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सफलता का मंत्र: प्रेमानंद जी की ये 5 बातें बदल देंगी आपका जीवन

जीवन में हर कोई सफल होना चाहता है। सफलता के मायने सभी के लिए अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए अपने करियर में आगे बढ़ना और जीवन में ऊंचाई हासिल करना ही सफलता का पैमाना होता है। इस सफलता की और हर कोई दौड़ भाग कर रहा है लेकिन ढेर सारी मेहनत के बाद भी ये हर किसी के हाथ नहीं लगती। प्रेमानंद जी महाराज अक्सर अपने प्रवचनों में जीवन से जुड़ी इन्हीं बातों को साझा करते हैं। उनका मानना है कि लोगों में कुछ खास गुण होते हैं जो उन्हें बाकियों से अलग बनाते हैं। अगर आप भी ये आदतें अपने जीवन में उतार लें तो सफलता पाने से आपको कोई नहीं रोक सकता। आइए जानते हैं प्रेमानंद जी महाराज के बताए सक्सेस मंत्र। पॉजिटिव नजरिया रखना है सबसे जरूरी प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि सफल होना है तो अपने जीवन में हर चीज को ले कर एक सकारात्मक नजरिया होना जरूरी है। दरअसल असफलता और सफलता के बीच सबसे बड़ा फर्क ही दृष्टिकोण का होता है। कोई किसी चीज को असफलता मानकर हताश हो कर बैठ जाता है तो वहीं पॉजिटिव सोच वाला व्यक्ति अपनी गलतियों को स्वीकार करता है और पूरी लगन के साथ दोबारा प्रयास करता है। सकारात्मक नजरिया रखने वाले मानसिक रूप से भी शांत, खुश और बेहद सुलझे हुए होते हैं, जिस वजह से उनके सफल होने के चांस बढ़ जाते हैं। सफलता के सूत्र हैं, धैर्य और समर्पण प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि सफल होने के लिए व्यक्ति में भरपूर धैर्य और समर्पण की भावना जरूर होनी चाहिए। सफलता कोई एक दिन में मिलने वाली चीज नहीं हैं। इस तक पहुंचने के लिए ढेर सारे प्रयास करने पड़ते हैं और कई बार असफलता का मुंह देखना पड़ता है। ऐसे में अगर व्यक्ति में धैर्य नहीं है तो सफलता तक पहुंचना बहुत मुश्किल हो जाएगा। इसके साथ ही सफल होने के लिए अपने लक्ष्य की प्रति पूरी तरह समर्पित होना भी बेहद जरूरी है। सफलता सबसे पहले अपना समर्पण मांगती है, फिर ही आपको उसके परिणाम देखने को मिलते हैं। भाग्य से ज्यादा कर्म में करें विश्वास जो लोग अपने कर्मों पर विश्वास रखते हैं, उन्हें देर-सवेर सफलता मिल ही जाती है। प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि अपने भाग्य के भरोसे रहने वालों के हाथ निराशा ही लगती है। क्योंकि भाग्य को आकार देने का काम व्यक्ति के कर्म करते हैं। जो व्यक्ति बिना फल की चिंता किए हुए कर्म करने पर ध्यान देता है, उसे जीवन में निराशा कभी नहीं मिलती। इसलिए कोई भी लक्ष्य पाना है तो मन में ये बात बैठा लें कि आपको उसके लिए मेहनत करनी पड़ेगी, इसके अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। मन को भीतर से शांत रखना है जरूरी प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि कुछ भी करने से पहले व्यक्ति का भीतर से शांत होना बेहद जरूरी है। जब व्यक्ति भीतर से शांत होता है तो बाहर की अशांति उसे विचलित नहीं करती। कितनी भी कठिन परिस्थिति को वो आराम से सोच-समझकर हल कर ही लेता है। इसके ठीक उलट यदि कोई व्यक्ति मानसिक रूप से बेचैन हो, उसका मन शांत ना हो, तो उसके लिए आसान चीजें भी मुश्किल हो जाती हैं। इस हालत में सफलता के बारे में सोचना ही उस व्यक्ति के लिए मुश्किल हो जाता है। घातक हो सकता है अहंकार का भाव प्रेमानंद ही महाराज कहते हैं कि अहंकार का भाव किसी भी व्यक्ति के विनाश का कारण बन सकता है। कोई व्यक्ति कितना भी विद्वान हो, हर चीज में बेहतर क्यों ना हो लेकिन यदि उसमें अहंकार का भाव आ जाए, तो उसका गिरना तय है। इसलिए सफलता के शीर्ष तक पहुंचना है तो अहंकार के भाव को अपने अंदर कभी ना आने दें। ध्यान रहे आप कितने भी बड़े क्यों ना हो जाएं गलतियां कर सकते हैं, लेकिन अगर आप में उन गलतियों को स्वीकार करने और उनसे सीखने का भाव है, तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

