samacharsecretary.com

बुधवार का राशिफल: 3 सितम्बर को इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा पैसा और सफलता

मेष राशि– आज का दिन आपके लिए अच्छा रहने वाला है। माता-पिता का सहयोग मिलने से वित्तीय परेशानियां खत्म हो सकती हैं। आज किसी खास व्यक्ति से आपको सरप्राइज मिल सकता है। आप कार्यस्थल पर अच्छा महसूस करेंगे। आज आपके सहकर्मी आपके काम की तारीफ करेंगे और आपके बॉस भी आपकी तरक्की से खुश नजर आएंगे। कारोबारी भी आज कारोबार में मुनाफा कमा सकते हैं। वृषभ राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। आप अपने लक्ष्यों को पाने में सफल रहेंगे। शादीशुदा लोगों का दिन अच्छा रहने वाला है। आर्थिक व व्यापारिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। मिथुन राशि- आज आवेग में आकर कोई फैसला न लें। परिवार में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। इमोशनल फीलिंग्स को दबाकर रखें। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। यात्रा आनंददायक और लाभदायक रहेगी। आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य थोड़ा खराब हो सकता है। कर्क राशि– आज आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। संतान की सेहत का ध्यान रखें। कार्यस्थल पर आपको अच्छे बदलाव का अनुभव हो सकता है। अगर आप जल्दबाजी में फैसले पर पहुंचेंगे और बेकार की कार्रवाई करेंगे तो यह एक परेशान करने वाला दिन होगा। सिंह राशि- आज के दिन की शुरुआत योग और ध्यान से करने से मानसिक रूप से फिट रहेंगे। जमीन से जुड़े किसी मामले पर पैसा खर्च करना पड़ सकता है। आज कार्यस्थल पर आपके विचारों को सुना जाएगा और स्वीकार किया जाएगा। व्यावसायिक उन्नति मिल सकती है। आप अपने जीवनसाथी के साथ रोमांटिक दिन बिताएंगे। कन्या राशि- आज आपके कारोबार में वृद्धि हो सकती है। किसी महत्वपूर्ण काम के निपटने से मानसिक शांति का अनुभव करेंगे। आर्थिक लाभ होगा। ऑफिस में सावधान रहें क्योंकि कोई आपकी छवि खराब करने की कोशिश कर सकता है। आप अपने जीवनसाथी से नाराज महसूस कर सकते हैं। तुला राशि- आज आपके मूड में बदलाव हो सकता है। आपकी करियर की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं। किसी लक्ष्य को पाना आज आपके लिए आसान नहीं होगा। ऑफिस में ईमानदारी से काम करते रहें। प्यार के आनंद का अनुभव करने वाला कोई मिल सकता है। यात्रा से लाभ मिलेगा। वृश्चिक राशि- आज आपका मन परेशान रहेगा। बेकार के क्रोध से बचें। पिता की सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में बदलाव के योग हैं। किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। अपनों का साथ मिलेगा। जिस चीज की जरूरत होगी उसकी उपलब्धता भी होगी। धनु राशि- आज आपकी मेहनत रंग लाएगी। आज अपनी ऊर्जा बचाकर रखें। कई स्रोतों से धन लाभ होगा। आप कर्ज चुकाने में सफल रहेंगे। किसी भी नई साझेदारी पर साइन करने से दूर रहें। आज का दिन एकांत में बिताना आपके लिए अच्छा रहेगा। जीवनसाथी के साथ एक यादगार दिन बिताएंगे। मकर राशि- आज दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करें। पैसे को रियल एस्टेट में निवेश करना अच्छा रहेगा। घरेलू मामलों को निपटाने के लिए दिन अनुकूल रहने वाला है। नौकरी पेशा की तैयारी करने वालों को सफलता मिल सकती है। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। कुंभ राशि- आज धन की स्थिति में सुधार होगा। आकस्मिक स्रोत से धन का आगमन होगा, जिससे आर्थिक स्थिरता मिल सकती है। परिवार में वाद-विवाद से दूर रहें। व्यापारिक प्लानिंग सफल होंगी। आप अपना खाली समय अपनी जरूरतों को पूरा करने में लगाना चाहेंगे, लेकिन कोई जरूरी काम आ जाने के कारण आप ऐसा नहीं कर पाएंगे। मीन राशि- आज आपके मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। परिवार का साथ मिलेगा। किसी राजनेता से भेंट हो सकती है। कारोबार में किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। आर्थिक लाभ बढ़ेगा। नौकरी पेशा करने वालों के लिए दिन अच्छा रहने वाला है।

