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राजनीति में लौटे अशोक सिद्धार्थ, आकाश आनंद के बाद बसपा में स्वागत, मायावती ने किया माफ़

लखनऊ  बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को पार्टी और डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान एवं स्वाभिमान के मूवमेन्ट को आगे बढ़ाने के हित में पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ को पार्टी में फिर शामिल कर लिया है। मायावती ने अशोक सिद्धार्थ से पहले उनके दामाद आकाश आनंद का भी बसपा से निष्कासन समाप्त कर उनको पार्टी में नंबर दो का दर्जा भी दिया है। अशोक सिद्धार्थ ने सार्वजनिक रूप से बसपा मुखिया से माफी मांगने के साथ अपनी गलती को स्वीकार किया था। उसी के बाद से उनका निष्कासन रद होना तय माना जा रहा था। बसपा मुखिया ने सोशल मीडिया पर अपने एक्स हैंडल पर पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ का पार्टी से निष्कासन रद करने का जानकारी दी। मायावती ने लिखा कि बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) में कई जिम्मेदार पदों पर लम्बे वर्षों तक कार्यरत रहे एवं पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिये कुछ माह पहले पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर आज अपने लम्बे पोस्ट के जरिये सार्वजनिक तौर पर अपनी गलती की माफी मांगी है। उन्होंने आगे पार्टी और बीएसपी मूवमेन्ट के प्रति पूरी तरह से वफादर रहकर बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान एवं स्वाभिमान के मूवमेन्ट को आगे बढ़ाने में पूरे जी-जान से लग जाने का आश्वासन बहुजन समाज व बीएसपी नेतृत्व को दिया है। मायावती ने आगे लिखा, हालांकि उन्हें अपनी गलती का एहसास बहुत पहले हो चुका था और वे इसका लगातार पश्चाताप विभिन्न स्तर पर कर रहे थे, किन्तु आज उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपना पछतावा जाहिर किया है। जिसको ध्यान में रखते हुये पार्टी व मूवमेन्ट के हित में उन्हें पार्टी ने एक मौका दिया जाना उचित समझा है। इसी कारण बीएसपी से उनके निष्कासन का फैसला आज तत्काल प्रभाव से रद किया जाता है अर्थात इनको पार्टी में वापस ले लिया गया है। उम्मीद है कि पार्टी के अन्य सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं की तरह वे भी पूरे तन, मन, धन से पार्टी व मूवमेन्ट को आगे बढ़ाने में अपना भरपूर योगदान जरूर देंगे, ताकि बीएसपी के नेतृत्व में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का कारवां आगे बढ़ता हुआ बहुजन समाज को शोषित वर्ग से ऊपर उठाकर यहाँ प्रदेश एवं देश का शासक वर्ग बना सके। आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने बसपा प्रमुख से माफी मांग ली है। अशोक सिद्धार्थ ने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए मायावती से माफी मांगी है। इसके साथ ही उन्होंने मायावती से खुद को पार्टी में वापस लेने का आग्रह भी किया है। मायावती के भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने अब सभी विवाद खत्म करते हुए बसपा प्रमुख से माफी मांग ली है। बता दें कि मायावती ने अशोक सिद्धार्थ को पिछले दिनों पार्टी से निकाल दिया था। अपनी पोस्ट में अशोक सिद्धार्थ ने कहा कि मैं हाथ जोड़कर उनसे अनुरोध कर रहा हूं कि वह मुझे माफ कर दें। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे से कभी भी ऐसी गलती नहीं करने की भी बात कही। अशोक सिद्धार्थ ने किसी के लिए सिफारिश नहीं करने का भी वादा किया। आखिर में उन्होंने मायावती से खुद को माफ करते हुए पार्टी में वापस लेने का आग्रह किया। अशोक सिद्धार्थ ने की पोस्ट अशोक सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि आगे अब गलती नहीं होगी। उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं अशोक सिद्धार्थ बीएसपी पूर्व सांसद निवासी जिला फर्रुखाबाद बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व यूपी की चार बार रहीं मुख्यमंत्री एवं कई बार लोकसभा व राज्यसभा की रहीं सांसद बहन मायावती जी का हृदय से सम्मान एवं चरण स्पर्श करता हूं और मुझसे पार्टी का कार्य करने के दौरान ‘जाने व अनजाने’ में तथा गलत लोगों के बहकावे में आकर जो भी गलतियां हुई हैं। तो उसके लिए मैं बहन जी से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। जिन्होंने अनेकों कष्ट झेलकर, अपनी पूरी जिन्दगी, इस देश के करोड़ों दलितों एवं अन्य उपेक्षित वर्गों के हित व कल्याण के लिए समर्पित की है।  