न्यायिक प्रक्रिया में बदलाव: हाईकोर्ट ने नोटिस भेजने के लिए स्पीड पोस्ट को दी मंजूरी

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है. अब कोर्ट से जुड़े नोटिस और दस्तावेज अब स्पीड पोस्ट से भेजे जाएंगे. इससे नोटिस और दस्तावेज की डिलीवरी प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होने के साथ न्यायिक कार्रवाई में तेजी आएगी. हाईकोर्ट का ताजा फैसला न्यायिक प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. इस फैसले के साथ ही अब अधिकारियों और पक्षकारों की बहानेबाजी नहीं चलेगी, अब देरी का हवाला नहीं दे पाएंगे. इसके साथ ही लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी.

पंजाब कांग्रेस संकट: पूर्व मंत्रियों ने हाईकमान के फार्मूले को ठुकराया

लुधियाना 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में एकजुटता का माहौल बनाने के लिए हाईकमान की एंट्री हो गई है, जिसके तहत पंजाब में उलझ रहे कांग्रेस के बड़े नेताओं की जफ्फी दिल्ली पहुंच कर पड़ गई।  इस संबंध में फोटो बाकायदा पंजाब प्रधान राजा वडिंग व पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा अपने सोशल मीडिया पर वायरल की गई है। जो पिछले काफी समय से पंजाब में चल रही संविधान बचाओ रैली में इकट्ठे हिस्सा लेने की बजाय एक दूसरे के खिलाफ गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।  इस फोटो में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के सी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल के अलावा पंजाब के नेता विपक्ष प्रताप बाजवा, पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा, पूर्व मंत्री विजय इन्द्र सिंगला व प्रगट सिंह भी नजर आ रहे हैं।  यह फोटो राहुल गांधी व मल्लिकाअर्जुन खड़गे द्वारा संगठन सर्जन अभियान के तहत दिल्ली में बुलाई गई सियासी मामलों की कमेटी की बैठक के बाद जारी की गई है। मिली जानकारी के मुताबिक इस मीटिंग में जहां विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर विचार किया गया। वहीं उससे पहले एकजुटता पर भी जोर दिया गया जिसके लिए हाईकमान के दखल की जरूरत बताई गई,  क्योंकि पंजाब कांग्रेस में चल रही लड़ाई की मुख्य वज़ह मुख्यमंत्री का चेहरा बनने की है। सूत्रों के अनुसार सीनियर नेताओं ने इस दौड़ मे शामिल पंजाब के नेताओं को साफ कर दिया है कि पहले राज्य में पार्टी की मजबूती के लिए काम करें और मुख्यमंत्री के नाम को लेकर हाईकमान द्वारा  जो भी फैसला किया जाएगा, वो सबको मानना पड़ेगा।  इसके बाद उक्त नेताओं द्वारा आपसी मनमुटाव खत्म करने की गारंटी के साथ एक फ्रेम में फोटो जारी की गई है , जिसके चलते आने वाले समय में पंजाब में कांग्रेस की राजनीति में बदलाव देखने को मिलेगा।   राणा गुरजीत व आशु की गैर मौजूदगी को लेकर छिड़ी चर्चा दिल्ली में लंबे समय तक हुई मीटिंग के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कोर भट्ठल के पूर्व मंत्री रजिया सुल्तान, साधु सिंह धर्मसौत, राणा के पी, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, ओ पी सोनी, सुखसरकारीया, रणदीप नाभा, गुरुकीरत सिंह, एमपी डॉ अमर सिंह, गुरजीत ओजला, पूर्व एमपी जसबीर सिंह डिम्पा, विधायक सुखपाल खेहरा, कुलजीत नागरा मौजूद थे लेकिन दोनों मीटिंग के अलावा समझोता फोटो में से राणा गुरजीत व आशु की गैर मौजूदगी को लेकर चर्चा छिड़ गई है। क्योंकि यह दोनों ही नेता खुलकर राजा वडिंग के ग्रुप का विरोध कर रहे हैं। हालांकि उनके ग्रुप से चन्नी व प्रगट सिंह तो इस सुलह में शामिल हो गए हैं। लेकिन राणा गुरजीत व आशु की गैर मौजूदगी को लेकर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वह विधानसभा चुनाव से पहले एकजुटता की जरूरत के मद्देनजर हाईकमान द्वारा अपनाए गए फार्मूले से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।   