‘द ग्रेटेस्ट’ माने जा चुके खिलाड़ी को मिला मौका, पहली बार खेलेंगे SKY की कप्तानी में

नई दिल्ली 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद सूर्यकुमार यादव ने रोहित शर्मा की जगह भारत के टी20I कप्तान का पद संभाला। हालांकि, हार्दिक पांड्या लंबे समय तक रोहित शर्मा के उप-कप्तान रहे थे। वह कप्तान बनने की रेस में सबसे आगे थे। हालांकि, चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने सूर्यकुमार को ही चुना। पदभार संभालने के बाद से उन्होंने अपनी कप्तानी से प्रभावित किया है। भारत को ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका सहित अन्य देशों के खिलाफ टी20I सीरीज में जीत दिलाई है। इन जीतों ने न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है, बल्कि आगामी एशिया कप और 2026 टी20 विश्व कप के लिए एक मजबूत नींव भी रखी है।   10 सितंबर को भारत खेलेगा पहला मैच गौरतलब है कि भारत अपने एशिया कप अभियान की शुरुआत 10 सितंबर को यूएई के खिलाफ करेगा। भारतीय टीम 4 सितंबर को फिर से मैदान पर उतरेगी और अगले दिन से ट्रेनिंग कैंप शुरू होगा। उससे पहले जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता पर बड़ा सवाल बना हुआ है। पहली बार सूर्या की कप्तानी में खेलेंगे बुमराह दिलचस्प बात यह है कि बुमराह एकमात्र ऐसे भारतीय क्रिकेटर हैं, जिन्होंने अपने करियर में कभी भी सूर्यकुमार की कप्तानी में नहीं खेला। इस आक्रामक बल्लेबाज ने मुंबई इंडियंस की भी कप्तानी की है, लेकिन बुमराह उन मैचों में भी नहीं खेले। एशिया कप के दौरान बुमराह पहली बार सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में खेलेंगे। बता दें कि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने भारत की सलामी जोड़ी के रूप में खुद को साबित किया है। पिछले एक साल में उन्होंने लगभग सभी विरोधियों पर दबदबा बनाया है और मध्यक्रम में अपनी बादशाहत कायम की है। हालांकि, शुभमन गिल को टीम का उप-कप्तान बनाए जाने के बाद इस जोड़ी पर खतरा मंडरा रहा है। सैमसन तीन नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं। थिंक टैंक से सामने चुनौती ऐसे में सूर्यकुमार चौथे, तिलक वर्मा पांचवें और हार्दिक पांड्या छठे नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं। हालांकि, यह देखने वाली बात होगी कि भारतीय टीम प्रबंधन और थिंक टैंक ने क्या प्लान बनाया है। यह तो एशिया कप शुरू होने के बाद ही पता चलेगा।  

‘आप’ पार्टी ने शुरू किया राष्ट्रव्यापी अभियान, पंजाब बाढ़ पीड़ितों को मिलेगी राहत

