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सीएम योगी ने दी यूपी के पहले मुख्यमंत्री पंडित गोविंद वल्लभ पंत की 138वीं जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि

यूपी के विकास को सकारात्मक कदम उठाए पंडित पंत ने : मुख्यमंत्री सीएम योगी ने दी यूपी के पहले मुख्यमंत्री पंडित गोविंद वल्लभ पंत की 138वीं जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि सीएम ने सराहा पंडित पंत की पहल, कहा- राज्य के विकास को दिया नई दिशा गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और देश के गृहमंत्री रहे भारत रत्न, पंडित गोविंद वल्लभ पंत की 138वीं जयंती के अवसर पर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। गोरखनाथ मंदिर के कार्यालय परिसर में पंडित पंत के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पंडित पंत जी ने उत्तर प्रदेश के विकास के विकास के लिए सकारात्मक कदम उठाए।  सीएम योगी ने प्रदेश सरकार और प्रदेश की 25 करोड़ जनता की तरफ से पंडित गोविंद वल्लभ पंत की जयंती पर उनकी पावन स्मृतियों को नमन किया और उन्हें भारत मां का सच्चा सपूत बताते हुए श्रद्धाजंलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंत जी का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हुआ था। देश की आजादी के आंदोलन में उन्होंने बढ़चढ़कर भाग लिया। वह महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। भारत के स्वतंत्र होने के बाद तत्कालीन संयुक्त प्रांत और प्रथम आम चुनाव के बाद यूपी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया।   प्रथम मुख्यमंत्री होने के नाते उत्तर प्रदेश के विकास की कार्ययोजना बनाने में पंत जी की अविस्मरणीय भूमिका रही। सैकड़ों वर्ष की गुलामी के चलते उस समय काफी चुनौतियां थीं। व्यवस्था अस्त व्यस्त थी लेकिन उसे ठीक करने और यूपी को विकास के अग्रणी पायदान पर पहुंचाने के लिए पंडित गोविंद वल्लभ पंत ने सकारात्मक कदम उठाए थे। यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा देने के बाद पंत जी को 1954 में देश के गृहमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर मिला। इस पद पर रहते हुए उन्होंने राजभाषा सूत्र देने के साथ ही सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा देश की एकता और अखंडता के लिए किए गए प्रयासों को आगे बढ़ाया।

भू-जल स्तर बचाने पर जोर, डेका बोले- किसानों को डबरी निर्माण के लिए करें प्रोत्साहित

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज जल संसाधन एवं कृषि विभाग के सचिव की बैठक लेकर राज्य में घटते भू-जल स्तर पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए किसानों को खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। राज्यपाल डेका ने कहा कि वर्षा का जल संचयन ही भविष्य की कृषि और जल संकट का समाधान है। उन्होंने कहा कि किसानों को विभिन्न योजनाओं  में अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। उन्हें अपने खाली पड़े जमीनों पर डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने से भूजल स्तर बढ़ेगा। राज्यपाल ने जल संसाधन और कृषि विभाग को मिलकर ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि यह पहल न केवल किसानों की सिंचाई की समस्या को हल करेगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण का मजबूत आधार भी बनेगी। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो और कृषि विभाग की सचिव सुशहला निगार उपस्थित रहे।

सीएम योगी का खास नजरिया: गोसेवा करते हुए भवानी और भोलू को किया दुलारा, पुंज को खिलाया गुड़

