड़ ने दी है। जाखड़ ने कहा कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होते ही केंद्र सरकार द्वारा गरीबों, बेरोजगारों, किसानों, दलितों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए राज्य भर में फिर से शिविर लगाए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, जाखड़ ने कहा कि पंजाब के हालात को देखते हुए भाजपा के सीनियर नेता और कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों की समस्याओं को दूर करने और उन्हें हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए इन समाज कल्याण शिविरों को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया है। जैसे ही परिस्थितियां अनुकूल होंगी, ये शिविर फिर से आयोजित किए जाएंगे। 

2023 और 2024 में मिली अभूतपूर्व सफलता ने बढ़ाया भरोसा, तीसरे संस्करण से और बड़ी उड़ान की तैयारी

निवेश और निर्यात का बड़ा मंच बना यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो  2023 और 2024 में मिली अभूतपूर्व सफलता ने बढ़ाया भरोसा, तीसरे संस्करण से और बड़ी उड़ान की तैयारी 2024 में बी2बी और बी2सी के माध्यम से 2200 करोड़ रुपए से अधिक के मिले निर्यात ऑर्डर अकेले प्रदर्शनी के माध्यम से उद्यमियों ने की 40 करोड़ रुपए से ज्यादा की रिकॉर्ड सेल प्रदेश के विभिन्न जनपदों से शीर्ष 20 उद्यमियों ने हासिल किया 630 करोड़ से अधिक का निर्यात ऑर्डर 2023 में पहले संस्करण के दौरान भी 1000 करोड़ से अधिक रहा था ओवरऑल बिजनेस वॉल्यूम यूपीआईटीएस 2025 में एक बार फिर‘मेक इन इंडिया’ व ‘लोकल फॉर वोकल’ को मिलेगा वैश्विक मंच लखनऊ  उत्तर प्रदेश का इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) अब राज्य की पहचान को वैश्विक व्यापार मानचित्र पर स्थापित करने का सशक्त जरिया बन गया है। 2023 और 2024 के सफल आयोजनों ने यह साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश न केवल घरेलू बाजार में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी मजबूत दावेदारी पेश कर रहा है। अब तीसरा संस्करण और बड़ी उम्मीदों के साथ आयोजित होने जा रहा है, जहां निवेश और निर्यात के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं। उम्मीद की जा रही है कि यह आयोजन पिछले दोनों संस्करणों से कहीं बड़ा और प्रभावी होगा। न केवल निर्यात और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे बल्कि उत्तर प्रदेश वैश्विक व्यापार जगत में अपनी मजबूत स्थिति को और पुख्ता करेगा। 2023 में मिली ऐतिहासिक शुरुआत यूपीआईटीएस की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी। इस पहले संस्करण में 2000 से अधिक प्रदर्शकों ने प्रदेश की कला, संस्कृति, कृषि और औद्योगिक ताकत को दुनिया के सामने रखा। 60 देशों के 350 विदेशी खरीदारों और करीब 3 लाख विजिटर्स की मौजूदगी में 1000 करोड़ रुपए से अधिक का बिजनेस वॉल्यूम दर्ज हुआ। मुख्यमंत्री के विजन को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदर्शित करने के लिए शुरू किया गया यह आयोजन स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच दिलाने का बड़ा माध्यम साबित हुआ। 2024 ने दी नई ऊंचाई दूसरा संस्करण 2024 में और भी प्रभावशाली साबित हुआ। वियतनाम को सहयोगी देश के रूप में शामिल करने वाले इस आयोजन में 2122 प्रदर्शक, 70 देशों से आए 350 विदेशी खरीदार और लगभग 5 लाख विजिटर्स ने हिस्सा लिया। बी2बी और बी2सी मॉडल के जरिए 2200 करोड़ रुपए से अधिक के निर्यात ऑर्डर प्राप्त हुए, वहीं प्रदर्शनी के दौरान 40 करोड़ रुपए से ज्यादा की सीधी बिक्री दर्ज की गई। सबसे खास उपलब्धि यह रही कि शीर्ष 20 उद्यमियों को ही 630 करोड़ रुपए से अधिक के निर्यात ऑर्डर मिले। इनमें मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, कानपुर, बागपत, बाराबंकी, मिर्जापुर, मथुरा, संभल और ग्रेटर नोएडा जैसे जिलों के उद्यमी शामिल रहे। ग्लोबल ब्रांडिंग का बना प्रतीक यूपीआईटीएस ने केवल कारोबार ही नहीं बढ़ाया बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ को वैश्विक पहचान देने का भी काम किया। ओडीओपी, स्टार्टअप, एमएसएमई, रोजगार और निर्यात प्रोत्साहन की राज्य सरकार की नीतियों ने इसमें नई ऊर्जा भर दी है। यूपीआईटीएस 2025 को लेकर इस बार खास रणनीति बनाई जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार न केवल परंपरागत उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलेगा बल्कि हाई-टेक सेक्टर्स में भी निवेश और निर्यात के बड़े मौके पैदा होंगे।    