पंजाब  पंजाब में आई भीषण बाढ़ से उत्पन्न त्रासदी को देखते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने देशभर के अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने की अपील की है। 'आप' के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पंजाब सरकार मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पूरी तरह से राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक से लेकर पार्टी के हजारों वालंटियर्स प्रभावित लोगों तक हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पंजाब और सिख समुदाय ने हमेशा दुनिया को निःस्वार्थ सेवा और सहयोग का संदेश दिया है। चाहे प्राकृतिक आपदा हो या युद्ध जैसी परिस्थिति, सिख समाज सबसे पहले पीड़ितों की मदद के लिए खड़ा होता है और गुरुद्वारों में लंगर लगाकर राहत पहुंचाता है। अब समय है कि हम सब भी उनसे प्रेरणा लेकर सेवा के इस कार्य में शामिल हों। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि इंसानियत के नाते सभी को मिलकर पंजाब के लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए। 'आप' के दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष और विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि पंजाब के कई जिले, हजारों गांव, लाखों परिवार और अनगिनत पशु इस बाढ़ की चपेट में आए हैं। राज्य सरकार और कई सामाजिक संगठन मिलकर राहत कार्य चला रहे हैं, लेकिन नुकसान बहुत व्यापक है। पंजाब के लोग हमेशा दूसरों की मदद करते हैं, इसलिए इस समय पूरे देश का कर्तव्य है कि वे पंजाब की सहायता के लिए आगे आएं। उन्होंने बताया कि इस आपदा में राशन से ज्यादा जरूरत मच्छरदानियों, तिरपाल, दवाइयों और बच्चों के कपड़ों जैसी चीजों की है, क्योंकि बाढ़ का पानी घरों को बुरी तरह नुकसान पहुंचा चुका है। राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया कई हफ्तों तक चलेगी। आम आदमी पार्टी ने निर्णय लिया है कि देशभर के सभी 'आप' के कार्यालयों को पंजाब राहत अभियान का केंद्र बनाया जाएगा। वहां से आवश्यक सामग्री एकत्रित कर पीड़ितों तक पहुंचाई जाएगी।

पाकिस्तानी नेताओं की चीन में गुप्त बैठक, पीएम शहबाज और जनरल मुनीर शामिल

बीजिंग  चीन में पाकिस्तानी नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तो एससीओ समिट में हिस्सा लेने पहुंचे ही थे। पाकिस्तान आर्मी के चीफ असीम मुनीर भी वहां पहुंच चुके हैं। जब मंगलवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिले तो वहां पर असीम मुनीर भी मौजूद थे। इतना ही नहीं, इस दौरान पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार भी वहां मौजूद थे। यह मुलाकात एससीओ सम्मेलन खत्म होने ठीक अगले दिन हुई है। गौरतलब है कि इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चीन गए थे। एससीओ समिट में पहलगाम आतंकी हमले और आतंकवाद को लेकर एक संयुक्त वक्तव्य भी जारी हुआ था। यह भारतीय लिहाज से काफी अहम था, क्योंकि इसमें पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र हुआ। चीनी सेना की परेड में लेंगे हिस्सा असीम मुनीर पाकिस्तान के सबसे ताकतवर लोगों में शुमार हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद मुनीर का प्रमोशन कर दिया गया था। उन्हें फील्ड मार्शल का पद दिया गया है। मुनीर का दावा था कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान ने पूरा जवाब दिया था। वह उस पाकिस्तानी टीम का हिस्सा थे, जिसने तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। अब वह बुधवार को द्वितीय विश्व युद्ध में जापान के खिलाफ चीन की जीत की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में चीनी सेना की एक भव्य परेड में शामिल होंगे। सेना प्रमुख के तौर पर दूसरी यात्रा मुनीर के शरीफ़ के साथ उस परेड को देखने जाने की संभावना है, जिसमें चीनी सेना हवाई, जमीनी, इलेक्ट्रॉनिक और मिसाइल प्रणालियों सहित सभी प्रकार के अपने सबसे आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन करने की योजना बना रही है। ये हथियार प्रणालियां पाकिस्तानी सेना के लिए काफ़ी मायने रखती हैं, क्योंकि उसके 80 प्रतिशत से ज़्यादा हथियार चीन से ही आते हैं। सेना प्रमुख के रूप में यह उनकी दूसरी चीन यात्रा है। फील्ड मार्शल के रूप में पदभार संभालने के बाद, जुलाई में चीन की अपनी पहली यात्रा के दौरान, मुनीर ने उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की थी। लेकिन तब वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग से नहीं मिले थे। बता दें कि इससे पहले असीम मुनीर अमेरिका भी गए थे। वहां पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें लंच पर आमंत्रित किया था। क्या हुई बात पाकिस्तान के उप प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार, जो टीम का हिस्सा भी थे, ने कहा कि मुनीर, शरीफ और शी जिनपिंग ने द्विपक्षीय और क्षेत्रीय सहयोग पर व्यापक बातचीत की। डार के अनुसार, जिनपिंग ने कहा कि दोनों पक्षों को करीबी चीन-पाकिस्तान के संबंधों की बेहतरी पर काम करना चाहिए। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के हवाले से कहा कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे और चीन-पाकिस्तान मुक्त व्यापार समझौते के उन्नत संस्करणों के निर्माण के लिए चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।  

रेल पर सवार होकर चीन पहुंचे किम जोंग उन, शाही बेड़े में क्या-क्या शामिल?