ट्रंप के बयान ने कांग्रेस को भड़का दिया, कहा- ‘हम झुकेंगे नहीं

नई दिल्ली  भारत के खिलाफ खूब बयानबाजी करने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर नरम नजर आ रहे हैं। शनिवार को उन्होंने भारत के साथ रिश्ते को बेहद अहम बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके हमेशा ही दोस्त रहेंगे, इसमें कोई चिंता की बात नहीं है। ट्रंप के बयान के बाद प्रधानमंत्री ने भी सराहना करते हुए कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति की भावनाओं का पूर्ण समर्थन करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बेहद सकारात्मक और दूरदर्शी व्यापक एवं वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है। वहीं इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि ऐसा लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। कांग्रेस ने भी ट्रंप के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा, डोनाल्ड ट्रंप और नावारो जिस तरह के बयान दे रहे हैं, वह केवल टैरिफ तक सीमित नहीं है बल्कि हमारे आत्मसम्मान से जुड़ा हुआ है। हमने ब्रिटिशर्स का भी सामना किया और उन्हें भागने पर मजबूर कर दिया। भारत एक रोटी खाएगा लेकिन कभी घुटने नहीं टेकेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन की एससीओ सम्मेलन वाली तस्वीर शेयर करते हुए बयान दिया था। बता दें कि चीन के तियानजिन में हुए एससीओ सम्मेलन में हिस्सा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे थे। इस बैठक में भारत-रूस और चीन की तिकड़ी दिखाई दी थी। भारत और चीन ने मिलकर संबंधों को सुधारने और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी जताई थी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप को संदेश भी दे दिया था कि वह किसी के सामने झुकने वाले नहीं हैं। वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए भी डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत रूस से तेल आयात करके बहुत गलत कर रहा है और इसीलिए उसपर 50 फीसदी का टैरिफ लगाया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत जिस तरीके से रूस के साथ व्यापार कर रहा है, उससे हमें काफी निराशा है। इसीलिए भारत पर इतना ज्यादा टैरिफ लगाया गया है। लेकिन हमारे संबंध भारत के साथ बहुत अच्छे थे। खास तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ। कुछ महीने पहले ही रोज गार्डन गए थे और प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।  

ट्रंप के ताजा बयान पर बड़ा खुलासा, पूर्व राजनयिक बोले – ज्यादा विश्वसनीय नहीं हैं