पंजाब में भारी बारिश की तबाही, अब तक 3 लोगों की मौत

गुरदासपुर पंजाब में भारी बारिश की तबाही के बीच अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी बीच गुरदासपुर से दुखद खबर सामने आ रही है कि, यहां  बाढ़ के पानी में डूबने से  महिला की मौत हो गई।   मृतक की पहचान कुलविंदर कौर (45) के रूप में हुई है, जो  डेरा बाबा नानक के गांव खोदे बेट की रहने वाली थी। बताया जा रहा है कि मृतका कुलविंदर कौर अपने बुज़ुर्ग भाई के साथ गुरुद्वारा साहिब दर्शन करने गई थी। दर्शन करने के बाद जब वह घर लौट रही थी तो पानी अधिक होने के कारण उसका पैर सड़क से फिसल गया और वह एक गहरे गड्ढे  में गिर गई। गड्ढे में पानी बहुत ज्यादा होने के कारण कुलविंदर कौर डूब गई और कुछ दूरी तक पानी में बहती रही। स्थानीय लोगों ने उसे देखते ही बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुलविंदर कौर के भाई और स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी ज़्यादा होने के कारण उसे कुछ समय गुरुद्वारा साहिब में ही रुकना पड़ा था। लेकिन जब वह घर जाने के लिए निकली तो पैर फिसलने से यह दुखद हादसा हो गया। 