बीजिंग आमतौर पर किसी देश का सर्वोच्च नेता दूसरे देश की यात्रा के लिए हवाई जहाज का उपयोग करता है, ताकि कम समय में वह वहां पहुंचे और वापस लौट आए। लेकिन उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन हवाई जहाज के बजाय ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं। वे बख्तरबंद रेलगाड़ी में सवार होकर दूसरे देश की सीमा में प्रवेश करते हैं। एक बार फिर उन्होंने चीन जाने के लिए इसी रेलगाड़ी का उपयोग किया और मंगलवार को चीन पहुंचे। 1300 किलोमीटर की दूरी तय की ट्रेन ने उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से चीन की राजधानी बीजिंग तक लगभग 1300 किलोमीटर की दूरी तय की। बुधवार को बीजिंग में 'विक्ट्री डे' परेड होने वाली है, जिसमें किम जोंग उन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य विश्व नेताओं के साथ शामिल होंगे। उम्मीद है कि इस सैन्य परेड के जरिए वे अमेरिका के खिलाफ अपनी त्रिपक्षीय एकता का प्रदर्शन करेंगे। किम जोंग उन पहली बार लेंगे हिस्सा किम और व्लादिमीर पुतिन उन 26 विश्व नेताओं में शामिल हैं, जो बीजिंग में आयोजित होने वाली इस विशाल सैन्य परेड में शी जिनपिंग के साथ हिस्सा लेंगे। यह परेड द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति और जापानी आक्रामकता के खिलाफ चीन के प्रतिरोध की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हो रही है। यह ऐसा अवसर होगा, जिसमें किम जोंग उन अपने 14 साल के शासनकाल में पहली बार किसी बड़े बहुपक्षीय आयोजन में भाग लेंगे। साथ ही यह पहला मौका होगा, जब अमेरिका को चुनौती देने वाले देशों के नेता किम, शी और पुतिन एक ही स्थान पर एक साथ नजर आएंगे। इस ट्रेन में क्या-क्या है? उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के लिए ट्रेन से इतनी लंबी यात्रा करना कोई नई बात नहीं है। उनके पिता और दादा भी ऐसा कई बार कर चुके हैं। यानी, यह परंपरा उनके दादा ने शुरू की थी, जिसे आज तक कायम रखा गया है। किम जोंग उन के पिता, किम जोंग इल ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। कहा जाता है कि किम जोंग इल को हवाई जहाज से यात्रा करने में डर लगता था, इसलिए वे ट्रेन से सफर करते थे। किम जोंग उन ट्रेन यात्रा बुलेटप्रूफ ट्रेन में 90 डिब्बे इस गहरे हरे रंग की ट्रेन में कॉन्फ्रेंस रूम, ऑडियंस चैंबर, बेडरूम, सैटेलाइट फोन और फ्लैट स्क्रीन टीवी जैसे साधन मौजूद हैं। नवंबर 2009 में दक्षिण कोरिया के एक समाचार आउटलेट ने बताया था कि इस बुलेटप्रूफ ट्रेन में कुल 90 डिब्बे हैं। इन डिब्बों में लाल रंग की लेदर आर्मचेयर हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ट्रेन की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस रेलगाड़ी का नाम 'टाएयेनघो' है, जिसका कोरियाई भाषा में अर्थ 'सूरज' है। यह उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग का प्रतीक माना जाता है। उत्तर कोरियाई नेताओं का ट्रेन से क्या है संबंध? बताया जाता है कि लंबी दूरी की यात्राओं के लिए ट्रेन का उपयोग करने की परंपरा किम इल सुंग ने शुरू की थी। किम जोंग उन के दादा, किम इल सुंग, वियतनाम और पूर्वी यूरोप तक ट्रेन से यात्रा करते थे। इस ट्रेन की सुरक्षा की जिम्मेदारी उत्तर कोरिया के सुरक्षा एजेंट संभालते हैं। वे बम या अन्य खतरों को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के मार्ग और अगले स्टेशनों की जांच करते हैं। बता दें कि 2001 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए किम जोंग इल ने दस दिन की ट्रेन यात्रा कर मॉस्को पहुंचे थे।  