सीएम योगी ने की गोसेवा,भवानी और भोलू को दुलारा, पुंज को भी खिलाया गुड़ सीएम योगी का खास नजरिया: गोसेवा करते हुए भवानी और भोलू को किया दुलारा, पुंज को खिलाया गुड़ सीएम योगी ने किया प्यार भरा काम, गायों भवानी, भोलू और पुंज के साथ बिताए खास पल गोरखपुर  गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पशु-पक्षी प्रेम जगजाहिर है। इसका एक नजारा बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में एक बार दिखा। प्रातःकाल मंदिर परिसर भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने गोशाला में गोसेवा की और मोर को भी गुड़ खिलाया।  गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान गोसेवा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा है। इसी क्रम में बुधवार सुबह भी उन्होंने मंदिर की गोशाला में समय बिताया और गोसेवा की। मुख्यमंत्री ने गोवंश को गुड़ खिलाया और गोशाला के कार्यकर्ताओं को देखभाल के लिए जरूरी निर्देश दिए। गोसेवा के दौरान उन्होंने पिछले साल आंध्र प्रदेश के येलेश्वरम स्थित गोशाला से गोरखनाथ मंदिर लाए गए नादिपथि मिनिएचर नस्ल (पुंगनूर नस्ल की नवोन्नत ब्रीड) के गोवंश भवानी और भोलू को खूब दुलारा। गोवंश के ये नाम सीएम योगी ने ही रखे हैं। उन्होंने भवानी और भोलू को गुड़ भी खिलाया। सीएम योगी के स्नेह से गोवंश भाव विह्वल दिख रहे थे। मंदिर की गोशाला में एक मोर भी विचरण करता है। उसका नाम पुंज रखा गया है। विगत कई माह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब गोशाला में होते हैं तो पुंज उनके पास आ जाता है। मुख्यमंत्री उसे भी खूब स्नेह और भोजन देते हैं। बुधवार को भी उन्होंने पुंज को दुलारा और अपने हाथों से उसे गुड़ खिलाया।

परिवहन, विभाग राजस्व बढ़ाने निगरानी प्रणाली को करें और अधिक मजबूत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए अंतरविभागीय बैठक हो नियमित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव परिवहन, विभाग राजस्व बढ़ाने निगरानी प्रणाली को करें और अधिक मजबूत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव सड़क हादसों पर लगेगा ब्रेक, CM डॉ. यादव ने दिए नियमित अंतरविभागीय बैठक के निर्देश बस स्टॉप पर यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं देने पर दें ध्यान मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा इंदौर से होगी शुरू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवहन विभाग की बैठक में दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए अंतरविभागीय बैठक नियमित रूप से हो। सड़कों पर सुरक्षा से जुड़ी कमियां पाए जाने पर उन्हें तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क पर बने बस स्टॉप पर नागरिकों को साफ-सफाई के साथ आवश्यक सुविधाएं मिलें। परिवहन विभाग की राजस्व संग्रह निगरानी प्रणाली को और मजबूत किए जाने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में हुई परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। मुख्य सचिव अनुराग जैन भी मौजूद थे।  मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा जल्द हो शुरू, मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा इंदौर से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवहन सेवा में यात्रियों की सुविधाओं और किफायती किराये पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परिवहन सेवा में इलेक्ट्रिकल व्हीकल और उससे जुड़े अधोसंरचना के कार्य को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन सेवा के लिए बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन हो, यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। इसकी शुरूआत बसों की आवाजाही के प्रदेश के सबसे बड़े केंद्र इंदौर नगर से होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बसों में शहरों एवं गांवों के नाम फ्रंट ग्लास पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किए जाएं। साथ ही बस स्टॉप पर भी गांव और नगरों के नाम अनिवार्य रूप से लिखवाए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए वाहनों की गति सीमा पर नियंत्रण किया जाना बेहद जरूरी है। इसी के साथ गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति के पास आवश्यक कागजों की वैधता की जांच भी नियमित हो। परिवहन विभाग में बेहतर प्रबंधन के लिए अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया। परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि विभाग के आधुनिकीकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। परिवहन अमले को उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नशे की हालत मं  गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाही की जा रही है। परिवहन से प्रदेश में बढ़ा है 6 प्रतिशत राजस्व बैठक में बताया गया कि इस वर्ष 16 लाख 60 हजार वाहनों का पंजीयन किया गया है। इसमें 2 लाख 58 हजार से अधिक इलेक्ट्रिकल व्हीकल का पंजीयन किया गया है। प्रदेश में ऑन रोड वाहनों की संख्या एक करोड़ 80 लाख के करीब है। परिवहन से प्राप्त होने वाली राजस्व आय में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2024-25 में 4 हजार 874 करोड़ रुपए की राजस्व आय हुई है। इसमें पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बैठक में राजस्व वृद्धि के किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि राजस्व संग्रह में विशेष तौर पर चालान से प्राप्त की जाने वाली राशि के अधिकार प्रधान आरक्षक को सौंपे जाने की भी अधिसूचना शीघ्र जारी की जाएगी। बैठक में कैश लेस उपचार योजना, राहवीर योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को मिले इसके लिए नागरिकों में जागरूकता अभियान चलाने संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि उज्जैन जिले में सार्वजनिक बस संचालन का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया गया है। जबलपुर और इंदौर में रूट सर्वे और श्रेणीवार संचालित बसों की संख्या का अनुमान और आवश्यक सर्वे भी लगभग पूरा किया जा चुका है। बैठक में बताया गया कि 6 बिंदुओं पर प्राथमिकता पूर्वक ध्यान दिया जा रहा है। इनमें संस्थागत व्यवस्था एवं स्टॉफ, नियम एवं करों में संशोधन, रूट सर्वे एवं स्कीम की अधिसूचना, आईटी प्लेटफार्म एवं एजेंसी का चयन, परिवहन अधोसंरचना की योजना और ऑपरेटर से चर्चा एवं कैपेसिटी बिल्डिंग पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। बैठक में परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश     बसों के संचालन में और यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने नई तकनीक का प्रयोग करें।     बसों के साथ ही बस स्टैंड और बस स्टॉप पर स्वच्छता रहे। वातावरण सुविधाजनक हो।     यात्री बसों का बीमा अनिवार्य हो। सभी कार्य नियमों के अंतर्गत हों, पारदर्शिता रहे।     दिव्यांग यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जाए।     बसें फिट हों, स्टॉफ का व्यवहार अच्छा हो।     अप-डाउनर्स को भी आवश्यक सुविधाएं दी जाएं।     बड़े शहरों की तरह कस्बों, गांवों के नाम मार्ग के किनारे बोर्ड पर अंकित किए जाएं।  