महिलाओं के लिए खुशखबरी: हरियाणा सरकार 25 सितंबर से देगी 2100 रुपए

हिसार  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट मिटिंग के बाद प्रेस कॉन्फेंस की। प्रेस कॉन्फेंस में सीएम सैनी ने बड़ी घोषणा की कि महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ 25 सितंबर से मिलेगा। आज कैबिनेट मीटिंग में महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और सम्मान के लिए "लाडो लक्ष्मी योजना" को लागू करने का निर्णय लिया गया। इस योजना का शुभारम्भ पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी की जयंती पर 25 सितंबर 2025 से होगा।  23 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को मिलेगा इस योजना का लाभ  इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 25 सितंबर 2025 को हरियाणा की 23 वर्ष आयु या उससे अधिक आयु की महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसमें विवाहित और अविवाहित दोनों ही तरह की महिलाओं को लाभ मिलेगा। पहले चरण में उन परिवारों को शामिल किया गया है, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम होगा। इस योजना में आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से अन्य आय समूह को भी शामिल किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए अविवाहित महिला या विवाहित महिला के पति का हरियाणा में पिछले 15 साल से मूल निवासी होने चाहिए।  परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं इस योजना के तहत एक परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यदि एक परिवार में 3 महिलाएं हैं, तो उन तीनों महिलाओं को लाभ मिलेगा। सरकार द्वारा पहले से चलाई जा रही ऐसी 9 योजनाओं, जिनमें आवेदिका को पहले से ही अधिक राशि की पेंशन का लाभ मिल रहा है, उन्हें लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। स्टेज 3 और 4 कैंसर पीड़ित मरीजों (महिलाओं), सूचीबद्ध 54 दुर्लभ बीमारियों, हीमोफिलिया, थैलेसिलमिया और सिकल सेल से पीड़ित मरीज़ों पहले से पेंशन मिल रही है। पहले चरण में लगभग 20 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ- सीएम सैनी इन महिलाओं को इस योजना का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। जिस दिन कोई अविवाहित लाभार्थी 45 वर्ष की आयु पूरा करेगी उस दिन वे ऑटोमैटिक विधवा और निराश्रित महिला को वित्तीय सहायता योजना के लिए पात्र हो जाएंगी। जिस दिन लाभार्थी महिला 60 वर्ष की आयु की होगी, उस दिन वे ऑटोमैटिक वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पेंशन योजना के लिए पात्र हो जाएगी। पहले चरण में इस योजना का लाभ लगभग 19-20 लाख महिलाओं को मिलेगा। आज की कैबिनेट के बाद आने वाले 6 या 7 दिनों में हम न केवल योजना की गजट नोटिफिकेशन कर देंगे, वरन एक ऐप भी लॉन्च करेंगे।  सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ पाने के लिए महिला या उसके पति का प्रदेश में कम से कम 15 साल निवास होना अनिवार्य है. प्रशासन का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगी. कैबिनेट मीटिंग के बाद रमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज प्रेस वार्ता कर बताया कि विधानसभा सत्र खत्म होने के अगले ही दिन केवल एक एजेंडा के लिए मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई. बैठक में महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ को मंजूरी दी गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गरीबों और जरूरतमंदों के हित में लगातार कल्याणकारी योजनाएँ चला रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत के चार स्तंभों में महिलाओं की अहम भूमिका को रेखांकित किया है. केंद्र सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार नई योजनाएँ लागू कर रही है और हरियाणा सरकार भी उसी दिशा में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान जारी संकल्प पत्र को उनकी सरकार गीता के समान मानती है और उसमें किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. 25 सितंबर 2025 से इस योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी की जयंती पर, यानी 25 सितंबर 2025 से इस योजना का शुभारंभ होगा. योजना के तहत 23 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को हर माह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी. इसमें विवाहित और अविवाहित दोनों प्रकार की महिलाएं शामिल होंगी.   योजना की प्रमुख विशेषताएँ:     पहले चरण में उन परिवारों को शामिल किया गया है, जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये तक है.     आने वाले समय में अन्य आय समूहों को भी चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा.     लाभ लेने के लिए अविवाहित महिला का या विवाहित महिला के पति का हरियाणा में 15 साल का मूल निवासी होना जरूरी है.     एक परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा. अगर एक परिवार में 3 महिलाएं हैं, तो तीनों को लाभ मिलेगा.     सरकार द्वारा पहले से चलाई जा रही 9 ऐसी योजनाओं में, जिनमें आवेदिका को अधिक पेंशन मिल रही है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.     कैंसर स्टेज-3 और 4 मरीजों, 54 दुर्लभ बीमारियों, हीमोफिलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल से पीड़ित महिलाओं को पहले से मिल रही पेंशन के अतिरिक्त इस योजना का भी लाभ मिलेगा.     45 वर्ष की आयु पूरी करने पर अविवाहित महिला ऑटोमैटिक विधवा/निराश्रित महिला पेंशन योजना की पात्र बन जाएगी.     60 वर्ष की आयु पूरी होने पर लाभार्थी महिला वृद्धावस्था पेंशन योजना की पात्र हो जाएगी. पहले चरण में 19-20 लाख महिलाओं को लाभ मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में लगभग 19 से 20 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा. कैबिनेट की मंजूरी के बाद अगले 6-7 दिनों में इसका गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा और एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा. इस ऐप के जरिए पात्र महिलाएं घर बैठे आवेदन कर सकेंगी. सरकार सभी संभावित लाभार्थियों को एसएमएस भेजकर आवेदन करने के लिए प्रेरित करेगी. साथ ही पंचायतों और वार्डों में लाभार्थियों की सूची प्रकाशित की जाएगी और ग्राम सभाओं व वार्ड सभाओं को सूची पर आपत्ति दर्ज करने का अधिकार होगा. मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह योजना प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने … Read more