पुतिन के गुरु दुगिन बोले: यही है भारत की असली शक्ति, ट्रंप के ब्राह्मण कार्ड पर बड़ा बयान

मॉस्को भारत और अमेरिका के बीच ट्रंप टैरिफ को लेकर तनाव जारी है। डोनाल्ड ट्रंप और उनके सलाहकार बार-बार भारत के खिलाफ बयान देते रहते हैं। सोमवार को राष्ट्रपति के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने रूसी तेल के बहाने 'ब्राह्मणों' पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि रूसी तेल से 'ब्राह्मणों को लाभ हो रहा है, भारतीय जनता के हितों की कीमत पर।' इसके अगले ही दिन, मंगलवार को रूस के प्रोफेसर, राजनीतिक दार्शनिक और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के राजनीतिक गुरु अलेक्जेंडर दुगिन ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने अमेरिका को भारत के बारे में नसीहत देते हुए कहा कि हिंदुओं ने आध्यात्मिक चिंतन का उच्चतम स्तर विकसित किया है और भौतिकता पर काबू पाया है। अब भौतिकवादी पश्चिम की बारी भारत और रूस के संबंध हमेशा से गहरे और मजबूत रहे हैं। रूसी लोग भारत और उसकी संस्कृति की प्रशंसा करते रहे हैं। चीन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति और पीएम मोदी की दोस्ती पूरी दुनिया ने देखी। इस बीच, व्लादिमीर पुतिन के राजनीतिक गुरु अलेक्जेंडर दुगिन ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारतीय संस्कृति भौतिक दुनिया का खुलकर तिरस्कार करती है और इसके अस्तित्व पर हंसती है। हिंदुओं ने आध्यात्मिक चिंतन का सर्वोच्च स्तर हासिल किया है। अब भौतिकवादी पश्चिम की बारी है कि वह हंसे और तिरस्कार करे। अखंड भारत पर भी बोल चुके हैं दुगिन यह पहली बार नहीं है जब दुगिन ने भारत की प्रशंसा की हो। अप्रैल 2024 में उन्होंने कहा था कि भारत हमारी आंखों के सामने एक नए वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। विश्व भर में भारतीय मूल के लोग आज महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं। उन्होंने भारत के आर्थिक विकास, वैश्विक प्रभाव और राजनीतिक परिवर्तनों के बढ़ते महत्व पर भी विस्तार से बात की थी। कौन हैं अलेक्जेंडर दुगिन? अलेक्जेंडर दुगिन का पूरा नाम अलेक्सांद्र गेलीविच दुगिन है, एक प्रसिद्ध राजनीतिक दार्शनिक, विश्लेषक और रणनीतिकार हैं। पश्चिमी देशों में उन्हें फासीवादी विचारधारा का कट्टर समर्थक माना जाता है। साथ ही उन्हें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के गुरु के रूप में भी जाना जाता है। दुगिन ने ही यूक्रेन को नोवोरोसिया (नया रूस) का नाम दिया था। वे रूसी राष्ट्रपति पुतिन और रूस सरकार के बेहद करीबी माने जाते हैं।  