वॉशिंगटन पूर्व राजनयिक टी.पी. श्रीनिवासन ने शनिवार को भारत-अमेरिका संबंधों के ताजा घटनाक्रम पर टिप्पणी की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति रुख में संभावित बदलाव का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि ताजा खबरें अच्छी हैं। राष्ट्रपति ट्रंप का नजरिया बदलता दिख रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के बारे में कुछ बेहद सकारात्मक बयान दिए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि इन मुद्दों पर सहमति बन सकती है। बेशक, ट्रंप इस मामले में ज्यादा विश्वसनीय नहीं हैं क्योंकि उनके बयान अलग-अलग होते हैं। जब वह नरम रुख अपनाते हैं, तब भी उनके सलाहकार सख्त रुख अपनाते हैं। उन्होंने आगे कहा, "तो, यह अभी भी बहुत अनिश्चित है, लेकिन मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि हम अमेरिका को छोड़कर चीन और रूस की ओर नहीं जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में यही धारणा बनी थी…आज, कुछ सुलह की उम्मीद दिख रही है। यह क्या होगा, हमें नहीं पता।" अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच बेहद खास रिश्ते की फिर से पुष्टि की। भारत-अमेरिका संबंधों को "बेहद खास रिश्ता" बताते हुए, उन्होंने कहा कि वह और प्रधानमंत्री मोदी हमेशा दोस्त रहेंगे और इस बात पर ज़ोर दिया कि चिंता की कोई बात नहीं है। हालांकि, ट्रंप ने इस बात पर नाखुशी जताई कि "वह (प्रधानमंत्री मोदी) इस समय क्या कर रहे हैं"। एएनआई द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या वह भारत के साथ संबंधों को फिर से सुधारने के लिए तैयार हैं, ट्रंप ने कहा, "मैं हमेशा ऐसा करूंगा। मैं हमेशा (प्रधानमंत्री) मोदी का दोस्त रहूंगा। वह एक महान प्रधानमंत्री हैं। मैं हमेशा दोस्त रहूंगा, लेकिन मुझे इस समय वह जो कर रहे हैं, वह पसंद नहीं है। लेकिन भारत और अमेरिका के बीच एक बेहद खास रिश्ता है। चिंता की कोई बात नहीं है। बस कभी-कभी हमारे बीच कुछ पल ऐसे आते हैं।"  

वर्कलोड बढ़ा, बुमराह को मिली प्राथमिकता; रिंकू-शिवम का खेल होगा टाल-मटोल?

नई दिल्ली  भारतीय टीम ने एशिया कप के लिए तैयारी शुरू कर दी है। भारत का पहला मुकाबला यूएई से 10 सितंबर को होगा। इस टूर्नामेंट से पहले सुनील गावस्कर ने प्लेइंग इलेवन को लेकर कई सुझाव दिए हैं और उनका मानना है कि एशिया कप के दौरान चयन समिति को अंतिम-11 को लेकर माथापच्ची करनी पड़ेगी। भारतीय टीम के पास टी20 टीम में विकल्पों की भरमार है और इस वजह से कुछ खिलाड़ियों को बेंच पर बैठना पड़ सकता है। गावस्कर ने ये भी कहा है कि रिंकू सिंह और शिवम दूबे में से किसी एक को अपने मौके के लिए इंतजार करना पड़ेगा। शुभमन गिल भारत की टी20 टीम में वापस आ गए हैं और सीधे नेतृत्व की भूमिका में आ गए हैं। 25 वर्षीय इस सलामी बल्लेबाज को एशिया कप 2025 के लिए उप-कप्तान नियुक्त किया गया है। सुनील गावस्कर ने बताया कि टीम के संतुलन और स्पिन ऑलराउंडर अक्षर पटेल के शामिल होने को देखते हुए रिंकू सिंह या शिवम दुबे में से किसी एक के बाहर बैठने की संभावना है। गावस्कर का मानना है कि रिंकू सिंह या शिवम दुबे में से किसी एक को बाहर बैठना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘और अक्षर पटेल के भी इस टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाज के रूप में खेलने की संभावना है और वह चार ओवर अच्छी गेंदबाजी भी कर सकते हैं। ऐसा लगता है कि रिंकू और शिवम जैसे बल्लेबाजों को मौका मिलने से पहले थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। ’’ उन्हें लगता है कि अक्षर पटेल और कुलदीप यादव शुरूआत करने वाले दो स्पिनर हैं और तीसरे विशेषज्ञ तेज गेंदबाज हर्षित राणा को टीम में जगह मिल जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वे आठवें नंबर तक बल्लेबाजी नहीं बढ़ाएंगे और गेंदबाजों पर ध्यान देंगे। शायद आठवें नंबर पर कुलदीप और फिर नौवें, दसवें, ग्यारहवें नंबर पर, आपके तीन तेज गेंदबाज। गावस्कर ने यह भी स्पष्ट किया कि जसप्रीत बुमराह को कार्यभार संबंधित कोई समस्या नहीं होगी क्योंकि वह प्रति मैच केवल चार ओवर ही गेंदबाजी करेंगे और वह भी दो या तीन स्पैल में। उन्होंने कहा, ‘‘इस एशिया कप में बात केवल चार ओवर गेंदबाजी करने की है और वह भी एक साथ चार ओवर नहीं। इसलिए मुझे नहीं लगता कि उन्हें इस टूर्नामेंट में खेलने में कोई समस्या होगी। उनके लिए कार्यभार की कोई समस्या नहीं होगी। ’’ एशिया कप के तुरंत बाद अक्टूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के होने के कारण बुमराह की उपलब्धता को लेकर कुछ संशय बना हुआ था। सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क एशिया कप 2025 का आधिकारिक प्रसारणकर्ता है। अगले साल घरेलू मैदान पर होने वाले विश्व कप से पहले भारत को काफी टी20 क्रिकेट खेलना है। एशिया कप के बाद भारत टी20 विश्व कप से पहले इस प्रारूप का 15 और मैच खेलेगा। टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उप-कप्तान), संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह स्टैंडबाय: प्रसिद्ध कृष्णा, वाशिंगटन सुंदर, ध्रुव जुरेल, रियान पराग और यशस्वी जायसवाल  

भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय रिश्ते: क्या मोदी की पहल ने ट्रंप की नीतियों को बदला?

 नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर भारत को लेकर अचानक बदल गए हैं। भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर ट्रंप ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। इसके साथ ही साथ उन्होंने पीएम मोदी को एक महान प्रधानमंत्री भी बताया है। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा रखा है। इसके अलावा दो दिन पहले की डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को चीन और रूस के हाथों खो देने की बात कही थी। लेकिन अचानक से डोनाल्ड ट्रंप का सुर बदल क्यों गया है? क्या पीएम मोदी का दबाव काम करने लगा है या फिर कोई और वजह है?  आइए विस्तार से जानते हैं… ट्रंप का टैरिफ वार पिछले कुछ वक्त में चीन और भारत के संबंध बहुत अच्छे नहीं थे। लेकिन सीमा पर विवाद पर पहल के बाद से हालात कुछ सामान्य होते दिखाई दे रहे थे। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर पहले 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की। बात सिर्फ इतने पर नहीं रुकी। रूस से तेल खरीदने की बात कहकर ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी और टैरिफ लगा दिया। यानी भारत पर कुल 50 फीसदी का टैरिफ लगा दिया। भारत की तरफ से तमाम व्यापारिक बातचीत और कूटनीति का सहारा लिया गया, लेकिन बात बनती नजर नहीं आई। बल्कि ट्रंप भारत को लेकर उल्टे-सीधे बयान ही देते रहे। पीएम मोदी की चीन यात्रा भारत ने बातचीत और कूटनीतिक रास्ता अख्तियार किया। लेकिन ट्रंप के तेवर नर्म नहीं पड़े तो पीएम मोदी ने चीन के साथ संबंध बेहतर बनाने पर जोर दिया। एससीओ समिट में पीएम मोदी न सिर्फ शामिल हुए, बल्कि रूस और चीन के साथ तिकड़ी बनाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति को कड़ा संदेश भी भेजा। भारत का संदेश स्पष्ट था, कि हम अमेरिका के दबाव में आने वाले नहीं हैं। रूस से तेल खरीदने को लेकर भी भारत ने अपनी रणनीति बिल्कुल स्पष्ट रखी। अमेरिका पर दबाव भारत के अंदाज से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तिलमिलाहट बढ़ती नजर आई। एक तरफ भारत का अमेरिकी दबाव में न आना, दूसरी तरफ अपने ही देश में लगातार घिरते जाना। इसके बावजूद उन्होंने भारत को चीन और रूस के हाथों खोने की बात कह ही डाली। लेकिन आखिर दबाव काम करता नजर आया। ट्रंप ने शनिवार को कह ही दिया कि भारत और अमेरिका के बीच विशेष संबंध हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने पीएम मोदी की भी तारीफ की और कहा कि मैं हमेशा नरेन्द्र मोदी का मित्र रहूंगा। वह एक महान प्रधानमंत्री हैं।  

बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर: CM यादव ने तुरंत भेजे 20 करोड़ रुपए

भोपाल मध्यप्रदेश की सरकार हर संकट में किसानों के साथ खड़ी है। इस स्पष्ट संदेश के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर को अतिवृष्टि-बाढ़ से क्षतिग्रस्त फसलों के लिए राहत राशि का वितरण किया। उन्होंने एक क्लिक के माध्यम से किसानों को 20 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। मध्यप्रदेश सरकार साल 2025-26 तक 188 करोड़ 52 लाख रुपये आपदा प्रभावित लोगों को ट्रांसफर कर चुकी है। प्रदेश सरकार का कहना है कि इन दिनों मौसम असंतुलित हो गया है। इसलिए सरकार किसानों की हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार का मानना है कि किसानों की मुस्कान ही राज्य की ताकत है। गौरतलब है कि सीएम डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से कई जिलों के किसानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बात की। उन्होंने किसानों से उनका हालचाल जाना और सरकार का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि किसानों के जीवन में मौसम की मार से परेशानी आई है। इस परेशानी का सरकार ने समाधान कर दिया है। खेतों में किसान और सीमा पर जवान दोनों आंधी-तूफान और कष्टों के बीच अपनी मौजूदगी से, मेहनत से, जान की बाजी लगाकर देश के लोगों की सेवा करते हैं। प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत ज्यादा बारिश हुई और कहीं-कहीं कम बारिश भी हुई। इस असंतुलन की कीमत हमें थोड़ी-थोड़ी चुकानी पड़ रही है। सरकार हर परेशानी में किसान के साथ है। हमारी सरकार बाढ़ के दौरान भी जनता के बीच गई। सरकार किसानों के हर संकट में साथ खड़े रहने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को सरकार पर पूरा भरोसा सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज 11 जिलों के 12 हजार हेक्टेयर से ज्यादा बड़े क्षेत्र में 17500 भाई-बहनों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 20 करोड़ रुपये की राशि दे रहे हैं। किसान हमारी सरकार पर पूरा भरोसा करता है। किसानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा है। उनके नेतृत्व में हमारी सरकार लगातार जनकल्याण के काम कर रही है। इससे पहले हमने 30 करोड़ की राहत राशि ट्रांसफर की थी। 2025-26 में अभी तक 188 करोड़ 52 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। मिलकर आपदा से मुकाबला करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं हर किसान को आश्वासन देना चाहता हूं कि संकट की घड़ी में हमारी सरकार सदैव आपके साथ खड़ी है। किसानों की मुस्कान ही मध्यप्रदेश की ताकत है। किसान अपनी मेहनत से एक फिर जीवन के मैदान में उतरेंगे। हमें आशा है कि अगली फसल इस नुकसान की भरपाई कर देगी। हम सब मिलकर इस आपदा से मुकाबला करेंगे। किसान कभी हार नहीं मानता, वह जीवटता के साथ आने वाले कल की तैयारी करता है। आइए हम सब मिलकर एक बार फिर कामना करें कि एक बार फिर धरती माता हमारे अन्न के भंडार भरेगी।

कुरान जलाने वाली ट्रंप समर्थक की धमकी, FBI ने बताया मुस्लिमों का इरादा और हिंदुओं पर किया विवादित कमेंट