निवेश के लिए खुले दरवाज़े: मुख्यमंत्री साय ने दक्षिण कोरियाई निवेशकों को किया आमंत्रित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन और निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी प्रो-एक्टिव एवं विकासोन्मुख औद्योगिक नीति 2024–30, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों और प्रशिक्षित जनशक्ति के बल पर वैश्विक निवेश और औद्योगिक सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोरियाई ब्रांड हर भारतीय घर का हिस्सा हैं। एलजी, सैमसंग, हुंडई जैसी कंपनियां गांव-गांव तक पहुंच चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में जल, ऊर्जा, लौह अयस्क व स्टील और बेहतरीन कनेक्टिविटी उपलब्ध है। ये संसाधन दक्षिण कोरियाई निवेशकों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलते हैं। मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार सिंगल-विंडो क्लीयरेंस, व्यवसाय सुगमता और उद्योग-अनुकूल नीतियों के माध्यम से प्रत्येक निवेशक को हर स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज खनिज, ऊर्जा, इस्पात, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और आईटी-स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में वैश्विक निवेश का स्वागत कर रहा है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को रोजगार, महिलाओं को स्वावलंबन और किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण भी हमारी प्राथमिकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने भारत के राजदूत अमित कुमार से भारतीय दूतावास, सियोल में मुलाक़ात कर छत्तीसगढ़ में निवेश संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने स्टील और खनिज से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स व फूड प्रोसेसिंग तक, मजबूत द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया है। मुख्यमंत्री साय ने दक्षिण कोरिया और छत्तीसगढ़ के बीच सांस्कृतिक एवं कारोबारी रिश्तों को रेखांकित करते हुए कहा कि इन साझेदारियों से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, अनुसंधान एवं नवाचार और उच्च मूल्य रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। उन्होंने कोरियाई निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ को अपने नए औद्योगिक निवेश स्थल के रूप में चुनें और साझा समृद्धि की इस यात्रा का हिस्सा बनें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं निवेश संवर्धन एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

सिर्फ 30 दिन में हाई कोर्ट जज का तबादला, उठ रहे सवाल और चर्चाओं का दौर

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उच्च न्यायालयों के कई जजों के स्थानांतरण की सिफारिश की है। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस अरुण मोंगा की है। उन्हें राजस्थान हाई कोर्ट भेजा गया है, जहां से एक महीने पहले ही वह दिल्ली आए थे और 21 जुलाई को शपथ ली थी। ऐसे में इस बात को लेकर चर्चा है कि आखिर एक महीने के अंदर ही ऐसा क्या हो गया कि उच्च न्यायालय के जज को राजस्थान वापस भेज दिया गया। कुल 14 जजों का बुधवार को ट्रांसफर करने की सिफारिश कॉलेजियम की ओर से की गई। चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली कॉलेजियम की मीटिंग 25 और 26 अगस्त को हुई थी। दिल्ली हाई कोर्ट के एक और जज टीवी गंजू का कर्नाटक हाई कोर्ट में हुआ है। इसके अलाला राजस्थान हाई कोर्ट से जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस अवनीश झिंगन का ट्रांसफर भी दिल्ली उच्च न्यायालय हुआ है। केरल से जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा को भेजा गया है। कॉलेजियम की सिफारिशों पर मुहर लगने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय में जजों की संख्या 45 हो जाएगी। इस उच्च न्यायालय में मंजूर जज के पदों की संख्या 60 है। आमतौर पर पूरा कोरम किसी भी उच्च न्यायालय में कम ही रहता है। खासतौर पर इलाहाबाद हाई कोर्ट में ऐसा मुश्किल होता है, जहां जज के पदों की मंजूर संख्या 160 है। फिलहाल यहां 84 जज ही हैं। बता दें कि जस्टिस अवनीश झिंगन का ट्रांसफर पहले पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से गुजरात हुआ था। फिर वह राजस्थान लाए गए और अब दिल्ली की तैयारी है। बता दें कि जस्टिस अरुण मोंगा तो मूलत: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के ही जज हैं। उन्हें राजस्थान भेजा गया था और फिर दिल्ली आए तो 21 जुलाई को शपथ ली थी। लेकिन अब एक महीने के अंतराल पर ही वापस राजस्थान हाई कोर्ट भेजने की तैयारी है। अरुण मोंगा ने वकालत की प्रैक्टिस 1991 में शुरू की थी। दिल्ली में करीब 20 साल तक वकालत करने के बाद 2018 में वह हाई कोर्ट के जज बने थे।  