PAK में पकड़ा गया बड़ा नेटवर्क, ऑपरेशन सिंदूर में मिले 11 भारतीय सिम कार्ड

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक जासूसी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में नेपाल के नागरिक प्रभात कुमार चौरसिया को गिरफ्तार किया गया है. चौरसिया पर आरोप है कि वह भारतीय सिम कार्ड्स नेपाल के रास्ते पाकिस्तान भेज रहा था, जिन्हें जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ बहावलपुर और लाहौर में व्हाट्सऐप पर एक्टिव किया गया था. सूत्रों के मुताबिक, 28 अगस्त 2025 को टीम को पुख्ता इनपुट मिला कि ISI से जुड़ा व्यक्ति लक्ष्मी नगर में मौजूद है. तुरंत कार्रवाई करते हुए स्पेशल सेल ने उसे दबोच लिया. जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल कर कुल 16 सिम कार्ड खरीदे थे, जिनमें से 11 पाकिस्तान में एक्टिव पाए गए. इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल पाकिस्तान से बैठे एजेंट्स भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां निकालने के लिए कर रहे थे. बरामदगी के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से कई डिजिटल डिवाइस और सिम कार्ड्स के खाली पैकेट मिले हैं. पूछताछ में पता चला कि प्रभात का संपर्क 2024 में ISI एजेंट्स से एक नेपाली माध्यम के जरिए हुआ. उसे अमेरिका का वीजा दिलाने का लालच दिया गया और बदले में कहा गया कि वह भारत से सिम कार्ड्स उपलब्ध कराए और रक्षा से जुड़ी जानकारी जुटाए. पाकिस्तान में इस्तेमाल किए जा रहे थे भारतीय नंबर आरोपी ने लातूर में बने अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल कर बिहार और महाराष्ट्र से सिम खरीदे और नेपाल के रास्ते इन्हें ISI एजेंट्स तक पहुंचाया. पाकिस्तान में बैठे एजेंट्स इन्हीं भारतीय नंबरों पर व्हाट्सऐप बनाकर भारत के खिलाफ जासूसी गतिविधियां चला रहे थे. आईएसआई के संपर्क में था आरोपी आरोपी प्रभात का जन्म 1982 में नेपाल में हुआ और उसने शुरुआती पढ़ाई नेपाल व बिहार के मोतिहारी से की. बाद में फार्मा सेक्टर में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और एरिया मैनेजर की नौकरी की. 2017 में उसने काठमांडू में लॉजिस्टिक्स कंपनी शुरू की, लेकिन घाटे में डूबने के बाद विदेश जाने की चाहत में ISI के संपर्क में आ गया. स्पेशल सेल ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2)/152 के तहत मामला दर्ज किया है और अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बसहवा का किया भूमि पूजन व शिलान्यास