भारत ने अमेरिका से कहा- ट्रेड डील पर डेडलाइन की बात नहीं करेंगे

नई दिल्ली  भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति ना बनने पर खिसियाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते सोमवार को एक बार फिर भारत को निशाने पर लिया था। ट्रंप ने कहा कि भारत अब टैरिफ कम करने की पेशकश कर रहा है, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। इसके एक दिन बाद अब भारत ने एक बार फिर उन्हें दो टूक जवाब दिया है। भारत के वाणिज्य औऱ उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में कहा है कि भारत डेडलाइन वाले ट्रेड डील पर कभी चर्चा नहीं करता है। पीयूष गोयल ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर भारत के दृष्टिकोण पर बातचीत करते हुए हुए कहा कि भारत जल्दबाजी में समझौते करने के लिए दबाव में काम नहीं करता। उन्होंने कहा, "हम कभी भी समय-सीमा वाले व्यापार समझौतों पर बातचीत नहीं करते। हम सिर्फ अच्छे और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौतों पर ही बातचीत करते हैं।" अमेरिका के साथ बातचीत जारी- गोयल पीयूष गोयल ने आगे कहा कि भारत अपने सभी समझौतों में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "हम एक समान और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए हमेशा तैयार हैं।" केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान यह पुष्टि भी की है कि भारत अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर सक्रिय रूप से चर्चा कर रहा है। गोयल ने कहा, "अभी बहुत कुछ हुआ है, अभी बहुत कुछ होना बाकी है। BTA के लिए अमेरिका के साथ हमारी बातचीत जारी है।’’ छठे दौर की वार्ता स्थगित गौरतलब है कि भारत और अमेरिका मार्च से इस समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। अब तक पांच दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है। हालांकि 27 अगस्त से 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के बाद अमेरिकी दल ने अगले दौर की वार्ता के लिए भारत का अपना दौरा स्थगित कर दिया है। इसके बाद अभी तक छठे दौर की वार्ता के लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है। गोयल ने कार्यक्रम में यह भी कहा है कि भारत ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, मॉरीशस, ब्रिटेन और चार यूरोपीय देशों के समूह ईएफटीए के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर चुका है और अन्य देशों के साथ संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।  

इंदौर-उज्जैन रोड पर सिंहस्थ की दृष्टि से तैयार होगा नया ग्रीन फील्ड मार्ग

भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में अहम फैसले लिए गए। तय हुआ कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में नल से शुद्ध जल पहुंचने के लिए लागू जल जीवन मिशन में अब पुनरीक्षित परियोजनाओं के लिए केंद्रांश ना मिलने के कारण पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। 8,358 पुनरीक्षित परियोजनाओं के लिए 2,813 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे इन परियोजनाओं से जुड़े सात लाख परिवारों को लाभ मिलेगा। यह प्रस्ताव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने रखा था, जिसके स्वीकृति दी गई। 87 हजार करोड़ से अधिक की मिल चुकी है स्वीकृति 26 सितंबर 2023 को प्रदेश के संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया था। अब तक प्रदेश में 20,765 करोड़ रुपये की लागत की 27,990 एकल ग्राम नल जल योजना और 60,786 करोड़ रुपये लागत वाली 148 समूह जल प्रदाय योजनाओं की स्वीकृति दी गई हैं।   15,947 एकल ग्राम योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और शेष 12,043 के काम विभिन्न चरणों में हैं। विभिन्न कारणों से 8,358 योजनाओं के पुनरीक्षण की आवश्यकता हुई है। यदि पुनरीक्षण नहीं किया जाता है तो सात लाख परिवार घरेलू नल कनेक्शन से वंचित रह जाएंगे। इसे देखते हुए पुनरीक्षित लागत 9,027 करोड़ रुपये की स्वीकृति देने की अनुशंसा स्थायी वित्त समिति ने की। मूल स्वीकृत लागत 6,213.76 करोड़ रुपये है और जो वृद्धि हो रही है, वह राशि केंद्र सरकार से प्राप्त नहीं होगी, इसलिए 2,813.21 करोड़ रुपये का भार प्रदेश सरकार वहन करेगी।   इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग पर फोरलेन, सर्विस रोड भी दिसंबर 2024 में स्वीकृत     इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग (48.05 किमी) अब सर्विस रोड के साथ बनेगा। इसमें 34 अंडर पास, दो फ्लाइ ओवर, एक रेलवे ओवर ब्रिज, सात मध्यम पुल के साथ दो बड़े जंक्शन बनाए जाएंगे।     परियोजना की लागत 2935.15 करोड़ रुपये आएगी। निर्माणकर्ता एजेंसी को 15 साल तक इसका रखरखाव करना होगा। यह मार्ग 2028 में होने वाले सिंहस्थ की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है।     साथ ही उज्जैन शहर में हरिफाटक रेलवे क्रासिंग पर 980 मीटर लंबाई के नए फोर लेन रेलवे ओवर ब्रिज (लागत 371 करोड़) निर्माण की स्वीकृति भी दी गई। दो लेन का बनेगा नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग नर्मदापुरम-टिमरनी (72.18 किलोमीटर) मार्ग का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी माडल पर करने की स्वीकृति दी गई। परियोजना में दो अंडर पास, चार बड़े पुल, 37 मध्यम पुल, 14 वृहद और 52 मध्यम जंक्शन निर्माण प्रस्तावित हैं। मार्ग निर्माण की लागत 972 करोड़ आएगी। कंपनी को 17 वर्ष तक रखरखाव का काम करना भी होगा।