चीन का पावर शो: 41 विमान और 7 पोत ने तोड़ी ताइवान की हदें, अलर्ट पर सेना

ताइपे ताइवान को लेकर चीनी राष्ट्रपति का क्या योजना है? इस मुद्दे पर अक्सर चर्चा होती रहती है। चर्चा की वजह भी स्पष्ट है। बार-बार चीनी विमान और जहाज ताइवान की सीमा में घुसपैठ करते हैं। एक बार फिर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के विमान और जहाज दिखाई दिए हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने गुरुवार सुबह 6 बजे तक अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र के आसपास 41 चीनी सैन्य विमानों, सात नौसैनिक जहाजों और एक आधिकारिक जहाज की मौजूदगी का पता लगाया। मंत्रालय के अनुसार, 41 विमानों में से 21 ने मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ (एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन) में प्रवेश किया। ADIZ वह क्षेत्र है जहां प्रवेश करने वाले विमानों की पहचान की जाती है ताकि देश अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। सुबह 6 बजे दिखे विमान और जहाज रक्षा मंत्रालय ने X पर एक पोस्ट में कहा कि आज सुबह 6 बजे तक ताइवान के आसपास 41 PLA (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) विमान, 7 PLA नौसेना जहाज और 1 आधिकारिक जहाज देखे गए। इनमें से 24 विमानों ने मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में प्रवेश किया। हमने स्थिति पर नजर रखी और उचित जवाब दिया। गौरतलब है कि बुधवार को भी ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने PLA के 23 विमानों, 7 PLA नौसेना जहाजों और एक आधिकारिक जहाज को अपने क्षेत्र के आसपास देखे थे। मंत्रालय ने कहा कि 23 विमानों में से 16 ने मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में प्रवेश किया। चीन 'क्षेत्रीय उपद्रवी' ताइवान के विदेश मंत्री लिन चिया-लंग ने चीन को 'क्षेत्रीय उपद्रवी' करार दिया था। उन्होंने यह बयान तब दिया जब सोलोमन द्वीप ने ताइवान और अमेरिका सहित अन्य वार्ता भागीदारों को आगामी प्रशांत द्वीप समूह फोरम (PIF) नेताओं की बैठक से रोक दिया था। ताइपे टाइम्स के अनुसार, लिन ने 'प्रशांत तरीके' की बात करते हुए कहा कि सभी को शामिल करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि वार्ता भागीदारों को बाहर करने से फोरम की आम चुनौतियों का सामना करने की क्षमता कमजोर होगी। झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाता वहीं, ताइवान पर चीन के दावों को खारिज करते हुए लिन ने कहा कि पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना ने एक दिन भी ताइवान पर शासन नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रस्ताव 2758 में ताइवान का कोई जिक्र नहीं है। लिन ने चीन के दावे को 'सम्राट के नए कपड़े' बताते हुए कहा कि एक झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाता। लिन ने आगे कहा कि ताइवान गहरे अंतरराष्ट्रीय सहयोग, व्यावहारिक योगदान और निरंतर राजनयिक पहुंच के माध्यम से चीन के दबाव का मुकाबला कर रहा है। ताइवान दुनिया के अन्य देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि चीन के प्रभाव को कम किया जा सके।  