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कट्टर समर्थक और टेक्सास से रिपब्लिकन पार्टी की कांग्रेस उम्मीदवार वालेंटीना गोमेज ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। वालेंटीना ने दावा किया कि उन्हें 'मुस्लिम समुदाय के लोग जान से मारना चाहते हैं।' उन्होंने ये भी कहा कि खुद अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी एफबीआई ने उन्हें इसकी जानकारी दी है। इस वीडियो में उन्होंने हिंदुओं के बारे में भी एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। क्या बोलीं वालेंटीना गोमेज? वीडियो में वालेंटीना गोमेज एक लाल शर्ट पहने हुए हैं, जिस पर 1776 और अमेरिकी ध्वज का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एफबीआई ने उन्हें बताया कि मुस्लिम उन्हें मारना चाहते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि वे सिर्फ उन्हें ही नहीं, बल्कि यहूदियों, हिंदुओं और यहां तक कि ड्रैगन के अनुयायियों को भी मारना चाहते हैं, जो कुरान के अलावा अन्य धर्मग्रंथों में विश्वास करते हैं। हिंदुओं के लिए क्या कहा? वालेंटीना गोमेज ने कहा कि इस्लामिक कट्टरपंथी यहूदियों, ईसाइयों, हिंदुओं और अन्य धर्मों के लोगों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिशिगन में मुस्लिम आतंकवादियों को आधिकारिक पुलिस बैज दिए गए हैं, जिससे वे इस्लामिक कानून के तहत किसी को भी गिरफ्तार कर सकते हैं जो इसके अधीन नहीं होता। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "अगर मुसलमान बहुसंख्यक हो गए, तो वे आपकी बेटियों का उनकी मासूमियत से बलात्कार करेंगे और आपके समुदायों को ब्रिटेन की तरह ही गुलामी में लाएंगे। एफबीआई जानती है कि इस्लाम का युद्ध मेरे खिलाफ नहीं है- यह अमेरिका के खिलाफ है, और मैं यहूदियों और हिंदुओं के साथ बस बीच में खड़ी हूं। कांग्रेस इन आतंकवादियों से अमेरिका की रक्षा नहीं करेगी, इसलिए मुझे भेज दो- क्योंकि मैं करूंगी।" वालेंटीना गोमेज ने कहा कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर अमेरिकी जीवनशैली की रक्षा कर रही हैं और कांग्रेस में पहुंचने के लिए लोगों से प्रार्थना और दान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस्लाम का टेक्सास में कोई स्थान नहीं है और "जीसस किंग" है। वीडियो के अंत में उन्होंने खुद को "वालेंटीना गोमेज फॉर कांग्रेस, टेक्सास 31वीं" के रूप में पेश किया और "पावर्ड बाय जीसस क्राइस्ट" लिखा हुआ दिखाया। विवादास्पद बयान और कार्य वालेंटीना गोमेज पहले भी विवादों में रही हैं। उन्होंने कुरान जलाने का वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने कहा था, "मैं टेक्सास में इस्लाम को समाप्त कर दूंगी, हे ईश्वर, मेरी मदद करो।"  