भारी बारिश का कहर: हिमाचल में 6 NH और 1,311 सड़कें बंद, रेल संचालन रुका

शिमला हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मंगलवार को भी भारी बारिश जारी रही। सूबे में भारी बारिश से हालात बेहद खराब हो गए हैं। भारी बारिश के कारण रेल सेवा स्थगित कर दी गई है। छह राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 1,311 सड़कें बंद हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुल्लू और मंडी में लगभग 2 हजार वाहन जहां तहां फंस गए हैं। स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ इलाकों में भारी से ज्यादा भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश का रेड अलर्ट इस बीच मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक और वज्रपात के साथ भारी से ज्यादा भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों के कुछ हिस्सों में भारी से ज्यादा भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उना, बिलासपुर और हमीरपुर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 6 एनएच समेत 1,311 सड़कें बंद हिमाचल प्रदेश में 6 राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 1,311 सड़कें बंद हैं। हिमाचल के मंडी में सबसे ज्यादा 289 सड़कें बंद हैं। शिमला में 241, चंबा में 239, कुल्लू में 169 और सिरमौर जिले में 127 सड़कें बंद बताई जाती हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 3 (मंडी-धरमपुर रोड), एनएच 305 (औट-सैंज), एनएच 5 (ओल्ड हिंदुस्तान-तिब्बत रोड), एनएच 21 (चंडीगढ़-मनाली रोड), एनएच 505 (खाब से ग्रामफू रोड) और एनएच 707 (हाटकोटी से पोंटा) भी बंद हैं। मंडी-कुल्लू में 2,000 से ज्यादा वाहन फंसे बताया जाता है कि शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग-5 सोलन जिले के सनवारा में भूस्खलन के कारण बंद है। इससे दोनों ओर बड़ी संख्या में वाहन फंसे हुए हैं। यह राजमार्ग हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग के नाम से भी जाना जाता है। धरमपुर-कसौली सड़क भी अवरुद्ध होने का खतरा है। 'द ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, मंडी और कुल्लू में 2,000 से ज्यादा वाहन फंसे हैं। इससे यात्रियों और पर्यटकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सेब उत्पादक किसानों पर तगड़ी मार कटौला होकर जाने वाला वैकल्पिक मार्ग भी एक और भूस्खलन के बाद बंद कर दिया गया है, जिससे मंडी और कुल्लू के बीच यातायात के लिए तत्काल कोई रास्ता नहीं बचा है। इस दोहरी नाकेबंदी ने पूरे क्षेत्र में परिवहन सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। आंतरिक क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब है। आंतरिक क्षेत्रों में सड़कें कई दिनों से बंद हैं। इसका सबसे बुरा असर सेब उत्पादक किसानों पर पड़ा है। किसान अपनी फसल को बाजारों तक भेजने में असमर्थ हैं। ट्रेन सेवाएं सस्पेंड सोमवार को शिमला-कालका रेलमार्ग पर भूस्खलन के बाद ट्रेनें रद्द कर दी गईं। अधिकारियों का कहना है कि ये ट्रेन सेवाएं 5 सितंबर तक स्थगित रहेंगी। राज्य में सबसे ज्यादा नैना देवी में सोमवार शाम से 198.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। रोहड़ू में 80 मिमी, जोत में 61.2 मिमी, बग्गी में 58.5 मिमी, कुकुमसेरी में 55.2 मिमी, नादौन में 53 मिमी, ओलिंदा में 50 मिमी, नंगल बांध में 49.8 मिमी, ऊना में 49 मिमी और बिलासपुर में 40.2 मिमी बारिश हुई है। बंद रहे स्कूल सूबे में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट को देखते हुए सोमवार को आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत नौ जिलों के स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया गया था। मंगलवार को शिमला, कांगड़ा, सिरमौर, ऊना, बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, लाहौल एवं स्पीति और सोलन जिलों के अलावा कुल्लू जिले के बंजार, कुल्लू एवं मनाली उपमंडल में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहे।