रिपेयर के बहाने लीक कर दिए निजी वीडियो, यूजर ने सुनाया डरावना अनुभव

नई दिल्ली  शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति हो, जिसपर आपकी नजर पड़े और वह मोबाइल यूजर ना हो। जिस रफ्तार से मोबाइल के उपयोगकर्ता बढ़ रहे हैं, उसी तेजी से इनसे जुड़े अपराधियों की संख्या में भी इजाफा जारी है। जरा सोचिए कि आपने किसी मोबाइल पर अपना फोन सुधारने के लिए दिया हो और कुछ समय बाद आपको निजी वीडियो सोशल मीडिया पर नजर आ जाएं। एक रेडिट यूजर ने ऐसी ही कहानी प्लेटफॉर्म पर साझा की है, जिसे सुनकर आम मोबाइल फोन उपयोगकर्ता सोच में पड़ सकता है। पोस्ट में बताया गया है, 'कोलकाता में फोन सुधारने वाले ने निजी वीडियो लीक कर दिए…।' उन्होंने आगे लिखा, 'मुझे समझ नहीं आ रहा है कि इस सदमे से कैसे बाहर निकला जाए।' यूजर ने लिखा, 'पूरी तरह से टूट गए हैं…। तब से माता पिता भी बात नहीं कर रहे हैं…। मैंने अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए हैं, फोन नंबर बदल लिया है और सभी से पूरी तरह दूरी बना ली है…। अब अपने कमरे के बाहर नहीं जा रहे हैं।, लोगों से मिलने से बच रहे हैं और फोन का इस्तेमाल भी बंद कर दिया है।' रेडिट यूजर ने एक और स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है, जिसमें कई यूजर्स उन्हें गंदे मैसेज भेज रहे हैं। यूजर ने पोस्ट में बताया है कि उनकी छवि धूमिल हो चुकी है। साथ ही उन्होंने अन्य उपयोगकर्ताओं से भी सलाह मांगी है। उन्होंने बताया है कि इस संबंध में साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। एक स्क्रीनशॉट के माध्यम से यूजर ने कहा कि पुलिस ने जानकारी दी है कि शिकायत को महिला थाना को भेज दिया गया है।  

Travis Kelce ने पहनाई Taylor Swift को करोड़ों की रिंग, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