186 यात्रियों की सांसें थमीं, इंडिगो का फ्लाइट तकनीकी समस्या के कारण वापस कोच्चि

नई दिल्ली इंडिगो के एक विमान में शुक्रवार देर रात तकनीकी खराबी देखने को मिली। फ्लाइट कोच्चि से अबू धाबी के लिए रवाना हुई थी, लेकिन दिक्कत के बाद इसे वापस कोच्चि की ओर मोड़ दिया गया। इसके बाद यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से अबू धाबी के लिए रवाना किया गया। बताया जा रहा है कि फ्लाइट में 180 से ज्यादा यात्री सवार थे। इसके अलावा 6 क्रू मेंबर भी फ्लाइट में मौजूद थे। प्लेन करीब दो घंटे तक हवा में थे। सूत्रों ने बताया कि फ्लाइट संख्या 6E-1403 शुक्रवार की रात करीब 11.10 बजे कोच्चि से रवाना हुई। दो घंटे तक हवा में रही फ्लाइट दो घंटे से ज्यादा समय तक फ्लाइट हवा में थी। तभी क्रू मेंबर्स को इसमें तकनीकी खराबी का पता चला। इसके बाद शनिवार की रात 1.44 बजे फ्लाइट को कोच्चि की ओर मोड़ दिया गया। ड्यूटी के घंटे पूरे होने के कारण फ्लाइट के क्रू मेंबर्स को भी बदला गया और नए दल के साथ दूसरी फ्लाइट को रवाना किया गया। इंडिगो ने एक बयान में कहा, '6 सितंबर 2025 को कोच्चि से अबू धाबी के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो की उड़ान संख्या 6E 1403 में तकनीकी खराबी का पता चला। एहतियाती कदम उठाते हुए, पायलटों ने विमान को वापस मोड़ने का फैसला किया और विमान कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतार लिया गया।' एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराया गया और उन्हें दूसरी फ्लाइट से रात 3.30 बजे अबू धाबी रवाना किया गया। फ्लाइट का ऑपरेशन फिर से शुरू करने से पहले उसे मेंटेनेंस के लिए भेज दिया गया है।  

विदेश नीति पर फडणवीस का ठोस रुख: मोदी को मान्यता या न मान्यता, भारत चलता अपनी दिशा में

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कहें या नहीं पर वास्तविकता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक महान नेता हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि भारत अपनी विदेश नीति खुद बनाता है, जिसे कोई अन्य देश निर्धारित नहीं कर सकता। फडणवीस का यह बयान ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा के बाद आया है। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था, ‘‘मैं हमेशा (नरेन्द्र) मोदी का दोस्त रहूंगा, वह एक महान प्रधानमंत्री हैं। वह महान हैं। मैं हमेशा उनका दोस्त रहूंगा, लेकिन मुझे इस समय वह जो कर रहे हैं, वह पसंद नहीं आ रहा है।’’ ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिए जाने के बाद भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में भारी गिरावट आई है। अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क में भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। भारत ने अमेरिकी कार्रवाई को ‘‘अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण’’ बताया है। फडणवीस ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘ट्रंप कहें या न कहें, प्रधानमंत्री मोदी महान हैं। सभी विश्व नेताओं को लगता है कि वह एक महान नेता हैं। इन दिनों अमेरिका का रुख यह है… कुछ लोग हमारी प्रशंसा करते हैं और कुछ हमें नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह एक नया भारत है… मोदीजी का भारत। हम अपनी विदेश नीति खुद तय करते हैं और कोई भी हमें निर्देशित नहीं कर सकता।’’ उन्होंने कहा कि विकसित भारत बनने की दिशा में देश का प्रयास जारी रहेगा। फडणवीस दक्षिण मुंबई स्थित अपने आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति को वहां एक कृत्रिम तालाब में विसर्जित करने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मऊगंज को देंगे 241.33 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

मऊगंज में संयुक्त जिला कार्यालय भवन का करेंगे भूमिपूजन देवतालाब में होगा मुख्य कार्यक्रम, हितग्राही होंगे लाभान्वित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 सितम्बर को मऊगंज को 241.33 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। इसमें प्रमुख रूप से मऊगंज के संयुक्त जिला कार्यालय भवन का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 37 करोड़ 50 लाख रूपये के 16 विकास कार्यों का लोकार्पण और 203 करोड़ 83 लाख रूपये के 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मऊगंज प्रवास के दौरान बहुती प्रपात का अवलोकन करेंगे और देवतालाब में स्थित शिव मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। देवतालाब स्टेडियम में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं में हितलाभ वितरण भी करेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, सांसद श्री जनार्दन मिश्र और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक श्री गिरीश गौतम भी संबोधित करेंगे।