शिक्षण संस्थान केवल अक्षर ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि बालक के सर्वांगीण विकास की आधारशिला हैः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बसहवा का किया भूमि पूजन व शिलान्यास मुख्यमंत्री ने पौधरोपण व पुस्तक का किया विमोचन   पड़ोस की आग नहीं बुझाई तो हमें भी उसकी चपेट में आना होगाः सीएम योगी  जब पैसा विदेशी कंपनी के पास जाता है तो इसका मुनाफा पहलगाम जैसी आतंकी वारदात में होता हैः योगी  समाज का नेतृत्व और मार्गदर्शन कर रहे शिशु मंदिर से निकले छात्रः सीएम  विदेशियों ने भारत को लूटकर अर्जित किया, जबकि भारत ने पुरुषार्थ से समृद्धि को बनायाः मुख्यमंत्री  बोले-दो दिन में छह हजार युवाओं को दिया नियुक्ति पत्र  सुहेलदेव को हम भूल गए और सालार मसूद को पूजने लगेः योगी बस्ती/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की शिक्षा कैसी होनी चाहिए। आजादी के पांच साल के बाद जब तत्कालीन सरकारें इस दिशा में प्रयास नहीं कर पाईं, तब नाना जी ने गोरखपुर से इस प्रयास को बढ़ाया था। उसके पीछे का ध्येय था कि भारत, भारतीयता, परंपरा,  संस्कृति और मातृभाव से ओतप्रोत ऐसे शिक्षण संस्थान की स्थापना आवश्यक है, जो देश को फिर से विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने में योगदान दे सके। इसकी शुरूआत शिक्षा के मंदिरों से ही होती है। शिक्षण संस्थान केवल अक्षर ज्ञान के माध्यम ही नहीं, बल्कि बालक के सर्वांगीण विकास की आधारशिला हैं। शिक्षा यदि संस्कार, मूल्यों-आदर्शों, मातृभूमि, महापुरुषों, राष्ट्रीयता के प्रति समर्पण का भाव पैदा नहीं कर पा रही है तो वह कुशिक्षा और भटकाव है। आजादी के तत्काल बाद उसका समाधान सरस्वती शिशु मंदिर से प्रारंभ हुआ।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बसहवा का भूमि पूजन, शिलान्यास, पौधरोपण व पुस्तक का विमोचन भी किया। आरएसएस के तत्कालीन प्रचारक नाना जी देशमुख के नेतृत्व में सरस्वती शिशु मंदिर की पहली शाखा गोरखपुर में स्थापित की गई थी। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान के मातृभूमि होने का सौभाग्य गोरक्ष प्रांत को प्राप्त है। विद्या भारती के अंतर्गत संचालित हजारों शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान राष्ट्र निर्माण के जिस अभियान के साथ जुड़े हैं, उसकी ताकत देश-दुनिया समझती है।  शिशु मंदिर से निकले छात्र समाज का नेतृत्व भी कर रहे और मार्गदर्शन भी सीएम योगी ने कहा कि पाठ्यक्रम सरकार तैयार करती है। सरकार सहयोग करे या न करे। बिना सरकार की सहायता के अपने दम और स्वयंसेवकों के सहयोग से भारतीयता के प्रति अनुराग रखने वाले नागरिकों के माध्यम से सरस्वती शिशु मंदिर ने इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। गोरखपुर के पक्कीबाग में जब पहला सरस्वती शिशु मंदिर स्थापित हुआ तो उस समय मात्र पांच छात्र थे, लेकिन आज शिशु मंदिर के 12 हजार विद्यालय हैं। यह संस्थान बच्चों के अंदर भारत व भारतीयता के प्रति नागरिक के रूप में कर्तव्यों का बोध कराने और सुयोग्य नागरिक बनाने के लिए राष्ट्रीय दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन कर रहा है। सरस्वती शिशु मंदिर से निकले छात्र समाज को नेतृत्व भी दे रहे और मार्गदर्शन भी कर रहे हैं।   