लॉस एंजिल्स अमेरिकी सिंगर और दुनिया की सबसे अमीर महिला संगीतकार टेलर स्विफ्ट और फुटबॉल खिलाड़ी ट्रैविस केल्सी ने सगाई कर ली है। इन्होंने अपनी एंगेजमेंट की पांच तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी शेयर की हैं। उन्होंने बड़े ही डिफरेंट कैप्शन के साथ अपनी सगाई को लेकर अनाउंसमेंट किया है। इसी के साथ इस वक्त सबसे अधिक चर्चा टेलर स्विफ्ट की एंगेजमेंग रिंग की कीमत की हो रही है जो करोड़ों में है। दो साल की डेटिंग के बाद कपल ने मंगलवार, 26 अगस्त को इंस्टाग्राम पर अपनी सगाई की खबर शेयर की है। इस पोस्ट में सबकी नजरें टेलर स्विफ्ट की हीरे की अंगूठी पर टंगी रहीं। टेलर स्विफ्ट ने शेयर की पांच रोमांटिक तस्वीरें टेलर स्विफ्ट ने इन पांचों रोमांटिक तस्वीरों को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, 'आपके इंग्लिश टीचर और जिम टीचर अब शादी करने जा रहे हैं।' हालांकि, उन्होंने कॉमेंट बॉक्स को फिलहाल बंद कर रखा है। इस कैप्शन के साथ में डायनामाइट स्टिक का इमोजी भी है। करोड़ों में है अंगूठी की कीमत स्विफ्ट की उंगलियों में सजी सगाई की इस अंगूठी में एक बड़ा सा एंटीक हीरा नजर आ रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसकी रिंग कीमत करीब $550,000 होगी, जो इंडियन करेंसी में करीब 4.5-4.8 करोड़ रुपये के आसपास है। अफेयर पिछले दो साल से चल रहा था इंस्टाग्राम पर इस सुपरस्टार सिंगर और फुटबॉल खिलाड़ी ने अपनी सगाई की खबर दी और इनका अफेयर पिछले दो साल से चल रहा है। कपल के अनाउंसमेंट से उनके फैन्स बेहद खुश हैं। दुनिया की सबसे अमीर सिंगर हैं टेलर स्विफ्ट दुनिया की सबसे अमीर महिला संगीतकार बन चुकीं टेलर स्विफ्ट की नेट वर्थ करीब 1.6 बिलियन डॉलर के आसपास है। साल 2024 में जारी किए फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्विफ्ट की संपत्ति का 600 मिलियन डॉलर टूर और रॉयल्टी से आता है। इसके अलावा 600 मिलियन डॉलर उनके म्यूजिक एल्बम के कॉस्ट से और 125 मिलियन डॉलर रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट से कमाई होती है। ऐसा कहा जाता है कि टेलर स्विफ्ट ने 2023 में अकेले स्पॉटिफाई स्ट्रीमिंग से 100 मिलियन डॉलर की रॉयल्टी हासिल की, जो उन्हें उनके 2022 के एल्बम 'मिडनाइट्स' और 2023 में 1989 के एल्बम से मिली थी। स्विफ्ट और केल्सी की लव-स्टोरी स्विफ्ट और केल्सी की लव-स्टोरी 2023 की गर्मियों में शुरू हुई थी जब केल्सी कैनसस सिटी में स्विफ्ट के एरास टूर में शामिल हुए थे। न्यू हाइट्स पॉडकास्ट पर केल्सी ने बताया, 'मुझे निराशा हुई कि वह अपने शो से पहले या बाद में बात नहीं करतीं क्योंकि उन्हें अपनी आवाज़ उन 44 गानों के लिए बचाकर रखनी होती है जो वो गाती हैं, मैं उनके लिए बनाए गए ब्रेसलेट में से एक भी उन्हें नहीं दे पाया।' महान खिलाड़ियों में से एक हैं केल्सी इतिहास के सबसे महान टाइट एंड्स में से एक माने जाने वाले, केल्सी दस बार प्रो बॉलर और सात बार ऑल-प्रो रहे हैं, जिन्हें चार बार पहली टीम और तीन बार दूसरी टीम में चुना गया है। उनके नाम लगातार सबसे ज़्यादा और कुल मिलाकर सबसे ज़्यादा सीजन में टाइट एंड द्वारा 1,000 रिसीविंग यार्ड्स हासिल करने का NFL रिकॉर्ड है।