फॉरेक्स मार्केट में बढ़त: रुपया 6 पैसे उछला, ₹87.63 पर पहुंचा

मुंबई  अमेरिका के डबल टैरिफ अटैक का लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में असर देखने को मिला और गिरावट के साथ ओपनिंग करने के बाद गुरुवार को भी सेंसेक्स-निफ्टी रेड जोन में क्लोज हुए. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 6 पैसे बढ़कर ₹87.63 पर बंद हुआ, बुधवार को भारत पर 50% टैरिफ लागू होने से पहले मंगलवार को बाजार में तगड़ी गिरावट आई थी, जो आज भी जारी रही और कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स 705 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी ने भी 211 अंक फिसलकर कारोबार क्लोज किया. इस दौरान आईटी और बैंकिंग स्टॉक्स में तेज गिरावट देखने को मिली.यहां बता दें कि बुधवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर शेयर बाजार में हॉलिडे घोषित था.  दिनभर गिरावट के साथ हुआ कारोबार बुधवार 27 अगस्त को जहां भारत पर ट्रंप का एक्स्ट्रा 25% टैरिफ लागू हुआ था, तो वहीं शेयर बाजार में गणेश चतुर्थी की छुट्टी थी, लेकिन गुरुवार को जब मार्केट ओपन हुआ तो टैरिफ अटैक का असर साफ देखने को मिला. बीएसई का सेंसेक्स 80,754 पर ओपन हुआ और फिर कुछ ही देर में इसमें गिरावट बढ़ती गई और ये 600 अंक से ज्यादा फिसल गया. लेकिन फिर अचानक से तेज रिकवरी भी नजर आने लगी और गिरावट 250 अंक के आसपास रह गई, लेकिन आखिरी कारोबारी घंटे में ये भी फिर बिखरने लगा और अंत में 705 अंक की गिरावट लेकर 80,080.57 पर क्लोज हुआ. इससे पिछले कारोबारी दिन मंगलवार को सेंसेक्स 849 अंक टूटकर बंद हुआ था. सेंसेक्स की तरह ही एनएसई निफ्टी का भी हाल रहा और ये भी लाल निशान पर क्लोज हुआ. 24,695.80 पर ओपनिंग करने के बाद इस इंडेक्स ने 211 अंक फिसलकर 24,500 पर क्लोजिंग की.मंगलवार को एनएसई का ये इंडेक्स फिसलकर 24,712 पर बंद हुआ था.  सबसे ज्यादा बिखरे ये शेयर  शेयर मार्केट में गुरुवार को आई इस गिरावट के बीच सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल एचसीएल टेक (2.85%), इंफोसिस शेयर (1.95%), पावरग्रिड शेयर (1.93%), टीसीएस (1.89%) और एचडीएफसी बैंक का शेयर (1.55%) की गिरावट लेकर बंद हुआ.  मिडकैप में शामिल कंपनियों की बात करें, तो फर्स्टक्राई (5.21%), फोनिक्स लिमिडेट शेयर (3.53%), एसजेवीएन शेयर (3.12%) और भारती हेक्सा का शेयर (2.90%) फिसलकर क्लोज हुआ. स्मॉलकैप शेयरों में रैलीज शेयर (6.81%), कलामंदिर शेयर (6.30%), ओलेक्ट्रा शेयर (5.80%) फिसलकर बंद हुआ.  बाजार टूटा, लेकिन चढ़कर बंद हुए ये स्टॉक  बाजार में गिरावट के बावजूद जिन शेयरों ने बढ़त के साथ ग्रीन जोन में क्लोजिंग की, उनमें वीटीएल शेयर (12.96%), संगम इंडिया शेयर (7.39%), नाल्को शेयर (5%) की उछाल के साथ बंद हुआ, तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल  ओलेक्ट्रा शेयर (5.80%) , तो कल्याण ज्वेलर्स का स्टॉक 2.36% चढ़कर बंद हुआ. एंड्योरेंस का शेयर 2.11 फीसदी की तेजी लेकर बंद हुआ. लार्जकैप में शामिल टाइटन, मारुति और रिलायंस का शेयर बढ़त के साथ बंद हुआ. 