शिक्षा से होती देश के समर्थ, आत्मनिर्भर व शक्तिशाली होने की शुरुआत   सीएम योगी ने कहा कि देश के समर्थ, आत्मनिर्भर व शक्तिशाली होने की शुरुआत शिक्षा से होती है। दुनिया में समृद्धि की चर्चा होती है तो पहला पैरामीटर शिक्षा, फिर स्वास्थ्य, उसके बाद कृषि-जल संसाधन, तब कौशल विकास व रोजगार होता है। फिर पर्यावरण को ध्यान में रखकर विकास की बात होती है। यह पैरामीटर तय करते हैं कि समग्र विकास के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। इस मंशा के साथ जब कोई अभियान बढ़ता है तो वह न केवल देशहित, बल्कि मानवता का मार्ग भी प्रशस्त करता है। आज का कार्यक्रम सुयोग्य नागरिकों को गढ़ने, तलाशने और तराशने का महत्वपूर्ण मंच शुरू करने जा रहा है। इसके माध्यम से भारत के सुयोग्य नागरिक विकसित करने का मंच विकसित हो रहा है।  बिना प्लानिंग कार्य करने से चूक जाते हैं सीएम ने कहा कि जब बिना किसी प्लानिंग कार्य करते हैं तो चूक जाते हैं। हर व्यवस्था, प्रबंधन, सरकार, कॉरपोरेट घराना वर्ष भर की योजना बनाता है, फिर लघु, मध्यम व दीर्घ अवधि के कार्यक्रम तय करता है। इसके माध्यम से आगे के लक्ष्यों को प्राप्त करके हम भी सशक्त होंगे और भावी पीढ़ी, संस्थान को भी समर्थ भी बना पाएंगे। सरकार हर साल बजट प्रस्तुत करती है। इसमें विजन होता है कि एक वर्ष, फिर पांच वर्ष, दस वर्ष, 25 वर्ष की योजना क्या होगी। भारत की आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष पर पीएम मोदी ने आगामी 25 वर्ष की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।  भारत को विकसित बनाने के लिए पंच प्रण को जीवन का हिस्सा बनाने को कहा।   विरासत का करना होगा सम्मान सीएम ने कहा कि विरासत का सम्मान करना होगा। हमारे पूर्वजों (1953 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी) ने संकल्प लिया था कि एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे। कश्मीर में शेष भारत का कानून लागू करने का शंखनाद किया था। उन्हें बलिदान भी देना पड़ा। 1952 में कांग्रेस ने बाबा साहेब के न चाहने के बावजूद जबरन लागू किया, लेकिन पीएम मोदी ने डॉ. मुखर्जी के संकल्प को साकार कर आतंकवाद व भारत विरोधी गतिविधियों-साजिशों को समाप्त करके कश्मीर को भारत के कानून के साथ जोड़ा। 500 वर्ष का इंतजार समाप्त हुआ और अयोध्या में रामललाा के मंदिर का निर्माण हुआ। विपक्षी दल चाहते थे कि यह नहीं होना चाहिए। सीएम ने कहा कि प्रभु श्रीराम आदर्श व भारतीयता के प्रतीक है। जब महर्षि वाल्मिकी ने नारद जी से पूछा कि मुझे कुछ लिखना है, ऐसा कौन सा आदर्श है। तब उन्होंने कहा कि इस धरती पर एक ही चरित्र है, आप श्रीराम पर लिखें। हमें महर्षि वाल्मीकि, प्रभु राम,  श्रीकृष्ण की परंपरा पर गौरव की अनुभूति है। भारत और भारतीयता के लिए जिन महापुरुषों व स्वतंत्र भारत में सीमाओं की रक्षा करते हुए जिन्होंने बलिदान दिया, वे सभी हमारे आदर्श हैं। उनका सम्मान और विरासत का संरक्षण करना हर भारतीय का दायित्व है।  विदेशियों ने भारत को लूटकर अर्जित किया, जबकि भारत ने पुरुषार्थ से समृद्धि को बनाया सीएम ने गुलामी के अंशों को सर्वथा समाप्त करने पर भी चर्चा की। बोले कि गुलामी की मानसिकता देश … Read more