सोने के मुकुट से सजी गणपति की प्रतिमा, रायपुर में भक्तों का उमड़ा जनसैलाब

रायपुर गणेश चतुर्थी पर बुधवार को गोलबाजार स्थित श्री सार्वजनिक हनुमान मंदिर ट्रस्ट और श्री बजरंग नवयुवक गणेश उत्सव समिति द्वारा आयोजित पूजन उत्सव में भक्तों ने आस्था की अनूठी मिसाल पेश की। गणपति बप्पा को नवरत्न जड़ित 750 ग्राम सोने का मुकुट अर्पित किया गया, जिसकी कीमत लगभग 75 लाख रुपये आंकी गई है। वहीं जयपुर के सांवरिया सेठ को तीन किलो चांदी भेंट की गई। उत्सव का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विधिवत पूजन कर किया। इस दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल और विधायक सुनील सोनी भी मौजूद रहें। समारोह का संचालन करते हुए सहकारी बैंक अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता ने बताया कि यह परंपरा 1885 से निरंतर चल रही है। पूजन में आचार्य आकाश मिश्रा के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा सम्पन्न हुई। पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके साथ ही भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के अवसर पर राजधानी रायपुर में कई स्थानों पर भगवान गणेश जी पंडालों में विराजमान हो गए हैं। बुधवार को हुई इस मंगल स्थापना के साथ ही अगले 10 दिनों तक शहर में भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। रायपुर में भी सुबह से ही ‘गणपति’ के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। बड़ी संख्या में भक्तों ने उत्साह के साथ प्रतिमाओं को उनके गंतव्य तक पहुंचाया, जहां भव्य पंडालों और आकर्षक सजावट के बीच उनकी प्राण-प्रतिष्ठा की गई। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और मोहल्लों में बने पंडाल इस साल अपनी अनूठी थीम और कलात्मकता के लिए चर्चा में हैं। लाखे नगर में इस बार गणपति बप्पा की अनोखी प्रतिमा स्थापित की गई है। यहां बप्पा की आंखों की पलकें खुलती और बंद होती है। इसके लिए प्रतिमा के अंदर मोटर फिट की गई है। प्रतिमा एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जनरेट किया गया है। शिव महिमाम की थीम पर पंडाल इस बार गुढ़ियारी गणेशोत्सव समिति शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। इस बार भगवान शिव की जीवंत लीलाओं में पंडाल को सजाया गया है। 12 हजार वर्गफीट में लगे पंडाल में तरह-तरह की चलित झांकियां है। यहां अर्धनारीश्वर, सावन की पूजा, गंगा अवतरण, मार्कंडेय ऋषि का उद्धार, सागर मंथन, भोले की बारात, शंकर-पार्वती के फेरे, रावण का कैलाश पर्वत उठाना, कैलाश मानसरोवर की झांकी खास रहेगी। धूमकेतु अवतार में बप्पा श्री भारतीय समाज समिति तात्यापारा में धूमकेतु अवतार में बप्पा को विराजित किया गया है। राजवाड़ा किला के थीम पर पंडाल सजाया गया है। छोटा पारा हिंदू-मुस्लिम एकता छोटापारा में गणेशोत्सव में सामाजिक सौहार्द और एकता की अनूठी मिसाल पेश कर रहा है। छोटापारा नवयुवक संघ गणेशोत्सव समिति की ओर से स्थापित हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग मिलकर हिस्सा लेते हैं।

भारत-चीन रिश्तों में नया मोड़, शी जिनपिंग की गुप्त चिट्ठी ने बदल दिया ट्रंप का खेल