कुरान जलाने वाले ट्रंप उम्मीदवार का विवादित बयान, इस्लाम के खत्म न होने पर हिंसा की धमकी

टेक्सास अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की एक उम्मीदवार ने इस्लामोफोबिया में आकर कुछ ऐसी हरकतें की हैं और ऐसे बयान दिए हैं कि अब उनकी चहुंओर निंदा हो रही है। दरअसल, टेक्सास में 2026 में होने वाले चुनावों में रिपब्लिकन उम्मीदवार वैलेंटिना गोमेज़ ने कहा है कि अगर इस्लाम खत्म नहीं हुआ तो बेटियों से बलात्कार होता रहेगा और बेटों का सिर कलम होता रहेगा। गोमेज ने इस बारे में एक वीडियो बयान जारी किया है। हालांकि, चहुंओर आलोचना झेलने के बाद गोमेज़ ने वह वीडियो डिलीट कर दिया है। मीडिया के अनुसार, गोमेज ने कथित तौर पर पवित्र कुरान की एक प्रति में आग लगाते हुए "इस्लाम को खत्म करने" की कसम खाते हुए एक चुनावी वीडियो सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया था। 2026 में टेक्सास के 31वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट सीट के लिए चुनाव लड़ रही वैलेंटिना गोमेज़ ने अब वह वीडियो हटा दिया है लेकिन उनके द्वारा साझा की गई वीडियो क्लिप की व्यापक निंदा हो रही है। अमेरिका समेत अन्य देशों में भी रिपबल्किन उम्मीदवार के प्रति आक्रोश पैदा हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि टेक्सास की आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी सिर्फ एक फीसदी है। बावजूद इसके गोमेज़ ने अपने चुनाव अभियान को बार-बार इस्लामोफोबिक बयानबाजी के इर्द-गिर्द केंद्रित रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो में, गोमेज़ एक विवादास्पद संदेश देते हुए कहती हैं, "अगर हम इस्लाम को हमेशा के लिए खत्म नहीं करेंगे तो आपकी बेटियों का बलात्कार होता रहेगा और आपके बेटों का सिर कलम कर दिया जाएगा।" इसके बाद वह कैमरे के सामने कुरान जलाती हैं। 7 अक्टूबर के हमास के हमले का भी जिक्र गोमेज़ ने आगे कहा, "अमेरिका एक ईसाई राष्ट्र है, इसलिए ये आतंकवादी मुसलमान 57 मुस्लिम देशों में से किसी में भी जा सकते हैं।" वीडियो के अंत में गोमेज़ कहती हैं कि वह "ईसा मसीह द्वारा संचालित" हैं, जिससे इसमें कोई संदेह नहीं रह जाता कि धर्म उनके चुनावी संदेश के मूल में है। आलोचनाओं के बावजूद, गोमेज़ ने अपने अभियान को और भी ज़ोरदार बना दिया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “मैं अपने कार्यों पर कायम हूं और मैं उस पुस्तक के सामने कभी घुटने नहीं टेकूंगी जो 7 अक्टूबर के नरसंहार के लिए जिम्मेदार है, जिसने एबी गेट पर 13 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की जान ले ली और हमारी हत्या का आह्वान किया।” पहले भी विवादों में रहीं गोमेज़ ऐसा पहली बार नहीं हआ है, जब गोमेज़ भड़काऊ कार्रवाइयों के लिए सुर्खियों में आई हैं। मई 2025 में, उन्होंने टेक्सास स्टेट कैपिटल में एक मुस्लिम नागरिक सहभागिता कार्यक्रम में धावा बोल दिया था और इस्लाम विरोधी भाषण देने से पहले माइक्रोफ़ोन छीन लिया था। उस कार्यक्रम के वीडियो फुटेज में उन्हें यह कहते हुए दिखाया गया था, "टेक्सास में इस्लाम के लिए कोई जगह नहीं है। कांग्रेस में मेरी मदद करें ताकि हम अमेरिका के इस्लामीकरण को रोक सकें। मैं सिर्फ़ ईश्वर से डरती हूँ।"  