विजयी आगाज: अफगानिस्तान ने एशिया कप के पहले मैच में हॉन्ग कॉन्ग को पटका

दुबई  एशिया कप के पहले मुकाबले में अफगानिस्तान ने हॉन्ग कॉन्ग को 94 रनों से करारी शिकस्त दी है. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान ने उमरजई और अटल की शानदार फिफ्टी के दम पर 189 रनों का लक्ष्य हॉन्ग कॉन्ग के सामने रखा था. इसके जवाब में उतरी हॉन्ग कॉन्ग  की टीम 94 रन ही बना सकी.  ऐसी रही हॉन्ग कॉन्ग की पारी 189 के जवाब में उतरी हॉन्ग कॉन्ग की शुरुआत बेहद खराब रही. पहले ही ओवर में फारुकी ने अंशुमान रथ का विकेट झटका. अंशुमान अपना खाता भी नहीं खोल सके. इसके बाद दूसरे ओवर में हॉन्ग कॉन्ग  को एक और झटका लगा जब उमरजई ने जीशान अली का विकेट झटका. इसके बाद तीसरे ओवर में 13 के स्कोर पर भी हॉन्ग कॉन्ग को झटका लगा और निजाकत रन आउट हो गए. पांचवे ओवर में भी हॉन्ग कॉन्ग  को झटका लगा. इसके बाद 10वें ओवर में भी हॉन्ग कॉन्ग  को झटका लगा जब किंचित शाह 4 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद अच्छी लय में दिख रहे बाबर हयात का भी विकेट गिर गया. इसके बाद हॉन्ग कॉन्ग  की पारी और लड़खड़ा गई और टीम 20 ओवर खेलकर 9 विकेट गंवाने के बाद केवल 94 रन ही बना सकी. अफगानिस्तान ने 94 रनों से ये मैच जीत लिया. ऐसी रही अफगानिस्तान की पारी अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी. पारी का आगाज अटल और गुरबाज ने किया. लेकिन तीसरे ही ओवर में अफगानिस्तान को पहला झटका लगा जब गुरबाज 8 रन बनाकर आयुष शुक्ला का शिकार बन गए. इसके बाद चौथे ओवर में इब्राहिम जादरान भी 1 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन फिर नबी और अटल के बीच अच्छी साझेदारी हुई. टीम को तीसरा झटका 77 के स्कोर पर 11वें ओवर में लगा. नबी 33 रन बनाकर किंचित का शिकार बने. फिर नाइब का विकेट 13वें ओवर में गिरा. नाइब 5 रन बना सके. लेकिन अटल को साथ मिला अजमतुल्लाह उमरजई का जिन्होंने शानदार फिफ्टी लगाई. उमरजई ने 53 रन बनाए. दोनों की इस पारी के दम पर अफगानिस्तान ने 188 रन बनाए. अफगानिस्तान की प्लेइंग इलेवनः रहमानुल्लाह गुरबाज़ (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, इब्राहिम जादरान, गुलाबदीन नाइब, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, करीम जनत, राशिद खान (कप्तान), नूर अहमद, एएम गजनफर, फजलहक फारूकी. हॉन्ग कॉन्ग (प्लेइंग इलेवन): जीशान अली (विकेटकीपर), बाबर हयात, अंशुमान रथ, कल्हान चल्लू, निजाकत खान, ऐजाज खान, किंचित शाह, यासिम मुर्तजा (कप्तान), आयुष शुक्ला, अतीक इकबाल, एहसान खान एशिया कप इस बार टी-20 फॉर्मेट में हो रहा है. अगले साल टी20 वर्ल्ड कप होना है. उसकी तैयारियों के लिहाज से इसे अहम माना जा रहा है. पिछले टूर्नामेंट में एशिया कप में 6 टीमों ने हिस्सा लिया था. लेकिन इस बार 8 टीमें शामिल हैं. यूएई, हॉन्ग कॉन्ग  और ओमान नई टीमें हैं. जबकि पिछले टूर्नामेंट का हिस्सा रही  नेपाल इस बार बाहर है.     