नई दिल्ली जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के साथ अपना व्यापार युद्ध बढ़ा रहे थे ठीक उसी समय चीन ने भारत के साथ शांतिपूर्वक संबंध सुधारने की कोशिशें शुरू कर दी थीं। इसकी पहल चीन के द्वारा ही शूरू की गई। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत एक चिट्ठी भेजी, इसके बाद भारत ने भी अपने प्रयासों को तेज कर दिया। ब्लूमबर्ग ने इस मामले से परिचित एक भारतीय अधिकारी के हवाले से कहा है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र लिखकर संबंधों को बेहतर बनाने की इच्छा जताई। इस पत्र में चीन ने किसी भी ऐसे किसी भी अमेरिकी समझौते पर चिंता व्यक्त की थी जो चीन के हितों को नुकसान पहुंचा सकता है। शी का यह संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाया गया था। जून में शुरू हुए प्रयास अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मोदी सरकार ने जून में चीन के साथ संबंधों को सुधारने के लिए गंभीर प्रयास करना शुरू किया। उस समय अमेरिका के साथ व्यापार वार्ताएं तनावपूर्ण हो रही थीं और मई में भारत-पाकिस्तान के बीच चार दिनों की लड़ाई के बाद ट्रंप के युद्धविराम कराने के दावों से भारत नाराज था। 7 साल बाद चीन जाएंगे मोदी अगस्त तक भारत और चीन के बीच संबंध सुधारने की प्रक्रिया तेज हो गई। ट्रंप के टैरिफ से प्रभावित होकर दोनों देशों ने पिछले सप्ताह 2020 के घातक सीमा संघर्ष को पीछे छोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया। दोनों देश अपने औपनिवेशिक काल से चले आ रहे सीमा विवादों को हल करने के प्रयासों को दोगुना करने पर सहमत हुए। इन तमाम कोशिशों के बाद इस सप्ताह के अंत में पीएम मोदी सात साल में पहली बार चीन की यात्रा करेंगे। भारत-चीन के बीच सुलह के अमेरिका के लिए गहरे निहितार्थ हैं। अमेरिका ने पिछले कुछ दशकों में लगातार शक्तिशाली हो रहे चीन को संतुलित करने के इरादे से भारत को अपने पाले में लाने की कोशिश की थी। ट्रंप ने रूसी तेल खरीदने के कारण भारतीय निर्यात पर 50% टैरिफ लगाकर इस समीकरण को बदल दिया। ट्रंप का फैसला एक ऐसा बदलाव था जिसने मोदी सरकार को चौंका दिया। पूर्व दूत का ट्रंप पर तंज कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के वरिष्ठ फेलो और भारत में पूर्व अमेरिकी राजनयिक एशले टेलिस ने व्यंगात्मक लहजे में कहा, "ट्रंप वास्तव में एक महान शांतिदूत हैं। भारत और चीन के बीच इस उभरती हुई सुलह को बढ़ावा देने का सारा श्रेय उन्हें ही जाता है।" उन्होंने आगे कहा, "उन्होंने अकेले ही भारत को एक दुश्मन की तरह व्यवहार करके यह सब हासिल किया है।" इस मामले पर भारत या चीन की तरफ से फिलहाल आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा जा रहा है।  

जिनपिंग का बड़ा प्लान? ताइवान की सीमा में घुसे दर्जनों चीनी लड़ाकू विमान

ताइपे  ताइवान को लेकर चीनी राष्ट्रपति का क्या योजना है? इस मुद्दे पर अक्सर चर्चा होती रहती है। चर्चा की वजह भी स्पष्ट है। बार-बार चीनी विमान और जहाज ताइवान की सीमा में घुसपैठ करते हैं। एक बार फिर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के विमान और जहाज दिखाई दिए हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने गुरुवार सुबह 6 बजे तक अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र के आसपास 41 चीनी सैन्य विमानों, सात नौसैनिक जहाजों और एक आधिकारिक जहाज की मौजूदगी का पता लगाया। मंत्रालय के अनुसार, 41 विमानों में से 21 ने मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ (एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन) में प्रवेश किया। ADIZ वह क्षेत्र है जहां प्रवेश करने वाले विमानों की पहचान की जाती है ताकि देश अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। सुबह 6 बजे दिखे विमान और जहाज रक्षा मंत्रालय ने X पर एक पोस्ट में कहा कि आज सुबह 6 बजे तक ताइवान के आसपास 41 PLA (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) विमान, 7 PLA नौसेना जहाज और 1 आधिकारिक जहाज देखे गए। इनमें से 24 विमानों ने मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में प्रवेश किया। हमने स्थिति पर नजर रखी और उचित जवाब दिया। गौरतलब है कि बुधवार को भी ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने PLA के 23 विमानों, 7 PLA नौसेना जहाजों और एक आधिकारिक जहाज को अपने क्षेत्र के आसपास देखे थे। मंत्रालय ने कहा कि 23 विमानों में से 16 ने मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में प्रवेश किया। चीन 'क्षेत्रीय उपद्रवी' ताइवान के विदेश मंत्री लिन चिया-लंग ने चीन को 'क्षेत्रीय उपद्रवी' करार दिया था। उन्होंने यह बयान तब दिया जब सोलोमन द्वीप ने ताइवान और अमेरिका सहित अन्य वार्ता भागीदारों को आगामी प्रशांत द्वीप समूह फोरम (PIF) नेताओं की बैठक से रोक दिया था। ताइपे टाइम्स के अनुसार, लिन ने 'प्रशांत तरीके' की बात करते हुए कहा कि सभी को शामिल करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि वार्ता भागीदारों को बाहर करने से फोरम की आम चुनौतियों का सामना करने की क्षमता कमजोर होगी। झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाता वहीं, ताइवान पर चीन के दावों को खारिज करते हुए लिन ने कहा कि पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना ने एक दिन भी ताइवान पर शासन नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रस्ताव 2758 में ताइवान का कोई जिक्र नहीं है। लिन ने चीन के दावे को 'सम्राट के नए कपड़े' बताते हुए कहा कि एक झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाता। लिन ने आगे कहा कि ताइवान गहरे अंतरराष्ट्रीय सहयोग, व्यावहारिक योगदान और निरंतर राजनयिक पहुंच के माध्यम से चीन के दबाव का मुकाबला कर रहा है। ताइवान दुनिया के अन्य देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि चीन के प्रभाव को कम किया जा सके।  