वैष्णो देवी त्रासदी में यूपी के 11 भक्तों की जान गई, बारिश बनी तबाही की वजह

लखनऊ  जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में बीते मंगलवार को एक बड़ा हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। माता वैष्णो देवी मंदिर के रास्ते पर भूस्खलन की चपेट में आकर 34 लोगों की जान चली गई, जिनमें उत्तर प्रदेश के 11 श्रद्धालु भी शामिल हैं। इस दुखद घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताते हुए मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शवों को जल्द से जल्द और सम्मानपूर्वक उनके घर पहुंचाया जाए। कैसे हुआ हादसा? मिली जानकारी के मुताबिक, बीते मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे तेज बारिश के कारण माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले रास्ते पर अर्धकुंवारी के पास भयानक भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा श्रद्धालुओं पर गिर गया। इस हादसे में 34 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज जम्मू के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं की पहचान प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक आगरा से 3 लोग, मुजफ्फरनगर से 3 लोग, बरेली से 1 और अन्य जिलों से 4 लोग इस हादसे में मारे गए हैं। बागपत की रहने वाली चांदनी (23) और उनकी बड़ी बहन नीरा (36) भी इस हादसे में मारी गईं। चांदनी की शादी इसी साल अप्रैल में खेकड़ा निवासी मयंक गोयल से हुई थी। नीरा की शादी मेरठ के अमित जौहरी से हुई थी। मयंक, अमित और उनकी 10 साल की बेटी विधि हादसे में बुरी तरह घायल हुए हैं और अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिवार वालों को हादसे की खबर एक अस्पताल कर्मचारी के फोन से मिली। फिर वे तुरंत जम्मू के लिए रवाना हुए। योगी सरकार की मदद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया। अधिकारियों को शवों को सम्मानपूर्वक घर भेजने और घायलों को बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि उत्तर प्रदेश के कितने लोग इस हादसे से प्रभावित हुए हैं, लेकिन 11 मृतकों की पहचान हो चुकी है।   तेज बारिश और राहत-बचाव कार्य जम्मू में पिछले 4 दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटों में 380 मिमी बारिश हुई, जो कि इतिहास में सबसे ज्यादा है। इस बारिश के कारण भूस्खलन, बाढ़ और ट्रैफिक जाम जैसी दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। राहत कार्य में जुटे दल: – NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) – भारतीय सेना – स्थानीय प्रशासन – भारतीय वायुसेना ने C-130 विमान से राहत सामग्री भेजी है। – Mi-17 V5 और चिनूक हेलीकॉप्टर भी तैयार रखे गए हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रियों के लिए नई एडवाइजरी जारी कर दी है और यात्रा को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है।