एमपी एग्रो अनुत्पादन व्यय नियंत्रित करें : एसीएस राजन

भोपाल  उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि द एमपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड नये कार्य क्षेत्र विकसित कर आय वृद्धि के प्रयास करे। उन्होंने यह निर्देश एमपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कार्पोरेशन के संचालक मंडल की 200वीं बैठक में दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण अनुपम राजन, आयुक्त उद्यानिकी श्रीमती प्रीति मैथिल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री कुशवाह ने कहा कि एमपी एग्रो राज्य शासन के कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के लिये कार्य करने वाली महत्वपूर्ण एजेन्सी है। उद्यानिकी विभाग द्वारा अनेक योजनाओं के लिये एमपी एग्रो को नोडल एजेन्सी बनाया गया है। इसके काम में तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के माध्यम से कलस्टर विकसित करने की जिम्मेदारी भी एमपी एग्रो को दी गई है। यह काम समय-सीमा में किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नर्मदापुरम जिला स्थित बाबई कृषि फार्म की आय वृद्धि के लिये विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाये। फार्म स्थित मशीनरी और उपकरणों के उपयोग के लिये विशेष एजेन्सी की सेवाएँ ली जा सकती है। अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने कहा कि एमपी एग्रो अनुउत्पादन व्ययों को नियंत्रित करें। उन्होंने कहा कि परम्परागत प्रक्रिया के स्थान पर एग्रो विशेष एजेन्सियों की सेवाएँ लेकर बेहतर प्रोजेक्ट तैयार करें। उन्होंने कहा कि एग्रो लिमिटेड को अपनी टेण्डर प्रक्रिया में गति लाने की आवश्यकता है इससे समयानुसार योजनाओं का लाभ किसानों को मिल सकेगा। आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्रीमती प्रीति मैथिल ने कहा‍कि एमपी एग्रो को व्यवसाय वृद्धि के लिये ड्रोन टेक्नोलॉजी, एग्रीपीवी कृषि जैसे क्षेत्रों में नवीन प्रयोग करने की आवश्कता है। उन्होंने एग्रो द्वारा टेण्डर प्रक्रिया की समय-सीमा में सुधार कराये जाने का सुझाव भी दिये। प्रबंध संचालक अरविंद दुबे ने बताया कि एमपी एग्रो ने इस वर्ष 2025-26 में लिक्विड बायो फर्टिलाइजर उत्पादन का लक्ष्य एक लाख 25 हजार लीटर रखा है। इसमें एक करोड़ लाख 96 लाख रूपये की सकल आय अनुमानित है। 2024-25 में निगम को 2470 बायो गैस संयंत्र का लक्ष्य के विरूद्ध 1840 संयंत्रों का निर्माण कराया गया है। बैठक में निगम के अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन भत्तो से संबंधित प्रस्ताव भी पारित किये गये।  

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता प्रशिक्षकों को मंत्री टेटवाल ने दी शुभकामनाएं