नई बजटिंग प्रणाली से होगा मध्यप्रदेश का सर्वांगीण विकास

शून्य आधारित बजटिंग और त्रिवर्षीय रोलिंग बजट वाला पहला राज्य बनेगा मध्यप्रदेश निवेश एवं सर्वांगीण विकास पर होगा फोक्स भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से औद्योगिकीकरण और विकास की नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार का फोकस केवल आर्थिक वृद्धि पर ही नहीं, बल्कि रोज़गार सृजन, आधारभूत संरचना निर्माण और सामाजिक न्याय पर भी है। इसी दिशा में सरकार ने मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिये बजट को अगले 5 वर्ष में दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इससे हर क्षेत्र में निवेश और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति मिलेगी। साथ ही बढ़ते बजट   प्रावधान में विभागों के बजट पर अनुशासन लगाने की महत्वपूर्ण पहल भी की जा रही है। इसी कड़ी में अब राज्य सरकार ने वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक विकास की ठोस रणनीति तैयार करते हुए शून्य आधारित बजटिंग (Zero Based Budgeting) और त्रिवर्षीय रोलिंग बजट प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि यह पहल “विकसित मध्यप्रदेश 2047” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में ठोस आधार बनेगी और देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श साबित होगी। श्री देवड़ा ने कहा “शून्य आधारित बजटिंग और त्रिवर्षीय रोलिंग बजट से न केवल प्रदेश की योजनाओं का ठोस मूल्यांकन होगा, बल्कि प्रत्येक खर्च का सीधा संबंध समाज की आवश्यकताओं और राज्य की प्राथमिकताओं से जोड़ा जा सकेगा। यह कदम मध्यप्रदेश को विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश 2047 की दिशा में सबसे मजबूत आधार प्रदान करेगा।” महत्वपूर्ण है यह पहल अब तक अधिकांश राज्यों में पारंपरिक बजटिंग पद्धति लागू होती रही है, जिसमें पिछले वर्षों का व्यय आधार बनते थे। इसके विपरीत 'जीरो बेस्ड बजटिंग' में हर योजना को शून्य से शुरू कर उसकी उपयोगिता सिद्ध करनी होगी। इससे अप्रभावी योजनाएँ स्वतः समाप्त होंगी और संसाधनों का इष्टतम उपयोग संभव होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों ने इस प्रणाली को अपनाया है, जहाँ इससे गुड गवर्नेंस और फाइनेंशियल डिसिप्लिन को मजबूती मिली है। अब मध्यप्रदेश इस दिशा में भारत में अग्रणी राज्य बनकर अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल पेश कर रहा है। रोलिंग बजट से लगातार “फॉरवर्ड लुकिंग” दृष्टि रोलिंग बजट पद्धति से 2026-27, 2027-28 और 2028-29 के लिए बजट बनेगा और हर वर्ष इसकी समीक्षा कर नए अनुमानों को जोड़ा जाएगा। इससे योजनाएँ हमेशा आगे की ओर देखने वाली होगी और अल्पकालिक दबाव से मुक्त होकर दीर्घकालिक विकास को गति मिलेगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मॉडल कॉर्पोरेट जगत में पहले से सफल साबित हो चुका है, और राज्य शासन में इसे लागू करना नीतिगत दूरदर्शिता का प्रतीक है। वित्तीय अनुशासन और सामाजिक न्याय वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए न्यूनतम 16% और अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए न्यूनतम 23% बजट सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही वेतन, पेंशन , भत्तों की गणना में पारदर्शिता हेतु नई गाइडलाइन लागू होंगी। इसके अतिरिक्त ऑफ-बजट व्यय और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के वित्तीय प्रभाव को भी अब राज्य बजट में समाविष्ट किया जाएगा। यह व्यवस्था वित्तीय अनुशासन के साथ जनहित में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में महत्व देश के अन्य राज्यों में अभी भी पारंपरिक बजटिंग पद्धति पर निर्भरता बनी हुई है। मध्यप्रदेश का यह निर्णय वित्तीय सुधारों की दिशा में गेम-चेंजर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रयोग सफल होता है, तो आने वाले वर्षों में केंद्र और अन्य राज्य भी इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।