सियासी घमासान के बीच अदालत का हस्तक्षेप, राजस्थान पुलिस भर्ती पर लगा ब्रेक

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट ने गुरुवार, 28 अगस्त 2025 को बहुचर्चित पुलिस उप-निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा 2021 रद्द कर देने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस भर्ती को लेकर लंबे समय से चल रही पेपर लीक और गड़बड़ी की जांच के बाद हाईकोर्ट ने इस निर्णय तक पहुंचा। एसआई भर्ती 2021 मामले की लंबी सुनवाई के बाद फैसला न्यायमूर्ति समीर जैन की खंडपीठ ने 14 अगस्त 2025 को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। अदालत ने सुनवाई के दौरान बहुत गंभीर रुख अपनाया और कहा कि यह 'साधारण मामला नहीं' है। पेपर लीक और मिलीभगत के खुलासों के बाद अब मिला न्याय! सरकार ने बॉडी के सामने माना कि भर्ती में कुल 68 उम्मीदवारों की मिलीभगत सामने आई थी, जिसमें 54 ट्रेनी SI, 6 चयनित उम्मीदवार तथा 8 फरार उम्मीदवार शामिल थे। आरोपों की गुत्थी सुलझाने के लिए SIT जांच कर रही थी। सरकार और विपक्ष के बीच सियासत, हनुमान बेनीवाल भी सड़कों पर उतरे राज्य सरकार ने अदालत में स्पष्ट किया कि इस स्तर पर भर्ती को रद्द करना उपयुक्त नहीं है। इसके पीछे कारण था कि केवल कुछ ही उम्मीदवार आरोपों की गिरफ्त में हैं, और शेष अधिकांश उम्मीदवार निष्कलंक हैं। कैबिनेट उप-समिति ने भी भर्ती जारी रखने की सिफारिश की थी, जिसे मुख्यमंत्री की ओर से अनुमोदित किया गया। नागौर से RLP सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भर्ती रद्द नहीं की गई क्योंकि 'सरकार को इसका श्रेय नहीं मिलेगा।' उन्होंने दिल्ली कूच करने वाली युवाओं के आंदोलन का समर्थन किया। अदालत में अंतिम दलीलों की सुनवाई 2 अगस्त 2025 को हुई थी, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया में सुरक्षा की विफलता और प्रक्रिया की ईमानदारी पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने कहा कि गलत तरीके से चुने गए उम्मीदवारों को बरकरार रखना कानून-व्यवस्था की दृष्टि से खतरनाक हो सकता है।