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता प्रशिक्षकों को मंत्री टेटवाल ने दी शुभकामनाएं मंत्री टेटवाल का सम्मान, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त प्रशिक्षकों को दी बधाई कौशल विकास के प्रशिक्षकों ने बढ़ाया मध्यप्रदेश का मान भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित प्रशिक्षण अधिकारी प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। राज्यमंत्री टेटवाल ने तीनों प्रशिक्षकों से मिलकर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि यह उपलब्धि प्रशिक्षकों की प्रतिबद्धता, नवाचार और मेहनत का परिणाम है। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे वर्तमान के प्रतिर्स्धात्मक वातावरण के अनुकूल स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन प्रयासों की बड़ी उपलब्धि है और आने वाले समय में विभाग को और अधिक नवाचार करने की प्रेरणा देगा। यह गौरव पूरे प्रदेश और विभाग के लिए गर्व का क्षण है, जो यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानक स्थापित कर रहा है। राष्ट्रपति ने किया था पुरस्कृत शिक्षक दिवस 5 सितम्बर को राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ने प्रदेश के तीन प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया था। शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग) राजेंद्र मालवीया को यह पुरस्कार उनकी नवाचारी पद्धतियों और व्यावहारिक प्रशिक्षण की दिशा में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों को स्वरोजगार और उद्यमिता की राह दिखाई। उनके प्रशिक्षार्थियों ने स्वयं व्यवसाय स्थापित कर लाखों रूपये का रोजगार उत्पन्न किया और अनेक विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय अवसर प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया। शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड मैकेनिक डीजल) प्रशांत दीक्षित ने विद्यार्थियों के लिए नई तकनीकें विकसित करने और ई-कंटेंट निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया। कोविड-19 महामारी के दौरान उनके डिजिटल कंटेंट से देशभर के लाखों आईटीआई विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। उनकी इस पहल ने कौशल शिक्षा को तकनीकी रूप से मजबूत आधार प्रदान किया। शासकीय संभागीय आईटीआई, भोपाल के प्रशिक्षण अधिकारी (ट्रेड कोपा दृष्टिबाधित) श्रीमती प्रेमलता रहांगडाले ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रयास किए। उन्होंने उन्हें कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने में सफलता पाई। उनके प्रशिक्षार्थी समाज में गरिमापूर्ण पहचान बना रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त कर रहे हैं। मध्यप्रदेश की यह उपलब्धि निरंतर बनी हुई है। वर्ष 2024 में भी प्रदेश के दो प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया गया था। यह साबित करता है कि कौशल विकास विभाग लगातार गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और नवाचार का नया मानक स्थापित कर रहा है। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार से सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदेश की इस दिशा में हो रहे प्रयासों की पुष्टि है और आने वाले समय में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी है।  

जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

कब्जामुक्त कराएं जमीन, दबंगों को सिखाएं कानूनी सबक : मुख्यमंत्री जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं सबकी खुशहाली सरकार का संकल्प,नहीं होने देंगे किसी के साथ अन्याय : मुख्यमंत्री  पैसे की कमी से नही रुकेगा किसी का भी इलाज : सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि गरीबों की जमीन पर यदि किसी ने कब्जा किया है तो तत्काल जमीन को कब्जामुक्त कराने के साथ दबंगों को कानूनी सबक सिखाया जाए। किसी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ विधि सम्मत कड़ा एक्शन लिया जाए। सरकार किसी के भी साथ अन्याय नहीं होने देने और हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने को संकल्पित है।  सीएम योगी बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार के बाहर कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक वह खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ सीएम ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। जनता दर्शन में एक महिला ने दबंगों द्वारा जमीन कब्जा किए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद प्रशासन व पुलिस के अफसरों को निर्देशित किया कि जमीन कब्जा की शिकायत पर त्वरित एक्शन लिया जाए। जमीन कब्जामुक्त होनी चाहिए यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी दबंग किसी की जमीन पर कब्जा न करने पाए।  मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। राजस्व व पुलिस से जुड़े मामलों को उन्होंने पूरी पारदर्शिता वह निष्पक्षता के साथ निस्तारित करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी मदद की जाए।  बच्ची का एडमिशन कराओ, स्कूल में सबकुछ फ्री है जनता दर्शन में कुछ लोगों के साथ उनके बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें दुलारकर आशीर्वाद दिया। उनका नाम और स्कूल जाने के बारे में पूछा और अपने हाथों से चॉकलेट देते हुए खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया। जनता दर्शन में अपनी बच्ची के साथ आई एक महिला को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समझाया कि बच्ची का स्कूल में एडमिशन कराओ। स्कूल में सबकुछ फ्री है।